- 34 हजार आदिवासियों को नहीं दी गई थी राशि
जगदलपुर रायपुर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल वन विभाग दफ्तर सुकमा पहुंचा। तेंदूपत्ता बोनस वितरण में मामले में जांच करने वाले दल का बयान एसीबी की टीम ने दर्ज किया। बयान लेने के बाद सुकमा के पूर्व डीएफओ अशोक पटेल के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जाना है।
अशोक पटेल के खिलाफ एसीबी कार्रवाई कर रिमांड उसे पर जेल भेजा चुका है। सुकमा वन मंडल में वर्ष 2021-22 में लगभग 34 हजार संग्रहको को बोनस नही मिलने की शिकायत के बाद जांच बैठाई गई थी। जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। इस मामले को लेकर सुकमा वन मंडलाधिकारी अशोक पटेल को निलंबित किया गया है। इस प्रकरण की जांच करने के लिए मंगलवार को रायपुर से एसीबी की जांच टीम जगदलपुर पहुंची और तेंदूपत्ता शाखा में मामले की जांच करने वाले जांच दल का बयान दर्ज किया। सुकमा वन मंडल में वर्ष 2021

व 22 में वहां के हजारों संग्रहको को तेंदूपत्ता बोनस वितरण नही होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद बस्तर डीएफओ के नेतृत्व में 8 सदस्यों की टीम गठित की गई थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि वर्ष 2021 में 15 प्राथमिक समितियों द्वारा तेंदूपत्ता बोनस वितरण में करीब 21 हजार 225 संग्रहको को 3 करोड़ 16 लाख 12 हजार 11 रुपये का वितरण नही हुआ, इसके अलावा वर्ष 2022 में 10 प्राथमिक समितियों के 13 हजार 1 सौ 97 संग्रहको को 2 करोड़ 58 लाख 69 हजार 975 रुपये का भुगतान नही हुआ। ज्ञात हो कि इस मामले में एसीबी की टीम डीएफओ के ठिकाने पर छापामार कार्रवाई करते हुए अनियमितता के मामले में रिमांड पर जेल भेज चुकी है। वहीं इसमें संलिप्त सुकमा वन मंडल के 9 प्रबंधकों को भी एसीबी पूर्व में बयान के लिए तलब कर चुकी है। इस मामले में संलिप्त 10 वन प्रबंधकों को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई भी की जा चुकी है।



