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चाकू दिखाकर मारपीट कर लुट करने वाले नाबालिक सहित दो आरोपी को पुलिस ने किया चंद धण्टे में गिरफ्तार

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आरोपियों से घटना में प्रयुक्त चाकू को किया गया जप्त। प्रार्थी से लुटे गये रकम मे से 11370 रू. को किया गया बरामद।मामले का संक्षिप्पत विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी डोमेश्वर पटेल पिता ग्राम रेंगनी थाना व जिला बालोद दिनांक 30.05.2026 को सुबह 09:30 बजे अपने टीव्हीएस पॉवर एक्सल मोटर सायकल क्र. CG 24 P 4861 में सब्जी खरीदने के लिए नगदी 25,000/- रूपये लेकर सब्जी मण्डी बुधवारी बाजार बालोद गया था, बाथरूम करने मण्डी से लगा हुआ मण्डी के पीछे शुलभ शौचालय में बने बाथरूम कमरे में गया तभी इनके पीछे-पीछे 02 लड़के आकर बाथरूम अंदर घुसकर दरवाजा को अंदर से बंद कर एक लोहे की धारदार चाकू को प्रार्थी के पेट में टीका कर मां-बहन की अश्लील गाली गलौज करते हुए अपने पास रखे रूपए हमे दो नहीं तो जान से मार दूंगा कहकर धमकी देते हुए प्रार्थी को 03-04 थप्पड़ मारकर कुल 25,000/- रूपये को लेकर भाग गया कि रिपोर्ट पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक 252/2026 धारा 127 (2), 296, 115(2), 351(3), 309(6), 3(5) बीएनएस अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुऐ श्रीमान पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद श्री बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में निरीक्षण शिशुपाल सिन्हा द्वारा एक विशेष टीम तैयार कर आरोपीगण सोमेश ध्रुवे एवं कमल ठाकुर को अभिरक्षा में लाकर पुछताछ करने पर बताये कि सोमेश ध्रुवे ने उधारी में लिए सेकेण्ड हैण्ड मोबाईल का उधारी रूपया जमा करने के लिए व शराब पीने, गांजा एवं नशीली गोली के लिए रूपया नहीं होने से लूट-पाट करने की योजना बनाए, सब्जी मंडी में सोमेश ध्रुवे द्वारा आम खरीदते समय सब्जी खरीदने आए लड़के के पास बहुत ज्यादा रूपया रखे होना देखे थे उसी लड़के को सब्जी मंडी के शौचालय में अकेले बाथरूम करने जाते देखकर कमल ठाकुर को शौचालय के बाहर व्यक्ति देखने के लिए एवं सोमेश ध्रुवे, अपचारी बालक दोनो बाथरूम के अंदर जाकर दरवाजा को अंदर से बंदकर सब्जी वाले लड़का को चाकू दिखाकर, मां-बहन की गाली-गलौच करते जान से मारने की धमकी देकर थप्पड़ से गाल में मारकर उनके पैट के जेब से अपचारी बालक ने 25,000/- रूपए लूटकर भाग गए, आरोपियों द्वारा अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।पुरे प्रकरण में विवेचना एवं आरोपियों के पतासाजी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि सुरज साहू, सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य एवं उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही है।नाम आरोपीगणः सोमेश ध्रुवे उर्फ दाउ पिता मूल शंकर ध्रुवे उम्र 27 वर्ष पता वार्ड क्र. 06 शिव मंदिर गली पाण्डेपारा बालोद थाना व जिला बालोद (छ.ग.)कमल ठाकुर पिता मंगल सिंह ठाकुर उम्र 26 वर्ष पता वार्ड क्र. 05 हीरापुर रोड पाण्डेपारा बालोद थाना व जिला बालोद (छ. ग.)

नव आगमन” का विशेषांक डॉ. शिरोमणी माथुर को समर्पित, 2 जून को विमोचन व सम्मान समारोह

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साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान” – अगासदिया परिवार करेगा सम्मान | राजमाता फुलदेवी कांगे होंगी मुख्य अतिथि अगासदिया परिसर से प्रकाशित मासिक पत्रिका नव आगमन` का मई अंक प्रसिद्ध लेखिका एवं साहित्यकार डॉ. शिरोमणी माथुर के व्यक्तित्व-कृतित्व पर केंद्रित है। 02 जून को राजहरा नगर में इस विशेष अंक का विमोचन होगा।

लेखन पर चर्चा, सम्मान से अलंकरण

इस अवसर पर डॉ. शिरोमणी माथुर के साहित्यिक अवदान पर विस्तृत चर्चा आयोजित की गई है। साहित्य के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए अगासदिया परिवार द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजमाता फुलदेवी कांगे होंगी। अध्यक्षता पूर्व एडीशनल कलेक्टर जी.पी. राना करेंगे। विशेष अतिथि के रूप में कमलेश चंद्राकर एवं मुनीलाल निषाद मंच साझा करेंगे।डॉ. अशोक आकाश, श्रीमती स्मिता वर्मा एवं राजकुमारी कांगे, डॉ. माथुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखेंगे। आयोजनीय वक्तव्य डॉ. परदेशीराम वर्मा देंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनी नेलसन करेंगी तथा आभार प्रदर्शन नेहा माथुर करेंगी।

संसदीय स्थाई समिति की पहली बैठक संपन्न,बस्तर सांसद महेश कश्यप हुए शामिल

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जगदलपुर: देश की राजधानी नई दिल्ली में डॉ.मेधा विश्राम कुलकर्णी की अध्यक्षता में ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,पर्यावरण,वन और जलवायु परिवर्तन’ संबंधी संसदीय स्थाई समिति की पहली महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में समिति के सदस्यों ने देश के भविष्य के लिए विज्ञान,तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार विमर्श किया।बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और समिति के सदस्य महेश कश्यप ने इस बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक के दौरान कश्यप ने समिति के अन्य सम्मानित सदस्यों के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों,वन संरक्षण एवं देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को गति देने के लिए आवश्यक नीतिगत बदलावों पर चर्चा की।सांसद महेश कश्यप ने कहा विज्ञान और पर्यावरण का संतुलन हमारे देश के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैl

समिति की इस पहली बैठक में हमने देश की बदलती आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को केंद्र में रखते हुए सार्थक चर्चा की है। पर्यावरण सुरक्षा के साथ साथ अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में विकास की गति को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर हमारा विशेष ध्यान है। सांसद महेश कश्यप ने समिति के माध्यम से अपने संसदीय क्षेत्र बस्तर की भौगोलिक और पर्यावरणीय विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों पर विशेष बल दिया।

महारानी अस्पताल में स्टाफ नर्स की तानाशाही, मरीज और परिजनों को अस्पताल से निकाल देने की धमकी

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दुर्व्यवहार से और बिगड़ गई मरीज की तबीयत, आईसीयू में शिफ्ट

जगदलपुर महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर की एक स्टॉफ नर्स पर मरीज और उसके परिजनों से दुर्व्यवहार करने और अस्पताल से निकाल देने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर की खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी जिली मांडवी के पुत्र ऋषभ मांडवी को 26 मई को पीलिया की शिकायत के कारण महारानी अस्पताल, जगदलपुर के पुरुष वार्ड में भर्ती कराया गया था।आरोप है कि दिनांक 29 मई को दोपहर के समय अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स रीमा दानी द्वारा जिली मांडवी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। बताया गया है कि पुरुष वार्ड में अत्यधिक गर्मी होने तथा निर्धारित बिस्तर के पास पंखे की हवा न पहुंचने के कारण मरीज को काफी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से परिजन अपने घर से एक पंखा लेकर आए थे, जिससे मरीज को कुछ राहत मिल सके। आरोप के अनुसार स्टाफ नर्स रीमा दानी ने पंखा हटाने के लिए कहा। इस पर जिली मांडवी ने निवेदन किया कि वहां हवा नहीं पहुंच रही है, यदि संभव हो तो कूलर को उस दिशा में कर दिया जाए। आरोप है कि इस बात पर स्टाफ नर्स नाराज हो गईं और कथित रूप से कहा कि पंखा यहां से हटाओ, नहीं तो गार्ड बुलाकर बाहर फिंकवा दूंगी, तुम्हें और तुम्हारे बेटे को अस्पताल से निकलवा दूंगी।

जहां चाहो वहां इलाज करवाना, यहां इलाज नहीं होने दूंगी।बताया गया है कि इस विवाद के दौरान मरीज ऋषभ मांडवी की तबीयत अचानक अधिक बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें तत्काल आपातकालीन आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि उक्त व्यवहार के कारण उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। वर्तमान में मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती है तथा उसका उपचार जारी है। परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल को अपनी निजी जागीर समझकर मरीजों और उनके परिजनों से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को इस प्रकार की मानसिक प्रताड़ना का सामना न करना पड़े। मामले की शिकायत परिजनों ने कलेक्टर से की है। साथ ही सिविल सर्जन महारानी अस्पताल, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, संभाग आयुक्त समेत सभी उच्च अधिकारियों को इसकी प्रतिलिपि परिजनों द्वारा भेजी है, ताकि रीमा दानी जैसी स्टाफ नर्स जो अपना तानाशाही से मरीज को परेशान करती हैं उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

भाजपा को गुटों में बांट दिया कांग्रेस के चापलूस अधिकारियों ने

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गुटबाजी के कारण 40 वर्षो से सुकमा में नहीं बन पाया भाजपाई विधायक

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा में आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय दो दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से उपस्थित प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने माना कि सुकमा में गुटबाजी के कारण 40 वर्षों में हम विधायक नहीं बना पाए हैं, इसलिए आपसी गुटबाजी छोड़कर पार्टी के लिए काम करें। प्रत्याशी कोई भी हो उसके लिए काम कर कमल खिलाने पर जोर देने की नसीहत दी।उन्होंने कार्यकर्ता को कहा कि प्रदेश के सभी जिला पंचायतों में भाजपा का अध्यक्ष है सुकमा में आपसी गुटबाजी के कारण अध्यक्ष भी नहीं बना पाए।

सुकमा में दो दिवसीय भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश संगठन मंत्री वन साय, वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप उपस्थित रहे।. इन वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के नीतियों पर प्रकाश डाला और कार्यकर्ताओं को संगठित होकर काम करने की नसीहत दी। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण शिविर का तात्पर्य उपस्थित दर्ज करना ही नहीं, पार्टी की नीतियों पर चलना भी है।उन्होंने कहा कि आपसी खींचतान एवं गुटबाजी के कारण 40 वर्षों में भी हम यहां अपना विधायक नहीं बना पाए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि आपसी गुटबाजी को छोड़ संगठन को मजबूत करने के लिए काम करें। विधानसभा में प्रत्याशी चाहे वह कोई भी हो उस प्रत्याशी को जिताने एकजुटता के साथ काम करना होगा तभी सुकमा में कमल खिल पाएगा, नहीं तो हालात ऐसा ही बना रहेगा।ज्ञातव्य हो कि सुकमा में भाजपा कई गुटों में बंटी हुई है। संगठन भी इस बात को स्वीकार कर चुका है। अब देखना होगा कि संगठन से मिली नसीहत के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष संगठन को मजबूत करने में कितना सफल होंगे या गुटबाजी को और बढ़ावा देते रहेंगे।

अधिकारी हैं गुटबाजी की जड़

सुकमा जिले में कई ऐसे अधिकारी है जो वर्षों से अंगद पांव की तरह जमे हुए हैं। ये अधिकारी कांग्रेस के लिए एजेंट की तरह कार्य करते रहे हैं। इन्ही अधिकारियों ने कांग्रेस भवन निर्माण में भी मोटी रकम सहयोग के रूप में दी है। नेताओं के चरण वंदन करते हुए वे यहां जमे हुए हैं। ऐसे अधिकारियों को हटाने भाजपा नेता संगठन एवं सरकार से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन दूसरे गुट के भाजपा नेता उन्हें बचाने मंत्रियों तक दौड़ लगाकर प्रसाद चढ़ाते हैं।ऐसे अधिकारियों का जमे रहना भाजपा में गुटबाजी का कारण है। सत्ता व संगठन ऐसे अधिकारी को चिन्हांकित कर जिले से बाहर करने का अभियान चलाता है तो गुटबाजी पर भी नियंत्रण होगा और आने वाले चुनाव में भाजपा को मदद मिलेगी। संगठन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो सुकमा में विधायक की कुर्सी पाना सपना ही बनकर रह जाएगा।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस तरणताल हो गया शुरू

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महापौर संजय पांडेय और जनप्रतिनिधियों ने पूजा अर्चना कर स्वीमिंग पूल का किया शुभारंभ

जगदलपुर शहरवासियों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस तरणताल (स्वीमिंग पूल) की सुविधा अब मिलने लगेगी। तैराकी के शौकीनों ने सोमवार से इसका आनंद उठाना शुरू कर दिया है।

दो बार निविदा आमंत्रित करने के बाद भी किसी संस्था एवं फर्म ने निविदा में भाग नहीं लिया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि स्वीमिंग पूल का संचालन नगर निगम स्वयं करेगा। स्वीमिंग पूल के निरीक्षण के साथ ही आज महापौर संजय पाडेय व जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम द्वारा संचालित स्वीमिंग पूल का शुभारंभ किया। इस दौरान महापौर संजय पांडेय ने स्विमिंग पूल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए कहा। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था, साउंड सिस्टम, चेंजिंग रूम, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी देखा। मालूम हो कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इसे शुरू किया गया है।

साथ ही महिलाओं एवं युवाओं के लिए अलग अलग ट्रेनर की व्यवस्था भी की गई है। महापौर संजय पांडेय ने कहा कि गर्मी के मौसम में स्वीमिंग पूल शुरू होने से शहरवासियों विशेषकर युवाओं और बच्चों को राहत मिलेगी एवं मनोरंजन का बेहतर साधन मिलेगा। नगर निगम द्वारा तय की गई निर्धारित शुल्क और समय के आधार पर लोग स्वीमिंग पूल पहुंचकर इसका आनंद ले सकते हैं। शुभारंभ अवसर पर नगर नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, जिला भाजपा अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडे, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, राणा घोष, श्वेता बघेल, गायत्री कश्यप, उर्मिला यादव, संतोष गौर, पितामह नायक, पारुल बोथरा, श्याम सुंदर बघेल, खगेंद्र ठाकुर, दिलीप दास, राकेश झलके सहित निगम के कर्मचारी उपस्थित रहे।

बकावंड ब्लॉक के आश्रम छात्रावास बेहाल, संकटों के बीच रह रहे हैं विद्यार्थी: हेमंत कश्यप

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युवा कांग्रेस नेता कश्यप ने उठाया छात्रावासों की बदहाली का मुद्दा

अपर कलेक्टर बस्तर और सहायक आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

बकावंड विकासखंड बकावंड में आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रमों एवं छात्रावासों की बदहाली के खिलाफ बस्तर जिला युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। हेमंत कश्यप ने छात्रावासों और आश्रमों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने की जानकारी देते हुए बस्तर के अपर कलेक्टर एवं विभाग के सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है।

विकासखंड के आश्रम, छात्रावासों का दौरा करने के बाद युवा कांग्रेस बस्तर के पूर्व उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप ने छात्र छात्राओं को राहत पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल की है। युवा नेता हेमंत कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने आज आदिम जाति विकास विभाग बस्तर के सहायक आयुक्त और अपर कलेक्टर बस्तर सीपी बघेल को ज्ञापन सौंपकर बकावंड विकासखंड अंतर्गत संचालित आश्रमों एवं छात्रावासों की जर्जर स्थिति तथा वहां व्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। ज्ञापन में बताया गया है कि क्षेत्र के अनेक आश्रमों एवं छात्रावासों में भवनों की स्थिति अत्यंत खराब है। छात्र-छात्राओं को पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र एवं वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए इन संस्थानों में तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की आवश्यकता है। हेमंत कश्यप ने कहा कि आदिवासी अंचल के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने के लिए आश्रमों एवं छात्रावासों पर निर्भर हैं। यदि समय रहते आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य नहीं किए गए तो विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की कि बकावंड विकासखंड के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, विद्युत व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।अपर कलेक्टर सीपी बघेल ने ज्ञापन प्राप्त कर विषय पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीण एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ता विजय भारती, सुनील बिसाई, रामदास बघेल, हादमो कश्यप, सुदर कश्यप, सुखदेव कश्यप, तोरका बघेल, रामलाल मंडावी, देवनाथ ठाकुर, एकादशी बघेल, रामचंद्र बघेल एवं मुकेश देवागन उपस्थित रहे।

वन विभाग में जवाबदेही का दौर शुरू, मंत्री केदार कश्यप ने लंबित विभागीय जांचों पर दिखाई सख्ती

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तीन माह में पुराने जांच प्रकरणों के निराकरण के दिए गए निर्देश

देरी करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: केदार कश्यप

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग में सुशासन का दौर शुरू हो गया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग में वर्षों से लंबित विभागीय जांच प्रकरणों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आगामी तीन माह के भीतर सभी पुराने मामलों का अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के बाद यदि पुराने प्रकरण असामान्य अथवा अत्यधिक विलंब से प्रस्तुत किए जाते हैं, तो संबंधित जांचकर्ता एवं प्रस्तुतकर्ता अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, वन विभाग को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विभागीय जांच मामलों में अनावश्यक देरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कमजोर करती है और कर्मचारियों को वर्षों तक मानसिक, सामाजिक तथा सेवा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शासन व्यवस्था में निर्णयहीनता और अनावश्यक विलंब के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनेक मामलों में विभागीय जांच प्रस्ताव 4 से 5 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद प्रस्तुत किए जाते हैं, जबकि कुछ प्रकरण संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद भेजे जाते हैं। यह स्थिति सुशासन, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की भावना के विपरीत है।उन्होंने कहा कि लंबे समय तक प्रकरण लंबित रहने से अभिलेखों और साक्ष्यों के परीक्षण में कठिनाई आती है तथा विभागीय कार्यवाही की गंभीरता और प्रभावशीलता भी प्रभावित होती है। कई कर्मचारी वर्षों तक बिना किसी निर्णय के अनिश्चितता की स्थिति में कार्य करने को विवश रहते हैं, जिससे उनके सेवा हित, पदोन्नति, पेंशन और व्यक्तिगत जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।वन मंत्री कश्यप ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी दोषी है तो उसके विरुद्ध समय पर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि वह निर्दोष है तो उसे अनावश्यक उत्पीड़न एवं अनिश्चितता से शीघ्र राहत मिलनी चाहिए। न्याय में विलंब, न्याय से वंचित करने के समान है।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक माह के भीतर विभाग में पूर्व से लंबित सभी विभागीय जांच प्रकरणों की जानकारी संकलित की जाए तथा सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जवाबदेही तय किए बिना प्रशासनिक सुधार संभव नहीं है। विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध निर्णय और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना सुशासन की मूल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुशासन, समयबद्ध निर्णय और जवाबदेह कार्यसंस्कृति पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप वन विभाग में भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया जा रहा है।*वर्सन**कर्मियों को मिले त्वरित न्याय*शासन का उद्देश्य केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करनाभी है, जिसमें कर्मचारियों को समय पर न्याय मिले, निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी हो और जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय हो।

साडरापाल में धर्मांतरण को लेकर बवाल, हिंसा में कई ग्रामीण घायल

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ईसाई संगठन ने प्रार्थना सभा पर हमले का लगाया आरोप, पुलिस ने बताया मामला जमीन विवाद का

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में कथित धर्मांतरण को लेकर ग्रामीण और ईसाई समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हो गया। हिंसा में कई लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना सभा में हमले का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस इसे जमीन विवाद से जुड़ा मामला बता रही है। मामला सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के ग्राम साडरापाल का है। यहां रविवार को हुई हिंसक झड़प के बाद विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। गांव में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान हुए विवाद में कई लोगों के घायल होने की जानकारी है।

घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ईसाई संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना कर रहे लोगों पर ग्रामीणों के एक समूह ने हमला कर दिया। संगठन का दावा है कि घटना में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।स्थानीय स्तर पर इस घटना को कथित धर्मांतरण गतिविधियों से भी जोड़ा भी जा रहा है। क्षेत्र में पूर्व से मतांतरण को लेकर विवाद और सामाजिक तनाव की स्थिति समय-समय पर निर्मित होती रही है। हालांकि पुलिस का पक्ष इससे अलग है। तोंगपाल थाना पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला भूमि संबंधी एवं आपसी विवाद का सामने आया है। प्रार्थी हिडमा कवासी की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जमीन को लेकर विवाद हुआ था और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पलारी नगर पंचायत चुनाव में रिकॉर्ड मतदान, शाम 5 बजे तक 97 प्रतिशत वोटिंग; भाजपा-कांग्रेस ने जताया अपनी जीत का दावा

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गुरूर/बालोद बालोद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत पलारी नगर पंचायत आम निर्वाचन में सोमवार को मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह 8 बजे से सभी मतदान केंद्रों में शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से मतदान प्रारंभ हुआ। दिनभर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और शाम 5 बजे तक लगभग 97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रतिशत को देखते हुए इस बार रिकॉर्ड मतदान होने की संभावना जताई जा रही है।मतदान केंद्रों में पहुंचने वाले मतदाताओं का स्वागत करते हुए उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। सुबह से ही महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग मतदाताओं की लंबी कतारें मतदान केंद्रों में देखी गईं। दोपहर 1 बजे तक लगभग 70 प्रतिशत मतदान हो चुका था, जिसके बाद भी मतदान का सिलसिला लगातार जारी रहा।

उधर, भारी मतदान के बाद राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार और स्थानीय विकास कार्यों के प्रति जनता के विश्वास के कारण मतदाताओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया है, जिसका लाभ पार्टी को मिलेगा।वहीं कांग्रेस नेताओं का दावा है कि क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। कांग्रेस का कहना है कि अधिक मतदान परिवर्तन की इच्छा का संकेत है और इसका लाभ उनके प्रत्याशी को मिलेगा।मतदान के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना और परिणामों पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक दलों के समर्थक अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला मतपेटियों में बंद मतों की गिनती के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पलारी नगर पंचायत चुनाव में हुए रिकॉर्ड मतदान ने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

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