इंद्रावती बाढ़ पीड़ित किसानों के हक में मैदान पर उतरे जनपद सदस्य राजू सोढ़ी

0
10

शासन-प्रशासन से सोढ़ी ने की की पर्याप्त मुआवजे की मांग

6 नवंबर की किसान महा रैली एवं कलेक्टर कार्यालय घेराव आंदोलन को दिया पूर्ण समर्थन

जगदलपुर दरभा जनपद पंचायत के सदस्य राजू सोढ़ी ने इंद्रावती नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने 6 नवंबर को प्रस्तावित किसान महारैली एवं कलेक्टर कार्यालय घेराव का समर्थन किया है। जनपद सदस्य राजू सोढ़ी ने कहा है कि इंद्रावती नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण अनेक ग्रामीण परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वहीं हजारों किसानों की धान सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।

इसके बावजूद प्रभावित किसानों और परिवारों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है। राजू सोढ़ी ने कहा है कि किसान फसल बीमा, उचित मुआवजा और कर्ज माफी की मांग को लेकर लगातार कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। विगत दिनों भी किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। क्षेत्र के विधायक, सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को भी किसानों की इस गंभीर समस्या को मजबूती से उठाना चाहिए। सरकार की उदासीनता के चलते किसान आर्थिक संकट और भविष्य की चिंता से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर को किसानों द्वारा आयोजित महारैली एवं कलेक्टर कार्यालय घेराव आंदोलन किसानों के हक और अधिकार की जायज लड़ाई है। इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए उन्होंने सभी किसान भाइयों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से एकजुट होकर किसानों की आवाज बुलंद करने की अपील की। जनपद सदस्य राजू सोढ़ी ने बताया कि किसानों की प्रमुख मांगें बाढ़ प्रभावित फसलों का निष्पक्ष एवं वास्तविक सर्वे कराकर नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए। बाढ़ प्रभावित खसरों में दर्ज कृषि ऋण माफ किया जाए।आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए तथा गंभीर रूप से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 50,000 तक की विशेष राहत प्रदान की जाए। पात्र किसानों को फसल बीमा एवं कृषि बीमा की राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। बस्तर जिले के लिए विशेष राहत एवं पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया जाए। क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर 1.20 लाख से 2.50 लाख रुपए तक आवासीय सहायता दी जाए। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता राशि 10,000 से बढ़ाकर 50,000 की जाए। पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता दी जाए तथा वीबी- जी राम जी योजना के अंतर्गत 50 हजार रुपए तक अतिरिक्त मजदूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए। सोढ़ी ने कहा कि किसानों की मांग कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनके जीवन, परिवार और आजीविका से जुड़ा न्याय का सवाल है। जिन किसानों ने अपनी मेहनत से अनाज पैदा किया, आज वही किसान बाढ़ की मार से आर्थिक संकट में हैं। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों के साथ खड़ी हो और उन्हें उनका अधिकार दिलाए। श्री सोढ़ी ने कहा है कि जब तक बाढ़ पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा, कृषि ऋण माफी और सम्मानजनक राहत नहीं मिलेगी, तब तक किसानों की आवाज बुलंद होती रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here