जरूरतभर की खाद न मिलने से कृषि केंद्रों में लूट का शिकार हो रहे हैं किसान

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  • किसानों से मनमानी कीमत वसूल रहे व्यापारी 

पवन कुमार नाग-

बकावंड सोसायटियों में खाद की किल्ल्त का बेजा फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। व्यापारी मजबूर किसानों से खाद की मोटी कीमत वसूलने में लगे हुए हैं। भारी मुनाफाखोरी कर रहे व्यापारियों पर लगाम लगाने में कृषि विभाग, खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।

बकावंड ब्लॉक की सहकारी समितियों से किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है। मानसून समय पर आने व सक्रिय रहने के कारण जिले में खेती बाड़ी का काम जोरों पर है। धान लगाने के लिए किसानों ने खेतों में मेहनत शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर जिले में खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। किसानों को आवश्कता के अनुसार और समय पर सरकारी समितियों द्वारा खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। सोसायटियों से खाद न मिलने के कारण निजी कृषि केंद्र संचालकों ने किसानों को लूटना शुरू कर दिया है।बकावंड ब्लाक के कृषि केंद्रों में खाद की कालाबाजारी शुरू हो गई है। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेची जा रही है।दुकानदार अपनी मर्जी के हिसाब से दर लगा कर लूट रहे हैं। यूरिया 400 से 500रुपए में, डीएपी 1600 से लेकर 1800 रुपए तक की कीमत लगाकर बेची जा रही है। भोले भाले गांव के आदिवासी किसानों को सरेआम लूटा जा रहा है। कृषि केंद्र संचालक जो दर

बताते हैं, किसान उसी दर पर खाद बीज खरीद लेते हैं। किसानों के भोलेपन का फायदा कृषि केंद्र संचालक उठा रहे हैं। इन मुनाफाखोर व्यापारियों पर कोई कार्रवाईनहीं हो रही है।