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छत्तीसगढ़ की राम-रामायणी परंपरा को बढ़ाने मानस मंडली प्रतियोगिता

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रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना: ग्राम पंचायत से राज्य स्तर तक होगा आयोजन

शिवरीनारायण में राज्य स्तरीय मानस मंडली प्रतियोगिता 8 से 10 अप्रैल तक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने गंभीर प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरेली, तीजा, पोरा त्यौहारों के शासकीय स्तर पर आयोजन की शुरूआत, रामवन गमन पर्यटन परिपथ के विकास की परियोजना, छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा, हरेली, हरितालिका तीज, छेरछेरा पुन्नी-शाकंभरी जयंती, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस और छठपूजा पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई जो एक मिसाल है।

मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम, उनकी माता मॉ कौशल्या के साथ कौशल प्रदेश छत्तीसगढ़ के अभिन्न संबंधों के अनेक जीवंत प्रमाण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में रामनामी सम्प्रदाय, रामलीला और रामकोठी की परम्परा के रूप में विद्यमान है। प्रदेश में व्याप्त राम-रामायणी परंपरा को बढ़ावा और संरक्षण देकर सरकार इस अनमोल धरोहर को भावी पीढ़ी को हस्तांतरित करने कृत-संकल्पित है। इस प्रतियोगिता में ऐसी रामायण मंडलियां शामिल होंगी, जिनका संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत है। इसके साथ तीन वर्षो तक गांवों, कस्बों, ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय कलादल और नवोदित कलाकार भी इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकेंगे। छत्तीसगढ़ में 20619 ग्राम की 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों के लगभग सभी ग्रामों में रामायण मंडलियां एवं शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम के प्रत्येक वार्डों में रामायण मंडलियॉं सक्रिय हैं। संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में 5811 रामायण मंडली पंजीकृत हैं।

10 मार्च से 10 अप्रैल तक आयोजन

संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ की रामायण मंडलियों के कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन और कलादलों को प्रोत्साहित करने के लिए ’रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना 2021’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक रामायण मंडलियों की प्रतियोगिता का आयोजन प्रारंभ हो गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर 10 से 15 मार्च तक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसी तरह ब्लॉक स्तर पर 15 से 31 मार्च तक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। जिला स्तर पर 3 से 5 अप्रैल तक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जांजगीर-चांपा जिले में शिवरीनारायण में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 8 से 10 अप्रैल तक किया जाएगा।

पंचायत, जिला और राज्य स्तर पर मिलेगा पुरस्कार

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 5 लाख रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली रामायण मंडली को 3 लाख रुपए और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 2 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लगभग 250 से 300 रामायण मंडली शामिल होंगी। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रामायण मंडली को 5000 रुपए, ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रामायण मंडली को 10 हजार रूपए तथा जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रामायण मंडली को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

ऐसा होगा निर्णायक मंडल

प्रतियोगिता के आयोजन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव की अध्यक्षता में, ब्लॉक स्तर के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में और जिला स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया है। इन समितियों में एक सदस्य लोक कला से संबंधित हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए संस्कृति विभाग के आयुक्त अथवा संचालक की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल का गठन किया गया है। इसमें दो शासकीय सदस्य और दो अशासकीय सदस्य शामिल किए गए हैं। इस आयोजन के लिए राज्य शासन द्वारा संस्कृति विभाग के प्रशासनिक विभाग और संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

छ.ग.प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष द्वारा मेकॉज अध्यक्ष के कार्यकारणी का गठन कर 27 सूत्रीय से संबंधित मांगो पर बैठक में चर्चा किया गया

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आज दिनांक 24/3/22 को मेडिकल कॉलेज शहीद महेंद्र कर्मा अस्पताल डिमरापाल में छ.ग.प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार के द्वारा मेकॉज अध्यक्ष के कार्यकारणी का गठन कर और संघ के द्वारा 28 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जो पुरानी पेंशन दिए जाने की घोषणा उपरांत 27 सूत्रीय पर तथा 3 दिवसीय सामुहिक आकस्मिक अवकाश संबंधित मागों पर बैठक में चर्चा किया गया। और जिला अध्यक्ष अजय परिहार ,उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह, दयानंद पटेल के उपस्थित में मेकॉज अध्यक्ष रीता नायक के द्वारा कार्यकारणी का गठन किया गया जिसमें निम्न नाम है- कार्यकारी अध्यक्ष- पूर्णिमा कोर्राम उपाध्यक्ष- ओमप्रकाश उइके ,कामनी ठाकुर,अमृत एक्का, देवेन्द्र ठाकुर, सुखलाल नेताम, सुनील कश्यप, हेमलता साहू, सचिव- सुनील लिमजे, सहसचिव – हीरालाल मंडावी कोषाध्यक्ष- रूचि देवांगन सहकोषाध्यक्ष- सुमन सहगल मीडिया प्रभारी- शकुन नाग प्रवक्ता- बीजू नेताम कार्यकारी सदस्य- सलाखा नैनवानी, अशोक कौशिक, तेजराम नेताम, राजेश कवर, संतोष भारद्वाज, रोहित साहू, पवन साहू, गुलाब सिंह गुजराल शार्दूल, राजेश अग्रवानी, संजय दास, टिका कश्यप, मोनू, दीवान, चेतन कश्यप, रीना तिर्की, प्रियंका रानी, मोनू शशिधरण, विजय डहरिया, ममता साहू, ज्योति, अम्बिका ,सकूनलता नाग, सभी स्टॉफ शामिल रहे।

बेहतर कार्यप्रणाली से करें सकारात्मक छवि का निर्माण:-कमिश्नर श्याम धावड़े

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संभाग स्तरीय राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक

जगदलपुर, 24 मार्च 2022/ संभागायुक्त श्याम धावड़े ने बेहतर कार्यप्रणाली से शासन-प्रशासन की सकारात्मक छवि बनाने पर जोर दिया। गुरुवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित संभागस्तरीय राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग प्रशासन का आधार स्तंभ है। कमिश्नर धावड़े ने कहा कि बस्तर संभाग में पदस्थापना को अपना सौभाग्य समझकर क्षेत्र में बेहतर कार्य करके दिखाएं जिससे आदिवासी बाहुल्य बस्तर की जनता को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर प्राप्त हो। सभी राजस्व अधिकारी अनुसूचित क्षेत्र में लोकसेवक के रूप में संवेदनशील होकर निष्ठापूर्वक कार्य करें। उन्होंने राजस्व के मूल कार्य को व्यवस्थित व भू प्रबंधन की जिम्मेदारी को सुनिश्चित करें।

संभाग स्तरीय समीक्षा सह प्रशिक्षण कार्यशाला में कमिश्नर धावड़े ने बस्तर वंनांचल में वन अधिकार मान्यता पत्र, देवगुड़ी व्यवस्था का संरक्षण और सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र को शासन की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए राजस्व अधिकारियों को पूरी रुचि के साथ इनके क्रियान्वयन पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में धावड़े ने वन अधिकार कानून लागू करने के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम वासियों को सर्वाधिक रूचि व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र की होती है। बस्तर अंचल के कई क्षेत्र में विशेष पिछड़ी जनताति निवास करती है उनको विशेष प्राथमिकता देकर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने वन अधिकार ऋण पुस्तिका का वितरण कार्य में लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए साथ ही डोर टू डोर सर्वे कर दो माह में वितरण सुनिश्चित करने कहा। इस कार्य को सभी दण्डाधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग और समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वन अधिकार से संबंधित रिकार्ड को अपडेट करते हुए खसरा का भूईयां पोर्टल में जानकारी अद्यतन करने कहा। इसके अलावा वन अधिकार मान्यता पत्रक धारियों का किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने के कार्य में प्रगति लाने तथा जिले में एफआरए सेल का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद सीईओ को निर्देश देते हुए कहा कि एफआरए हितग्राहियों के लिए मनरेगा के समन्वय से आजीविका संसाधनों का विकास किया जाए।

बैठक में कमिश्नर धावड़े ने अंचल के आस्था के प्रमुख केन्द्र देवगुड़ी की व्यवस्था के विकास के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर वनांचल में देवगुड़ी एक जीवित परम्परा का हिस्सा रहा है। देवगुड़ी और मातागुड़ी में अंचल के निवासी स्थानीय रीति-रिवाज से पूजा करते है। यहां हर नई फसल का त्यौहार मनाया जाता है। शासन की मंशानुसार देवगुड़ी को सरंक्षित करना है। स्थानीय देवस्थल का निर्धारण करने का कार्य राजस्व अधिकारी का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग में घोटूल एक सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक प्रशिक्षण का केन्द्र रहा है। इसी प्रकार पुरातात्विक धरोहर स्थलों तथा मृत्यु स्थल पर पत्थर को स्मारक लगाना आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने व देवस्थल में अतिक्रमण को रोकने के लिए इन प्रमुख स्थलों का खसरा कैफियत कालम में जमीन को दर्ज किया जाए। शासन द्वारा देवगुड़ी के संरक्षण-संवर्धन हेतु 5 लाख की राशि दी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा देवगुड़ी के लिए अन्य मदों की राशि का कन्वर्जेश के तहत अन्य विकास कार्य किया जाना चाहिए। श्री धावड़े ने दन्तेवाड़ा जिले के गामावाड़ा में देवगुड़ी के संरक्षण हेतु किए गए कार्य की सराहना किए।

समीक्षा बैठक में सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र की समीक्षा की गई तथा इसके क्रियान्वयन में हो रही समस्याओं के संबंध में एसडीएम तथा जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा किया गया। धावड़े ने कहा कि शासन के प्रावधान के अनुसार सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में 2013 से सरलीकरण किया गया है। उसी के आधार प्रमाण पत्र जारी किया जाए। किसी भी व्यक्ति को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाए। बेवजह दस्तावेज रिकार्ड के लिए परेशान नहीं किया जाए। जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी के प्रस्तुतकार को सभी नियम कानून की जानकारी होना चाहिए। अभियान चलाकर सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र कार्य को किया जाए। वापिस आवेदन को फालोअप लेकर निराकृत किया जाए।

इसके अलावा राजस्व न्यायालय प्रकरण, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, शासकीय भूमि का आबंटन, अतिक्रमण एवं व्यावस्थापन रिकार्ड रूम को व्यवस्थित सीलिंग एक्ट का सतत कार्यवाही जैसे विषयों पर अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, एसपी वैध ने प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर कांकेर जिला प्रशासन द्वारा राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की सराहना की गई। इस अवसर पर सातों जिला के अनुविभागीय दण्डाधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी और जनपद पंचायत के सीईओ उपस्थित थे।

बाबा भंगाराम फागुन मेला ग्राम मावलीगुड़ा में आयोजन

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बस्तर ….।विकासखंड बस्तर के अंतर्गत ग्रामपंचायत मावलीगुड़ा में बाबा भंगाराम फागुन मेला का आयोजन शुक्रवार के दिन को शुभारंभ होगा इस मेले में 24के गांव के देवी देवताओं को आगमन हेतु न्योता दिया गया है क्षेत्र के समस्त जनप्रतिनिधियों के बीच पहली बार ग्राम मावलीगुड़ा में फागुन मेला का शुभारंभ होने जा रहा है जिसका आनंद लेने के लिए बस्तर जिले के दूर-दूर के लोगों की भीड़ उमढ़ रही है। इस वर्ष मेला का भव्य शुभारंभ के चलते पारंपरिक मुर्गा लड़ाई एवं छोटे बड़े झूलों का सौंदर्य दृश्य परिलक्षित हो रही है।साथ ही ग्रामवासी एवं समस्त मेला समिति के पदाधिकारी के द्वारा आगंतुकों का स्वागत हेतु पूरी तैयारी की जा रही है।

कमिश्नर और कलेक्टर ने की बादल एकेडमी के कार्यों की समीक्षा

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जगदलपुर, 24 मार्च 2022/ कमिश्नर श्याम धावड़े तथा कलेक्टर रजत बंसल ने बादल एकेडमी के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर धावड़े ने यहां बादल एकेडमी के स्थापना पर प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बस्तर की विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन होगा। उन्होंने बस्तर की विभिन्न जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समय-समय पर संभागस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता बताते हुए इसके लिए बादल एकेडमी के माध्यम से पहल किए जाने पर जोर दिया।

कलेक्टर रजत बंसल ने बादल एकेडमी में संचालित गतिविधियों की जानकारी विस्तारपूर्वक देते हुए बताया कि यहां बस्तर की विभिन्न जनजातीय संस्कृति से जुड़े नृत्य, कला, संगीत, भाषा-बोली, लोक परंपराएं आदि के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर बादल एकेडमी की नोडल अधिकारी व सहायक कलेक्टर सुरुचि सिंह, एसडीएम दिनेश नाग, आदिवासी विकास विभाग के उपायुक्त विवेक दलेला, बादल एकेडमी के प्रभारी विजय सिंह सहित संचालन समिति के सदस्य उपस्थि थे।

13वां फैजा इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2022 – छत्तीसगढ़ की ईश्वरी ने दुबई में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में जीता रजत पदक

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मुख्यमंत्री बघेल और समाज कल्याण मंत्री भेंड़िया ने दी बधाई

रायपुर, 24 मार्च 2022/ छत्तीसगढ़ के महासमुंद की दृष्टिबाधित धावक ईश्वरी निषाद ने दुबई में आयोजित 13वें फैजा इंटरनेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप के अंतर्गत वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स 2022 में बुधवार को दौड़ प्रतियोगिता में भारत के लिए रजत पदक जीता। ईश्वरी ने 400 मीटर की दौड़ एक मिनट 25 सेकंड में पूरी कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही ईश्वरी इस साल अक्टूबर में चीन के हांगझोऊ में होने वाले एशियाई पैरा खेलों के लिए न्यूनतम मानक योग्यता हासिल करने में सफल हो गई हैं। विश्व स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने ईश्वरी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

उल्लेखनीय है कि मंत्री भेंड़िया ने विगत पांच मार्च को राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में सुश्री ईश्वरी को राष्ट्रीय स्तर पर पैराएथलेटिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर सम्मानित किया था। इसके साथ ही उन्होंने कुमारी ईश्वरी निषाद के खेलने के लिए दुबई जाने का खर्च विभाग द्वारा वहन करने की घोषणा की थी।

सुश्री ईश्वरी निषाद, फॉर्चून फाउण्डेशन नेत्रहीन विशेष विद्यालय, बागबाहरा, जिला महासमुंद में अध्ययनरत हैं। उसने वर्ष 2021-22 में बैंगलोर सांई प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित 3तक इंडिया नेशनल ओपन पैरा एथलेटिक चैम्पियनशीप में 200 मीटर रेस में स्वर्ण पदक पाकर देश को गौरवान्वित किया है। ईश्वरी दुबई से लौटने के बाद इस माह की 27 तारीख को नई दिल्ली से ओड़िसा के लिए रवाना होंगी। वह भुवनेश्वर में आयोजित होने वाले 20वें नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भाग लेंगी।

सुश्री ईश्वरी मूलतः महासमुंद जिले के बागबाहरा तहसील के सम्हर गांव की रहने वाली है। उनके माता-पिता मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक अक्षमता के बावजूद ईश्वरी ने खुद को साबित किया है।

बस्तर हाईस्कूल को आत्मानन्द स्कूल बनाने का अभाविप ने जताया विरोध

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कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,कहा जनभावनाओं को ध्यान रखे सरकार

जगदलपुर – बस्तर हाई स्कूल जगदलपुर को आत्मानन्द हिंदी मीडियम में परिवर्तन करने के निर्णय को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध जताया है अभाविप कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्टर बस्तर से मिलकर ज्ञापन सौंपा है।

अभाविप नगर मंत्री यश ध्रुव ने बताया कि ऐतिहासिक बस्तर हाई स्कूल को वर्तमान में आत्मानन्द हिंदी मीडियम स्कूल बनाने के लिये काम किया जा रहा है जो की इस ऐतिहासिक स्कूल के गरिमा को खत्म करने जैसा है अभाविप ने ज्ञापन में कहा कि इस बदलाव से छात्र वर्ग में एवं उस स्कूल से भूत पूर्व में पढ़ कर निकले छात्रों और समाज में काफी आक्रोश है बस्तर हाई स्कूल बस्तर की काफी पुरानी स्कूल है और बस्तर की पहचान है ।

अभाविप जिला संयोजक कमलेश दीवान ने कहा कि बस्तर हाई स्कूल यथावत रखा जाए और आत्मानंद हिंदी मीडियम नव निर्माण भवन में संचालित किया जाए जिससे बस्तर हाई स्कूल की गरिमा बनी रहेगी यदि जनभावनाओं के विपरीत सरकार निर्णय लेकर आत्मानंद किया जायेगा तो अभाविप छात्र समुदाय के साथ सड़क पर उतरकर विरोध के लिये बाध्य होगा इसका जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा ।

ज्ञापन के दौरान जिला संयोजक कमलेश दीवान,सह संयोजक वरुण साहनी,नगर मंत्री यश ध्रुव,सोनू कश्यप,तीरथ कश्यप उपस्थित रहे।

मेडिकल कॉलेज – हॉस्पिटल के सुरक्षा कर्मचारियों का वर्षों से हो रहा आर्थिक शोषण – कामगार सभा

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● मेडिकल कॉलेज – हॉस्पिटल के सुरक्षा कर्मचारियों को नही दी जा रही न्यूनतम दर अनुसार वेतन ; जिला श्रम अधिकारी को चिंता नही -डॉ. अरुण पाण्डेय

● न्यूनतम वेतन व अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश लागू करने की मांग लेकर कामगार सभा ने घेरा श्रम अधिकारी कार्यालय

छत्तीसगढ़ / जगदलपुर । जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष व कामगार सभा के प्रमुख संरक्षक डॉ. अरुण पाण्डेय के नेतृत्व में सन्गठन से जुड़े सदस्यों व मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली निज़ी संस्था सीडीएस में कार्यरत सैकड़ो कर्मचारियों द्वारा वेतन विसंगति संबन्धित समस्यायों के निराकरण हेतु श्रम अधिकारी के कार्यालय का घेराव करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा है।

गौरतलब होकि श्रम कानूनों के तहत बस्तर ज़िले में ठेका कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान के तहत राशि देने की बात की जाती है। श्रम विभाग के नियमानुसार ही नगर पालिक निगम क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को 9840 रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को 9540 रुपए न्यूनतम वेतन का नियम लागू है। इससे कम वेतन देना क़ानूनन अपराध है। परंतु डिमरापाल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की सुरक्षा कार्य में तैनात 195 कर्मचारियों के बैंक खाते में वेतन के रूप में भिलाई की ठेका कंपनी द्वारा महज़ 6 हज़ार 8 सौ 39 रुपये ट्रांसफ़र की जाती है।

● नियमों को ताक में रखकर साप्ताहिक अवकाश नही देती कंपनी

कर्मचारियों को श्रम कानून के नियमानुसार सप्ताह में पूर्ण रूप से 1 दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलने का प्रावधान है। लेकिन भिलाई की ठेका कंपनी द्वारा कर्मचारियों को एक भी दिन का अवकाश नही दिया जा रहा है, बल्कि कर्मचारियों द्वारा आकस्मिक रूप से छुट्टी करने की स्तिथि पर एक दिन का पूरा वेतन काट लिया जाता है। जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष व कामगार सभा के प्रमुख संरक्षक डॉ. अरुण पाण्डेय् ने ज़िले के श्रम अधिकारी से उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की मांग करते हुए बस्तर चिकित्सा महाविद्यालय व चिकित्सा अस्पताल में कार्यरत सैकड़ो सुरक्षा कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण की शिकायत ज़िला श्रम पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष उपस्थित होकर दर्ज़ कराई है।

● न्यूनतम दर अनुसार वेतन ना देने कंपनी पर हो कड़ी कार्यवाही -कामगार सभा

ज़िला श्रम अधिधिकारी से न्यूनतम तय दर अनुसार वेतन ना देकर कर्मचारियों को प्रतिमाह कम वेतन देने वाले कंपनी प्रबंधन को नियमानुसार अंतर राशि का क्षतिपूर्ति सहित एकमुश्त भुगतान करवाने हेतु कार्यवाही करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया हैकि कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण और विसंगतियों पर जांच में दोषी पाए जाने पर ठेकेदारों व विभागीय अधिकारियों पर भी कार्यवाही किया जावे। उक्त ज्ञापन कामगार सभा के अजय शेट्टी के नेतृत्व में सौंपा गया, इस दौरान विशेष रूप से अध्यक्ष चंचलमल जैन, अशरफ़ खान, आरिफ़ खान, अल्ताफ़ खान, राम बेसरा, सुकरु राम, बुधराम बघेल, बुधरु, सुखमन सेठिया सहित सैकड़ों सुरक्षा कर्मचारी मौजूद रहे।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन के प्रयासों से बीमार जरूरतमंदों को मिली आर्थिक सहायता

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विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के अनुरोध पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने चार बिमार जरूरतमंद को दस लाख सत्तर हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव (नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन के प्रयासों से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र की मूक-बधिर बालिका कुमारी योग्यता जैन पिता सनत कुमार जैन को 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, किडनी की बिमारी से पीड़ित शक्ति परासर को 2 लाख 70 हजार रुपए, कैंसर की बिमारी से पीड़ित ओमप्रकाश अवस्थी को दो लाख रुपए , एवं किडनी की बिमारी से पीड़ित अजय श्रीवास्तव को इलाज हेतु 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से प्रदान की गई |

इस अवसर पर आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले पीडीतोंं ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने जिस संवेदनशीलता से आर्थिक सहायता प्रदान की है उसके लिए हम सभी आदरणीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं एवं हमारे सक्रिय एवं हमेशा लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने संवेदनशीलता से हमें आर्थिक सहायता प्रदान करने में मदद की |

सभी हितग्राहियों ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा की अब उनके इलाज की समुचित व्यवस्था हो सकेगी विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की सहृदयता है की उन्होंने आर्थिक सहायता प्रदान की है हमारे प्रदेश में अब समुचित उपचार के बिना किसी को कोई परेशानी नहीं होगी |

20 करोड़ के घोटाले में बैंक प्रबंधक की गिरफ़्तारी क्यों नही ? आम आदमी पार्टी ने मंत्री अनिला भेड़िया की भूमिका पर किया संदेह व्यक्त

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छत्तीसगढ़ । गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ राज्य के बालोद जिला के निपानी क्षेत्र में सहकारी बैंक के प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के मिलीभगत में ज़िले के 16 गांव के किसानों के खाते में सेंधमारी करते हुए फर्जीवाड़ा कर 20 करोड़ रुपये निकाल लिए जाने के मामला प्रकाश में आया था। उक्त मामले में 1 महीने पश्चात भी किसी प्रकार की पुलिस व प्रशासनिक कार्यवाही नही हुई है।

आक्रोशित प्रभावित 700 किसानों के हक़, अधिकार व न्याय के लिए आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की सदस्य तरुणा साबे बेदरकर पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चंद्राकर के निर्देश अनुसार बालोद पहुंची जहां उन्होंने किसानों के प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित होकर उनका समर्थन किया है।

जानकारी रहें कि उक्त बैंक प्रबंधक छत्तीसगढ़ शासन में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के बहुत करीबी रिश्तेदार हैं। जिस कारण उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और इसीकारण इतने बड़े धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी नही हुई है जो सीधे तौर पर महिला व बाल विकास मंत्री के हस्तक्षेप को साबित करता है।

तरुणा बेदरकर ने कहा हैकि मामले में कार्यवाही के लिए ज़िला कलेक्टर से मुलाक़ात किया जावेगा आवश्यक होने पर किसानों को लेकर आंदोलन करेंगे।

समर्थन देने धरना स्थल पर तरुणा साबे बेदरकर के साथ बालोद जिला अध्यक्ष दीपक आरदे, गुंडरदेही विधान सभा अध्यक्ष विनय गुप्ता, शंकर,धीरज जैन समेत अन्य कार्य कर्ता मौजूद थे।

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