डीएमएफ से राशि मिलने के बाद भी अधूरा पड़ा है खैरगुड़ा का शाला भवन

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गहराई फंड की राशि के गबन की आशंका

खतरे में पड़ी है बच्चों की जान, प्रशासन है मौन

बकावंड सुशासन और विकास के दावों के बीच बस्तर जिले की ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा (मधोता-2) के खैरगुड़ा में अधूरा पड़ा प्राथमिक शाला भवन शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है। जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) से इस भवन के लिए लाखों रुपए स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्तमान में भवन की दीवारें अधूरी हैं, छत का निर्माण नहीं हुआ है और खुले में खड़े सरिए लगातार बारिश और धूप की मार झेलते हुए जंग खा रहे हैं। इस स्थिति से न केवल शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका गहरा रही है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। गौरतलब है कि इस गंभीर मामले को हमारे समाचार पत्र ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। समाचार का उद्देश्य संबंधित विभाग और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर समय रहते निर्माण कार्य पूरा कराना तथा किसी संभावित दुर्घटना को रोकना था। मगर आज तक न तो निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ किया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई या जवाबदेही तय की गई।

इससे ग्रामीणों एवं पालकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। अब देखना यह होगा कि सुशासन के दावों के बीच जिला प्रशासन इस अधूरे स्कूल भवन को लेकर कब तक मौन रहता है, या फिर बच्चों के सुरक्षित भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाता है?*बॉक्स**सचिव को दिया है निर्देश: देवांगन*बस्तर की विकासखंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने बताया कि भवनों का निरीक्षण किया गया है। डीएमएफ मद वाले भवन की कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत है। सचिव को काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्य पूर्ण कराने के लिए जनपद सीईओ बस्तर को पत्र भी लिखा गया है। इस संवाददाता ने इस संबंध में जानकारी के लिए जनपद पंचायत बस्तर के सीईओ को फ़ोन किया, मगर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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