बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों को मंच पर जगह न दी जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने जताई नाराजगी
विवादों की वजह बन गया बस्तर पंडुम का उद्घाटन समारोह
अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर पंडुम का भले ही धूमधाम से शुरू हो गया है, लेकिन इसका उद्घाटन समारोह विवादों की वजह बन गया है। उद्घाटन समारोह राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में हुआ, मगर मंच पर बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों को जगह नहीं दी गई। इसे अब कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। दोनों सांसदों के इस अपमान को आदिवासी अस्मिता और बस्तर के स्वाभिमान से जोड़ते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी नाराजगी जताई है। दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर पंडूम के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रपति के मंच पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों को तो स्थान दिया गया, लेकिन बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों, कांकेर सांसद भोजराज नाग और बस्तर के सांसद महेश कश्यप को भाजपा सरकार ने मंच पर बैठने के लायक भी नहीं समझा। जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार सांसदों को मंच पर बैठाना था।
बैज ने कहा कि बस्तर के दोनों ही सांसद आदिवासी वर्ग से आते हैं और बस्तर संभाग की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें मंच पर जगह न देना महज इन सांसदों का ही नहीं बस्तर की जनता और बस्तरिया अस्मिता का अपमान है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर अपनी ब्रांडिंग तो कर रही है, लेकिन बस्तर के लोगों के स्वाभिमान पर हमला करने पर तुल गई है। जिस पंडुम में बस्तर के जनप्रतिनिधि अपमानित हो रहे हैं, वहां पर आम बस्तरिया आदिवासी की क्या स्थित होगी समझा जा सकता है। श्री बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को आदिवासी अस्मिता, आदिवासियों की धार्मिक आस्था, आदिवासी संस्कृति से कोई मतलब नहीं है। बस्तर में मची संसाधनों की लूट से ध्यान भटकाने के लिए केवल राजनैतिक इवेंट किया जा रहा है। अपने ही दल के चुने हुए सांसदों को अपमानित करके बस्तर की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं?प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को न बस्तर की समृद्धि से कोई सरोकार है न ही बस्तरिया संस्कृति से। केवल अपनी ब्रांडिंग के लिए आदिवासी समाज को यह सरकार बार बार अपमानित कर रही है।*बॉक्स**समारोह में ऐसा था नजारा*समूचे बस्तर संभाग में सिर्फ दो लोकसभा क्षेत्र हैं पहला बस्तर और दूसरा कांकेर। दोनों सीटों पर भाजपा के ही सांसद हैं। बस्तर से महेश कश्यप और कांकेर से भोजराज नाग। इन दोनों सांसदों को बस्तर पंडुम के उद्घाटन समारोह के मंच पर स्थान नहीं मिला। मंच पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राजयपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव, विराजमान थे। बस्तर के दोनों आदिवासी सांसद भोजराज नाग और महेश कश्यप दर्शक दीर्घ में बैठ कर भारत माता की जयकारे लगाते रहे। बस्तर पांडुम वेशभूषा में सज्जित दोनों सांसदों को आदिवासी कार्यक्रम के मंच पर जगह न दिया जाना चर्चा का विषय बन गया है।
आज कुसुमकसा क्षेत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की नई शाखा का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसमें कुसुमकसा के आस पास के पांच गांवों को मिलकर एक शाखा कुसुमकसा ने बनाया गया इस अवसर पर आयोजित समारोह में पार्टी के वरिष्ठ कॉमरेड राजेन्द्र बेहरा ने सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के किसानों, मजदूरों व आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव कॉमरेड अनिल यादव ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से वंचितों की आवाज रही है। कुसुमकसा में नई शाखा के खुलने से स्थानीय स्तर पर जन-समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
कॉमरेड यादव जी ने किसानों,मजदूरों और बेरोजगारों के लिए कहा कि वर्तमान आर्थिक नीतियों के कारण मेहनतकश वर्ग परेशान है और पार्टी उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी,स्थानीय क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों पर चर्चा की गई।कॉमरेड अजय नारायण मिश्रा ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन में युवाओं और महिलाओं से पार्टी की विचारधारा से जुड़ने और शोषण मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।उद्घाटन समारोह के दौरान क्षेत्र के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और कुसुमकसा शाखा में पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता को पदनाम दिया गया ताकि भविष्य की नींव युवा पीढ़ी के द्वारा कम्युनिस्ट विचारधार से पार्टी के कार्य को आगे गति मिलते रहे। इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव कॉमरेड अनिल यादव, छत्तीसग़ढ राज्य खदान श्रमिक संघ अध्यक्ष कॉमरेड राजेन्द्र बेहरा, कॉमरेड अजय नारायण मिश्रा, इंद्र कुमार साहू,हरीशंकर राव,बलवंतसिंग, पूर्व पार्षद नगरपालिका दल्ली राजहरा स्वप्निल तिवारी,नीलकंठ,रूपेंद्र,अश्वनी, परमेश्वर,साहिल,रूपेश,छगनलाल, अजय राजभोज, टिकेश्वर, वसीम रज़ा,मनीष,आर्यन साथ साथ पार्टी के अनेकों सदस्यों की उपस्थिति रही कार्यक्रम का समापन ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के साथ हुआ।
बकावंड आज 6 फरवरी को विकासखंड बकावंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरगीपाल में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव, खंड स्त्रोत समन्वयक सोनसिंह बघेल, संस्था के प्राचार्य समस्त शिक्षक, स्कूल तथा संकुल के सभी बच्चे इसमें शामिल हुए। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बच्चों को संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया।
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम विशेषकर बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थीयों के मन से परीक्षा के प्रति नकारात्मक सोच, भय को दूर करने के मकसद से आयोजित किया गया था। बच्चों को मन में सकारात्मक सोच रखने, नियम व चरणबद्ध तरीके से अध्ययन करने संबंधी सूत्र बताए गए। बच्चों को यह भी बताया गया की बोर्ड परीक्षा में किस प्रकार हम अपने समय का अधिक से अधिक उपयोग करके बेहतर से बेहतर परिणाम को पा सकते हैं। उपस्थित सभी बच्चों को खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ,शालेय पत्रिका एवं विज्ञान मेला ने मोहा अतिथियों का मन
जगदलपुर। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 02 (सेजेस) में आज शुक्रवार को वार्षिकोत्सव समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव उपस्थित रहे। वार्षिकोत्सव में शामिल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव का विधालय में छात्राओं ने तिलक लगाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पमाला और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।समारोह में विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। देशभक्ति गीतों, लोक नृत्यों और सामाजिक संदेश देते नाटकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए पिछले वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि किरण देव एवं अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। वहीं शालेय पत्रिका संदेष्ण का विधिवत विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक किरण देव ने विज्ञान मेला का फीता काटकर उद्घाटन किया । इस दौरान स्काउट गाइड और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने पूरे कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों को प्रेरित करते हुए मेरिट में स्थान बनाने का आह्वान किया। देव ने कहा छात्र जीवन अपने जीवन में स्वर्णिम पल होता है। हमारी बेटियां पढ़ेगी देश का विकास गढ़ेगी। आज हर क्षेत्र में हमारी बेटियां आगे बढ़ रही है। आज आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। किरण देव ने कहा विधालय के विकास के लिए हर संभव कार्य किया जायेगा। इस दौरान एम आई सी सदस्य श्री लक्ष्मण झा योगेन्द्र कौशिक, श्रीमती कलावती कसेर,एसएमडीसी अध्यक्ष श्री प्रकाश झा, अभिलाष यादव,बीईओ राजेश गुप्ता एवं प्राचार्य श्रीमती सुधा परमार,शिक्षक शिक्षिकाओं के अलावा छात्र उपस्थित थे।
जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी जिला पंचायत बालोद के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पचायत गुदुम में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण अंतर्गत आवास निर्माण कार्यो प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत् प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के आवास में राजमिस्त्रियो को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है । जिससे आवास निर्माण की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित हो सके ।
जनपद पंचायत डौण्डी के ग्राम पंचायत गुदुम में यह प्रशिक्षण आरसेटी बालोद के ओर से दिया जा रहा है । प्रशिक्षण प्रारंभ होने के पूर्व हितग्राहियों की काउंसलिंग कर उनकी सूची के अनुसार चयन किया गया । 20 हितग्राहियों को श्री गोवर्धन, प्रशिक्षक के द्वारा आवास निर्माण को गुणवत्ता पूर्ण, तकनीकी मानकों के अनुरूप करने संबंधी मार्गदर्शन दिया जा रहा है उक्त प्रशिक्षण में 02 महिला प्रशिक्षणार्थी आगे बढ़कर राजमिस़्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है । जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है । मास्टर ट्रेनर्स श्री गोवर्धन के द्वारा आवास हितग्राही रामेश्वरी पति अमर लाल के आवास निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के उचित अनुपात निर्माण कार्य की समय-सीमा संरचनात्मक, मजबूती, सावधानियां एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दिया जा रहा है ।
काया शुद्धि व दीक्षा ग्रहण पूजन के साथ वार्ड में निकली भव्य कलश यात्रा
जगदलपुर शहर के मैत्री संघ मार्ग स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिवस मंदिर परिसर में निर्मित यज्ञशाला में प्रातः काया शुद्धि एवं दीक्षा ग्रहण पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान आचार्यों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों में दीक्षित किया गया।
काया शुद्धि व दीक्षाग्रहण पूजा के बाद महादेव घाट में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कलश पूजन किया गया, जिसके बाद भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश धारण कर महिलाओं व श्रद्धालुओं ने नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ यात्रा निकाली। कलश यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कलश यात्रा का समापन श्री ओंकारेश्वर मंदिर में हुआ।इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर के अध्यक्ष व महापौर संजय पाण्डेय ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि समाज को संस्कार, एकता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला है। उन्होंने मंदिर समिति को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में सहभागी बनने की अपील की। मालूम हो कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा का यह पावन आयोजन 3 फरवरी से प्रारंभ होकर 7 फरवरी तक चलेगा। पांच दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें हवन, अभिषेक, भजन-कीर्तन, प्रवचन एवं विशेष पूजन शामिल हैं। मंदिर समिति के अनुसार 6 फरवरी शुक्रवार को मुख्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। महोत्सव के अंतिम दिन 7 फरवरी को महाप्रसाद का वितरण कर इस महोत्सव का समापन किया जाएगा । महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। वहीं आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के सदस्यों, वार्डवासियों, शहर के गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा।
जगदलपुर वृंदावन कॉलोनी स्थित अय्यप्पा मंदिर में आयोजित 39वें वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को भगवान अय्यप्पा स्वामी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा महादेव घाट से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए संपन्न हुई। शोभायात्रा में श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में दीप थाली के साथ शामिल हुए।
पूरे मार्ग में भक्ति, अनुशासन और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान अय्यप्पा के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस पावन अवसर पर जगदलपुर महापौर संजय पांडे एवं राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा भी शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान अय्यप्पा स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना कर नगरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उल्लेखनीय है कि अय्यप्पा मंदिर का यह वार्षिक महोत्सव 28 जनवरी से 2 फरवरी तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया गया।
सांसद ने केंद्रीय आयुष मंत्री से की अनुसंधान केंद्र खोलने की मांग
जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने बस्तर संभाग की प्राकृतिक संपदा और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव से भेंट कर सांसद कश्यप ने बस्तर में एक उच्च स्तरीय जड़ी-बूटी (औषधीय पादप) अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना के लिए मांग पत्र सौंपा और इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए अनिवार्य बताया। सांसद महेश कश्यप ने आयुष मंत्री को विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अपनी अद्वितीय जैव-विविधता और घने वनों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां सदियों से जनजातीय समुदायों द्वारा पारंपरिक वैद्यकीय पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें दुर्लभ प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का विशेष महत्व है।
बस्तर के जंगलों में सर्पगंधा, कालमेघ, अश्वगंधा, गिलोय, हर्रा बहेड़ा, अर्जुन और सतावर जैसी बहुमूल्य औषधीय वनस्पतियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन एक समर्पित अनुसंधान केंद्र के अभाव में इस संपदा का वैज्ञानिक दोहन और मूल्य संवर्धन नहीं हो पा रहा है। सांसद महेश कश्यप ने जोर देकर कहा कि यदि बस्तर में आयुष मंत्रालय के अंतर्गत अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना होती है, तो इससे न केवल स्थानीय औषधियों को वैज्ञानिक प्रमाणिकता मिलेगी, बल्कि यह केंद्र जनजातीय युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण का एक बड़ा हब बनकर उभरेगा। इससे पारंपरिक वैद्यों के पास मौजूद उस प्राचीन ज्ञान को भी संरक्षित किया जा सकेगा जो अब लुप्त होने की कगार पर है। केंद्र की स्थापना से स्थानीय किसानों और वनवासियों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आएगा। सांसद कश्यप ने आगे बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को धरातल पर उतारने जैसा होगा। इससे बस्तर की पहचान केवल कच्चे माल की आपूर्ति करने वाले क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि औषधीय अनुसंधान और तैयार उत्पादों के केंद्र के रूप में भी बनेगी। चर्चा के दौरान आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने सांसद श्री कश्यप की इस मांग को गंभीरता से सुना और बस्तर की जनभावनाओं एवं जनजातीय हितों को प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया।
बालोद :- क्षेत्र के आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला में ग्राम अरमुरकसा में आयोजित मानस गान सम्मेलन ने जनमानस को राममय कर दिया। इन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बालोद के पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर शामिल हुए। उन्होंने न केवल भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना की, बल्कि उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति और वर्तमान सुशासन पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम इस संपूर्ण जगत के नियंता हैं। उनकी कृपा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज प्रदेश और देश में जो सुशासन की सरकार चल रही है, वह वास्तव में प्रभु श्री राम के आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। राम राज्य की परिकल्पना को साकार करना ही वर्तमान नेतृत्व का मुख्य ध्येय है।
अयोध्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होना केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत के खोए हुए गौरव की पुनर्स्थापना है। इस ऐतिहासिक घटना से पूरे विश्व में सनातन की शक्ति बढ़ी है और हर हिंदू का मस्तक गर्व से ऊंचा हुआ है। ग्राम अरमुरकसा के मानस सम्मेलन में पुष्पेंद्र चंद्राकर ने मानस के मर्मज्ञों का सम्मान किया और युवाओं से अपील की कि वे रामायण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में समरसता और धार्मिक चेतना का विस्तार होता है। इस अवसर पर संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य, हलधर गोरे सरपंच अरमुरकसा, ओमप्रकाश भू आर्य, कमलकांत साहू, पुष्पजीत बैस संतोष जैन, टी आर मांगे, दीनू राम लेडिया, नारद सिवाना, नरसिंह सिवाना, गोपीराम सिवाना,रतन लाल, विष्णु करेंद्र, ठाकुर राम पिस्दा, परदेशी राम, टोमेश्वर मात्रे आदि उपस्थित रहे।
सेंटर ऑफ इंडिया ट्रेड यूनियन (सीटू) का आठवां छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय सम्मेलन का आज लौह नगरी दल्ली राजहरा में जोशीले अंदाज में आगाज हुआ । सम्मेलन का आयोजन दल्ली राजहरा में 1 फरवरी से 3 फरवरी तक किया जा रहा है,। जिसकी शुरुआत आज सीटू के राज्य अध्यक्ष के एस एन बनर्जी के द्वारा सभा स्थल सिंधु भवन में झंडा फहराकर किया गया । इसके पश्चात सदस्यों ने शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी । इसके बाद जैन भवन चौक से विशाल जुलूस निकाला गया। जिसमें लगभग 800 से अधिक सीटू के कार्यकर्ताओं ने अपनी भागीदारी निभाई ।
जो कि जैन भवन चौक से गुप्ता चौक होते हुए शहीद शंकर गुहा नियोगी चौक , श्रम वीर चौक होते हुए वापस सभा स्थल पहुंचे जहां जुलूस आम सभा में परिवर्तित हो गया ।आमसभा के मुख्य अतिथि कामरेड तपन सेन उपाध्यक्ष आल इंडिया सीटू, विशिष्ट अतिथि एस.एस बनर्जी (अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सीटू ) का० एम.के. नंदी (महासचिव छ.ग. सीटू), काम. धर्मराज महापात्रा (सचिव छत्तीसगढ़ सीटू ), का०. एम. एस. शांत कुमार, काम. बी. एम मनोहर का. केपीजी पाणिकर संस्थापक सदस्य सीटू राजहरा थे। आमसभा में केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी नीति और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाये जा रहे श्रम कानून में संशोधन के खिलाफ आवाज उठाई गई। कहा गया कि केंद्र सरकार कहती है, कि यह श्रम कानून मजदूर हितैषी है, लेकिन तह में जाएं, तो हर बातें मजदूरों को बंधुवा मजदूर बनाने की दिशा में कदम है ।
कामरेड तपन सेन ने कहा कि आज की स्थिति में संघर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण है । हमें संघर्ष के मैदान में टिके रहना है तो संघर्ष में तेजी लाना होगा। हमें लेबर कोड का विरोध करना होगा । सरकार ने यूनियन को बुलाकर कहा कि बहुत खराब स्थिति है, लेबर कोड का विरोध मत करिए। लेकिन सरकार के नीति के खिलाफ हम लोग हड़ताल अवश्य करेंगे । राष्ट्रीय स्तर पर पूरे यूनियन मिलकर ऐलान किया है कि हड़ताल होगा । बिजली का निजीकरण आंगनबाड़ी मजदूर की कई मुद्दे हमारे मांग में है । जिनके खिलाफ हम लड़ रहे हैं, जो दादागिरी कर रहे हैं यह उसकी ताकत का नहीं, कमजोरी का प्रतीक है। सरकार कह रही है कि लेबर कोड सभी कर्मचारियों को कवर में लायेगा। लेकिन फैक्ट्री में पहले जो 10 मजदूरों पर कवरेज था उसे बढाकर 30 से 40 तक कर दिया गया है । मजदूरों की छटनी के लिए अब मालिकों को सरकार से परमीशन लेने की आवश्यकता नहीं होगा। पहले लिमिट था कि 100 तक मजदूर वाले संस्था में यह लागू होता था,उसे बढाकर 300 कर दिया है । क्या सरकार मजदूरों को कवर कर रही है । हमारे हिसाब से 80% मजदूर श्रम कानून से बाहर हो जाएंगे इन्हें बाहर फेंक दिया जाएगा । मतलब सिर्फ मालिक की मनमानी चलेगी । हम यह सब होने नहीं देंगे । यदि खदानों में, कारखानों में मजदूर जेब में हाथ रख कर बैठ जाएंगे तो कोई भी कंपनी नहीं चल सकता । इन्हीं विषयों पर 9 जुलाई की हडताल में देश के मजदूरों ने यह साबित कर दिया कि हम पीछे नहीं हटेंगे।फिर भी सरकार ने हठधर्मिता से लेबर कोड लागू करने का एलान कर दिया। इसलिए मजदूरों को गुलाम बनाने वाले नये लैबर कोड के खिलाफ हमें 12 फरवरी की हडताल को हर हाल में सफल करना होगा।एस एन बनर्जी ने कहा* कि लौह नगरी दल्ली राजहरा संघर्षों की नगरी है यहां कई मजदूर आंदोलन हुए जो इतिहास में दर्ज हुए हैं । ऐसे नगर में सभा को संबोधित करने में मैं गर्व महसूस कर रहा हूं । आज केंद्र सरकार ने पूरे मेहनतकशों के खिलाफ कारपोरेट जगत के पक्ष में लगातार निर्णय लेती जा रही है और उनको रोकने वाला कोई दिखाई नहीं दे रहा है ।बहुत ही विषम परिस्थितियों निर्मित हो रही है मेहनतकश देख रहा है कि यह क्या हो रहा है । इस देश में आपने देखा होगा किसानों के खिलाफ केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून लाए थे । जिसका किसानों ने पूरा जोर लगाकर विरोध किया । अन्ततः सरकार को कृषि कानून रद्द करना पड़ा । अब वे मजदूरों के खिलाफ चार श्रम कानून को पारित किया है ।अचानक 21 नवम्बर की रात को बताया गया कि इस देश में श्रम कानून लागू हो गया है । वेतन से लेकर कार्य स्थल की स्थिति और महिलाओं की दशा तक को खराब करने में तुली है स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ भी सरकार खिलवाड़ कर रही है । इसलिए तीखा संघर्ष जरूरी है।
कामरेड धर्मराज महापात्रने कहा कि 1886 से शुरु हुए संघर्ष के बाद जो अधिकार मजदूरों ने प्राप्त किए हैं सरकार उन अधिकारों को खत्म करने की साजिश क्यों कर रही है ..? सरकार से श्रम कानूनों को हमने कुर्बानियों से हासिल किया है। हमें भीख में नहीं मिला है। न्यूनतम वेतन, ग्रेजविटी, भविष्य निधि, कर्मचारी की आजीविका का अधिकार मेहनतकशों ने जो भी अधिकार हासिल किया यह संघर्ष और लाल झंडे की कुर्बानियों से मिली है । हमने संघर्ष किया है लेकिन आज देश की सत्ता में बैठे लोग एक ऐसी नीतियां बना रहे हैं जो हमारे अधिकारों को कमजोर कर पूंजीवाद को मजबूत कर रही हैं। 12 फरवरी को छत्तीसगढ़ में हड़ताल होगी और राजहरा बंद होगा और हम यह ऐलान करते हैं की यह धरती धनवानों की नहीं है, यह मजदूर और किसानो की है । मोदी और भाजपा से ही हिन्दुस्तान नहीं बनता यहां के सैकड़ो मजदूर और किसानो के मेहनत से हिन्दुस्तान है। मध्यान भोजन में काम करने, आंगनवाड़ी में काम करने वाले कार्यकर्ता और सहायिकाएं विभिन्न क्षेत्र के खदानों में काम करने वाले सब पर हमले जारी हैं ।दल्ली राजहरा के इस धरती से जो सम्मेलन का आह्वान होगा उसकी आवाज सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि पूरे भारत देश के कोने-कोने तक पहुंचेगी। ।इस सम्मेलन में सीटू दल्ली राजहरा के संस्थापक सदस्य कामरेड के पी जी पाणिकर का साल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया गया । सीटू का यह सम्मेलन कई मायने में महत्व रखता है जहां केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूर वर्ग शोषण की कगार पर जा रहा है, वही पूंजीपतियों और मालिकों को लूट की छूट दी जा रही है। जिससे खिलाफ 12 फरवरी को देश की ट्रेड यूनियनों के द्वारा हड़ताल किया जाएगा । सम्मेलन को सफल बनाने मेंआयोजन समिति के अध्यक्ष एम एस शांतकुमार, दल्ली राजहरा के कामरेड ज्ञानेंद्र सिंह प्रकाश सिंह क्षत्रिय पुरुषोत्तम सिमैया विनोद मिश्रा एवं पूरे सीटू के सदस्यों का संपूर्ण योगदान रहा जो तीन दिवसीय सम्मेलन को सफल बनाने में लगे हुए हैं ।