कांग्रेस की काली करतूत आपातकाल से देश को परिचित होना जरूरी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव

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  • कांग्रेस के दामन पर देश में इमरजेंसी लगाने का कलंक
  • सत्ता में बने रहने कांग्रेस ने देश को आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा: देव

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा देश में जबरिया थोपे गए आपातकाल की 50वीं बरसी बुधवार को कालादिवस के रुप में मनाया और आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सर्वाधिक काला अध्याय निरूपित किया। भाजपा जिला कार्यालय में आपातकाल काला दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण सिंह देव शामिल हुए।

इस अवसर पर किरण सिंह देव ने कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का कलंक है, जिसे कांग्रेस के अत्याचारी शासन में देश व देशवासियों ने भोगा है। आपातकाल के संबंध में आज देश के प्रत्येक युवा व नागरिकों को जानना चाहिए। किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस की तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को अपनी सत्ता बचाने के लिए समूचे देश को आपातकाल की कैद में डाल दिया था। लगातार 19 महीने चले आपातकाल में नागरिकों को बोलने की स्वतंत्रता नहीं थी, समाचार पत्रों में निष्पक्ष लिखने की स्पष्ट मनाही थी, लाखों लोगों को रातोंरात जेलों में बंद कर दिया गया था। जिसने भी सरकार के विरुद्ध आवाज उठाई, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाता था। एक तानाशाही शासन कैसे होता है, यह कांग्रेस ने अपनी सरकार चलाने के लिए किया। किरण सिंह देव ने कहा कि देश के उन कठिनतम समय की कल्पना तक हम नहीं कर सकते कि देश के एक-एक नागरिक के मौलिक अधिकार तक कांग्रेस ने छीन लिए थे। आज उसी कांग्रेस के नुमाइंदे देश के लोकतंत्र को बचाने की दुहाई देकर ओछी राजनीति करने से बाज नही आ रहे हैं। किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस के आपातकाल के कलंक को भारतीय जनता पार्टी काला दिवस कहती है। देश व समग्र देशवासियों को कांग्रेस की ऐसी काली और जघन्य करतूत की जानकारी होनी चाहिए।

सत्ता लोलुप है कांग्रेस: पांडे

भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करने की दोषी कांग्रेस है। देश में आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने इसे स्वयं साबित किया था। देश में आपातकाल का वह भयावह दौर और कांग्रेस की ऐसी सच्चाई से समूचे देश को बारंबार अवगत होना चाहिए। महज सत्ता में बने रहने के स्वार्थ में कांग्रेस ने देश को आपातकाल की बेड़ियों से जकड़ दिया था।

कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री नरसिंह राव व आभार प्रदर्शन रजनीश पाणिग्रही ने किया। संगोष्ठी आयोजन में प्रमुख रूप से लच्छूराम कश्यप, योगेन्द्र पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, श्रीधर ओझा, खेमसिंह देवांगन, सफीरा साहू, आर्येन्द्र आर्य, प्रदीप देवांगन, सुरेश गुप्ता, राजेंद्र वाजपेयी, शशिनाथ पाठक, योगेश शुक्ला, संजय चंद्राकर, अतुल सिम्हा, विपिन मालवीय, त्रिवेणी रंधारी, यशवर्धन राव, दिगंबर राव, संतोष वाजपेयी, विक्रम सिंह यादव, आशुतोष पाल, मनोज पटेल, श्रीपाल जैन, अभिषेक तिवारी, अमित कपूर, अविनाश सिंह, हरीश पारेख, दिलीप झा, श्याम सुंदर बघेल, आशा साहू, ममता राणा, गीता नाग, किरण सेन, वीरेंद्र जोशी, राजेश दास, परेश ताती, दिलीप सुंदरानी, योगेश मिश्रा, विनोद पाण्डेय, योगेश पाणिग्रही आदि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।