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जल जीवन मिशन में 60 लाख का खेल, भिरिंडा में दो साल बाद भी अधूरा

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बोर्ड लगाकर भूल गए ठेकेदार और अधिकारी

बकावंड.जल जीवन मिशन के नाम पर भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला ग्राम बकावंड ब्लॉक के भिरिंडा से सामने आया है। शासन ने गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए 60.43 लाख रुपए की सिंगल विलेज योजना स्वीकृत की थी, लेकिन दो साल बाद भी काम कागजों में ही है। मौके पर लगा बोर्ड इसकी गवाही दे रहा है।

गांव में लगाए गए बोर्ड के अनुसार कार्यादेश क्रमांक – 4311, दिनांक 0 7 अगस्त 2023 को जारी किया गया है। अनुबंध क्रमांक 246/ डीएल /2023-24 और निर्माण एजेंसी संजय कुमार अग्रवाल हैं। योजना में 40 किलो लीटर क्षमता की टंकी निर्माण, 2694 मीटर पाइप लाइन बिछाने, 84 घरों में नल कनेक्शन देने, बाउंड्री वाल और क्लोरीनेटर रूम बनाने के कार्य शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सिर्फ बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर दी है। बाउंड्री वाल आधी-अधूरी है, टंकी का काम भी अधूरा है। अधिकारी मौन धारण करके बैठे हैं।इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा- भिरिंडा जैसे आदिवासी गांव में जल सुविधा के लिए मिले 60 लाख रुपए निकाल लिए गए और जमीन पर कुछ नहीं है। यह सीधे-सीधे आदिवासी हितों के साथ धोखा है। अगर एक महीने के अंदर काम शुरू नहीं हुआ तो हम पीएचई विभाग का घेराव कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”

जल जीवन मिशन में 60 लाख का खेल, भिरिंडा में दो साल बाद भी अधूरा

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बोर्ड लगाकर भूल गए ठेकेदार और अधिकारी

बकावंड जल जीवन मिशन के नाम पर भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला ग्राम बकावंड ब्लॉक के भिरिंडा से सामने आया है। शासन ने गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए 60.43 लाख रुपए की सिंगल विलेज योजना स्वीकृत की थी, लेकिन दो साल बाद भी काम कागजों में ही है। मौके पर लगा बोर्ड इसकी गवाही दे रहा है।

गांव में लगाए गए बोर्ड के अनुसार कार्यादेश क्रमांक – 4311, दिनांक 0 7 अगस्त 2023 को जारी किया गया है। अनुबंध क्रमांक 246/ डीएल /2023-24 और निर्माण एजेंसी संजय कुमार अग्रवाल हैं। योजना में 40 किलो लीटर क्षमता की टंकी निर्माण, 2694 मीटर पाइप लाइन बिछाने, 84 घरों में नल कनेक्शन देने, बाउंड्री वाल और क्लोरीनेटर रूम बनाने के कार्य शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सिर्फ बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर दी है। बाउंड्री वाल आधी-अधूरी है, टंकी का काम भी अधूरा है। अधिकारी मौन धारण करके बैठे हैं।इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा- भिरिंडा जैसे आदिवासी गांव में जल सुविधा के लिए मिले 60 लाख रुपए निकाल लिए गए और जमीन पर कुछ नहीं है। यह सीधे-सीधे आदिवासी हितों के साथ धोखा है। अगर एक महीने के अंदर काम शुरू नहीं हुआ तो हम पीएचई विभाग का घेराव कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”

नवरात्रि पर्व पर मां मनसा देवी मंदिर में 25 ज्योति कलशों की स्थापना

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भक्तिमय वातावरण में हुआ ज्योति प्रज्वलन


अभनपुर। तहसील अभनपुर के ग्राम जुलूम में पावन शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर जय माता सेवा मंदिर समिति ग्राम जुलूम मां मनसा देवी, मां धनेश्वरी, मां दुर्गा, भगवान शंकर, बजरंगबली महाराज के पावन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भक्तों द्वारा 25 ज्योति कलशों की स्थापना की गई है। इस पावन अवसर पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ज्योति प्रज्वलित की गई। माता रानी की आराधना से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। ज्योति प्रज्वलन के इस शुभ अवसर पर विशेष रूप से पंडित आशीष शुक्ला महाराज उपस्थित रहे। साथ ही भक्तमाता जामबाई साहू, जनपद पंचायत अभनपुर के उपाध्यक्ष खेलूराम साहू, रामकुमार साहू अंकेक्षक, परिक्षेत्र साहू समाज खोरपा एवं प्रचार मंत्री, साहू समाज जिला रायपुर ग्रामीण, केकती साहू पूर्व उपाध्यक्ष, साहू समाज जिला धमतरी, श्याम सुंदर साहू, अश्वनी साहू समेत पचासों श्रद्धालु मौजूद थे।

नवरात्रि पर्व पर मां मनसा देवी मंदिर में 25 ज्योति कलशों की स्थापना

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भक्तिमय वातावरण में हुआ ज्योति प्रज्वलन

अभनपुर तहसील अभनपुर के ग्राम जुलूम में पावन शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर जय माता सेवा मंदिर समिति ग्राम जुलूम मां मनसा देवी, मां धनेश्वरी, मां दुर्गा, भगवान शंकर, बजरंगबली महाराज के पावन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भक्तों द्वारा 25 ज्योति कलशों की स्थापना की गई है। इस पावन अवसर पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ज्योति प्रज्वलित की गई। माता रानी की आराधना से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। ज्योति प्रज्वलन के इस शुभ अवसर पर विशेष रूप से पंडित आशीष शुक्ला महाराज उपस्थित रहे। साथ ही भक्तमाता जामबाई साहू, जनपद पंचायत अभनपुर के उपाध्यक्ष खेलूराम साहू, रामकुमार साहू अंकेक्षक, परिक्षेत्र साहू समाज खोरपा एवं प्रचार मंत्री, साहू समाज जिला रायपुर ग्रामीण, केकती साहू पूर्व उपाध्यक्ष, साहू समाज जिला धमतरी, श्याम सुंदर साहू, अश्वनी साहू समेत पचासों श्रद्धालु मौजूद थे।

मीडिया को बिकाऊ कहने वाले ये नेता अपनी बात पर कितने टिकाऊ?

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दुर्ग। सुशासन सरकार के खिलाफ आग उगलने वाले स्वाभिमान मंच के एक नेता अब मीडिया को भी बिकाऊ बताने से बाज नहीं आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच अपने गठन के बाद अभी कुछ दिनों से ही पुनः सक्रिय हुआ है वह भी केवल मंडी बोर्ड में पदस्थ एमडी को हटाने को लेकर। उनके खिलाफ धरना प्रदर्शन करने के बाद अब स्वाभिमान मंच विभाग के दुर्ग राजनांदगांव के प्रभारी ई ई जायसवाल को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। कभी मंडी बोर्ड के एमडी को लेकर तो अभी मंडी बोर्ड के ई ई को लेकर बयानबाजी करने वाले उक्त नेता की बयानबाजी पर स्थानीय मीडियाकर्मी ने बताया कि मीडिया को बिकाऊ कहने वाले उक्त नेता खुद कितने अपनी बात पर टिकाऊ हैं, यह जनता देख रही है। केवल एक विभाग के बारे बारे में अलग अलग बयानबाजी करने वाले उक्त नेता की मंशा ही खुद कटघरे में दिखती है।,जो नेता स्वाभिमान बेचकर बयानबाजी करे वह स्वाभिमान मंच के साथ कैसे इंसाफ कर सकता है? वे मीडिया पर बयान देने से पहले खुद अपने गिरेबान में झांके, तब वे मीडिया पर बयान दिया करें।

शराब दुकान में रंगदारी, आरोपी गिरफ्तार

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जगदलपुर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक धोत्रे सुमीत कुमार के निर्देशन में बस्तर पुलिस द्वारा जिले में आपराधी तत्वों एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कोतवाली, जगदलपुर पुलिस द्वारा धरमपुरा स्थित शराब दुकान में हुई घटना के मामले में हिस्ट्रीशीटर आरोपी राजा ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

ज्ञात हो कि 10 अक्टूबर की रात लगभग 10 बजे शराब दुकान बंद होने के बाद दुकान का मैनेजर कार्यालयीन कार्य कर रहा था कि इसी दौरान राजा ध्रुव वहां पहुंचा और दुकान के बंद दरवाजे पर लात मारकर उसे तोड़ते हुए अंदर प्रवेश कर गया। इसके बाद आरोपी को दुकान बंद होने की जानकारी दी जाने के बावजूद वह अवैध रूप से शराब की मांग करने लगा तथा शराब देने से मना करने पर आरोपी ने दुकान में मौजूद मैनेजर एवं अन्य कर्मचारियों के साथ अश्लील गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट करने पर उतारू हो गया।

घटना के संबंध में शराब दुकान के मैनेजर द्वारा थाना कोतवाली, जगदलपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थाना कोतवाली में धारा 296, 351(2), 331(4) एवं 119(1), भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना के दौरान प्रार्थी एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए तथा अन्य साक्ष्य एकत्रित किए गए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजा ध्रुव को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में संलिप्तता स्वीकार की।तत्पश्चात आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपी को पकड़ने में निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक अरुण मरकाम, प्रमोद ठाकुर, थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप निरीक्षक रानी सोनी, प्रधान आरक्षक विनोद चांदने, आरक्षक भीम मंडावी, टामन बघेल, हरीश कश्यप एवं राजू की अहम भूमिका रही।

नक्सलमुक्त बस्तर के जंगलों में भी दिखने लगा है सुशासन, सुनाई देने लगी हैं दहाड़ें

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बढ़ गया बाघों, शेरों, तेंदुओं और भालुओं का कुनबा

गांवों तक पहुंचने लगे हैं हिंसक जंगली जानवर

उलनार और पाईकपाल में मिले बाघ के पदचिन्ह

-अर्जुन झा-

जगदलपुर।सुशासन सरकार में वन मंत्री केदार कश्यप की शानदार पहल के चलते अब नक्सल मुक्त बस्तर जंगलों में वन्यप्राणियों के बीच भी सुशासन का असर दिखाई देने लगा है। यहां जंगली जानवरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शेर, बाघ, तेंदुओं और भालुओं की आमद अब जंगल से होकर नदी किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है। वन अधिकारियों को वन्य प्राणियों के साथ ही ग्रामीणों की भी सुरक्षा के ठोस उपाय करने होंगे। बस्तर जिले के बकावंड के जंगलों में वन्यजीवों की आहट से दहशत का माहौल है।उलनार-पाईकपाल में बड़े जानवर के ताजा पदचिह्न मिले हैं। खराहा डोंगरी के पास धान के खेत की मेड़ पर वन्यजीव दिखने की चर्चा भी है।वन विभाग की टीम जांच में जुट गई है।वन विभाग के बकावंड रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत उलनार और पाईकपाल के जंगलों में इन दिनों वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बशनिवार सुबह कुछ ग्रामीणों और राहगीरों ने एक बड़े वन्यजीव को देखने की बात कही है। रविवार सुबह खराहा डोंगरी के समीप धान के खेत की मेड़ पर ग्रामीणों को बड़े आकार के पदचिह्न दिखाई देने की जानकारी भी सामने आई है। ग्रामीण उसे शेर के पंजों का निशान बता रहे हैं।हालांकि वन्यजीव की वास्तविक पहचान की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों से वन्यजीव दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद बकावंड वन विभाग रेंज की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। वन विभाग द्वारा पदचिह्नों तथा घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल संबंधित वन्यजीव की मौजूदगी और उसकी प्रजाति को लेकर कोई ठोस आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच पूरी होने और विभागीय पुष्टि होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उलनार, पाईकपाल, जूनावनी, टिवंसगुड़ा और आसपास का क्षेत्र घने जंगलों और वनक्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। जंगल से लगे खेतों और ग्रामीण रास्तों पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में किसी बड़े वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों में स्वाभाविक रूप से चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए, पदचिह्नों की वैज्ञानिक तरीके से जांच करे और लोगों को वन्यजीवों से सुरक्षित रहने के संबंध में आवश्यक जानकारी दे।*बॉक्स**श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल*उलनार स्थित प्रसिद्ध भद्रकाली माता मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर तक आने-जाने वाले मार्गों के आसपास जंगल होने के कारण मौजूदा सूचना ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता की आवश्यकता बढ़ा दी है।ऐसे में वन विभाग को मंदिर तक आने-जाने वाले रास्तों और आसपास के वनक्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, जरूरत के अनुसार गश्त की व्यवस्था करने तथा ग्राम पंचायत और मंदिर समिति के साथ समन्वय बनाने की आवश्यकता है। यदि वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो विभाग को परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। वन्यजीव की पहचान स्पष्ट होने तक ग्रामीणों को अफवाहों से बचने और बिना पुष्टि के किसी संदेश या तस्वीर को साझा नहीं करने की जरूरत है। लोगों को अकेले जंगल की ओर जाने, वन्यजीव के करीब पहुंचने या पदचिह्नों का पीछा करने से बचना चाहिए। किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना देना उचित होगा। खराहा डोंगरी के पास मिले पदचिह्न मिलने और वन्यजीव देखे जाने की सूचना की पुष्टि होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि क्षेत्र में किस वन्यजीव की मौजूदगी है। फिलहाल ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की सतर्क निगरानी और समय पर आधिकारिक जानकारी जारी करना महत्वपूर्ण है।

अभिषेक राव और केवीआर ब्रदर्स ने नवरात्रि पर खोला पदयात्री सेवा केंद्र

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वरिष्ठजनों ने किया सेवा केंद्र का उद्घाट

जगदलपुर शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की सेवा हेतु अभिषेक राव एवं केवीआर ब्रदर्स द्वारा तितली गार्डन पंडरीपानी जगदलपुर मे 9 दिन तक चलने वाला नवरात्रि पदयात्री सेवा केंद्र खोला गया है। यहां फलाहार, शीतल जल, नाश्ता, भोजन, विश्राम, चिकित्सा आदि की अच्छी व्यवस्था की गई है। सेवा केंद्र का भव्य शुभारंभ बस्तर सांसद महेश कश्यप, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी एवं बस्तर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष श्याम सुंदर सोमानी द्वारा मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर किया गया।

इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि नवरात्रि में इस तरह का पदयात्रा सेवा केंद्र लगाना बहुत ही सराहनीय कार्य है। इससे माता के दर्शन करने आने वाले भक्तों को काफी सुविधा मिलेगी।सेवा केंद्र मे श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल की व्यवस्था है। व्रतधारी भक्तों के लिए फलाहार, प्राथमिक चिकित्सा एवं दवाइयों की व्यवस्था और विषेश रुप से माता के दर्शन हेतु आने वाली महिलाओं एवं बुजुर्गों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था एवं भंडारे की व्यस्था भी की गई है।कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिषेक राव, केवी आर ब्रदर्स , श्रीधर मद्दी, रघुवंश यादव, रीतेश सविती, वासुदेव राव, केशव राव, गावस्कर राव, राजू राव, हनुमंत राव, मद्दी सप्तगिरि, अनिल, अजित एवं उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं मातृशक्ति योगदान दे रहे हैं।

बस्तर संभाग के खरीदी केंद्रों से 87 करोड़ का धान गायब!

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खरीदी केंद्र प्रभारियों से शॉर्टेज की भरपाई

लापरवाही डीएमओ की, सजा प्रबंधकों को

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के जिला विपणन संघ अधिकारियों की लापरवाही की खामियाजा धान खरीदी प्रभारी एवं प्रबंधकों को भुगतना पड़ रहा है। धान उठाव की जिम्मेदारी डीएमओ की होती है। नियमानुसार शॉर्टेज की रिकवरी की भरपाई डीएमओ से करने के बजाय प्रबंधकों को कर्जदार बना दिया गया है। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के भौतिक सत्यापन के बाद बस्तर संभाग के 5 जिलों के 300 से अधिक खरीदी केंद्रों में 87 करोड़ से अधिक के धान की कमी पाई गई है। इस कमी को भरपाई समिति प्रबंधकों से करने की तैयारी कर ली गई है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से समितियों को नोटिस जारी कर शॉर्टेज की राशि तीन माह के अंदर जमा कराने कहा गया है। अन्यथा 3 माह समिति प्रबंधक और खरीदी प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जाने की चेतावनी दी गई है। समिति प्रबंधकों में इस आदेश को लेकर नाराजगी और डर का माहौल है। उनका कहना कि निर्धारित समय सीमा में मार्कफेड के द्वारा उठाव नहीं किए जाने का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।ज्ञातव्य हो कि बस्तर संभाग के 7 जिलों में 382 खरीदी केंद्रों पर धान विक्रय करने के लिए 2 लाख 72 हजार 647 किसानों ने पंजीयन कराया था। जिनमें से 2 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया था। संभाग भर में 13 लाख 74 हजार 383 मिट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। जिसमें से 13 लाख 46 हजार 138 मिट्रिक टन धान का उठाव किया गया। भौतिक सत्यापन में 28 हजार 244 मिट्रिक टन धान की शॉर्टेज या परिवहन केंद्रों में कम जमा कराना पाया गया है। इस धान की कीमत 87 करोड़ रुपए से अधिक है। इस शॉर्टेज की राशि समिति प्रबंधकों से भरपाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कांकेर जिले में सबसे ज्यादा शॉर्टेज

नारायणपुर एवं दंतेवाड़ा जिले को छोड़ दें तो अन्य सभी पांच जिलों में धान की भारी शॉर्टेज पाई गई है। सर्वाधिक शॉर्टेज कांकेर जिले में है। इस मामले में कोंडागांव दूसरे नंबर पर और बस्तर जिला तीसरे नंबर पर है। सुकमा और बीजापुर जिले भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। जानकारी के अनुसार 3100 रूपये प्रति क्विंटल के दर से शॉर्टेज की भरपाई कराई जाएगी।समितियों को धान खरीदी पर 31.25 रूपये प्रति क्विंटल के दर से कमीशन दिया जाता है। कमीशन राशि को शॉर्टेज की भरपाई में एडजस्ट किया जाएगा।

करे कोई, भरे कोई!

संभाग के के कई समिति प्रबंधकों एवं खरीदी प्रभारियों ने नाम नहीं की छापने के शर्त पर बताया कि शॉर्टेज को लेकर कई वर्षों से सरकार से मांग की जाती रहा है, लेकिन सरकार ने मांग पूरी करने के बजाय हमारे खिलाफ ही कार्रवाई शुरू कर दी है। समिति के सदस्यों ने बताया कि उठाव में विलंब के कारण धान शॉर्टेज की समस्या आई है। इसका खामियाजा समिति प्रबंधक एवं प्रभारियों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि शॉर्टेज की वसूली मार्कफेड की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार संग्रहण केन्द्रों एवं मिलर्स को शॉर्टेज में छूट दी जाती है उसी तरह समितियों को भी छूट मिलनी चाहिए। वेयर हाऊस में चावल पर शॉर्टेज में सूखत का प्रावधान है तो धान खरीदी पर क्यों नहीं? सरकार की दोहरी नीति से समिति प्रबंधक खफा हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से मिली जानकारी के अनुसार समितियों से धान के उठाव में अंतर पाया गया है। अंतर की राशि का वसूली समिति प्रबंधकों से करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसके लिए 3 माह की मोहलत दी गई है। राशि जमा नहीं कराने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

जानलेवा बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क : चंदन कश्यप

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12 लाख के भ्रष्टाचार का सच दिखाने वाले युवाओं को धमकियां मिलने का आरोप
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जगदलपुर पूर्व कांग्रेस विधायक चंदन कश्यप ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार के विकास के दावे नारायणपुर क्षेत्र में सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं। प्रशासनिक लापरवाही के चलते क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के लिए तरस रही है। क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का बोलबाला इस हद तक बढ़ चुका है कि अब आम जनता की जान और अधिकारों से खिलवाड़ किया जा रहा है।


नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ​ने एक बयान जारी कर कहा है कि भानपुरी और फरसागुड़ा को मुरकुची से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क बारिश के चलते पूरी तरह टूट चुकी है। जानलेवा हो चुके इस मार्ग को लेकर बीते 10 दिन बाद भी जिम्मेदार विभागों और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। हालात यह हैं कि इस टूटे और बदहाल मार्ग पर पिछले कुछ ही दिनों में 4 से 5 लोग वाहन समेत गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, फिर भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। ​इस गंभीर स्थिति पर पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कड़े शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि सड़क टूटे हुए और लोगों के लगातार हादसे का शिकार हुए 10 दिन से ऊपर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मरम्मत की सुध नहीं ली गई है। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। ​एक तरफ जहां खस्ताहाल सड़कें जनता की जान ले रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी धन की खुली लूट मची हुई है। विश्रामपुर पंचायत के नागरवाही पारा में विधायक निधि से स्वीकृत 12 लाख रुपए की लागत से बने कार्य में भारी भ्रष्टाचार सामने आया है। इस भ्रष्टाचार की पोल ग्राम पंचायत के कुछ जागरूक लड़कों ने वीडियो बनाकर खोल दी।

जैसे ही यह सच सामने आया, वैसे ही भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मच गया और उसी ग्राम पंचायत के सरपंच लखेश्वर बंछोर, कोटवार, पंच, भाजपा नेताओं के करीबियों द्वारा वीडियो बनाने वाले लड़कों को पकड़कर जान से मारने-पीटने की धमकी दी गई और जबरन वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया। ​इस गंभीर और तानाशाहीपूर्ण रवैये की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक चंदन कश्यप तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर ही उक्त भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो गया। पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए मांग की है कि जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए भानपुरी, फरसागुड़ा, मुरकुची मुख्य मार्ग की मरम्मत का कार्य तत्काल युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए, नागरवाही पारा में विधायक निधि के 12 लाख रुपए के कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा सच सामने लाने वाले स्थानीय युवाओं को धमकाने, मारपीट की कोशिश करने और वीडियो डिलीट कराने का दबाव बनाने वाले सरपंच, कोटवार, पंच, भाजपा नेताओं पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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