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उपेक्षित और अनदेखा पड़ा है एक हजार साल पुराना शिवलिंग

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इस शिवलिंग का जलहरी है वर्गाकार

चित्रकोट जलप्रपात के पास स्थित है यह भव्य और दिव्य शिवालय

छग का सबसे बड़ा मानव निर्मित शिवलिंग

अर्जुन झा-

जगदलपुर रत्नगर्भा बस्तर की धरा सिर्फ खनिज और वन संपदा की ही प्रचुरता लिए हुए नहीं है, बल्कि यहां की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत भी यह धरा अपने दामन में समेटे हुए है। यहां की अनेक आध्यात्मिक और धार्मिक धरोहरें जहां जग विख्यात हैं, वहीं कई गुमनाम हालत में हैं कई प्राचीन धार्मिक स्थल उपेक्षा और अनदेखी का शिकार हैं। इन्हीं उपेक्षित धरोहरों में शामिल है बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के समीप स्थित सिदईगुड़ी का प्राचीन शिवलिंग।

छत्तीसगढ़ का नियाग्रा वाटरफॉल कहे जाने वाले चित्रकोट जल प्रपात को तो देश विदेश के लोग जानते हैं, क्योंकि वह आंखों को सुकून देता है, मगर मन को शांति देने वाले और तन मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाली छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर से बस्तर से इतर शेष दुनिया के लोग पूरी तरह अनजान हैं। पहले मन में बस्तर का नाम आते ही पूरे शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती थी। बाहरी दुनिया के लोग इसे खून खराबे वाली धरती मानते रहे हैं, मगर अब यह मिथक टूट चुका है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर अब शांति का टापू बन चुका है। यहां अनगिनत पर्यटन स्थल और प्रचुर खनिज एवं वन संपदा है, जो बस्तर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बस्तर की धरती सिर्फ खनिज और वन संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि यहां ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के सैकड़ों स्थल भी हैं, जो बस्तर की आदिम सभ्यता के गवाह हैं। राजधानी रायपुर से 335 किमी दूर और संभाग मुख्यालय जगदलपुर से 35 किमी दूर विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के समीप स्थित सिदईगुड़ी का प्राचीन एवं विशाल मानव निर्मित शिवलिंग छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय प्रतीक है।

इतिहासकारों के अनुसार यह शिवलिंग 11वीं शताब्दी में चक्रकोट (वर्तमान बस्तर) पर शासन करने वाले छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा स्थापित कराया गया था।पुरातत्व विभाग के अनुसार यह लगभग एक हजार वर्ष पुराना मंदिर है। इस पूर्वाभिमुखी मंदिर में गर्भगृह है जिसमें बड़ा सा शिवलिंग वर्गाकार जलाहरी पर स्थापित है। यह मंदिर चित्रकोट जलप्रपात से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है जो कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। बस्तर सांसद महेश कश्यप के मीडिया प्रतिनिधि रोहन कुमार ने बताया कि यह शिवलिंग अपनी भव्यता, प्राचीन स्थापत्य कला एवं धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। माना जाता है कि यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मानव निर्मित शिवलिंग है। यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर हर साल तीन दिवसीय मेले का भव्य आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल होते हैं। इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर ओमप्रकाश सोनी ने बताया चित्रकोट जलप्रपात देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। अधिकांश श्रद्धालु एवं पर्यटक इस प्राचीन शिवलिंग और इसके गौरवशाली इतिहास से परिचित हों इस हेतु इसका व्यापक स्तर प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। ताकि लोगों को क्षेत्र के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी मिल सके तथा धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।

सनातनी हैं आदिवासी भी

बस्तर शुरू से आदिवासियों की धरती है। यहां के आदिवासी जल, जमीन और जंगल के सहारे अपनी आजीविका चलाते आए हैं। बड़ा देव यानि शिवजी के उपासक आदिवासी मूलतः सनातनी हैं। इस बात के प्रमाण उन्हीं के पूर्वजों द्वारा स्थापित देवी देवताओं के मंदिर हैं। दंतेवाड़ा में स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा जिले के ही बारसूर में एक पहाड़ की चोटी पर स्थापित विश्व की सबसे विशाल पत्थर से निर्मित भगवान गणेशजी की प्रतिमा, सुकमा जिले के रामाराम स्थित भगवान श्रीरामचंद्र जी का मंदिर, कलकल बहती माता शबरी के नाम की नदी, कांकेर का कंकालीन माता मंदिर जैसे दर्जनों धार्मिक स्थलों को यहां के आदिवासी पूर्वजों ने ही बनवाया है। बाद में बस्तर में आ बसे विजातीय लोगों ने सनातन धर्म में फूट डालने के लिए आदिवासियों को सनातन से अलग धर्म बताना शुरू कर दिया। आदिवासी समुदाय के एक तबके ने विजतियों के चल प्रपंच में आकर खुद को सनातन धर्म से अलग मानना शुरू कर दिया। जबकि जिस बड़ा देव को आदिवासी पूरी श्रद्धा के साथ पूजते हैं, उन्हीं भोलेनाथ के पुत्र भगवान गणेश जी की कई प्राचीन प्रतिमाएं बस्तर की धरती पर स्थापित हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि इन प्रतिमाओं को भी आदिवासी पूर्वजों ने बनाकर स्थापित किया है।माता शबरी भी आदिवासी थी, जिन्होंने भगवान राम को जूठे बेर खिलाए थे। दूसरे धर्म के लोगों ने सनातन धर्म को तोड़ने के गणेश चतुर्थी पर्व, होली, दिवाली त्यौहार मनाने से भी आदिवासियों को रोकने की चाल चली।

बालोद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मजबूत सूचना तंत्र से अपराध नियंत्रण में सफलता

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संदिग्ध आरोपी से सामग्री जब्त, अवैध गतिविधियों पर करारा प्रहार

पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में आज दिनांक 20.07.2026 को बालोद पुलिस द्वारा जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सघन अभियान चलाया गया।इसी क्रम में थाना प्रभारी गुंडरदेही नवीन बोरकर की टीम द्वारा त्वरित एवं योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति विजय सोनवानी पिता अलखराम सोनवानी उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 11 गुंडरदेही को पकड़कर उसके कब्जे से चोरी/संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।उक्त प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा 106 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्यवाही की गई है।जब्त सामग्री में 01 नग मोबाइल, 02 नग सायकल एवं 01 नग जनरेटर पंप (कीमत लगभग ₹2000/-) शामिल है। यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं सुदृढ़ सूचना तंत्र का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ा संदेश गया है। उक्त कार्यवाही के दौरान आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। इस प्रकार की सतत एवं प्रभावी कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग रहा है तथा आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

पुलिस अधीक्षक का बयान:

पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने उक्त कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि“जिले में अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाना एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है।”उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसहभागिता को बढ़ावा देते हुए सतर्क, संवेदनशील एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करें, ताकि जिले में शांति, सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण और अधिक मजबूत हो सके।

बस्तर के स्कूलों में साइबर सुरक्षा, साइबर स्क्वाड और पॉक्सो जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव

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पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर राष्ट्रीय मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) बस्तर संभाग ने जिले के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और बाल संरक्षण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा को प्रस्ताव सौंपा है। प्रस्ताव में जिले के सभी शासकीय, निजी एवं सीबीएसई स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्र-नेतृत्व वाले “साइबर स्क्वाड” के गठन तथा कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रभावी पॉक्सो प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने का आग्रह किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हाल के समय में स्कूलों के प्राचार्यों एवं विभिन्न हितधारकों से चर्चा के दौरान यह सामने आया कि विद्यार्थियों के बीच सोशल मीडिया का दुरुपयोग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन मानहानि, डिजीटल उत्पीड़न तथा अन्य साइबर अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई छात्र अनजाने में ऐसे कार्यों में शामिल हो जाते हैं, जिनके गंभीर मानसिक, सामाजिक और कानूनी परिणाम सामने आते हैं। संस्था का मानना है कि समय रहते जागरूकता और मार्गदर्शन से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। ब्यूरो ने प्रस्ताव में पुलिस विभाग के साथ मिलकर जिलेभर के स्कूलों में साइबर जागरूकता एवं व्यक्तित्व निर्माण शिविर आयोजित करने की बात कही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल नैतिकता, साइबर बुलिंग के दुष्प्रभाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। संस्था ने बताया कि उसके प्रशिक्षित विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं विधिक जानकार इन कार्यक्रमों के संचालन के लिए तैयार हैं।प्रस्ताव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रत्येक विद्यालय में छात्र-नेतृत्व वाले “साइबर स्क्वाड” के गठन से जुड़ा है। यह स्क्वाड पुलिस साइबर सेल एवं संस्था के मार्गदर्शन में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की प्रारंभिक पहचान करना, विद्यार्थियों को जागरूक करना तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तक गोपनीय रूप से जानकारी पहुंचाना होगा, ताकि छोटे मामलों को गंभीर अपराध बनने से पहले रोका जा सके। संस्था ने पॉक्सो अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखकर व्यवहारिक और प्रभावी प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुचित स्पर्श की पहचान, सुरक्षित व्यवहार तथा शिकायत और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। संस्था ने भरोसा दिलाया है कि उसके प्रशिक्षक, काउंसलर और विधिक स्वयंसेवक यह पूरा सहयोग निःशुल्क उपलब्ध कराएंगे। ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा से समय उपलब्ध कराकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा करने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि पुलिस विभाग और संस्था के संयुक्त प्रयास से जिले के स्कूलों में इन कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन शुरू किया जा सके। संस्था का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बस्तर के बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना और उन्हें साइबर एवं लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूक बनाना है। पत्र सौंपने के दौरान ब्यूरो के संभाग अध्यक्ष जगमोहन सोनी, सचिव अक्षय देशमुख, मीडिया प्रभारी रविराज पटनायक, उपाध्यक्षद्वय नवीन एक्का एवं प्रेमदास मानिकपुरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

निधन सूचना

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शहर के भगत सिंह वार्ड पथरागुड़ा निवासी श्रीमती शरददेवी रथ(90) पति स्वर्गीय वासुदेव रथ का आज मंगलवार सुबह 9 बजे दुखद निधन हो गया। अवस्थ्य होने के कारण सुबह 6 बजे परिजन निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किए। उपचार के दौरान धरमपुरा स्थित एमपीएम अस्पताल में अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार आज मंगलवार दोपहर 1.30 बजे प्रवीर वार्ड खड़कघाट स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। वे श्याम सुंदर,बालमुकुंद,बृजमोहन रथ और श्रीनिवास रथ की माताजी थी। वे आपने पीछे 4 पुत्र 2 पुत्री समेत नाती पोतों से भरा परिवार छोड़ गई।

चित्रकोट जलप्रपात में लौट आई बहार

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बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं दूसरे राज्यों के पर्यटक

जगदलपुर बरसात के बीच चित्रकोट जलप्रपात पूरे शबाब पर है। पचासों फीट ऊपर से गिरते पानी के झरनों की गर्जना और ऊपर उठती फुहारों ने बड़ा ही मनोरम दृश्य बना दिया है। इस बेहद खूबसूरत नजारे को निहारने बड़ी संख्या में पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात पर पहुंच रहे हैं। आज सुबह रिमझिम बारिश के बीच दूसरे राज्यों से आए सैकड़ों पर्यटक यहां इंद्रावती नदी की लहर और उनकी गर्जना के बीच सपरिवार आनंद लेते दिखे। यहां तीन माह से बहुत कम पर्यटक आ रहे थे, जिससे स्थानीय होटल संचालक और रेस्टोरेंट समेत कई लोगों के व्यवसाय मंदी पर थे। मानसून के आगमन के साथ ही अब इनके भी चेहरे खिल उठे हैं। रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि बाहरी टूरिस्ट बोडा की सब्जी, बिरयानी और कोफ्ता की मांग कर रहे है, वहीं कुछ लोग लोकल फूटू की सब्जी को पसंद कर रहे हैं।

बालोद में महिला के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला, पुलिस जांच तेज

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बालोद बालोद जिले में एक महिला के साथ कथित अपहरण एवं सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना बालोद-दल्लीराजहरा मुख्य मार्ग स्थित पर्यावरण पार्क के समीप की बताई जा रही है, जहां एक महिला अचेत अवस्था में मिली। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला कांकेर जिले की निवासी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार महिला की मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं बताई जा रही है। उपचार के दौरान होश में आने के बाद महिला ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला ने अपने बयान में बताया है कि उसका अपहरण किया गया था और उसे करीब 12 घंटे तक अपने कब्जे में रखा गया। महिला के बयान एवं अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि घटना को तीन अज्ञात ट्रक चालकों ने अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपहरण एवं सामूहिक दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा घटना के समय बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग से गुजरने वाले ट्रकों की जानकारी जुटाई जा रही है तथा परिवहन रिकॉर्ड एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्ध वाहनों और चालकों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित कर जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान, चिकित्सीय परीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज का युवक-युवती संवाद

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आयोजन में पूरे संभाग के सैकड़ों युवा शामिल

जगदलपुर सामाजिक एकता और युवा जागरूकता का संदेश लेकर बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज युवा संगठन जगदलपुर द्वारा रविवार को ऐतिहासिक युवक-युवती संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से सैकड़ों युवाओं ने भाग लेकर समाज को संगठित करने का संकल्प लिया। भगवान श्रीराम और माई दंतेश्वरी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। फिर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस अवसर पर सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल सहित जगदलपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में समाज को सशक्त बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यह संवाद केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता लाने और नया नेतृत्व तैयार करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं की व्यापक उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि समाज का युवा वर्ग अब अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर है। संवाद के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और आपसी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन का गांव-गांव तक विस्तार किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा और नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे समाज की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सके।कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और युवतियों की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया। समाज के उत्थान में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए “युवती संवाद” मंच के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। इस मंच के माध्यम से समाज की बहनें अपनी बात रख सकेंगी और नेतृत्व में अपनी भूमिका निभा सकेंगी। साथ ही यह भी तय किया गया कि समाज के किसी भी सदस्य के सुख-दुख में युवा एकजुट होकर सहयोग करेंगे। समापन सत्र में आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित कर इस कार्यक्रम के परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा और भविष्य में और बड़े स्तर पर युवा संवाद आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित युवाओं ने समाज को नई दिशा देने, शिक्षा को बढ़ावा देने और एक मजबूत व आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प लिया। बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज युवा संगठन जगदलपुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों, पदाधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

पेपर लीक के गुनहगारों को सत्ता का संरक्षण: दीपक बैज

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दागी अफसर को पदों से नवाज रही है भाजपा की सरकारें: बैज

बच्चों को हताशा के गर्त में धकेल दिया है मोदी सरकार ने: दीपज बैज

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि कोटा से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली को संबोधित किया। इस विशाल जनसभा के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं के बीच पेपर लीक माफिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती दी गई। पेपर लीक का संकट अब एक राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है। अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं ने 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया है, लेकिन अब तक एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली है।

जगदलपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लाखों अभ्यर्थी भारी दबाव के बीच औसतन पांच वर्षों तक प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इस तैयारी में न केवल अभ्यर्थियों, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी आर्थिक बोझ और त्याग का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अन्य अवसरों के दरवाजे उनके लिए बंद होते जा रहे हैं, इसलिए हर साल लगभग 9 करोड़ अभ्यर्थियों को केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जब छात्र कड़ी मेहनत कर रहे होते हैं, उसी समय एक भ्रष्ट नेटवर्क “सिस्टम का मेन्यू कार्ड” चलाता है, जहां परीक्षाएं सबसे अधिक कीमत चुकाने वालों को भारी रकम लेकर बेची जाती हैं।

बैज ने बताया कि राहुल गांधी ने युवाओं के सामने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था के लिए अपना विजन रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को इस तरह पुनर्गठित किया जाना चाहिए कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हों, आधुनिक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित हो, संस्थानों की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा शिक्षा निजीकरण और वैचारिक हस्तक्षेप से मुक्त हो। दीपक बैज ने आगे कहा एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के माध्यम से यह अभियान सड़क से लेकर संसद तक पूरे देश में लगातार आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आगे बताया विगत दो दिन पूर्व ही नीट 2 के परिणाम के बाद जगदलपुर के अड़ावल की बच्ची सुरला हारिका राव ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर ली।

बताते है कि रद्द हुई नीट परीक्षा में बच्ची के अंक ज्यादा आ रहे थे तथा नीट 2 के बाद उसके अंक कम आए इससे दुखी होकर उसने अपनी जान दे दी।इस बच्ची की मौत और इस प्रकार से अन्य बच्चों की मौतों और उनकी हताशा के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। मोदी सरकार के राज में नीट परीक्षा में जो गड़बड़ियां हुई तथा परीक्षा रद्द हुई उससे बच्चे निराश हुए जिनका पेपर पहली बार अच्छा गया था वे बच्चे तो बहुत ज्यादा निराश हुए थे और उसी निराश में बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। नीट देशभर के लाखों बच्चों के भविष्य उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय है। वर्षों तक कठिन मेहनत करके बच्चे नीट की तैयारी करके परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। परीक्षा के बाद पेपर लीक की बात सामने आने विद्यार्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया। इस मामले की प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीट के कर्ताधर्ता को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पिछली बार भी नीट के पेपर लीक मामले में मोदी सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की, न ही कोई ठोस कार्रवाई की थी। जब 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और एनटीए के डीजी को पद से हटा दिया, लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी, उसके बाद छत्तीसगढ़ की भर्ती परीक्षाओं का प्रमुख बना दिया और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं।

बेहद स्पष्ट है कि पेपर लीक के असल गुनहगारों को भाजपा सरकार का संरक्षण है।भाजपा सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है। कारण साफ है पेपर लीक के इस गोरखधंधे में भाजपा सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है।भाजपा की सरकार में परीक्षा की सुचिता लगातार भंग हो रही है. भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक हो रहे हैं, कारण स्पष्ट है पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। भाजपा का फंडा साफ है जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम, इसीलिए बेखौफ होकर ऐसे कुकृत्य किए जा रहे हैं। दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा? बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीय पर सवाल उठ रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सरकार के संरक्षण की ओर इशारा करती है। इस दौरान पीसीसी प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, रविशंकर तिवारी, जिला महामंत्री जाहिद हुसैन, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, युकां अध्यक्ष निकेत राज झा, रोजविन दास, संजय पाणिग्रही, महेश ठाकुर, आदर्श दलाई, सलीम जाफर अली, शादाब अहमद, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

डीबी ग्रुप द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन, 74 यूनिट रक्तदान, रक्तवीरों का हेलमेट देकर किया गया सम्मान

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दल्ली राजहरा। डीबी ग्रुप द्वारा रविवार को शहीद ब्लड सेंटर, शहीद अस्पताल में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 74 यूनिट रक्तदान किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष तोमन साहू उपस्थित रहे।

उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।इस अवसर पर राजहरा थाना प्रभारी श्री अविनाश सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं भी रक्तदान कर समाज के प्रति प्रेरणादायक संदेश दिया।

साथ ही उपस्थित लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए हेलमेट के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी दोपहिया वाहन चालकों से हमेशा हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की।शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को हेलमेट भेंट कर सम्मानित किया गया, ताकि रक्तदान के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़े। महिलाओं एवं युवा वर्ग ने भी बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए रक्तदान किया।डीबी ग्रुप पिछले 11 वर्षों से रक्तदान सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। संस्था के माध्यम से अब तक 8,000 से अधिक यूनिट रक्तदान कराया जा चुका है।

रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए संस्था समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती है। संस्था का उद्देश्य “हर घर से एक रक्तदाता” तैयार करना है, ताकि किसी भी परिवार में रक्त की आवश्यकता पड़ने पर परिवार का सदस्य ही रक्तदान कर अपने परिजन की मदद कर सके और किसी भी जरूरतमंद को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर डीबी ग्रुप ने सभी रक्तदाताओं, मुख्य अतिथि, थाना प्रभारी, अतिथियों, सहयोगियों एवं आमजन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाजहित में ऐसे जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए डोनेट ब्लड वेलफेयर फाउण्डेशन डीबी ग्रुप एवं शहीद ब्लड सेंटर की टीम का सहयोग रहा

चोरी गए ट्रैक्टर की दो बैटरियां एवं साउंड बॉक्स सहित ₹18,000 का मशरूका बरामद, आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड।

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बालोद थाना डौण्डी पुलिस ने चोरी के मामले का किया सफल खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार।

पुलिस की त्वरित विवेचना एवं सतर्क कार्रवाई से चोरी की वारदात का खुलासा, संपत्ति बरामद कर आरोपियों को भेजा गया जेल।

बालोद। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा विकास पाटले के पर्यवेक्षण में थाना डौण्डी पुलिस ने चोरी के प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।प्रकरण में प्रार्थी ओवेन्द्र कुमार यादव निवासी ग्राम भर्रीटोला द्वारा थाना डौण्डी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 25 एवं 26 जून 2026 की मध्य रात्रि अज्ञात चोरों द्वारा उनकी तूफान वाहन में लगा साउंड बॉक्स तथा उनके ट्रैक्टर एवं गांव के एक अन्य ट्रैक्टर में लगी बैटरियां चोरी कर ली गई हैं। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग ₹18,000 थी। रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में अपराध क्रमांक 103/2026 अंतर्गत धारा 303(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल, गवाहों एवं तकनीकी तथ्यों के आधार पर संदेहियों से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपियों के कब्जे से एमरॉन कंपनी की बैटरी, एक्साइड कंपनी की बैटरी एवं एक साउंड बॉक्स सहित कुल ₹18,000 मूल्य का चोरी गया मशरूका बरामद किया गया।पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गिरफ्तार आरोपी1. साहिल उर्फ चीकू रावटे, पिता राजेश रावटे, उम्र 20 वर्ष, निवासी भर्रीटोला, थाना डौण्डी, जिला बालोद।2. इंद्रजीत टेकाम उर्फ लाला टेकाम, उम्र 20 वर्ष, निवासी जवाहरपारा, डौण्डी, थाना डौण्डी, जिला बालोद।3. करण पिस्दा, पिता विक्रम पिस्दा, उम्र 18 वर्ष 03 माह, निवासी बंधियापारा, डौण्डी, थाना डौण्डी, जिला बालोद। बरामद मशरूकाएमरॉन कंपनी की बैटरीएक्साइड कंपनी की बैटरीसाउंड बॉक्सकुल बरामद संपत्ति मूल्य : ₹18,000 सराहनीय भूमिकाइस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, सउनि दुर्जन लाल रावटे, प्रधान आरक्षक रविन्द्र कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक अरविंद यादव, आरक्षक पुकेश साहू एवं आरक्षक सुमन सिंह देवहारी की सराहनीय भूमिका रही

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