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नक्सली भी करने लगे सोलर एनर्जी का इस्तेमाल

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पेट्रोमैक्स की जगह अब सौर ऊर्जा का उपयोग

सुरक्षा बलों को ताड़पाला हिल्स में मिला विस्फोटक व राशन का डंप

बीयर की बोतलें और सोलर प्लेटें भी मिलीं

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सली अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग तो कर ही रहे हैं, अब वे ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए आधुनिक तकनीक भी अपनाने लगे हैं। वे जंगलों में अपने आश्रय स्थलों को सोलर एनर्जी से रौशन करते हैं, मोबाइल फोन और संचार उकरणों की चार्जिंग भी सौर ऊर्जा से ही करते हैं। नक्सलियों के डंप से कई दफे सोलर प्लेटें बरामद की जा चुकी हैं, जो नक्सलियों की जीवनशैली में बदलाव की कहानी बयां करती है।

दरअसल बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सीआरपीएफ 196वीं वाहिनी और कोबरा बटालियन 204वीं वाहिनी की टीम ने एकबार फिर नक्सल विरोधी अभियान के तहत शुक्रवार को उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला हिल्स एरिया में सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा दो जगहों पर जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम एवं पॉलिथिन में छुपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री, राशन एवं अन्य नक्सल सामग्री बरामद की है। नक्सली डंप से 13 नग डेटोनेटर, 11 किलोग्राम गन पावडर 4 नग प्लास्टिक ड्रम, दो नग स्टील ड्रम, दो नग लोहे के ड्रम, नक्सली वर्दी, जूते, कैप, डोरी, यूएसबी केबल, सोलर प्लेट एवं माओवादी साहित्य बरामद किए गए हैं।नक्सलियों द्वारा जमीन में बीयर की 13 बोतलों में प्रेशर स्विच सिस्टम से लगाए गये आइईडी तथा लोहे के पाईप में बने नग डायरेक्शन आइईडी भी मौके से बरामद किए गए। बरामद सभी आइईडी को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा टेकमेटला कुंजामपारा क्षेत्र में निर्मित नक्सली स्मारक को भी ध्वस्त किया गया। नक्सली पहले जंगलों में स्थित अपनी पनाहगाहों और प्रशिक्षण शिविरों में लालटेन, ढीबरी और पेट्रोमैक्स से रौशनी किया करते थे। उनके पास पहले भरमार बंदूकें, सिंगल शॉट गन साधारण रायफल्स हुआ करती थीं। अब वे रौशनी के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने लगे हैं। इसी से नक्सली अपने मोबइल फोन, वॉकी टॉकी तथा अन्य संचार उपकरणों को चार्ज करते हैं। भरमार बंदूकों सिंगल शॉट गन और साधारण रायफलों की जगह नक्सली अब माउजर गन, एसएलआर, इंसास जैसे अत्याधुनिक हथियार से लैस हो चुके हैं।

जंगल में मंगल भी

सुरक्षा बलों के एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान नक्सली डंप से अक्सर महंगी शराब और बीयर की खाली बोतलें भी बरामद होती आई हैं। यह इस बात का संकेत है कि नक्सली जंगल में मंगल मनाते हैं, जमकर मौज मस्ती करते हैं। जमकर शराब और बीयर का दौर चलता है। रही मुर्गा मटन की बात, तो उसकी जरूरत जंगल से ही पूरी हो जाती है। जंगलों में मिलने वाले जंगली मुर्गों, तीतर, बटेर, चीतल, हिरण का शिकार कर वे मांस का इंतजाम कर लेते हैं। चावल, दाल, आटा, नमक, मिर्च मसाले वे शहरों से खरीद ले जाते हैं।

मनाई वीर योद्धा जकरकन भतरा की जयंती

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बकावंड भूमकाल योद्धा एवं वीर क्रांतिकारी गुंडाधुर के साहसी साथी जकरकन भतरा की जयंती छोटे देवड़ा में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जकरकन भतरा कॉलेज बकावंड में समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधि, आदिवासी युवा छात्र संगठन के सदस्य, कॉलेज के प्रिंसिपल एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम में वीर क्रांतिकारियों के संघर्ष, त्याग और आदिवासी अस्मिता की रक्षा में उनके योगदान को याद करते हुए युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और पहचान को संजोकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। सभी ने मिलकर महान योद्धाओं के आदर्शों पर चलने और समाज की एकता व जागरूकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय ढोढरेपाल में 10वी 12वी के छात्र छात्राओं को परीक्षा की शुभकामनाओ के साथ विद्यालय के प्राचार्य गोवर्धन पानीग्राही ने प्रवेश पत्र किया वितरण किया

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कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा के प्रवेश पत्र वितरित किए गए इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को परीक्षा हेतु शुभकामनाएँ देते हुए प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्रदान किया।प्राचार्य श्री गोवर्धन पानीग्राही द्वारा घोषणा की गई कि जो भी छात्र-छात्रा बोर्ड परीक्षा मे विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा उसे उनके पिता स्व. दिनमणि पानीग्राही जी की स्मृति में ₹11,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित समस्त शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश, सावधानियाँ एवं अध्ययन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देकर उनका मार्गदर्शन किया तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया।इसी क्रम में IDBI बैंक के सहयोग से विद्यालय परिसर में “एक अच्छा नागरिक” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को कलर एवं पेन उपलब्ध कराए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।बैंक प्रतिनिधियों ने विद्यालय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालय को दो वॉटर कूलर भी प्रदान किए, जिससे विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

सड़क पर पसरा रहा सन्नाटा, कार में मिला युवक का शव

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बालोद का निवासी था मृतक शोभाराम देहारी

जगदलपुर नगर के इंदिरा स्टेडियम के पीछे स्थित सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा और फिर अचानक ब्रेंजा कार में युवक का शव नजर आया। पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बालोद निवासी शोभाराम देहारी के रूप में हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मृत्यु संभवतः देर रात हृदयाघात से हुई प्रतीत हो रही है। हालांकि, वास्तविक कारणों का खुलासा चिकित्सकीय परीक्षण और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक मृतक मूलतः बालोद का निवासी था और वर्तमान में वृंदावन कॉलोनी में रह रहा था। वह नियानार स्थित छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कारपोरेशन के कार्यालय में एसडीओ के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। मृतक की पहचान शोभाराम देहारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन स्थल पर पहुंच गए, जिससे वातावरण भावुक हो उठा।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देर रात युवक को किसी से ऊंचे स्वर में मोबाइल पर बातचीत करते सुना गया था। इसके बाद क्या हुआ, इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बहरहाल बोधघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

जम्ही टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसातीन युवकों की मौके पर मौत, टक्कर किस वाहन से हुई स्पष्ट नहीं

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बालोद। जिले के जम्ही टोल प्लाजा, ग्राम गुजरा के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल क्रमांक CG 24 R 1255 पर सवार ग्राम गुजरा निवासी विनोद पिता गुहराम, प्रशांत पिता गंगाराम एवं हरीश पिता हेमंत तेज रफ्तार से जा रहे थे।

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इसी दौरान सामने चल रहे ट्रक के पीछे अनियंत्रित होकर मोटरसाइकिल घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की सहायता से तीनों को जिला अस्पताल बालोद भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

चार नये श्रम कानूनों के खिलाफ लौह अयस्क खदानों में हुई जबरदस्त हडताल

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केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जा रहे चार श्रम कानूनों के विरोध में पूरे देश हुई राष्ट्रव्यापी हडताल के साथ दल्लीराजहरा की लौह अयस्क खदानों में भी कल 12 फरवरी को सीटू के नेतृत्व में जबरदस्त हडताल हुई । दल्ली राजहरा में सात यूनियन होने के बावजूद सिर्फ सीटू ने ही इस हडताल का बीडा उठाया। अन्य सभी यूनियनों ने हडताल से किनारा कर लिया। यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर हडताल में शामिल इंटक, व एटक यूनियन ने भी हडताल का समर्थन नहीं किया । फिर भी सीटू ने अकेले ही खदान के सभी श्रमिकों के बीच जाकर इस हडताल के महत्व का जमकर प्रचार किया । नये श्रम कानूनों के मजदूर विरोधी प्रावधानों से सबको अवगत कराते हुए हडताल पर रहने की अपील की, जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला, और खदान के बहुत से मजदूर कामबंद हडताल में शामिल रहे।जिससे खदानों मे उत्पादन प्रभावित हुआ।

सुबह 5 बजे से ही सीटू के साथियों ने मोर्चा संभालते हुए सभी खदानों में नाका बंदी कर दी। हर खदान का गेट एक धरना स्थल बना दिया गया था। इस माहौल से प्रभावित श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकांश श्रमिक ड्यूटी पर नहीं गये। लौह अयस्क समूह की राजहरा खदान में लगभग 60% उत्खनन कार्य नहीं हो सका।महामाया, डुलकी, और कलवर नागुर खदानों में 7 घंटे तक बिल्कुल उत्पादन नहीं हुआ। इसी तरह दल्ली खदान के उत्पादन में भी कमी रिकार्ड की गई। इसके साथ ही उत्पादन में सहायक मेंटेनेंस, केंटीन, सुरक्षा गार्ड, इत्यादि सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी दौरान सुबह 11बजे हडताली साथियों ने पूरे शहर में बाइक रैली निकाली। इस रैली मे नये श्रम कानूनों रद्द करने के नारों से शहर गूंज उठा।

हडताल के साथ ही शाम 4 बजे माइंस आफिस के सामने विशाल आमसभा का आयोजन भी किया गया। इस आम सभा को सबोधित करते हुए सीटू अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि- आज की हडताल पिछली सभी हडतालों से बिल्कुल अलग है।आज की हडताल में हम वेतन भत्ता बढाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्षों पहले अपने संघर्षों से हासिल किए श्रमिक अधिकारों, को नये लेबर कोड के जरिये समाप्त किये जाने के खिलाफ हम आज सडकों पर हैं। मजदूरों के पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 21 नवम्बर 2025 को अधिसूचित किए गए चार लेबर कोड पूरी तरह मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इन कानूनों को बनाते समय , मजदूर प्रतिनिधियों से कोई चर्चा व विमर्श नहीं किया गया। केवल मालिक वर्ग के मुनाफे को बढाने के लिए मजदूरों के शोषण की खुली छूट इस कानून में दे दी गई है। जिसे एक लोकतांत्रिक व सभ्य समाज कभी स्वीकार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा की मजदूर हितों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून को न केवल कमजोर किया गया है, बल्कि हित रक्षक श्रमिक संगठनों को सीमित और समाप्त किए जाने का षड्यंत्र भी इस कानून में छुपा हुआ है। इसी तरह अपनी मांगों पर हड़ताल जैसे हथियार के इस्तेमाल पर भी लगभग पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है । मजदूरों के शोषण के लिए काम के घंटे को बढ़कर 12 घंटे तक कर दिया गया है। 300 तक मजदूर वाले खदानों कारखानों व संस्थानों में छटनी व तालाबंदी की खुली छूट मालिकों को दे दी गई है। इसी तरह से रात्रि पाली में महिलाओं की ड्यूटी लगाने की स्वतंत्रता मालिकों के हाथ में होगी , जिससे महिलाओं के जीवन के लिए खतरा और बढ़ जाएगा । सरकार इन कानूनों का अपनी भोंपू मीडिया से बेहद जोर-जोर से प्रचार कर यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि ये श्रमिक जगत में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है और श्रमिकों के लाभकारी है। जबकि इन कानूनों का गहराई से अध्ययन करने पर पता चलता है, कि वास्तव में ये लेबर कोड मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज है । जिसे लागू कर देने के बाद देश का मजदूर वर्ग सरकार, प्रबंधन, ठेकेदार,और कारखाना मालिकों का गुलाम बनकर रह जाएगा। अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कोई आवाज नहीं उठा पाएगा । ये कानून बिलकुल वैसे ही हैं, जैसे देश के किसानों के लिए सरकार तीन काले कानून लेकर आई थी ,जिन्हें किसानों ने कभी नहीं मांगा था ।

अब सरकार मजदूरों के लिए भी उसी तरह लेबर कोड लेकर आयी है। जिसे मजदूरों ने कभी नहीं मांगा है। ये कानून मालिकों की मांग पर बनाए गए हैं और मालिकों के हित साधने के लिए ही बनाए गए हैं । इसलिए ऐसे कानून का मजदूर वर्ग पुरजोर विरोध कर रहा है, और आज देश के 30 करोड़ मजदूर, किसान मोर्चा के समर्थन से हड़ताल में है। हम हर हाल में सरकार को पीछे ढकेलेगें और वर्षों पहले कुर्बानियों से हासिल किए गए अधिकारों में कटौती नहीं करने देंगे। उन्होंने बताया कि दुनिया के पूँजीवादी संकट में उलझे हमारे देश के उद्योगपतियों, कारखाना मालिको का मुनाफा कम हो रहा है। जिसकी भरपाई सरकार मजदूरों के पसीने को बंधक बनाकर करना चाहती है। जो हम कभी नहीं होने देंगे।जरूरत पडी तो आगे और बडे व लंबे संघर्ष के लिए देश का मेहनतकश वर्ग तैयार है। यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा किआज की हडताल किसी एक यूनियन की हडताल नहीं है बल्कि हर मजदूर के लिए स्वयं को और मजदूरों की अगली पीढ़ी को बचाने की लडाई है। पूंजीपति लोग करोड़ों रुपए इन्हें चुनाव में जीतने के लिए चंदा देते हैं । इसलिए सरकारें पूजीपतियों के फायदे के लिए ऐसे कानून ला रही है कि मजदूर, मालिकों के सामने खडा ही न हो पाए। इसीलिए इस कानून में हडताल करने वाले यूनियन नेताओं को जेल भेजने और उन पर जुर्माना लगाने का कडा प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि पिछले 10 -12 सालों में देश के पूजीपतियों का मुनाफा 100 गुना तक बढ गया है।लेकिन मजदूर वर्ग अपनी पूरी मजदूरी पाने के लिए अब भी संघर्ष कर रहा है। वर्तमान केंद्र सरकार आम जनता की सरकार नहीं है, ये पूंजीपतियों की सरकार है। इसलिए अपने पूजीपति मित्रों को देश की खनिज संपदा, जल जंगल, जमीन,और सभी संसाधन लुटा रही है। छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल की कटाई और अब बस्तर को अडानी के हवाले करने की तैयारी इस बात का सबूत हैं। हम वर्षों से ऐसी ताकतों से लडते आये हैं , आज भी लड रहे हैं,और कल भी लडेंगे, लेकिन मजदूरों पर गुलामी नहीं थोपने देंगे।यूनियन के सचिव कामरेड पुरुषोत्तम सिमैंया ने कहा कि आज की हड़ताल कितनी सफल हुई है यह हमारे अन्य मजदूर साथी देख रहे हैं । सीटू के साथी कितनी ईमानदारी के साथ हमारा रोजगार और हमारे अधिकार बचाने के लिए लड़ रहे हैं, । आज उन्होंने अपना एक दिन की वेतन भी हमारे अधिकार की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया । देश के 30 करोड़ मजदूर सरकार से लेबर कोड को रद्द करने की गुहार लगा रहे हैं । दल्ली राजहरा के तमाम श्रमिक वर्ग ने सहयोग दिया और इस हड़ताल में अभूतपूर्व सफलता मिली है जिसके लिए मै सबको धन्यवाद देता हूँ। यदि दल्लीराजहरा की अन्य यूनियनें भी देश के 30 करोड़ मजदूरों के साथ अपने हिस्से की लड़ाई लड़ते, तो दल्ली राजहरा में फिर एक बार इतिहास बन जाता, जिसके लिए दल्लीराजहरा जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीटू के साथियों ने बेहद गंभीरता और बहादुरी के साथ यहां के मजदूरों की लड़ाई लडी है।आगे स्थानीय मांगों पर भी हमें इसी जज्बे के साथ संघर्ष में उतरना है।ज्ञानेन्द्र सिंह अध्यक्षसीटू राजहरा।आज केंद्र सरकार द्वारा लागू किये जा रहे चार श्रम कानून के विरोध में दल्ली राजहरा के मजदूर संगठनो में सिर्फ सीटू द्वारा की गई एक दिवसीय हड़ताल ने कई मायने में यह साबित कर दिया है कि वास्तव में मजदूरों के हक और अधिकार के लिए लड़ने वाला कौन संगठन है। आज मजदूर वर्ग को इस विषय पर विचार करना होगा । श्रम कानून यदि केंद्र सरकार लागू करने में सफल हो जाता है तो मजदूर वर्ग फिर से गुलाम जैसे काम करने पर मजबूर हो जाएंग। साथियों लड़ाई से यह कहकर पीछे हट जाना की यह केन्द्र का मुद्दा है सही नहीं है क्योंकि इन तमाम मुद्दों का असर सीधा श्रमिक वर्ग पर ही पड़ता है। इसलिए आज की हड़ताल अपने अधिकारों को बचाने की लड़ाई है जो श्रमिकों ने अनेकों संघर्षो और कुर्बानियों के बाद पाये है। हर एक अधिकार के लिये श्रमिक वर्ग को लड़ना पड़ा है। अतः आज इस हड़ताल के माध्यम से हम अपना विरोध दर्ज कर सरकार से यह मांग करते हैं कि चारों श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए और 29 श्रम कानूनों को बहाल करें।

आरएएमपी योजना अंतर्गत बालोद जिले में 3 दिवसीय फूड प्रोसेसिंग सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि रहे मंजू बैंस

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बालोद 10–12 फरवरी 2026केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आरएएमपी (रेसिंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएम पेरफॉर्मांस) योजना के अंतर्गत बालोद जिले के सखी महिला समूह, कुसुमकसा क्लस्टर में 10 से 12 फरवरी 2026 तक 3 दिवसीय फूड प्रोसेसिंग सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पॉजिटिव मंत्रा कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर ऋषि सेन, तोशी वैष्णव एवं फूड इंजीनियर इंदु द्वारा प्रतिभागियों को फूड प्रोसेसिंग से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन तथा बाजार में उत्पाद की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।

इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमति वेद बाई पिसदा जनपद सदस्य श्रीमति मंजू बैस एवं बिहान से श्रीमति तेजकुमारी लेखपाल, कविता रामटेके, हेमीन बाई, मगली बाई आमय बाई और पॉजिटिव मंत्रा आपरेटर सुश्री देविका साहू की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण में कुल 30 स्वयं सहायता समूह, सदस्य, जो फूड प्रोसेसिंग एवं एमएफपी (लघु वनोपज) से जुड़े कार्यों में संलग्न हैं, ने भाग लिया।प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, बेहतर पैकेजिंग करने तथा बाजार में अधिक लाभ प्राप्त करने की दिशा में नई जानकारी मिली है।

सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का 13 फरवरी को होगा भव्य शुभ आरंभ

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जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय में हो रहा आयोजन

बालोद, 12 फरवरी 2026 सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का 13 फरवरी को भव्य शुभारंभ होगा। बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय के मनोरम पर्यटन स्थल में 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बैंबू राफ्टिंग, फ्लोटिंग बलून, हाॅट एयर बलून, बोटिंग, एडवेंचर एक्टिविटी, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय व्यंजन, बच्चों के लिए मनोरंजन, युवाओं के लिए एडवेंचर आदि गतिविधियां की जाएगी। जिला प्रशासन बालोद द्वारा आयोजित यह इको एडवेंचर फेस्ट स्थानीय महिलाओं को सशक्त बनाने, रोजगार तथा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल है।

बालोद में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अवसर पर 163 जोड़ों का कराया गया विवाह संपन्न

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मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने नवदंपत्तियों की खुशहाल एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंजिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अतिथियों ने वर-वधुओं के बीच पहुँचकर दिया उन्हें आशीर्वाद बालोद, 10 फरवरी 2026 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित पोहा मिल में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अवसर पर बालोद जिले के कुल 163 जोड़े वर-वधुओं का विधिवत् रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद सहित आज प्रदेश भर में आयोजित सामूहिक विवाह में वर्चुअली रूप से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री ने आज पूरे प्रदेश भर में बड़ी संख्या में वर-वधुओं के परिणय सूत्र में बंधने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधने वाले सभी वर-वधुओं के खुशहाल एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसी तरह आज जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित पोहा मिल में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती चुन्नी मानकर, जनपद पंचायत बालोद के महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती भूनेश्वरी चंद्राकर सहित अन्य अतिथियों ने भी सभी नवदंपत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से उनके सफल, सुखद एवं खुशहाल जीवन की मंगल कामना की। इस अवसर पर अतिथियों ने आज परिणय सूत्र में बंधने वाले नवदंपत्तियों के बीच पहुँचकर अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा वधुओं को मंगलसूत्र एवं बिछिया भी भेंट किया गया। कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज पूरे प्रदेश के बड़ी संख्या में वर-वधुओं के परिणय सूत्र में बंधने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

साय ने कहा कि आज पूरे प्रदेश भर में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से कुल 06 हजार 414 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधकर अपने नवजीवन की शुरूआत कर रहे हैं। उन्होंने आज के दिन को सभी वर-वधुओं के साथ-साथ उनके परिजनों के लिए भी अत्यंत शुभ एवं मंगलमय दिवस बताते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साय ने कहा कि आज से कुछ साल पहले तक गरीब परिवार के माता, पिता एवं उनके परिजनों के लिए बेटी का शादी कर उनका घर बसाना सबसे बड़ा चिंतनीय एवं कठिन कार्य होता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. रमन सिंह द्वारा अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरूआत कर समाज के गरीब एवं वंचित वर्ग के लोगों के बेेटे-बेटियों को परिणय सूत्र में बांधने का पुनीत कार्य किया गया है। इसके लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह को हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया गया। साय ने कहा कि जब प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरूआत की गई थी उस समय नवविवाहित दंपत्ति को केवल 05 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती थी परंतु आज इस राशि को बढ़ाकर 35 हजार रूपये कर दी गई है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़कर नवविवाहित दंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी नवदंपत्तियों को विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर नव जीवन में प्रवेश करने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस पल को सभी वर-वधुओं के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण एवं सुखद पल बताते हुए ईश्वर से नवदंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य एवं खुशहाल जीवन के लिए मंगल कामना भी की। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज परिणय सूत्र में बंधने वाले नवदंपत्तियों को 35 हजार रूपये की सहायता राशि भी उनके खाते में अंतरित की जाएगी।

10 लाख रूपये की लागत के विकास कार्य का भूमिपूजन जनपद सदस्य मंजू बैंस ने किया

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ग्राम पंचायत अरमुरकसा में शाखा नहर नाली निर्माण विकास कार्य का भूमिपूजन जनपद सदस्य मंजू बैंस के मुख्यातिथि में सम्पन्न हुआ इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सरपंच हलधर गोरे जी ने किया कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ग्राम पटेल रतन लाल जी ताराम जी एवं ग्राम पंचायत के सभी पांच गण विशेष अतिथि रहे ग्राम पंचायत के सरपंच हलधर गोरे जी द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पमाला से अभिन्नदन कर स्वागत किया गया सभी अतिथियों के द्वारा पूजा अर्चनाकर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया काम प्रारंभ करने के पूर्व जनपद सदस्य मंजू बैंस के हाथों पहला गैती चलाकर शुभांरभ किया गया स्वागत भाषण में सरपंच हलधर गोरे ने कहा कि गांव अब धीरे विकास राह की ओर धीरे धीरे अग्रसर हो रहा है इसी कड़ी में हम गांव के विकास के साथ लोगों को रोजगार के उद्देश्य से यहां विकास कार्य प्रारंभ किया गया है मुझे हमेशा अपने जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिलता है और उसी सहयोग के साथ विकास के अधोसंरचना को पूरा भी कर पा रहा हु मै जनपद सदस्य जी का विशेष धन्यवाद देता हु जो हमारे गांव को विकास की धारा से जोड़ने के लिए सदैव तत्पर रहते है ग्राम पटेल रतन लाल तारंम ने कहा कि हमारे जनपद सदस्य श्रीमती मंजू बैंस को जो भी काम लेकर हमारे गांव वाले जाते है कभी भी निराशा लेकर नहीं लौटते इसके पूर्व में भी जनपद सदस्य रहे संजय बैंस जी ने भी लाखों के विकास कार्य हमारे गांव में लेकर आए हमे खुशी है नया पारा से मुक्तिधाम जाने के रास्ते पर पुलिया जजर्र हो गया था जिससे आने जाने की समस्या होती थी उसे भी हमारे जनपद सदस्य मंजू बैंस ने 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृति कराए है हम सभी ग्रामवासी उनका आभार व्यक्त करते है

कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू बैंस ने कहा कि मुझे खुशी होती है मेरे जनपद क्षेत्र में विकास के हर कामों के द्वार मेरे क्षेत्र में खुलते है और आज एक नींव और विकास का हो रहा है अभी तो शुरुवात हुआ है हम हमारे को बेहतर विकास के माध्यम से जिले में हमारा क्षेत्र चहुमुखी विकास के रास्ते में अग्रसर होगा मै गांव की हर समस्या का समाधान हमारे पार्टी के बड़े नेताओं के आशीर्वाद से पूरा करने की हर संभव प्रयास करूंगी कार्यक्रम का संचालन पंचायत के सचिव बीना टेकाम और आभार प्रदर्शन रोजगार सहायक भीष्म धनकर ने किया इस अवसर पर उप सरपंच ओम प्रकाश भूआर्य लिखन नरवास दुर्गा रावते भुनेश्वरी नायक पूर्व सरपंच सरोज बाई निर्मला बाई गोलू जगनायक लता निर्मलकार योगेश निर्मलकार बम्लेश्वरी ताराम जी सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे

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