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ट्रैफिक की पाठशाला’ में विद्यार्थियों को सिखाए यातायात के नियम सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा का दिया संदेश

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‘ नारायणपुर यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा शासकीय स्वामी आत्मानंद विद्यालय, सिंगोड़ीतराई में विद्यार्थियों के लिए “ट्रैफिक की पाठशाला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में यातायात प्रभारी एवं रक्षित निरीक्षक मो. मोहसिन खान ने विद्यालय के प्राचार्य के.के. मिस्त्री, शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, सड़क चिन्हों तथा सड़क पर सुरक्षित आवागमन के नियमों से अवगत कराया गया।मो. मोहसिन खान ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालानी कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और अन्य लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को “सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा” का संदेश देते हुए सुरक्षित वाहन संचालन और यातायात नियमों के पालन की अपील की।कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने की शपथ दिलाई गई। यातायात पुलिस द्वारा जिले में लगातार सड़क सुरक्षा, यातायात जागरूकता, पीएम राहत एवं राहवीर योजना से संबंधित जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

ओबीसी महासभा की संभाग स्तरीय बैठक में सामाजिक न्याय की हुंकार

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जय ओबीसी, जय संविधान” के नारों से गूंजा परिसर, आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी और 27 प्रतिशत आरक्षण की उठी मांग

जगदलपुर ओबीसी महासभा की संभाग स्तरीय कैडर मीटिंग का आयोजन जगदलपुर में किया गया। बैठक की अध्यक्षता बस्तर संभाग अध्यक्ष दिनेश यदु ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू उपस्थित रहे। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पदाधिकारी और कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए। लगातार बारिश के कारण अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ता नहीं पहुंच सके, इसके बावजूद उपस्थित सदस्यों में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम स्थल “जय ओबीसी, जय संविधान” के नारों से गूंजता रहा।बैठक में ओबीसी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में शासन-प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर उचित प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। मंडल आयोग की सिफारिशों को सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।*27 प्रतिशत आरक्षण और शिक्षा पर जोर*बैठक में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। वक्ताओं ने ओबीसी वर्ग के लिए शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग रखी। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, आवासीय विद्यालय और छात्रवृत्ति की सुविधाओं का विस्तार करने तथा समाज में प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई। क्रीमी लेयर और आरक्षण सीमा से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।वहीं भूमिहीन ओबीसी परिवारों को अनुपयोगी सरकारी भूमि का नियमानुसार वितरण करने तथा समाज के आर्थिक विकास के लिए विशेष बजट की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई। केंद्र और राज्य स्तर पर ओबीसी समाज के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था और आयोग को मजबूत करने की बात भी कही गई।खिलेश्वरी साहू को महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी बैठक के दौरान संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियों की घोषणा भी की गई। खिलेश्वरी साहू को ओबीसी महासभा प्रदेश अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं लच्छिन यादव को ओबीसी महासभा बस्तर संभाग प्रभारी का दायित्व दिया गया। दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों का उपस्थित सदस्यों ने स्वागत करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।*गांव-गांव संगठन मजबूत करने का संकल्प*बैठक के समापन पर प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहु ने ओबीसी समाज को जमीनी स्तर पर संगठित और जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना जरूरी है। संगठन को ग्राम, ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर मजबूत करने तथा महिला एवं युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया।बैठक में सामाजिक समानता, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

वन मंत्री केदार कश्यप के काफिले का सड़क हादसा, चार पुलिसकर्मी और चालक गंभीर

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बाल-बाल बच गए वन मंत्री केदार कश्यप

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के काफिले के साथ रविवार को कोंडागांव जिले में बड़ा सड़क हादसा हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर घोड़ागांव के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने मंत्री के वाहन को टक्कर मार दी। इसके बाद कार काफिले के फॉलो वाहन से भी जा भिड़ी। हादसे में फॉलो वाहन में सवार चार पुलिसकर्मी और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार मंत्री केदार कश्यप का काफिला नेशनल हाईवे-30 से गुजर रहा था। इसी दौरान घोड़ागांव के पास सामने से आ रही कार अनियंत्रित होकर काफिले के वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद कार फॉलो वाहन से भी जा भिड़ी। दुर्घटना में वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा।

चार जवान और चालक घायल

हादसे में फॉलो वाहन में सवार चार पुलिसकर्मी और वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। वन मंत्री केदार कश्यप भी जिला अस्पताल पहुंचे और हादसे में घायल जवानों एवं चालक का हाल जाना। कोंडागांव विधायक लता उसेंडी और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल घायलों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।

टेट मुक्ति व पुरानी पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर 25 अगस्त को शिक्षक महारैली

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नारायणपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा नारायणपुर के बैनर तले शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं विभिन्न मांगों को लेकर 25 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय टेट मुक्ति महारैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान, नारायणपुर में होगा।मोर्चा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार रैली में जिले के शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल होकर अपनी प्रमुख मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। मांगों में टेट की अनिवार्यता से मुक्ति, पूर्व सेवा अवधि से पुरानी पूर्ण पेंशन का लाभ, केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वेतन विसंगति दूर करना, 13 फरवरी 2026 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को निरस्त करना तथा बी.एड. अभ्यर्थियों के लिए ब्रिज कोर्स की व्यवस्था शामिल हैं।रैली के बाद शिक्षक कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, शिक्षा सचिव एवं डीपीआई के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक ने जिले के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

जिला अस्पताल में दूसरी मौत से हड़कंपअस्पताल से लापता मरीज की छत पर मिली लाश, प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

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संवाददाता सुनील कथूरिया

नारायणपुर जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती मरीज की छत से गिरकर हुई मौत के मामले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि सोमवार सुबह अस्पताल परिसर से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आ गई। अस्पताल से लापता बताए जा रहे दूसरे मरीज की लाश भी अस्पताल की छत पर मिलने से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। लगातार दो दिनों में अस्पताल से जुड़े दो मौतों के मामलों ने जिला अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, अस्पताल से लापता मरीज की पहचान दीनबंधु तिग्गा (निवासी बेनूर) के रूप में हुई है। सोमवार सुबह अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने नियमित सफाई कार्य के दौरान छत पर पानी की टंकियों के पीछे एक शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में शव की पहचान दीनबंधु तिग्गा के रूप में की गई।गौरतलब है कि रविवार को अस्पताल में भर्ती मरीज गऊराम गांवर की अस्पताल की छत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उसी दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि उसके बगल के बेड पर भर्ती एक अन्य मरीज भी अस्पताल से गायब है, जबकि उसका सामान वार्ड में ही रखा हुआ था। अब उसी मरीज का शव अस्पताल की छत पर मिलने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल में भर्ती दो मरीज वार्ड से निकलकर छत तक कैसे पहुंचे? यदि छत तक पहुंच संभव थी तो वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? अस्पताल प्रशासन को मरीजों की अनुपस्थिति की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिली? ऐसे कई सवाल अब आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।दो मरीजों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों से शहर में चिंता और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था की ऐसी स्थिति बेहद गंभीर है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है। दीनबंधु तिग्गा के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों मरीज छत तक कैसे पहुंचे, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और कहीं दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध तो नहीं है।अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस किन-किन एंगल से मामले की जांच करती है और जिला अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी तथा संभावित लापरवाही को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक

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नारायणपुर साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने 22 अगस्त को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपगांव में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें साइबर अपराधों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी।पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग व यूपीआई धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी निवेश-ट्रेडिंग, नौकरी व लॉटरी के नाम पर ठगी तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक और संदिग्ध क्यूआर कोड से सावधान रहने की समझाइश दी।उन्होंने कहा कि साइबर ठगी होने पर समय गंवाए बिना 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करना जरूरी है, ताकि ठगी की राशि को रोकने और आवश्यक कार्रवाई में मदद मिल सके। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को थाना एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भ्रमण करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि वे पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें और पुलिस-विद्यार्थी संवाद मजबूत हो सके।कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर, एसडीओपी अजय सिंह, उप पुलिस अधीक्षक (साइबर) आशीष नेताम सहित साइबर सेल की टीम मौजूद रही। नारायणपुर पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला अस्पताल की छत से गिरकर भर्ती मरीज की मौत, अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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सुनील कथूरिया

जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती 51 वर्षीय मरीज की अस्पताल की छत से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान गऊराम गांवर, निवासी खड़ीबहार, नारायणपुर के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, गऊराम गांवर को परिजनों ने 21 अगस्त की शाम करीब 7 से 8 बजे पेट में दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक उपचार के बाद उन्हें दर्द से राहत मिल गई थी। 22-23 अगस्त की दरमियानी रात करीब 2 बजे मृतक के छोटे पुत्र और अटेंडर ने उन्हें अस्पताल के बेड पर सोते हुए आखिरी बार देखा था। इसके बाद थकान के कारण अटेंडर की आंख लग गई।सुबह करीब 6 बजे अस्पताल की नर्स ने अटेंडर को जगाकर बताया कि उसके पिता अस्पताल के बाहर जमीन पर गिरे हुए हैं। अटेंडर ने बाहर जाकर देखा तो गऊराम लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े थे और उनके शरीर में कोई हरकत नहीं थी। अस्पताल स्टाफ उन्हें तत्काल अंदर लेकर गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।बताया जा रहा है कि मृतक का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं था। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मरीज अस्पताल में भर्ती था तो वह आधी रात को वार्ड से निकलकर अस्पताल की छत तक कैसे पहुंच गया? क्या छत का दरवाजा खुला हुआ था? यदि हां, तो उसे बंद रखने की व्यवस्था क्यों नहीं थी? अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या निगरानी व्यवस्था थी, यह भी जांच का विषय है।बगल के बेड पर भर्ती मरीज भी लापताघटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर सवाल सामने आया है। बताया जा रहा है कि मृतक के बगल वाले बेड पर भर्ती एक अन्य मरीज भी अस्पताल से गायब है, जबकि उसका सामान अभी भी उसी बेड के पास रखा हुआ है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।घटना की सूचना अस्पताल प्रबंधन द्वारा थाना नारायणपुर को दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गऊराम गांवर छत तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।खबर लिखे जाने तक मृतक के शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी थी।फिलहाल घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में अस्पताल प्रबंधन की वास्तविक जिम्मेदारी और लापरवाही की स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वैद्य सम्मेलन में पारंपरिक वनौषधियों के संरक्षण पर जोर

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नारायणपुर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा नारायणपुर वनमंडल कार्यालय में जिला स्तरीय वैद्य सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम ने किया।सम्मेलन में जिले के वैद्यों ने पारंपरिक जड़ी-बूटियों से उपचार संबंधी अपने अनुभव साझा किए तथा नारायणपुर में हर्बल गार्डन स्थापित करने की मांग रखी। वनमंडल अधिकारी वेंकटेश एम.जी. ने हर्बल गार्डन निर्माण का आश्वासन देते हुए बताया कि वनमंडल में वनौषधियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।मुख्य अतिथि विकास मरकाम ने कहा कि अबूझमाड़ की पारंपरिक स्वास्थ्य एवं भोजन परंपरा पर अध्ययन करने विदेशों से भी शोधकर्ता आ रहे हैं। उन्होंने दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय वनौषधियों के संरक्षण में वैद्यों की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी वैद्यों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सम्मेलन में जिले के 25 वैद्य सहित 60 से अधिक लोग उपस्थित रहे।

शराब पीने के चक्कर में पकड़े गए शातिर चोर, बड़ी वारदात से पहले नारायणपुर पुलिस के हत्थे चढ़ेना

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रायणपुर सुनील कथूरियाआसानी से पैसे हासिल करने की मंशा से मध्यप्रदेश से पहुंचे दो शातिर चोर नारायणपुर में एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन उनकी योजना सफल होने से पहले ही नारायणपुर पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। दोनों आरोपी अंग्रेजी शराब दुकान में चोरी करते हुए पकड़े गए, जिनके कब्जे से चोरी की नगद राशि और घटना में प्रयुक्त औजार भी बरामद किए गए हैं।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 अगस्त की सुबह लगभग 4 बजे डायल-112 के माध्यम से बखरूपारा स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में चोरी की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को सुरक्षा गार्ड ने बताया कि दो अज्ञात व्यक्ति दुकान की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे थे। गार्ड की आहट सुनकर दोनों दुकान के भीतर ही छिप गए थे।पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान के अंदर से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान कलाम सिंह मांडले (50 वर्ष) निवासी पीपलदा, थाना गंधवानी, जिला धार (मध्यप्रदेश) तथा गणपत मोहनीया निवासी खाखेरिया खौदरा, थाना टांडा, जिला धार (मध्यप्रदेश) के रूप में बताई। दोनों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 9,300 रुपये नगद राशि तथा घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का स्क्रू-पाना बरामद किया गया। घटनास्थल पर टूटी हुई कुंडी और बरामद सामग्री के आधार पर उनकी संलिप्तता स्पष्ट हुई।जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी मिली। दोनों के खिलाफ पूर्व में कांकेर जिले में दो, कोंडागांव में एक तथा धमतरी जिले में एक चोरी का मामला दर्ज होना पाया गया। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते दोनों पकड़े नहीं जाते तो वे नारायणपुर में किसी बड़ी चोरी की घटना को भी अंजाम दे सकते थे।दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।

टंगिया से दो सफाईकर्मियों पर हमला, आरोपी हिरासत में

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डौण्डी। नगर में सफाई कार्य के दौरान हुए विवाद में एक युवक ने दो सफाईकर्मियों पर धारदार टंगिया से हमला कर दिया। घटना में दोनों सफाईकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे रम्हऊ राम भुआर्य सहित अन्य सफाईकर्मी डौण्डी शहर में साफ-सफाई का कार्य कर रहे थे। सुबह करीब 7 बजे वे बाजार चौक स्थित मछली पसरा की सफाई कर रहे थे, तभी डौण्डी निवासी गिरवर देवहारी वहां पहुंचा। उसके पास धारदार टंगिया था। आरोप है कि उसने सफाईकर्मियों से पूर्व में गाली-गलौज करने की बात को लेकर विवाद शुरू किया और रम्हऊ राम भुआर्य तथा प्रेमलाल भुआर्य पर टंगिया से हमला कर दिया।हमले में रम्हऊ राम भुआर्य के सिर व गर्दन तथा प्रेमलाल भुआर्य की पीठ में चोट आई है। घटना के दौरान मौजूद कैलाश, ओमू, दमन और संजीव मानकर ने घटना को देखा-सुना। मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में अपराध क्रमांक 114/2026 के तहत धारा 109 बीएनएस में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। पुलिस ने आरोपी गिरवर देवहारी को हिरासत में लिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस अधीक्षक किरण चौव्हाण के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास पाटले के मार्गदर्शन में थाना डौण्डी पुलिस द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई की गई

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