सेल कर्मचारियों के बोनस मुद्दे पर कल होने वाली NJCS बैठक के पूर्व आज दिनांक 19/09/2025 को स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीटू) के आह्वान पर सेल की सभी इकाइयों में धरना प्रदर्शन के माध्यम से पुराने बोनस फार्मूला को रद्द करने की मांग प्रबंधन के समक्ष रखी गई।
इसी क्रम में लौह अयस्क खान समूह राजहरा में भी सीटू के नेतृत्व में खदान कर्मचारियों ने माइंस आफिस गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में प्रबंधन की शोषणकारी, कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि बेहतर उत्पादन व उत्पादकता के बावजूद सेल कर्मचारियों को वाजिब बोनस नहीं मिल पा रहा है। सेल कर्मचारियों को बाजिब बोनस से वंचित रखने के लिए सेल प्रबंधन फूट डालो की नीति अपना रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
यूनियन के सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि सेल NJCS में कभी भी बहुमत की परंपरा नहीं रही है लेकिन पिछले वेतन समझौता के समय से प्रबंधन ने बहुमत की नीति अपनाकर NJCS के प्रावधानों का खुला उलंघन किया है। इसलिए बहुमत के आधार पर बनाया गया बोनस फार्मूला पूरी तरह अवैधानिक है।जिसके लिए बहुमत के आधार को स्वीकार करने वाली यूनियनें भी दोषी है। इसलिए इस बार सतर्क रहने की आवश्यकता है।
यूनियन के उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कहा कि नियमित कर्मचारियों की बहुत कम संख्या होने के बावजूद सेल के उत्पादन व उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।जिसमें कर्मचारियों के मेहनत की झलक साफ दिखाई देती है। लेकिन सेल प्रबंधन के कर्मचारी विरोधी नीति व शोषणकारी रवैया के कारण कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं, व लाभ मे निरंतर कटौती हो रही है।सेल के इस रवैया के खिलाफ हमें कमर कस कर तैयार रहना चाहिए और इस बार यदि बोनस के मुद्दे पर प्रबंधन का रवैया नकारात्मक रहा तो सभी यूनियनों को एक साथ हडताल पर जाना ही प्रबंधन के लिये उचित जवाब होगा।
यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ सालों से सेल प्रबंधन की नीति दिल्ली से लेकर दल्ली तक एक जैसी है।उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी खदान प्रबंधन का रवैया भी पूरी तरह नकारात्मक है। अस्पताल, टाउनशिप व खदान के ठेका मजदूरों की बद्तर स्थिति में सुधार के लिए किए गये आन्दोलनों के बाद प्रबंधन द्वारा किए गये सभी वादे खोखले साबित हुए हैं।इसलिए खदान प्रबंधन की उदासीनता के खिलाफ भी जल्द ही कामबंद हडताल की आवश्यकता है।और हम उसके लिए तैयार हैं।
सेल कर्मचारियों को सम्मानजनक बोनस देने के लिए प्रबंधन को कल की बैठक में सबसे पहले पुराने एवं घटिया बोनस का फार्मूला रद्द करना होगा तभी स्वस्थ वातावरण में चर्चा आगे बढ. पायेगी । प्रदर्शन पश्चात सेल चेयरमैन को संबोधित ज्ञापन प्रबंधन को सौंपा गया।



