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गोवर्धन पूजा एवं गौरी-गौरा पर्व : छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव

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आलेख : राकेश द्विवेदी

आस्था, लोकगीत और आनंद का संगम

दीपावली के दूसरे दिन, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसे अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है।विष्णु पुराण, वराह पुराण और पद्म पुराण के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र पूजा का विरोध कर गोवर्धन पर्वत की आराधना करने से इस पर्व की शुरुआत हुई। तभी से यह दिन प्रकृति और गौ पूजन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

छत्तीसगढ़ में गौरी-गौरा विवाह उत्सव की धूम

छत्तीसगढ़ के गाँव-गाँव, चौक-चौराहों में यह दिन विशेष रूप से गौरी-गौरा विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह परंपरा विशेष रूप से गोंड़ जनजाति से जुड़ी है, पर अब सभी समाजों में समान उत्साह से मनाई जाती है।दीपावली की संध्या पर महिलाएँ लोकगीत गाते हुए तालाब या नदी से पवित्र मिट्टी लाती हैं। उसी मिट्टी से रात्रि में गौरी (पार्वती) और गौरा (शिव) की प्रतिमाएँ बनाकर चमकीली पन्नियों से सजाई जाती हैं।रात्रि में पीढ़ों पर सजी मूर्तियों को सिर पर रखकर महिलाएँ व पुरुष बाजे-गाजे, नगाड़े और गीतों के साथ गाँव की गलियों से होकर गौरा चौरा तक ले जाते हैं। चौरा को लीप-पोतकर सजाया जाता है।फिर विवाह जैसे रस्में, नेग-चार, और पारंपरिक गौरा गीत गाए जाते हैं। यह लोक-उत्सव पूरी रात गीत, नृत्य और पूजा के साथ चलता है।

विदाई और गोवर्धन पूजा

अगली सुबह, परंपरा अनुसार गौरी-गौरा की विदाई तालाब में विसर्जन के साथ होती है। इसके बाद घर-घर में गोवर्धन पूजा प्रारंभ होती है।गाय के गोबर से शिखरयुक्त गोवर्धन पर्वत बनाकर उसे पुष्पों और वृक्ष-शाखाओं से सजाया जाता है।गायों और पशुधन को नहलाकर, गहनों और मालाओं से सजाकर भगवान श्रीकृष्ण की षोडशोपचार पूजा की जाती है।फिर 56 भोग सहित अनेक व्यंजन बनाकर भगवान को अर्पित किए जाते हैं और पशुधन को भी खिलाया जाता है।छत्तीसगढ़ में इसे देवारी पर्व के नाम से भी जाना जाता है, जो कृषि, पशुपालन और लोकजीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।

राऊत समाज की रौनक : नृत्य, गीत और सुहाई

छत्तीसगढ़ का राऊत समाज (यदु वंशज) इस दिन विशेष रूप से उत्सव मनाता है। वे स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज मानते हैं। उनकी पोशाक — मोरपंख युक्त पगड़ी, पैरों में घुंघरू और हाथ में लाठी — पूरी तरह श्रीकृष्ण की शैली को दर्शाती है।दशहरा के बाद शुभ मुहूर्त में राऊत समाज दैहान (गाय-बछड़ों के ठहरने के स्थान) में अखरा बनाकर अपने इष्टदेव की स्थापना करता है।लाठी लेकर नाचते-गाते हुए वे रामचरितमानस के दोहे गाते हैं।राऊत लोग हर घर जाकर गायों को सुहाई (पलाश की जड़ और मोरपंख से बना हार) पहनाते हैं, दोहे गाते हैं और आशीर्वाद देते हैं।इसके बदले में लोग उन्हें अन्न, वस्त्र और दक्षिणा भेंट करते हैं।

गोवर्धन खुंदना और लोक-स्नेह

गाँव के अंत में गोवर्धन खुंदना की रस्म होती है, जिसमें गाय-बैल गोबर से बने गोवर्धन पर्वत के ऊपर से गुज़ारे जाते हैं।इसके बाद सभी लोग उसी गोबर से तिलक लगाकर एक-दूसरे को गले मिलते हैं और शुभकामनाएँ देते हैं।यह पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि ग्राम एकता, पशु प्रेम और लोक संस्कृति का संदेश देता है।*परिवार और समाज का मिलन पर्व*इस दिन गाँव-गाँव में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहता है। जो लोग रोज़गार या व्यवसाय के लिए दूर-दराज़ रहते हैं, वे भी अपने परिवार सहित गाँव लौटते हैं ताकि देवारी पर्व को अपने मूल निवास में मिलजुलकर मना सकें।गोवर्धन पूजा और गौरी-गौरा उत्सव छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, संस्कृति और समाजिक एकता का अनमोल प्रतीक है — जो आधुनिकता के बीच भी अपनी परंपराओं की सुगंध को जीवित रखे हुए है। “गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोकजीवन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का उत्सव है।”

शिक्षा मंत्री यादव के आह्वान पर डीईओ बघेल ने स्कूल में मनाया दीपोत्सव

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ज्ञान का मंदिर भी आलोकित उठा दीयों की रौशनी से

अर्जुन झा

जगदलपुर संस्कृत में एक श्लोक है – ‘विद्या ददाति विनयं, विनयाद याति पात्रताम, पात्रा त्वात धनमा न्पोती, धनात, धरमः ततः सुखम।’ इसका अर्थ है विद्या से हमें विनयशीलता प्राप्त होती है और विनम्र व्यक्ति ही योग्यता हासिल करता है। योग्यता और पात्रता के आधार पर ही हम धन प्राप्त कर सकते हैं। धन से हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है। सार यही कि विद्या और ज्ञान से ही व्यक्ति सफल, सुखी एवं समृद्ध बन पाता है। दीपावली पर हम सभी अपने घरों पर तो दीये जलाते हैं और माता लक्ष्मी से सुख समृद्धि और ऐश्वर्य की कामना करते हैं, मगर उस मंदिर को भूल जाते हैं, जो हमें हर तरह से काबिल बनाता है। इस वर्ष की दिवाली से प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ज्ञान के मंदिर स्कूलों में भी दीये जलाने की अपील की है। इस अपील पर अमल करते हुए बस्तर संभाग में पहली बार बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने स्कूलों में दीये जलाकर ज्ञान की देवी सरस्वती के दरबार को रौशन करने की परंपरा शुरू की है। शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए शिक्षा मंत्री के आह्वान पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री बघेल द्वारा शुरू की गई यह पहल सराहनीय है।

बस्तर जिले में लक्ष्मी पूजा के दिन शिक्षा मंत्री की अपील पर दीपोत्सव कार्यक्रम की सभी ने सराहना की। विशेषकर बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल के साथ स्कूल में दीये जलाकर बच्चे बेहद खुश थे। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्कूल को देवालय बताते हुए अपील की थी कि इस दीपावली में स्कूल के नाम एक दीया जलाएं। बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने भी शिक्षा मंत्री यादव के आह्वान पर अमल करते हुए संकुल केंद्र गढ़िया के प्राथमिक विद्यालय नेगीरास में एक दिया स्कूल के नाम अर्पित किया। डीईओ बघेल के साथ ब्लॉक समन्वयक पीआर सिन्हा, करकपाल के स्कूल समन्वयक और गढ़िया सीएसी और बच्चों के साथ इस देवालय में लक्ष्मी पूजा के दिन रात्रि प्रहर दीपोत्सव मनाया गया। डीईओ श्री बघेल ने बताया- मैने 1977 से पांचवीं बोर्ड की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की थी। इसी स्कूल में मिले ज्ञान के दम पर आज मैं इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं। जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने सभी शिक्षकों एवं ग्रामीणों से हर वर्ष दीपावली पर स्कूलों में भी दीये जलाने की अपील की।

महामाया माइंस स्थानीय लोगोंऔर आस पास के ग्रामीणों के लगातार चक्काजाम के चलते उक्त ठेका श्रमिको का ड्यूटी जाना हुआ बंद महाप्रबंधक को दिया ज्ञापन

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दिनांक-16-10-2025 से महामाया माइंस के आस-पास क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लगातार चक्काजाम कर अपने माँगों के लिए आंदोलन किया जा रहा है, जिस कारण हमारे संगठन छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के ठेका श्रमिक जो मेसर्स एन.सी. नाहर महामाया माइंस में कार्यरत है वे सभी अपने कार्य क्षेत्र में ड्यूटी पर नहीं जा पा रहे है, और उनकी हाजरी भी नहीं लग रही हैऔर अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उसी महामाया माइंस में कार्यरत नियमित कर्मचारियों की हाजरी प्रतिदिन राजहरा माइंस आफिस में लगाया जा रहा है, उक्त परिस्थितियों में हमारे संगठनों के कार्यरत श्रमिकगण बेरोजगार की श्रेणी में आ गये है

उनके सामनें रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है महामाया माइंस के ग्रामीणों द्वारा किये जा रहे आंदोलन के निर्णय होने तक पूर्व में कार्यरत सभी ठेका श्रमिकों का भी हाजरी नियमित कर्मचारियों की तरह लगाया जाय, एवं वेतन भुगतान करानें की व्यवस्था भी सुनिश्चित किया जाय।इस विषय में छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के तत्वाधान में श्रमिकों ने बी एस पी माइंस ऑफिस चौक में भारी संख्या में आ कर नारे बाजी की तथा धरना प्रदर्शन किया उसके पश्चात महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर इस विषय में चर्चा की इस अवसर पे छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ के महासचिव-अनिल यादव जी, अध्यक्ष राजेन्द्र बेहरा जी, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ से सोमनाथ जी चंदू लाल,हरिशंकर दुबे,सुरेश साहु, बलवंत राय,अमरीक,सालिक राम,हरिशंकर राव, शेखअहमद ,नसरुद्दीन ,रेखचंद, गांधी साहु,ईशु एवं सभी कार्यरत ठेका श्रमिक उपस्थित थे।

दिवाली पर व्यापारी की आत्महत्या, माँ और 9 साल की बेटी बेसहारा

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बालोद (अर्जुंदा) दिवाली के दिन अर्जुंदा कस्बे में उस समय सनसनी फैल गई जब 45 वर्षीय व्यापारी डगेश्वर उर्फ़ पप्पू देवांगन का शव इलेक्ट्रिक कार के बाहर संदिग्ध हालत में मिला। मृतक समाधान कृषि केंद्र (डौंडीलोहारा व निकुम) के संचालक थे। सुबह करीब 6.30 बजे घर से निकले पप्पू जब दोपहर तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की।

दोपहर करीब 2 बजे ग्राम चोरेल के सुनसान इलाके में उनकी कार मिली, जिसके बाहर उनका शव पड़ा था।मौके से दो खाली कीटनाशक की बोतलें बरामद की गईं। पुलिस को आशंका है कि उन्होंने कीटनाशक पीकर आत्महत्या की है। मृतक का शरीर पूरी तरह काला पड़ चुका था। बताया गया कि उनकी पत्नी से तलाक का मामला न्यायालय में चल रहा था और वे लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।पप्पू देवांगन अपनी बुजुर्ग माँ और 9 साल की बेटी के एकमात्र सहारा थे। सोमवार शाम को अर्जुंदा में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप‌ दिया है और मामले की जांच जारी है। दिवाली की खुशियों के बीच हुई इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

आयरन ओर से भरे ट्रकों से उड़ रही धूल, दल्ली राजहरा में फिर उठी बायपास रोड की मांग

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दल्ली राजहरा में फिर उठी बायपास रोड की मांग

त्योहार पर जाम और प्रदूषण से त्रस्त नागरिक बोले — बढ़े ‘नो एंट्री’ का समय3. धूल में ढकी दिवाली, नागरिकों ने बीएसपी से मांगी बड़ी टैंकर व्यवस्था

दल्लीराजहरा माइंस से आने वाले आयरन ओर से भरे ट्रक एवं भारी वाहनों से उड़ रही धूल और बढ़ रहा जाम, नागरिक बोले — बीएसपी लगाए बड़े टैंकर, त्योहार तक बढ़े ‘नो एंट्री’ का समय दल्ली राजहरा। दीपावली पर्व के अवसर पर बाजारों में बढ़ी भीड़ और ट्रैफिक डाइवर्जन के कारण वार्ड क्रमांक 22 और 24 की गलियों से आयरन ओर से भरे ट्रक एवं अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इन वाहनों के गुजरने से इलाके में धूल, जाम और प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी हुई है।नगर पालिका द्वारा सड़कों पर टैंकर से पानी डालने की व्यवस्था की गई है, किंतु यह केवल अस्थायी राहत ही दे पा रही है। कुछ ही घंटों में सड़कें फिर सूख जाती हैं और हवा में धूल का गुबार फैल जाता है।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि शहर से बाहर जाने के लिए यही एकमात्र मार्ग है। लगातार भारी वाहनों के गुजरने से जाम की स्थिति बन जाती है।

जिससे छोटी गाड़ियों और स्कूली बच्चों के आने-जाने में भी जान का खतरा बना हुआ है।वार्ड 22 के निवासी रमेश यादव ने कहा, “सुबह से शाम तक ट्रक गुजरते रहते हैं, धूल इतनी बढ़ गई है कि घरों के दरवाज़े तक खोलना मुश्किल हो गया है।”वार्ड 24 की रीना तिवारी ने बताया, “नगर पालिका प्रयास कर रही है, पर स्थायी समाधान सिर्फ बायपास रोड ही है।”वहीं उत्पल नायक ने कहा, “धूल के कारण अब सांस लेना कठिन हो गया है, बच्चे और बुजुर्ग बेहद परेशान हैं।”नागरिकों ने बताया कि त्योहार पर घरों की सफाई और सजावट करने के बावजूद धूल के कारण घर तुरंत गंदे हो जाते हैं, जिससे लोगों का उत्साह फीका पड़ रहा है।दुकानदारों को भी धूल के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है — उन्हें बार-बार दुकानें साफ करनी पड़ती हैं, जिससे ग्राहकों की संख्या पर असर पड़ रहा है।लोगों ने बीएसपी प्रबंधन से अपील की है कि वह बड़े टैंकरों की व्यवस्था करे, ताकि नियमित पानी छिड़काव से धूल की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही प्रशासन से त्योहार तक भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ अवधि बढ़ाने और बायपास रोड के शीघ्र निर्माण की मांग की है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बायपास रोड का निर्माण अब दल्ली राजहरा की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। इससे न केवल ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा भी होगी।

जमीन विवाद को लेकर एक बुजुर्ग व्यक्ति ने की दूसरे बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या

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पुलिस की तत्परता से आरोपी की हुई गिरफ्तारी , जमीन विवाद बना हत्या का कारण-मृतक जगतराम सिन्हा उम्र 68 वर्ष ग्राम करियाटोला तुमड़ीकसा थाना मंगचुवा दिनांक 17.10.2025 के सुबह 06ः00 बजे करीबन शौच हेतु नरवा खेत रपटा रोड़ तरफ गया था। पंचूराम के खेत के सामने रोड़ पास बालाराम सिन्हा उम्र 66 वर्ष मिल गया जिससे जमीन की बात को लेकर विवाद होने पर बालाराम द्वारा जगतराम सिन्हा के गला को मारकर व डण्डा से पीठ को मारकर चोंट पहुचाने से जगतराम बेहोष हो गया था। जिसे चस्मदीद गवाहन टीकमलाल पकड़कर रखा था व देवन सिंह जगतराम के घर वालो को बताने व पानी लेने जगतराम के घर गया। जिसकी जानकारी जगतराम के घर वालो को देने पर जगतराम का नाती दुर्गेष अपने साथी खेमलाल के साथ मोटर सायकल में देवन के बताये स्थान पर जाकर मोटर सायकल में बैठाकर बेहाषी हालत में जगतराम को घर लेकर आये थे जहां कुछ देर बाद जगतराम की मृत्यु हो गई। मृतक के पुत्र रूपेन्द्र कुमार सिन्हा उम्र 47 वर्ष निवासी ग्राम करियाटोला तुमड़ीकसा कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 26/2025 धारा 103(1) बीएनएस कायम की गई। पुलिस अधीक्षक महोदय योगेष कुमार पटेल के निर्देषन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मोनिका ठाकुर के मार्गदर्षन एवं श्रीमान नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा श्रीमति चित्रा वर्मा के पर्यवेक्षण पर थाना मंगचुवा टीम गठित कर अधिकारी कर्मचारियों को निर्देषित किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी बालाराम सिन्हा उम्र 66 वर्ष ग्राम करियाटोला तुमड़ीकसा को दिनांक 17.10.2025 को पकड़कर पूछताछ करने पर दिनांक 17.10.2025 के सुबह 06ः30 बजे करीबन ग्राम करियाटोला नरवा खेत जाने के मार्ग पंचु के खेत के सामने जमीन विवाद की बात को लेकर जगतराम के गर्दन व पीठ को मारकर चोट पहुचाने के कारण मृतक जगतराम उम्र 68 वर्ष को फौत हुआ है। आरोपी से अपराध में प्रयुक्त तेंदू लकड़ी का डण्डा व आरोपी का शर्ट जिसमें खून का छिंटा दिख रहा है को जप्त कर दिनांक 18.10.2025 को न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय पेष किया गया है। घटना के बाद पुलिस की तत्परता से आरोपी की गिरफ्तारी करने में सउनि देवकुमार कोर्राम, प्र.आर.विकास सिंह, आर. गुलाब मेरिया, अजय साहू, देवेन्द्र भुआर्य, टीकम धरमगुड़ी की भूमिका सराहनीय रही।नाम आरोपी- बालाराम सिन्हा पिता स्व0 परऊराम उम्र 66 वर्ष ग्राम करियाटोला तुमड़ीकसा थाना मंगचुवा जिला बालोद। जप्ती – 01 नग तेंदू लकड़ी का डण्डा, घटना के समय आरोपी द्वारा पहना शर्ट जिसमें खून का छिटा लगा है।

दीपापावली पर जगमग हुआ अरमुरकसा ग्राम पंचायत

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दीपापावली पर जगमग हुआ अरमुरकसाग्राम पंचायत अरमुरकसा के इतिहास में पहेली बार मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं था राहगीरों को बहुत समस्या के साथ पूरी मुख्य सड़क अंधेरा रहता था ग्रामीणों के मांग पर जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस सरपंच हलधर गोरे के प्रयास से नेशनल हाईवे सड़क की मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के लिए खंभे लगाकर पूरे मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाया गया जिससे मुख्य मार्ग आज रोशनी से जगमगा गया इस प्रकाश पर्व पर हुए बिजली की रोशनी से ग्रामीण जन हर्षित थे मानो पूरा दीपावली अरमुरकसा के ग्रामीणों के लिए ही आ गया है इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस ने मुख्य स्वीच की बटन दबाकर स्ट्रीट लाइट का शुभांरभ किए इस अवसर पर सरपंच सहित पूरे ग्राम पंचायत के पंच और सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित होकर साक्षी बने

सरपंच हलधर गोरे ने बताया कि हमारे गांव के अंदर भी स्ट्रीट लाइट नहीं था जिसे हमारे पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस ने पूरा किए थे आज मुख्य मार्ग पर मैने हमारे जनपद सदस्य श्रीमती मंजू संजय बैंस के सहयोग से पूरा किया वास्तव में आज हमारे गांव का अलग ही रौनक लग रहा है मेरे इस काम पर मैं अपने पूरे पंचों को भी धन्यवाद देता हु हम सबका सपना आज साकार हुआ कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब जब अरमूरकसा में विकास की गौरव गाथा लिखा जाता है तब तब मुझे उतनी ही खुशी होती है और इस बार तो हमारे सरपंच श्री हलधर गोरे जी विकास पुरुष के नाम से ही पहचान बना चुके है मेरे जनपद क्षेत्र में इसके पूर्व मेरे पति को आपने आशीर्वाद देकर जो सेवा का मौका दिए थे उसी कड़ी को मै आगे बढ़ाते हुए उसे पूरा करूंगी जल्द हमारे ग्राम पंचायत अरमुरकसा के बस्ती पारा और नया पारा के लिए मेरे प्रयास से 20 लाख रूपये की सीसी रोड निर्माण की राशि स्वीकृति मिल चुका है दीपावली के तुरंत बाद सड़क निर्माण के कार्य प्रारंभ हो जाएगा रेलवे पारा में पानी की समस्या रहता है मेरे दौरे के समय मोहल्ले वासी मुझे समस्या से अवगत कराए थे रेलवे पारा के बोर खनन और पाइप लाइन विस्तार के लिए अपने निधि से दो लाख रुपए स्वीकृति किए है हम सबके प्रयास से गांव धीरे धीरे विकास की ओर बढ़ रहा है ग्रामीणों के द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत लीडिया और आभार प्रदर्शन सचिव बिना टेकाम ने किया इस अवसर पर उप सरपंच ओम प्रकाश भूआर्य ग्राम पंचायत के पंच लिखन राम कृष्णकांत द्रोपति बाई दुर्गा बाई भुनेश्वरी नायक मीना बाई जानकी बाई बमलेश्वरी बाई गेंदी बाई निर्मला बाई चंद्रकली बलदेव दास कोतवाल जागृत राम दिलीप मसिया सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे

कमरे के अंदर मिली मां और बेटी का लाश

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दल्लीराहरा :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है । जो शिकारीपारा का मामला जो एक मां को ममता की मूर्त कहा जाते थे जो आज लेकिन इस इतिहास को पलट कर रख दिया यहां मामला जो बालोद के शिकारी पारा के एक घर में मां अपनी मासूम बेटी को मारकर खुद ही फांसी के फंदे में लटकर अपनी जान दे दी । घटना के पश्चात् पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की पुष्ठि कर रही हैं।

सुशासन में वनंाचल के ग्राम जुनवानी की दीपावली की खुशियाँ हुई दोगुनीवर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान,

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बालोद :- छत्तीसगढ़ शासनसमाचार सुशासन में वनंाचल के ग्राम जुनवानी की दीपावली की खुशियाँ हुई दोगुनीवर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान, खुला नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकानग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार बालोद, 17 अक्टूबर 2025बालोद जिले के डौंडी विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम जुनवानी में इस वर्ष दीपावली की खुशियाँ दोगुनी हो गई हैं। इसका कारण है, यहां के लगभग ’’70 परिवारों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान’’, जो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में संभव हो पाया है। ग्रामीणों को अब अपने ही गांव में नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त हो रहा है, जिससे उन्हें अब दूर ग्राम भर्रीटोला नहीं जाना पड़ता। पहले ग्रामीणों को राशन लेने के लिए लगभग 05 किलोमीटर दूर ग्राम भर्रीटोला जाना पड़ता था, जहां कच्ची सड़कों के कारण विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब गांव में ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान शुरू होने से ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी झलक रही है।ग्राम जुनवानी के निवासी हरिश्चन्द्र नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है कि वर्षों से चली आ रही हमारी समस्या का समाधान इस बार दीपावली से पहले ही हो गया है। इस बार दीपावली में हम ग्रामीणों की खुशियाॅ दोगुनी हो गई है, अब हमें राशन के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। इसी तरह ग्रामीण सालिक राम कोलियारा ने कहा कि पहले राशन लाने के लिए कच्चे रास्ते पर चलना पड़ता था।

रास्ता खराब होने से राशन का सामान लाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, अब गांव में ही दुकान खुलने से महिला-पुरुष सभी को बड़ी राहत मिली है। ग्राम की बुजुर्ग महिला श्रीमती तीज बाई ने बताया कि पहले उन्हें हर बार किसी को साथ लेकर भर्रीटोला जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही राशन मिलने से वे ’’स्वयं ही राशन लेने जाती हैं’’, जिससे सुविधा और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ी है। इसी तरह श्रीमती अनिता कोलियारा ने कहा कि पहले जब राशन लेने दूसरे गांव जाते थे, तो एक दिन पूरा निकल जाता था और थकान भी बहुत होती थी, अब गांव में दुकान होने से समय की बचत और सुविधा दोनों मिल रही है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि संजय बैस ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तिहार में आयोजित शिविर में गांव में राशन दुकान खोलने की मांग की थी, जिस पर शासन-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम जुनवानी में नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन शुरू कराया है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता का परिणाम है कि ग्रामीणों को दीपावली से पहले यह बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीणों ने नवीन दुकान की शुरुआत पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के इस कदम से न केवल हम ग्रामीणों का समय और श्रम बचा है, बल्कि हमें शासन की योजनाओं का लाभ भी ’’आसानी और सम्मानपूर्वक’’ मिल रहा है। ग्राम जुनवानी के लोगों के लिए यह दीपावली ’’उम्मीद, सुविधा और दोगुनी खुशी का पर्व’’ बन गई है.

बस्तर संभाग के शिक्षकों में जेडी के खिलाफ भड़की ज्वाला; आर पार की लड़ाई शुरू

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संयुक्त संचालक की कार्यप्रणाली बेहद नाराज हैं शिक्षक शिक्षिकाएं

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के शिक्षा विभाग में ड्रेस कोड के नाम पर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक शिक्षक को संयुक्त संचालक शिक्षा ने ड्रेस कोड के नाम से ऑफिस के चैंबर में घुसने नहीं दिया। इस घटना से आक्रोशित पूरे प्रदेश के शिक्षक आंदोलन मोड पर आ गए हैं। इसका नजारा गुरुवार शाम को बस्तर जिले में देखने को मिला। जहां जेडी मुर्दाबाद, जेडी भगाओ बस्तर बचाओ, जेडी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारों के साथ हजारों शिक्षकों ने लामबंद होकर कमिश्नर और कलेक्टर को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षक रैली की शक्ल में बस्तर सांसद को मिले और उन्हें भी ज्ञापन दिया।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि इसी के डर से जेडी ने सरपंचों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के कुछ वीडियो बनवाए, अपनी तारीफ करवाकर अपने आप को पाक साफ साबित करने में लगे हैं। शिक्षक संगठनों ने तो यहां तक कहा है कि जेडी ऑफिस भ्रष्टाचारियों की पनाहगाह बन गया है। जेडी इससे पहले डीईओ हुआ करते थे, तब भी पूरा शिक्षक समुदाय और सहकर्मी इनसे त्रस्त थे। इनको वहां से हटाने के बाद वहां पर आतिशबाजी तक हुई थी। एसीबी से भी धरे जा चुके हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जेडी साहब को अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया में डालने का भी चस्का है। वहीं उनके ऑफिस में एक पूर्व डीईओ जो कोंडागांव में फोटो घोटाले का मुख्य आरोपी रहे हैं, उन्हें सहायक संचालक बनाकर उपकृत किया गया है। ऐसे अधिकारी जो लगभग 20 वर्षों से अपनी मूल शालाओं में कभी नहीं गए न ही कभी अध्यापन कार्य करवाया है। और स्कूल जाने के डर से ऐसे पदों पर चाटुकारी कर जमे हुए हैं।शिक्षक साझा मंच ने मांग की है कि इन्हें इनके मूल पद पर वापस भेजें और ऐसे कर्मचारियों को कभी भी प्रतिनियुक्त पर ना भेजें।

ज्ञापन में गंभीर आरोप

शिक्षक साझा मंच द्वारा सांसद, संभाग आयुक्त और कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संयुक्त संचालक शिक्षा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि संयुक्त संचालक राकेश पांडे जब से संयुक्त संचालक का कार्यभार ग्रहण किए हैं तब से पूरे संभाग में भय और आतंक का माहौल बनाकर रखे हैं। प्रतिदिन रील और वीडियो ऑडियो के माध्यम से शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। स्पष्टीकरण देने गए प्रधान पाठक प्रकाश नेताम को संयुक्त संचालक ने फटकार लगाकर भगा दिया। किसी भी स्कूल की प्रार्थना सभा में जाकर शिक्षकों को बच्चों के सामने अपमान करके निलंबित करने एवं वेतन वृद्धि रोकने की धमकी देते हैं। शिक्षक डेली डायरी में भी त्रुटि निकाल कर सीधे दो वेतन वृद्धि रोकने या निलंबन की कार्यवाही कर रहे हैं।राज्य शासन द्वारा मध्यान भोजन के लिए दिए जाने वाले चावल को मोटा चावल है कहकर शिक्षकों पर कार्यवाही कर रहे हैं। मध्यन्ह भोजन में जानबूझकर कमी निकलकर शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हैं और वीडियो बनाकर वायरल करते हैं तथा शिक्षकों के वेतन वृद्धि रोकने एवं निलंबन की कार्रवाई करते हैं। सीएससी के पदोन्नति व्याख्याता पद पर होने के बाद सीएसी के रिक्त पद को संयुक्त संचालक कार्यालय से पोस्टिंग मौखिक रूप से डीईओ और डीएमसी पर दबाव डालकर कराई जाती है, जबकि डीईओ और डीएमसी के प्रस्ताव के द्वारा जिले के कलेक्टर के अनुमोदन के बाद डीईओ को यह कार्य करना होता है। प्राचार्य पदोन्नति काउंसलिंग के बाद पदस्थापित प्राचार्य को संयुक्त संचालक ने एमएलबी क्रमांक 1 में संलग्न कर दिया है। व्याख्याता पदस्थापना एवं स्थानांतरण का जिम्मा लोक शिक्षण संचालनालय पर है परंतु जेडी ने अपने कार्यालय में दूसरे जिले के व्याख्याता को लाकर सहायक संचालक के पद पर संलग्नीकरण किया है। कांकेर जिले से एक लिपिक का संलग्नीकरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगत सिंह जगदलपुर में किया गया है।जेडी ने विभागके दो चपरासियों को अपने घर में कार्य करने के लिए रखा है।पोटा केबिन और कस्तूरबा गांधी बालिका आश्रम शालाओं से और जितने भी आश्रम शालाएं हैं उनसे राशि लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव द्वारा शाला निरीक्षण में की गई कार्रवाई की फाइल खोल कर समस्त बीईओ को दबाव डालकर शिक्षकों पर कार्यवाही करने का भय दिखाकर उगाही के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जेडी की कार्यप्रणाली से महिला शिक्षक सबसे ज्यादा प्रताड़ित हो रही हैं। इसी दबाव के चलते शिक्षिका संतोषी बिसाई स्कूल जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई और अपना हाथ गवां बैठी।

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