सांसें थाम देने वाले फाइनल में कुतुल नाइट राइडर्स बनी चैंपियन, अबूझमाड़ बैडमिंटन लीग का भव्य समापन5-5 की बराबरी के बाद निर्णायक मुकाबले में जीता खिताब, खेल के जरिए एकता और विश्वास का संदेशनारायणपुर खेल, उत्साह और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन चुकी अबूझमाड़ बैडमिंटन लीग (ABL) सीजन-3 का भव्य समापन शनिवार को रामकृष्ण मिशन आश्रम स्थित आर.के.एम. इंडोर स्टेडियम में हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन का फाइनल मुकाबला इतना रोमांचक रहा कि विजेता का फैसला निर्णायक मैच से करना पड़ा। आखिरकार कुतुल नाइट राइडर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया, जबकि हांडावाड़ा रैकेटियर्स उपविजेता रही।समापन समारोह में छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल तथा रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी व्याप्तानंद सहित पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा बलों के अधिकारी, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।फाइनल मुकाबले में कुतुल नाइट राइडर्स और हांडावाड़ा रैकेटियर्स के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। निर्धारित छह श्रेणियों के मुकाबलों के बाद दोनों टीमों के पांच-पांच अंक बराबर रहे। इसके बाद दोनों टीमों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच खेले गए निर्णायक मुकाबले में कुतुल नाइट राइडर्स ने जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।प्रतियोगिता में गरपा जायंट्स ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं शानदार प्रदर्शन के आधार पर छह खिलाड़ियों को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।वीर स्मृति प्रतियोगिता में वरिष्ठ अधिकारियों ने दिखाया खेल कौशलआयोजन के तीसरे दिन आयोजित वीर स्मृति बैडमिंटन प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें निरीक्षक से लेकर पुलिस महानिरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कुल आठ टीमों के बीच हुए मुकाबलों में डीआईजी बीएसएफ पारिश देशमुख और द्वितीय कमान अधिकारी अनिल कुमार की टीम विजेता बनी, जबकि डीआईजी कमलोचन कश्यप और निरीक्षक वीरेंद्र चंद्र की टीम उपविजेता रही।खेल से विश्वास और विकास की ओर अबूझमाड़समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने कहा कि “शांति, खेल और समृद्धि” की भावना के साथ आयोजित यह लीग युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें अवसर और सही मंच उपलब्ध कराने की है।तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने खेल के माध्यम से विश्वास, सौहार्द और सकारात्मक बदलाव का संदेश पूरे क्षेत्र में पहुंचाया तथा अबूझमाड़ में खेल संस्कृति को नई पहचान दी।






