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17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चलाया जाएगा विशेष सेवा अभियान

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  • बालोद जिले के 186 गांवों में जनजातीय वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए संचालित की जाएगी आदि कर्मयोगी अभियान
  • ग्रामों में वाल पेंटिंग कर लोगों को अभियान का लाभ लेने किया जा रहा है जागरूक

बालोद, 07 सितंबर 2025 भारत सरकार के द्वारा शुरू किए गए आदि कर्म योगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के आदिवासी बहुल 186 गांवों में जनजातीय वर्ग के लोगों के कल्याण एवं विकास के लिए आदि कर्मयोगी अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई को आदि कर्म योगी अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक विशेष सेवा अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को इस दौरान जनजातीय परिवार के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

इस अभियान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित करने गांव गांव में वाल पेंटिंग के माध्यम से अभियान की जानकारी दी जा रही है। जिससे लोगों में जागरूकता आएगी तथा वे इस अभियान का लाभ ले सकेंगे।

 

सांसद महेश कश्यप और विधायक विनायक गोयल ने किया 2.12 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन

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  • बास्तानार विकासखंड के गांवों में भी बहने लगी है विकास की बयार

जगदलपुर बास्तानार ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 212.78 लाख रुपए की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन सांसद महेश कश्यप एवं क्षेत्रीय विधायक विनायक गोयल द्वारा किया गया। इस अवसर पर तिरथुम में सीसी सड़क, बड़े किलेपाल में दो पुलिया, किलेपाल, लक्ष्मणपारा, गुजेपाल, जामगांव, कोलंगपारा सावगेल, मलाडीपारा सावगेल, बुरगुम एवं लालागुड़ा में प्राथमिक शाला भवन, वहीं जुनाटप्पा एवं वेट्टीपारा में उच्च प्राथमिक शाला भवन तथा जुनाटप्पा में नाली निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। साथ ही सांसद और विधायक संकुल स्तरीय बैठक में शामिल होकर स्कूली बच्चो और शिक्षकों से मिले।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि भारत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा, सड़क, स्वच्छता एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर निवेश से ही ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाया जा सकता है।विधायक विनायक गोयल ने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण जनता को बुनियादी सुविधाएं सुलभ होंगी और उनके जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार होगा।भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, रितेश दास जोशी, बास्तानार जनपद अध्यक्ष महावती मंडावी, उपाध्यक्ष विनोद कुहरामी, सरपंच मंगली पोयाम, चंद्रशेखर, भदरु पोडियाम, बाबुल नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कर्मचारी से मारपीट गाली गलौच करने वाले मंत्री पर कार्रवाई करें मुख्यमंत्री: दीपक बैज

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रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि जगदलपुर के सर्किट हाउस के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रसोइए के साथ मंत्री द्वारा की गई मारपीट और मां की गाली देना बेहद निंदनीय है । दीपक बैज ने मंत्री कश्यप को आदतन गालीबाज नेता करार देते हुए कहा है कि है इसके पहले भी कोंडागांव में भी वे ऐसा कर चुके हैं।

दीपक बैज ने कहा है कि भाजपाई सत्ताधीश खुद को खुदा समझने लगे हैं। सत्ता के मद में जनता को कीड़ा मकोड़ा समझते हैं।उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी के साथ मारपीट की गई है वह लकवाग्रस्त है उसका इलाज चल रहा है।पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कुछ दिन पहले मोदी की मां को एक सिरफिरे ने गाली दी थी तो पूरी भाजपा ने आसमान सिर पर उठा लिया था।मुख्यमंत्री साय भी बहुत आक्रोशित थे। आज उनके ही मंत्री ने एक गरीब कर्मचारी को मां की गाली दी है। क्या उसकी मां का सम्मान नहीं है? मोदी की मां के जैसे ही इस गरीब की भी मां है। मुख्यमंत्री अपने मंत्री पर कार्रवाई करें। ऐसे अभद्र और गालीबाज तथा हिंसक मंत्री को पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री केदार कश्यप से इस्तीफा लें। वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें बर्खास्त किया जाए। गरीब कर्मचारी से मारपीट गाली गलौज करने के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि अब देखना यह भी होगा मंत्री हटाए जाते हैं या वह गरीब कर्मचारी हटा दिया जाएगा। अगर उसे नौकरी से हटाया गया और उस पर किसी भी तरह का दबाव डाला गया तो कांग्रेस उसका विरोध करेगी।

शेरपार स्कूल में शिक्षकों पर पुष्पवर्षा कर बच्चों ने किया गुरुजनों को सम्मानित

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शिक्षक न्यूज़//- शासकीय पूर्व “माध्यमिक शाला-शेरपार में शिक्षक दिवस” बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम बच्चों व शिक्षकों द्वारा भारत के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की 137 वे जयंती को “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया तत्पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा कतारबद्ध खड़े होकर पुष्प वर्षा करते हुए अपने गुरुजनों शिक्षकों ऊपर पुष्प बरसाते हुए व डायरी एवम पेन उन्हें भेंटकर सम्मानित किया।

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला- शेरपार के प्राचार्य- श्रीमती निर्मला ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “गुरू गोविंद दोउ खड़े, काके लागु पांय, बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताय,” का उल्लेख करते हुए कहा कि संत कबीर दास द्वारा गुरुजनों की महिमा को व्यक्त कर उनकी महानता को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा हमारे ग्रंथों में भी गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। माता-पिता के बाद गुरु ही एक बालक का प्राथमिक मार्गदर्शक होता है, जो उसे अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्य पालन का महत्व बताने के साथ-साथ समाज में रहन-सहन का सलीखा सिखाते है।

प्रधानपाठक-रमेश सलामे ने कहा कि शिक्षकों के अथक मेहनत एवं प्रयासों से छात्रों को पढ़ाई व खेलकूद में बेहतरीन प्रदर्शन कर अपने माता-पिता, गुरुजनों के साथ गांव,जिला व प्रदेश में नाम रोशन करने का आग्रह किया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष- शंकर साहू ने शिक्षकों से आग्रह किया कि इस नवीन टेक्नोलॉजी के दौर में शिक्षक नई तकनीक अपनाकर आगामी पीढ़ी की शिक्षा को नयी दिशा देवें। बच्चों के आधारभूत व्यक्तित्व विकास में शिक्षकों का योगदान सर्वाधिक होता है अतः प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूल स्तर तक हर छात्र का भविष्य संवारना शिक्षकों का प्राथमिक दायित्व है, ताकि वह देश का जिम्मेदार नागरिक बन सके।

शिक्षक दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूली बच्चों के साथ संकुल प्राचार्य- श्रीमती निर्मला ठाकुर, प्रधान पाठक- रमेश सलामें, श्रीमती इंदुमती ठाकुर व्याख्याता, आधार सिंह कुमेटी शिक्षक, शंकर साहू शिक्षक, सुश्री लता पटवा शिक्षक आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

गणेश विसर्जन को लेकर हुई बालोद पुलिस कार्यालय एवं जिले के समस्त थाना चौकी अंतर्गत शांति समिति बैठक

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  • बालोद पुलिस की ओर से गणेश समितियों को गणेश विसर्जन हेतु सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था संबंधी दिए गए उचित दिशा-निर्देश।
  • डीजे पूर्णतः होगी प्रतिबंध, विसर्जन हेतु निर्धारित समय का पालन एवं रैली पूर्व लेनी होगी SDM से परमिशन।
  • गोताखोर एवं समितियों द्वारा वालेंटियर टीम अनिवार्य रूप से रखेंगे तैनात।

आज दिनांक 06.09.2025 को पुलिस अधीक्षक महोदय  योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में अति पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर एवं डीएसपी मुख्यालय  देवांश सिंह राठौर के मार्गदर्शन में पुलिस कार्यालय बालोद एवं जिले के समस्त थाना चौकी द्वारा गणेश समितियों की शांति समिति बैठक ली गई। गणेश विसर्जन के दौरान बालोद शहर एवं पूरे जिले में चाक चौबंद सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने गणेश विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किये जाने दिए निर्देश* अंधेरा होने के बाद किसी भी प्रकार का विसर्जन नहीं किया जाए। विशेष रूप से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन केवल निर्धारित सुरक्षित माध्यम व (क्रेन) से ही किया जाए, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना की संभावना न रहे।

डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी

एसडीओपी बालोद ने स्पष्ट किया कि विसर्जन कार्यक्रम के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक वातावरण की गरिमा बनाए रखते हुए केवल पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु पुलिस बल के साथ-साथ गणेश समितियों के द्वारा स्वयं सेवकों (वालेंटियर्स) की भी नियुक्ति की जाए। इसके अलावा विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों की टीम तैनात की जाएगी तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम की व्यवस्था भी की जाए।

रैली पूर्व अनुमति* गणेश समितियों को रैली पूर्व अपने एसडीएम से आवश्यक अनुमति लेनी होगी जिससे समितियों की आने जाने का रूट और विसर्जन स्थल की जानकारी स्पष्ट रहे और गणेश समिति सभी नियमों का पालन भी करें।

बालोद पुलिस द्वारा सभी गणेश उत्सव समितियों एवं आमजन से अपील की गई है कि वे प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का पालन करें, शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखें तथा गणेश विसर्जन को एक सुरक्षित और सामूहिक उत्सव के रूप में सम्पन्न करें।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में हुए उक्त बैठक में एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर, सीएसपी राजहरा डॉक्टर चित्रा वर्मा, तहसीलदार आशुतोष शर्मा , बालोद एवं राजहरा क्षेत्र के गणेश उत्सव समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।

सर्किट हाउस के कर्मचारी से कथित अभद्रता पर सियासी तूफान, भूपेश ने घसीटा मोदीजी की माताजी का नाम

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  • मंत्री कश्यप के शालीन व्यवहार के कायल हैं सब 

अर्जुन झा

जगदलपुर स्थानीय सर्किट हाउस के संविदा कर्मी से कथित मारपीट और गाली गलौज की घटना पर अब सियासी रंग चढ़ चुका है। इस मसले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज जहां सौम्य तरीके से कहते नजर आए कि वे पीड़ित के साथ खड़े हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस केस से प्रधानमंत्री की दिवंगत माता को जोड़ दिया है। इस बीच कई लोग मंत्री केदार कश्यप की शालीनता के हवाला देते हुए कह रहे हैं कि कर्मचारी का रवैया ठीक नहीं है, उसे मंत्री ने हल्की फटकार भर लगाई थी।

दरअसल शनिवार शाम 7 बजे मंत्री केदार कश्यप सर्किट हाउस पहुंचे थे। उनके आने की सूचना उनके समर्थकों को मिल चुकी थी। अतः वे पहले ही सर्किट हाउस पहुंच कर चाय नाश्ता कर रहे थे। चतुर्थ वर्ग कर्मचारी खिंतेंद्र पांडे और कुछ अन्य कर्मचारी हमेशा की तरह उपस्थित थे, फिर अचानक मीडिया में खबर आने लगी कि मंत्री केदार कश्यप ने कर्मचारी खितेंद्र पांडे को बुरी तरह मारा है, सर्किट हाउस का कमरा नहीं खोलने से वह नाराज़ हैं, और तुरंत ही मीडिया के कुछ लोग उक्त कर्मचारी के बयान का वीडियो बना कर भेजने लगे। फिर क्या था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट भी सामने आ गया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है-सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की मां ही मां हैं, या सबकी मां भी मां हैं? इस सवाल का जवाब भाजपा को देना है। अगर देश की हर मां का सम्मान आप करते हैं, तो तुरंत गालीबाज मंत्री को बर्खास्त करने की हिम्मत दिखाइए। वास्तव में यह पूरा घटनाक्रम बड़ा ही नाटकीय प्रतीत होता है। केबिनेट मंत्री ने उसे कमरा नहीं खोलने पर कहते सवाल जवाब कर कर्मचारी को फटकार अवश्य लगाई थी। सर्किट हाउस के कुछ कर्मचारी बड़े बदतमीज है और कमरा बुक होने के बाद भी देने में आनाकानी करते हैं। कथित पीड़ित कर्मचारी का पिता भी बरसो से सर्किट हाउस में कम किया है और उक्त कर्मचारी भी आते जाते रहा है और पला है , जो सभी दलों के नेताओं और मंत्री से परिचित है जिसके कारण वह सबसे घुल मिल गया है कई बार पत्रवार्ता के दौरान कर्मचारी पत्रकारों से भी ठीक से पेश नहीं आते हैं। घटनाक्रम पर कर्मचारी शिवचरण यादव ने बताया कि मंत्री जी के साथ आए उनके समर्थक ने ही शिकायत की तो मंत्री नाराज हुए, क्योंकि हम लोग उन्हें 15 से 17 साल से जानते हैं आज तक कभी ऐसी बात नहीं हुई थी, चाहे कांग्रेस की सरकार हो या फिर बीजेपी की हम लोग सभी की आवभगत करते हैं, लेकिन कल मंत्री जी के समर्थक द्वारा हमारे सामने ही अव्यवस्था की शिकायत होने पर उक्त घटना घटित हुई। घटनाक्रम की नाटकीयता का आलम यह था कि चंद सेकंड में मसला रायपुर या पुरानी भिलाई में बैठे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी कानों तक पहुंच गई और धड़ाक से उनका ट्वीट भी आ गया

बैज ने दिखाई शालीनता

इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़े धैर्य और शालीनता का परिचय दिया है।. श्री बैज ने कथित पीड़ित कर्मचारी को फोन कर बातचीत की, उससे पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। घटना की पुष्टि होने के बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कर्मचारी से कहा कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस आपके साथ खड़ी है।

समर्थकों की साजिश?

दरअसल इस मामले में मंत्री के समर्थकों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि कर्मचारी ने मंत्री की सुरक्षा के लिहाज से कमरा खोलने से इंकार किया था, मगर समर्थकों ने इसे बेवजह तूल देकर मंत्री को भड़काने का काम किया है। इसके पीछे साजिश की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि घटना की बात जिस तेजी से फैली है, वह इस ओर संकेत करती है। इस मामले में नेता दोषी हैं, या उनके समर्थक? इस तथ्य का खुलासा होना अभी बाकी है। मगर यह बात जग जाहिर है कि बड़े नेताओं या मंत्रियों को अक्सर अपने समर्थकों की हरकतों के कारण ही शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। बस्तर की जनता मंत्री केदार कश्यप के व्यवहार से भलीभांति परिचित है।अपने सौम्य और शालीन व्यवहार के लिए वे जाने जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा एक कर्मचारी से दुर्व्यवहार किए जाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।

साइबर सेल और पुलिस को मिली बड़ी सफलता चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर आरोपी को उड़ीसा से किया गिरफ्तार

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पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक बालोद के निर्देशन में बालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर आरोपी काली प्रसाद मिश्रा को भुनेश्वर ओडिशा से गिरफ्तार करने में मिली कामयाबी।

दीगर राज्य से अपराधियों को पकड़ने में लगातार मिल रही बालोद पुलिस को सफलता ।

दीगर राज्य से अपराधियों को पकड़ने में लगातार मिल रही पुलिस को सफलता

आरोपी माइक्रिलीजिंग एंड फंडिंग लिमिटेड और माइक्रोफाइनेंस चिटफंड कंपनी का था डायरेक्टर ।

पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में,  पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर व उप पुलिस अधीक्षक बालोद देवांश सिंह राठौर के पर्यावेक्षण में थाना बालोद व साइबर सेल से एक टीम गठित कर चिटफंड के फरार आरोपी की पतासाजी हेतु भुनेश्वर ओडिशा राज्य भेजा गया, टीम द्वारा वहां कई दिन कैम्प कर लोकल इंट मुखबिर लगाकर और लोकल थाना के सहयोग से कई वर्षों से फरार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर काली प्रसाद मिश्रा को गिरफ्तार करने में बालोद पुलिस को सफलता मिली है।

बालोद के अपराध क्रमांक 609/2016 धारा:- 420, 34, 467, 468, 471,406 भादवि, 3, 4, 5 ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम, धारा 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधिनियम के तहत को चिटफंड कंपनी के डायरेक्टरों द्वारा लोगो का पैसों का ब्याज ज्यादा देने के नाम पर करोड़ों रुपए का अपने कंपनी में निवेश करा कर धोखाधडी किया गया था । जिस पर प्रकरण में कई वर्षों से फरार आरोपी केजी पतासाजी हेतु

साइबर और थाना बालोद से विशेष टीम बना कर निर्देशित किया गया था। टीम द्वारा आरोपी के संबंध में तकनीकी डेटा के आधार पर जानकारी एकत्र कर आरोपी की पुख्ता जानकारी होने पर विशेष टीम भुनेश्वर ओडिशा रवाना किया गया था। टीम वहां पहुंच कर कई दिन कैंप कर लोकल संनसूचना पर लोकल पुलिस की मदद से आरोपी की जानकारी प्राप्त कर आरोपी कालीप्रसाद मिश्रा को विधिवत गिरफ्तार कर जिला बालोद लाया गया ।

आरोपी अपने कथन में बताया कि वह एम0बी0ए0 तक का पढ़ाई किया है माईक्रोलिजिंग एण्ड फंडिग लिमिटेड, माईक्रोफाईनेंस कंपनी हेड ऑफिस भुनेष्वर(उड़िसा) का वर्ष 2004 से 2013-14 तक डारेक्टर रहा है। इस दौरान कंपनी के नियमानुसार छत्तीसगढ़ के बालोद जिला क्षेत्र में अपने एजेंट के माध्यम से विभिन्न निवेषको से लाभांष देने की बात बता कर करोडो़ रूपये कंपनी में जमा करवाये है। कंपनी ने जब जब भी निवेषको से रकम जमा करवाया और बाउंड पेपर में पावती दिए गए । सन् 2014 से 2016 के बीच कंपनी का जांच शासन के द्वारा करने लगा तब घबराकर उक्त कंपनी को जहॉ जहॉ ऑफिस खुला था उसे बंद कर दिये। आरोपी ने छत्तीसगढ़ में कंपनी की डायरैक्टरी से सन् 2013-2014 में रिजाईन दे दिया था, जब कंपनी के नाम पर छत्तीसगढ़ में कई जगह अपराध रजिस्टर्ड होने लगा तब से आरोपी गिरफतारी के भय से छीप कर रह रहा था। आरोपी कुछ पैसे अपने जान पहचान से उधार लेकर फिल्म लाईन में छोटे छोटे रिल्स बनाकर अपना जीवन यापन कर रहा है ।

गिरफ्तार आरोपी- 

1. काली प्रसाद मिश्रा पिता श्री दुर्गा प्रसाद मिश्रा उम्र 39 साल पता स्थाई पता मकान नंबर 11 आर्य भूमि हाउंसिग सोसायटी नियर सेंटजेवियर इंटरनेशनल स्कुल पटिया थाना चंद्रशेखरपुर जिला खोरदा भुनेष्वर(उड़िसा) वर्तमान पता डिवाईन्ड कलिंगा 6 फ्लौर फैलैट नंबर 602 थाना भरतपुर जिला खोरदा भुनेष्वर उड़िसा

चिटफंड के कई वर्षों से फरार आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, उप निरीक्षक श्रीमती कमला यादव,साइबर सेल प्रभारी स.उ.नि. धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र,आरक्षक भोप साहू ,संदीप यादव,पुरण देवांगन, गुलझारी साहू ,रवि साहू का विशेष सराहनीय योगदान रहा।

 

विश्व हिंदू परिषद की अपील” गणेश विसर्जन धार्मिक मान्यता अनुसार तय तिथि में सभी समितियां करें,नशापान करने वालों को कार्यक्रम से दूर रखे

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बालोद:- विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन ने जिले की सभी गणेश समितियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी समिति सदस्य व आयोजनकर्ता विसर्जन के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखे कि विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के विसर्जन के दौरान कोई भी नशा करके सनातन धर्म व देव विसर्जन में शामिल न हो विगत 10 दिनों से सनातन देव परंपरा से आप सभी ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की है, वहीं विसर्जन के दौरान कई लोग नशापान करके माहौल को दूषित करते हैं ,डीजे की धुन अश्लील गानों में नाचते हुए गणेश जी को विसर्जन करने ले जाते हैं, जो हमारी हिंदू सांस्कृतिक धार्मिक परंपरा नहीं है। इस प्रकार के कार्यों से समितियों का नाम भी खराब होता है वहीं हिंदू समाज के सामने अप्रिय स्थिति भी बनता है।

विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि नशापान करके गणेश विसर्जन करने से पुण्य के बजाय पाप लगता है। वहीं समाज में गलत संदेश जाता है इसलिए, संगठन ने कहा है कि विसर्जन के दिन आयोजन समिति नशापान करने वालों से दूर रहे और गणेश विसर्जन को पारंपरिक संगीत व ढोल बाजों के साथ पूरे विधि विधान से गणपति बप्पा का विसर्जन करें।

हिंदुत्व के मान-सम्मान को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी – विश्व हिंदू परिषद ने कहा है।की हिंदु धर्म को मजबूत करना, मान-सम्मान को बनाए रखने की जिम्मेदारी हम आप सभी पर है । जिस उत्साह व खुशी के साथ आप सभी ने शहर,नगर,गांवों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित किया है वास्तव में सनातन देव परंपरा का यह पर्व व अनुष्ठान से लाखों गणेश भक्तों को बप्पा का आशीर्वाद मिला हैं। व आपकी समितियों ने इसको और भी भव्य बनाया है। विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन आप सभी से यही अपील करता हैं कि गणेश विसर्जन को धार्मिक और पारंपरिक तरीके से तय तिथि के दिन एक साथ करने का एक पहल सभी सनातन धर्मप्रेमी बंधु करें जिससे धर्म समाज के बीच एक अच्छा धार्मिक वातावरण बने

जिले के सभी गणेश समितियों के युवाओं का अभिनंदन जिन्होंने अथक मेहनत व परिश्रम कर हिंदू धर्म सनातन समाज के देवता गणेश जी का स्थापना कर पूजा सम्पन्न की।

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व 2025

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  • डेरी गड़ाई रस्म संपन्न, बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी के रथारूढ़ होने नए रथ निर्माण की हुई शुरुआत

जगदलपुर, 05 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की दूसरी प्रमुख रस्म ‘डेरी गड़ाई’ आज पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। यह रस्म बस्तर दशहरा की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की परिक्रमा के लिए रथ निर्माण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करने की अनुमति प्राप्त हुई। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष  महेश कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक  किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर  डोमन सिंह, कलेक्टर  हरिस एस, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रतीक जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय समुदाय उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

बस्तर दशहरा पर्व के डेरी गड़ाई रस्म के तहत बिरिंगपाल गांव से विशेष रूप से लाई गई साल की पवित्र टहनियों को सिरहासार में खंभों के साथ विधि-विधानपूर्वक गाड़ा गया। यह प्रक्रिया पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के बीच मंत्रोच्चार और परम्परागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस रस्म का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। रस्म के दौरान सिरहासार में रथ निर्माण की अनुमति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।

डेरी गड़ाई रस्म के अवसर पर महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा को निभाया, जिसमें वे एक-दूसरे पर हल्दी छिड़ककर उत्सव की खुशी को साझा करती हैं। यह दृश्य स्थानीय संस्कृति की जीवंतता और सामुदायिक एकता को दर्शाता है। हल्दी खेलने की यह परंपरा उत्साह बढ़ाती है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती है। डेरी गड़ाई रस्म के समापन के साथ ही रथ निर्माण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है। इस कार्य को झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के कुशल कारीगर संपन्न करेंगे। ये कारीगर अपनी परंपरागत तकनीकों और औजारों का उपयोग करते हुए रथ को तैयार करेंगे, जो आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की रथारूढ़ होने के साथ परिक्रमा के लिए उपयोग किया जाएगा। रथ का निर्माण पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से किया जाता है, जिसमें आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं होता। यह प्रक्रिया न केवल कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती है। रथ का उपयोग बस्तर दशहरा के दौरान मां दंतेश्वरी की शोभायात्रा में किया जाएगा। यह रथ उत्सव का एक केंद्रीय प्रतीक है, जो मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। रथ की परिक्रमा बस्तर दशहरा के सबसे आकर्षक और धार्मिक दृश्यों में से एक होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। साथ ही देश-विदेश के सैलानी भी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के साक्षी बनते हैं।

विवादों में घिरा बस्तर दशहरा का भी प्रसाद, गैर हिंदू को प्रसाद बनाने की जिम्मेदारी

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  •  विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के प्रसाद पर उठे गंभीर सवाल
  • विश्व हिंदू परिषद ने जताई कड़ी आपत्ति, सौंपा ज्ञापन 

अर्जुन झा-

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी समेत देश के कुछ अन्य प्रमुख धर्म स्थलों के प्रसाद में कथित रूप से गौमांस और चर्बी की मिलावट की खबरों के बीच अब विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा का भी प्रसाद विवादों में घिर गया है। हालांकि बस्तर दशहरा के प्रसाद में मांसाहार की मिलावट जैसी कोई बात अब तक सामने नहीं आई है, मगर प्रसाद निर्माण और उसकी वितरण व्यवस्था की जिम्मेदारी जिस शख्स को दी गई है, उसकी आस्था और धर्म को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। इसका प्रबल विरोध शुरू हो गया है।

बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है और यह बस्तर संभाग समेत पूरे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों तथा सर्व हिंदू समुदाय की आस्था से जुड़ा बड़ा पर्व है। बस्तर दशहरा का आयोजन विगत 600 वर्षों से होता आ रहा है। यह बस्तर के लोगों की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस पर्व पर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना, अनुष्ठान और भोग अर्पण अत्यंत श्रद्धा और निष्ठा से संपन्न होते आए हैं। इस वर्ष प्रसाद मिष्ठान्न की निविदा एक ऐसे व्यक्ति को प्राप्त हुई है, जिसके प्रति आदिवासी समुदाय और सर्व सनातनी समाज के बड़े वर्ग में यह भावना है कि वह हमारे देवी-देवताओं और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था और सम्मान नहीं रखता। विगत कुछ वर्षों के अनुभवों ने भी इस जनभावना को और प्रबल किया है। इसी वजह से उस व्यक्ति को प्रसाद मिष्ठन्न निर्माण एवं व्यवस्था का ठेका दिए जाने का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है। ऐसे व्यक्ति के हाथों में प्रसाद की जिम्मेदारी होने से प्रसाद की पवित्रता और शुद्धता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यह सवाल हिंदूवादी संगठन खड़े कर रहे हैं।

 

इस मसले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। विश्व हिंदू परिषद ने ज्ञापन में कहा है कि बस्तर दशहरे जैसे महान पर्व पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कार्य स्वीकार्य नहीं होगा। अतः हम जिला प्रशासन से आग्रह करते हैं कि उक्त निविदा को निरस्त कर इसे ऐसे व्यक्ति या संस्था को दिया जाए जो परंपरा, आस्था और श्रद्धा का पूर्ण सम्मान करता हो।विहिप ने आगे कहा है- बस्तर दशहरा केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारी अस्मिता, श्रद्धा और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक भी है। इसकी पवित्रता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन और समाज, दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। विहिप नेताओं ने इस मुद्दे को बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप के समक्ष भी रखा है। इस पर  कश्यप ने विहिप के लोगों को भरोसा दिलाया कि वे यह इसे बस्तर दशहरा समिति में उठाएंगे। ज्ञात हो कि बस्तर सांसद परम सनातनी नेता माने जाते हैं और सनातन एवं आदिवासी परंपराओं, प्रथाओं, पूजा प्रथा के संरक्षण के लिए और कन्वर्जन के खिलाफ सदैव मुखर रहे हैं। अब देखना होगा कि बस्तर दशहरा के प्रसाद की पवित्रता एवं शुद्धता को लेकर वे क्या कदम उठाते हैं?

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