तितिरगांव एवं करनपुर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया किरण देव ने
जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल बेमिसाल के तहत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे केंद्र सरकार की लोकहितैषी योजनाओं एवं क्षेत्र के विकास कार्यों के संबंध में ग्रामीणजनों से सीधे संवाद कर जनहित के विषयों पर चर्चा कर रहे हैं।
सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तितिरगांव एवं करनपुर का दौरा किया। देव ने ग्राम तितिरगांव एवं करनपुर गांव में ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर घर जाकर उनसे मुलाकात और प्रधानमंत्री आवास के संबंध में चर्चा की। लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के निर्माण से हमारा पक्का मकान का सपना पूरा हुआ है।
बरसात में हमें अब समस्या नहीं होगी। प्रधानमंत्री आवास से हमारी जीवनशैली में बदलाव आ रहा है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ग्राम में घर घर जाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के संबंध में ग्रामीणजनों से सीधे मुलाकात कर उनसे अवगत होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित कर रहे हैं। ग्राम तितिरगांव एवं करनपुर में पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर किरण देव सीधे संवाद किया, जनहित के विषयों पर चर्चा की। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों को मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी ली। देव ने जनचौपाल में ग्रामवासियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे जिसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। सरकार के नेतृत्व में जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, आयुष्मान योजना,महतारी योजना व अन्य योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है। श्री देव ने कहा गरीब, किसान, युवा एवं महिलाओं को ध्यान में रखकर योजनाएं लागू की गई हैं। आज हर नागरिक अपने सपनों को साकार होते हुए देख रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है।
इस दौरान निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, मंडल प्रभारी रजनीश पाणिग्रही, रामाश्रय सिंह, सुब्रतो विश्वास, प्रदीप देवांगन,मंडल अध्यक्ष महेंद्र सेठिया, उपाध्यक्ष सीमांचल दास, महामंत्री राजेश शर्मा, मनोज पटेल, जिला पंचायत सदस्य बिंदु साहू, जनपद सदस्य भूपेंद्र ठाकुर, अर्जुन सेठिया, संरपंच तिरुपति नागेश, जंयती कश्यप, रूपेश समरथ, तपन सरकार, लाला पटेल, पुष्पांजलि, घनश्याम सेठिया, गणेश नागवंशी, समरथ नाग, जगन्नाथ नाग, त्रिलोचन, अंतू पुजारी, अंजलि, भुवनेश्वरी, सुरेश ठाकुर, राधे पंद्रे, रामचंद, महादेव बघेल अन्य जनप्रतिनिधि, मोर्चा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित थे।
अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता में बस्तर का दल रहा प्रथम
कलेक्टर छिकारा से मिले बस्तर के कलाकार
जगदलपुर शिमला में ऑल इंडिया आर्टिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 71वीं अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता में बस्तर की बेटियों ने बस्तर की खूबसूरत लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पांच दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से पहुंचे अनेक कलाकारों के मध्य बस्तर की बेटियों ने यहां की वेशभूषा एवं पारंपरिक लोक नृत्य से लोगों का मन मोह लिया तथा बस्तर का नाम रौशन किया।
इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा भारत के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक भाभी जी घर पर हैं” के “तिवारी जी” रोहिताश्व गौर इस कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा इनकी धर्म पत्नी रेखा गौर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि थीं। उन्होंने कलाकारों को आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया।बस्तर की बेटियों ने बस्तर की संस्कृति को शिमला एवं देश विदेश पहचान दिलाई है। बस्तर के कलाकारों के साथ हमारे आदिवासी समाज के कोर्राम दंपत्ति सुनैना कोर्राम व योगेश कोर्राम की इस मंची कार्यक्रम सहभागिता से बस्तर की संस्कृति को प्रथम स्थान मिला। बस्तर के दल में निर्देशक सुनैना कोर्राम, योगेश कोर्राम, पूनम भारती, ऋतु शोरी,रामेश्वरी कश्यप, संतोषी कश्यप, देवकी नेताम, प्रज्ञा दुबे, नीलावती भवानी,कृति मौर्य शामिल थीं। प्रथम पुरस्कार जीतकर शिमला से लौटे इस दल के कालकारों ने बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा और जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। कलेक्टर श्री छिकारा ने दल को बधाई दी।
नक्सलियों के हाथों घायल सरपंच महेश गोटा का पौने तीन साल बाद निधन
अगस्त 23 में नक्सलियों ने घोंटा था गला और सिर पर किया था वार
अर्जुन झा
जगदलपुर नक्सलियों ने बस्तर के आदिवासियों को जो जख्म दिए हैं, वो जख्म शायद ही कभी भर पाएं। नक्सलियों ने बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आदिवासी गोटा परिवार को पूरी तरह उजाड़ कर रख दिया है। घृणित विचारधारा वाले माओवादियों ने पहले गोटा परिवार के मुखिया पिता को मौत के घाट उतार दिया, फिर कुछ वर्ष बाद परिवार के बड़े बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर घायल इस बेटे ने करीब पौने तीन साल बाद ईलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस त्रासदी ने गोटा परिवार के छोटे बेटे के डॉक्टर बनने के सपने को कुचल कर रख दिया।
बीजापुर जिले के ग्राम फरसेगढ़ के पूर्व सरपंच महेश कुमार गोटा का सोमवार को दोपहर जगदलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे फरसेगढ़ निवासी स्व. चिन्नाराम गोटा के पुत्र थे। अगस्त 2023 में नक्सलियों द्वारा महेश गोटा का घर से अपहरण कर लिया गया था। इस दौरान नक्सलियों ने रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या की कोशिश की थी। उस वक्त किसी के आने आहट से नक्सली उन्हें अधमरा छोड़कर भाग गए थे। इसके बाद परिजनों द्वारा खोजबीन के दौरान जंगल में महेश गोटा अचेत अवस्था में मिले। परिजनों के आग्रह पर तत्काल बेहतर इलाज के लिए रायपुर से उन्हें दिल्ली भेजा गया था। वे लंबे समय से कोमा में रहकर जिंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़ रहे थे। 2 साल 9 माह तक चले ईलाज के बाद 15 जून सोमवार को उन्होंने जगदलपुर में अंतिम सांस ली। महेश कुमार गोटा के निधन पर परिजनों, ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना ईश्वर से की। विदित हो कि महेश गोटा के पिता चिन्नाराम गोटा की भी नक्सलियों ने 2013 में गोली मारकर हत्या कर दी थी। सलवा जुडूम के बाद से गोटा परिवार नक्सलियों के निशाने पर रहा है। महेश गोटा के छोटे भाई प्रकाश गोटा जो विदेश में डाक्टरी पढ़ाई कर रहे थे, परिजनों के नक्सली निशाने के बाद वे अपनी पढ़ाई भी पूरी करने असमर्थ रहे। वर्तमान में फरसेगढ़ की सरपंच महेश गोटा की पत्नी हैं।
जगदलपुर विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में रविवार को जिला मुख्यालय स्थित महारानी जिला अस्पताल में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा बस्तर एवं आईपीएस वाइब्स एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़ कर रक्तदान किया। विधायक जगदलपुर किरणदेव की उपस्थिति में महापौर संजय पांडे, अभिषेक तिवारी ने रक्तदान किया।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की ब्लड बैंक उप समिति के इस शिविर का नेतृत्व उप समिति के अध्यक्ष अविनाश सिंह गौतम, सचिव संजय बसाक उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर चेरियन ने किया। ‘सुरक्षित रक्त, बचाए जीवन’ के संकल्प के साथ आयोजित इस शिविर में शाम तक रक्तवीरों का तांता लगा रहा। रेडक्रॉस सोसाइटी और महारानी अस्पताल प्रबंधन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य अंदरूनी और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों, विशेषकर थैलेसीमिया, सिकलसेल और गंभीर एनीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। शिविर का औपचारिक शुभारंभ सुबह 10 बजे किया गया। शुरुआत के पहले घंटे में ही करीब 40 से अधिक पुलिस जवानों ने पंजीयन कराकर रक्तदान किया। दोपहर होते-होते शिविर में करीब 89 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। 43 रक्तदाताओं का विभिन्न कारणों से रक्त नहीं लिया जा सका। इसके साथ ही सक्रिय रक्तदाताओं का सम्मान भी किया गया।
महिलाएं भी नहीं रहीं पीछे
शिविर में महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर रक्तदान किया। रक्तदान करने वाली महिलाओं में श्वेता अलेक्जेंडर एम. चेरियन, सविता देवांगन, निशा नायक शामिल हैं। शिविर में आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी शलभ सिन्हा, सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री, महारानी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, रेडक्रॉस उपाध्यक्ष एलेक्जेंडर चेरियन, जिला कोषाध्यक्ष ऋषि भटनागर, रेडक्रास दिव्यांग विकास उप समिति के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, मेडिकल स्टोर उप समिति के अध्यक्ष रोहित सिंह बैस, सक्रिय रक्तदाता और रेडक्रॉस की वरिष्ठ सदस्य धारिणी तिवारी, अनिल देवांगन, रामशंकर, डॉ. राजीव निगम, कुणाल चालीसगांवकर, कुकड़े , शुभम गुप्ता, संतोष भदौरिया, विधु शेखर झा, अंजू झा सहित अन्य मौजूद थे।
बारीकी से हुई जांच
महारानी अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ वीरेंद्र पांडे, काउंसलर रोमा, रीटो तंबी और डॉक्टरों की विशेष टीम ने सिविल सर्जन संजय बसाक की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। रक्तदान से पहले प्रत्येक रक्तदाता का वजन, हीमोग्लोबिन स्तर और ब्लड प्रेशर की बारीकी से जांच की गई। पूरी तरह फिट पाए जाने पर ही डॉक्टरों ने उन्हें रक्तदान की अनुमति दी। रक्तदान के पश्चात सभी नागरिकों को ओआरएस घोल, फल और अल्पाहार दिया गया। रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से सभी रक्तदाताओं को ‘असाधारण सेवा’ के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दल्ली राजहरा लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा में भालुओं की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। जंगली भालू लगातार नगर के रिहायशी क्षेत्रों में विचरण करते देखे जा रहे हैं। आलम यह है कि भालू अब दिन के उजाले में भी शहर में दस्तक देने लगे हैं। कल रविवार की बात है जब दल्ली मांइस के बॉटम इलाके, कैंटीन और पीसीसीएफ क्षेत्र के आसपास दिन के समय भालू सड़क पर चहल कदमी करता नजर आया। आसपास मौजूद लोग राहगीरों को अलर्ट करते रहे कि रास्ते में भालू है आगे मत बढ़ो। इतना सब होने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ऐसे में अगर नागरिकों ने आत्मरक्षा के लिए भालुओं पर हमला कर दिया तो वन विभाग के अधिकारी कोहराम मचा डालेंगे।पिछले कई हफ्तों से दल्ली रजहरा के नागरिक दहशत के साये में जी रहे हैं। लोगों की नींद उड़ी हुई और वन विभाग के अधिकारी एसी की शीतल हवाओं के बीच चैन की नींद सो रहे हैं। उन्हें नागरिकों की जान की जरा भी परवाह नहीं हैं। ये भालू कभी भी नागरिकों रात में सफर करने वाले लोगों और पालतू मवेशियों पर हमला कर सकते हैं। बावजूद वन विभाग को लोगों की जान की जरा भी फिक्र नहीं है। विभाग ने भालुओं को खदेड़ने के लिए न रात्रि गश्त का इंतजाम किया है और न ही कोई जरूरी उपाय किए हैं। जबकि बीएसपी प्रबंधन ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए पूर्व के प्रभावित क्षेत्रों में दूधिया रौशनी की व्यवस्था की है। नगर के वार्ड क्रमांक 2 एवं वार्ड क्रमांक 5 में भालुओं का आतंक पिछले कई हफ्तों से मचा हुआ है। जंगल क्षेत्र से लगा होने के कारण इन दोनों वार्डों में शाम को अंधेरा घिरते ही जंगली भालू घुस आते हैं। संभवतः पानी और भोजन की तलाश में भालू यहां धमक रहे हैं।
मामले की शिकायत स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा वन विभाग एवं बीएसपी प्रबंधन से की गई थी। इस मसले पर वन विभाग के अधिकारियों तो जरा भी ध्यान नहीं दिया, मगर बीएसपी प्रबंधन ने अपने दायित्व पर अमल करते हुए भालू प्रभावित क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता और तेज रौशनी बिखेरने वाली 10 फ्लड लाइट लगवाई हैं। भालू जंगल से लगे दोनों वार्डो में अंधेरा होने के कारण घुस जाते हैं। बीएसपी के इलेक्ट्रिकल विभाग के सहायक महाप्रबंधक एसपी सिंग ने बताया कि जन सुरक्षा सेल की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि भालू प्रभावित क्षेत्र वार्ड 2 और 5 में जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में उच्च गुणवत्ता वाली फ्लड लाइटें लगाई गई हैं। फ्लड लाइटें 256 दफाई चौक, माइंस क्षेत्र के प्रवेश द्वार के पास, शिकारी बाबा मंदिर परिसर, शीतला माता मंदिर के आसपास, शिकारी बाबा मंच के पास, शंकर तालाब के पास, चट्टा दफाई के पास, पंडर दल्ली पंप हाऊस के पास एवं आगे की बस्ती को फोकस कर लगाई गईं हैं। इन लाइटों की तेज रोशनी से भालुओं में डर व्याप्त होगा। मगर ये भालू तो बड़े शातिर निकले। वे अपने पुराने सैरगाह इलाके को छोड़कर दीगर इलाकों में पहुंचने लगे हैं। यह एक बड़े खतरे का संकेत है और इससे निपटने के लिए वन विभाग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
12 वर्षों का यह कार्यकाल स्वर्णिम और ऐतिहासिक काल – संतोष पाण्डेय
विकसित भारत की नींव का निर्माण इन 12 वर्ष के स्वर्णिम कार्यकाल में हुआ- सांसद संतोष पाण्डेय
बालोद राजनांदगांव के माननीय सांसद संतोष पाण्डेय जी प्रेस वार्ता लेने बालोद पहुंचे।उन्होंने मोदी जी के 12 वर्षों की विकास, विश्वास और जनकल्याण की यात्रा को लेकर मिडिया संवाद कार्यक्रम में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनादेश के साथ निर्वाचित होकर लगातार 12 वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से उनको बहुत-बहुत बधाई देते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि 12 वर्षों का यह कार्यकाल स्वर्णिम और ऐतिहासिक काल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी खुद को प्रधानमंत्री नहीं, प्रधान सेवक कहते हैं। 140 करोड़ भारतवासियों को अपना परिवार मानते हैं।
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ को मूलमंत्र मानते हुए दिन और रात 140 करोड़ भारतवासियों की सेवा करते हैं। श्री पाण्डेय ने कहा मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार के शानदार 12 वर्ष में अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचा रहें हैं।सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है। एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है। एक ऐसा भारत जो किसी को छेड़ता नहीं है और छेड़ने वाले को छोड़ता भी नहीं है। दुश्मनों को घर में घुसकर मारता है। ऐसे नए भारत का निर्माण प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है। 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए अद्भुत काम किए हैं। अगर गरीब कल्याण की बात करें तो सरकार ने जन-धन योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले, जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा खाते सिर्फ महिलाओं के हैं। कोरोना जैसी महामारी के मुश्किल वक्त से लेकर अब तक 81 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इलाज के खर्च से गरीब को बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना में 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बने हैं, जिससे मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से भी 58 करोड़ से ज्यादा लोगों को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिला है। पाण्डेय ने कहा कि गरीबों के जीवन को आसान बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं।
उज्ज्वला योजना के जरिए 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर धुएँ से आजादी दी गई है। गाँवों के विकास के लिए जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से साफ पानी पहुँचाया जा चुका है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर देश में स्वच्छता की एक नई क्रांति लाई गई है। रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के लिए पीएम स्वनिधि योजना से 74 लाख से ज्यादा लोगों को बिना किसी परेशानी के लोन मिला है। मुद्रा योजना के तहत छोटे काम-धंधों के लिए बिना गारंटी 57 करोड़ से ज्यादा लोन बाँटे गए हैं, वहीं छोटे कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना से 30 लाख लोगों को फायदा पहुँचाया गया है।सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि जनजातीय समाज के कल्याण के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का बजट और ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के लिए 79 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। देश के अन्नदाताओं की बात करें तो पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को 4.3 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए 7 करोड़ से ज्यादा किसानों को करीब 10 लाख करोड़ रुपए का सस्ता कर्ज दिया गया। इस कर्ज की सीमा को भी 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है ताकि छोटे किसानों को भी आसानी से मदद मिल सके। देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर सीधे 12.75 लाख रुपये कर दिया गया है। माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिला है। बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.5 करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। देश की सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुरक्षाबलों में महिला अफसरों की संख्या 3 हजार से बढ़ाकर सीधे 11 हजार कर दी गई है।
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं।सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक की हमारी यह 12 वर्ष की यात्रा निरंतर ‘प्रगति पथ पर अग्रसर’ रही है। हमने ‘सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत’ का जो संकल्प लिया था, वह आज पूरी तरह साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्पष्ट कहना है कि “विकास हमारे लिए 24 घंटे, सातों दिन और 12 महीने चलने वाला मिशन है।” आज हमारी कार्यसंस्कृति बदल चुकी है, अब ‘जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं।” पिछले 12 वर्षों में, हमने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कंक्रीट, स्टील, ऑप्टिकल फाइबर और लाखों करोड़ों रुपये के निवेश के रूप में उतरते देखा है। श्री पाण्डेय ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का विकास तो हुआ ही है, साथ ही हमारी सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को भी एक नया मुकाम मिला है। गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाते हुए ‘राजपथ’ का नाम ‘कर्तव्य पथ’ किया गया और इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाई गई। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन से जुड़े 5 मुख्य स्थानों को “पंचतीर्थ” के रूप में विकसित किया गया। आदिवासी समाज के महानायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को “जनजातीय गौरव दिवस” घोषित कर उन वीरों को सम्मान दिया गया, जिन्हें इतिहास में भुला दिया गया था। नए भारत की बुलंद सोच के प्रतीक के रूप में सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ और नए संसद भवन का निर्माण किया गया। रेसकोर्स रोड का नाम ‘लोक कल्याण मार्ग और मुगल गार्डन का नाम ‘अमृत उद्यान’ किया गया। नई संसद में पवित्र ‘सेंगोल’ को स्थापित किया गया। अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों के नाम हमारे परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए और पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर ‘श्री विजयपुरम’ किया गया है। हमारे वीर शहीदों की याद में बना ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ आज हर भारतीय को देश प्रेम की प्रेरणा दे रहा है। हमारी संस्कृति की ताकत देखिए कि आज 177 देश एक साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।
संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने ‘जनता कर्फ्यू’, ‘थाली-ताली अभियान’, ‘हर घर तिरंगा’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी पहलों से देश के 140 करोड़ नागरिकों को एक सूत्र में पिरो दिया है। फिट इंडिया मूवमेंट और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने देश के लोगों में स्वदेशी और अच्छी सेहत के प्रति एक नया भरोसा जगाया है। भारत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को धरातल पर उतारा है। आज दुनिया के मंच पर भारत एक ‘समाधान देने वाले देश’ के रूप में मजबूती से खड़ा है। ‘वैक्सीन मैत्री’ के जरिए मुश्किल वक्त में 99 देशों तक दवाइयाँ पहुँचाकर भारत दुनिया का सबसे भरोसेमंद दोस्त बनकर उभरा है। जी-20 की कामयाब अध्यक्षता, 39 नए दूतावासों का खुलना और ₹70 लाख करोड़ से ज्यादा का विदेशी निवेश आना यह दिखाता है कि आज पूरी दुनिया को भारत पर पूरा भरोसा है। दुनिया के 38 देशों के साथ किए गए 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स ने हमारे किसानों और उद्योगों के लिए दुनिया के बड़े बाजार खोल दिए हैं। पाण्डेय ने कहा कि 10 जून का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक मील का पत्थर बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़कर, भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी को मिले 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान और ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ के सर्वे में 75 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बनना, हर एक भारतीय के लिए सम्मान की बात है।*छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए मोदी के संवेदनक्षम नेतृत्व का आभार माना*सांसद संतोष पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को धरातल में उतारने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनक्षम नेतृत्व का आभार माना और कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि यहाँ पर हमारी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालन में तेजी से आगे बढ़ रही है।
हम लोगों ने 18 लाख परिवारों, जो पिछली सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हो गए थे, उनको भी 2 साल में आवास देने का काम किया है। 10.60 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की दिशा में काम करते हुए रोज 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। 10.08 लाख आवास ढाई वर्षो के अंदर में बने हैं। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहकारी बैंक द्वारा ऋण दिया जा रहा है, जिससे हमारे यहाँ के किसान लाभान्वित हो रहे हैं।प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट भी लगातार बढ़ा है। 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का रेलवे का काम छत्तीसगढ़ में चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशा के अनुरूप हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर करें इसके लिए उड़ान योजना के तहत छत्तीसगढ़ में भी सेवाएँ शुरू की गई है।*हमने ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक जीत का शतक बनाया : सांसद संतोष पाण्डेय*सांसद संतोष पाण्डेय ने मीडिया संवाद में कहा कि हमने ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक राष्ट्रीय सरकार तक जीत का शतक बनाया और कांग्रेस ने हार का शतक बनाया। 22 राज्यों में हमारी सरकार है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में विकास के साथ विरासत का संरक्षण और विरासत के साथ विकास का संवर्धन करने का काम किया है। मोदी ने पहली बार वन नेशन वन टैक्स की व्यवस्था लागू करके भारत की अर्थव्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कार्य किया। आज दुनिया के 22 देश भारत के साथ भारतीय मुद्रा रुपए में कारोबार कर रहे हैं। यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। 16 लाख करोड़ रुपए के बजट को 53.5 लाख करोड़ रुपए तक लाने का काम मोदी-सरकार ने किया है। श्री पाण्डेय ने कहा कि आज के दौर में दुनिया के सामने भारत के इकॉनॉमी को 10वें स्थान से लाकर चौथे-छठे स्थान पर लाने का काम किया है। 2 ट्रिलियन के इकॉनॉमी को 4.25 पर लाने का काम किया है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर लाया गया है। कांग्रेस शासन काल में गरीब मिट गए, लेकिन गरीबी नहीं मिटी थी। पाण्डेय ने कहा कि आज दुनिया का हर देश मोदी से हाथ मिलाना चाहता है। आज पूरी दुनिया कह रही है कि भारत की विदेश नीति सबसे अच्छी है। मोदी देश के लिए हितकर होता है, वही करते हैं।इस मौके पर लघु वनोपज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, बिलासपुर संभाग प्रभारी अभिषेक शुक्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण कांत पवार, पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव, जिला कोषाध्यक्ष हरीश कटझरे, जिला मंत्री प्रेम साहू,जिला प्रवक्ता जितेंद्र साहू, जिला कार्यालय मंत्री विनोद जैन, जिला मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया,डाॅ विरेन्द्र साहू, मंडल एवं मोर्चा मिडिया से टिकेश्वर साहू, रामदेव रजक, श्रीमती छवि सार्वा, हरिसिंह मोर्य, सेवा दास मानिकपुरी, सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बालोद 15जून।विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा लोकभवन, रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ मंडप में विश्व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल एवं इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के अध्यक्ष माननीय रमेन डेका जी थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के चेयरमैन तोमन साहू ने की।इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 130 स्वैच्छिक रक्तदाताओं को उनके उत्कृष्ट मानवीय योगदान, सेवा भावना तथा समाज के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।
इसी कड़ी में बालोद जिले से सर्वाधिक स्वैच्छिक रक्त दान का करने वाले दिलीप कौशिक को सम्मानित किया गया प्रदेश भार से लगभग 138 से अधिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका जी ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। रक्तदाता किसी अपरिचित व्यक्ति के जीवन को बचाकर समाज में करुणा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है और प्रत्येक स्वस्थ नागरिक का नियमित रक्तदान अनेक परिवारों के लिए जीवन की आशा बन सकता है। महामहिम ने युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों से स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन बनाने में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चेयरमैन श्री तोमन साहू ने कहा कि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा का सतत प्रयास है कि प्रदेश में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके निस्वार्थ योगदान से प्रतिवर्ष हजारों लोगों को नया जीवन मिलता है।
उन्होंने रक्तदान को सामाजिक दायित्व एवं मानवीय कर्तव्य बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।समारोह में महामहिम राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, महामहिम राज्यपाल के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री हरेन्द्र सिंह जडेजा,भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के , सचिव डॉ. रुपोल पुरोहित, रेडक्रॉस सोसायटी ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, तथा राज्य प्रबंध समिति के सदस्य अशोक अग्रवाल, जय नारायण सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार साहू, नरेंद्र मेश्राम, अमित हलदर आशीष राठी सुरेश देशमुख दिनेश तापड़िया राकेश द्विवेदी किशोर कराडे उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के विभिन्न जिला शाखाओं के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता, गणमान्य नागरिक तथा इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी समारोह में सम्मिलित हुए।कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि स्वैच्छिक रक्तदान केवल एक स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि मानवता के प्रति समर्पण का सशक्त माध्यम है।
रक्तदान के माध्यम से हम न केवल किसी का जीवन बचाते हैं, बल्कि एक संवेदनशील, सहयोगी और जागरूक समाज के निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के समापन अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के सचिव डॉ. रुपोल पुरोहित द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उन्होंने महामहिम राज्यपाल महोदय, सभी विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित रक्तदाताओं, रेडक्रॉस पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को जन-जन तक पहुंचाना और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना रेडक्रॉस का सतत संकल्प है।विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित यह समारोह केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक प्रेरणादायी अभियान भी था। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वैच्छिक रक्तदान को अपने सामाजिक दायित्व का हिस्सा बनाकर मानवता की इस महान सेवा में सहभागी बनें।”रक्तदान जीवनदान है — आपका एक निर्णय किसी के जीवन की नई शुरुआत बन सकता है।”बालोद जिले के रक्त वीर दिलीप कौशिक को रक्त दान उत्कृट कार्य करने पर राज भवन में राज्य पाल द्वारा सम्मानित होने पर राज्य चेयर मैन तोमन साहू जिला चेयर मैन ड्रा प्रदीप जैन वाइस चेयर मैन कमला वर्मा कोषाध्यक राम कुमार देशमुख जिला अधिकारी सुरेश देशमुख सह अधिकारी शैलेन्द्र सोनवानी अरुण साहू शशी कला देशमुख सुरेश निर्मलकर शरद ठाकुर सीमा सोरी एंनुका सर्वा कदमनी यादव मोहन धाकड़ संजय बंजारे ह्यूमन साहू सौरभ शर्मा चंद्रेश हिरवानी आदित्या पिपरे किशोर साहू चंद्रा प्रकाश गांधी महावीर तातेड अंचल साहू प्रेम चंद छिरसागर लेख राम साहू रघुनंदन गैंगबोइर मोना टूवानी राधा कौशिक आदि सम्मिलित है जारीकर्ता :मीडिया प्रभारीइंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ जिला शाखा बालोद
बूथ स्तर तक भाजपा संगठन को मजबूत करने और कार्ययोजनाओं पर जोर
भाजपा बस्तर संभाग की जिला कार्यसमिति की बैठक आयोजित
जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी की बस्तर संभागीय बैठक व जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को संपन्न हुई। बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आगामी कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
बैठक में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और प्रदेश के वन व सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता और मजबूत बूथ नेटवर्क हैं। देव ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ जुट जाएं। वन व सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अपने मार्गदर्शन में कहा कि सांगठनिक मजबूती के साथ-साथ विकास कार्यों और जनसेवा के संकल्प को हर घर तक ले जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
कश्यप ने विभाग और संगठन के समन्वय से कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारने पर जोर देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल में विकास और जनकल्याण के मोर्चों पर तेजी से काम करके अटूट जनविश्वास अर्जित किया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने विस्तृत चर्चा करते हुए प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय की और बूथ स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए एक ठोस रणनीति साझा की। बैठक को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, संभागीय सह प्रभारी हरपाल सिंह भामरा, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने भी संबोधित किया। बैठक में प्रमुख रूप से सांसद महेश कश्यप, विधायक विनायक गोयल, प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट, शिवनारायण पाण्डेय, टेकेश्वर जैन, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप,महापौर संजय पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, लच्छूराम कश्यप, बैदूराम कश्यप, सुधीर पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, प्रदेश मीडिया प्रभारी हेमंत पाणिग्रही, योगेंद्र पाण्डेय, परिसराम बेसरा, आर्येंद्र सिंह आर्य सहित संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के प्रमुख पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, मोर्चा-प्रकोष्ठों के संयोजक और वरिष्ठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पास्टर, पादरियों के प्रवेश और धर्मांतरण गतिविधियों पर लगा पूर्णतः प्रतिबंध
घर वापसी अभियान भी चल रहा है लगातार
अर्जुन झा
जगदलपुर नक्सलमुक्त बस्तर अब आधुनिक युग की सुख सुविधाओं से संपन्न होने के साथ ही अपनी प्राचीन समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की ओर तेजी से लौट रहा है। नक्सलवाद का जख्म झेलने के बाद धर्मांतरण के जख्म को भरने में यहां के आदिवासी कमर कस चुके हैं। यही वजह है कि पूरे संभाग में नीला बोर्ड धर्मांतरण गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहा है। संभाग में धर्मांतरण के खिलाफ बड़े ही जोरदार ढंग से आवाज उठाई जाने लगी है। गांव गांव में लगे नीले बोर्ड इस बात की तस्दीक कर रहे हैं।
बस्तर संभाग में बड़े पैमाने पर आदिवासियों और अन्य समुदायों के लोगों का धर्मांतरण हुआ है। गांवों में आदिवासियों के आस्था के केंद्र मातागुड़ी और देवगुड़ी की अपेक्षा चर्चों की की संख्या बेतहाशा बढ़ गई है। जिन गांवों में चर्च नहीं है, वहां किसी मतांतारित व्यक्ति की झोपड़ी या मकान में हर सप्ताह प्रार्थना सभा का आयोजब होता है। वहीं गांवों में चंगाई सभाओं का आयोजन कर लोगों की मानसिक एवं शारीरिक बीमारियां दूर करने का दावा किया जाता है। कम पढ़े लिखे भोले भाले आदिवासी भ्रम जाल में फंसकर अपने समृद्ध विरासत को त्याग देते हैं और धर्म परिवर्तन कर लेते हैं। ताज्जुब की बात तो यह है कि जो अंग्रेज भारत को सपेरों, बाजीगरों जाहिलों और अंधविश्वास से भरे लोगों का देश बताकर हमारा मजाक उड़ाते रहे हैं, उन्हीं अंग्रेजों धर्म के लोग आज यहां अंधविश्वास फैला कर धर्मांतरण कराने में लगे हुए हैं।
आदिम संस्कृति और धर्म पर हो रहे बाहरी धर्म के हमले ने आज की शिक्षित आदिवासी पीढ़ी को उद्वेलित करके रख दिया है। छत्तीसगढ़ की जिस आदिम संस्कृति की पूरी दुनिया में अलग पहचान रही है, उस आदिवासी पहचान को बचाए रखने के लिए समाज ने कमर कस ली है। बस्तर के गांव गांव में बैठकें कर पास्टर, पादरियों और ईसाई धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगाई जा रही है। प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित बोर्ड अब प्रायः हर गांव में नजर आने लगा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि ये सारे बोर्ड नीले रंग के पेंट से पुते हुए हैं और उन पर सफेद रंग के पेंट से प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी वाक्य अंकित रहते हैं। बस्तर संविधान की पांचवी अनुसूची क्षेत्र अंतर्गत आता है। यहां पेसा अधिनियम लागू है। इसके तहत यहां के आदिवासियों को आदिम संस्कृति, पूजा पद्धति, रूढ़िवादी परंपराओं, जल जंगल और जमीन के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसी अधिकार का हवाला देते हुए यहां के आदिवासियों ने धर्मांतरण के खिलाफ जोरदार ढंग से आवाज बुलंद कर रखी है। बस्तर संभाग के कांकेर जिले की दुर्गूकोंदल तहसील की ग्राम पंचायत मंगहुर के ग्राम बड़े पराली में भी धर्मांतरण के खिलाफ ग्रामीण और आदिवासी एकजुट हो गए हैं। यहां भी पास्टर, पादरियों और धर्म प्रचार की आड़ में धर्मांतरण कराने वाले लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। ग्राम इरागांव का धर्मांतरित आदिवासी युवक अरुण कुमार हिड़को पिता सिरदर हिड़को ईसाई धर्म छोड़ कर अपने मूल धर्म में वापस लौट आया है। गांव वालों ने उसकी आरती उतार कर स्वागत किया और उसे अपने ग्राम समाज में शामिल कर लिया।
अंतिम संस्कार पर जगह जगह विवाद
वर्षों पहले धर्मांतरित हो चुके परिवारों के सदस्यों की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार को लेकर बस्तर के सैकड़ों गांवों में विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है। ऐसे हालात अब भी बनते रहते हैं। दरअसल मातांतरित परिवार गांव की जमीन पर ही अपने मृत परिजन को दफनाने की जिद पर अड़ जाते हैं। वहीं आम ग्रामीण अपनी परंपरा का हवाला देते हुए इसका विरोध करते हैं। चर्चा है कि कई गांवों में वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर कब्रिस्तान बना लिए गए हैं। गांवों की जमीन में शव दफनाने के पीछे यही मंशा निहित होती है।
बकावंड विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने नए शिक्षा सत्र को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक ली।बैठक में मौजूद सभी 42 संकुल समन्वयकों को आवश्यक निर्देश दिए गए।बीईओ यादव ने निर्देशित किया कि विद्यालय खुलते ही सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, सभी शिक्षक एवं कर्मचारी समय पर विद्यालय में उपस्थित हों तथा नियमित रूप से शैक्षणिक कार्य संपादित करें। सभी शिक्षक वीएसके एप में अपनी उपस्थिति 100 प्रतिशत दर्ज करना सुनिश्चित करें, निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पाठ्यक्रम पूर्ण कराया जाए,शासन एवं विभाग द्वारा जारी सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए, विद्यालय खुलने के एक घंटे के भीतर एप के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य रूप से प्रेषित की जाए, सभी विद्यालयों में प्रथम दिवस प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया जाए। खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।