जगदलपुर, 27 सितंबर । नक्सल मुक्त बस्तर को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल परियोजना का 95 किलोमीटर लंबा रेल कारिडोर अब पूरा हो गया है। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी–रावघाट अंतिम खंड का काम पूरा होने पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया पर परियोजना से संबंधित वीडियो साझा करते हुए कहा कि इस रेल लाइन से लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए जिस दल्लीराजहरा–रावघाट रेल कनेक्टिविटी काे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव महत्वपूर्ण उपलब्धि बता रहे हैं, वास्तव में यह बस्तर के लिए जब तक महत्वपूर्ण उपलब्धि नही हाे सकती जब तक दशकाे से अटकी पड़ी जगदलपुर–रावघाट रेल परियोजना पूरी नही हाे जाती। उन्हाेने कहा कि बस्तर की जनता के लिए पहले भी बैलाडीला के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए बस्तर तक रेल लाईन पंहुचाई गई लेकिन बस्तर की जनता के लिए यात्री रेल सेवा की सुध नही ली जा रही है। भाजपा की डबल इंजिन की सरकार ने जगदलपुर–रावघाट यात्री रेल सेवा परियोजना काे अटकाकर यह साबित कर दिया है कि उसे बस्तर की जनता के लिए यात्री रेल सेवा से काेई मतलब नही है। उन्हे सिर्फ बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए नई रेल परियोजना बन जाने से छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि दिखता है। यह बस्तर की जनता के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रही है, जिसे बस्तर की जनता देख रही है, और समझ रही है, इसका जवाब आगामी विधानसभ चुनाव में बस्तर की जनता देगी। उन्हाेने कहा कि इन दिनाें बस्तर में भाजपा की डबल इंजिन की सरकार सिर्फ एक काम करने में लगी हुई है। जहां भी बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन की संभावना है वहां तत्काल नई रेल परियोजना की शुरूआत कर उन लाैह अयस्क का दाेहन के लिए अपने उद्याेगपित साथियाें काे बेचने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। वही जगदलपुर-रावघाट की अटकी यात्री रेल सेवा परियोजना बस्तर की जनता के लिए एक मजाक बनकर रह गई है।






