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घर वापस आइए अभियान का असर, फिर घर लौट आए बीजापुर जिले में 30 नक्सली

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  • 39 लाख के नौ ईनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पुलिस और शासन द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन घर वापसी का असर लगातार देखने को मिल रहा है। आज 14 मई को फिर 30 नक्सलियों की घर वापसी हो गई। आत्मसमर्पण करने वाले 30 नक्सलियों में 39 लाख रुपए के ईनामी 9 नक्सली भी शामिल हैं।

इस साल बीजापुर जिले में जनवरी माह से लेकर अब तक 180 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं और 76 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ एवं कोबरा बटालियन 202, 210 एवं सीआरपीएफ की 168, 85, 222वी वाहिनी द्वारा किये जा रहे संयुक्त प्रयासों से तथा छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति से प्रभावित होकर तीस नक्सलियों ने 14 म़़ई को सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक एसके मिश्रा, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, कमांडेंट 222 वीं बटालियन सीआरपीएफ विनोद मोहरिल, कमांडेंट, 85वी बटालियन सीआरपीएफ व्ही. तुसिंग, कमांडेंट 168 बटालियन सीआरपीएफ विक्रम सिंह, कमांडेंट कोबरा 202 बटालियन अमित कुमार, कमांडेंट कोबरा 210 बटालियन अशोक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, एसडीओपी भैरमगढ़ तारेश साहू, आवापल्ली तिलेश्वर यादव, व भोपालपटनम मयंक रणसिंह, डीएसपी ऑप्स सुदीप सरकार, डीआरजी बीजापुर के डीएसपी विनीत साहू के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों ने बाहरी नक्सलियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर एवं छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया‌ है।

इन्होंने किया है समर्पण

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मिटकी ककेम ऊर्फ सरिता मिलिट्री कंपनी नम्बर 2 पीपीसीएम, ईनामी 8 लाख, मुरी मुहंदा ऊर्फ सुखमती प्लाटून नंबर 32 पीपीसीएम, ईनामी 8 लाख, रजिता वेट्टी ऊर्फ रामे प्लाटून नंबर 4 सदस्य, ईनामी 5 लाख, देवे कोवासी प्लाटून नंबर 32 सदस्य ईनामी 5 लाख, सीनू पदम ऊर्फ चिन्ना बटालियन नंबर -1 सदस्य, ईनामी 5 लाख, आयता सोढ़ी प्लाटून नंबर 32 सदस्य, ईनामी 5 लाख, आयतू कारम आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनामी 1 लाख, मुन्ना हेमला ऊर्फ चंदू आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनामी 1 लाख, आयतू मिड़ियम ऊर्फ वर्गेश आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, डीएकेएमएस अध्यक्ष ईनामी 1 लाख, सन्नू कारम ऊर्फ डोरा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमांडर,

बामन कारम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, सुखराम कारम आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, मनकू ताती आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, मुन्ना पोटाम ऊर्फ मुकेश आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, संतू हेमला आरपीसी मिलिशिया सदस्य, राहुल हेमला ऊर्फ छोटू आरपीसी मिलिशिया सदस्य, सुखराम ऊर्फ सुरेश कारम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मोटू हेमला आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मोटू कवासी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, रमेश हेमला भूमकाल मिलिशिया सदस्य, लक्खू कोरसा जीआरडी सदस्य‌, नंदू कुरसम पीएलजीए सदस्य, सोमलू कड़ती ऊर्फ दिवाकर पीएलजीए सदस्य, सोमलू ताती आरपीसी भूमकाल मिलिशिया सदस्य, संतोष पदम पीएलजीए सदस्य, गुड्डी हपका‌‌, ज्योति लेकाम आरपीसी केएमएमस सदस्य, सोनू कुड़ियम ऊर्फ गुट्टा सीएनएम सदस्य, राजेश कोरसा ऊर्फ बामन कोरसा संघम सदस्य और लखमू पल्लो ऊर्फ लख मिलिशिया प्लाटून कमांडर शामिल हैं।आत्मसमर्पण करने पर उनके उत्साहवर्धन हेतु शासन की प्रोत्साहन एवं पुनर्वास नीति के तहत 25- 25 हजार रूपए की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

राष्ट्रीय राजमार्ग 930 सड़क निर्माण और विद्युत के कारण विभाग से परेशान कुसुमकसा बंद, चक्का जाम

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कुसुमकसा __राष्ट्रीय राजमार्ग 930 के तहत सड़क चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य में नाली निर्माण में की जा रही कोताही व दिन में अनेकों मर्तबा हो रही विद्युत कटौती व मोहला मानपुर फीडर को कुसुमकसा में जोड़ने के विरोध में 15 मई बुधवार को कुसुमकसा के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा व ग्रामीणों की समस्या का समुचित समाधान ना होने पर 16मई गुरुवार को चक्काजाम करने का ज्ञापन कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी दल्लीराजहरा कार्यालय में दिया गया ,व्यापारी संघ कुसुमकसा के अध्यक्ष प्रकाशचंद्र कुचेरिया ने बंद को समर्थन देने की बात कही

,शिवराम सिंद्रामे सरपंच ग्राम पंचायत कुसुमकसा ने बताया की राष्ट्रीय राजमार्ग 930के तहत जबसे सड़क चौड़ीकरण व उन्नयन का कार्य चालू हुआ है तबसे निर्माण एजेंसी के मनमानी व शासकीय मापदंड के अनुरूप कार्य ना होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है,मुख्य मार्ग के किनारे डॉ भूपेंद्र मिश्रा के मकान में बनी बाउंद्रीवाल को दो मर्तबा तोड़ने के बाद भी नाली का निर्माण आज पर्यंत तक चालू नही हो पाया ,कुछ जगह नाली का निर्माण अधूरा पड़ा है , मुख्य मार्ग से ग्राम की कुछ गलियों में जाने के लिए सड़क की ऊंचाई अधिक होने से ग्रामीणों को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ,नाली का निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने तथा

भीषण गर्मी के दिनो मे बिजली की बेतहाशा कटौती व मोहला मानपुर फीडर को कुसुमकसा सब स्टेशन में जोड़ने से ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नही हो पा रही है इसलिए मानपुर मोहला फीडर को कुसुमकसा सब स्टेशन से अलग किया जाए व बेतहाशा हो रही विद्युत कटौती को बंद करने की मांग प्रमुख है ज्ञापन देने शिवराम सिंद्रामें सरपंच ,संजय बैस जनपद सदस्य, डॉ भूपेंद्र मिश्रा ,अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य,नितिन जैन, डॉ टीकू राम साहू उपस्थित थे

नारायणपुर में कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या

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  • बीच बस्ती तीन बाईक सवारों ने की वारदात

जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिला मुख्यालय में कांग्रेस नेता विक्रम बैस की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

नारायणपुर बखरुपारा में अज्ञात लोगों ने श्री बैस की हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है। कांग्रेस नेता को बीच मोहल्ले में गोली मारी गई। विक्रम बैस ब्लाक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मालक परिवहन संघ के सचिव थे। विक्रम बैस को अज्ञात लोगों ने तीन गोली मारी है। घटना 13 मई की है। अज्ञात अपराधियों ने नारायणपुर के बखरूपरा में युवा नेता बैस के सिर पर गोली मारी। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने 3 टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है। बैस की हत्या नक्सलियों ने की है या पेशेवर अपराधियों ने यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आइईडी की चपेट में आकर मारे जा रहे हैं बेकसूर आदिवासी

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  • नक्सलियों की करतूत ने फिर बुझा दिए दो घरों के चिराग, दो बच्चों की मौत
  •  तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान घटना से ग्रामीण दहशत में
    अर्जुन झा
    जगदलपुर बस्तर संभाग के जंगलों के बीच बसे गांवों के आसपास तथा जंगलों में नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी की चपेट में आकर निरीह आदिवासी और उनके बेगुनाह बच्चे मारे जा रहे हैं। हर दूसरे दिन नक्सलियों की करतूत का शिकार निर्दोष आदिवासी बन रहे हैं। तीन दिन पहले ही एक आदिवासी युवती प्रेशर आईईडी का शिकार बनी थी और कल फिर दो मासूम बच्चे आईईडी ब्लास्ट में काल कवलित हो गए। ये तीनों घटनाएं बीजापुर जिले की हैं।
    बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से इंद्रावती नदी उस पार के ग्राम ओड़सापारा बोड़गा में 2 मासूम बच्चों की मौत हो गई। यह घटना थाना भैरमगढ़ क्षेत्र के ओड़सापारा बोड़गा गांव की है। नक्सलियों द्वारा जवानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से आइईडी को प्लांट किया गया था। जानकारी के अनुसार तेंदूपत्ता तोड़ाई के दौरान आईईडी ब्लास्ट होने से ग्राम बोड़गा निवासी 13 वर्षीय लक्ष्मण ओयाम पिता मुन्ना ओयाम और 11 वर्षीय बोटी ओयाम पिता कमलू ओयाम की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना पर थाना भैरमगढ़ थाने में दी गई। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि की है। तीन चार दिन पहले ही बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से एक आदिवासी युवती शांति पुनेम की भी मौत हो गई थी। यह घटना गंगालूर थाना क्षेत्र के मल्लूर गांव में हुई थी। 20 वर्षीया शांति पुनेम बुरजी से मल्लूर अपने रिश्तेदार के यहां तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी। रात लगभग 8-9 बजे अपने घर बुरजी वापस जा रही शांति पुनेम का पैर जमीन के अंदर दबाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर रख गया और पैर के दबाव से आईईडी में ब्लास्ट हो गया। शांति की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। विस्फोट से युवती के दोनों पैरों के चिथड़े उड़ गए‌। ज्ञात हो कि पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों द्वारा प्रेशर आइईडी प्लांट किया जाता है।

आदिवासी बन रहे हैं निशाना

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना अंतर्गत ग्राम मल्लूर में आदिवासी युवती शांति पुनेम और भैरमगढ़ थाना के बोड़गा में आइईडी ब्लास्ट से हुई दो बच्चों की मौत से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी अनुसार 13 वर्षीय लक्ष्मण ओयाम और 11 वर्षीय बोटी ओयाम अपने माता- पिता के साथ तेंदूपत्ता तोड़ने गांव के पास स्थित जंगल में गए थे। जहां आइईडी के चपेट में आने से दोनों बच्चों की घटना स्थल पर मौत हो गई। इस तरह 10 म़़ई को तेंदूपत्ता तोड़ने गई बुरजी की एक आदिवासी युवती शांति पुनेम की प्रेशर आईईडी ब्लास्ट से मौके पर मौत हो गई थी। नक्सली भले ही पुलिस और सुरक्षा बलों को टारगेट करने के लिए आईईडी प्लांट करते हैं, मगर इसका शिकार बेकसूर आदिवासी और उनके मासूम बेटे बेटियों को बनना पड़ रहा है। दुख की बात तो यह है कि खुद को आदिवासियों का हिमायती बताने वाले तथा आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ने की बात करने वाले नक्सली अपने द्वारा प्लांट किए गए आईईडी की जद में आकर जान गंवाने वाले बेकसूर आदिवासियों की मौत पर संवेदना व्यक्त करने की जरूरत भी नहीं समझते। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान तो प्लांट किए गए विस्फोटकों की पहचान कर अक्सर सुरक्षित बच निकलते हैं। वहीं भोले भाले आदिवासी पहचान नहीं कर पाते और बेमौत मारे जाते हैं। इससे एक बात साफ हो गई है कि नक्सली आदिवासियों के हितैषी नहीं बल्कि दुश्मन हैं और अब विदेशी ताकतों के हाथों खेलने लगे हैं।1

10-10 लाख का मुआवजा

केंद्र व राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए व अंतिम संस्कार हेतु 25- 25 हजार रुपए की सहायता राशि बीजापुर कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है। भैरमगढ़ ब्लाक के ग्राम बोड़गा में दो मासूमों की मृत्यु क्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट से होने पर बीजापुर कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने संवेदना व्यक्त की है। कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। शासन ने उनके पुनर्वास के लिए योजना चला रखी है। कलेक्टर ने केंद्र और राज्य शासन की ओर से दोनों मृत बच्चों के परिजनों को 10- 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अतिशीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके अलावा दोनों बच्चों के अंतिम क्रियाकर्म के लिए 25-25 हजार रुपए अग्रिम रूप से देने की घोषणा की है।

मानवाधिकार की दुहाई देने वाले चुप
मानवाधिकार की दुहाई देने वाले तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता आदिवासियों की मौत पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं? क्या उनकी नजर में आदिवासियों के लिए मानवाधिकार नहीं होते? कथित सामाजिक कार्यकर्ताओं को नक्सलियों के ही मानवाधिकार क्यों नजर आते हैं? ये सारे सवाल तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों की मंशा को उजागर करने के लिए काफी हैं। ज्ञात हो कि कुछ माह पूर्व पालनार में नक्सलियों द्वारा लगाए गए‌ आईईडी से एक स्कूली छात्रा भी घायल हुई थी, जिसे नक्सलियों ने उचित इलाज से भी वंचित रखा था। तथाकथित कुछ मानव अधिकार संगठनों के लोगों द्वारा निरंतर निर्दोष और मासूमों की मौत पर चुप्पी साधे रहना भी समझ से परे है। इसे उनकी मौन सहमति ही माना जाएगा। ये सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन आदिवासियों के हितों के प्रति संवेदनहीन बने हुए हैं।

भारतीय जैन संघटना एवं फोर्स मोटर्स द्वारा संयुक्त रूप से सुखा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चलाया

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भारतीय जैन संघटना जिला बालोद एवं फोर्स मोटर्स द्वारा संयुक्त रूप से सुखा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चलाया जा रहा हैँ जिसमे तालाबों का पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा हैँ आज बालोद जिले डोंडी ब्लॉक के ग्राम टेकाढोडा मे सेम्हर चमगादड़ तालाब को पुनर्जीवित करने का कार्य प्रारम्भ किया।

इस अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे तालाब जो सूख गए हैं, इन तालाबों की मिट्टी निकाल कर किसानों द्वारा खेतों में ले जाया जाएगा एवं तालाब गहरीकरण का कार्य जेसीबी मशीन के माध्यम से कराया जा रहा है।

ग्राम टेकाढोडा के सेम्हर चमगादड़ तालाब में आज सुबह जेसीबी से कार्य प्रारंभ किया गया। जिसके अंतर्गत तालाब के जल निकाय कर जिर्णोद्धार किया जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य गांव में पानीदार जल आत्मनिर्भर व समृद्धि बन सके। इसके अंतर्गत देश भर के पांच राज्यों में 125 तालाबों में से छत्तीसगढ़ को भी चुना गया है बालोद के डौडी ब्लॉक के तीन ग्राम पंचायत के तालाब चयनित किए गए हैं।अतिथियों ने जल संचय के इस पुनीत कार्य के लिए जैन संघटना की सराहना की व सभी ग्रामीणों से इसमें सहयोग की अपील की ताकि आने वाले समय में हो रही पानी की व्यापक कमी को दूर किया जा सके। वर्तमान में देखा जा रहा है कि अनेक तालाबों के पानी सूख गए हैं यहां पर पानी का ठहराओ नहीं हो पा रहा है।

इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से भारतीय जैन संघटना बालोद के जिला अध्यक्ष अनिल जैन जी ग्रामवासी बलराम चुरेंद्र ,मदन राम ,रामस्वरूप,मंडावी,विशाल,मंडावी,मिलेन्द्र,अरेंद्र,तिलक कोरीती,निर्गुण दास, मन्नू,मंडावी,डोमेन्द्र कुंजाम बिजेएस ज़िला कार्यक्रम समन्वयक प्रवीण साहू उपस्थित थे।

गौण खनिजों का अवैध परिवहन कर रहे 16 वाहनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

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  • रेत, पत्थर, ईंट के अवैध परिवहन का मामला दर्ज
    जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर जिला खनिज जांच दल द्वारा 10 मई तक बस्तर जिले के रायकोट, सरगीपाल, परपा, कोड़ेनार, भानपुरी और बडांजी क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर गौण खनिजों का अवैध परिवहन कर रहे 16 वाहनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
    खनिज अधिकारी शिखर चेरपा ने बताया कि खनिज जांच दल निरीक्षण के दौरान खनिजों के अवैध परिवहन और उत्खनन कर रहे 16 वाहनों पर प्रकरण दर्ज कर पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। जांच दल ने रेत लदे 4 टिप्पर वाहन, मिट्टी और ईंट लदे 1 ट्रेक्टर, चूना पत्थर लदे 5 टिप्पर और 6 हाईवा वाहनों के खिलाफ अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। अवैध परिवहन करने वाले वाहन मालिकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। खनिज जांच उडनदस्ता दल के खनिज निरीक्षक मिदुल गुहा, खनिज सिपाही डिकेश्वर खरे, सीताराम नेताम ने यह कार्रवाई की।

काम आ रही है ‘घर वापस आइए’ की पुकार, अब तक 801 नक्सलियों की हो चुकी है घर वापसी

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  • लोन वर्राटू अभियान के आ रहे हैं सार्थक परिणाम
  • मुहिम से प्रभावित होकर फिर दो नक्सली लौटे घर
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिलों में शासन की नीति और जिला पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम रंग ला रही है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में सैकड़ों नक्सली इन अभियानों के चलते खून खराबा त्याग कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। अकेले दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू मुहिम ने ऐसी छाप छोड़ी है कि अब तक 801 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। लोन वर्राटू यानि घर वापस आइए अभियान से प्रभावित होकर आज 13 मई को फिर दो नक्सलियों ने आत्मसर्पण कर दिया।
  • बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में पुलिस व सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा भटके हुए नलसलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार- प्रसार भी गांव-गांव में किया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप व्यापक बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण होने लगा है।
  • नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों के साथ की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प लेकर आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में भैरमगढ़ एरिया कमेटी प्रतिबंधित संगठन के दो माओवादियों बेचापाल पंचायत डीएकेएमएस सदस्य मोतीराम कुंजाम पिता स्व. बोदा कुंजाम, और बेचापाल पंचायत सीएनएम सदस्य राजेश ओयाम पिता सुक्कू ओयाम ने 13 मई को डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। इन दोनों माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहा।पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा ने आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत 25- 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी। उन्हें पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदान कराए जाएंगे।
    लोन वर्राटू अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिले में अब तक 180 ईनामी नक्सलियों सहित कुल 801 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु परीक्षा 18 को

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जगदलपुर। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की कक्षा 6वीं में सीधे प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 18 मई को किया जा रहा है। बस्तर जिले के 6 विकासखंडों के 8 परीक्षा केन्द्रों पर 18 मई को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक प्रवेश परीक्षा होगी। इस परीक्षा हेतु विकासखंड जगदलपुर के निर्मल हायर सेकंडरी स्कूल जगदलपुर को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। निर्धारित परीक्षा केंद्र में 2125 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। पात्र विद्यार्थी एकलव्य विद्यालय की वेबसाईट के माध्यम से आवेदन क्रमांक एवं मोबाईल नंबर की सहायता से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने में किसी तरह की कठिनाई होने पर पात्र विद्यार्थी अपने प्रवेश पत्र हेतु अपने विकासखंड के मंडल संयोजक एवं एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य से सम्पर्क कर प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

जावेद खान लगातार तीसरी बार भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त

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  • अभा युवा कांग्रेस ने जावेद पर जताया फिर भरोसा
    जगदलपुर। अभा युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित यंग इंडिया के बोल के पहले सीजन में ही बस्तर का नाम रौशन करने एवं अपना लोहा मनवाने वाले कांग्रेस के युवा एवं तेज तर्रार नेता जावेद खान को तीसरी बार फिर से युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
    जावेद खान को 2021 में युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवासन बीवी द्वारा नियुक्त किया गया था।बस्तर के युवा नेता जावेद खान राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने के बाद से लगातार प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया में कांग्रेस पार्टी एवं संगठन का मजबूत चेहरा बनकर उभरने में कामयाब रहे हैं। जिसे देखते हुए युवा कांग्रेस ने जावेद को लगातार चौथे वर्ष के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। जावेद भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ साथ यंग इंडिया के बोल सीजन 2 में ओडिशा के सह प्रभारी तथा यंग इंडिया के बोल सीजन 3 में बिहार के प्रभारी के रूप में भी संगठन से मिले दायित्व को निभाने में कामयाबी हासिल कर चुके हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस पार्टी के मैनिफेस्टो न्याय पत्र के कैंपेनर भी हैं।जावेद को पुनः राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने पर जावेद ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रिनिवासन बीवी, राष्ट्रीय महासचिव पूर्णचंद कोको पाढ़ी, वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव बिश्नोई, यंग इंडिया के बोल की राष्ट्रीय प्रभारी राष्ट्रीय सचिव रौशनी जैसवाल का आभार व्यक्त किया है और दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं दुगनी ऊर्जा के साथ करने की बात कही है। विदित हो कि जावेद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के बस्तर संभागीय प्रभारी प्रवक्ता के रूप में भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

काम आ रही है ‘घर वापस आइए’ की पुकार, अब तक 801 नक्सलियों की हो चुकी है घर वापसी

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  •  लोन वर्राटू अभियान के आ रहे हैं सार्थक परिणाम
  •  मुहिम से प्रभावित होकर फिर दो नक्सली लौटे घर
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिलों में शासन की नीति और जिला पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम रंग ला रही है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में सैकड़ों नक्सली इन अभियानों के चलते खून खराबा त्याग कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। अकेले दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू मुहिम ने ऐसी छाप छोड़ी है कि अब तक 801 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। लोन वर्राटू यानि घर वापस आइए अभियान से प्रभावित होकर आज 13 मई को फिर दो नक्सलियों ने आत्मसर्पण कर दिया।
    बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में पुलिस व सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा भटके हुए नलसलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार- प्रसार भी गांव-गांव में किया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप व्यापक बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण होने लगा है।नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों के साथ की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प लेकर आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में भैरमगढ़ एरिया कमेटी प्रतिबंधित संगठन के दो माओवादियों बेचापाल पंचायत डीएकेएमएस सदस्य मोतीराम कुंजाम पिता स्व. बोदा कुंजाम, और बेचापाल पंचायत सीएनएम सदस्य राजेश ओयाम पिता सुक्कू ओयाम ने 13 मई को डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। इन दोनों माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहा।पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा ने आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत 25- 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी। उन्हें पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदान कराए जाएंगे।
    लोन वर्राटू अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिले में अब तक 180 ईनामी नक्सलियों सहित कुल 801 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।

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