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पुलिस स्मृति दिवस पर अमर वाटिका, बस्तर में वीर शहीद पुलिसकर्मियों को दी गई श्रद्धांजलि, अतिथियों ने शहीद परिवारों से की मुलाकात

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जगदलपुर,जिला बस्तर, 21 अक्टूबर 2026। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आज दिनांक 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 08:30 बजे अमर वाटिका, बस्तर में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश की आंतरिक सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक बस्तर बी.एन. मीणा द्वारा कर्तव्य निर्वहन के दौरान वीरगति को प्राप्त पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन किया गया। इसके पश्चात प्रशिक्षु सूबेदार श्री ओम कुमार के नेतृत्व में पुलिस जवानों द्वारा शहीदों को सलामी दी गई। उपस्थित अतिथियों एवं पुलिस अधिकारियों ने शहीद पुलिसकर्मियों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।समारोह में उपस्थित अतिथियों ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से भेंट कर उनसे आत्मीय चर्चा की तथा उनका कुशलक्षेम जाना। अतिथियों ने राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद परिवारों के प्रति सम्मान एवं संवेदना व्यक्त की।

शहीद परिवारों का त्याग, धैर्य और समर्पण समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने तथा जनसेवा, आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर बी.एन. मीणा, पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बस्तर सुखनंदन राठौर तथा सीएसपी जगदलपुर सुमित कुमार सहित जिले के समस्त राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारी-कर्मचारीगण तथा शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे। पुलिस विभाग, बस्तर

रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से बस्तर के विकास को मिलेगी नई गति: डॉ. देवेंद्र माहला

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अंधकार से मुक्त बस्तर अब नए उजाले की ओर अग्रसर: डॉ. माहला

जगदलपुर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री डॉ. देवेंद्र माहला ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और बस्तर के नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ने के संकल्प के साथ अब क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार के सुशासन, जनकल्याण और विकास के संकल्प के तहत बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना के विस्तार और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. देवेंद्र माहला ने कहा है कि रायपुर से रावघाट, रावघाट से जगदलपुर और आगे कोरापुट होते हुए विशाखापट्टनम तक रेलवे कनेक्टिविटी के विस्तार की पहल छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे नागरिकों को आवागमन के बेहतर विकल्प मिलेंगे, क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और बस्तर के दूरस्थ अंचलों को विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री डॉ. देवेंद्र माहला ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर में विकास के एक नए युग की शुरुआत कर रही है। नक्सलवाद मुक्त होने के बाद यहां अब गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंच रही है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, उद्योग, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही, क्षेत्र के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ को विकास, सुशासन और जनविश्वास का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर में शांति की स्थापना के साथ सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों का विस्तार इस बात का प्रतीक है l

कि अब क्षेत्र में विकास की गति निरंतर आगे बढ़ रही है। डॉ. माहला ने कहा कि नक्सलवाद के अंधकार से विकास के उजाले की ओर बढ़ता बस्तर आज नए छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार इस परिवर्तन को और गति देने, बस्तर को देश के प्रमुख शहरों से बेहतर ढंग से जोड़ने और क्षेत्र के नागरिकों के लिए समृद्धि के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भाजपा सरकार का संकल्प है, सुरक्षित बस्तर, विकसित बस्तर और समृद्ध छत्तीसगढ़। सुशासन के साथ विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी। इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हम आभार व्यक्त करते।

नक्सल मुक्त बीजापुर अब जुए के चंगुल में: विधायक विक्रम मंडावी

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मंडावी ने सरकार से पूछा- क्या आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी हो गया है जुआ?

तीमेड़ में कथित जुआ घर पर मांगा जवाब

बीजापुर क्षेत्र के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने कहा है कि बीजापुर जिले के ग्राम तीमेड़ में कुछ लोगों द्वारा मिनी कैसिनो यानि जुआ घर खोलने की सूचना मिली है, जहां बड़े पैमाने पर जुआ खेलाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह सूचना सही है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक और चिंताजनक है।

मंडावी ने कहा, “बस्तर का बीजापुर पहले नक्सलवाद के दंश को झेल चुका है। अब जब क्षेत्र नक्सल मुक्त हो गया है, तब यहां जुए के कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। आखिर यह सब किसके इशारे और किसके संरक्षण में हो रहा है? इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं? इसका खुलासा किया जाना अत्यंत आवश्यक है।”उन्होंने आगे कहा कि आज प्रदेश का युवा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। रोजगार के अभाव में युवा पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ऐसे में बीजापुर जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में जुआ घरों का निर्माण किया जाना और शासन-प्रशासन का इस पर मौन रहना गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार से सवाल करते हुए पूछा है कि आखिर इस निर्माण की अनुमति किसने दी?, इस निर्माण का ठेकदार कौन था?, कैसिनो, जुआ घर चलाने का लाइसेंस किस विभाग ने जारी किया?, क्या इसके लिए विधिवत मंजूरी ली गई है?, यदि अनुमति मिली है, तो किस नियम के तहत? और यदि अनुमति नहीं है, तो यह निर्माण किसके संरक्षण में हो रहा है? विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से मांग की है कि ग्राम तीमेड़ में हो रहे मिनी कैसिनो जुआ घर को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए तथा इसमें लिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे आदिवासी क्षेत्र में जुए को बढ़ावा देना क्षेत्र के आदिवासी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नारायणपुर पुलिस लाइन में हुआ शस्त्र पूजन, वाहन शाखा कार्यालय का उद्घाटन

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नारायणपुर दशहरा पर्व के अवसर पर पुलिस लाइन नारायणपुर में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जिले में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण की कामना की।इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर, एसडीओपी अजय सिंह, एसडीओपी छोटेडोंगर मनोज मांडवी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिले के डीआरजी परिसर और सभी थानों में भी परंपरानुसार शस्त्र पूजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन में नवनिर्मित वाहन शाखा कार्यालय का उद्घाटन भी किया। इससे वाहन शाखा के कार्यों के बेहतर एवं सुव्यवस्थित संचालन में सहायता मिलेगी।

विदेशी पर्यटक पर चढ़ा बस्तर की लोककला का जादू

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कला गुड़ी एक्सपीरियंस जोन’ में हस्तशिल्प देख हुए मुग्ध अनुवेद’ ब्रांड की खरीदारी कर दिया थम्स-अप

जगदलपुर, 20 अक्टूबर 2026/ बस्तर की समृद्ध जनजातीय शिल्पकला और अनूठी सांस्कृतिक विरासत अब सात समंदर पार के सैलानियों को भी अपना मुरीद बना रही है। ‘आमचो बस्तर टूरिज्म’ पहल के तहत संचालित ‘बस्तर कला एवं हस्तशिल्प – बस्तर कला गुड़ी एक्सपीरियंस जोन’ में आज एक विदेशी पर्यटक ने भ्रमण कर स्थानीय शिल्पकारों की अद्भुत प्रतिभा का दीदार किया। भ्रमण के दौरान विदेशी मेहमान ने बस्तर की विश्वप्रसिद्ध प्राचीन ढोकरा आर्ट (बेलमेटल), काष्ठ शिल्प, बांस कला और रॉट आयरन से सजी आकर्षक कृतियों का बेहद बारीकी से अवलोकन किया।

इन हस्तनिर्मित कलाकृतियों में रची-बसी पारंपरिक कारीगरी को देखकर वे खासे प्रभावित हुए और उन्होंने इस कला की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए ‘थम्स-अप’ के साथ अपनी खुशी और संतुष्टि जाहिर की।कला की सुंदरता से प्रभावित होकर विदेशी पर्यटक ने न केवल स्थानीय शिल्पकला की बारीकियों को समझा, बल्कि बस्तर के हुनर को स्मृति-चिह्न के तौर पर साथ ले जाने के लिए अनुवेद ब्रांड के तहत तैयार बस्तर आर्ट उत्पादों की जमकर खरीदारी भी की। उल्लेखनीय है कि बस्तर कला गुड़ी परिसर का विकास राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी शिल्पकारों के उत्कृष्ट उत्पादों को एक व्यवस्थित मंच और सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सीधे शिल्पकारों से जुड़ पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिला कलाकारों को उनकी मेहनत का उचित और सीधा पारिश्रमिक मिल रहा है। भ्रमण के समापन पर विदेशी मेहमान ने कला गुड़ी की टीम और स्व-सहायता समूह की दीदियों के साथ यादगार ग्रुप फोटो भी खिंचवाई, जिससे पूरा परिसर उत्साह और गर्व के माहौल से सराबोर रहा।

रावण तो हर साल जलता है, फिर भी क्यों नहीं रुकता सीता का हरण?

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शक्ति की पूजा से पहले नारी का सम्मान करना सीखना होगा

लेखिका: नम्रता सिंह (उर्मिला फाउंडेशन, रायपुर एवं उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल रायपुर भाटापारा की हेड)“सियावर रामचंद्र की जय!”“उमापति महादेव की जय!”“राधा रमणीय कृष्ण कन्हैया की जय!”“पार्वती पतये, हर-हर महादेव!”इन जयघोषों को सुनकर मन को एक अद्भुत शांति मिलती है। ऐसा लगता है मानो भारतीय संस्कृति की आत्मा इन शब्दों में समाहित हो। इन उद्घोषों में कहीं सीता के साथ राम हैं, कहीं पार्वती के साथ महादेव और कहीं राधा के साथ कृष्ण। हमारी परंपराएं हमें स्मरण कराती हैं कि नारी केवल किसी की सहचरी नहीं, बल्कि प्रेम, शक्ति, श्रद्धा और सृजन का आधार है।लेकिन इन्हीं जयघोषों के बीच मन में एक सवाल उठता है—क्या रावण के पुतले को जलाने मात्र से सीता का हरण बंद हो जाएगा? क्या दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण का अंत होते ही नारी के प्रति सम्मान की शुरुआत हो जाती है? हर वर्ष दशहरा आता है। मैदानों में रावण के विशाल पुतले खड़े किए जाते हैं। जमकर आतिशबाजी होती है, जयघोष गूंजते हैं और हजारों लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाते हैं। साल दर साल रावण के पुतले की ऊंचाई बढ़ती जाती है, लेकिन समाज के सामने एक गंभीर प्रश्न आज भी खड़ा है—जब रावण हर साल जलता है, तो फिर नारी के विरुद्ध अपराध क्यों नहीं रुकते? कहीं बेटियों पर तेजाब से हमला होता है, कहीं सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाएं सामने आती हैं, तो कहीं किसी महिला की अस्मिता को कुचलने के लिए उसके बच्चों तक को निशाना बनाया जाता है। अपहरण, हिंसा और हत्या जैसी घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर हमारी पूजा, हमारे संस्कार और हमारे सामाजिक मूल्य कहां कमजोर पड़ रहे हैं? क्या हमारी आस्था केवल उत्सवों तक सीमित रह गई है? हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, लेकिन जीवित नारी के सम्मान के सामने हमारी संवेदनाएं मौन क्यों हो जाती हैं? सच तो यह है कि रावण का पुतला जलाना आसान है, लेकिन अपने भीतर छिपे अहंकार, वासना, हिंसा और स्त्री के प्रति हीन दृष्टिकोण को जलाना कहीं अधिक कठिन है। असली रावण वह मानसिकता है, जो नारी को एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के बजाय केवल एक वस्तु समझती है; जो उसकी इच्छा को महत्व नहीं देती, उसकी भावनाओं को अनदेखा करती है और उसकी स्वतंत्रता को अपनी सत्ता के विरुद्ध मानती है।

आखिर पुरुष यह क्यों भूल जाता है कि नारी की भी अपनी इच्छाएं हैं, अपने सपने हैं, अपनी भावनाएं हैं और अपना आत्मसम्मान है? उसका जीवन किसी दूसरे की इच्छा के अधीन रहने के लिए नहीं है। नारी का सम्मान किसी की कृपा नहीं, उसका अधिकार है।जिस नारी को हम मां कहकर पूजते हैं, वही किसी की बहन, किसी की बेटी, किसी की पत्नी और किसी की मित्र भी है। लेकिन क्या सम्मान पाने के लिए उसका इन रिश्तों में से किसी एक से जुड़ा होना आवश्यक है? क्या किसी अनजान महिला की गरिमा इसलिए कम हो जाती है कि वह हमारी बहन या बेटी नहीं है? नारी का सम्मान उसके रिश्ते से नहीं, उसके इंसान होने से होना चाहिए। यदि हम वास्तव में एक सभ्य और सुरक्षित समाज का निर्माण करना चाहते हैं, तो हमें अपने घरों से शुरुआत करनी होगी। बेटों को बचपन से सिखाना होगा कि सहमति का सम्मान करना, महिलाओं की स्वतंत्रता स्वीकार करना और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का विरोध करना ही सच्चे संस्कार हैं। परिवार, विद्यालय, समाज और कानून सभी को मिलकर ऐसी मानसिकता के विरुद्ध खड़ा होना होगा, जो नारी को कमजोर समझती है। इस दशहरे पर आइए, केवल रावण के पुतले का दहन न करें, बल्कि अपने भीतर बैठे उस रावण को भी पहचानें, जो नारी के सम्मान को चुनौती देता है। संकल्प लें कि किसी महिला के साथ अन्याय होते देखकर चुप नहीं रहेंगे, बेटियों को भय नहीं बल्कि आत्मविश्वास देंगे और बेटों को अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का अर्थ समझाएंगे। क्योंकि जिस दिन नारी को देवी के रूप में पूजने के साथ-साथ एक मनुष्य के रूप में सम्मान भी मिलने लगेगा, उसी दिन दशहरे का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। याद रखिए, रावण का पुतला जलाने से परंपरा पूरी होती है, लेकिन नारी का सम्मान करने से समाज संस्कारित होता है। इस बार रावण बाहर नहीं, अपने भीतर जलाइए। क्योंकि नारी का सम्मान ही सच्चे अर्थों में बुराई पर अच्छाई की विजय है।

श्रद्धा-भक्ति में डूबे बस्तर के अफसर, कलेक्टर छिकारा ने जूनियर छिकारा के साथ किए फूल परिक्रमा के दीदार

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सपत्नीक हवन में भी शामिल हुए कलेक्टर आकाश छिकारा

अर्जुन झा

जगदलपुर नक्सल मुक्त हो चुके आस्था और धर्म प्रभावना की दिलकश बयार देखने को मिल रही। जिले के टॉप ऑफिसर्स भी आस्था और श्रद्धा भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। जगदलपुर स्थित माई दंतेश्वरी की पूजा करने बच्चे व पत्नी संग पहुंचे पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा की भक्ति भावना हम पहले ही देख चुके हैं। अब बस्तर दशहरा की फूल परिक्रमा के अवसर पर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा भी अपने बेटे जूनियर छिकारा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।

बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा जूनियर छिकारा को गोद में लेकर पहुंचे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच खड़े होकर पूजा अर्चना की और फूल रथ के दर्शन किए। जूनियर छिकारा कौतूहल भरी नजरों से रंग बिरंगी सजावट का दीदार करते नजर आए, जबकि डीएम आकाश छिकारा मुस्कुराते हुए खड़े नजर आए। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और कई अन्य अधिकारी भी पहुंचे थे, मगर कहीं भी वीआईपी कल्चर जैसा दृश्य देखने को नहीं मिला। श्री छिकारा व अन्य अधिकारी बस्तरिहा पागा पहने आम आदिवासियों के बीच खड़े रहे। न पद का घमंड और न रुतबे का रौब। कई श्रद्धालुओं ने कलेक्टर श्री छिकारा के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई।हजारों लोगों की भीड़ में माई दंतेश्वरी के जयकारे के बीच कलेक्टर बस्तर आकाश छिकारा आम लोगों की तरह उपस्थित होकर कार्यक्रम देखते रहे।उल्लेखनीय है कि बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद इस बार कई राज्यों से पुजारी, भक्त और पर्यटक काफी संख्या में जगदलपुर पहुंच कर इस विश्व प्रसिद्ध दशहरे का अवलोकन कर रहे हैं। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अपने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ मिलकर इस बस्तर दशहरा को सफल बनाने का पूरा प्रयास किया है। आज नवमी के दिन कलेक्टर आकाश छिकारा ने सपत्नीक दंतेश्वरी मंदिर पहुंच कर हवन में सहभागिता दर्ज कराई।मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों ने कलेक्टर की आम आदमी की तरह उपस्थिति को काफी सराहा। लोगों की प्रतिक्रिया थी कि जिले के बड़े अधिकारी किसी न किसी बहाने अगर जनता से मेल जोल रखेंगे तो क्षेत्र में प्रशासनिक कसावट तो आएगी ही, लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी अच्छे से मिलेगा।

पदयात्रियों की सेवा में जुटे पुलिसकर्मी

सुशासन सरकार में इस बार प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह मुस्तैद होकर काम कर रही है। माई दंतेश्वरी के दर्शन करने दंतेवाड़ा जाने वाले पदयात्रियों के लिए परपा थाना पुलिस ने केसलूर पुलिस चौकी के समीप शुद्ध जल और नीबू शरबत पिलाने की व्यवस्था की है। सूर्योदय से लेकर शाम ढलने तक जब पदयात्री थके हुए अपनी यात्रा करते रहते हैं, तब इस चौक पर उन्हें परपा पुलिस के जवान आदरपूर्वक शुद्ध जल और नींबू शरबत पिलाकर तरोताजा कर देते हैं। नीबू शरबत और शीतल जल पदयात्रियों को नई ताजगी से भर देता है। वैसे हर वर्ष पुलिस विभाग इस प्रकार की व्यवस्था करता है, किंतु पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के विशेष निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक श्री राठौर ने परपा पुलिस को इसकी जिम्मेदारी दी है।

यहां पुलिस वालियों का गरबा

नक्सलमुक्त बस्तर संभाग में सबसे शानदार पहल सुकमा में देखने को मिली, जहां पुलिस की महिला कमांडोज, महिला पुलिस अधिकारी व जवान तथा पुलिसकर्मियों की बहन बेटियों के लिए खास डांडिया गरबा का आयोजन किया गया था।एके-47 के जरिए नक्सलियों का मुकाबला करती आईं पुलिस की दुर्गा वाहिनी की लेडी कमांडोज हाथों में डांडिया की छड़ियां लेकर गरबे की मस्ती में झुमती नजर आईं। इस बेहद खास आयोजन में सुकमा एसपी मयंक गुर्जर ने शहीद पुलिस जवानों के परिवारों की बहन बेटियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। वे भी अपनों को खोने का गम कुछ पलों के लिए ही सही भुलाकर गरबा करती नजर आईं। यहां पूरा वातावरण आत्मीयता से भरा नजर आया। यहां आईएएस, आईपीएस अधिकारी भी मातहत कर्मियों के साथ गरबा डांडिया खेलते नजर आए। अति नक्सल प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र रहे सुकमा में कानून-व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सदैव मुस्तैद रहने वाली पुलिस टीम के मनोबल और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसपी मयंक गुर्जर ने यह भव्य और प्रेरणादायक आयोजन 17 अक्टूबर को सुकमा पुलिस लाइन में किया था। पूरे बस्तर संभाग में पुलिस परिवारों और शहीद जवानों के परिवारों के लिए भव्य गरबा-डांडिया महोत्सव का आयोजन पहली बार देखने सुनने को मिला।

सट्टा-पट्टी लिखते 03 आरोपी गिरफ्तार

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दल्लीराजहरा, जिला बालोद राजहरा पुलिस की सटोरियों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

सट्टा-पट्टी, नगदी रकम एवं डॉट पेन जप्त।

थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने की रेड कार्रवाई।- तीनों आरोपियों के कब्जे से सट्टा-पट्टी पर्ची एवं कुल ₹2,582 नगद बरामद।- आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत की गई कार्रवाई।

विस्तृत विवरणपुलिस अधीक्षक बालोद किरण चौहान एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा विकास पाटले के मार्गदर्शन में जिले में अवैध जुआ, सट्टा एवं शराब के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को थाना दल्लीराजहरा पुलिस द्वारा टाउन पेट्रोलिंग एवं जुर्म-जरायम पतासाजी के दौरान थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सट्टा-पट्टी लिखने के आरोप में तीन व्यक्तियों को पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से सट्टा-पट्टी पर्चियां, नगदी रकम एवं डॉट पेन जप्त कर उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। 01. शहीद अस्पताल के सामने सट्टा-पट्टी लिखते आरोपी पकड़ा गयादिनांक 17.10.2026 को टाउन पेट्रोलिंग एवं जुर्म-जरायम पतासाजी के दौरान पुलिस टीम ने माइंस रोड स्थित शहीद अस्पताल, दल्लीराजहरा के सामने सट्टा-पट्टी लिखते हुए **कमल रामटेके**, पिता स्वर्गीय रामेश्वर रामटेके, उम्र 45 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 19, राजहरा को पकड़ा।आरोपी के कब्जे से एक लाइनिंग कागज में लिखी सट्टा-पट्टी पर्ची, **₹882 नगद एवं एक डॉट पेन** जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत कार्रवाई की गई।### 02. रेलवे क्रॉसिंग चिखलाकसा के पास दूसरा आरोपी गिरफ्तारइसी दिन पुलिस टीम द्वारा रेलवे क्रॉसिंग चिखलाकसा के पास कार्रवाई करते हुए **राजाराम आरदे**, पिता दुकालु राम, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम कारूटोला, थाना राजहरा को सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ा गया।आरोपी के कब्जे से एक लाइनिंग कागज में लिखी सट्टा-पट्टी पर्ची,

₹500 नगद एवं एक डॉट पेन** जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

03. रेलवे क्रॉसिंग चिखलाकसा के पास तीसरा आरोपी पकड़ा गयापुलिस टीम ने रेलवे क्रॉसिंग चिखलाकसा के पास ही कार्रवाई करते हुए **केशव राम मंडावी, पिता रामजी मंडावी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम कारूटोला, थाना राजहरा को सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ा।आरोपी के कब्जे से एक लाइनिंग कागज में लिखी सट्टा-पट्टी पर्ची, ₹1,200 नगद एवं एक डॉट पेन** जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत कार्रवाई की गईl

जप्त सामग्री का विवरणतीनों आरोपियों के कब्जे से कुल **₹2,582 नगद**, तीन सट्टा-पट्टी पर्चियां एवं तीन डॉट पेन जप्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा प्रकरणों में वैधानिक कार्रवाई की गई है।### राजहरा पुलिस की आम नागरिकों से अपीलराजहरा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अवैध जुआ-सट्टा, अवैध शराब बिक्री, गांजा एवं नशीली दवाओं के कारोबार जैसी गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।आम नागरिकों से अनुरोध है कि अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध अथवा अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें तथा अपराधों की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करें।पुलिस थाना दल्लीराजहरा, जिला बालोद (छत्तीसगढ़)मोबाइल नंबर: 9479192058

बस्तर की 150 साल पुरानी मुरिया दरबार परंपरा को मिटाने की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी — विधायक विक्रम मंडावी

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बीजापुर 75 दिन तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के समापन पर होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार का नाम बदलने की कोशिश बस्तर की आदिम परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान को मिटाने का घृणित और सुनियोजित षड्यंत्र है। यह भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं की ओर से बस्तर के आदिवासियों के अस्तित्व पर सीधा हमला है।


विधायक विक्रम मंडावी ने अपने विज्ञप्ति में कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बस्तर के आदिवासियों की आस्था, अस्मिता और जीवन का आधार है। विधायक विक्रम मंडावी ने अपने विज्ञप्ति में आगे कहा कि सिरहासार में लगने वाला मुरिया दरबार बस्तर रियासत की उस जीवंत लोक परंपरा का प्रतीक है, जिसमें मांझी-चालकी और आदिवासी समाज अपनी बात प्रशासन के सामने रखते थे। आज इसे “आम दरबार” कहकर मिटाने की कोशिश न केवल आदिवासियों का अपमान है, बल्कि माँ दंतेश्वरी का भी अपमान है।


विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि भाजपा की यह सोच उसी मानसिकता का हिस्सा है, जो बस्तर की जल-जंगल-जमीन और आदिवासी संस्कृति को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ कर बदलना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा इससे पहले जगदलपुर का मशहूर माड़िया चौक का नाम बदला गया अब मुरिया दरबार का नाम बदला जा रहा है, नाम बदलना कोई छोटी बात नहीं है यह आदिवासियों के ऐतिहासिक पहचान को मिटाने का पहला कदम है।
विधायक विक्रम मंडावी ने प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि मुरिया दरबार का नाम बदलने का निर्णय तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सभी आधिकारिक दस्तावेजों, आमंत्रण पत्रों और कार्यक्रम सूची में केवल “मुरिया दरबार” ही लिखा जाए।अन्यथा इसे लेकर उग्र आंदोलन करेगा।

ओरछा में 102 पौवा अवैध शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

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नारायणपुर ओरछा थाना पुलिस ने अवैध देशी शराब के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 102 पौवा देशी मदिरा, कुल 18.360 बल्क लीटर शराब और परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 16,360 रुपये बताई गई है।पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक CG-19-BQ-2811 से अवैध शराब लेकर बिक्री के लिए जा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ओरछा-नारायणपुर मार्ग पर ग्राम बड़गुमर के पास मोटरसाइकिल रोककर तलाशी ली। इस दौरान दो बैग से 180 एमएल की 102 बोतलें बरामद हुईं, जिनकी कीमत 8,160 रुपये आंकी गई। वहीं, मोटरसाइकिल की कीमत 8,200 रुपये बताई गई है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुरियाराम कावड़े (28), निवासी टाहकाकावाड़ा, वर्तमान निवास ओरछा मांझीपारा, और सुमन ध्रुव (30), निवासी इंदिरा आवासपारा, ओरछा के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 09/2026 दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय के नेतृत्व में की गई।

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