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सुदूर स्कूलों में बीईओ अनिल दास की दबिश

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लेटलतीफी पर शिक्षिका को लगाई फटकार, शो कॉज नोटिस भी जारी

जगदलपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगदलपुर अनिल दास ने दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान देरी से स्कूल पहुंची एक शिक्षिका को बीईओ दास ने जमकर फटकार लगाई और शो कॉज नोटिस भी थमा दिया। जगदलपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी अनिल दास द्वारा प्राथमिक शाला बुरुंदवाड़ा सेमरा, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला माचकोट, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला और हायर सेकंडरी स्कूल तिरिया, प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला धनपुंजी, माध्यमिक शाला कस्तूरी, प्राथमिक शाला डोंगरीगुड़ा, प्राथमिक और माध्यमिक शाला मारकेल, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला खम्हारगांव और प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला तथा हायार सेकंडरी मंगनपुर का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला बुरुंदवाड़ा सेमरा की शिक्षिका अंजूलता साहू के शाला में विलंब से आने के कारण बीईओ अनिल दास ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए समय सीमा पर जवाब प्रस्तुत करने एवं कारण सही नहीं पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही। प्राथमिक शाला मारकेल के सहायक शिक्षक कृष्ण कुमार नाग लंबे समय से बिना किसी जानकारी के अनुपस्थित पाए गए। उन्हें जिनको तत्काल निलंबित करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया।बॉक्स *सेवा समाप्ति की अनुशंसा* वहीं दूसरी ओर हायर सेकंडरी स्कूल तिरिया में विमल एक्का भी बिना किसी सूचना के लंबे समय से अपने कार्य में लापरवाही बरतते हुए शाला से अनुपस्थित पाए गए।

उनकी सेवा समाप्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज कर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी अनिल दास ने समस्त कर्मचारियों को समय पर शाला में उपस्थित होने और राज्य सरकार के आदेशानुसार वीएसके एप में उपस्थिति दर्ज कराने और कार्यालय की समय सीमा समाप्त होने के पश्चात ही कार्यालय त्यागने की सख्त हिदायत भी दी। स्कूल की साफ सफाई रख रखाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही, सरकार से मिलने वाली बच्चों की सभी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा गया।किसी भी प्रकार की कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित कर्मचारी पर उचित कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई। बीईओ अनिल दास कहा है कि समय समय में इस तरह का निरीक्षण जारी रहेगा ।

पीडीएस दुकान क महिला विक्रेता से मारपीट, पुलिस ने दर्ज किया केस

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अंत्योदय कार्ड में शक्कर ने देने पर दुर्व्यवहार भी

बकावंड आवंटन बंद होने के कारण अंत्योदय कार्डधारी को शक्कर न दे पर राशन दुकान में महिला विक्रेता से मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर बकावंड थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी फरार हो गया है। पीड़ित महिला ने आरोपी गिरफ्तारी होते तक दुकान बंद रखने की चेतावनी दी है।

मामला बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैतगिरी का है। यहां की शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान में अंत्योदय कार्ड पर शक़्कर न मिलने पर एक कार्डधारी ने राशन विक्रेता महिला के साथ मारपीट कर दी। घटना की रिपोर्ट बकावंड थाने में दर्ज कराई गई है, मगर कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से राशन विक्रेताओं में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार अंत्योदय कार्डधारी सुरजीत सिंह शक़्कर लेने दुकान पहुंचा था। विक्रेता द्वारा अंत्योदय कार्डधारियों के लिए शक्कर का आवंटन बंद होने और स्टॉक में शक्कर न होने की बात कहने पर कार्डधारक आग बबूला हो गया और उसने विक्रेता महिला के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िता ने तत्काल बकावंड थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज तो कर ली है लेकिन अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस घटना के विरोध में राशन विक्रेता कल्याण संघ जिला बस्तर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि शासन से जो भी खाद्य सामग्री आती है उसका समय पर सभी कार्डधारियों को वितरण किया जाता है। आज तक किसी को परेशान नहीं किया गया। वहीं पीड़िता महिला ने कहा है- जब तक सुरजीत सिंह के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मैं दुकान नहीं खोलूंगी। उधर rग्रामीणों और राशन कार्ड धारक रेवती पांडे, मीनू, विश्वनाथ, घनश्याम, जुगधर, ओमनाथ, पीतांबरा ने कहा कि राशन दुकान समय पर खुलती है और सभी हितग्राहियों को समय पर राशन मिलता है। थाना बकावंड के एक सब इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है और जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।

शिक्षा प्रकोष्ठ ने बच्चों को लेखन सामग्री का वितरण

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जगदलपुर . भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ ने मोदी के बारह साल बेमिसाल” अभियान के तहत जन संपर्क के दौरान बस्तर विकास खंड के ग्राम सुधापाल के माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला में लेखन सामग्री कॉपी ,कलम ,पेंशल ,रबर और कटर आदि का वितरित किया. प्रकोष्ठ के संयोजक रामनारायण ताटी ने इस अवसर पर कहा कि मनुष्य के सर्वांगीण विकास का मूल मंत्र शिक्षा ही है।

बिना शिक्षा के मंजिल को प्राप्त नहीं कर सकते. इस दौरान शाला परिसर में पौधा रोपण भी किया गया. इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन, प्रधान अध्यापक उमेश पाणिग्राही, गौतम आचार्य ,कोषाध्यक्ष अब्दुल सत्तार खान ,मीडिया प्रभारी डॉ सुषमा झा इलेक्ट्रानिक मीडिया प्रभारी करम जीत कौर ,किशोर कुमार,शिवकुमार मिश्रा ,भारती देवांगन ,उमेश पाणिग्राही, राजूराम भगत ,ओंकार पाणिग्राही धनेश्वर पांडे ,ऋषिकेश बेद,पी एस ध्रुव,महेश ठाकुर सीएसी ,श्रीधर पांडे सीएसी एवं कु मुक्ता पैंकरा आदि मौजूद थे ।

पुरोबी वर्मा की क्षमता को पहचाना भाजपा ने

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नगरीय निकाय प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यालय सह प्रभारी नियुक्त हुईं

दल्ली राजहरा भारतीय जनता पार्टी ने दल्ली राजहरा नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष पुरोबी वर्मा को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। श्रीमती वर्मा को भाजपा नगरीय निकाय प्रकोष्ठ का प्रदेश कार्यालय सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय द्वारा नगरीय निकाय प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारणी की घोषणा की गई है। कार्यकारिणी में दल्ली राजहरा की पूर्व अध्यक्ष पुरोबी वर्मा को प्रदेश कार्यालय सह प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। विदित हो कि श्रीमती वर्मा दो बार नगर पालिका दल्ली राजहरा की अध्यक्ष रह चुकी हैं। अपने प्रथम कार्यकाल में उन्होंने शहर में जो विकास कार्य किए थे, उनसे प्रदेश के तत्कालीन मुख्य मंत्री रमन सिंह खासे प्रभावित थे। दूसरी बार की विजय में उनके प्रथम कार्यकाल के विकास कार्यों का बड़ा योगदान रहा।

आज भी लोग विशेष रूप से महिलाएं श्रीमती वर्मा से खासे प्रभावित हैं। पुरोबी वर्मा अब भी आम नागरिकों और महिलाओं की समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। संभवतः भाजपा नेतृत्व ने पुरोबी वर्मा की इसी प्रतिभा का उपयोग करने उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत किया है। पुरोबी वर्मा को भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी मिलने से बालोद जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही नागरिकों और महिलाओं में हर्ष व्यपात है। श्रीमती वर्मा को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अपनी नियुक्ति से अभिभूत पुरोबी वर्मा ने कहा कि प्रदेश पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वे पूरी दृढ़ता से निभाएंगी।

बस्तर जिले में स्काउट-गाइड गतिविधियों को मिलेगी नई गति

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जिला संरक्षक एवं कलेक्टर आकाश छिकारा से मिला प्रतिनिधि मंडल

कार्यालय भवन और यूनिफॉर्म मद के लिए बजट आबंटन की मांग

जगदलपुर भारत स्काउट एवं गाइड जिला बस्तर के जिला मुख्य आयुक्त सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल एवं स्काउट-गाइड के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं भारत स्काउट एवं गाइड बस्तर के जिला संरक्षक आकाश छिकारा से सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया तथा भारत स्काउट एवं गाइड का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

मुलाकात के दौरान जिला मुख्य आयुक्त सुरेश गुप्ता ने जिले में संचालित स्काउट-गाइड की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी कलेक्टर श्री छिकारा को दी। उन्होंने बताया कि स्काउट-गाइड के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र प्रेम जैसे संस्कार विकसित किए जा रहे हैं। नए शिक्षा सत्र में अधिक से अधिक विद्यालयों एवं विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड से जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने जिला स्काउट-गाइड की आवश्यकताओं एवं समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से जिला स्काउट एवं गाइड कार्यालय के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने तथा आर्थिक रूप से कमजोर स्काउट एवं गाइड विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म मद में आवश्यक बजट आबंटित करने का आग्रह किया गया ताकि जिले में संगठन की गतिविधियों का और अधिक प्रभावी संचालन हो सके। कलेक्टर एवं जिला संरक्षक आकाश छिकारा ने स्काउट गाइड द्वारा किए जा रहे समाजोपयोगी एवं व्यक्तित्व निर्माण के कार्यों की सराहना करते हुए सभी मांगों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि स्काउट, गाइड जैसी संस्थाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और प्रशासन भी ऐसे रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन के सहयोग से बस्तर जिले में स्काउट, गाइड गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी तथा अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इस संगठन से जुड़कर राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाएंगे। इस अवसर पर परमेश राजा, सूर्यभूषण सिंह, सुधा परमार जिला गाइड आयुक्त, मनोज महापात्र जिला मुख्यालय आयुक्त, दसरू राम यादव डीओसी, जयप्रकाश पाठक डीटीसी, लिलेश देवांगन जिला सचिव, मीरा हिरवानी डीओसी गाइड, जमुना ठाकुर गाइडर, गोपेंद्र सिंह शार्दुल जिला कोषाध्यक्ष, विजय चंद्राकर जिला मीडिया प्रभारी व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बीईओ ने किया निरीक्षण

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जगदलपुर. विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगदलपुर (बी.ई.ओ) अनिल दास ने बीते दिन दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित स्कूलों का निरीक्षण किया. अनिल दास के द्वारा प्रा. शा. बुरुंदवाड़ा सेमरा , प्रा. शा. व मा. शा. माचकोट , प्रा. शा. व मा. शा. हायर सेकेंडरी. तिरिया , प्रा. शा. मा.शा. धनपुंजी, मा.शा. कस्तूरी , प्रा. शा डोंगरीगुड़ा , प्रा. शा मा. शा मारकेल, प्रा. शा मा. शा खम्हारगांव , हायर सेकेंडरी मंगनपुर आदि स्कूलों का निरीक्षण किया गया।इस दौरान प्राथमिक. शाला बुरुंदवाड़ा सेमरा की शिक्षिका अंजुलता साहू शाला में विलंब से पहुंची.बी. ई.ओ अनिल दास ने फटकार लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए समय सीमा पर जवाब प्रस्तुत करने एवं कारण सही नहीं पाई जाने पर उचित कार्यवाही करने की बात कही ।

इसी प्रकार प्राथमिक. शाला मारकेल के सहायक शिक्षक कृष्ण कुमार नाग लम्बे समय से बिना किसी जानकारी के अनुपस्थित पाये गए. जिनको तत्काल निलंबित करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया ।वही दूसरी और हायर सेकेंडरी स्कूल तिरिया से विमल एक्का भी बिना किसी सूचना के लम्बे समय से अपने कार्य में लापरवाही बरतते हुए शाला से अनुपस्थित पाये गए. जिसकी सेवा समाप्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज कर कार्यवाही हेतु लिखा गया । समस्त कर्मचारियों को समय पर शाला में उपस्थित होने और राज्य सरकार के आदेशानुसार वीएसके ऐप में उपस्थिति दर्ज करने के आदेश को अपनाते हुए समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने अथवा कार्यालय के समय सीमा समाप्त होने के पश्चात ही कार्यालय त्यागने की सख्त हिदायत भी दी गई. स्कूल की साफ सफाई रख रखाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई. सरकार के द्वारा मिलने वाली बच्चों की सभी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा गया. किसी भी प्रकार की कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई.0000000

नक्सल मामलों में जेल भेजे गए सभी निर्दोष आदिवासियों को तत्काल रिहा करे सरकार: विधायक विक्रम मंडावी

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ग्रामीणों की मांग-जैसे नक्सलियों के केस वापस लिए गए, आदिवासियों को भी वैसे ही करें रिहा

बीजापुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई को लेकर उनके परिवारजनों ने गुरुवार को स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान परिजनों का कहना था कि कई वर्षों से नक्सल मामलों में फंसाए गए उनके निर्दोष परिजन जेलों में बंद हैं, वे इस मामले को लेकर प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात करना चाहते हैं, इसलिए परिजनों ने एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन भी किया है, जो आगामी दिनों में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष से समय समय पर मुलाकात कर जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई के लिए प्रयास करेगा।

परिजनों ने यह भी मांग की कि जिस प्रकार हाल के दिनों में कई बड़े-बड़े और हार्डकोर नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया है, ठीक उसी तरह निर्दोष आदिवासियों के मामलों को भी समाप्त किया जाए।परिजनों ने बैठक में यह भी कहा कि निर्दोष ग्रामीणों को नक्सलियों की श्रेणी में रखकर वर्षों से जेलों में बंद रखना न्यायोचित नहीं है। यह जानकारी बैठक के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी है। प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकांश लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं। उन्हें कानून की प्रक्रियाओं और कोर्ट की कार्यवाही की जानकारी नहीं होती। ऐसे में वे आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियों का सामना करते हुए वर्षों तक अदालतों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। कई परिवार तो इसी वजह से बर्बाद हो चुके हैं। इसलिए ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हमारी सरकार से विशेष अपील है कि बस्तर संभाग में जितने भी निर्दोष आदिवासी नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाए। निर्दोष लोगों को जेल में रखना न सिर्फ उनके परिवारों के साथ अन्याय है, बल्कि समग्र आदिवासी समाज के साथ भी अन्याय है। विधायक विक्रम शाह मंडावी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे खुद भी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात करेंगे। बैठक के बाद ग्रामीणों ने निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, भीमा मडकम, सोनाराम वारसा, वामन कड़ती, सुखराम, सरिता गोटा, कड़ती वेंकट, हेमला लक्ष्मण, सन्नू कुरसम, शैलेश मडकम, सोढ़ी रामलू, कुंजाम लक्ष्मा, मंगली अवलम, मोती कोरसा, रमेश लेकाम, पार्वती वेको, रवीना सोढ़ी और रवींद्र उरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

बस्तर को अत्याधुनिक कैथलैब की सौगात, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने किया लोकार्पण

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प्रदेश के हृदय रोगियों के लिए वरदान बनेगा यह कैथलैब: जायसवाल

बस्तर में खुलेगा योग एवं नेचरोपैथी हॉस्पीटल भी

जगदलपुर बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कॉन्टिनेंटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल डिमरापाल में बस्तर संभाग की पहली और छत्तीसगढ़ की दूसरी अत्याधुनिक कैथलैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से अब बस्तर सहित पूरे प्रदेश के हृदय रोगियों को समय पर आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

लोकार्पण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कैथलैब सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है। बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के सौ दिन के साथ-साथ जगदलपुर सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पीटल के भी सौ दिन पूरे होने पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की जनता को दिल की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कैथ लैब के रूप में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है, जो मेकाहारा के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी कैथ लैब संस्थान है। इसके साथ ही बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता के बीच योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड पर एक समर्पित योग और नेचरोपैथी हॉस्पीटल भी लाया जा रहा है। चिकित्सा व्यवस्था में आए इस बड़े सुधार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महारानी अस्पताल में पिछले दो वर्षों के भीतर मरीजों के इलाज के आंकड़ों में डेढ़ गुना का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।

आएगी डब्ल्यूएचओ की टीम

बस्तर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए इस अभूतपूर्व बदलाव का लोहा अब वैश्विक संस्थाएं भी मान रही हैं, यही वजह है कि जल्द ही विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की विशेष टीमें इस जमीनी बदलाव को देखने बस्तर आ रही हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की कामयाबी के चलते आज बस्तर क्षेत्र के लगभग 99 प्रतिशत लोगों का डिजीटल हेल्थ रिकॉर्ड और चेकअप तैयार किया जा चुका है, जो स्वास्थ्य विभाग की एक बेहतरीन मिसाल है। इसके अलावा कॉन्टिनेंटल ग्रुप हॉस्पीटल के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम भी किया गया है, जिसके तहत अस्पताल के प्रबंधन और विभिन्न श्रेणियों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। मंत्री जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने आयुर्वेद आधारित उपचार प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए देश में तीन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। इनमें से एक केंद्र बस्तर में स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं

इस अवसर पर कॉन्टिनेंटल हॉस्पीटल्स के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. गुरु एन. रेड्डी ने बताया कि कैथलैब (कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब) एक अत्याधुनिक चिकित्सा इकाई है, जहां बिना बड़े ऑपरेशन के हृदय एवं रक्त वाहिकाओं से जुड़े रोगों की जांच और उपचार किया जाता है। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (स्टेंट प्रत्यारोपण), पेसमेकर सहित विभिन्न इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाएं आधुनिक तकनीक से की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से अब बस्तर संभाग के साथ-साथ पड़ोसी राज्य के मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर सुपर स्पेशलिटी हृदय उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षक उपचार शीघ्र मिल सकेगा। अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल के सभी चिकित्सक सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

एक ठेकेदार पर नगर पंचायत इस कदर है मेहरबान

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खास ठेकेदार को दे दिया गया 11 कार्यों का ठेका

मामला पहुंचा एसडीएम न्यायालय तक, दस्तावेजों के साथ पेश होने आदेश

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की भोपालपट्टनम नगर पंचायत में निर्माण कार्यों के ठेके के पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक खास ठेकेदार पर नगर पंचायत प्रशासन इस कदर मेहरबान है कि उस ठेकेदार को थोक में 11 कार्यों का ठेका दे दिया गया है। यह विवादास्पद मामला अब एसडीएम न्यायालय तक पहुंच गया है। एसडीएम ने नगर पंचायत अधिकारी को दस्तावेजों के साथ पेश होने का आदेश जारी किया है। नगर पंचायत भोपालपट्टनम में विकास कार्यों के लिए जारी किए गए टेंडरों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले जारी किए गए टेंडर को निरस्त करने के बाद दोबारा री-टेंडर जारी किया गया, लेकिन नई प्रक्रिया भी विवादों में घिर गई है। अब मामला एसडीएम न्यायालय तक पहुंच चुका है, ।

जहां संबंधित दस्तावेजों के साथ नगर पंचायत के अधिकारी को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत ने 16 अप्रैल 2026 को पहली बार टेंडर जारी किया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कुछ पार्षदों और नागरिकों ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत के बाद प्रथम टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई और 2 जून 2026 को 22 विकास कार्यों के लिए पुनः री-टेंडर जारी किया गया। री-टेंडर प्रक्रिया में कुल 9 ठेकेदारों ने भाग लिया और 79 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से विभाग ने 37 आवेदनों को पात्र घोषित किया, जबकि 42 आवेदनों को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि संबंधित लिफाफों पर कार्य का नाम अंकित नहीं था, इसलिए उन्हें खोला नहीं गया। इस निर्णय के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आया। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि पात्र घोषित आवेदनों में से एक ही ठेकेदार को 21 प्रतिशत बिलो दर पर 11 विकास कार्य आवंटित कर दिए गए हैं। अन्य ठेकेदारों ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब कुल नौ ठेकेदार प्रक्रिया में शामिल थे, तब एक ही व्यक्ति को इतनी बड़ी संख्या में कार्य आवंटित करना निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि 21 प्रतिशत कम दर पर कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता कैसे सुनिश्चित होगी?इन्हीं बिंदुओं को लेकर संबंधित ठेकेदारों ने एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने नगर पंचायत भोपालपट्टनम को नोटिस जारी कर सभी संबंधित अभिलेखों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में मामले की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है।

नपं की पारदर्शिता पर गर्द

लगातार टेंडरों का निरस्त होना, फिर री-टेंडर की प्रक्रिया अपनाना और उसके बाद भी विवाद सामने आना नगर पंचायत की निविदा प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होती, तो बार-बार विवाद और शिकायतों की नौबत नहीं आती। उनका मानना है कि प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि पहली निविदा क्यों निरस्त हुई, बड़ी संख्या में आवेदन किन नियमों के तहत अस्वीकार किए गए और एक ही ठेकेदार को 11 कार्य आवंटित करने का आधार क्या था। अब सभी की निगाहें एसडीएम न्यायालय की कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं यदि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पाई जाती है तो इससे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।

वन भैंसों और हिमालयन गिद्धों ने बढ़ाई इंद्रावती टाइगर रिजर्व की शान

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बस्तर के आईटीआर की जैव विविधता को मिली नई पहचान

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व से वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण की उत्साहजनक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वन भैंसा और विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका हिमालयन गिद्ध एक बार फिर टाइगर रिजर्व के जंगलों में दिखाई दिए हैं। दोनों दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी को विशेषज्ञ बस्तर के इस वन क्षेत्र के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र और सफल संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

बीजापुर जिले में विस्तारित इंद्रावती टाइगर रिजर्व लंबे समय से वन भैंसा संरक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल ही में जंगल में वन भैंसों का झुंड प्राकृतिक आवास में विचरण करता दिखाई दिया। जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण उनके लिए अनुकूल बना हुआ है। हिमालयन गिद्धों की मौजूदगी ने भी वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। मृत पशुओं के अवशेषों को साफ कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह दुर्लभ पक्षी वर्तमान में विलुप्ति के खतरे से जूझ रहा है। ऐसे में इंद्रावती के जंगलों में इसका दिखाई देना वन्य जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग द्वारा लगातार गश्त, निगरानी, कैमरा ट्रैप और प्राकृतिक आवास संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रभावी संरक्षण के कारण इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जैव विविधता लगातार मजबूत हो रही है।

उत्साहित हैं डायरेक्टर बलगा

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक संदीप बलगा ने बताया कि वन विभाग वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। वन भैंसा और हिमालयन गिद्ध जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व देश के महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्यों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है। वन्यप्राणी के ओरिएंटेशन में देकर उनकी मॉनिटरिंग करना है। स्कैट, सैंपल कैसे लेना है, और उनकी कैमरा ट्रैप से में मॉनिटरिंग कैसे करनी है, इस बाबत कर्मियों और अधिकारियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है।

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