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नक्सल मामलों में जेल भेजे गए सभी निर्दोष आदिवासियों को तत्काल रिहा करे सरकार: विधायक विक्रम मंडावी

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ग्रामीणों की मांग-जैसे नक्सलियों के केस वापस लिए गए, आदिवासियों को भी वैसे ही करें रिहा

बीजापुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई को लेकर उनके परिवारजनों ने गुरुवार को स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान परिजनों का कहना था कि कई वर्षों से नक्सल मामलों में फंसाए गए उनके निर्दोष परिजन जेलों में बंद हैं, वे इस मामले को लेकर प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात करना चाहते हैं, इसलिए परिजनों ने एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन भी किया है, जो आगामी दिनों में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष से समय समय पर मुलाकात कर जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई के लिए प्रयास करेगा।

परिजनों ने यह भी मांग की कि जिस प्रकार हाल के दिनों में कई बड़े-बड़े और हार्डकोर नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया है, ठीक उसी तरह निर्दोष आदिवासियों के मामलों को भी समाप्त किया जाए।परिजनों ने बैठक में यह भी कहा कि निर्दोष ग्रामीणों को नक्सलियों की श्रेणी में रखकर वर्षों से जेलों में बंद रखना न्यायोचित नहीं है। यह जानकारी बैठक के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी है। प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकांश लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं। उन्हें कानून की प्रक्रियाओं और कोर्ट की कार्यवाही की जानकारी नहीं होती। ऐसे में वे आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियों का सामना करते हुए वर्षों तक अदालतों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। कई परिवार तो इसी वजह से बर्बाद हो चुके हैं। इसलिए ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हमारी सरकार से विशेष अपील है कि बस्तर संभाग में जितने भी निर्दोष आदिवासी नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाए। निर्दोष लोगों को जेल में रखना न सिर्फ उनके परिवारों के साथ अन्याय है, बल्कि समग्र आदिवासी समाज के साथ भी अन्याय है। विधायक विक्रम शाह मंडावी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे खुद भी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात करेंगे। बैठक के बाद ग्रामीणों ने निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, भीमा मडकम, सोनाराम वारसा, वामन कड़ती, सुखराम, सरिता गोटा, कड़ती वेंकट, हेमला लक्ष्मण, सन्नू कुरसम, शैलेश मडकम, सोढ़ी रामलू, कुंजाम लक्ष्मा, मंगली अवलम, मोती कोरसा, रमेश लेकाम, पार्वती वेको, रवीना सोढ़ी और रवींद्र उरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

बस्तर को अत्याधुनिक कैथलैब की सौगात, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने किया लोकार्पण

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प्रदेश के हृदय रोगियों के लिए वरदान बनेगा यह कैथलैब: जायसवाल

बस्तर में खुलेगा योग एवं नेचरोपैथी हॉस्पीटल भी

जगदलपुर बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कॉन्टिनेंटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल डिमरापाल में बस्तर संभाग की पहली और छत्तीसगढ़ की दूसरी अत्याधुनिक कैथलैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से अब बस्तर सहित पूरे प्रदेश के हृदय रोगियों को समय पर आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

लोकार्पण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कैथलैब सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है। बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के सौ दिन के साथ-साथ जगदलपुर सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पीटल के भी सौ दिन पूरे होने पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की जनता को दिल की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कैथ लैब के रूप में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है, जो मेकाहारा के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी कैथ लैब संस्थान है। इसके साथ ही बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता के बीच योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड पर एक समर्पित योग और नेचरोपैथी हॉस्पीटल भी लाया जा रहा है। चिकित्सा व्यवस्था में आए इस बड़े सुधार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महारानी अस्पताल में पिछले दो वर्षों के भीतर मरीजों के इलाज के आंकड़ों में डेढ़ गुना का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।

आएगी डब्ल्यूएचओ की टीम

बस्तर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए इस अभूतपूर्व बदलाव का लोहा अब वैश्विक संस्थाएं भी मान रही हैं, यही वजह है कि जल्द ही विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की विशेष टीमें इस जमीनी बदलाव को देखने बस्तर आ रही हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की कामयाबी के चलते आज बस्तर क्षेत्र के लगभग 99 प्रतिशत लोगों का डिजीटल हेल्थ रिकॉर्ड और चेकअप तैयार किया जा चुका है, जो स्वास्थ्य विभाग की एक बेहतरीन मिसाल है। इसके अलावा कॉन्टिनेंटल ग्रुप हॉस्पीटल के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम भी किया गया है, जिसके तहत अस्पताल के प्रबंधन और विभिन्न श्रेणियों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। मंत्री जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने आयुर्वेद आधारित उपचार प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए देश में तीन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। इनमें से एक केंद्र बस्तर में स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं

इस अवसर पर कॉन्टिनेंटल हॉस्पीटल्स के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. गुरु एन. रेड्डी ने बताया कि कैथलैब (कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब) एक अत्याधुनिक चिकित्सा इकाई है, जहां बिना बड़े ऑपरेशन के हृदय एवं रक्त वाहिकाओं से जुड़े रोगों की जांच और उपचार किया जाता है। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (स्टेंट प्रत्यारोपण), पेसमेकर सहित विभिन्न इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाएं आधुनिक तकनीक से की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से अब बस्तर संभाग के साथ-साथ पड़ोसी राज्य के मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर सुपर स्पेशलिटी हृदय उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षक उपचार शीघ्र मिल सकेगा। अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल के सभी चिकित्सक सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

एक ठेकेदार पर नगर पंचायत इस कदर है मेहरबान

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खास ठेकेदार को दे दिया गया 11 कार्यों का ठेका

मामला पहुंचा एसडीएम न्यायालय तक, दस्तावेजों के साथ पेश होने आदेश

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की भोपालपट्टनम नगर पंचायत में निर्माण कार्यों के ठेके के पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक खास ठेकेदार पर नगर पंचायत प्रशासन इस कदर मेहरबान है कि उस ठेकेदार को थोक में 11 कार्यों का ठेका दे दिया गया है। यह विवादास्पद मामला अब एसडीएम न्यायालय तक पहुंच गया है। एसडीएम ने नगर पंचायत अधिकारी को दस्तावेजों के साथ पेश होने का आदेश जारी किया है। नगर पंचायत भोपालपट्टनम में विकास कार्यों के लिए जारी किए गए टेंडरों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले जारी किए गए टेंडर को निरस्त करने के बाद दोबारा री-टेंडर जारी किया गया, लेकिन नई प्रक्रिया भी विवादों में घिर गई है। अब मामला एसडीएम न्यायालय तक पहुंच चुका है, ।

जहां संबंधित दस्तावेजों के साथ नगर पंचायत के अधिकारी को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत ने 16 अप्रैल 2026 को पहली बार टेंडर जारी किया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कुछ पार्षदों और नागरिकों ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत के बाद प्रथम टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई और 2 जून 2026 को 22 विकास कार्यों के लिए पुनः री-टेंडर जारी किया गया। री-टेंडर प्रक्रिया में कुल 9 ठेकेदारों ने भाग लिया और 79 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से विभाग ने 37 आवेदनों को पात्र घोषित किया, जबकि 42 आवेदनों को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि संबंधित लिफाफों पर कार्य का नाम अंकित नहीं था, इसलिए उन्हें खोला नहीं गया। इस निर्णय के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आया। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि पात्र घोषित आवेदनों में से एक ही ठेकेदार को 21 प्रतिशत बिलो दर पर 11 विकास कार्य आवंटित कर दिए गए हैं। अन्य ठेकेदारों ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब कुल नौ ठेकेदार प्रक्रिया में शामिल थे, तब एक ही व्यक्ति को इतनी बड़ी संख्या में कार्य आवंटित करना निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि 21 प्रतिशत कम दर पर कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता कैसे सुनिश्चित होगी?इन्हीं बिंदुओं को लेकर संबंधित ठेकेदारों ने एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने नगर पंचायत भोपालपट्टनम को नोटिस जारी कर सभी संबंधित अभिलेखों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में मामले की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है।

नपं की पारदर्शिता पर गर्द

लगातार टेंडरों का निरस्त होना, फिर री-टेंडर की प्रक्रिया अपनाना और उसके बाद भी विवाद सामने आना नगर पंचायत की निविदा प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होती, तो बार-बार विवाद और शिकायतों की नौबत नहीं आती। उनका मानना है कि प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि पहली निविदा क्यों निरस्त हुई, बड़ी संख्या में आवेदन किन नियमों के तहत अस्वीकार किए गए और एक ही ठेकेदार को 11 कार्य आवंटित करने का आधार क्या था। अब सभी की निगाहें एसडीएम न्यायालय की कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं यदि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पाई जाती है तो इससे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।

वन भैंसों और हिमालयन गिद्धों ने बढ़ाई इंद्रावती टाइगर रिजर्व की शान

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बस्तर के आईटीआर की जैव विविधता को मिली नई पहचान

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व से वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण की उत्साहजनक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वन भैंसा और विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका हिमालयन गिद्ध एक बार फिर टाइगर रिजर्व के जंगलों में दिखाई दिए हैं। दोनों दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी को विशेषज्ञ बस्तर के इस वन क्षेत्र के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र और सफल संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

बीजापुर जिले में विस्तारित इंद्रावती टाइगर रिजर्व लंबे समय से वन भैंसा संरक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल ही में जंगल में वन भैंसों का झुंड प्राकृतिक आवास में विचरण करता दिखाई दिया। जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण उनके लिए अनुकूल बना हुआ है। हिमालयन गिद्धों की मौजूदगी ने भी वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। मृत पशुओं के अवशेषों को साफ कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह दुर्लभ पक्षी वर्तमान में विलुप्ति के खतरे से जूझ रहा है। ऐसे में इंद्रावती के जंगलों में इसका दिखाई देना वन्य जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग द्वारा लगातार गश्त, निगरानी, कैमरा ट्रैप और प्राकृतिक आवास संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रभावी संरक्षण के कारण इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जैव विविधता लगातार मजबूत हो रही है।

उत्साहित हैं डायरेक्टर बलगा

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक संदीप बलगा ने बताया कि वन विभाग वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। वन भैंसा और हिमालयन गिद्ध जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व देश के महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्यों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है। वन्यप्राणी के ओरिएंटेशन में देकर उनकी मॉनिटरिंग करना है। स्कैट, सैंपल कैसे लेना है, और उनकी कैमरा ट्रैप से में मॉनिटरिंग कैसे करनी है, इस बाबत कर्मियों और अधिकारियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने किया डोंडी स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश

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कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डोंडी का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले हर मरीज को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रहे इलाज, भोजन और अन्य सुविधाओं का फीडबैक लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ व मरीज-अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने वहां परिसर में पौधे भी रोपे। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ सुनील चंद्रवंशी, सीएमएचओ डॉ जे एल उइके आदि मौजूद थे।

जप्त रेत को बाहर ले जा रहे हैं रेत माफिया

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जप्ती करने के बाद रेत की सुरक्षा करना भूल गया प्रशासन

-अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक में सक्रिय रेत माफिया अब सीधे प्रशासन को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। रेत माफियाओं के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे प्रशासन द्वारा जप्त रेत और अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों व मशीनरी को भी उठा ले जाने में नहीं हिचक रहे हैं।प्रशासन द्वारा जप्त कर रखी गई रेत की भी अब बाहर निकासी शुरू कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि बकावंड विकासखंड में बनियागांव, तारापुर और अन्य गांवों के आसपास भास्कली नदी, इंद्रावती नदी से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन होता आया है। खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में पड़ोसी राज्य उड़ीसा के रेत माफिया चेन माउंटेन, पोकलेन, जेसीबी आदि भारी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर रेत का खनन एवं परिवहन करते आए हैं। सूत्रों का दावा है कि इस काले कारोबार में खनिज विभाग के एक अधिकारी के करीबी रिश्तेदार के वाहन भी उपयोग में लाए जाते रहे हैं। वाहनों का मोटा किराया मिलने की वजह से खनिज अधिकारी रेत माफियाओं पर कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। जब पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा, तब बनियागांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आवाज उठाना शुरू कर दी। दरअसल भास्कली नदी में बेतहाशा और बेतरतीब खनन के चलते बनियागांव के आधा दर्जन से भी ज्यादा किसानों की जमीन नदी में समा गई। इस मुद्दे को लेकर पीड़ित किसानों और ग्रामीणों ने बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा तक शिकायत की। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा दिखावे की कार्रवाई शुरू की गई।

कुछ जगहों पर रेत और परिवहन में प्रयुक्त वाहन जप्त किए गए। बकावंड और उड़ीसा की सीमा पर कुछ माह पूर्व खनिज विभाग और प्रशासन की टीम ने चेनमाउंटेन मशीन जप्त की थी। मगर कुछ ही दिनों बाद आश्चर्यजनक ढंग से उसी जप्तशुदा चेन माउंटेन मशीन से रेत माफिया पुनः रेत का अवैध खनन करते नजर आए थे। हालांकि बाद में प्रशासन ने उस चेन माउंटेन मशीन को फिर से अपने कब्जे में ले लिया। वहीं कुछ माह पहले ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर बकावंड तहसीलदार ने बनियागांव में पंचायत भवन के सामने उड़ीसा के रेत माफिया द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से डंप कर रखी गई हजारों ट्रेक्टर ट्रॉली रेत को जप्त किया था। इस जप्तशुदा रेत को अब वही माफिया धीरे धीरे ले जा रहे हैं। इस मामले की शिकायत प्रशासनिक एव खनिज विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन सभी अधिकारी खामोश बैठे हैं।जानकारी के अनुसार बाजार में इस जप्त रेत को माफिया मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं।

बिहान समूह महिलाओं की एकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक : संजय बैस

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कुसुमकसा में “दीदी के गोट” कार्यक्रम आयोजित, मुख्यातिथि ने किया दीदियों का सम्मान

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन NRLM के तहत नया सवेरा महिला संकुल संगठन कुसुमकसा द्वारा बुधवार को “दीदी के गोट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस शामिल हुए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि भाई संतोष जैन और पंकज जेठवानी जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत दीदियों द्वारा मुख्यातिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।मंच पर संकुल क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों की पदाधिकारी और बिहान समूह की सक्रिय दीदियां मौजूद थीं। कार्यक्रम स्थल पर “छत्तीसगढ़ राज्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन” और “दी के गोट – दीदियों की कहानी, उन्हीं की जुबानी” का कार्यक्रम सम्पन्न हुवा ।

बिहान सिर्फ बचत-ऋण समूह नहीं

मुख्यातिथि संजय बैस ने संबोधित करते हुए कहा कि _”आज बिहान समूह सिर्फ बचत या ऋण समूह नहीं रह गया है। ये हमारे गांव की महिलाओं की ताकत, एकता और आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है। जब महिलाएं संगठित होकर काम करती हैं तो पूरे परिवार और समाज की तस्वीर बदल जाती है।”_ उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर दीदी आर्थिक रूप से सशक्त बने और अपने पैरों पर खड़ी हो।ग्राम पंचायत प्रतिनिधि संतोष जैन और पंकज जेठवानी ने भी दीदियों के कार्यों की सराहना की और पंचायत की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

दीदियों ने सुनाई अपनी कहानी

“दीदी के गोट” के दौरान बिहान समूह से जुड़ी कई दीदियों ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे समूह से जुड़कर उन्होंने छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू किया और परिवार की आय बढ़ाई। कार्यक्रम में महिलाओं ने सामूहिक गीत और अनुभव साझा कर माहौल को प्रेरणादायक बना दिया।कार्यक्रम के अंत में सभी दीदियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। संकुल संगठन के पदाधिकारियों ने आए हुए सभी अतिथियों और दीदियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिहान समूह की महिलाएं, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।इस अवसर पर नया सवेरा महिला संकुल संघठन के अध्यक्ष धनमत गांवडे सचिव आरती पांडे पी आर पी आरती वतसल कविता रामटेके अमाय नागवंशी सहित बिहान समूह की बहने उपस्तिथ रहे

ईसाई धर्मांतरित तीन परिवारों का गांव में जमकर विरोध

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ग्रामीणों उजाड़ दिए तीनों परिवारों के आशियाने

जगदलपुर बस्तर के गांवों में ईसाई धर्म अपना चुके परिवारों का पुरजोर विरोध होने लगा है। ऐसे परिवारों का ग्राम बहिष्कार किया जा रहा है, उनके मकान उजाड़े जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सुकमा जिले से सामने आया है, जहां धर्मांतरित हो चुके तीन परिवारों को गांव से बहिष्कृत करने सभी लामबंद हो गए। तीनों धर्मांतरित परिवारों के घरों की छतों पर लगी शीट निकाल दी गई। मामला बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पोलमपल्ली गांव का है। पोलमपल्ली गांव के तीन परिवार धर्मांतरित हो चुके हैं। ग्रामीणों ने पहले इन परिवारों को मूल धर्म में लौट आने और अपनी प्राचीन धार्मिक परंपरा, संस्कृति पर चलने की समझाईश दी गई।

ग्रामवासियों की लाख समझाईश के बाद भी वे नहीं माने। इसके बाद ग्रामीणों ने लामबंद होकर तीनों परिवारों को गांव से बहिष्कृत करने का फैसला सुना दिया। ग्राम के कई युवाओं ने धर्मांतरित परिवारों के आशियानों को उजाड़ना शुरू कर दिया। उनके मकानों की छतों पर लगी एसबेस्टस शीटों को उखाड़ कर फेंक दिया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस जवान उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन ग्रामीणों ने घरों को उजाड़ने का सिलसिला जारी रखा।गांव में उपजे हालात को देखते हुए पोलमपल्ली में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।हालांकि पुलिस एवं प्रशासन की समझाईश के बाद ग्रामीण मौके से हट जरूर गए हैं, मगर गांव में आंतरिक तनाव अब भी कायम है। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल पोलमपल्ली भेजा गया है।

खेत में मोटर पंप का बिजली कनेक्शन जोड़ते समय करंट से पूर्व सरपंच की मौत

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जगदलपुर/भानपुरी । बस्तर जिले के भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हली में बुधवार दोपहर खेत में सिंचाई के दौरान एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम कुम्हली निवासी एवं पूर्व सरपंच टीकम सिंह बघेल (40), पिता स्वर्गीय धनसिंह बघेल के रूप में हुई है।जानकारी के अनुसार, बुधवार करीब 12:30 बजे टीकम सिंह बघेल अपने खेत में धान रोपाई के लिए सिंचाई करने पहुंचे थे। खेत में लगे मोटर पंप को चालू करने के लिए वे बिजली का कनेक्शन जोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक विद्युत प्रवाहित हो गई और वे करंट की चपेट में आ गए।करंट लगते ही टीकम सिंह गंभीर रूप से झुलसकर खेत में गिर पड़े। उनकी आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

लोगों ने तत्काल बिजली का संपर्क बंद कराया और उन्हें खेत से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने परिवार के साथ खेती-किसानी का कार्य करते थे और गांव के पूर्व सरपंच भी रह चुके थे।घटना की सूचना मिलते ही भानपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भानपुरी सिविल अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नकाबपोश झपटमार चढ़ गया पुलिस के हत्थे

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अब तक 9 वारदातों को अंजाम दे चुका है बदमाश

छीन लेता था महिलाओं के पर्स और बैग, ढाई लाख का माल बरामद

जगदलपुर नगर और आसपास के इलाकों में आतंक मचा रखे शातिर नकाबपोश झपटमार को पुलिस ने आखिरकार पकड़ ही लिया। यह शातिर बदमाश छीनतई और झपटमारी के 9 वरदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी से ढाई लाख का माल बरामद किया गया है। मारडुम थाना क्षेत्र के ग्राम कुथर निवासी 19 वर्षीय झपटमार राजमन यादव पिता संपत यादव सुनसान और अंधेरे रास्तों से हाथों में बैग व पर्स लेकर गुजरने वाली युवतियों तथा महिलाओं को निशाना बनाता था। वह पीछे से बाइक में तेजी से आता और झपटमारी कर रफू चक्कर हो जाता था। बैग व पर्स में रखे पैसे, मोबाईल फोन एवं आभूषणों को निकाल कर बैग व पर्स को फेंक देता था। अगर मोबाईल फोन साधारण व सस्ता होता तो, उसे भी फेंक देता था।

लगातार हो रही झपटमारी की घटनाओं को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम अलर्ट मोड पर थी। जगदलपुर के धरमपुरा कालीपुर के पास हुए आखिरी झपटमारी के तत्काल बाद आरोपी को घेराबंदी कर कर पकड़ लिया गया। बताया गया है कि आरोपी राजमन यादव दोस्तों के साथ घूमने जाने के लिए झपटमारी कर रुपए इकट्ठा कर रहा था। आरोपी से झपटमारी के 8 बैग, 3 मोबाइल फोन तथा सोने और चांदी के आभूषण सहित लगभग ढाई लाख रुपए का सामान बरामद किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। ज्ञात हो कि थाना कोतवाली में साकेत कॉलोनी निवासी प्रार्थिया रश्मि केशरवानी पति स्व. मनोज केशरवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जून को वह अपनी बेटी के साथ दंतेश्वरी मंदिर दर्शन करने गई थी। इसी दौरान सिरहासार चौक के पास पीछे एक मोटर साइकिल से पहुंचे नकाबपोश बदमाश उसका पर्स छीन कर भाग गया। थाना कोतवाली में मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश की जा रहा थी। इसी बीच 2 जुलाई को भी घर संसार, लालबाग के पास फिर झपटमारी की वारदात हो गई। फिर 5 जुलाई को धरमपुरा कालीपुर अटल आवास के पास शाम करीब 4.45 बजे उसी पैटर्न पर मोटर साइकिल से आए नकाबपोश बदमाश ने एक महिला का पर्स छीन लिया। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के दिशानिर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में नगर निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में आरोपी को पूरे शहर में मुखबिर एवं प्रत्येक संवेदनशील जगहों पर टीम लगाकर आरोपी की तलाश शुरू की गई। 6 जुलाई को दोपहर में एक नाकापोश व्यक्ति को दलपत सागर तरफ से पावर हाउस चौक की ओर आते समय पकड़ लिया गया। नकाबपोश के हुलिया को प्रार्थियों से वेरिफाई करवाया गया।आरोपी के पिट्ठू बैग में मिले पैसे तथा अन्य के नाम के एटीएम कार्ड के आधार पर आरोपी से बारीकी से पूछताछ की गई। आरोपी ने अब तक कोतवाली थाना क्षेत्र में 5 और बोधघाट थाना क्षेत्र में 4 समेत कुल 9 जगहों पर झपटमारी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर झपटमारी के 8 बैग, 3 मोबाइल फोन, लगभग 02 लाख के सोने चांदी के जेवर , एटीम कार्ड्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सील, ड्राइविंग लाइसेंस, 800 रुपए नगद जप्त किए गए हैं। इस शातिर झपटमार को पकड़ने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक प्रमोद ठाकुर व अरुण मरकाम, पीएसआई भूपेंद्र पैकरा, रानी सोनी, अफ साना, सहायक उप निरीक्षक बिजेंदर सिंह, परिमल दास, प्रधान आरक्षक विनोद चांदने, राजेश राजपूत, राजू टोप्पो आरक्षक सोनू गौतम, प्रदीप, हेमचंद, महेंद्र पटेल, मंहगू कश्यप, धर्मेंद्र सिंह, कृष्णा नेताम, रंगलाल खरे, अमर सिंह बेसरा, धनेश्वर यादव, तरुण कुमार यादव,रीना अनंत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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