नारायणपुर विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर नारायणपुर में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। जिले के सुदूर अबूझमाड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति की विविधता और सामाजिक सहभागिता की झलक दिखाई दी।कार्यक्रम की शुरुआत हाईस्कूल मैदान में सामाजिक ध्वज के ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद शहर में विशाल बाइक रैली और पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं बुजुर्ग शामिल हुए। रैली और पदयात्रा के दौरान समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश दिया गया।मुख्य कार्यक्रम में समाज के पटेल एवं गायता का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। इस दौरान युवाओं ने आदिवासी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संकल्प भी व्यक्त किया।आयोजन का एक विशेष पहलू आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सल प्रभावित लोगों की भागीदारी रही। उन्होंने भी पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ाव व्यक्त किया। कई प्रतिभागियों ने इसे सामाजिक समरसता और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बताया।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर नारायणपुर में उमड़ी भीड़, पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जिले की समृद्ध आदिवासी विरासत को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया।।



