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पोटाकेबिन और आत्मानंद स्कूल में बदइंतजामी पर बिफरे भाजपा जिला अध्यक्ष, दिए सुधार के निर्देश

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  • जनप्रतिनिधि पहुंचे निरीक्षण करने स्कूल
  • मध्यान्ह भोजन में पाई गई खामी, हुए नाराज

भोपालपटनम बीजापुर जिला भाजपा अध्यक्ष घासीराम नाग ने भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम तारलागुड़ा स्थित पोटाकेबिन एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय का निरीक्षण किया। उनके साथ जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की साफ-सफाई एवं शौचालयों की दुर्दशा देखकर  नाग ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू के अनुसार नहीं परोसा जा रहा है। बच्चों को आलू और बड़ी परोसी जा रही थी, जबकि मीनू में प्रतिदिन अलग-अलग व्यंजन देने का उल्लेख है। नाग ने तत्काल मोबाइल के माध्यम से एबीओ श्रीनिवास एटला से बात कर स्थिति की जानकारी ली और उनसे पूछा कि नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि बच्चों को जो भोजन दिया जा रहा है, वह मीनू के अनुसार नहीं है। स्कूल में लगा मीनू चार्ट भी फटा हुआ और अधूरा है। इससे स्पष्ट होता है कि निगरानी की भारी कमी है।

प्रबंधन समिति को चेतावनी

जिला भाजपा अध्यक्ष घासीराम नाग ने विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को भी मौके पर बुलाया और उन्हें स्पष्ट कहा कि गांव के बच्चों की शिक्षा और भलाई के लिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे विद्यालय की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही को तुरंत रोकें।

निरीक्षण में ये भी रहे मौजूद

इस मौके पर अनेक जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैया, जनपद अध्यक्ष सरिता कुड़ेम, जनपद सदस्य रीना भगत, पूर्व जिला उपाध्यक्ष उगेंद्र वासम, पूर्व मंडल अध्यक्ष वेंकटेश्वर यालम, पूर्व सरपंच राजू कलमू, मंडल महामंत्री गिरिजा शंकर, अरुण भगत, गोविंद कुमरे, मंडल उपाध्यक्ष बीरा महेश ओबीसी जिला महामंत्री, नन्नू ओद्दी, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष संतोष टिंगे, तथा तारलागुड़ा के सरपंच काका भास्कर उपस्थित थे।जिला अध्यक्ष श्री नाग ने सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से अपील की कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मिलकर प्रयास करें और बच्चों को बेहतर भविष्य प्रदान करने हेतु समर्पित रहें।

सीआरपीएफजवान ने खुद को मारी गोली

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जगदलपुर बस्तर संभाग के मिनगाचल में सीआरपीएफ के एक जवान ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। जवान की मौके पर ही मौत हो गई। सीआरपीएफ की 22वीं वाहिनी में पदस्थ जवान पप्पू यादव ने आत्महत्या की है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जवान पप्पू यादव 29 जुलाई को ही छुट्टी से वापस लौटा था। उसने आज बुधवार को सुबह करीब 5 बजे अपनी सर्विस रायफल से स्वयं पर फायर कर आत्महत्या की। मृत जवान पप्पू यादव बिहार के भोजपुरी जिले के थाना चाल पोखरी अंतर्गत ग्राम ठाकुरी का निवासी था। नैमेड़ थाने में मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

 

स्वच्छता दीदियों को दिए रैनकोट

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जगदलपुर गार्बेज क्लीनिक बोधघाट सेंटर में आज स्वच्छता दीदियों को रेनकोट का वितरण किया गया। इस अवसर पर महापौर संजय पाण्डे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, पार्षद खगेंद्र ठाकुर, वार्डवासी एचबी सिंह, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत श्रीवास, रुपेश बिजोरा, दरोगा दामोदर कुमार उपस्थित रहे।

बस्तर संभाग अध्यक्ष पटवारी संघ बने ओम प्रकाश चंदेल

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जगदलपुर। बस्तर संभाग में राजस्व विभाग के लिए एक गर्व का क्षण तब आया, जब पटवारी संघ की बस्तर संभाग अध्यक्ष की जिम्मेदारी ओम प्रकाश चंदेल को सौंपी गई। वर्तमान में वे जगदलपुर ब्लॉक के खमरगांव हल्का में पदस्थ हैं। उनके अनुभव, कर्मठता और नेतृत्व कौशल को देखते हुए यह निर्णय लिया गया, जिसे लेकर विभाग में हर्ष और उत्साह की लहर है।

प्रकाश चंदेल के अध्यक्ष बनने पर उनके सहयोगियों, वरिष्ठ अधिकारियों और क्षेत्र के नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, श्री चंदेल ने हमेशा राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी है, जिससे वे सभी के बीच सम्मानित और लोकप्रिय बने हुए हैं।

पटवारी संघ को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में न केवल संघ की गतिविधियाँ और अधिक सक्रिय होंगी, बल्कि राजस्व विभाग की समस्याओं के समाधान में भी नई गति आएगी। उनके अध्यक्ष बनने से बस्तर संभाग में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वर्ग ने आशा जताई है कि श्री चंदेल के कुशल मार्गदर्शन में विभागीय कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावशाली और जनोन्मुखी बनेगी।

मुझे फिक्र नहीं अपनी सेहत की, फिक्र है तो अवाम की; नए अवतार में महापौर संजय पाण्डेय

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  •  दुकानों में जाकर अपने हाथों से अलग करते रहे सूखा और गीला कचरा
  • डॉ. मुखर्जी वार्ड में मेयर ने चलाया स्वच्छता जागरूकता अभियान

अर्जुन झा-

जगदलपुर मुझे फिक्र नहीं अपनी सेहत की, अपने परिवार की, फिक्र है मुझे अपनी अवाम की। अपनी अवाम के लिए जान भी कुर्बान हो जाए, तो गम नहीं। इन पंक्तियों को चरितार्थ कर रहे हैं युवा जोश और अपार ऊर्जा से भरे जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय। भाजपा का सिद्धांत भी यही है कि सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम। महापौर संजय पाण्डेय अपनी पार्टी के इस सिद्धांत का अक्षरशः पालन कर रहे हैं। आज बुधवार को सुबह महापौर संजय पाण्डेय का जो अवतार दिखा, उसने हर किसी का दिल जीत लिया। घर घर और दुकान दुकान जाकर महापौर संजय पाण्डेय अपने हाथों से सूखा और गीला कचरा अलग कर डस्टबिन में रखते रहे। इसके लिए वे लोगों को समझाईश भी लगातार देते रहे।

अपने निर्वाचन के बाद से महापौर संजय पाण्डेय जगदलपुर शहर को ग्रीन एवं क्लीन बनाने के मिशन में जुटे हुए हैं। उनका फोकस नगर के समग्र विकास के साथ ही स्वच्छता पर भी है। वे अक्सर हाथों में झाडू लेकर शहर के गली कूंचों की सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। उनके नेतृत्व में नगर में लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।स्वच्छता जागरूकता अभियान की आज से वार्डवार शुरुआत की गई। इस महाअभियान का शुभारंभ डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड से किया गया। महापौर संजय पाण्डे के नेतृत्व में रैली की शक्ल में घर-घर दस्तक देकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। मालूम हो कि नगर निगम का यह अभियान अगले कुछ दिनों तक अन्य वार्डों में भी संचालित किया जाएगा ताकि संपूर्ण शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाया जा सके। महापौर संजय पाण्डे ने वार्डवासियों से विशेष आग्रह किया कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में एकत्रित करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ स्वच्छता की दिशा में एक कदम नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण की नींव भी है। जिन घरों और दुकानों में गीला और सूखा कचरा एक साथ मिला पाया गया, वहां स्वयं महापौर संजय पाण्डेय ने खुद अपने हाथों से छांट छांट कर सूखे एवं गीले कचरे को अलग अलग डस्टबिन तथा नगर निगम के कचरा वाहन में डाला। उन्होंने लोगों को समझाइश दी कि दो अलग-अलग डब्बों में कचरा रखें। महापौर ने बताया कि जिन घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दिया जाएगा, उन्हें आने वाले दिनों में शासन द्वारा डस्टबिन प्रदान किए जाएंगे। महापौर ने यह भी कहा कि यदि कचरा गाड़ी नियमित रूप से नहीं आती है तो पहले वार्ड मेट और पार्षद को इसकी जानकारी दें, यदि इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। इस अभियान में महापौर स्वयं अपनी टीम के साथ वार्ड में निकले और एक-एक घर जाकर नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने निवासियों से विनम्रता से आग्रह किया कि वे अपने घरों में दो डस्टबिन अवश्य रखें। एक में गीला कचरा और दूसरे में सूखा कचरा रखें। कचरा सिर्फ नगर निगम की गाड़ी को ही दें, सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर न डालें। अभियान में महापौर के साथ नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, स्वच्छता एम्बेसडर रामनरेश पांडे, संतोष कुमार नाग, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, निर्मल पाणिग्रही, त्रिवेणी रंधारी, वार्ड पार्षद उर्मिला यादव, पूर्व पार्षद राजपाल कसेर, वार्डवासी गोविंद पाल, रामचंद्र शाहा, देवेंद्र देवांगन, पप्पू वर्मा, राजेंद्र पांडे, श्रीपाल, डॉ. मनोज पाणिग्रही, गणमान्य नागरिक, नगर निगम स्टाफ रुपेश बिजोरा, दामोदर कुमार उपस्थित रहे।

बिग ब्रेकिंग दल्ली राजहरा बीएसपी अधिकारी की पत्नी ने घर में की आत्महत्या

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बिग ब्रेकिंग दल्ली राजहरा वार्ड क्रमांक 1 में बीएसपी क्वार्टर नंबर 07 आई वी डी टाइप में रहने वाली अर्पिता चतुर्वेदी उम्र 43 वर्ष नाम की विवाहित महिला ने घर में फाशी लगाकर आत्महत्या कर ली महिला पूर्व में बालोद महाविद्यालय में बायो टेक्नालॉजी अतिथि प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दी थी वर्तमान में पुनः अतिथि प्राध्यापक के लिए पत्र जारी हुआ था महिला का पति दल्ली राजहरा में माइंस में उच्च अधिकारी पद पर कार्यरत था यहां से प्रमोशन पर नंदिनी माइंस डीजीएम के पद पर कार्यरत है आत्महत्या का कारण अज्ञात है घटना दिनांक महिला द्वारा पति का फोन न उठाए जाने पर पुलिस थाने में सूचना दी गई जिस पर थाना राजहरा स्टाफ मौके पर पहुंचकर संदिग्ध स्थिति देखने पर घर के दरवाजे तोड़कर देखा गया महिला फांसी पर लड़की हुई दिखी जिस पर पुलिस द्वारा अपने उच्च अधिकारी को सूचित किया गया जिस पर की आज सुबह पुलिस अधिकारी अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे जिसमें फॉरेंसिक टीम के साथ दल्ली राजहरा सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश साहू पुलिस अधीक्षक चित्रा वर्मा मौके पर उपस्थित होकर घटना स्थल की तहकीकात की शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजागया आगे के कार्यवाही जारी है

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विद्युत दुर्घटना में मृत फलेश्वर यादव के पिता को प्रदान किया 04 लाख रूपए अनुग्रह राशि का चेक 

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बालोद, 29 जुलाई 2025 कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में विद्युत दुर्घटना में मृत फलेश्वर यादव के पिता श्री शिव कुमार को 04 लाख रूपए की सहायता राशि का चेक वितरण किया। विद्युत विभाग के कार्यापालन अभियंता ने बताया कि जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम घोघोपुरी निवासी श्री फलेश्वर यादव 17 फरवरी 2025 को ग्राम सनौद में आयोजित शादी समारोह में बाजा बजाने आया था। विवाह कार्यक्रम के दौरान समारोह में लगाए गए टेंट मंे बिजली प्रवाहित होने पर वह टेंट में लगे लोहे के संपर्क में आने से फलेश्वर यादव की मृत्यु हो गयी थी। इस घटना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी व राज्य सरकार द्वारा मुआवजे के प्रावधान के अनुसार मृतक के उत्तराधिकारी पिता शिवकुमार यादव को चेक के माध्यम से 04 लाख रूपये का मुआवजा राशि प्रदान किया गया है।

 

बीईओ भारद्वाज का निलंबन आदेश हाईकोर्ट से निरस्त; फिर से सम्हालेंगे जगदलपुर खंड शिक्षा अधिकारी की कुर्सी

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  •  प्रभारी बीईओ वापस भेजे जाएंगे मूल संस्था में
  • चार अतिशेष शिक्षकों का पदस्थापना आदेश भी किया गया निरस्त

जगदलपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगदलपुर मानसिंह भारद्वाज के निलंबन आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है।  भारद्वाज अब फिर से यहां बीईओ की कुर्सी सम्हालेंगे। प्रभारी बीईओ को उनकी मूल संस्था में वापस भेजा जाएगा। इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने युक्तियुक्तकरण के तहत की गई चार शिक्षकों की पदस्थापना के आदेश को रद्द कर दिया है।

उल्लेखनीय है प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन द्वारा 6 जून को युक्तियुक्तकरण के लिए शिक्षकों और स्कूलों की गलत जानकारी देने एवं बैठक में उपस्थित न होने के आरोप में जगदलपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज को निलंबित कर दिया गया था। उस समय भारद्वाज पारिवारिक शोक कार्यक्रम के सिलसिले में मध्यप्रदेश के सिवनी गए हुए थे। प्रशासन की इस कार्रवाई की वजह से उन्हें यह कार्यक्रम बीच में छोड़कर जगदलपुर लौटना पड़ा था। अपने निलंबन को चुनौती देते हुए मानसिंह भारद्वाज ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मानसिंह भारद्वाज याचिका की सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा उनका निलंबन आदेश निरस्त कर उन्हें पुनः उसी कार्यालय में पदस्थ करने का शासन को आदेश शासन को दिया गया है। कोर्ट से मिली इस बड़ी राहत के बाद भारद्वाज जगदलपुर बीईओ कार्यालय में आज ज्वाईनिंग देने पहुंचे। प्रभारी बीईओ अनिल दास की अब वहां छुट्टी होना तय है। उन्हें उनकी मूल संस्था में वापस भेजा जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज के निलंबन के बाद उनके स्थान पर अनिल दास को प्रभारी बीईओ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भारद्वाज ने बताया कि 28 जुलाई को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने निलंबन आदेश निरस्त कर दिया है। भारद्वाज ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार आज बीईओ कार्यालय में अपनी ज्वाइनिंग देंगे। अब देखना होगा कि कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन आहरण एवं वितरण का अधिकार किसे देता है।

4 शिक्षकों की पदस्थापना निरस्त

राज्य शासन द्वारा चलाई गई शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत भारी तादाद में शिक्षक प्रभावित हुए थे। शिक्षकों की नई जगहों के लिए पदस्थापना आदेश जारी किए गए थे। स्कूलों में अतिशेष शिक्षक होने पर उनकी दूसरे स्कूलों में पदस्थापना की गई थी।

जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने 4 अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना के आदेश को निरस्त करते हुए उन्हें उनकी पूर्व संस्थाओं में भेजने का नया आदेश जारी किया है। इनमें अतिशेष सहायक शिक्षिका एलबी शशि किस्पोट्टा को प्राथमिक शाला मांझीगुड़ा जगदलपुर ब्लॉक से बस्तर ब्लॉक के बागबाहर रोतमा पदस्थ किया गया था। वीणा गुप्ता को बस्तर विकासखंड के भानपुरी भेजा गया था। श्रृंखला पाढ़ी को विवेकानंद विद्यालय जगदलपुर से बस्तर बागमोहलई भेजा गया था। हरदीप कौर को प्राथमिक शाला खूंटपदर से बकावंड विकासखंड के पाहुरबेल में पदस्थापना kaआदेश जारी किया गया। इनके द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदनों के परीक्षण उपरांत स्वास्थ्यगत कारणों का हवाला देते हुए अतिशेष शिक्षक स्थापना आदेश निरस्त कर उन्हें पूर्व में पदस्थ शालाओं में यथावत रखने के लिए आदेश जारी किया गया है।

पर्यावरण को संरक्षित करने धीगरमल ने वनमित्रा चुल्हा का किया आविष्कार

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  •  शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ने मुख्य शोधकर्ता के प्रयास पर लगाई मुहर
  • विज्ञान एवं पौद्योगिक परिषद रायपुर को भेजा पत्र
  • छ.ग. विज्ञान एवं प्रौद्योगिक परिषद ने पेटेंट फाईलिंग के लिए नई दिल्ली में सम्बधित विभाग निर्देशक को लिखा पत्र
  • वनमित्रा के उपयोग से लकड़ी और गैस की होगी बचत

नवीन गुप्ता

जगदलपुर। पर्यावरण को संरक्षित करने एवं जंगलों की हो रही कटाई से बचाने के लिए शहर के एक 73 वर्षीय मुख्य शोधकर्ता धींगरमल खत्री अपने अथक प्रयास एवं शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के सहयोग से वनमित्र नामक चुल्हा का आविष्कार किया है। जिसका उपयोग धान के भूसा द्वार संचालित होगा जिसमें लकड़ी की आवश्यकता नाम मात्र होगी। 20 रूपये के खर्च में वनमित्रा चुल्हा से निकलने वाला ईंधन से 50 व्यक्तियों का भोजन तैयार करने की क्षमता है। जिसका उपयोग घर के रसोईसे लेकर उद्योग हेतु समान एवं सहज में किया जा सकता है। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज जगदलपुर प्राचार्य डॉ. अशोक दुबे, डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने मौके का मुआयना कर पर्यावरण संरक्षित के दिशा में बेहतर शोध बतया है। उक्त उपकरण को पेटेंट फाईलिंग के लिये इंजीनियरिंग कॉलेज जगदलपुर द्वारा रायपुर विज्ञान एवं प्रौद्योगिक परिषद को पत्र भेजा जा चुका है। रायपुर से संबंधित विभाग द्वारा मई 2022 को वनमित्र के पेटेंट फाईलिंग के लिये निर्देशक यशवंत देव पनवार विज्ञान एवं औद्योगिकी विभाग रायपुर को पत्र भेजा चुका है। जो दिल्ली में संबंधी विभाग से अनुमति का इंतजार है।

जिले के जगदलपुर कुम्हारपारा निवासी मुख्य शोधकर्ता धींगरमल खत्री के द्वारा वनमित्रा चुल्हा का आविष्कार किया जा चुका है। जिसके पेटेंट फाईलिंग के लिये सबंधित विभाग नई दिल्ली को भेजा जा चुका है। वनमित्रा चुल्हा के निर्माण में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्राचार्य दुबे के मागर्दशन में महाविद्यालय यांत्रिकी विभाग के सहयोगी खत्री द्वारा देश के हित में वन संरक्षण के उद्देश्य से धान भूसा द्वारा संचालित वनमित्रा चुल्हा विकसित किया गया है। जिसमें लकड़ी की आवश्यकता नाम मात्र की होती है तथा यह पूर्ण रूपेण पर्यावरण को संरक्षित कर धान भूसा एवं खरपतवार के उपयोग से संचालित होती है। उक्त चुल्हे में ईंधन के रूप में धान की पलारी सुखे पत्त्ते, घांस, छोटी सूखी झाड़ी इस प्रकार से अन्य सूखी वनस्पति का उपयोग किया जा सकता है। उक्त चुल्हा घर को वायुप्रदूषण मुक्त रखने के लिए चिमनीका उपयोग कर घर के वातावरण को स्वच्छ रखा जा सकता है।

लकड़ी की होगी बचत:- 

वनमित्रा चुल्हा का उपयोग से लकड़ी की बचत होगी। ग्रामीण इलाकों में भोजन पकाने के लिये बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई हो रही है जिसे पर्यावरण की समस्या बढ़ने लगी है। उक्त चुल्हा 2 फीट उंचाई एवं गोलाई का आकार का है। जिसमें हवा हेतु इनलेट वाल्व लगाया गया है। बर्नर, फिल्टर, चिमनी, फ्यूट इन्ट्री गेट लगा हुआ है। बताया गया है 20 रूपये के खर्च में 50 व्यक्तियों का भोजन तैयार करने की क्षमता है। उक्त उपकरण का बाजार में लांच करने केन्द्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अनुमति का इंतजार है। वहां से अनुमति मिलते ही यह संबंधित आविष्कार के माध्यम से उपलब्ध होगा।

वनमित्रा चुल्हा के आविष्कार खत्री ने बताया कि वनमित्रा चुल्हा का उपयोग से पेट्रोलियम पदार्थ के आयात का बढ़ता बोझ में वृहद रूप में कमी आयेगी देश के नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगा। उन्होंने बताया कि गांव में गृहणियों को चावल के साथ-साथ पकान हेतु इको फेे्रंडली ईंधन भी सुलभ होगा।

पेटेंट फाईलिंग क्या है?

भारत में पेटेंट प्राप्त करने से मुख्य शोधकर्ता को फाईल करने की तारीख से लगभग 20 वर्षो तक अपना आविष्कार बनाने उपयोग करने और बेचने का पूरा अधिकार मिलता है। यह आविष्कारक के अनुमति के बिना किसी अन्य द्वारा कॉपी या इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

जगदलपुर में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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जगदलपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के निर्देशानुसार एवं डी.पी.एम. (शहरी) पी.डी. बस्तिया के मार्गदर्शन में 28 जुलाई 2025 को शहरी क्षेत्र के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में विश्व हेपेटाइटिस दिवस “Let’s Break It Down” थीम पर मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन को हेपेटाइटिस बी की गंभीरता, इसके कारणों, लक्षणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस बी एक गम्भीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्यतः लिवर को प्रभावित करता है। समय पर इलाज नहीं होने पर यह लिवर सिरोसिस, फेल्योर अथवा कैंसर जैसे जानलेवा रोगों का कारण बन सकता है।

कार्यक्रम में बताया गया कि यह संक्रमण संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित चिकित्सा उपकरण, तथा मां से बच्चे में प्रसव के दौरान फैल सकता है। टैटू या पियर्सिंग के दौरान अस्वच्छ सुइयों का उपयोग भी इसके प्रसार का कारण बनता है।

हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक थकावट, भूख न लगना, मतली, हल्का बुखार, पेट दर्द, गहरा रंग का पेशाब, त्वचा और आंखों का पीलापन (पीलिया) आदि शामिल हैं। कई मामलों में प्रारंभिक अवस्था में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे यह और भी खतरनाक हो जाता है।

बचाव के लिए टीकाकरण सबसे कारगर उपाय बताया गया। नवजात शिशुओं, बच्चों व उच्च जोखिम समूहों के लिए हेपेटाइटिस बी का टीका अनिवार्य बताया गया। साथ ही, सुरक्षित यौन संबंध, स्वच्छ सिरिंज का उपयोग, व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा न करना, और टैटू/पियर्सिंग के दौरान सेनेटाइज्ड उपकरणों का इस्तेमाल जैसे सावधानियों पर भी बल दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान लोगों को निःशुल्क परामर्श, जानकारी और स्क्रीनिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

इस अवसर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुम्हारपारा से डॉ. विराट तिवारी, डॉ. मोमीता बसाक, डॉ. नमन जैन, डॉ. अपूर्वा शुक्ला, डॉ. तृषा अवस्थि, प्रशांत श्रीवास्तव, युवराज बघेल, एनी भूषणम, दिनेश सलाम, मीता घोष, डोमेश्वर एवं अनामिका दुबे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। साथ ही बड़ी संख्या में मितानिनें एवं वार्डवासी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य था कि लोगों को इस गंभीर संक्रमण के प्रति सजग किया जाए और समय पर जांच व इलाज कराकर समाज को हेपेटाइटिस मुक्त बनाया जा सके।

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