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दल्ली राजहरा नपा के कर्मचारी का कारनामा, बेच दी दूसरे की जमीन, कोर्ट का आदेश दरकिनार

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वार्ड -22 के पार्षद की भी है मिलीभगत की चर्चा

अर्जुन झा-

दली राजहरा नगर पालिका दल्ली राजहरा के राजस्व विभाग का एक कर्मचारी और एक वार्ड के पार्षद अब जमीन दलाली का काम करने लगे हैं। इन दोनों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि, वे कोर्ट के फैसले की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका के सीएमओ भी न्यायायिक व्यवस्था का पालन नहीं करवा पा रहे हैं।

जमीन की हेराफेरी का यह मामला दल्ली राजहरा नगर पालिका के वार्ड 22 का है। वार्ड की जमीन को दूसरे के नाम पर कर अवैध कमाई की जा रही है। इस कुत्सित कार्य में वार्ड के पार्षद, नगर पालिका के राजस्व विभाग का एक तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी शामिल है। पालिका बनने के साथ ही यहां पदस्थ यह बुद्धिमान कर्मचारी अपनी बुद्धिमता से बड़े बड़े कार्यों को अंजाम दे चुका है। सरकार किसी भी दल की रहे, यह कथित बुद्धिमान कर्मचारी अपने बोल बचन के दम पर जमीन की अफरातफरी करने में माहिर है। वर्तमान में इसके द्वारा उस जमीन दूसरे के पास बेच दी है, जिस पर एसडीएम, तहसीलदार के न्यायालय ने स्टे लगा रखा है। यह बुद्धिमान कर्मचारी नगर पालिका सीएमओ को गुमराह कर जमीन दूसरे को आबंटित कर दी है। आश्चर्य की बात है कि मामले में कोर्ट से स्टे मिलने के बाद भी नगर पालिका का तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी वार्ड पार्षद की मदद से उक्त जमीन को हड़पाने की जुगाड़ लगा चुका है।

न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर दूसरे की जमीन पर वह निर्माण कार्य करवा रहा है।दरअसल अपीलार्थी पुष्पा प्रसाद पति मनोज प्रसाद, निवासी वार्ड नम्बर 22 दल्ली राजहरा द्वारा न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार दल्ली राजहरा में वाद दायर कर अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा कब्जा किए जाने और अवैध निर्माण कराने की शिकायत करते हुए इस पर रोक लगाने की फरियाद की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए तहसील कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया था।न्यायालय ने सीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिया था कि स्टे ऑर्डर का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें एवं की गई कार्यवाही से इस न्यायालय को अवगत कराएं। इसके बावजूद नगर पालिका के राजस्व विभाग के उक्त चतुर कर्मचारी ने खुद तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना की और ऊपर से सीएमओ को भी अंधेरे में रखा।

नेहरू जी ने ही रखी थी मजबूत भारत की बुनियाद: रतिराम कोसमा

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ब्लॉक कांग्रेस ने दी पं. नेहरू को श्रद्धांजलि

दल्ली राजहरा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों एवं पदाधिकारियों ने नेहरूजी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने संबोधित करते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जी आधुनिक भारत के निर्माता थे। उनकी दूरदर्शी सोच, मजबूत विदेश नीति एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के कारण भारत ने विकास और प्रगति की मजबूत नींव प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आज देश में शिक्षा, उद्योग, वैज्ञानिक संस्थानों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के रूप में जो विकास दिखाई देता है, उसकी आधारशिला पंडित नेहरू जी ने ही रखी थी। श्रद्धांजलि सभा को नगर पालिका के छाया अध्यक्ष रवि जायसवाल, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री युवराज साहू, इंटक नेता अभय सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री के. ईश्वर राव, महामंत्री श्रीनिवास राव, पार्षद प्राची सिन्हा, रोशन पटेल, सूरज विहार, मंडल अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह एवं अजय छाजेड़ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रवीण शर्मा, अनूप कुमार, सुदामा शर्मा, रमेश कुमार सिन्हा, कृष्णा यादव, विजय जोगदंड, दिनेश उर्वसा, अजय बंटी नोन्हारे, महेंद्र अप्पू लक्ष्मण शर्मा, नितेश बामेश्वर, आसाराम साहू धीरपाल नेताम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सचिव नितेश बामेश्वर द्वारा किया गया।

चिखलाकसा में नेहा माथुर का नेह भरा समर कैंप, इतिहास रच गया यह शिविर

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35 महिलाओं-बच्चियों को मुफ्त दी गई रेसिन और बॉटल आर्ट की ट्रेनिंग

माथुर परिवार की मणिमाला में जुड़ गया एक और बेशकीमती नगीना

अर्जुन झा-

दल्ली राजहरा बिल्कुल पारिवारिक माहौल, भीषण गर्मी में शीतलता का अहसास, नेहा माथुर का नेह भरा मधुर व्यवहार, ममता की मूरत डॉ. शिरोमणि माथुर का वात्सल्य और माथुर परिवार के बच्चों का चुलबुलापन। इन सबके बीच पूरे छह दिनों तक हस्तकला की जादुई दुनिया में खोई रहीं करीब तीन दर्जन महिलाएं और बच्चियां। ये छह दिन कैसे गुजर गए, इसका जरा भी अहसास नहीं हुआ।

दल्ली राजहरा की पड़ोसी नगर पंचायत चिखलाकसा में प्रतिष्ठित माथुर परिवार की बहू नेहा माथुर द्वारा आयोजित छह दिवसीय निःशुल्क समर कैंप का रविवार को समापन हुआ। खास बात यह रही कि प्रशिक्षण के साथ-साथ रेसिन आर्ट, बॉटल आर्ट, क्ले आर्ट जैसी कलाओं की महंगी सामग्री भी माथुर परिवार ने खुद निःशुल्क उपलब्ध कराई थी। समापन समारोह में मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष कुंती देवांगन ने कहा-“दल्ली राजहरा में तो समर कैंप आयोजित होतेरहते हैं, लेकिन चिखलाकसा में जिस दरियादिली से माथुर परिवार ने आयोजन किया, वह एक मिसाल बन गया है। 35 महिलाओं-बच्चियों ने कला सीखी और उन्हें एक भी सामान लाने की जरूरत नहीं पड़ी। घर में जगह देना और महंगी किट फ्री देना, इससे बड़ी महानता नहीं हो सकती।” कुंती देवांगन ने बहुमुखी प्रतिभा की धनी माथुर परिवार की मुखिया डॉ. शिरोमणि माथुर सहित पूरे परिवार को धन्यवाद दिया और अगले साल भी कैंप लगाने का अनुरोध उन्होंने डॉ. शिरोमणि माथुर और श्रीमती नेहा माथुर से किया।

जुनून ऐसा कि बढ़ाना पड़ा कैंप

20 मई से 24 मई तक चले इस ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में रेसिन आर्ट, बॉटल आर्ट, पेन होल्डर, क्ले आर्ट, कैंडल आर्ट, मिरर आर्ट सिखाई गई। प्रशिक्षार्थियों में जुनून ऐसा था कि वे शिविर की अवधि बढ़ाने की जिद करने लगे। उनकी मांग और डॉ. शिरोमणि माथुर के स्नेहिल निर्देश पर नेहा माथुर ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यस्तताओं के बावजूद शिविर को एक दिन और बढ़ा दिया।

खेलों में भी दिखाया दम

समर कैंप के दौरान माथुर परिवार के सदस्यों और प्रशिक्षण ले रही महिलाओं तथा बच्चियों के बीच ऐसा पारिवारिक एवं आत्मीय माहौल बन गया था कि परायेपन की सारी दूरियां मिट गईं। खेल खेल और मस्ती भरे माहौल में प्रशिक्षण का दौर चलता रहा। यही वजह रही कि इस दौरान खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। कैंप में हुए खेलों में चंचल साहू प्रथम, दिशिका कुकरेजा एवं जपसीन भाटिया द्वितीय तथा योगिता, खुशी एवं पहल तृतीय रहीं। सभी को पुरस्कार दिए गए।

कला सब तक पहुंचे यही मकसद: नेहा

इस दौरान संस्कारी परिवार की बेटी और प्रतिभाओं के धनी माथुर परिवार की बहू नेहा माथुर ने कहा-“गर्मी की छुट्टियों में बच्चे समय बर्बाद कर देते हैं। महिलाएं भी रसोई के काम से निपटने के बाद अमूमन खाली ही रहती हैं। वहीं धन के अभाव में कई लोग कला सीख नहीं पाते। मेरा मकसद था कि जो मैंने सीखा है, उसे निःस्वार्थ बांटूं। हमने सभी को उनकी बनाई सामग्री घर ले जाने की छूट भी दी, ताकि वे और बेहतर कर सकें।” नेहा माथुर ने कहा कि कला और शिक्षा को अपने तक ही सीमित रखना कला और शिक्षा का अपमान है। मां सरस्वती ने हमें जो कुछ दिया है, उसे औरों से साझा करने के उद्देश्य से ही मैने यह शिविर आयोजित किया था। नगर पंचायत अध्यक्ष कुंती देवांगन दीदी का आग्रह मैं ठुकरा नहीं सकती और अगले साल मेरी कोशिश यही रहेगी कि ऐसा कैंप और ज्यादा दिनों तक आयोजित कर सकूं।

बहू ने परिवार का मान बढ़ाया: डॉ शिरोमणि माथु

9राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक सम्मानों से सम्मानित लेखिका और माथुर परिवार की मुखिया डॉ. शिरोमणि माथुर ने कहा-“माथुर परिवार सामाजिक कार्य और साहित्य में नाम कमा चुका है। आज बहू नेहा ने कला का नाम भी जोड़ दिया। 6 दिन निःस्वार्थ प्रशिक्षण देकर उसने न सिर्फ माथुर परिवार की परंपरा आगे बढ़ाई है, बल्कि अपने परिवार का मान भी बढ़ा दिया है। मुझे बेटी की कमी कभी महसूस नहीं होने दी।इस शानदार और असरदार समर कैंप के समापन पर निरुपमा माथुर, अनिता जैन और विनीता बाफना विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

खाद संकट को लेकर विधानसभा में बिफरे उप नेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायकलखेश्वर बघेल

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किसान खाद के लिए परेशान और सरकार बैठी है मौन: लखेश्वर बघेल

जगदलपुर प्रदेश में लगातार गहराते खाद संकट और किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं होने की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार किसानों के हितों की बात करती है और कृषि को प्राथमिकता देने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का किसान आज डीएपी और यूरिया खाद के लिए दर-दर भटकने और घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं

बघेल ने कहा कि वर्तमान समय खेती किसानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि कार्य तेजी से शुरू हो चुके हैं, लेकिन किसानों को समय पर बीज एवं खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण वे गंभीर चिंता में हैं। प्रदेश की सहकारी समितियों, सोसायटियों एवं खाद वितरण केंद्रों में किसानों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, लेकिन मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद नहीं दी जा रही है और दो एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि के मालिक किसानों को भी केवल एक बोरी खाद देकर वापस भेजा जा रहा है। इससे किसानों को खेती के कार्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस्तर विधायक ने कहा कि यह स्थिति केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों के साथ अन्याय है। प्रदेश का किसान पहले से ही मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में बीज और खाद की कमी किसानों की परेशानियों को और बढ़ा रही है। यदि किसानों को समय पर डीएपी, यूरिया एवं अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे आने वाले समय में किसानों की आय प्रभावित होगी और कृषि व्यवस्था कमजोर होगी।

नहीं चलेगा घोषणा से काम: बघेल उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। यदि समय रहते खाद संकट का समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेश के हजारों किसानों की खेती प्रभावित हो सकती है सरकार को चाहिए कि खाद भंडारण, वितरण और आपूर्ति व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए। बघेल ने प्रशासन से मांग की कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक किसानों तक खाद उचित मात्रा में पहुंचे। साथ ही उन्होंने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं वितरण में अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कई बार किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलने के बावजूद निजी स्तर पर अधिक कीमतों पर खाद उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आती हैं, जिसकी जांच आवश्यक है,

मिले क्वालिटी का बीज भी

बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने यह भी कहा कि किसानों को केवल खाद ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए कई क्षेत्रों में किसानों द्वारा बीज उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। कृषि सीजन के दौरान बीज और खाद दोनों की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद आवश्यक है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। छत्तीसगढ़ विधानसभा उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेशभर में डीएपी एवं यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए, वितरण व्यवस्था में सुधार लाया जाए तथा किसानों को राहत देने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं अन्नदाता की उपेक्षा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दों को लगातार उठाती रही है और आगे भी किसानों के अधिकार, सम्मान एवं हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।

कल भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान – कृतियों का विमोचन

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रायपुर । देश के जाने-माने कथाकार, लेखक, संपादक श्री बलराम 29 मई को समय 3 बजे राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद , शंकर नगर रायपुर में शिक्षा नीति-2020 के विशेष संदर्भ में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा और मेरा लेखन’ विषय पर अपना व्याख्यान देंगे । श्रीबलराम ने दैनिक ‘आज’ (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत की। उन्होंने ‘सारिका’, ‘नवभारत टाइम्स’ (साहित्य संपादक) और ‘लोकायत’ जैसी पत्रिकाओं का संपादन किया है । वर्तमान में वे भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के तहत ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ (साहित्य अकादमी की त्रैमासिक पत्रिका) के संपादक हैं । उन्होंने एनसीईआरटी (नई दिल्ली के पाठ्यचर्या समिति) के विशेषज्ञ के रूप में उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं । एक अन्य आयोजन में उन्हें पर डॉ. बालेन्दु शेखर तिवारी स्मृति लघुकथा पुरस्कार-2026 से अलंकृत किया जायेगा ।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्थाओं की ओर से उनके 75 वें वर्ष पर अभिनंदन किया जायेगा । श्री बलराम छत्तीसगढ़ के रचनाकारों की विभिन्न कृतियों का विमोचन करेंगे । इनमें प्रमुख हैं – डॉ. महेन्द्र कुमार ठाकुर – सत्य, साहस और संघर्ष का सृजन-विस्तार (संपादक – डॉ. रमेश तिवारी और राजशेखर चौबे), नेता जी घूँघट के सामने (हास्य व्यंग्य संग्रह – डॉ. महेन्द्र कुमार ठाकुर), नारी का संबल (त्रैमासिक पत्रिका – संपादक श्रीमती शंकुतला तरार), छत्तीसगढ़ मित्र (मासिक पत्रिका – संपादक : डॉ. सुधीर शर्मा), वैभव वैभव प्रकाशन की कृतियों तथा जयप्रकाश मानस की दो लघुकथा संग्रहों बची हुई हवा तथा दो कतार पीछे का विमोचन करेंगे।

अब खनिज माफियाओं के फन कुचलने की जरूरत

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दिखावे की कार्रवाई से नहीं चलने वाला है काम

कार्रवाई होने के बाद दूसरे दिन ही सिर उठा लेते हैं रेत माफिया

अवैध परिवहन करते वाहन किए गए जप्त

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा एवं के कड़े रुख के बाद भले ही जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया गया है, मगर ताज्जुब की बात तो यह है कि यही माफिया कार्रवाई होने के दूसरे दिन बाद ही फिर से सिर उठा लेते हैं। जुर्माना भरने के बाद उनके वाहन भले ही छूट जाते हैं, मगर बाद में वे दूसरे वाहनों के जरिए रेत और अन्य गौण खनिजों का अवैध खनन एवं परिवहन शुरू कर देते हैं। विभाग के मैदानी अधिकारियों और कुछ राजनेताओं के संरक्षण में यह खेल बदस्तूर चलते रहता है।

बीते 27 मई को जिला खनिज अधिकारी शिखर चेरपा के मार्गदर्शन में खनिज जांच दल ने बस्तर जिला अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। खनिज महकमे की टीम ने मांदर, रायकोट और कोड़ेनार जैसे संवेदनशील इलाकों में औचक निरीक्षण करते हुए अवैध रूप से गौण खनिज का परिवहन कर रहे छह वाहनों को रंगेहाथों पकड़ा। बिना वैध अभिवहन पास (रॉयल्टी पर्ची) के खनिजों का परिवहन करते पाए जाने पर इन सभी वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ अवैध परिवहन का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है तथा खनिज से लदे सभी वाहनों को तुरंत जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इस छापेमारी के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से रेत और चूना पत्थर का अवैध कारोबार उजागर हुआ है। खनिज विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, मांदर क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते हुए तीन गाड़ियां पकड़ी गईं। इसी तरह रायकोट क्षेत्र में जांच दल ने हाईवा को अवैध रूप से चूना पत्थर ले जाते हुए जप्त किया। इसके अलावा कोड़ेनार क्षेत्र में भी रेत के अवैध परिवहन पर कार्रवाई की गई, जहां दो टिप्परों को खनिज सहित अपनी अभिरक्षा में लिया गया। प्रशासन ने इस मामले में संलिप्त सभी वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने पूर्व में दी गई चेतावनियों को दोहराते हुए कहा कि बिना वैध पास के खनिजों का परिवहन करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। यदि भविष्य में इन्हीं परिवहनकर्ताओं द्वारा दोबारा ऐसा कृत्य किया गया, तो और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में खनिज संपदा की चोरी रोकने और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए खनिज अमले द्वारा यह आकस्मिक जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

फिर क्यों सिर उठा लेते हैं माफिया?

बकावंड, जिले में खनिज विभाग द्वारा लगातार खनिज माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करना अच्छी बात है, मगर बकावंड और करपावंड क्षेत्र में कार्रवाई के दूसरे दिन ही रेत का उत्खनन शुरू हो जाना यह साबित करता है कि विभाग से ज्यादा माफिया मजबूत हैं। कलेक्टर के कड़े रुख के चलते खनिज अधिकारी चेरपा भले ही द्वारा ऐसी कार्रवाईयों को अंजाम दे रहे हैं, मगर इन कार्रवाईयों पर जमीनी तौर पर कड़ा क्रियान्वयन करनें में श्री चेरपा के मातहत अधिकारी न जाने क्यों मजबूर हैं? खनिज विभाग के अधिकारी के रिश्तेदार से लेकर भू माफिया भी अपने संरक्षणदाता आकाओं के माध्यम से लगातार अवैध खनन और परिवहन को अंजाम देते आ रहे हैं। बकावंड और करपावंड इलाके में ऎसी गतिविधियां आसानी से देखी जा सकती हैं। इसे देखते हुए इन इलाकों के किसान और ग्रामीण कहते हैं हैं कि नदियों के गुनहगारों के फन कुचलना अब जरूरी हो गया है।

थानेदार पर हो कार्रवाई: मिश्रा

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जगदलपुर कांकेर जिले के अंतागढ़ में पत्रकार के साथ थाना प्रभारी अंतागढ़ द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने कड़ी निंदा की है। मिश्रा ने कहा है कि बस्तर जैसे दुर्गम क्षेत्र में पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर आम जनता की आवाज बन कर क्षेत्र की जन समस्याओं को शासन, प्रशासन तक पहुंचाते हैं। वे सच्चे मन से जनता की सेवा कर रहे हैं। वहां पर अगर पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, तो आम जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल होती है एवं आगे क्षेत्र का वातावरण खराब होगा। शिवसेना नेता चंद्रमौली मिश्रा ने शासन प्रशासन इस मामले की जांच करते हुए तत्काल थाना प्रभारी पर कार्रवाई करने की मांग की है।

खाद संकट को लेकर विधानसभा उप नेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, कहा-किसान खाद के लिए परेशान, सरकार मौन

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प्रदेश में लगातार गहराते खाद संकट और किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं होने की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार किसानों के हितों की बात करती है और कृषि को प्राथमिकता देने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का किसान आज डीएपी और यूरिया खाद के लिए दर-दर भटकने और घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर है।

बघेल ने कहा कि वर्तमान समय खेती-किसानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि कार्य तेजी से शुरू हो चुके हैं, लेकिन किसानों को समय पर बीज एवं खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण वे गंभीर चिंता में हैं प्रदेश के विभिन्न सहकारी समितियों, सोसायटियों एवं खाद वितरण केंद्रों में किसानों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, लेकिन मांग के अनुरूप खाद की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद नहीं दिया जा रहा है और दो एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि रखने वाले किसानों को भी केवल एक बोरी खाद देकर वापस भेजा जा रहा है इससे किसानों को खेती के कार्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बस्तर विधायक नें कहा कि यह स्थिति केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों के साथ अन्याय है प्रदेश का किसान पहले से ही मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है ऐसे समय में बीज और खाद की कमी किसानों की परेशानियों को और बढ़ा रही है यदि किसानों को समय पर डीएपी, यूरिया एवं अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे आने वाले समय में किसानों की आय प्रभावित होगी और कृषि व्यवस्था कमजोर होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत करना है यदि समय रहते खाद संकट का समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेश के हजारों किसानों की खेती प्रभावित हो सकती है सरकार को चाहिए कि खाद भंडारण, वितरण और आपूर्ति व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए।

बघेल ने प्रशासन से मांग की कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक किसानों तक खाद उचित मात्रा में पहुंचे साथ ही उन्होंने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं वितरण में अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की उन्होंने कहा कि कई बार किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलने के बावजूद निजी स्तर पर अधिक कीमतों पर खाद उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आती हैं, जिसकी जांच आवश्यक हैल

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को केवल खाद ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए कई क्षेत्रों में किसानों द्वारा बीज उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कृषि सीजन के दौरान बीज और खाद दोनों की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद आवश्यक है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

छत्तीसगढ़ विधानसभा उप नेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेशभर में डीएपी एवं यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए, वितरण व्यवस्था में सुधार लाया जाए तथा किसानों को राहत देने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया जाए

उन्होंने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं अन्नदाता की उपेक्षा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दों को लगातार उठाती रही है और आगे भी किसानों के अधिकार, सम्मान एवं हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी

नेशनल हाईवे-30 पर ट्रक से टकराया पिकअ,पपास सड़क हादसा, खालीll पिकअप ट्रक से टकराई, ड्राइवर गंभीर

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फरसागुड़ा-जूनावाही के बीच हुई दुर्घटना

जगदलपुर नेशनल हाइवे-30 पर फरसागुड़ा जूनावाही के पास आज सुबह बड़ी सड़क दुर्घटना हो गई। जगदलपुर से केशकाल की ओर जा रहे खाली मुर्गा पिकअप आगे चल रहे ट्रक से साइड लेते समय अनियंत्रित होकर पीछे से टकरा गया। हादसे में पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।

पिकअप में दो लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं। घायल ड्राइवर को 108 एंबुलेंस से मेकाज अस्पताल जगदलपुर ले लाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप जगदलपुर में मुर्गा खाली करके वापस केशकाल जा रहा था। इसी दौरान ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में पिकअप पीछे से जा टकराया। हादसे के बाद हाइवे पर कुछ देर आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त पिकअप को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया।

कोलचूर पंचायत में लाखों के भ्रष्टाचार का आरोप, बाउंड्रीवॉल निर्माण में गड़बड़ी

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पूर्व सरपंच और वर्तमान सचिव पर सरकारी राशि डकारने का आरोप

नाराज ग्रामीण बोले- कागजों पर विकास, जमीन पर भ्रष्टाचार

जगदलपुर विकासखंड बस्तर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलचूर में पंचायत के कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच और वर्तमान सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। मामले को लेकर गांव में भारी नाराजगी का माहौल है और ग्रामीण लगातार जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य के नाम पर लगभग 4 लाख 90 हजार रुपए की स्वीकृति हुई थी, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य बेहद घटिया और अधूरा दिखाई दे रहा है।

आरोप है कि करीब 4 लाख 50 हजार रुपए तक की राशि केवल कागजों में खर्च दिखाकर हड़प ली गई। गांव वालों का कहना है कि विकास कार्य सिर्फ फाइलों और दस्तावेजों में पूरे हो रहे हैं, जबकि हकीकत में पंचायत की स्थिति बदहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में कई अन्य निर्माण कार्यों में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं आधा-अधूरा निर्माण किया गया, तो कहीं बिना काम किए ही भुगतान निकाल लिया गया। लोगों का आरोप है कि पंचायत सचिव की लापरवाही और मनमानी के कारण शासन की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अगर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो पंचायत में लाखों रुपए के घोटाले उजागर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप्पी साधे बैठे हैं, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत से मांग की है कि कोलचूर पंचायत के सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर सरकारी राशि की वसूली की जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कार्रवाई करता है या फिर भ्रष्टाचार की फाइलों पर धूल जमती रहेगी।

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कराएंगे जांच

पंचायत से लगातार शिकायतें मिल रही हैं और सचिव के कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। जांच कराएंगे और जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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