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जिले में खनिज के अवैध भण्डारण पर की गई कार्रवाई

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बालोद, 10 जून 2026 कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा 10 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा, रेंगाकठेरा, चन्दनबिहरी, देवरी ख का औचक निरीक्षण किया गया।

जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध भण्डारण के 06 मामलों में खनिज रेत को जप्त कर ग्राम पंचायत एवं कोटवार को सुपुर्द किया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। क्रमांक/306/ठाकुर

मोदी सरकार के 12 वर्ष: ऐतिहासिक निर्णयों, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प का स्वर्णिम काल

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दल्लीराजहरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा नेताओं ने इसे सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण का स्वर्णिम काल बताया। नेताओं ने कहा कि इस दौरान देश ने अनेक ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णयों के माध्यम से विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना, तीन तलाक की प्रथा समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाना, आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी निर्णायक कार्रवाइयों के साथ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को नई मजबूती प्रदान की है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेकर देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है।भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, युवा एवं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना एवं किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है तथा आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है।नगर पालिका अध्यक्ष तोरणलाल साहू ने कहा कि मोदी सरकार ने विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया है।

देश में सड़क, रेल, हवाई अड्डों, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आधारभूत संरचनाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने तकनीक, शिक्षा, खेल, अंतरिक्ष, रक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वैश्विक मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।विधानसभा मीडिया प्रभारी भूपेंद्र डहरवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश के लोकतांत्रिक इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धि जनविश्वास, कुशल नेतृत्व और सुशासन की राजनीति की जीत है। उनके नेतृत्व में भारत ने जी-20 की सफल अध्यक्षता कर विश्व समुदाय में अपनी प्रभावशाली भूमिका स्थापित की है।पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम एवं महाकाल लोक जैसे कार्यों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से साकार होगा और भारत विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनकर उभरेगा।

संजो कर रखें देव बालिफूल की परंपरा को: लखेश्वर बघेल

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बस्तर की संस्कृति को आगे बढ़ाने का जिम्मा युवाओं पर

बस्तर औऱ ओडिशा के दो गांवों के बीच देव बालिफूल का रिश्ता

जगदलपुर जनजातीय बहुल बस्तर में मेल मिलाप और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने मित्र बनाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। व्यक्ति व्यक्ति से मीत बदता है, बालिफूल बदता है। सबसे आकर्षक जुगलबंदी तब होती है जब पूरे के पूरे दो गांव आपस में मीत बन जाते हैं। यह बालिफूल कहलाता है। जब दो गांव आपस में मीत या बालिफूल बांध लेते हैं गांव के हर सुख-दुख, त्योहार, मेला मड़ई में सामूहिक सहभागिता करते हैं।

बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। आश्चर्य की बात तो यह है कि बस्तर के संधकरमरी गांव के देवी-देवताओं ने सीमा पार ओडिशा के मोतीगांव के देवी-देवताओं से बालिफूल बांध रखा है। इससे पता चलता है कि यह कितनी पौराणिक परंपरा है। यह प्रथा कब से चली आ रही है किसी को नहीं पता, पर हमें इस सांस्कृतिक विरासत को संजो कर रखना है। ये बातें मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल ने अपने गृह जनपद के ग्राम संधकरमरी में देव बालिफूल उत्सव को मुख्य अतिथि के आसंदी से संबोधित करते हुए कहीं। बस्तर के जनजातीय समाज में एक से बढ़कर एक अनूठी सांस्कृतिक परंपराएं हैं जिनका परिपालन सदियों से होता चला आ रहा है। इनमें से एक देव बालिफूल की छटा यहां देखने को मिली। हर साल यह उत्सव मनाया जाता है कभी संधकरमरी के ग्रामीण अपने देवी-देवताओं के साथ मोतीगांव जाते हैं तो दूसरे साल मोतीगांव के ग्रामीण अपने देवी-देवताओं के साथ सीमा पार कर संधकरमरी आ पहुंचते हैं। इन दोनों गांव के बीच दूरी करीब 7 किमी है। बीच मे सरहद भी है, पर यह सरहद कभी बाधा नहीं बनी मेलजोल में। सरहद पार रोटी-बेटी का संबंध है और दोनों ओर भतरा जनजातीय क्षेत्र होने से सांस्कृतिक समानताएं भी हैं । इस कार्यक्रम में देवी देवता सहित आने वाले पूरे लोगों का सम्मान पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के वादन और गाजे बाजे के साथ पैर धुला कर किया जाता है।

टीका लगाकर गमछा पहना कर या सिर पर पागा बांधकर किया जाता है। देव मिलन के बाद सामूहिक भोज होता है, दोनों गांव के लोग बैठकर सुख दुख, जंगल बचाने एक दूसरे के गांव के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प लेते हैं। मोतीगांव से प्रमुख रुप से चैतू सिरहा, बुधराम कलार, लैखन पुजारी, तुला सिरहा, भास्कर पुजारी, विद्या पुजारी, राजमन पुजारी, सरपंच नवीना, चित्रकला कलार, लखन भतरा,संध करमरी से पूर्व सरपंच तुलाराम बघेल, दामोदर कश्यप, मेघनाथ नाग, बेनीराम कश्यप, सुंदर सेठिया समेत दोनों गांव के सैकड़ों ग्रामीण इस उत्सव के सहभागी बने।

मुंडागांव में बुलडोजर एक्शन के विरोध में सामने आए पूर्व विधायक चंदन कश्यप

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प्रशासनिक अमले को लौटना पड़ गया बैरंग

जगदलपुर बस्तर जिले के भानपुरी थाना अंतर्गत ग्राम मुंडागांव में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर और मकान बनाकर रह रहे लोगों को बेदखल करने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान नारायणपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंदन कश्यप उग्र तेवर दिखाते हुए ग्रामीण के साथ खड़े नजर आए। दरअसल मुंडागांव के बाजार स्थल की सरकारी जमीन पर 16 परिवार मकान बनाकर वर्षों से निवासरत हैं। इन गरीब परिवारों के मकानों को तोड़ने और अवैध कब्जे हटाने के लिए तहसीलदार की टीम और पुलिस टीम जेसीबी बुलडोजर के साथ पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा भारी विरोध किया जाने लगा।मुंडागांव बाजार स्थल में अवैध कब्जा कर रखे 16 में से 13 लोगों को ही नोटिस दिया गया था।

मुंडागांव में प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार की टीम मौके पर जेसीबी लेकर पहुंची अवैध मकानों को तोड़ने के दौरान ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। स्थानीय ग्रामीणो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण टीम को बुलडोजर सहित वापस लौटाना पड़ा ।शासकीय जमीन पर वर्षों से काबिज लोगों को हटाने प्रशासन द्वारा आज तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम भेजी गई थी।जेसीबी के माध्यम से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होते ही सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक चंदन कश्यप के नेतृत्व में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए इस कार्रवाई की निंदा की। श्री कश्यप ने ऐन बरसात के दौर में गरीब परिवारों की बेदखली को अमानवीय कदम बताया और कहा कि इन सभी परिवारों को इसी जगह पर रहने दिया जाए और उन्हें पट्टे प्रदान किए जाएं। जानकारी के अनुसार भानपुरी से लगे ग्राम मुंडागांव के बाजार स्थल पर सोलह लोगों ने कब्जा किया हुआ है, जिनमें तेरह लोगों को बार बार नोटिस देकर जगह खाली करने कहा गया था। उनके नहीं मानने पर आज तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए अमला पहुंचा था।

बस्तर जनपद कार्यालय के जनरेटर की सांस थमी, सारा काम ठप; सीईओ बोले- नहीं मिल रहे हैं मेकेनिक

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संकट को और ज्यादा बढ़ा दिया है पॉवर कट ने

जगदलपुर तेज गर्मी और उमस के बीच जनपद पंचायत बस्तर पहुंचने वाले ग्रामीणों को घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास, वृद्धा पेंशन, मनरेगा जॉबकार्ड और जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे जरूरी कामों के लिए रोज सैकड़ों लोग दूर-दराज के गांवों से यहां आते हैं। लेकिन बिजली की आंख-मिचौली ने पूरे सिस्टम को ठप कर दिया है। जैसे ही लाइट जाती है, कंप्यूटर और प्रिंटर बंद हो जाते हैं।

कार्यालय में लगे सिर्फ दो इन्वर्टर से मुश्किल से एक-दो सिस्टम ही चल पाते हैं। नतीजा यह कि धूप में सफर करके आए बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पसीने से लथपथ होकर घंटों इंतजार करते रहते हैं।लोगों का कहना है कि वे एक ही प्रमाण पत्र के लिए तीन-चार बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। कार्यालय परिसर में लगा जनरेटर पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। बिजली कटौती के समय पूरा ऑफिस सिर्फ दो इन्वर्टर के भरोसे चल रहा है, जो 20-25 मिनट से ज्यादा बैकअप नहीं दे पाते। इससे शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बिना पंखे-कूलर के बैठे ग्रामीण बेहाल हो जाते हैं।

वर्सन

मेकेनिक तो मिल जाए?

जनरेटर खराब हो गया है और मरम्मत के लिए मेकेनिक नहीं मिल पा रहे हैं। मेकेनिक मिलते ही जनरेटर को जल्द सुधरवा कर चालू कर दिया जाएगा।

इंदिरा वार्ड के नए पार्षद का विजय वार्ड पार्षद ने किया जोशीले अंदाज में स्वागत

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वार्ड की समस्याओं मिलकर करेंगे समाधान

जगदलपुर विजय वार्ड पार्षद गौतम पाणिग्रही व इंदिरा वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद रामकृष्ण तिवारी की अनायास मुलाकात हो गई। इस दौरान पार्षद पाणिग्रही ने तिवारी का जोशीले अंदाज में गले मिलकर स्वागत किया। दोनों पार्षदों ने एक- दूसरे का कुशलक्षेम पूछते हुए वार्ड विकास में एकजुटता से संघर्ष करने का संकल्प लिया।

विजय वार्ड के पार्षद गौतम पाणिग्रही ने बताया कि रामकृष्ण मुन्नू तिवारी संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी हैं। पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद की असामायिक मृत्यु के बाद भी वह इंदिरा वार्ड के लोगों के लिए बिना पद के डेढ़ वर्षों से कार्य कर रहे थे। विगत दो वर्षों से राज्य सरकार द्वारा आयोजित समाधान शिविर हो या सुशासन शिविर में भी तिवारी संबंधित सेक्टरों में पार्षदों के साथ मिलकर जनहित के मुद्दे उठाते रहे।ज्ञात हो कि तिवारी उप चुनाव में इंदिरा वार्ड के पार्षद चुनाव लड़े और अपने प्रतिद्वंद्वी सत्तारूढ़ भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को 436 वोटों से हराया था।

ग्रामीणों से बकरे लिए, लाखों वसूले पटवारी ने, काम किसी का कराया नहीं

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दर्जनों ग्रामीणों से बेतहाशा रकम वसूल कर गायब हो गया पटवारी

अर्जुन झा

बकावंड छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव बढ़ाने और स्थानीय लोगों में नक्सलियों के प्रति झुकाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह वन विभाग के लोग और पटवारी रहे हैं। इनकी प्रताड़ना और बेजा वसूली से त्रस्त होकर बस्तरवासियों ने माओवादियों का साथ देना शुरू किया था। हालांकि नक्सलियों ने भी बाद में स्थानीय लोगों का शोषण और अपनी तिजोरी भरने का काम शुरू कर दिया। बस्तर से माओवाद भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन पटवारियों द्वारा स्थानीय लोगों की प्रताड़ना का दौर बदस्तूर जारी है। ताजा मामला बस्तर जिले की बकावंड तहसील से सामने आया है, जहां एक पटवारी पर ग्रामीणों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

बकावंड तहसील अंतर्गत कोलावल हल्का के पटवारी पर ग्रामीणों से जमीन संबंधी कार्यों के नाम पर लाखों रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि पट्टा, नामांतरण, सीमांकन, सरकारी दस्तावेज और अन्य राजस्व संबंधी कार्य कराने का भरोसा देकर पटवारी ने कई ग्रामीणों से मोटी रकम वसूल ली, लेकिन न तो काम किया और न ही पैसे लौटाए। अब ग्रामीण न्याय की उम्मीद में सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित भूमि संबंधी मामलों को जल्द निपटाने का आश्वासन देकर पटवारी ने लोगों से अलग-अलग रकम ली। किसी ने अपनी मेहनत की कमाई पटवारी को दे दी, किसी ने तो बैल तक बेच दिए ताकि जमीन का पट्टा और अन्य जरूरी दस्तावेज बन सकें, लेकिन पैसा लेने के बाद पटवारी कथित रूप से गायब हो गया और अब उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। पटवारी के खिलाफ एसडीएम से शिकायत की गई है। पीड़ित ग्रामीण लालाराम का कहना है कि बीते डेढ़ साल पूर्व उसे अपने नजूल भूमि का पट्टा बनवाना था। इसके एवज में पटवारी उपेंद्र बघेल ने 30 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें 10 हजार रुपए एडवांस दिए गए। एडवांस देने के बाद पटवारी गांव से गायब हो गया। न कॉल रिसीव करता है और नाही उसकी कोई जानकारी है, हम चाहते हैं कि हमारा पैसा वापस मिले। ग्रामीण मंगतू का कहना है कि उसे अपने जमीन का दस्तावेज बनवाना था, जिसके एवज में उसने पटवारी को एक बकरा दिया और 40 हजार रुपये नगद राशि भी दी, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ और पटवारी गायब है। एक अन्य पीड़ित ग्रामीण बनसिंग का कहना है कि उसे पटवारी से पट्टा बनवाना था, जिसके लिए उसने 15 हज़ार रुपए पटवारी को दिए, लेकिन न ही पट्टा बना और न ही पैसे वापस हुए। पीड़ित ग्रामीण संपत ने बताया कि उसे अपने जमीन का पट्टा बनवाना था, जिसके लिए पटवारी ने 30 हजार रुपए की मांग की थी। पट्टा बनाना जरूरी था। पटवारी को रुपए देने के लिए उसने अपने 1 जोड़ी बैल को बेच दिया। बेचे गए बैल से 45 हजार रुपये मिले थे, जिसमें से 30 हजार रुपए पटवारी को दिए लेकिन पट्टा नहीं बना। पीड़ित ग्रामीण रूपसाय ने बताया कि पट्टे के लिए पटवारी ने किश्तों में उससे कुल 55 हजार रुपये वसूल लिए। फिर भी पट्टा बना ही नहीं और पटवारी पैसे लेकर गायब हो गया है।

जमीन दलाली भी करता है पटवारी

पीड़ित ग्रामीण बुधराम नेताम का कहना है कि करीब 2 वर्ष पूर्व कोलावल हल्का के मैलबेड़ा, रताखंडी, भिरेंडा, कोलावल गांव के लोगों को पट्टे बनवाने, नाम कटवाने, नाम जुड़वाने, संशोधन करवाने , सीमांकन जैसे अन्य राजस्व से जुड़े कार्यों के एवज में पटवारी ने कई लोगों से लाखों रुपये की वसूली किश्तों में की है। यह भी आरोप है जमीन खरीदी बिक्री के मामलों में भी पटवारी खुद डील करता था। एक जमीन को 6 लाख रुपये में बिकवाया और खुद 2 लाख रुपये उसी के हाथो से लिया, लेकिन जमीन के सही दस्तावेज नहीं होने के कारण क्रेता ने जमीन लेने से मना कर दिया। ऐसे में विक्रेता को 6 लाख रुपये वापस करना पड़े। पटवारी द्वारा वसूल लिए गए 2 लाख रुपये किसान को अपनी जेब से भरने पड़े।जिसका गवाह वो खुद अपने आप को बता रहा है। रताखंडी निवासी मंगतू से भी बकरा और 40 हजार रुपये पटवारी ने ले लिए। पूरे गांव के ग्रामीण यह चाहते हैं कि जितने भी ग्रामीण पटवारी से प्रभावित हुए हैं उन्हें उनका पैसा वापस मिले और उच्च अधिकारी पटवारी पर कार्रवाई करें। मामले की एसडीएम बकावंड से शिकायत की गई है। यदि मांगे पूरी नहीं होगी तो आगामी दिनों में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

वर्सन

पटवारी कहीं भी रहे, छोड़ेंगे नहीं

पटवारी उपेंद्र बघेल के खिलाफ शिकायत मिली है। जांच की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने लाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। चाहे संबंधित पटवारी कहीं भी पदस्थ रहे, उसी गांव में जाकर लोगों से बयान भी लिया जाएगा।

जल संरक्षण को लेकर जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे हुईं सक्रिय

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जपं अध्यक्ष ने किया मूली और नेगानार में निरीक्षण

रायकेरा नाला पर स्टॉप डेम की मांग, नेगानार एवं मूली के स्टॉप डेमों की मरम्मत की दरकार

बकावंड भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जनपद पंचायत बकावंड की अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने अपने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर जल संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत पंडानार के आश्रित ग्राम नेगानार स्थित शिव मंदिर के समीप रायकेरा नाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त स्थल पर स्टॉप डेम कम एनीकेट निर्माण होने से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकता है तथा आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ किसानों को दोहरी फसल लेने का अवसर भी मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थल जांच कराई तथा रायकेरा नाला पर प्राथमिकता के आधार पर स्टॉप डेम निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए स्थायी संरचनाओं का निर्माण जरूरी है। इसके साथ ही जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत मूली एवं नेगानार स्थित स्टॉप डेमों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि इन डेमों में पानी रोकने के लिए आवश्यक प्लेट (गेट) नहीं होने के कारण उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई स्थानों पर साफ-सफाई एवं रखरखाव के अभाव में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।सोनबारी भद्रे ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोनों स्टॉप डेमों में आवश्यक प्लेट लगाने, साफ-सफाई कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संचयन क्षमता बढ़ेगी, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जनपद अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और किसानों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है तथा क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में बढ़ते जल संकट के बीच जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे की यह पहल ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग एवं संबंधित विभाग इन मांगों पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं। यदि रायकेरा नाला पर नया स्टॉप डेम बनता है और पुराने डेमों को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, तो यह क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

पुलिस एवं सायबर सेल टीम द्वारा गांजा तस्करों के खिलाफ बडी कार्यवाही

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आरोपियों से कुल 72.621 किलोग्राम गांजा कीमती 36,31,050 रूपये एवं 04 नग मोटर सायकल, 04 नग विभिन्न कंपनियों का मोबाईल जुमला कीमती 40,52,050 रूपये जप्त किया गया।

05 गांजा तस्कर गिरफ्तार जिसमें एक नाबालिक भी शामिल।

आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत् मामला दर्ज कर भेजा गया जेल।

पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमति मोनिका ठाकुर उप0 पुलिस अधीक्षक बोनी फॉस एक्का के निर्देशन में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक सुनील तिर्की एवं सायबर सेल टीम बालोद तथा थाना डौण्डीलोहारा स्टाफ के द्वारा ग्राम भेड़ी तिराहा डौण्डीलोहारा बालोद मार्ग के पास गांजा तस्करों के खिलाफ बडी कार्यवाही करते हुए कुल 72.621 किलोग्राम गांजा कीमती 36,31,050 रूपये व आरोपियों से 04 नग मोटर सायकल, 04 नग विभिन्न कंपनियों का मोबाईल जप्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। —00—विवरण दृ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है दिनांक 09.06.2026 को जरिए मोबाइल से सूचना मिला कि 04 मोटर सायकल में कुल 06 लोग सवार होकर उड़ीसा से अधिक मात्रा में गांजा लेकर निकले है। पहले मोटर सायकल में 02 लोग बैठे है जो सामने का रास्ता देख रहे है, तथा उसके पीछे 02 मोटर सायकल में एक एक लोग सवार है तथा दोनो मोटर सायकल में पीछे की ओर लोहा का कैरियर बनाकर उसके उपर काला रंग का बड़ा बड़ा प्लस्टिक का टब रखे है जिसमें गांजा को छीपाकर रखे है और एक मोटर सायकल पीछे है जिसमें भी दो लोग बैठे है जो पीछे का रास्ता देख रहे है सभी लोग बालोद होते हुए डौण्डी लोहारा से मप्र. की ओर जा रहे है।

इस ग्रुप में सामने चल रहे मोटर सायकल का नंबर एमपी 38 जेड ए 6414 है तथा अन्य तीनो मोटर सायकल भी एमपी पासिंग का होना बताया कि सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना से अवगत कराकर आवष्यक दिषा-निर्देष प्राप्त कर हमराह स्टाफ, सायबर सेल टीम बालोद व गवाहन के मौके पर रवाना हुए, ग्राम भेड़ी के तिराहा के पास पहुंचकर स्टाफ के साथ दबिश देकर नाकाबंदी कर एंबुश लगाया गया। कुछ समय तक बालोद की ओर से आने जाने वाले वाहनो को चेक करते रहे इसी दौरान मुखबीर द्वारा बताये गया एक मोटर सायकल क्रमांक एमपी 38 जेड ए /6414 आते दिखाई दिया जिसे रोकने पर पीछे बैठा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर मोटर सायकल से कूद कर भाग गया मोटर सायकल चालक को घेराबंदी कर रोका एवं एंबूश को बनाये रखे समय पर एक-एक करके संदेही एमपी पासिंग वाहन जिसमें बड़ा बड़ा प्लास्टिक टब काला रंग का बंधा था आये जिन्हे भी मौके पर रोका गया चौथे मोटर सायकल भी कुछ समय बाद आया जिसे भी रोक कर रखा गया। सभी को रोक कर नाम पता पुछे तो अपना नाम पता बताने पर आना कानी करने लगे फिर सभी ने रायसेन भोपाल मप्र. क्षेत्र का होना बताकर अपना नाम पता बताये क्यों और किस कारण से इधर आए थे पूछने पर टाल मटोल करने लगे। संदेही 01. श्याम गोंड, पवन गोंड, प्रदीप चौहान, संजय कुमावत, धारा सिंह उर्फ तारा सिंह का बारी बारी तलाशी लिया गया। तीन संदेही के पास मोटर सायकल एवं मोटर सायकल में रखे बेग में दैनिक कपड़ो के अलावा कोई भी आपत्ति जनक वस्तु नही मिला। दो संदेही जो अपने मोटर सायकल में पीछे भाग में लोहा के राड पटटी से कैरियर बनाकर उसके उपर बड़ा बड़ा काला रंग प्लस्टिक टब रखे थे जिनका तलाशी क्रमषः लिया गया संदेही पवन कुमार गोड़ के कब्जे से मोटर सायकल बिना नंबर एसपी होण्डा साइन काला लाल रंग का तलाशी लेने पर प्लास्टिक टब में रस्सी बंधा था को जिसे खोलकर देखने पर बारी बारी टब को हटाते गया उपर से दो टब हटाने पर अन्य टब का पेंदा/सतह भाग को काटकर होल बनाना पाया गया जिसमे भूरे रंग के छोटे बड़े पैकेट में कुछ वजनी वस्तु रखा मिला बारी बारी पैकेट को निकालने पर कुल 22 नग पैकेट मिला तथा कुल टब की संख्या 28 नग जिसमे दो टब का सतह/पेंदा सही था बाकी काटकर होल बनाया गया था। संदेही श्याम गोड़ के कब्जे के मोटर सायकल लियो होण्डा एमपी 04/क्यू एल /2667 का तलाशी लेने कुल 28 नग पैकेट मिला जिसे जप्त किया गया। बरामद वस्तु को गांजा मादक पदार्थ होना पाये जाने से इलेक्ट्रानिक तराजू वजन करया गया जो गांजा का कुल वजन 72.621 किलोग्राम कीमती 36,31,050 रूपये व आरोपियों से 04 मोटर सायकल व 04 नग विभिन्न कंपनियों का मोबाईल जप्त किया गया। मामले की संपूर्ण कार्यवाही कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया एवं विधि से संघर्षरत् बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील तिर्की, सउनि अनित राम यादव प्र.आर. विरेन्द्र साहू, प्र.आर. दिगम्बर वर्मा आरक्षक- विनोद अजय, पुनम खरे, कुमलाल वर्मा, रविषंकर देषलहरे सायबर सेल टीम बालोद – सउनि धरम भुआर्य, विपिन गुप्ता, पुरन देवांगन, भोपसिंह, आकाष दुबे, संदीप यादव, गुलजारी साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गिरफ्तार आरोपीः- 01. श्याम गोड़ पिता किषन गोड़ उम्र 26 साल पता ग्राम टपराटोला थाना व जिला रायसेन मप्र । 02. पवन गोड़ पिता दारा सिंह गोड़ उम्र 26 साल पता वार्ड नंबर 13 राहत गढ़ हनुमान मंदिर के पीछे थाना राहत गढ़ जिला सागर मप्र. । 03. प्रदीप चौहान पिता भीम सिंह चौहान उम्र 20 साल जाति बैरागी पता ग्राम टपरापठारी थाना व जिला रायसेन मप्र. । 04. संजय कुमावत पिता मदन कुमावत उम्र 20 साल ग्राम टपरा पठारी थाना रायसेन जिला रायसेन मप्र. 05. विधि से संघर्षरत् बालक।

जल संरक्षण को लेकर जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे हुईं सक्रिय

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जपं अध्यक्ष ने किया मूली और नेगानार में निरीक्षण

रायकेरा नाला पर स्टॉप डेम की मांग, नेगानार एवं मूली के स्टॉप डेमों की मरम्मत की दरकार

बकावंड भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जनपद पंचायत बकावंड की अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने अपने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर जल संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत पंडानार के आश्रित ग्राम नेगानार स्थित शिव मंदिर के समीप रायकेरा नाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त स्थल पर स्टॉप डेम कम एनीकेट निर्माण होने से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकता है तथा आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ किसानों को दोहरी फसल लेने का अवसर भी मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थल जांच कराई तथा रायकेरा नाला पर प्राथमिकता के आधार पर स्टॉप डेम निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए स्थायी संरचनाओं का निर्माण जरूरी है। इसके साथ ही जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत मूली एवं नेगानार स्थित स्टॉप डेमों का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण में सामने आया कि इन डेमों में पानी रोकने के लिए आवश्यक प्लेट (गेट) नहीं होने के कारण उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई स्थानों पर साफ-सफाई एवं रखरखाव के अभाव में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।सोनबारी भद्रे ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोनों स्टॉप डेमों में आवश्यक प्लेट लगाने, साफ-सफाई कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संचयन क्षमता बढ़ेगी, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जनपद अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और किसानों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है तथा क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में बढ़ते जल संकट के बीच जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे की यह पहल ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग एवं संबंधित विभाग इन मांगों पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं। यदि रायकेरा नाला पर नया स्टॉप डेम बनता है और पुराने डेमों को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, तो यह क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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