हाई कोर्ट के जज से कराई जाए मामले की जांच: सुशील
जगदलपुर केंद्रीय जेल जगदलपुर में कैदियों की लगातार हो रही मौतों पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। कांग्रेस का कहना है कि 10 दिनों के भीतर तीसरी मौत का सामने आना जेल प्रशासन की आपराधिक लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि लगातार मौतें चिंताजनक है।जगदलपुर केंद्रीय जेल अब मौत का केंद्र बनती जा रही है। 10 दिन में 3 कैदियों की मौत ने जेल की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। मौर्य ने कहा कि जानकारी के अनुसार कैदी या तो फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहे हैं या इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो रही है। दोनों ही स्थितियां जेल प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाती हैं। सवाल उठता है कि जेल के अंदर फांसी लगाने के लिए सामग्री कैसे पहुंच रही है? बीमार कैदियों को समय पर समुचित इलाज क्यों नहीं मिल रहा? जेल में बंद कैदी भी इंसान हैं और उनके जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। लगातार हो रही मौतें मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
कांग्रेस ने मांग की है कि 10 दिनों में हुई तीनों मौतों की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। दोषी जेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए। मृत कैदियों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए। पूरे मामले की रिपोर्ट 7 दिन में सार्वजनिक की जाए।सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जेल तक में लोग सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा? यदि सरकार ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



















