नारायणपुर पूर्व विधायक चन्दन कश्यप ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार द्वारा विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय स्तर पर नहीं मनाया जाना आदिवासी समाज की अस्मिता और सम्मान का अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी समाज से जुड़ी है और मुख्यमंत्री भी आदिवासी समुदाय से आते हैं, इसके बावजूद सरकार का इस महत्वपूर्ण दिवस से दूरी बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कश्यप ने कहा कि वर्ष 2023 से पहले भाजपा नेता भी विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनका दृष्टिकोण बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस आदिवासियों की स्वतंत्र संस्कृति और पहचान को कमजोर कर उन्हें ‘वनवासी’ की पहचान तक सीमित करना चाहती है।उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अस्मिता, अधिकारों तथा जल, जंगल और जमीन से जुड़े संघर्षों को सामने रखने का दिन है। छत्तीसगढ़ की पहचान आदिवासी संस्कृति के बिना अधूरी है और इसके संरक्षण के लिए सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।कश्यप ने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर सहित सभी ज्ञात-अज्ञात आदिवासी वीरों को नमन करते हुए कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है, जबकि कांग्रेस आदिवासी समाज की संस्कृति, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।प्रेस वार्ता में प्रदेश पदाधिकारी रजनू नेताम, देवनाथ उसेंडी, शिव कुमार पांडे, बिसेल नाग, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान, कोषाध्यक्ष वी.पी. शुक्ला, संगठन महामंत्री संजय राय, प्रशासनिक महामंत्री तौहीद खान, शहर प्रभारी रवि देवांगन, प्रवक्ता अमित भद्र, शहर अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, ब्लॉक अध्यक्ष पंडी वड्डे, महेश कश्यप, मलेश मंडावी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष बोधन देवांगन, एनएसयूआई अध्यक्ष विजय सलाम, जय वट्टी, महामंत्री राजू देहारी, शब्बीर भाईजान, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नेलवाल, इरफान खान, राकेश केशरिया, रमेश ध्रुव, शेख सर्वर, चैनसिंह भोयर, सूनीलाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



