मच्छरदानी वितरण के साथ शासन की योजना के अंतर्गत बुजुर्ग महिला को महापौर संजय पाण्डे व अन्य जनप्रतिनिधियों के हाथों माँ दंतेश्वरी वार्ड की बुजुर्ग महिला को वाकर दिया गया। वही महापौर संजय पाण्डे ने स्वच्छता सम्बन्धी शपथ भी दिलवाई। बारिश अक्सर मच्छर जनित बीमारियों की आशंका को प्रबल बना देती है, इस मौसम में मच्छर से होने वाली बीमारियों से बचाव हेतु आज शहर के मां दंतेश्वरी वार्ड में मच्छरदानी का वितरण कर लोगों को इस मौसम में सजग रहने की अपील की।
इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पानीग्राही, लक्ष्मण झा, योगेंद्र पाण्डे, संजय विश्वकर्मा, कलावती कसेर, त्रिवेणी रंधारी, पार्षद पूनम सिन्हा, आशा साहू, वरिष्ठ कार्यकर्ता उमाकांत सिंह, धर्मपाल महावर, आरयेंन्द्र सिंह आर्य, मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा, सुधा मिश्रा, लक्ष्मी कश्यप, रंजीता पानीग्राही, महामंत्री संजय चंद्राकर, अतुल सिम्हा, ब्रिजेश शर्मा, दिलीप सुंदरानी, रितेश सिन्हा, सूर्यभूषण सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
लोगों को मिली बड़ी राहत, कलेक्टर और तहसीलदार की हो रही है तारीफ
बकावंड विकासखंड में सुशासन दिखने लगा है मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर अब राजस्व विभाग लगातार लोगो को अपने त्वरित कार्यों से प्रभावित कर रहा है। बस्तर कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में बकावंड की युवा और महिला तहसीलदार श्रीमती जागेश्वरी गावड़े ने सूझबूझ से सभी राजस्व प्रकरण निपटने में तेजी लाई है। इसका फायदा आम लोगों को मिलने लगा है। इससे लोगों में खुशी की लहर है और वे कलेक्टर तथा तहसीलदार की प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं।
बकावंड तहसीलदार श्रीमती गावड़े कई सालौं से लबिंत भूमि संबंधित प्रकरण एवं जाति निवास प्रमाण पत्र के कार्य बड़ी तेजी से निपटा रही हैं। तहसीलदार की इस पहल से यहां के लोग बहुत खुश हैं और कलेक्टर हरिस एस एवं तहसीलदार जागेश्वरी गावड़े की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं। बस्तर कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार बकावंड तहसीलदार जागेश्वरी गावड़े राजस्व संबंधित विवादित भूमि एवं जाति निवास या तहसील संबंधित मामले को जल्द निपटाने का प्रयास कर रही हैं। ताकि किसानों को बकावंड तहसील कार्यालय के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े और वे ताकि किसान अपने अपनी खेती किसानी में ज्यादा समय दे सकें। किसानों का बंटवारा, नामांतरण, किसान किताब में नाम जोडने एवं मृत किसानों के नाम काटने कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश तहसीलदार श्रीमती गावड़े ने हल्का पटवारियों को दिए हैं। उन्होंने लोक सेवा केंद्र को भी जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र के मामलों का निराकरण करने कहा है ताकि छात्र छात्राओं को सहीं समय स्कूल कॉलेज दाखिला मिल सके। बकावंड तहसील अंतर्गत कुल दर्ज केस 7580 रहे हैं, जिनमें 7489 का निराकारण कर दिया गया है। कुल 91 प्रकरण मूल न्यायलय में लबिंत हैं और 87 दर्ज हैं। बकावंड तहसील अंतर्गत ग्रामीणों की समस्याओं निराकरण तेजी से किया जा राहा है।
+25 साल से घुटने तक कीचड़ भरे रास्ते पर चल रहे हैं रूद्रारम पंचायत के लोग
कांग्रेस के गढ़ बीजापुर में है यह गंभीर समस्या
91 लाख खर्च होने के बाद भी नहीं बन पाई सड़क
–अर्जुन झा
जगदलपुर गत लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बस्तर संभाग में बेहतरीन परफॉरमेंस दिखाया, मगर बीजापुर जिले के कीचड़ में वह कमल नहीं खिला पाई। वजह है ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी। हर साल बरसात का मौसम एक ग्राम पंचायत की तीन बस्तियों के लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन जाता है। इन बस्तियों में भरपूर कीचड़ है, पर उस कीचड़ में भाजपा का कमल नहीं खिल पा रहा है।
यह दुखभरी कहानी है बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड की ग्राम पंचायत रूद्रारम की। यहां वर्षों से आवागमन की सुविधा के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। ग्राम पंचायत में गुहार लगाई, शिविरों में भी आवेदन दिया, मगर अब तक कोई भी समाधान नहीं निका ल गया। रूद्रारम के पंचायत सचिव और पूर्व सरपंच की लापरवाही के चलते ग्रामीणों को आज भी मूलभूत सुविधा के लिए जूझना पड़ रहा है। पंचायत के तीन वार्ड गेर्रागुड़ा, यालमपारा और सोढ़ीपारा की बस्तियां बीते करीब 25 वर्षों से कीचड़ से लबरेज हैं। रास्तों पर कीचड़ का सैलाब आया हुआ है। इन रास्तों पर बारिश में एक फीट तक कीचड़ भरा रहता है, जिससे गांव वालों को आवागमन में तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।
सचिव–सरपंच बने रहे बेपरवाह
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने ग्रामसभा बैठकों, पंचायत स्तर की चर्चाओं और प्रशासनिक शिविरों में कई बार आवेदन दिए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। सीसी रोड तो दूर, मुरमीकरण तक का नामोनिशान नहीं है। हर बार सचिव और पूर्व सरपंच ने सिर्फ आश्वासन दिया, लेकिन न काम शुरू हुआ, न सड़क बनाई।
बच्चों की पढ़ाई चौपट, मरीज त्रस्त
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में सड़कें एक फीट कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। हालात इतने खराब हैं कि बच्चों का स्कूल जाना और मरीजों का अस्पताल पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है। एम्बुलेंस यहां तक नहीं पहुंचती, मरीजों को कंधे पर उठाकर एम्बुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। वहीं बच्चे स्कूल पहुंचते तक कीचड़ से लथपथ हो जाते हैं। कीचड़ भरे रास्ते को पार करने में जो मेहनत लगती है, उसकी थकावट के कारण बच्चे न स्कूल में मन लगाकर पढ़ाई कर पाते हैं और न घर लौटकर। कुल मिलाकर इन बच्चों का भविष्य कीचड़ में समाता जा रहा है।
डकार गए 91 लाख रुपए
खबर है कि सड़क निर्माण के नाम पर रूद्रारम पंचायत में 91 लाख रुपए की हेराफेरी हुई है। जब ग्रामीणों ने सचिव से सवाल किया कि सड़क क्यों नहीं बनी, तो सचिव ने साफ कहा कि फंड नहीं आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 15वें वित्त से बीते 4 वर्षों में लगभग 91 लाख की राशि पंचायत को मिली, जिसे कहां खर्च किया गया इसका कोई हिसाब नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव को जब भी गांव की बैठकों में बुलाया जाता है, वह या तो आते नहीं हैं, और अगर आते हैं तो कुछ देर बैठकर बिना जवाब दिए चले जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि सचिव और पंचायत का रवैया जनसमस्याओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है।वहीं जब दलदल भरी सड़क के मुद्दे को लेकर जनपद सीईओ सुरेश देवांगन के पास पहुंचे तो उन्होंने कोई भी बयान देने से साफ इंकार कर दिया। जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए नजर आए।
कलेक्टर से मिलेंगे ग्रामीण
ग्रामीण इस पूरे मामले की जांच करवाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए जल्द ही जिला कलेक्टर में आवेदन देने की बात कर रहे हैं। साथ ही जल्द से जल्द इन तीनों वार्डों की सड़कों का निर्माण कराने की मांग की जायेगी, ताकि लोगों को इस बदहाली से राहत मिल सके। वहीं यह बताना भी लाजिमी है कि बीजापुर विधानसभा सीट को भाजपा ऎसी ही जन समस्याओं के चलते नहीं जीत पा रही है। भाजपा को अगर बीजापुर में कमल खिलाना है, तो उसे ग्रामीणों को ऎसी समस्याओं के दलदल से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस पहल करनी होगी।
बालोद नगरी निकाय कर्मचारी अपनी तीन सूत्री महत्वपूर्ण मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से किये मुलाकात।। पूरे प्रदेश भर के नगरी निकाय कर्मचारी अपनी तीन सूत्री मूलभूत महत्वपूर्ण मांगों को लेकर लगातार पिछले एक सप्ताह भर से अपने-अपने स्थानीय निकायों में काली पट्टी लगाकर फील्ड और कार्यालयीन कार्यों को कर रहे थे और अपनी मांगों को लेकर नारा लगाते हुए आवाज बुलंद कर शासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का लगातार प्रयास कर रहे थे। नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी नगरी निकाय कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी ने बताया कि निकाय कर्मचारियों की बहुत ही महत्वपूर्ण और जमीनी स्तर की तीन मांगे जिसमें महीने के पहली तारीख को वेतन का भुगतान करने, शासन के अन्य विभागों की भांति पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और समय पद पदोन्नति प्रदान करने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर हम लगातार संघर्षरत है और लगातार शासन को अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रयास कर रहे थे इसी बीच शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से संघ के पदाधिकारीयो को मुलाकात के लिए बुलावा आया था। संघ के प्रदेश पदाधिकारीयो द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी से उनके निवास में भेंट मुलाकात कर अपनी गंभीर और महत्वपूर्ण मांगों और समस्याओं से उनको अवगत कराया गया। जिस पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी द्वारा निकाय कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अति शीघ्र मांगों पर विचार कर पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया। श्री सोनी ने बताया कि चर्चा सकारात्मक और सार्थक रही और आने वाले समय पर निश्चित रूप से कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले में प्रमुख रूप से कर्मचारी संघ के संरक्षक संजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी, प्रदेश महामंत्री सुभाष सोनकर, वरिष्ठ सलाहकार श्रवण ठाकुर, और कर्मचारी ललित साहू उपस्थित थे।
दीपक बैज ये पूछने की हिम्मत दिखा पाए कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस ने किसी आदिवासी को राज्यसभा क्यों नहीं भेजा:केदार कश्यप
कांग्रेस ने 3 राज्यसभा सांसद गैर राज्यों से बनाए एक भी आदिवासी को लायक क्यों समझा:केदार कश्यप
रायपुर छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत अन्य लोग भी गांधी से मिले तो क्या इस मेल-मुलाकात के दौरान वे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के हक में बात कर पाए या परम्परानुसार गांधी-परिवार की चरण वंदना और चाटुकारिता करके ही लौट आए?
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि भूपेश सरकार के शासनकाल में प्रदेश के आदिवासियों के साथ तो छलावा और धोखाधड़ी का एक पूरा सिलसिला चला, लेकिन बैज और मरकाम मुँह में दही जमाए बैठे रहे। मरकाम को तो फिर भी विधानसभा में कोंडागाँव जिले के डीएमएफ फण्ड पर सवाल उठाने की कीमत अध्यक्ष पद खोकर चुकानी पड़ी, पर अभी हाल ही कांग्रेस की पोलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में सबके सामने अपने नेतृत्व पर किए गए हमले के बाद भी बैज ‘मौनी बाबा’ बने बैठे हैं! श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के हक और कल्याण की सोच और दृष्टि से जिस कांग्रेस का दूर-दूर तक कोई रिश्ता ही नहीं है, उस कांग्रेस के नेता राहुल गांधी आदिवासी नेताओं से मिलने का सिर्फ पाखण्ड ही कर रहे हैं।
प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने राहुल गांधी और प्रदेश के कांग्रेस नेताओं से सवाल किए हैं :
0 क्या राहुल गांधी से यह प्रश्न पूछने की हिम्मत बैज कर पाए कि जब भूपेश बघेल की सरकार थी, तब प्रदेश से भेजे गए तीन राज्यसभा सांसदों में छत्तीसगढ़ के किसी व्यक्ति को राज्यसभा सांसद क्यों नहीं बनाया गया था? किसी आदिवासी को कांग्रेस ने इस लायक क्यों नहीं समझा?
0 छत्तीसगढ़ के किसी आदिवासी व्यक्ति को एक राज्यसभा की सीट क्यों नहीं दी? तीनों की तीनों सीटें तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसके इशारे पर बेच दीं और छत्तीसगढ़ का अहित किया?
0 बैज क्या राहुल गांधी से यह पूछने की हिम्मत कर पाए या फिर दिल्ली गए और ‘सर नमस्ते’ करके आ गए?
0 यदि राहुल गांधी को सच में आदिवासियों की इतनी ही फिक्र थी तो वह उस समय क्यों चुप्पी साधे रहे, जब छत्तीसगढ़ की पिछली भूपेश सरकार लगातार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही थी?
0 आदिवासी बहुल इलाकों बस्तर व सरगुजा में धर्मांतरण के चलते आदिवासियों में वर्ग संघर्ष की नौबत लाने वाले अपने तत्कालीन मुख्यमंत्री बघेल को तलब क्यों नहीं किया?
0 भूपेश बघेल ने बस्तर के कमिश्नर और सुकमा के एसपी की उन चिठिठयों पर धूल क्यों पड़ने दी, जिनमें बस्तर में धर्मांतरण के चलते स्थिति के भयावह होने की बात कही गई थी।
0 आदिवासी क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों के हितों तक पर भूपेश सरकार ने डाका डाला, उनको दी जाने वाली चरणपादुका तक का वितरण बंद करवा दिया, तब बैज और मरकाम ने चुप्पी क्यों साध रखी थी?
0 बैज और मरकाम आदिवासी हितों की बात जब भूपेश सरकार के कार्यकाल में नहीं कर पाए तो अब राहुल गांधी के सामने उनकी जुबान खुली होगी, क्या यह सोचना ही बेमानी व हास्यास्पद नहीं है?
जगदलपुर प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं अंजनेया विश्वविद्यालय रायपुर के निदेशक डॉ. जयेंद्र नारंग तथा शिक्षाविद् एवं छत्तीसगढ़ वेदस्व एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष वेदप्रकाश वर्मा द्वारा बस्तर संभाग में नई शिक्षा नीति छात्र मनोविज्ञान, न्यूरो साइंस एवं समकालीन करियर विकल्पों को लेकर एक विशेष शैक्षणिक अभियान की शुरुआत की गई है।
इस अभियान का उद्देश्य बस्तर के युवाओं को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना एवं उन्हें मानसिक, शैक्षणिक व करियर संबंधी रूप से जागरूक बनाना है। इसके अंतर्गत कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर, बचेली, किरंदुल, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर के छात्रों के लिए कार्यशालाएं, करियर काउंसलिंग सत्र एवं प्रेरक व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। डॉ. नारंग के अनुसार छात्रों के मानसिक विकास को समझते हुए उन्हें ऐसे करियर विकल्पों की जानकारी देना समय की मांग है, जो उनके कौशल और रुचियों के अनुकूल हों। वहीं श्री वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को रटने के बजाय समझने और अपने हुनर के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देती है। हम इस सोच को बस्तर के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। इस अभियान के तहत छात्रों के लिए हेल्थ, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर एवं अन्य उभरते क्षेत्रों से जुड़े 45 प्लस शॉर्ट टर्म व डिग्री कोर्स की सूची भी साझा की जा रही है।
रायकेरा देवड़ा पंचायत में हजारों रुपयों के वारे न्यारे
डलवाई 150 ट्रिप मुरुम, बिल बनाया 250 ट्रिप का
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा में मुरुम घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। सरपंच सचिव द्वारा गांव में मुरुम बिछाने के नाम पर हजारों रुपयों के वारे न्यारे किए गए हैं। सिर्फ 150 ट्रिप मुरुम डलवा कर 250 ट्रिप मुरुम का पैसा निकाल लिया गया है।
यह मुरुम घोटाला क्षेत्र क्रमांक 18 की जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप और ग्रामीणों ने उजागर किया है।मिली जानकारी के अनुसार रायकेरा देवड़ा में विकास कार्य हेतु मुरूम बिछाई गई थी, किंतु सरपंच और सचिव द्वारा उसमें भी हेराफेरी कर केवल 150 ट्रिप ही मुरुम डलवाई गई। जबकि 250 ट्रिप मुरुम डलवाने का बिल लगाकर रकम निकासी कर ली गई। जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप ने एसडीएम से मामले की जांच की मांग की है। जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप ने क्षेत्र क्रमांक 18 की जनप्रतिनिधि होने के नाते ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा के विकास कार्यों की जानकारी सरपंच और सचिव से मांगी थी।
सरपंच लखमी कश्यप जी एवं महिला सचिव को पत्र लिखकर जनपद सदस्य खोमेश्वरी कश्यप ने पूछा था कि ग्राम पंचायत के सभी वार्ड में कितने ट्रिप मुरूम डलवाई गई है और कौन कौन से वार्ड में मुरूम डली है? जनपद सदस्य ने कहा- मुझे जानकारी मिली है कि कम से कम 250 ट्रिप मुरूम डलवाने का उल्लेख कर बिल पास किया गया है। मैंने जब वार्डों का निरीक्षण किया तब पता चला कि बमुश्किल 150 ट्रिप ही मुरूम डाली गई है तो 100 ट्रिप मुरुम कहां खप गई, इसकी जानकारी दी जाए। जनपद सदस्य खोमेश्वरी कश्यप का कहना है कि रायकेरा देवड़ा ग्राम पंचायतों के वार्डों में कराए जाने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित वार्ड के पंच को भी नहीं दी जाती और न ही उन्हें विश्वास में लिया जाता है।वार्ड की समस्याओं और परेशानियों का निराकरण वार्ड पंच के माध्यम से किया जाना चाहिए, लेकिन रायकेरा देवड़ा पंचायत में पंचों को दरकिनार कर दिया जाता है।
पटना रविवार को एआईसीसी पर्यवेक्षक जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने पटना महानगर जिलाध्यक्ष शशि रंजन यादव के साथ पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र के दो ब्लॉकों चौक सलामी एवं आलमगंज खाजेकला तथा बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के दो ब्लॉकों कोतवाली एवं कदमकुआ ब्लॉक के अध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर संगठन की मजबूती पर जोर दिया।
जैन ने उपस्थित पार्टीजनों से बूथ पर जाकर बीएलए की नियुक्ति करने के साथ हर बूथ, मोहल्ला एवं गली में टीम बनाने का निर्देश दिया। कार्यकर्ताओ ने अपने बीच पर्यवेक्षक को पाकर उनका मान- सम्मान किया तथा कहा कि 35 वर्ष में पहली बार कोई एआईसीसी पर्यवेक्षक उनके बीच आया है। इस बात से अभिभूत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गमछा पहनाकर श्री जैन का स्वागत किया। इस दौरान बस्तर जिला महासचिव विजय सिंह के साथ ब्लॉक अध्यक्ष अभय जायसवाल, शमीम अख्तर, हेमंत चतुर्वेदी, चंदन कुमार राजेश कुमार, जय किसन, परवेज़ हसन, परवेज़ अहमद, राजकुमार राजन, रतन दीप प्रसाद, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, मनोज मेहता, शम्मी कपूर, शशांत यादव, रणधीर यादव, मीना निषाद, इस्तार रानी, हनीफ शेख, राधे कृष्ण, जगजीत सिंह, सुजीत केसरा, पंकज पुजारी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जगदलपुर आज पवित्र सावन मास के प्रथम सोमवार को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा आयोजित कांवड़ यात्रा का स्वागत महापौर संजय पाण्डे के नेतृत्व में दंडामी माड़िया चौक पर स्वागत किया गया। संजय पाण्डे ने दंडामी माड़िया चौक (एयरपोर्ट) के पास हर-हर महादेव के जयकारों के बीच कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के पैर धोकर उनका स्वागत किया, उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर महापौर संजय पाण्डेय ने कहा- यह अवसर केवल सेवा का नहीं, बल्कि आस्था और सनातन संस्कृति के उत्सव का प्रतीक है। ऐसा सौभाग्य किस्मत वालों को मिलता है। सनातनी परंपरा के अनुसार उन्होंने एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं का पैर धोकर, उन्हें माला पहनकर उनका स्वागत किया। मालूम हो कि आज सावन मास का प्रथम सोमवार है। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। दंतेश्वरी मंदिर के सामने सभी श्रद्धालु एकत्रित हुए। यहां से पैदल सभी महादेव घाट पहुंचे। महादेव घाट से जल भरकर सभी कांवड़ लेकर देवड़ा के लिए रवाना हुए। स्वागत करने वालों में नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, संजय विश्वकर्मा, त्रिवेणी रंधारी, पार्षद उर्मिला यादव, बसंती समरथ, रोशन सिसोदिया, उमा मिश्रा, पूनम सिन्हा, आशा साहू, जबीता मंडावी, सुधा मिश्रा, गीता नाग, प्रज्ञा आचार्य, अनिल अग्रवाल, रवि ब्रह्मचारी, शंकरलाल गुप्ता, सिकंदर कश्यप, मुन्ना बजरंगी, प्रकाश झा, शशिनाथ पाठक, संजय चंद्राकर, पप्पू वर्मा, मनोज ठाकुर, वीरेन्द्र जोशी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जगदलपुर प्रथम सावन सोमवार पर आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण देव ने देवेंद्र नगर रायपुर स्थित शंकर मंदिर में भगवान शिव शंकर जी की पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख समृद्धि की भोलेनाथ से कामना की।