दल्ली राजहरा, 22 अक्टूबर 2026। जन मुक्ति मोर्चा परिवार द्वारा कृषि कार्यालय स्थित रामलीला मैदान में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जन मुक्ति मोर्चा परिवार के सदस्यों एवं पर्यावरण संरक्षण टीम ने कार्यक्रम में शामिल दर्शनार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक कचरे, पॉलिथीन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक किया। साथ ही लोगों से प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।🌿 प्लास्टिक रूपी रावण का अंत करना समय की आवश्यकता — प्रदीप साहूइस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया था, उसी प्रकार आज समाज को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक प्लास्टिक रूपी रावण का अंत करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा कि आज हमारे दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बाजार से सामान खरीदने से लेकर खाद्य सामग्री और अन्य वस्तुओं की पैकेजिंग तक प्लास्टिक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। दुर्भाग्यवश, उपयोग के बाद बहुत से लोग प्लास्टिक एवं पॉलिथीन को गली-मोहल्लों, नालियों, खुले मैदानों और जलस्रोतों में फेंक देते हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचता है।प्रदीप साहू ने बताया कि प्लास्टिक सामान्य प्राकृतिक परिस्थितियों में सैकड़ों वर्षों तक पर्यावरण में बना रह सकता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, नालियाँ जाम होती हैं तथा नदी, तालाब और अन्य जलस्रोत प्रदूषित होते हैं। प्लास्टिक कचरे से पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के जीवन पर भी खतरा उत्पन्न होता है। इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक कचरा मिट्टी की जल ग्रहण क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्राकृतिक जल चक्र और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।उन्होंने लोगों से अपील की कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कपड़े एवं जूट के थैलों को अपनाएँ तथा प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय अलग-अलग एकत्रित कर उचित निपटान एवं पुनर्चक्रण के लिए दें। दवाइयों और खाद्य सामग्री के पैकेटों का उपयोग करने के बाद उन्हें सामान्य कचरे से अलग रखना चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित निपटान किया जा सके।उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा—”प्लास्टिक के इस दानव को, मिलकर आज हराना है,हर दिल में राम जगाकर, भारत स्वच्छ बनाना है!”

प्रत्येक सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजन पर पौधारोपण करें — टिकेश्वर साहूइस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी टिकेश्वर साहू ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण वनों पर संकट गहराता जा रहा है। इसका प्रभाव वन्यजीवों, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण के संतुलन पर पड़ रहा है। पेड़-पौधे हमें शुद्ध वायु प्रदान करने, मिट्टी का संरक्षण करने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाए, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।टिकेश्वर साहू ने लोगों से अपील की कि प्रत्येक सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ें। जन्मदिन, विवाह, धार्मिक आयोजन और अन्य शुभ अवसरों पर पौधारोपण करें। इसी तरह दुखद अवसरों पर भी परिवार एवं समाज के लोग पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी आवश्यक है।🌱 रावण दहन के साथ प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने का लें संकल्पकार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण प्रेमियों ने संदेश दिया कि विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर और समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। आज पर्यावरण प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति लापरवाही ऐसी समस्याएँ हैं, जिनके समाधान के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।यदि हम प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरे को उचित स्थान पर डालें, जलस्रोतों को स्वच्छ रखें और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।पर्यावरण संरक्षण टीम ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। प्रकृति की रक्षा करना ही मानव जीवन की रक्षा करना है।उपस्थित सदस्यइस अवसर पर जन मुक्ति मोर्चा परिवार के अध्यक्ष श्री जीत गुहा नियोगी, ईश्वर निर्मलकर, बसंत रावाटे एवं मूलचंद सहित पर्यावरण संरक्षण टीम के सदस्य सुरेश बघेल, सुभाष साहू, रजभान साहू, टिकेश्वर साहू, प्रदीप साहू, लोकेंद्र, ताराचन्द, चेलाराम, राजकुमार एवं कौशल साहू उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने और स्वच्छ एवं हरित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।















