बालोद :- क्षेत्र के आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला में ग्राम अरमुरकसा में आयोजित मानस गान सम्मेलन ने जनमानस को राममय कर दिया। इन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बालोद के पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर शामिल हुए। उन्होंने न केवल भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना की, बल्कि उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति और वर्तमान सुशासन पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम इस संपूर्ण जगत के नियंता हैं। उनकी कृपा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज प्रदेश और देश में जो सुशासन की सरकार चल रही है, वह वास्तव में प्रभु श्री राम के आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। राम राज्य की परिकल्पना को साकार करना ही वर्तमान नेतृत्व का मुख्य ध्येय है।

अयोध्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होना केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत के खोए हुए गौरव की पुनर्स्थापना है। इस ऐतिहासिक घटना से पूरे विश्व में सनातन की शक्ति बढ़ी है और हर हिंदू का मस्तक गर्व से ऊंचा हुआ है। ग्राम अरमुरकसा के मानस सम्मेलन में पुष्पेंद्र चंद्राकर ने मानस के मर्मज्ञों का सम्मान किया और युवाओं से अपील की कि वे रामायण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में समरसता और धार्मिक चेतना का विस्तार होता है। इस अवसर पर संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य, हलधर गोरे सरपंच अरमुरकसा, ओमप्रकाश भू आर्य, कमलकांत साहू, पुष्पजीत बैस संतोष जैन, टी आर मांगे, दीनू राम लेडिया, नारद सिवाना, नरसिंह सिवाना, गोपीराम सिवाना,रतन लाल, विष्णु करेंद्र, ठाकुर राम पिस्दा, परदेशी राम, टोमेश्वर मात्रे आदि उपस्थित रहे।












