City Media - Page 127 of 1806 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 127

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता बेटी आरवी अवस्थी को किया सम्मानित

0

जगदलपुर बस्तर की होनहार बेटी आरवी अवस्थी, जिनकी उम्र मात्र 10 वर्ष है, ने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त कर बस्तर सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने आरवी अवस्थी को पुष्पगुच्छ एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सांसद श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आरवी जैसी प्रतिभाएं बस्तर के भविष्य की नई दिशा तय कर रही हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। सांसद महेश कश्यप ने आरवी अवस्थी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके कोच, अभिभावकों एवं समस्त खेल समुदाय को भी इस सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल आरवी अवस्थी के अथक परिश्रम का परिणाम है, बल्कि यह बस्तर अंचल की प्रतिभा और क्षमता का भी प्रमाण है।

युक्तियुक्तकरण के खिलाफ छिंदगढ़ में कांग्रेस का प्रदर्शन

0
  •  बीईओ को कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, सरकार से फैसला वापस लेने की मांग

सुकमा युक्तियुक्तकरण के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छिंदगढ़ द्वारा विकासखंड शिक्षा कार्यालय का घेराव किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश्वरी बघेल और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कोसाराम पदामी के नेतृत्व में किए गए घेराव प्रदर्शन कर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि स्कूलों को एकतरफा बंद किया जा रहा है। इससे लगभग 45 हजार शिक्षकों के नियमित पद समाप्त हो जाएंगे। साथ ही नए सेटअप के नाम पर शिक्षक-छात्र अनुपात को बढ़ाकर प्राथमिक स्तर पर 30 और माध्यमिक स्तर पर 35 छात्र प्रति शिक्षक कर दिया गया है। यह निर्णय शिक्षा और रोजगार दोनों के लिए घातक है। इससे दूरस्थ वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों जैसे बस्तर, सरगुजा, जशपुर इत्यादि में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा रही है। महज एक शिक्षक से 18 कक्षाओं और 60 विद्यार्थियों को पढ़ाना असंभव हो रहा है। हजारों रसोइया, स्वीपर और मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाओं के रोजगार पर भी संकट आ गया है। बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बाधित होगी और ड्रॉपआउट दर बढ़ेगी। सरकार द्वारा न तो इस निर्णय से पहले शिक्षकों से चर्चा की गई, न पालक संघों या छात्र संगठनों से सुझाव लिए गए, इस निर्णय से न केवल शिक्षा स्तर गिर जाएगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खत्म हो जाएंगे।ज्ञापन में छिंदगढ़ विकासखंड में जितने स्कूल मर्ज किए गए हैं, उन्हे तत्काल स्थगित करने, 10 हजार 463 स्कूलों को बंद करने का आदेश तत्काल वापस लेने, जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, वहां भी न्यूनतम दो शिक्षक अनिवार्य रूप से नियुक्त करने, 45 हजार रिक्त शिक्षकीय पदों को समाप्त करने के स्थान पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने, शिक्षा व्यवस्था को बचाने हेतु स्थानीय स्तर पर समन्वय बैठकों की शुरुआत करने, प्राथमिक स्तर पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती करने और इसमें लोकल स्तर पर 10वीं 12वीं पढ़े युवाओं को अवसर देने की मांग की गई है। विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश्वरी बघेल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कोसाराम पदामी, जिला पंचायत सदस्य संजना नेगी, राजूराम नाग, नाजिम खान, धनसाय नेगी, लखमा नाग, महादेव मुचाकी, सोमा बघेल, भरत बघेल, समल पोयाम ,कुर्ती कश्यप, मांगडू मरकाम, सुकड़ा कुंजाम, सलमान खान सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में मीडिया को बंधक बनाना चाहती है विष्णु देव साय सरकार: जावेद खान

0
  •  मीडिया के खिलाफ अघोषित आपातकाल

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश को लेकर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है और साय सरकार से पूछा है कि क्यों ऐसी जरूरत आन पड़ी कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ छत्तीसगढ़ की मीडिया पर अस्पतालों की अव्यवस्थाओं को जगजाहिर करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है? क्यों मीडिया को दबाने और बंधक बनाने ऐसा तुगलकी फरमान छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी किया गया है? इस आदेश से वार्डों के निरीक्षण से लेकर मरीज और परिजनों से मीडिया संवाद पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जावेद खान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जबसे भाजपा की सरकार आई है तबसे रेत माफिया, खनन माफिया ,शराब माफिया, कर्ज माफिया और भू-माफिया सक्रिय हो उठे हैं और उन्हें सरकार का संरक्षण भी मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ प्रदेश में मानव अंग तस्करी करने वाले माफिया भी सक्रिय हो गए हैं जिन्हें संरक्षण देने राज्य सरकार ने अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश को वर्जित कर दिया है। ऐसा कौन सा पाप विष्णु देव साय सरकार छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में कर रही है या करने वाली है जिसके जनता के बीच आने का डर साय सरकार को अभी से सताने लगा है। जिसे रोकने मीडिया पर प्रतिबंध सरकार को लगाना पड़ गया है। जावेद ने कहा यह शंका इसलिए भी पैदा हो रही है क्योंकि अभी कुछ दिन पूर्व ही राजधानी के मेकाहारा में पत्रकारों और माफियाओं के बीच झड़प हुई थी आखिर अस्पतालों में गुंडों के जरिए तो नहीं मानव अंग तस्करी फल-फूल रही है? जावेद ने कहा भाजपा ने चुनाव पूर्व मीडिया की आजादी का वादा था, अब कवरेज पर पाबंदी लगाई जा रही है। अस्पताल में पत्रकार अब पीआरओ से अनुमति लेकर ही रिपोर्टिंग करेंगे और जो पीआओ जारी करेगा वही छापेंगे और जो प्रबंधन दिखाना चाहेगा वही दिखाएंगे। आखिर यह कैसा तुगलकी फरमान है, सरकार को यह तानाशाही आदेश तुरंत वापस लेना चाहिए।अस्पतालों की अव्यवस्थाओं को सुधारने में पूरी तरह से विफल हो चुकी है विष्णु सरकार इसलिए अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश पर ही विराम लगाया जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ की निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने की साजिश है। छत्तीसगढ़ के निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारों से यह सरकार खौफजदा है। जावेद ने कहा मीडिया के लिए विभागों में लक्ष्मण रेखा खींची जा रही है जो कि मीडिया पर अघोषित आपातकाल लगाने के बराबर है। जावेद ने राज्य सरकार से मांग की है कि सरकार तत्काल इस तानाशाही आदेश को वापस ले और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दे।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश चन्द्र सिन्हा ने जिला न्यायालय भवन परिसर बालोद में डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का किया वर्चुअली शुभारंभ

0
  • डिजिटाइजेशन को बताया वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता

बालोद, 18 जून 2025 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री रमेश चन्द्र सिन्हा ने आज जिला न्यायालय भवन परिसर बालोद में डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का वर्चुअली शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के डिजिटाइजेशन कमेटी के चेयरमेन जस्टिस श्री नरेन्द्र कुमार व्यास भी डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद सहित न्यायिक जिला राजनांदगांव, कबीरधाम एवं मुंगेली के जिला एवं सत्र न्यायालयों में स्थापित डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का एक साथ वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस  रमेश चन्द्र सिन्हा ने डिजिटाइजेशन को वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता बताते हुए आज प्रदेश के चारों न्यायिक जिला बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम एवं मुंगेली में डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का शुभारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने वर्तमान समय में डिजिटाइजेशन के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी। जिला न्यायालय भवन परिसर बालोद में आयोजित डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष के शुभारंभ समारोह के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  श्याम लाल नवरत्न, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश  योगेश पारीक, पुलिस अधीक्षक  योगेश कुमार पटेल सहित प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश  कृष्ण कुमार जांगडे, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो)  कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीसी  ताजुद्दीन आसिफ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  संजय कुमार सोनी विशेष रूप से उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न ने फीता काटकर डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का विधिवत शुभारंभ किया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न ने कहा कि आज जब हम 21वीं सदी में प्रवेश किए हैं। ऐसे अत्याधुनिक समय में डिजिटाइजेशन सबसे बड़ी मांग एवं प्रमुख आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज से कुछ समय पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से हमें सभी चीजों की सूचना एवं सहुलियत मिलने लगेगी। श्री नवरत्न ने कहा कि 21वीं सदी में हम फिजिकल मोड से डिजिटल मोड पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया तीव्र गति से संपादित होने के अलावा दस्तावेजों की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही दस्तावेज पेपरलेस होने से दस्तोवेजों की बोझ भी कम होगा। इस अवसर पर उन्होंने आज के इस समारोह को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला प्रशासन बालोद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय बालोद के सभी न्यायाधीश, अधिकारी-कर्मचारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्ताओं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी लोगों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए

उनके विनम्र आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, डौण्डीलोहारा सतप्रीत कौर छाबड़ा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणक के सचिव कु. भारती कुलदीप सहित अपर कलेक्टर एवं एसडीएम  नूतन कंवर एवं द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी श्रीमती हीरा सिन्हा, अतिरिक्त न्यायाधीश प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी  सागर चंद्राकर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कु भूमिका धु्रव, तहसीलदार  आशुतोष शर्मा, जिला अधिवक्ता संघ बालोद के अध्यक्ष  अजय कुमार साहू के अलावा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित थे।

आदिवासी समाज के स्वाभिमान और विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा चरण पादुका योजना – चेमन देशमुख

0
  • चरण पादुका योजना आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार का एक ठोस कदम है – शरद ठाकुर

बालोद| भाजपा के नेताओं व आदिवासी पदाधिकारीयो ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चरण पादुका योजना के पुनः प्रारंभ किए जाने पर सराहना करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार, आदिवासी हितैषी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के कल्याण हेतु एक बार फिर चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ करने की घोषणा की है। यह योजना भारतीय जनता पार्टी के संकल्पपत्र ‘मोदी की गारंटी’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पूरा करके हमारी सरकार ने आदिवासी समाज के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।

जिला भाजपा महामंत्री राकेश छोटू यादव ने कहा कि चरण पादुका योजना का उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को जंगलों में कार्य के दौरान सुरक्षा और सुविधा प्रदान करना है। यह योजना न केवल उनके पैरों को चप्पलों के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके स्वाभिमान को भी बढ़ाती है। यह आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार का एक ठोस कदम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा में शामिल हो।

 

भाजपा जिला मंत्री आदिवासी नेता शरद ठाकुर ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना को बंद करना आदिवासी समाज के प्रति उनकी उदासीनता का प्रतीक था। इसके विरुद्ध भाजपा अजजा मोर्चा के माध्यम से शसक्त आंदोलन भी किया, ताकि इस योजना को पुनः शुरू करने की मांग को बल मिले। साथ ही, भाजपा के घोषणा पत्र समिति को इस योजना को शामिल करने हेतु सुझाव भेजे थे, जो ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में जनता के सामने प्रस्तुत हुआ। आज, माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में यह वादा पूरा होने से आदिवासी स्वाभिमान को नया बल मिला है। यह योजना तेंदूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह आदिवासी हितैषी सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रत्येक आदिवासी परिवार की खुशहाली और आत्मनिर्भरता सर्वोपरि है।

वहीं जनपद सदस्य एवं भाजपा आदिवासी नेत्री माहेश्वरी ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को साकार कर रही है।

हमारी सरकार ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनर्जन्म दिया, बल्कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा करने, पीएम वन धन केंद्र और आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय जैसे कदमों के माध्यम से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया है। यह सुशासन सरकार का परिचायक है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति समर्पित है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है, कहा कि विष्णु देव साय सरकार जी की सरकार ने ‘मोदी की गारंटी’ को साकार कर आदिवासी समाज के स्वाभिमान और विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

 

तहसील साहू समाज द्वारा अन्तरजाति विवाह का विरोध, संगठन को कैसे सशक्त बनाने को लेकर हुई बैठक

0

दल्लीराजहरा तहसील साहू संघ की बैठक तहसील साहू संघ अध्यक्ष युवराज साहू की अध्यक्षता में स्थानीय साहू सदन में रखी गयी थी! बैठक का विषय माँ कर्मा महोत्सव एवं आदर्श विवाह की समीक्षा, आय-व्यय की जानकारी, अन्तरजाति विवाह नहीं करना, सामाजिक संगठन को सशक्त बनाना! युवराज साहू ने उक्त विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा तहसील साहू संघ में 15 परिक्षेत्र है, सभी परिक्षेत्र से कार्यक्रम केो सफल बनाने के लिए सहयोग राशि पदान किया गया था! आदर्श विवाह में सर्व समाज के स्वजातीय वर-वधू का सामाजिक रीति रिवाज से विवाह किया जाता है! अंतरजातीय विवाह नहीं करना हैं! अगर कोई सामाजिक व्यक्ति अन्तरजाति विवाह करता है, तो उनके विवाह में नहीं जाना है, हम सब को सामाजिक संविधान के नियमों का पालन करना है!

सभी परिक्षेत्रीय अध्यक्षों ने कार्यक्रम की प्रशंसा की एवं आने वाले वर्ष में और बेहतर करने की बात कही! माँ कर्मा महिला प्रकोष्ठ ने दो दिवसीय कार्यक्रम की सराहना की, माताओं एवं बहनों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया एवं कलश शोभायात्रा में काफी उत्साह रहा! उपकोषाध्य शीतल साहू ने कार्यक्रम के लिए प्राप्त राशि एवं खर्च का विस्तार से आय – व्यय को प्रस्तुत किया! संचालन रेखू राम साहू ने किया! आभार व्यक्त गोविन्द साहू ने किया! बैठक में संरक्षक मोहन लाल साहू, अंजू साहू, दौपती साहू,राधा साहू,चंम्पा देवी साहू, दामिनी साहू, विजय साहू परिक्षेत्रीय अध्यक्षगण रेवती साहू, कुन्ती साहू, पूर्णिमा साहू, कुन्ती साहू रेलवे कालौनी, छन्नू साहू, पुरूषोत्तम साहू, अजीत साहू, खूब लाल साहू, सुदर्शन साहू, शंकर साहू पदाधिकारीगण संगीता साहू,विमला साहू, गायत्री साहू, लिलेश्वरी साहू, बिमला साहू, किशोर साहू, गंगाधर साहू, गजेंद्र साहू, आशा साहू, भूखन साहू, हेमंत साहू, राजकिशोर साहू, हिरामत साहू, निर्मला साहू, टूकेश्वर साहू, राजेश्वरी साहू, रेणुका साहू, रामेश्वरी साहू ,मीना साहू,महेश्वरी साहू,सहित समाज के लोग उपस्थित थे!

अविनाश श्रीवास्तव बनाए गए जगदलपुर पूर्व मंडल के अध्यक्ष

0
  •  भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने की घोषणा

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी के जगदलपुर पू्र्व मंडल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव बनाए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की अनुशंसा व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की सहमति से भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने मंगलवार को जगदलपुर पूर्व मंडल अध्यक्ष के रूप में अविनाश श्रीवास्तव के नाम की घोषणा की।

अविनाश श्रीवास्तव पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद के दायित्व का सफल निर्वहन कर चुके हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने नवनियुक्त जगदलपुर पूर्व मंडल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव से पार्टी की रीति नीति पर कर्मठता से काम करते हुये संगठन को मजबूत बनाने की अपेक्षा की है।

मोदी सरकार के राज में बढ़ी बांग्लादेशियों की घुसपैठ: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज

0
  • प्रदेश में बांग्लादेशियों की घुसपैठ मोदी सरकार की बड़ी नाकामी
  • केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर बरसे दीपक बैज 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशियों की बढ़ी घुसपैठ के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोज रोहंगिया और बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने की खबरे सामने आ रही है। पाकिस्तान म्यांमार से भी घुसपैठिये छत्तीसगढ़ आए हैं, ऐसा दावा किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में देश की सीमायें पार करके घुसपैठिये आ गये है, यह केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की विफलता है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि केंद्र सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित नहीं रख पा रही है, तभी विदेशी घुसपैठिये देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि 10-12 सालों से राज्य में बांग्लादेशी रह रहे थे तब तो देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। मैं मुख्यमंत्री साय और गृहमंत्री विजय शर्मा को बधाई देता हूं कि वे प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री की विफलता को उजागर करने का साहस दिखा रहे हैं।

बेघर किए जा रहे हैं गरीब

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर गरीब को पक्की छत उपलब्ध कराने का दम भरते नहीं थक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में गरीबों को बेघरबार किया जा रहा है। दीपक बैज ने कहा- मैं स्वयं रायगढ़ गया था, वहां सरकार की तानाशाही और आतंक देखने को मिला, गरीबों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं। चंद बिल्डरों को फायदा पहुंचाने गरीबों को बेघर किया जा रहा है। यह सरकार की असंवेदनशीलता है।

प्रदेश में जंगलराज चल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज चल रहा, रेत माफिया कहीं गोली चला रहा है, कहीं पत्रकारों को पीट रहा है, कहीं विरोध करने वाले को खंभे से बांधकर मारा पीटा जा रहा है, तो कहीं पुलिस जवान की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या की जा रही है। धमतरी में रेत माफियाने चाकूबाजी की, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन वह थाना से फरार हो गया। रेत माफिया बेलगाम हो चुका है, सरकार का कोई अंकुश नहीं है।

सरकार कौन चला रहा?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक बड़ी बहस प्रदेश में चल रही है कि राज्य की सरकार मुख्यमंत्री नहीं विधानसभा अध्यक्ष, राज्यपाल चला रहे हैं। प्रदेश में संविधानेत्तर सत्ता हावी है। विधानसभा अध्यक्ष सीधे शिक्षा सचिव को पत्र लिख रहे हैं, राज्यपाल जिलों में समीक्षा बैठक लेते है, मतलब राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष को मुख्यमंत्री की क्षमता पर भरोसा नहीं है। तभी सीधे फील्ड में उतर कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

स्कूल बंद कर प्रवेश उत्सव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के विरोध में हमारा आंदोलन जारी है। डीईओ ऑफिस का घेराव कार्यक्रम चालू है। सरकार शाला प्रवेशोत्सव मना रही और 10 हजार 400 से अधिक स्कूल बंद कर दिए ह

गए हैं। नए सेटअप के नाम पर 45 हजार से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त कर दिए गए हैं। स्कूल बंद कर रहे हैं और बड़ी बेशर्मी के साथ शाला प्रवेश उत्सव मना रहे हैं। भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर रही है।

मनीष वर्मा बकावंड के नए एसडीएम

0

बकावंड एसडीएम ऋषिकेश तिवारी को बकावंड से स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह मनीष कुमार वर्मा को बकावंड एसडीएम का प्रभार दिया गया है। बस्तर कलेक्टर हरिस एस ने इस बाबत आदेश जारी किया है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आरआरपी प्रोजेक्ट का भुगतान मांगने पर ठेकेदारों को धमका रहे ईएनसी

0
  • नक्सलग्रस्त इलाकों में सड़कों निर्माण प्रभावित 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में रोड, पुल पुलिया निर्माणकी केंद्र सरकार की मंशा पर लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के इंजीनियर इन चीफ फिर पानी फेरने आमादा हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग में आरआरपी के ठेकेदारों को कई माह से निर्माण कार्यों के करोड़ों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं ठेकेदारों को ईएनसी वीके भतपहरी द्वारा काम ठीक नहीं होने की बात कह कर धमकाया जा रहा है। मामले में मंगलवार को आरआरपी प्रोजेक्ट के लगभग 60 ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई थी। अधिकारियों ने भुगतान के सवाल को टालते हुए सभी मामलों में चर्चा की।

 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की योजना रूरल रोड प्रोजेक्ट की ठेकेदारों के 150 करोड़ से अधिक की देनदारियां अटकी हुई थी। ईएनसी वीके भतपहरी ने केंद्रीय मद की राशि का भुगतान कई कारणों से आपत्ति लगाकर रोक दिया है। मार्च के बाद के कराए गए कार्यों का भुगतान न होने से ठेकेदारों में रोष है। कार्य ठप होने के कारण ईएनसी ने ठेकेदारों की बैठक ली। बैठक में उनका काम ठीक नहीं होने की बात कहकर धमकाया जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा काम के संबंध में कहीं की कोई जानकारी पूछे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। ठेकेदारों ने भुगतान नहीं किए जाने का सवाल उठाया तो उसे टाल गए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र की योजना

योजना के तहत रूरल रोड प्रोजेक्ट-3 योजना में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। रूरल रोड प्रोजेक्ट के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के भुगतान ईएनसी के माध्यम से ही होता है। बस्तर संभाग में ही रूरल रोड प्रोजेक्ट-3 के तहत सड़क निर्माण में लगे पांच दर्जन ठेकेदारों के करीब 150-200 करोड़ रुपयों का भुगतान रोका गया है। उल्लेखनीय है कि आरआरपी के कार्यों को लेकर पूर्व में भी इसी तरह की शिकायतें पिछले साल आई थी।

काम रुका तब हरकत में आया विभाग

ठेकेदारों के काम रोकने के बाद विभाग हरकत में आया। तब जाकर उनसे चर्चा करने बैठक बुलाई गई। मामले में यह कहा जा रहा है कि सड़क निर्माण में कई छोटे-छोटे मामलों को लेकर ईएनसी कार्यालय के द्वारा आपत्ति लगाए जाने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। शासन के संज्ञान में यह मामला लाया गया।

पुरानी पद्धति से भुगतान की मांग

उल्लेखनीय है कि पिछली बार भी ठेकेदारों का भुगतान रोके जाने पर आरआरपी-2 के ठेकेदारों ने पुरानी पद्धति से भुगतान की मांग को लेकर ईएनसी से मुलाकात की थी। ऑनलाइन भुगतान होने की प्रक्रिया के चलते भुगतान में देरी से परेशान ठेकेदारों के साथ फिर से यही दिक्कत सामने आ रही है।

MOST POPULAR

HOT NEWS