रेखचंद बोले – चुनाव आयोग बिहार में गरीबों-वंचितों का वोट देने का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही

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जगदलपुर/पटना एआईसीसी ने जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन को इसी साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले बिहार चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पहली बार बिहार में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पर आपत्ति जताते हुए कहा वहां पर ऐसा कर चुनाव आयोग मतदाताओं की संख्या को कम करने का प्रयास कर रहा है। जो सीधे-सीधे वहां की जनता के मौलिक अधिकार का हनन हैक्। उन्होंने कहा इसके तहत किसी भी वयस्क को मतदाता बनने या बने रहने के लिए दस्तावेज दिखाना होगा। आयोग ने जो शर्त रखी है उसके अनुसार 11 दस्तावेज का विकल्प है और इसे दिखाने से छूट केवल उन्हीं को है, जिनका या जिनके माता/पिता का नाम 2003 में हुए गहन पुनरीक्षण के बाद जारी मतदाता सूची में दर्ज है। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा, ऐसा कर आयोग एक तरह से वहां के लोगों पर ज्यादती करने में लगी है। कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है।

उन्होंने कहा, आयोग एक माह के भीतर पूरे बिहार के वोटर का पुनरीक्षण कैसे कैसे करेगा। वहां के लोगों के मन में संदेह है कि गरीबों-वंचितों का वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है। आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक व्यक्ति को वोट का अधिकार मिले। विपक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी ने जो सवाल पूछे हैं, उसका जवाब आयोग की ओर से नहीं मिला है। श्री जैन को बिहार में पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद उन्होंने वहां के क्षेत्रों की जानकारी ली है। वे वहां पर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बताते हुए कहा कि भाजा के इशारे पर चुनाव आयोग अचानक ऐसा गणित ला रही है ताकि उन्हें फायदा मिले।