- बैनर, पोस्टर ही नहीं पार्टी से भी हों बेदखल: शुक्ला
जगदलपुर बस्तर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रवींद्र चौबे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चौबे के भाजपा प्रेम काे संज्ञान में लेकर
कांग्रेस हाईकमान उनके खिलाफ तत्काल कार्यवाही करे। श्री शुक्ला ने झीरम घटना को लेकर चौबे के नार्को टेस्ट की मांग करते हुए कहा कि परिवर्तन यात्रा में रविन्द्र चौबे का आना तय था, मगर अचानक वे बस्तर न आकर दिल्ली चले गए। यह रहस्य बना हुआ है।

बस्तर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उमाशंकर शुक्ला ने जारी अपने बयन पर कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता रविन्द्र चौबे पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई चाहे भले न हुई हो, मगर प्रदेश काग्रेस के बैनर और पोस्टर से रविन्द्र
चौबे की बिदाई हो चुकी है।वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के लिए प्रदेश काग्रेस कमेटी द्वारा प्रकाशित बैनर पोस्टर में प्रदेश के तमाम वरिष्ठ नेताओं की तो फोटाे हैं, मगर रवींद्र चौबे को कहीं कोई तवज्जो नहीं मिली है। इससे लगता है की चौबे की तरकश से निकले शब्द भेदी तीर की चिंगारी राख के ढेर के नीचे जा दबी है, मगर अभी अंदर ही अंदर सुलग रही हैं। यह चिंगारी कभी भी हवा के झोंके के साथ भड़क सकती है। जिसे बुझी हुई समझा ज है वो चिंगारी अभी बुझी नहीं है।
स्वाभिमानी होते हैं आदिवासी
पं. उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश काग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आखिर चौबे को बता दिया कि आदिवासी क्या होता है.? आदिवासी सहज, सरल और सहनशील जरूर होता है, मगर जब बात आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने तक पहुंच जाए, तब आदिवासी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता, जंगल के शेर की तरह दहाड़ उठता हैऔर शिकारी के पसीने छुड़ा देता है। प्रदेश कांग्रेस के आदिवासी अध्यक्ष दीपक बैज के आत्मसम्मान पर ठेस पहुंचाना ठीक नहीं है। उन्हाेने कहा कि चौबे के अंहकार, घमंड और स्व महिमा मंडन की राजनीति ने आज उन्हे पार्टी के बैनर, पोस्टर से निकाल कर बाहर बिठा दिया है। अनुशासनहीनता के मामले में पार्टी की चाबुक ने उनके मन में भय जरूर पैदा कर दिया है। चौबे द्वारा मंचों से दीपक बैज के लिए संबोधन में भाषा बदल गई है, और सम्मानजनक शब्दों का उपयोग करते दिखाई पड़ने लगे हैं।



