जगदलपुर भारतीय किसान संघ बस्तर द्वारा जगदलपुर के संजय बाजार में फुटकर व्यापारियों की बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु धरना प्रदर्शन किया गया। नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन में बाजार स्थल पर महिला किसानों को सब्जी बेचने के लिए साफ सुथरी जगह, पेयजल उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, सफाई व पार्किंग व्यवस्था करने, मटन मछली के दुकानदारों के लिए बाहर दुकान की व्यवस्था करने की मांग की गई है। सभी मांगों को आयुक्त ने स्वीकार किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष नील कुमार बघेल, कोषाध्यक्ष नंद किशोर पाण्डेय, महिला प्रमुख जयंती नेताम, पर्यावरण प्रमुख रमेश ठाकुर, विद्युत प्रमुख नरेंद्र सेठिया, सह मंत्री लखमी बघेल, उपाध्यक्ष सुनीता दास, सहकारिता प्रमुख वासुदेव कश्यप, तहसील अध्यक्ष श्याम सुंदर बघेल, मंत्री फाल्गुनी पटेल, बकावंड से चुन्नू लाल ठाकुर, महिला प्रमुख दुतिका नाग, बस्तर तहसील से कमल सिंह ठाकुर तहसील अध्यक्ष जगदलपुर व संजय बाजार के किसानों की उपस्थिति रही।
लखेश्वर कश्यप बोले- अब भीख नहीं, छीन कर लेंगे अधिकार
जगदलपुर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर 100 प्रतिशत स्थानीय आरक्षण समाप्त किए जाने से बस्तर संभाग के आदिवासी युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग जिला बस्तर के अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने बयान जारी कर शासन व प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। जारी बयान में लखेश्वर कश्यप ने कहा है कि बस्तर आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। हमारे पुरखों ने जिस जल, जंगल और जमीन के लिए हूल और भूमकाल जैसे बलिदान दिए, आज उसे छीनने की साजिश हो रही है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर हमारा 100 प्रतिशत स्थानीय आरक्षण खत्म होना सीधे हमारे भविष्य पर हमला है। उन्होंने चिंता जताई कि आरक्षण खत्म होने से बस्तर के अनुसूचित क्षेत्रों की सरकारी नौकरियों पर बाहरी लोगों का कब्जा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आज हम चुप रहे, तो हमारा पढ़ा-लिखा युवा बेरोजगार भटकेगा और आने वाली पीढ़ियां मजदूरी करने को मजबूर होंगी।
दरी बिछाने के लिए नहीं हैं हम
युवा प्रभाग अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए सवाल उठाते हुए कहा है कि बस्तर के युवाओं, क्या हम केवल दरी बिछाने और झंडे उठाने के लिए हैं? अब चुप रहने का वक्त नहीं है।” उन्होंने इसे केवल नौकरी ही नहीं बल्कि अस्मिता और वजूद की लड़ाई भी बताया। लखेश्वर कश्यप ने हुंकार भरते हुए कहा कि उठो, एकजुट हो जाओ, शासन और प्रशासन को बता दो कि बस्तर का युवा अब हक की भीख नहीं मांगेगा। अपना अधिकार छीनकर लेना जानता है। जब तक हमारा हक नहीं मिलता, हमारा संघर्ष नहीं थमेगा।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की तत्कालीन सरकार ने 2019 में बस्तर और सरगुजा के अनुसूचित क्षेत्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर 100 प्रतिशत स्थानीय आरक्षण का प्रावधान किया था। इसका उद्देश्य स्थानीय आदिवासी युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना था। हालांकि, 2023 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा का उल्लंघन मानते हुए रद्द कर दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद से ही बस्तर में इसका कड़ा विरोध हो रहा है। आदिवासी संगठनों का तर्क है कि अनुसूचित क्षेत्रों के लिए संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून, 1996 के तहत विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस मुद्दे पर संभाग स्तरीय बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। संगठन का कहना है कि वे संवैधानिक दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखेंगे, लेकिन हक मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।
एक बार फिर पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस क्षेत्र के किसानों के लिए देवदूत बनकर सामने आए हैं। चिपरा गांव के किसान शत्रुघ्न पिता बनऊ राम को 5 महीने से अटकी किसान उन्नति योजना की अंतर राशि आज उनके खाते में मिल गई, और इसका श्रेय जाता है संजय बैंस की तत्परता और पहल को।मामला 23 दिसंबर 2025 का है। शत्रुघ्न ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा में 54 क्विंटल धान बेचा था। धान का मूल भुगतान तो समय पर मिल गया, लेकिन किसान उन्नति योजना के तहत मिलने वाली अंतर राशि उनके खाते में नहीं पहुंची। इसके बाद शत्रुघ्न बार-बार कुसुमकसा की समिति और दल्ली राजहरा के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के चक्कर काटते रहे। समिति प्रबंधक का जवाब बस यही रहता कि विभागीय त्रुटि के कारण पैसा नहीं आया, जबकि उनके स्तर से राशि भेज दी गई है।
12 किलोमीटर की दूरी तय कर समिति और बैंक के बीच दौड़ते-भागते किसान थक गए। अंत में उन्होंने गांव के भाजपा कार्यकर्ता संदीप साहू से अपनी व्यथा साझा की। संदीप साहू ने तत्काल यह मामला संजय बैंस तक पहुंचाया।किसान की स्थिति देखकर संजय बैंस ने कहा कि अन्नदाता को अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, यह देखकर सिस्टम पर गुस्सा आता है। उन्होंने तुरंत सहकारिता सीईओ मनोज नेताम और बैंक प्रबंधक से संपर्क किया। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता समझते हुए तुरंत कार्रवाई की और किसान के खाते में 38,394 रुपये की अंतर राशि जमा कर दी।संजय बैंस ने बैंक प्रबंधक और समिति प्रबंधक की संवेदनशीलता के लिए आभार जताते हुए कहा कि मेरे क्षेत्र की जनता चाहे किसान हो या मजदूर, उनके चेहरे की मुस्कान ही मेरी असली कमाई है। जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा एक ही मकसद है कि मेरे क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति समस्या में न रहे।पैसा मिलने के बाद किसान शत्रुघ्न की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन ही नहीं था कि इतने दिनों बाद पैसा मिलेगा। संजय बैंस जी और संदीप साहू के प्रयास से आज मेरी समस्या हल हुई। हमारे क्षेत्र में जब भी कोई संकट आता है, संजय बैंस जी ही सहारा बनते हैं। वे सच में हमारे लिए देवदूत से कम नहीं हैं।
बकावंड करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम पोटियावंड में एक 17 वर्षीय किशोरी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया है। गंभीर रूप से घायल किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने थाना करपावंड में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पोटियावंड निवासी गोविंद राम कश्यप ने थाने में दिए गए शिकायत पत्र में बताया है कि उनकी बेटी रत्ना कश्यप कक्षा 11वीं की छात्रा है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि संध करमरी निवासी बनमाली सोनी द्वारा पूर्व में शादी का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे लड़की की कम उम्र होने के कारण परिवार ने अस्वीकार कर दिया था। बताया गया है कि रविवार रात करीब 10 बजे रत्ना किसी फोन कॉल के बाद घर के बाहर गई थी। कुछ देर बाद चीखने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां युवती घायल अवस्था में मिली। परिजनों का आरोप है कि आरोपी बनमाली सोनी ने धारदार हथियार से हमला किया और मौके से फरार हो गया।हमले में युवती के सिर, सीने, गर्दन और हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जगदलपुर बस्तर में मतांतरित व्यक्तियों के शवों को दफनाने को लेकर विवादों का सिलसिला लगातार जारी है। खुद का कब्रिस्तान रहते हुए भी गांव के सार्वजनिक श्मशान में शव दफनाने की जिद इस बार भी विवाद की वजह बनी है। इस जिद को बस्तर में सामाजिक सदभाव बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा और “जिद” माना जा रहा है।
ताजा मामला जिला मुख्यालय जगदलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर स्थित बड़ाजी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत टाकरागुड़ा के झिटकापारा का है। इस गांव के एक ईसाई मतांतरित व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। झिटकापारा निवासी माड़िया जनजाति के पंडरी नाग की मृत्यु के बाद उसके शव दफनाने को लेकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों के अनुसार पंडरी नाग ने कई वर्ष पूर्व धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपना लिया था और तभी से वह उस धर्म का पालन करते आ रह था। पंडरी नाग की मृत्यु के बाद ईसाई समुदाय के कुछ लोगों ने उनका शव गांव के पारंपरिक हिंदू मरघट में दफनाने की मांग रखी। जैसे ही इसकी सूचना गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर मरघट स्थल पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि शव को जगदलपुर के करकापाल स्थित ईसाई कब्रिस्तान में ही दफनाया जाए, जो इस प्रयोजन के लिए चिन्हित है।
पुजारी ने बताई परंपरा
मौके पर मौजूद ग्राम पुजारी ने कहा कि हमारा गांव आदिकाल से सत्य सनातन धर्म और प्रकृति पूजा को मानने वाला है। हमारे पूर्वज पीढ़ियों से देवी देवताओं और धरती की पूजा करते आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से कुछ लोग अपनी मूल संस्कृति और रूढ़ी परंपरा को छोड़कर विदेशी पाश्चात्य संस्कृति अपना रहे हैं। ये लोग गांव के गुड़ी जतरा जैसे पारंपरिक पूजा आयोजनों में शामिल नहीं होते, बल्कि उनका विरोध करते हैं। इससे गांव में आपसी टकराव की स्थिति बनती है। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच बंगाराम बघेल ने कहा कि गांव में इस तरह के मामलों के लिए ग्रामसभा में नियम पारित हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट का भी स्पष्ट आदेश है कि प्रत्येक धर्म के अनुयायियों के अंतिम संस्कार के लिए सरकार द्वारा अलग स्थान आवंटित किए गए हैं। हम उसी आदेश का पालन कर रहे हैं। ईसाई समुदाय के लिए करकापाल में कब्रिस्तान आवंटित है, इसलिए शव वहीं दफनाया जाना चाहिए।
विहिप-बजरंग दल का विरोध
घटना की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप मौके पर पहुंचे। उन्होंने मिशनरियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम ईसाई मिशनरियों के मंसूबों को किसी भी हाल में सफल नहीं होने देंगे। ये लोग शिक्षा और चिकित्सा के नाम पर हमारे भोले भाले आदिवासी भाई बहनों को बरगलाते हैं और उनका धर्मांतरण करा लेते हैं। इसके बाद उनकी ही जमीन पर चर्च बनाते हैं। उनके पट्टे पर लोन निकलवाकर उन्हें कर्ज में फंसा देते हैं। यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस भाषा में समझेंगे, बजरंग दल उसी भाषा में समझाएगा। वहीं विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री घनश्याम नाग ने कहा कि बस्तर जैसा शांतिप्रिय क्षेत्र अब आए दिन विवादों में घिर रहा है। आदिवासी बेटियों को लव जिहाद में फंसाने, लैंड जिहाद करने, गांव गांव में अवैध चर्च बनाकर सामाजिक रीति नीति को तोड़ने का काम हो रहा है। मानव तस्करी भी बड़ी चालाकी से की जाती है। कुछ माह पहले नारायणपुर से दिल्ली ले जाई जा रही बच्चियों को हमारे संगठन के कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जिला सह संयोजक योगेश रैली ने ग्रामीणों से अपील की कि सभी एकजुट रहें और सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में आता है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें। इससे किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सकेगा। इस दौरान सरपंच बंगाराम बघेल, कमला बघेल, मिकेश्वर, जनपद सदस्य हिड़मा राम मंडावी, बदरू राम, रैयतू राम, लच्छिन राम, अनिल बघेल, सुंदर लाल समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
नई नहीं है यह “जिद“
बस्तर संभाग में मतांतरित हो चुके लोगों के शवों को हिंदुओं के मुक्तिधामों में दफनाने की जिद का यह मामला नया नहीं है। इससे पहले भी संभाग के पचासों गांवों में एक समुदाय विशेष की “जिद” के मामले आते रहे हैं। तीन दिन पहले ही बस्तर जिले के भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम करंदोला में इसी तरह की घटना हुई थी। यहां धर्म परिवर्तन कर चुकी सेवानिवृत शिक्षिका रुक्मणि कुर्रे के शव को वन विभाग की भूमि पर दफनाने की कोशिश की जा रही थी। आरोप है कि वन विभाग की तार फेंसिंग और बाड़ को तोड़ कर करीब 5 डिसमिल जमीन को कब्रगाह में तब्दील करने की कोशिश की जा रही थी। बता दें कि करकापाल में मसीही कब्रिस्तान रहते हुए भी सरकारी जमीन और हिंदुओं के श्मशान घाटों में मतांतरित लोगों के शवों को दफनाने की ऎसी जिद से जाहिर होता है कि बस्तर को फिर से सुलगाने की साजिश रची जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा मजबूती की बड़ी पहल: कश्यप
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार वनांचल एवं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के तहत 8,631 प्रतिभावान विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से 12 करोड़ 26 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति राशि वितरित की।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दिशा-निर्देश में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और शिक्षा का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वनांचल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन का उद्देश्य केवल लघु वनोपज संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि वनाश्रित परिवारों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना भी है। छात्रवृत्ति योजनाएं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को आत्मविश्वास, अवसर और नई दिशा प्रदान कर रही हैं। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जब तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार का एक युवा भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होता है, तो यह शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता एवं प्रभावशीलता को भी प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा लाभ वनवासी एवं श्रमिक परिवारों को मिल रहा है।
अजय गुप्ता बने रोल मॉडल
तेंदूपत्ता संग्रहण से भारतीय वन सेवा तक का सफर तय करने वाले अजय गुप्ता आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनकी शिक्षा यात्रा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने स्कूल एवं कॉलेज की शिक्षा पूरी की और आगे चलकर भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।यह योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वनाश्रित एवं संग्राहक परिवारों के बच्चों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।
चार श्रेणियों में छात्रवृत्ति
छात्रवृत्ति योजना तहत विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में लाभान्वित किया गया, जिनमें मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, प्रतिभाशाली छात्रों हेतु शिक्षा प्रोत्साहन योजना, व्यावसायिक शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना और गैर व्यावसायिक शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ व्यावसायिक एवं गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
श्रेणीवार लाभार्थियों एवं राशि का विवरण मेधावी योजना के 1,639 लाभार्थियों को 44.85 लाख रुपए, प्रतिभाशाली योजना में 6,133 लाभार्थियों को 11.39 करोड़ रुपए, व्यावसायिक शिक्षा छात्रवृत्ति योजना में 71 लाभार्थियों को 6.15 लाख रुपए और गैर व्यावसायिक शिक्षा छात्रवृत्ति योजना में 788 लाभार्थियों को 35.72 लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी गई। इस प्रकार कुल 8,631 विद्यार्थियों को 12 करोड़ 26 लाख 7 हजार 500 रुपए की राशि वितरित की गई।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रुपसाय सलाम, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू, विभागीय अधिकारी, सहकारी संघ के प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं वनाश्रित एवं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि संघ द्वारा संचालित ये योजनाएं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।
बालोद, दिनांक: 11 मई 2026 रेड क्रॉस सोसाइटी जिला बालोद द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डीबी ग्रुप को आज स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम बालाजी रिसॉर्ट, बालोद में संपन्न हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेड क्रॉस सोसाइटी के राज्य चेयरमैन श्री तोमन साहू* रहे। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जैन ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। डीबी ग्रुप की उपलब्धि:डीबी ग्रुप द्वारा विगत 11 वर्षों में 7000 से अधिक यूनिट रक्तदान कर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। समूह द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान एवं आपदा राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई जाती रही है।मुख्य अतिथि श्री तोमन साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि “डीबी ग्रुप का कार्य युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। 7000 यूनिट रक्तदान का अर्थ है हजारों जिंदगियों को बचाना।” जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जैन ने डीबी ग्रुप के समस्त सदस्यों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह समाज सेवा करते रहने का आह्वान किया।कार्यक्रम में डीबी ग्रुप के प्रतिनिधियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता जावेद खान ने छत्तीसगढ़ सरकार से सुशासन तिहार में प्रदेश के 2 लाख 41 हजार 6 सौ 57 धान बेचने से वंचित किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कुल 27 लाख 53 हजार पंजिकृत किसान हैं वहीं इस बार छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान खरीदी के दौरान 25 लाख 11 हजार ही पंजीकृत किसानों ने धान बेच पाया और लगभग 2 लाख 41 हजार 6 सौ 57 किसान धान बेचने से वंचित रह गए। सरकार ने धान खरीदी का लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन रखा था परंतु संपूर्ण पंजीकृत किसानों के धान न बेच पाने के चलते छत्तीसगढ़ सरकार 140 लाख मीट्रिक टन धान ही खरीद पाई और छत्तीसगढ़ सरकार इस बार भी धान खरीदी के अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई।
जावेद खान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपना वादा निभाएं और अपने कहे मुताबिक किसानों का एक-एक दाना धान को खरीदें। प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में किसानों का धान न खरीदना किसानों के साथ विश्वासघात, वादाखिलाफी है और छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के ढ़ाई लाख किसानों को कर्ज के बोझ में डालने का कार्य कर रही है। जहां किसान धान की पैदावार के लिए सोसायटी से ऋण लेता है, सोसायटी से उधार में खाद-बीज क्रय करता है वो किसान धान न बिक पाने के चलते कर्ज के बोझ में दबता चला जाता है और आज कहीं ना कहीं छत्तीसगढ़ के 2 लाख 41 हजार 6 सौ 57 किसान भी धान नहीं बिक पाने के चलते कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं। एक तरफ सरकार सुशासन तिहार मना कर प्रदेश की जनता की समस्याओं का निवारण करने का दिखावा कर रही है वहीं दूसरी ओर प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या ढ़ाई लाख किसानों की धान बिक्री और ऋण की समस्या को इस सुशासन तिहार से दूर रख किसानों के साथ कुठाराघात कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से हम मांग करते हैं कि सुशासन तिहार के अंतर्गत धान बेचने से चूक गए किसानों की समस्याओं को प्रदेश की वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या के रूप में स्वीकारते हुए सुशासन तिहार में जोड़ें और सभी किसानों का धान खरीदी करें या फिर उक्त किसानों के सोसायटी के ऋण को तत्काल माफ करने की व्यवस्था बनाएं।
सुशासन तिहार के अंतर्गत महेश्वरी भवन में समाधान शिविर आयोजित
9 वार्डों के लोग हुए शामिल, मौके पर हुआ त्वरित निराकरण
जगदलपुर:- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत सोमवार को शहर के महेश्वरी भवन में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नगर निगम क्षेत्र के 9 वार्डों के बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए और अपनी समस्याओं एवं मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। शिविर में पहुंचे लोगों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जिससे आमजन में संतोष और उत्साह देखने को मिला।समाधान शिविर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड, गुरु घासीदास वार्ड, अब्दुल कलाम वार्ड, माता संतोषी वार्ड, महेंद्र कर्मा वार्ड, अंबेडकर वार्ड, बलिराम कश्यप वार्ड, अनुकूल देव वार्ड एवं स्वामी विवेकानंद वार्ड के नागरिकों ने भाग लिया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका तत्काल समाधान किया।शिविर में राशन कार्ड, श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बिजली, पानी, साफ-सफाई, आवास योजना सहित विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कई मामलों का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया वहीं अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1 मई से 15 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित कर आमजन की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। शासन की मंशा है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध हो सके।शिविर के दौरान पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया। आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं श्रम कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शिविर स्थल पर पूरी की गई, जिससे नागरिकों को त्वरित सुविधा प्राप्त हुई। प्रशासन द्वारा शिविर को जनसहभागिता और जनसुविधा का प्रभावी माध्यम बताया गया।महापौर संजय पांडेय ने कहा कि समाधान शिविर प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी एक साथ उपस्थित रहते हैं, जिससे नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का मौके पर समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी लगातार किया जा रहा।शिविर में नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य सुरेश गुप्ता, लक्ष्मण झा, त्रिवेणी रंधारी, निगम आयुक प्रवीण कुमार वर्मा, पार्षद उर्मिला यादव, आशा साहू, गायत्री बघेल, गिरिजा गुप्ता, खगेन्द्र सिंह ठाकुर, रोशन सिसोदिया, दिलीप दास, राकेश मौर, सुशीला बघेल, अफरोज बेगम, परीसराम बेसरा अन्य मौजूद रहे।
गंगामुंडा तालाब के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन, 3.45 करोड़ से होंगे निर्माण कार्य
जगदलपुर मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत जगदलपुर के ऐतिहासिक गंगामुंडा तालाब के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 3 करोड़ 45 लाख 96 हजार की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन सोमवार को गंगा मुंडा तालाब स्थित विश्वकर्मा मंदिर के समीप किया गया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक जगदलपुर किरण सिंह देव तथा महापौर जगदलपुर संजय पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस परियोजना के अंतर्गत तालाब परिसर में पाथवे निर्माण, डामरीकरण तथा टो वॉल निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इनमे 1 करोड़ 97 लाख 84 हजार की लागत से पाथवे एवं डामरीकरण तथा 1 करोड़ 48 लाख 12 हजार की लागत से टो वॉल का निर्माण कराया जाएगा।करीब 175 एकड़ क्षेत्र में फैला गंगा मुंडा तालाब जगदलपुर शहर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान माना जाता है। नगर निगम द्वारा समय-समय पर तालाब की सफाई और संरक्षण कार्य किए जाते रहे हैं। विशेष रूप से छठ पर्व के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य उपासना के लिए पहुंचते हैं, जिससे तालाब का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है। कार्यक्रम में विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि गंगा मुंडा तालाब केवल एक जलाशय नहीं बल्कि जगदलपुर की आत्मा और सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने बताया कि पूर्व में गंगा मुंडा तालाब गहरीकरण कराया गया, पगडंडी पर सीसी रोड बनाई गई, पेड़ पौधे लगाए गए और टो वाल बनाया गया था। वार्डवासियों की मांग पर छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए घाटों का निर्माण भी किया गया था। अब निगम की सरकार इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए इसका पूर्ण सौंदर्य करण करा रही है। अब गंगामुंडा तालाब को पुनः नया स्वरूप दिया जा रहा है। महापौर संजय पांडे ने कहा कि हमने इसे बनाया था हम ही इसे संवारेंगे। नगर निगम तालाब के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि तालाब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के साथ-साथ इसे शहर का सबसे सुंदर और स्वच्छ तालाब बनाने का लक्ष्य है। भगवान भोलेनाथ विराजित इस जलाशय मे तालाब के पूरी परिधि में पाथ वे बनाकर चारों तरफ़ लाइटिंग कर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें गंदे पानी के प्रवाह को पूरी तरह से रोका जाएगा और तालाब को बरसात के स्वच्छ पानी से भरा जायेगा। आगे चलकर इसमें वाटर एडवेंचर और मोटर बोट का संचालन भी किया जाएगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन एवं स्वच्छता सभापति लक्ष्मण झा ने भी अपनी बातें रखी। कार्यक्रम का संचालन राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने एवं आभार प्रदर्शन नगर निगम के कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर परिस बेसरा, आर्येंद्र सिंह आर्य, नरसिंह राव, ललिता बघेल, एमआईसी सदस्य सुरेश गुप्ता, योगेंद्र पांडे, राणा घोष, कलावती कशेर, त्रिवेणी रंधारी, आलोक अवस्थी, पश्चिम मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा, पूर्वी मंडल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव, मनोहर दत्त तिवारी, अनिल लुक्कड़, दिगंबर राव, पार्षद यशवंत ध्रुव, हरीश पारेख, आशा साहू, खगेंद्र सिंह ठाकुर, श्याम सुंदर बघेल, संतोष गौर, बंसती समरथ, उर्मिला यादव, रोशन सिसोदिया, गिरिजा गुप्ता, गायत्री बघेल, गजेंद्र ठाकुर, मनप्रीत कौर डांगी, अभिलाष यादव, शशिनाथ पाठक, राजपाल कसेर, योगेश मिश्रा, ममता राणा, गीता नाग, माधवी मंडल, बटोई झा, योगेश ठाकुर, विभा सिंह, रंजीता पाणिग्रही, नीलम यादव, कौशल्या क्षत्रिय, रुक्मणी, दिलीप सुंदरानी, विक्रम डांगी, प्रेम यादव, सुरेश कश्यप, मनीष कर्महे, राजा यादव, अखिलेश शुक्ला, मनी विक्रम नायडू, अभिषेक तिवारी, योगेश शुक्ला, मनोज ठाकुर, राधेश्याम पेंद्रे, हरिशंकर झा, रूपेश झा, आनंद झा, मयंक दीवान, मनीष सकलेचा, सुलोचना मांडवी, आशीष करमचंदानी, प्रेम कुमार यादव, बसंत, राजेश श्रीवास, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा, इंजीनियर अशोक कोर्राम, विमल सिंह गोयल सहित भाजपा पदाधिकारी व निगम के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।