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भक्त गुहा निषाद जयंती पर घोटिया में मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा ( गांधी) ने दी बधाई

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डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के कुसुम कसा मंडल के ग्राम घोटिया में निषाद समाज के द्वारा भक्त गुहा निषाद जयंती हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया । जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा (गाँधी) उपस्थित थे ।सबसे पहले समाज के लोगों द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाल कर ढोल बाजा के साथ योगेंद्र सिन्हा (मंडल अध्यक्ष ) का स्वागत किया । तत्पश्चात भगवान श्री राम चंद्र एवं भक्त गुहा निषाद राज का पूजा अर्चना करके कार्यक्रम की शुरुआत किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रदीप केवट( मछुआरा प्रकोष्ठ संयोजक )एवं मंच में उपस्थित समस्त अतिथियों का पुष्प गुच्छ एवं तिलक लगाकर स्वागत किया ।वहीं निषाद समाज के सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवन का लोकार्पण भी किया गया ।

तत्पश्चात प्रभु श्री राम जी के अनन्य केवट महाराज ने अपने नाव में बैठाकर माननीय मंडल अध्यक्ष गाँधी एवं समस्त अतिथियों के द्वारा पार लगाया गया। मंडल अध्यक्ष ने प्रभु श्रीराम जी का जयकारे के साथ समस्त परिक्षेत्र से आए समाज के लोगों को निषाद जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीएवं बताया कि भगवान राम के प्रिय सखा निषाद राज की जयंती पर केवट समाज द्वारा बड़े ही भव्य रूप से सभी जगह शोभा यात्रा निकाली जाती है । समाज के लोगों हमेशा एकत्र होकर काम करने को कहा ।और बताया कि केवट राज रामायण का एक खास पात्र है, भगवान श्री राम का जब वनवास से लौट के उपरांत राज्य अभिषेक हो रहा था तब भाई भरत ने कहा भैया जिन्होंने आपको लंका विजय में साथ दिए थे सबको निमंत्रण भेजा है ।

अब बताइए कोई और हो तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने कहा मेरे अनंत मित्र निषाद राज को इस राज्य अभिषेक में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए । उन्होंने निषाद राज को मुख्य अतिथि के तौर पर निमंत्रण भेजा था कारण यह था कि हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने निषाद राज द्वारा किए गए उपकार को नहीं भूले थे । क्योंकि जब भगवान श्री राम वनवास में जा रहे थे तब निषाद राज ने मां सीता भाई लक्ष्मण और भगवान श्री राम को गंगा पार कराया था । जब गंगा पार कराने की बदले में भगवान श्री राम ने उन्हें दाम पूछा तब उन्होंने कहा कि जिस तरह मैंने आपको गंगा पार कराया है इसी तरह प्रभु आप भी मुझे इस भवसागर से पार करा देना यही मेरी कीमत होगी । एक बार फिर सभी को भगवान श्री राम के अनन्य भक्त निषाद राज की जयंती पर मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं । कार्यक्रम में मुख्य रूप से मितेन्द्र वैष्णव , हेमंत साहू भाजपा नेता व निषाद समाज के घोटिया परिक्षेत्र के अध्यक्ष महेश राम निषाद, ग्राम पंचायत के सरपंच ममता मंडावी, उप सरपंच भोज राम साहू, दानी राम निषाद, बहुर निषाद, तीरथ निषाद, फिरतू निषाद, टेमिन निषाद, शत्रुघ्न निषाद, पुखराज निषाद, कौशलेंद्र साहू, संदीप देवांगन एवं समस्त सामाजिक गण एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे ।

जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से पत्रकार संघ की सौजन्य भेंट

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जगदलपुर जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विक्रमादित्य झा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश झा, उपाध्यक्ष (महिला) प्रीति वानखेड़े, सचिव संतोष चौधरी, सह सचिव भरत सिंह सेठिया, कोषाध्यक्ष दीनबंधु रथ, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव हेलिना मोजेस तथा ग्रंथपाल ओमप्रकाश यादव से न्यालय परिसर में बस्तर जिला पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंटकर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बस्तर की मूल समस्याओं, जनहित के मुद्दों एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों ही संघों के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए परस्पर सहयोग से आगे बढ़ने की सहमति जताई।

बस स्टैंड में चला प्रशासन का बुलडोजर

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हटाए गए 80 से भी ज्यादा अवैध निर्माण

अवैध कब्जों पर जारी रहेगी कार्रवाई: जागेश्वर कौशल एसडीएम

बीजापुर नगर पालिका परिषद बीजापुर क्षेत्र के नया बस स्टैंड के पीछे चट्टान पारा से लगे भाग में वन मद की भूमि में अवैध रूप से किये गए अतिक्रमण पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान 80 से भी ज्यादा अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। उल्लेखनीय है कि पूर्व में ही इस क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तीन बार विगत वर्षों में जिला प्रशासन द्वारा किया गई थी।

ताजा कार्रवाई के पूर्व नगर पालिका परिषद बीजापुर द्वारा अतिक्रमणकारियों को तीन बार नोटिस जारी कर अवैध अतिक्रमण हटाने कहा गया था। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर के बाबा चिकटराज समिति द्वारा जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था। कलेक्टर बीजापुर के आदेश पर एसडीएम के निर्देशन में राजस्व, पुलिस, वन विभाग, नगर पालिका परिषद बीजापुर की संयुक्त टीम द्वारा प्रातः 8 बजे से अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रारम्भ किया गया। 80 से अधिक अतिक्रमणकारियों को शासकीय भूमि से बेदखल किया गया। इस कार्रवाई पर नगरवासियों ने खुशी जाहिर की है।

भाजपा जिला अध्यक्ष का पुतला दहन, सख्त कार्रवाई की मांग

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जगदलपुर सराफा व्यवसायी से मारपीट और गीदम क्षेत्र में आपराधिक वारदातों की वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दंतेवाड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष का पुतला दहन किया। बस्तर जिले के दंतेवाड़ा जिले की व्यापार नगरी गीदम में राजनीतिक फिजा बदरंग हो गई है। सरकार पर लगातार हमलावर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष का पुतला दहन किया।

बस स्टैंड में किए गए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गीदम क्षेत्र में लगातार अपराध, मारपीट और गुंडागर्दी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके लिए सीधे तौर पर भाजपा जिम्मेदार है। कांग्रेस ने भाजपा जिला अध्यक्ष पर बुजुर्ग सर्राफा व्यापारी के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर प्रदर्शन जारी रहेगा।पुतला दहन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

लर्निंग लायसेंस शिविर’’ में 43 वाहन चालकों को प्रदाय किया गया लर्निंग लायसेंस

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अगामी दिनों में भी विभिन्न स्थानों में किया जाना है लर्निंग लायसेंस शिविर का आयोजन।

यातायात पुलिस बालोद की अपील बिना लायसेंस के वाहन न चलाएं।

पुलिस अधीक्षक बालोद श्रीमान् योगेश कुमार पटेल के निर्देशन पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन मंे, श्री बोनीफॉस एक्का उप पुलिस अधीक्षक (मुख्या.) बालोद एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक श्री रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार जिले में ‘‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’’ (दिनांक 01.01.2026 से 31.01.2026 तक) यातायात सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है।

आज दिनांक 16.01.2026 यातायात एवं परिवहन विभाग बालोद द्वारा संयुक्त रूप से परिवहन सुविधा केन्द्र के सहयोग से लर्निंग लायसेंस शिविर का आयोजन यातायात कार्यालय बालोद के सामने किया गया है। इस शिविर में कुल 43 वाहन चालकों का लर्निंग लायसेंस बनाकर प्रदाय किया गया।

यातायात पुलिस बालोद द्वारा लगातार वाहन चालको से अपील किया जा रहा है की बिना लायसेंस के वाहन न चलाएं, नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे। शराब सेवन कर खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए अपने तथा अन्य व्यक्तियों की जान जोखिम में न डाले हमेशा यातायात नियमों का पालन करे आम जनो एवं वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए बालोद पुलिस सदैव तत्पर है। यातायात एवं परिवहन विभाग द्वारा लगातार सड़क सुरक्षा माह के दौरान लर्निंग लायसेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें अगामी दिनों में निम्नानुसार स्थानों में लर्निंग लायसेंस शिविर का आयोजन किया जाना है जिसमें इच्छुक व्यक्ति इन स्थानों में जाकर लर्निंग लायसेंस बनवा सकते हैः-
दिनांक 17.01.2026 – गैंजी
दिनांक 18.01.2026 – मालीघोरी
दिनांक 19.01.2026 – डौण्डीलोहारा
दिनांक 20.01.2026 – चिल्हाटीकला
दिनांक 22.01.2026 – कमकापार
दिनांक 23.01.2026 – मंगचुवा
दिनांक 24.01.2026 – कोटेरा

खदान के नियमित एवं ठेका कर्मचारियों की समग्र मांगों को लेकर सीटू ने किया प्रदर्शन एवं सौंपा ज्ञापन

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विगत कई वर्षों से खदान के नियमित एवं ठेका कर्मचारियों की जायज मांगों पर लेकर प्रबंधन के उदासीन एवं नकारात्मक रवैया से आक्रोशित खदान के ठेका एवं नियमित कर्मचारियों ने सीटू के नेतृत्व में आज माइंस आफिस के सामने विशाल प्रदर्शन किया एवं प्रबंधन को चार्टर ऑफ डिमांड सौंपा ।

उल्लेखनीय है कि खदान में कार्यरत नियमित कर्मचारियों की सुविधाओं में लगातार की जा रही कटौती और ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ कई बार प्रबंधन से चर्चा और बैठक करने के बावजूद प्रबंधन के उदासीन व टरकाऊ रवैया जारी रहने के कारण एवं समस्याओं को केवल आश्वासनों तक सीमित रखने, के विरुद्ध आज 16 जनवरी को खदान कार्यालय के सामने सीटू के नेतृत्व में सैकड़ो खदान कर्मियों ने विशाल प्रदर्शन किया अपनी मांगों को लेकर खदान प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा एक बड़ा चार्टर ऑफ डिमांड मुख्य महाप्रबंधक खदान को सौंपा ।प्रदर्शनकारी साथियों को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से बीएसपी व खदान प्रबंधन का रवैया नियमित एवं ठेका कर्मियों के प्रति बेहद उदासीन हो गया है, नियमित कर्मचारियों से संबंधित मेडिकल सुविधा, टाउनशिप सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है,। इसी तरह ठेका श्रमिकों की जायज मांगों को लेकर भी लगातार हीला हवाली करते हुए मामलों को टाला जा रहा है । जिससे खदान के नियमित एवं ठेका कर्मचारी बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि राजहरा माइंस हॉस्पिटल की बिगड़ी व्यवस्था ने अब हमें प्रत्येक माह की एक तारीख को शिविर में इलाज कराने पर मजबूर कर दिया है , जो कि एक महारत्न कंपनी के लिए शर्म की बात है । इसी तरह माइंस के कर्मचारियों को भिलाई रेफरल के मामले में अघोषित पाबंदी लगा दी गई है, जिससे कर्मचारी सेक्टर 9 हॉस्पिटल इलाज के लिए भी आसानी से नहीं जा पा रहे हैं। यह सब खर्चे में कटौती के नाम पर किया जा रहा है।जो किसी भी हालत में हमें मंजूर नहीं है।यूनियन के सचिव पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि राजहरा टाउनशिप में क्वार्टरों के रखरखाव मरम्मत का काम भी सही ढंग से नहीं हो रहा है । कर्मचारी, बिना पंखे के , टपकते आवासों में रहने के लिए मजबूर हैं।साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। टाउनशिप में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे एवं अतिक्रमण को हटाने की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है । टाउनशिप में बढ़ती चोरी की घटनाओं के लिए भी प्रबंधन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है । खाली पड़े आवासों के संबंध में प्रबंधन द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है । ऐसे आवास अवैध कब्जे की भेंट चढ़ गए हैं। कई बार मांग करने के बावजूद खाली आवासों को ठेका मजदूरों को भी आवंटित नहीं किया जा रहा है । एक तरफ प्रबंधन सेवानिवृत कर्मचारियों के रिटेंशन को खत्म कर रहा है, तो दूसरी तरफ बड़े पैमानों पर खाली पड़े आवासों की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। नियमित कर्मचारियों को वर्षों पुरानी सीनियरिटी लिस्ट के माध्यम से आवास आवंटन किया जा रहा है जिससे जूनियर कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से लंबित नान फाइनेंशियल रिवॉर्ड स्कीम को ईद का चांद बना दिया गया है ।जिसका लॉलीपॉप हर बैठक में दिया जाता है। इस तरह प्रबंधन उत्पादन में कर्मचारियों के योगदान को अघोषित रूप से अमान्य ही कर रहा है।यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ठेका कर्मचारियों का जायज हक भी उन्हें नहीं दिया जा रहा है । पूरे वेतन में 12% पी एफ कटौती का आश्वासन प्रबंधन ने दिया था जिसे आज तक पूरा नहीं किया जा गया है। ठेका कर्मियों के लिए आईपीडी मेडिकल सुविधा की योजना धरातल पर लागू नहीं हो पा रही है। इस संबंध में तरह-तरह की बहानेबाजी की जा रही है। सभी ठेका श्रमिकों को ग्रेज्युटी दिए जाने के मामले में भी प्रबंधन का रवैया बेहद नकारात्मक एवं उदासीन है। कई ठेकों में आज तक बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। इसी तरह कुछ ठेकों में पांच-पांच महीने से श्रमिकों को वेतन भुगतान तक नहीं हुआ है । जिम्मेदार प्रबंधन ने इन श्रमिकों के विभागीय भुगतान भी नहीं किया है, सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है । खदानों के अंदर रेस्ट रूम एवं कैंटिनो में कर्मियों की बैठक व्यवस्था बेहद खराब है ।शुद्ध पेयजल तक नहीं है। जिस पर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है । कार्य क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उडाई जा रही हैं। सुरक्षा कमेटियों के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। नियमित कर्मचारी के प्रमोशन पर भी प्रबंध गंभीर नहीं है। ईपीएस पेंशन के लिए डाटा में सुधार के लिए कर्मचारियों को भिलाई और रायपुर का चक्कर काटना पड़ रहा है, जिसमें प्रबंधन के किसी भी स्तर पर कोई सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है । यह बेहद शर्मनाक बात है । इसलिए यूनियन ने नियमित एवं ठेका कर्मचारियों के समग्र मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन और आर पार के संघर्ष का आगाज किया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि आज सौंपे जा रहे हैं चार्टर आफ डिमांड पर यदि प्रबंधन ने गंभीरता से बैठक कर निराकरण करने की दिशा में विश्वसनीय कदम नहीं उठाया, तो आगे यूनियन द्वारा विशाल आंदोलन संगठित किया जाएगा, जो खदानों में हड़ताल और कामबंदी तक जा सकता है। इसकी समस्त जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की ही होगी । आज प्रदर्शन के दौरान यूनियन द्वारा एक 22 सूत्रीय चार्टर ऑफ डिमांड प्रबंधन को सौंपा गया, तथा इस पर संक्षिप्त चर्चा की गई। सौंपे गये चार्टर ऑफ डिमांड में नियमित व ठेका कर्मचारियों के लिए नान फाइनेंशियल रिवॉर्ड स्कीम लागू करने, वीकली ऑफ या अतिरिक्त ड्यूटी पर डबल एक्स्ट्रा वेज देने, आईओसी की सभी कैंटिनो व रेस्ट रूम में एसी लगाने, वरिष्ठ कर्मचारियों को प्रमोशन दिए जाने,एक्सावेटर डंपर, डोजर हेवी मशीनरी आपरेटरों को एक्सेलरेट प्रमोशन देने, इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर को अतिरिक्त ग्रेड इंक्रीमेंट देने, सभी अनुभागों में कंप्यूटर लेजर प्रिंटर की व्यवस्था करने, इपीएस पेंशन संबंधित समस्याओं की निराकरण के लिए सीपीएफ भिलाई के एक अधिकारी को राजहरा में पदस्थ करने, राजहरा माइंस हॉस्पिटल में पूर्व की तरह सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्त करने, सभी ओपीडी बहाल करने, स्टाफ नर्स ड्रेसर लैब टेक्नीशियन ऑफिस अटेंडेंट एंबुलेंस अटेंडेंट की कमी को दूर करने, भिलाई रेफरल पर अघोषित रूप से लगाई गई पाबंदी को तत्काल रद्द करने, एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड की नियमित व्यवस्था करने तथा टाउनशिप के मामले में आवास आवंटन हेतु नई सीनियरिटी लिस्ट जारी करने, क्वार्टरों के खिड़की दरवाजों की मरम्मत,नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण करने, मंगल भवन ओपन एयर थिएटर का मरम्मत एवं रंगाई पुताई करने, बचे क्वाटरों में तरपल्टिंग करने, बैकयार्ड क्लीनिंग, सीवरेज लाइन मरम्मत, कोर्टयार्ड वाल मरम्मत, इत्यादि के साथ टाउनशिप में खाली पड़े मैदाने की फेंसिंग कर सुरक्षित करने,पीएचडी व्यवस्था बहाल करने, टाउनशिप में भारी वाहनों के प्रवेश पार्किंग पर प्रतिबंध लगाने, सभी चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, ठेका श्रमिकों के माइंस भत्ता एवं रात्रिकालीन भत्ते को क्रमशः ₹200 और 180 रुपए प्रतिदिन किए जाने, माइंस से सेवानिवृत कर्मचारियों को थर्ड पार्टी/ लीज/ लाइसेंस/ रिटेंशन लागू करने, ठेका श्रमिकों को परिवार सहित आईपीडी सुविधा जल्द चालू करने, सभी ठेकों में पूरे वेतन पर 12% ईपीएफ कटौती, सभी ठेका श्रमिकों को ग्रेज्युटी भुगतान करने, सभी ठेका श्रमिकों के लिए माडल स्टैंडिंग आर्डर लागू कर आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, त्यौहार छुट्टी सुनिश्चित करने, सभी ठेका कार्यों में समान प्रकृति के ठेकों में श्रमिकों की श्रेणी एवं वेतन भत्ते की नियम शर्तों को सामान करने, ठेका श्रमिकों की 20% कटौती पर रोक लगाने, जगन्नाथ पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को भी एडब्ल्यूए की राशि दिए जाने सहित कुल 22 सूत्री मांगें शामिल है ।

गंदगी फैलाने वाले ठेला संचालकों पर ठोंका जुर्माना

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शहीद पार्क के सामने ठेले वालों पर सख्त कार्रवाई

स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर 7 हजार का जुर्माना, आगे भी जारी रहेगी सघन कार्रवाई

जगदलपुर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ व सुंदर रखने के उद्देश्य से नगर निगम जगदलपुर द्वारा शहीद पार्क के सामने संचालित ठेला व्यवसायियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ ठेला संचालक नालियों में कचरा फेंकते पाए गए। सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य अपशिष्ट और डिस्पोजल सामग्री फेंककर गंदगी फैलाई जा रही थी, जिससे आसपास का क्षेत्र अस्वच्छ हो रहा था और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

नगर निगम की स्वच्छता टीम द्वारा मौके पर ही कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले मोमोस सेंटर, चिकन सेंटर एवं एग रोल सेंटर ठेला संचालकों पर कुल सात हजार का जुर्माना आरोपित किया गया। यह जुर्माना नालियों में कचरा फेंकने, सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने एवं स्वच्छता नियमों की अवहेलना करने के मामलों में लगाया गया।महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि नगर की स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और व्यवसायी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए निगम द्वारा लगातार निरीक्षण, जागरूकता एवं उसके पश्चात सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह आगे भी निरंतर जारी रहेगी।वहीं नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने कहा कि ठेला संचालकों एवं खाद्य व्यवसायियों को स्वच्छता नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, नालियों में कचरा फेंकना पूर्णतः प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भविष्य में और अधिक कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम द्वारा सभी ठेला संचालकों, दुकानदारों एवं नागरिकों से अपील की गई है कि वे डिस्पोजल का विवेकपूर्ण उपयोग करें, कचरा इधर-उधर न फेंकें, स्वच्छता नियमों का पालन करें तथा नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें।

गुणवत्ता और समय पर कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: संजय पाण्डे

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निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे महापौर पाण्डेय

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर द्वारा शहर के बुनियादी ढांचे, सांस्कृतिक धरोहरों और खेल सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महापौर संजय पाण्डे ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की स्थिति देखने पहुंचे। महापौर संजय पाण्डे ने बताया कि टाउन हॉल जगदलपुर शहर की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान है, जहां वर्षों से विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शासकीय कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। इसे नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को बेहतर और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा- नगर निगम का प्रयास है कि इस ऐतिहासिक सभागार की गरिमा को बनाए रखते हुए इसे आज की जरूरत के मुताबिक विकसित किया जाए। मेयर संजय पाण्डेय ने कहा- कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी और संबंधित कर्मचारियों से कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हों तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

वर्तमान में टाउन हॉल में संरचनात्मक सुधार, आवश्यक मरम्मत, आंतरिक उन्नयन, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है।महापौर पाण्डेय ने कहा कि मरम्मत एवं उन्नयन कार्य पूर्ण होने के बाद यह स्थल पुनः शहर की सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके बाद महापौर संजय पाण्डे नगर निगम जगदलपुर क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित क्रिकेट बॉक्स यूनिट निर्माण कार्य स्थल पहुंचे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही इस कार्य का भूमिपूजन प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ था। यह निर्माण कार्य डीएमएफटी मद से नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 20 लाख रुपए है।इस अवसर पर महापौर ने कहा नगर निगम जगदलपुर शहर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। क्रिकेट बॉक्स यूनिट के निर्माण से स्थानीय युवाओं को अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए बेहतर एवं सुरक्षित सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के पालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक विकास कार्य जनहित से जुड़ा है और इसे पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाना हमारी टीम की जिम्मेदारी है। नगर निगम द्वारा शहर के सर्वांगीण विकास की दिशा में यह प्रयास लगातार जारी रहेंगे।इस दौरान एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, ईई गोपाल भारद्वाज, इंजीनियर प्रवीण पोयाम मौजूद रहे।

जल, जंगल और जमीन पर हक के लिए लामबंद हुईं बस्तर की ग्रामसभाएं

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आवराभाट में महा ग्रामसभा संघ की बैठक

वन अधिकार और पेसा कानून को लेकर हुई चर्चा

जगदलपुर जल, जंगल और जमीन पर हक के लिए तथा पेसा कानून पर शत प्रतिशत अमल के लिए बस्तर की ग्रामसभाएं लामबंद हो गईं हैं। ग्राम आवराभाट में महा ग्रामसभा संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता ईश्वर मौर्य ने की। मंच संचालन बनसिह मौर्य ने किया। बैठक में विभिन्न ग्राम सभाओं से आए प्रतिनिधियों, अध्यक्षों, सचिवों एवं सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभाओं को सशक्त करना, वन अधिकार मान्यता कानून, पेसा कानून तथा जल-जंगल-जमीन पर सामुदायिक अधिकारों को लेकर साझा समझ और कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक को संबोधित करते हुए महा ग्रामसभा संघ के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ कश्यप ने ग्राम सभा की पृष्ठभूमि और उद्देश्य को सामने रखा। उन्होंने कहा कि वन अधिकार मान्यता कानून के अंतर्गत ग्रामसभा को जो अधिकार पत्रक प्राप्त होते हैं, उसके बाद आगे की प्रक्रिया को समझना और लागू करना अत्यंत आवश्यक है।

शासन प्रशासन से गांव की समस्याओं के समाधान के लिए महा ग्रामसभा संघ का गठन एक समन्वयक मंच के रूप में किया गया है, ताकि ग्रामसभाओं की आवाज एकजुट होकर मजबूत तरीके से रखी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जल, जंगल और जमीन पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत सामूहिक निर्णय होना चाहिए, जिसमें महिला और पुरुष दोनों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो। ग्रामसभा की बैठक नियमित रूप से आयोजित कर ग्रामसभा रजिस्टर एवं उपस्थित पंजी में कार्यवाही दर्ज करना अनिवार्य है, तभी अधिकारों का सही उपयोग संभव होगा। उन्होंने संस्कृति, परंपरागत देवी-देवता स्थलों के संरक्षण, शिक्षा-स्वास्थ्य के अध्ययन, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। संतू मौर्य ने कहा कि हमें केवल अधिकार पत्रक प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि अपने गांव के लिए ठोस प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करनी होगी। जल, जंगल, जमीन पर वास्तविक मालिकाना हक लेकर ही गांव का सतत विकास संभव है। ग्राम सभा घाटकवाली से आए वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने अपनी ग्रामसभा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके गांव में लगभग 155 हेक्टेयर भूमि का सामुदायिक वन अधिकार पत्रक प्राप्त हुआ है।सीएफआर क्षेत्र में 5 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर 2.5 हेक्टेयर में काजू का पौधारोपण किया गया है। शिक्षा समिति का गठन कर साप्ताहिक बैठक होती है, शिक्षक-विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी की जाती है। हाट-बाजार समिति द्वारा प्राप्त राशि ग्रामसभा कोष में जमा की जाती है। कक्षा 5वीं से 12वीं तक अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को ग्रामसभा में बुलाकर सम्मानित किया जाता है। शांति-न्याय समिति में 10 सदस्य, 5 महिलाएं शामिल हैं।

यह समिति भूमि विवाद और आपसी विवादों का समाधान करती है। ग्रामसभा की बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से होती है। ग्रामसभा धरमाऊर से शोभा मंडावी ने बताया कि उनके गांव में ग्रामसभा की बैठक नियमित न हो पाना एक बड़ी समस्या है। जागरूकता के अभाव में लोग बैठक में उपस्थित नहीं हो पाते, जबकि जंगल सुरक्षा और खाली जगहों पर पौधारोपण पर गंभीर चर्चा जरूरी है। ग्रामसभा कांदानार से बली बघेल ने कहा कि उनके गांव में चारों ओर घने जंगल हैं और लोग वनोपज, कंद, मूल, फल, हाट-बाजार और आजीविका संसाधनों का उपयोग करते आ रहे हैं। अब प्रबंधन समिति का गठन किया गया है और जंगल सुरक्षा व संसाधनों के सही उपयोग के लिए कार्ययोजना तैयार करना आवश्यक है। कांदानार के सरपंच ने कहा कि गांव किस दिशा में जाएगा, जल, जंगल, जमीन पर अधिकार कैसे लिया जाएगा, यह निर्णय ग्रामसभा ही तय करती है। सुखदेव बघेल ने कहा कि अधिकार पत्रक मिलने के बाद धारा 4(घ) के अंतर्गत जल, जंगल, जमीन पर लोकतांत्रिक व्यवस्था से सामूहिक निर्णय लेकर लिखित कार्ययोजना बनाना हर ग्रामसभा की जिम्मेदारी है। लक्ष्मी मांझी ने कहा कि केवल अधिकार लेकर चुप नहीं बैठना चाहिए। ग्रामसभा में महिला-पुरुष की पूर्ण भागीदारी, महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और कोरम पूर्ति के साथ ग्रामसभा को मजबूत बनाना जरूरी है। ग्रामसभा आवराभाट में यह निर्णय लिया गया कि महिला ग्रामसभा की बैठक प्रत्येक माह की 15 तारीख और पुरुष ग्रामसभा की बैठक 30 तारीख को नियमित रूप से होगी, जिसमें जंगल सुरक्षा और संसाधनों के संरक्षण पर निर्णय लिए जाएंगे। प्रज्ञा मंडावी ने कहा कि महिला और पुरुष साइकिल के दो पहियों की तरह हैं, दोनों की समान भूमिका से ही ग्राम सभा मजबूत हो सकती है। ग्रामसभा नेतानार से मुन्ना नाग ने बताया कि उनके गांव में बैठक हर माह 15 तारीख को तय है, लेकिन गांव बड़ा होने के कारण 7 पारा में से केवल 3 पारा के लोग ही उपस्थित हो पाते हैं। ग्रामसभा धुडमारास से ईश्वर बघेल ने विस्थापन के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी-मूलनिवासी क्षेत्रों में जबरन शोषण, माइनिंग या वन्यजीव के नाम पर मुआवजा देकर गांव को बेदखल किया जाता है। इससे बचने के लिए ग्राम सभा का अधिकार पत्रक लेना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामसभा कावापाल से महादेव बघेल ने कहा कि रासायनिक खेती से बीमारियां बढ़ रही हैं, इसलिए उनके गांव में गोबर एकत्र कर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। लघु वनोपज पर बिचौलियों के नियंत्रण को रोकने और ब्लॉक व जिला स्तर पर संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। ग्राम टेकामेटा से सुदरु राम बघेल ने जंगल बचाने के लिए चौकीदार के रूप में सेवा देने की बात कही और भूमि खरीद-बिक्री व जंगल कटाई पर रोक लगाने के ग्रामसभा के निर्णय को साझा किया। मोतीराम बघेल ने कहा कि टेकामेटा एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित ऑक्सीजन जोन है। वन अधिकार पत्रक मिलने के बाद पर्यटन स्थल के रूप में उपयोग का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा को हथौड़ा नहीं, चाबी बनना होगा, ताकि लिखित कार्ययोजना के जरिए शासन-प्रशासन से संवाद किया जा सके। महा ग्रामसभा संघ के सचिव मानसिंह बघेल ने बैठक के मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में रखते हुए पेसा कानून, वन अधिकार कानून, लघु वनोपज पर मालिकाना हक, विस्थापन और ग्रामसभा के स्वनिर्णय की महत्ता पर प्रकाश डाला। बैठक का समापन ईश्वर मौर्य ने किया। इस अवसर पर 26 ग्रामसभाओं के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य उपस्थित रहे।

पानी में बह गए 230 करोड़ रुपए, फिर भी शहर प्यासा: अशोक फड़नवीस

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अमृत योजना में भारी भ्रष्टाचार का, जांच से भाग रहे शासन-प्रशासन

विधायक डॉ. रमन सिंह की चुप्पी से शहर को हुआ नुकसान: फड़नवीस

राजनांदगांव शहर में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी आम जनता पानी की समस्या से जूझ रही है। अमृत योजना के तहत किए गए कार्यों पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व नगर पालिका चेयरमैन अशोक फड़नवीस ने योजना में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शासन-प्रशासन की चुप्पी को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है है।

फड़नवीस ने अमृत योजना को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 230 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बाद भी शहर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे यह साफ है कि योजना जमीन पर नहीं, सिर्फ कागजों पर पूरी की गई है। फड़नवीस के अनुसार अमृत योजना की पाइप लाइन निर्धारित गहराई और तय गड्ढों में नहीं बिछाई गई। बावजूद इसके बिना किसी तकनीकी जांच के करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कई किलोमीटर पाइप लाइन डाली ही नहीं गई, फिर भी उसका पूरा भुगतान कर दिया गया है, जो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुरानी मुख्य पाइप लाइन से अमृत योजना की पाइप लाइन को जोड़कर दिखावटी सफाई की गई, ताकि असलियत सामने न आए। जनप्रतिनिधियों को तकनीकी अधिकारियों द्वारा गुमराह किया गया और चार इंच की पाइप से शहर की प्यास बुझाने और लंबे समय तक जलापूर्ति का संकल्प पास करा लिया गया, जबकि तकनीकी रूप से यह संभव ही नहीं है। श्री फडणवीस ने कहा कि इस योजना से शहर को कितना लाभ होगा और ठेकेदारों व अधिकारियों को कितना फायदा पहुंचेगा इसका पूरा हिसाब पहले ही तय कर लिया गया था। यह टॉप टू बॉटम मिलीभगत का मामला है जिसमें ठेकेदार, तकनीकी अधिकारी और जिम्मेदार अफसर शामिल हैं। इसी वजह से आज तक न तो जांच हो रही है और न ही कोई कार्रवाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह खेल सिर्फ राजनांदगांव तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश में इसी तरह जनता के हितों की अनदेखी कर भ्रष्टाचार किया गया है। हाई-प्रोफाइल क्षेत्र होने के बावजूद जहां पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष का सीधा प्रभाव है वहां भी जनता पानी की समस्या से जूझ रही है, लेकिन स्थानीय विधायक डॉ. रमन सिंह की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। चाहे वह बूढ़ा सागर का ड्रीम प्रोजेक्ट हो, शहर की सड़कों का घटिया डामरीकरण हो या अन्य विकास कार्य सभी में भारी राशि स्वीकृत की गई लेकिन उसी अनुपात में भ्रष्टाचार की खुली छूट भी दी गई। यदि इन पैसों का सही उपयोग होता तो आज शहर की दशा और दिशा कुछ और ही होती। अशोक फडणवीस ने आरोप लगाया कि विधायक सत्ता में हों या विपक्ष में हर स्थिति में खामोशी की चादर ओढ़े हुए हैं और जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है।

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