- एक सरपंच का दंभ, राशन दुकान को बनाया राजनीति का आखड़ा
- राशन वितरण में बेवजह दखलंदाजी, ग्रामीण त्रस्त
–अर्जुन झा–
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल के सरपंच ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान को अपनी राजनीति का आखड़ा बना दिया है। सरपंच द्वारा राशन वितरण में बाधा डाली जाती है और राशन कार्डधारक उपभोक्ताओं के साथ पक्षपात किया जाता है। इस संबंध में जनपद पंचायत की कृषि एवं राजस्व समिति के सभापति जगरनाथ सूर्यवंशी ने बकावंड एसडीएम से शिकायत की है।
शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल के सरपंच डोमूधर बघेल द्वारा चुनावी रंजिश के चलते ग्राम के लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है द्वेषवश ग्रामीणों को डराया धमकाया जाता है। छोटे जीराखाल निवासी जनपद सदस्य जगरनाथ सूर्यवंशी ने बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण के मामले में ग्रामीणों से खुलेआम वितरण को लेकर लोगो को कहता मै गांव का राजा हूं मेरी मर्जी, मै जो चाहे वो करुंगा। ऐसा कहते हुए सरपंच राशन वितरण मे बाधा उत्पन कर पंक्षपात करते हैं। आरोप है कि सरपंच राशन वितरण को प्रभावित करने के इरादे से दुकान को अन्यत्र जगह ले जाकर वितरण कराना चाहते हैं। सरपंच प्राथमिक शाला भवन में राशन दुकान संचालित करना चाहते हैं। जबकि है प्राथमिक शाला भवन में कक्षाओं का संचालन हो रहा है और भवन भी बेहद जर्जर हो चुका है। वहां दुर्घटना होने की संभावना है। सरपंच डोमूधर बघेल द्वारा राशन दुकान को अपनी निजी जागीर समझकर संचालन करना चाहते हैं। दुकान संचालन ग्राम पंचायत के माध्यम से हो रहा है। ग्राम पंचायत छोटेजिराखाल मे वर्ष 2015 मे निमित शासकीय उचित मूल्य की दुकान सह गोदाम भवन मे ही कार्य का 10 वर्षों से संचालन हो रहा है। जिस पर किसी प्रकार का कार्य संचालन पर आपत्ती नही रहा है उक्त संरपंच जब पद मिला है तब से उसके दबंगगिरी तथा नशा का सेवन कर दिनांक 04/09/2025 को ग्राम पंचायत भवन मे खाद्वय निरिक्षक के समक्ष व मेरे समक्ष एवं ग्रामीणो के समक्ष गंदे गंदे गाली देते हुये स्वयं 17 मडर करने कि बात कह कर लोगो को डराता है उक्त व्यक्तिी से गांव के लोगो मे डर समा गया है तथा डर लगने लगा है। वह व्यक्त्तिी के द्वारा ग्रामीणो पर भी झुठा झुठा शिकायत करने का आदी है।
यह कि महोदय ग्राम पंचायत मे आय के संसाधन है उक्त राशन दुकान को ग्राम पंचायत से हटाकर महिला स्व० साहयता समूह को कार्य संचालन हेतु दुकान संचालन का प्रभार मिले यही हमारी आशा है। ताकी स्वतंत्र रूप से संचालक कर सके।



