इंद्रावती, शबरी और भास्कली नदियों में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन
पड़ोसी राज्यों में हो रही है रेत की जमकर तस्करी
अर्जुन झा
जगदलपुर नक्सलियों के बाद अब रेत माफिया बस्तर के लिए नासूर बन चुके हैं। समूचे बस्तर संभाग में रेत माफियाओं का मायाजाल फैला हुआ है। इंद्रावती, शबरी, भास्कली नदियों से रेत का बेतहाशा अवैध खनन किया जा रहा है। यहां की नदियों से रेत निकाल कर उड़ीसा, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक सप्लाई की जा रही है। खनिज विभाग के अधिकारियों और स्थानीय स्तर के नेताओं के संरक्षण में यह अवैध कारोबार चल रहा है।

बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, सुकमा समेत कुछ अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर नदियों का दोहन किया जा रहा है। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बनियागांव, भालूगुड़ा, बेलगांव समेत अन्य गांवों में भास्कली और इंद्रावती नदी में रेत खनन बेखौफ जारी है। बनियागांव के पास नदी को कई जगहों पर 20-20 फीट तक गहरा खोद दिया गया। तट को भी खोदकर रेत निकाली जा रही है।उड़ीसा और बस्तर की सीमा से गुजरने वाली भास्कली नदी में रेत के बेतहाशा अवैध खनन से बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के करीब दर्जन भर किसानों की कृषि भूमि तबाह हो चुकी है। किसान अधिकारियों के समक्ष मामले की कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बनियागांव पंचायत के पीड़ित किसान हेमराज भारती, नीलधर ध्रुव, टिकन भारती,तोशिक भारती, रूपेंद्र नागेश, जगत राम नागेश, विद्याप्रकाश सेठिया और अन्य किसानों ने मामले की शिकायत बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा से की है। भास्कली नदी में बेतहाशा रेत का खनन जेसीबी के जरिए कर रेत का परिवहन टिप्पर, ट्रैक्टर आदि वाहनों से किया जा रहा है। अवैध रेत खनन के चलते तट पर स्थित खेतों का तेजी से कटाव हो रहा है। इसके साथ ही नदी में बाढ़ आने पर आसपास के खेतों में रेत भी भर जाती है। कटाव के चलते पचास एकड़ से भी अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और रेत भरने से कई एकड़ खेती की जमीन नष्ट हो गई है।

लगे हैं अफसरों के वाहन
ग्रामीणों ने बताया कि खनिज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के संरक्षण में यह खेल चल रहा है। खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों ने अपनी की जेसीबी मशीन, हाईवा, टिप्पर, ट्रैक्टर आदि रेत माफियाओं को किराए पर दे रखे हैं। इन मशीनों और वाहनों की मदद से रेत का अवैध खनन एवं परिवहन किया जा रहा है। इस तरह खनिज विभाग के अधिकारी दोहरी कमाई कर रहे हैं। यहां छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के रेत माफिया मिलकर रेत का खनन कर रहे हैं। जिससे प्रतिदिन सरकार को लाखों लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। गर्मी के मौसम में ग्रामीणों एवं मवेशियों के निस्तार जल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बेलगांव संगम के पास एनीकेट बनाया गया है, जहां पानी भरा रहता है। रेत तस्कर रेत निकालने के लिए एनीकेट को भी खोल देते हैं, जिससे पूरा पानी बह जाता है और किसानों की सब्जी और फल की फसल को पानी नहीं मिल पाता है। एनीकेट में भरे पानी से ग्रामीण और महिलाएं सब्जियों तथा तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी व फलों की खेती करते हैं। सब्जियों व फलों को आसपास के बाजार हाट में बेचकर ग्रामीण व महिलाएं आत्मनिर्भर बन रहे हैं, मगर आत्मनिर्भरता की इस कोशिश पर भी रेत माफिया प्रहार करने लगे हैं। एनीकेट के ऊपरी हिस्से से रेत निकालने के लिए रेत माफिया एनीकेट में भरे पानी को बहा देते हैं। पानी न रहने से सब्जियों और फलों की खेती को भारी नुकसान हो रहा है।
स्टील प्लांट में खप रही रेत
भास्कली नदी और इंद्रावती से निकाली जाने वाली रेत उड़ीसा तक तस्करी की जा रही है। वहीं बड़े पैमाने पर रेत नगरनार प्लांट में भी खपाई जा रही है। बताते हैं प्लांट में कुछ बड़ी ठेका कंपनियां स्ट्रक्चर तैयार कर रही हैं। इसी कार्य में चोरी की रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। ठेका कंपनियों के कर्मियों ने रेत माफियाओं और खनिज विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर रखी है। ठेका कंपनी के कर्मी कम दर पर रेत खरीदते हैं और बिल ज्यादा दर के बनाकर अपने मालिकों को चूना लगा रहे हैं। ये कर्मी खनिज विभाग के अधिकारियों को भी भेंट पूजा अर्पित करते हैं। इस तरह खनिज विभाग के अधिकारी दोनों हाथों से लूट रहे हैं। उधर सुकमा जिले के कोंटा इलाके में शबरी नदी से रेत निकाल कर तेलंगाना तक सप्लाई की जाती है। यहां कुछ अरसा पहले रेत के काले खेल का भंडाफोड़ करने वाले कुछ पत्रकारों को राजनेता के इशारे पर पुलिस टीआई ने गांजा के फर्जी केस में फंसवा दिया था।

सड़क ठेकेदार ने किया भंडारण
इसी तरह बीजापुर जिले की जनपद पंचायत भोपालपटनम के अंतर्गत ग्राम पंचायत लिंगापुर से होकर बहने वाली इंद्रावती नदी से अवैध रेत खनन का एक और मामला सामने आया है। अवैध रेत खनन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी ने कहा कि खनिज विभाग एवं स्थानीय भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे इस अवैध रेत खनन कार्य को रोकने मे प्रदेश की साय सरकार नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि एक सड़क ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायत सरपंच की अनुमति केबिना रात के अंधेरे में इंद्रावती नदी मे पोकलेन मशीन के जरिए बड़े पैमाने पर रेत खनन कर उसका भंडारण से ग्राम पंचायत मुख्यालय वरदली में किया गया है। बसंत ताटी ने कहा कि ठेकेदार की दबंगाई इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि बिना किसी भय के उसने नदी के तट को खोदकर पहले रास्ता बनाया फिर वहां से रातों रात हाईवा वाहनों के माध्यम से अवैध रेत का परिवहन किया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री ताटी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत मुख्यालय वरदली मे अवैध तरीके से भंडारित रेत को तत्काल जप्त कर दोषी ठेकेदार के विरुद्ध आपराधिक मामला पंजीबद्ध करने, उसकी मशीन एवं हाईवा वाहनो को भी राजसात करने की मांग की है।


























