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आदेश की अवहेलना पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सख्त

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संयुक्त संचालक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

एक स्टॉफ नर्स का प्रभार बदलने में इतनी कोताही

जगदलपुर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ जिला शाखा बस्तर ने महारानी अस्पताल में जारी संशोधित प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं किए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

संघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जगदलपुर द्वारा 18 मई 2026 को जारी संशोधित आदेश के तहत स्टाफ नर्स रीमा दानी को मेल वार्ड प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर सामान्य स्टाफ नर्स के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी उक्त आदेश का पालन नहीं कराया गया है।संघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी 27 मई तथा 15 जून को पत्र एवं स्मरण पत्र देकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन लगभग 45 दिन बीत जाने के बाद भी न तो आदेश का पालन सुनिश्चित किया गया और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की गई। संघ ने आरोप लगाया है कि यदि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का पालन ही नहीं होगा, तो प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

यह स्थिति शासन के आदेशों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ ने संभागीय संयुक्त संचालक से मांग की है कि संबंधित संशोधित आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आदेशों की अवहेलना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था एवं अनुशासन कायम रह सके।

बकावंड में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में जुटे बीईओ चंद्रशेखर यादव

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पाथरी संकुल के प्रधान पाठकों की हुई बैठक

बकावंड विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव के निर्देश पर बकावंड ब्लॉक के पाथरी संकुल में समस्त विद्यालयों के प्रधान पाठकों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी विद्यालयों में वीएसके एप, विनोबा एप, मध्यान्ह भोजन तथा अन्य ऑनलाइन प्रविष्टियां प्रतिदिन एवं समय पर 100 प्रतिशत पूर्ण करें। विद्यालय परिसर एवं कक्षाओं की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाए। विद्यार्थियों का अध्ययन, अध्यापन नियमित, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से किया जाए। शासन के सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में संबंधित संकुलों के प्रधान पाठक, संकुल समन्वयक, विकासखंड स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच भी उपस्थित रहे।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप

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7.14 लाख संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित

वन, वनवासी और सहकारिता के समन्वित मॉडल से छत्तीसगढ़ बना देश के लिए उदाहरण

रायपुर सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी क़ृषि विश्वाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष-2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर वर्ष-2026 के उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों, वन धन विकास समितियों तथा महिला स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया गया और वन धन विकास केंद्रों के नए उत्पादों का लोकार्पण एवं पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता केवल एक वनोपज नहीं, बल्कि लाखों आदिवासी एवं वनवासी परिवारों की आजीविका, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि वनवासियों की मेहनत का लाभ सीधे उनके खातों तक पहुंचे। यही कारण है कि प्रदेश में वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और वनांचल के परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ अब केवल तेंदूपत्ता व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लगभग 13.50 लाख लघु वनोपज संग्राहक परिवारों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। संग्राहकों को पारिश्रमिक, लाभांश, सामाजिक सुरक्षा, छात्रवृत्ति, चरण पादुका वितरण तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज खरीदी जैसी अनेक योजनाओं का लाभ निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार की नीति केवल संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि इमली, महुआ, साल बीज, हर्रा, बहेरा और चिरौंजी जैसे लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन के माध्यम से वनवासियों की आय बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेश में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र स्थानीय महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। कार्यक्रम में गरियाबंद और महासमुंद जिला यूनियनों के छह तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष-2023 की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का प्रतीकात्मक वितरण किया गया। वहीं गरियाबंद, महासमुंद एवं कटघोरा के उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मिला सहकार प्रेरणा पुरस्कार

इस अवसर पर जगदलपुर, नारायणपुर, जशपुर, गरियाबंद और कटघोरा की पांच उत्कृष्ट वन धन विकास समितियों को “सहकार प्रेरणा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। साथ ही जशपुर, गरियाबंद, कटघोरा, धमतरी और कांकेर के महिला स्व सहायता समूहों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए लाभांश राशि भी प्रदान की गई।

5 नए हर्बल प्रोडक्ट लांच

कार्यक्रम में वन धन विकास केंद्रों द्वारा तैयार पांच नए हर्बल उत्पादों का लोकार्पण किया गया तथा “वन धन विकास केंद्र; आदिवासी सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर, छत्तीसगढ़” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक राज्य में सहकारिता, लघु वनोपज आधारित आजीविका और आदिवासी सशक्तिकरण के सफल मॉडल का महत्वपूर्ण दस्तावेज बनेगी। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वनवासी और सहकारिता को विकास की नई धुरी बनाकर आगे बढ़ रही है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि जंगल की समृद्धि का सबसे बड़ा लाभ जंगल से जुड़े परिवारों को मिले, वनवासियों की आय में निरंतर वृद्धि हो और छत्तीसगढ़ देश में सहकारिता आधारित समावेशी विकास का अग्रणी मॉडल बनकर स्थापित हो।

125 दिनों का मिलेगा गारंटीशुदा रोजगार, बालोद में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन का शुभारंभ

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बालोद, 2 जुलाई। विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) के शुभारंभ अवसर पर गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन लाल साहू, एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष सौरभ लुनिया सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन लाल साहू ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का मांग आधारित गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा।

साथ ही प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि योजना के तहत मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर किया जाएगा तथा रोजगार की मांग मिलने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी तथा बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश का प्रावधान भी यथावत रहेगा।

योजना बनाकर लूट की घटना को अंजाम देने वाला आरोपी को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार

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झलमला रानीमाई तालगांव रोड पर प्रार्थी से आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चाूक दिखाकर डराकर लूटे 4,500 रू एवं स्मार्ट फोन।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी रामेश्वर साहू पिता स्व. मोहन लाल साहू उम्र 27 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 07 कोरर, थाना कोरर जिला कांकेर के द्वारा

दिनांक 28.06.2026 को थाना उपस्थित आकर मौखिक बताकर प्र.सू.प. दर्ज कराया कि दिनांक 13.06.2026 को अपने मोटर सायकल से राजनांदगांव मोटर पार्टस सामान खरीदने 5,000/- रूपए लेकर गया था मोटर पार्टस का सामान नहीं मिला और 500/- रूपए खर्च कर लिया और शेष रकम 4500/- रूपए को अपने पैंट के जेब में रखकर वापस बालोद झलमला रानीमाई तालगांव रोड तरफ से जा रहा था और कुछ दूरी पर अपने मोटर सायकल को खड़े कर शौच कर वापस मोटर सायकल के पास आया दिनांक 14.06.2026 को प्रातः 04ः00 बजे मोटर सायकल में सवार में 04 लड़के आए और उनमें से 01 लम्बा लड़का मुझे डंडा से मेरे पीठ में मारपीट करने लगा तथा 01 छोटे कद का लड़का अपने पास रखे चाकू को मेरे गले के पास टीका कर जान से मारने की धमकी देकर पैंट के जेब में रखे 4500/- रूपए एवं स्मार्ट फोन मोटोरोला मोबाईल जिसमें जीओ सिम नं. 7869330717 को लूटकर भाग गए की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 311/2026 धारा 309(6) अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुऐ पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद मोनिका ठाकुर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा द्वारा थाना स्तर पर तत्काल टीम तैयार किया गया। गठित टीम द्वारा मुखबिर लगाकर आरोपियां का पता तलाश किया जा रहा था कि आरोपी सचिन सिंह राजपूत पिता महेम्बर सिंह उम्र 18 वर्ष 02 माह पता वार्ड क्र. 21, राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद मिलने पर पुछताछ किया जो गोल मोल जवाब दे रहा था अततः टूटकर बताया कि दिनांक 13.06.2026 को रात्रि 11ः00 बजे इनका दोस्त मोटर सायकल लेकर आया और चिखलाकसा चलना है बोला तब यह उनके मोटर सायकल के पीछे बैठ कर चिखलाकसा तालाब के पास पहुंचे तो वहां पर दो और दोस्त बैठे थें के साथ योजना बनाए कि चलो किसी व्यक्ति को लूटेंगे सोंच कर चारो 01 मोटर सायकल में बैठकर रात्रि में दल्लीराजहरा से घूमते हुए बालोद आए। बालोद से झलमला रानीमाई तालगांव रोड तरफ जा रहे थे कि दिनांक 14.06.2026 को सुबह 04ः00 बजे 01 मोटर सायकल जिसका नं. मुझे नहीं मालुम है अपने मोटर सायकल को लेकर रानीमाई तालगांव रोड तरफ जा रहा था और कुछ दूरी पर अपने मोटर सायकल को खड़ा कर रूके थे जिसे देखकर हम चारो उनके पास पहुंचे और इनका दोस्त डंडा को उठाकर उनके पीठ पर मारा और चाकू से उनके गला पर टीकाकर जान से मारने की धमकी देकर उनके पैंट के जेब में रखे 4500/- रूपए जिसमें 500 का 09 नोट था एवं स्मार्ट फोन मोटोरोला कम्पनी को मोबाईल को लूटकर अपने पास रख लिया फिर उसके बाद हम चारो मोटर सायकल से झलमला-बालोद होते हुए वापस दल्लीराजहरा जाते समय लूटे हुए मोबाईल को रास्ते में फेक देना तथा दल्लीराजहरा पहुंचकर लूटे हुए पैसे को चारो 01-01 हजार रूपए बटवारा किए हैं और 500/- रूपए का चाय नास्ता में खर्च हो जाना बताये आरोपी से घटना में उपयोग किए चाकू को जप्त किया गया है। आरोपी द्वारा अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् दिनांक 30.06.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुरे प्रकरण में विवेचना एवं आरोपी के पतासाजी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि गौकरण भंडारी, सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य एवं थाना बालोद व सायबर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नाम आरोपीः- सचिन सिंह राजपुत पिता महेम्बर सिंह उम्र 18 वर्ष 02 माह पता वार्ड क्र. 21 रेल्वे कॉलोनी दल्लीराजहरा थाना दल्लीराजहरा जिला बालोद (छ.ग.)

फारेस्ट गार्ड के पास करोड़ों की संपत्ति और आलीशान बंगला

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वनरक्षक पर डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

एडीएम को संपत्ति की जांच और एसपी को एफआईआर के निर्देश

झड़फूंक के बहाने महिला से ऐंठe डेढ़ करोड़, महिला आयोग ने लिया एक्शन

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में एक ऐसा भी फारेस्ट गॉर्ड है जो हर महीने महज 43 हजार रुपए की पगार पाता है, मगर वह आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है। उसने गांव में आलीशान बंगला भी बनवा लिया है। इस वन रक्षक तंत्र मंत्र और झड़फूंक के बहाने एक महिला से डेढ़ करोड़ रुपए ऐंठ लेने के भी आरोप लगे हैं। यह फारेस्ट गॉर्ड अब राज्य महिला आयोग के शिकंजे में आ गया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर सुनवाई के बाद महिला आयोग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संबंधित फारेस्ट गॉर्ड की संपत्ति की जांच करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

यह सनसनीखेज मामला सुकमा और बीजापुर जिलों से सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य दीपिका शोरी, सह प्रभारी ओजस्वी मंडावी ने सुकमा कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 406 एवं जिले के 10 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। जबकि प्रकरणों की संख्या 14 थी। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकों ने आवेदिका को झाड़ फूंक, तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ के नाम पर लगातार धोखा दिया और उससे लगभग 7 साल में डेढ़ करोड़ रूपए की धोखाधड़ी की। इस रकम से अनावेदकों ने जमीन खरीदी और मकान बनाया साथ ही एक और जमीन के दस्तावेज को रख लिया है। इनमें से एक अनावेदक कांगेर घाटी में वन रक्षक के पद पर कार्यरत है। इस वन रक्षक का मासिक वेतन 43 हजार रूपए बताया गया है। ऐसी दशा में शासन से अनुमति बगैर इतनी संपत्ति कैसे खरीदी और इसके लिए पैसा कहां से आया है तथा आड़ावाल के कुसुमपाल में 40 से 50 लाख का मकान कैसे बनाया? यह जांच का विषय है। आवेदिका के अनुसार अनावेदकों ने पहले आई-10 गाड़ी खरीदी। वर्तमान में लग्जरी कार खरीद ली है। आवेदिका के डरा धमका कर दोनों अनावेदकों ने बड़ी संपत्ति बन ली है। अनावेद फारेस्ट गार्ड के पद पर शासकीय सेवा में कार्यरत है।

अतः इतनी बड़ी मात्रा में आवेदिका से पैसा ऐंठ कर बनाई गई संपत्ति की जांच व मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। आयोग ने इस मामले में एडीएम सीपी बघेल को इन अनावेदकों की समस्त संपत्ति की जांच व मूल्यांकन करने तथा मुख्य अनावेदक फारेस्ट विभाग से सम्पत्ति खरीदने के कागजात की रिपोर्ट एक माह में आयोग के पास भेजने की अनुशंसा की गई। इस मामले में आवेदिका का अनावेदक के विरूद्ध डेढ़ करोड़ के धोखाधड़ी का मामला आया है। अतः इस मामले में एसपी जगदलपुर को अनुशंसा भेजी गई है। कि वह इन अनावेदकों के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखधडी की जांच कर एफआईआर दर्ज कराएं तथा एडीएम की जांच के बिंदुओं को भी एफआईआर में उल्लेखित करें। दोनों तरह की जांच के आधार पर अनावेदकों के खिलाफ एफआईआर लिखे और एक माह के अंदर आयोग को अनुशंसा भेजें। दोनों अधिकारियों से अवश्यकता अनुसार चर्चा करने व आयोग में रिपोर्ट जमा करने आयोग के सदस्य ओजस्वी मंडावी व दीपिका शोरी को अधिकृत किया गया वन।रक्षके के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अपर कलेक्टर जगदलपुर को संपत्ति जांच और पुलिस अधीक्षक जगदलपुर को निर्देश दिया गया।

7 साल तक किया शोषण, अब करेगा शादी

अन्य प्रकरण अनावेदक द्वारा आवेदिका का 7 साल से शारिरिक शोषण करने से जुड़ा था। आवेदिका जब नाबालिग थी, तबसे अनावेदक उसका दैहिक शोषण करता आ रहा है। नाबालिग आवेदिका का वह गर्भपात भी कराता रहा है। एमपीएम हाॅस्पिटल धरमपुरा से अवेदिका का एबार्सन कराया गया। इन सभी तथ्यों को अनावेदक ने स्वयं स्वीकार किया है। लंबे समय से अनावेदक द्वारा आवेदिका को शादी का प्रलोभन दिया जाता रहा है। इस पर आवेदिका उसके खिलाफ आपराधिक मामला पंजीबद्ध कराना चाहती है।

आयोग ने कहा कि सिटी कोतवाली थाना जगदलपुर अनावेदक के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाए। इस बात को सुनते ही अनावेदक ने प्रस्ताव रखा कि वह आवेदिका के साथ शादी करने के लिए तैयार है। अनावेदक के साथ उपस्थित उसके रिश्तेदार ने आयोग के समक्ष जिम्मेदारी ली है कि वह अनावेदक का विवाह आवेदिका से कराएंगे। आवेदिका की ओर से उसके चाचा व रिश्तेदार उपस्थित थे। यदि अनावेदक आवेदिका से विवाह करता है तो आवेदिका और उसके परिजन तैयार हैं लेकिन वह विवाह से इंकार करता है तो ऐसी दशा में अनावेदक के खिलाफ थाना तोंगपाल, सुकमा में अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकेगी। आयोग की आर्डर शीट की काॅपी सबूत के तौर पर दे सकेगी। महिला आयोग की सदस्य दिपीका शोरी विवाह की साक्षी रहेंगी। इस अनुशंसा के साथ प्रकरण विवाह होने तक स्थगित रखा गया। विवाह हो जाने के बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाएगा।

सांसद बनने के बाद भी नहीं छूटा जमीन से जुड़ाव, खेत जोतते नजर आए सांसद महेश कश्यप

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पुश्तैनी किसानी परंपरा को आज भी जीवंत रखे हुए हैं बस्तर सांसद कश्यप

परिवार के साथ मिलकर स्करते हैं जोताई, रोपाई और बोआई

जगदलपुर मानसून की पहली फुहारों के साथ ही जहां पूरे देश और प्रदेश के किसान अपने खेतों की ओर रुख कर चुके हैं, वहीं बस्तर संसदीय क्षेत्र से एक बेहद खास और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप राजनीति की चकाचौंध से दूर,एक आम किसान की तरह अपने खेतों में पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। वे खुद ट्रैक्टर से अपने खेत जोतने में लगे हुए हैं।

सांसद महेश कश्यप का परिवार पीढ़ियों से कृषि कार्य से जुड़ा हुआ है। पुरखों के समय से चली आ रही इस पारंपरिक किसानी को उन्होंने सांसद बनने के बाद भी नहीं छोड़ा है। अमूमन वीआईपी संस्कृति के दौर में जहां जनप्रतिनिधि खेतों से दूरी बना लेते हैं, वहीं महेश कश्यप आज भी अपने परिवार के साथ मिलकर खेतों की जोताई, फसलों की रोपाई, बुवाई, निराई गुड़ाई और कटाई का कार्य स्वयं करते हैं। सांसद महेश कश्यप ने कहा कि किसानी मेरा मूल आधार है और मिट्टी से मेरा जुड़ाव ही मेरी असली ताकत है।

पद आते जाते रहते हैं, लेकिन जो हमारा मूल काम है, उसे कभी नहीं भूलना चाहिए। बस्तर का विकास और यहां के किसानों की खुशहाली ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बस्तरवासियों और किसानों के बीच सांसद का यह सादगीपूर्ण अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने सांसद को इस तरह आम किसान के रूप में खेतों में काम करते देखना गर्व की बात है, जिससे यह साबित होता है कि वे सही मायनों में माटीपुत्र हैं।

शिक्षकों की कमी, ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ दिया ताला

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प्राथमिक शाला बड़े अलनार में तालाबंदी कर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

जगदलपुर बस्तर विकासखंड के ग्राम बड़े अलनार की प्राथमिक शाला में शिक्षकों की भारी कमी है। इसे लेकर गुरुवार को पालकों और ग्रामीणों का आक्रोश फट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल अतिरिक्त शिक्षक नियुक्त करने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में लगभग 90 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के भरोसे है। ऐसे में सभी कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। पालकों का कहना है कि शिक्षकों की मांग को लेकर वे कई बार खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित और मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी स्कूल में अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की उदासीनता का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि एक शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है, जबकि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और प्रशासन की होगी।

बुजुर्ग को घसीट घसीट कर मारा रईसजादे ने, बंग समाज में आक्रोश

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बंगाली समाज अध्यक्ष जीवानंद हालदार ने की कड़ी कार्रवाई की मांग


जगदलपुर।
बंगाली समाज के बुजुर्ग को घसीट घसीट कर मारने पीटने वाले रईसजादे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग बंगाली समाज के संभागीय अध्यक्ष जीवानंद हालदार ने की है। संभागीय अध्यक्ष ने श्री हालदार ने कहा है कि बस्तर की शांति एवं सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।


बंगाली समाज के बस्तर संभागीय अध्यक्ष जीवानंद हालदार ने एक बयान में कहा है कि बस्तर को हमेशा से शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की भूमि के रूप में जाना जाता रहा है। यहां सभी समुदायों के लोग आपसी प्रेम, सम्मान और सद्भाव के साथ वर्षों से निवास करते आ रहे हैं। किंतु हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से शहर की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।

हालदार ने बताया कि हाल ही में एक दुखद घटना में बंगाली समाज के एक गरीब बुजुर्ग, जो सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, के साथ वाहन पार्किंग को लेकर एक युवक द्वारा कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर मारपीट की गई। आरोप है कि बुजुर्ग को घसीटते हुए पीटा गया, जिससे समाज में भय और आक्रोश का वातावरण उत्पन्न हो गया है। घटना के बाद पीड़ित थाना पहुंचा, उसका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।

किंतु बाद में कथित रूप से दबाव और भय के कारण उन्होंने रिपोर्ट वापस ले ली। इसके बाद पीड़ित ने बंगाली समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को पूरी घटना से अवगत कराया। इस संबंध में बंगाली समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से इस घटना की कड़ी निंदा की गई। समाज का मत है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून अपने हाथ में लेकर इस प्रकार की हिंसक घटना की जाती है, तो उसके विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई होनी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शहर का सामाजिक सौहार्द बना रहे। बंगाली समाज ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो समाज लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

बस्तर के अंदरूनी गांवों के स्कूलों को मिलेगा पुनर्जीवन

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ऑनलाइन हाजिरी दर्ज न कराने पर होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री यादव ने ली संभाग स्तरीय बैठक

जगदलपुर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जगदलपुर में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बस्तर के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसके लिए अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करना है, साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों-शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जानी है।

उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार, नियमित उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी की आवश्यकता बताई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों के आधार रूट को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्कूलों को केंद्रित कर गणित, अंग्रेजी, हिंदी पर फोकस करें। साथ ही चरणबद्ध तरीके से कैलेंडरवार, शालावार, विषयवार समय-सारिणी के साथ पढ़ाई करवाएं और रिवीजन टेस्ट की गतिविधि करवाएं। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह एवं संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, संभाग के शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एचआर सोम, बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान आधार बेस एप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके एप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति की जानकारी ली गई।ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने कहा गया।

होगी अटैच्ड कर्मियों की वापसी

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मूल पदस्थापना में वापस भेजने के निर्देशों के पालन की समीक्षा की। उन्होंने बसाहटवार प्राथमिक शालाओं की जानकारी, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद विद्यालयों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना, बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणाम में जिलों के प्रदर्शन पर चर्चा की। जिलों के पोटा केबिन में अंतर जिला स्कूली बच्चों को एडमिशन देने के निर्देश दिए, साथ ही वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु पिछले वर्षों के प्रश्नों का विषय आधारित यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को कमजोर स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त एवं युक्तियुक्तकरण किए गए शिक्षक पदों की स्थिति (ई एवं टी संवर्ग), स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना एवं गैप एनालिसिस की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा छात्र हितग्राही योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, गणवेश वितरण, पाठ्य पुस्तकों का वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन व न्यौता भोजन, शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ध्वस्त किए जाएंगे जर्जर भवन

मंत्री यादव ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों का विकास पीएम श्री स्कूल की तर्ज पर करने पर जोर दिया। साथ ही जर्जर स्कूल भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करवाने और स्कूलों के छोटी-छोटी आवश्यकता वाले कार्यों को जरूरत के आधार पर बजट का उपयोग करने की बात कही। मंत्री ने निर्देशित किया कि पाठय पुस्तक का वितरण शत-प्रतिशत किया जाए, स्कूलों एवं संकुलों में अवितरित किताबों का रिकार्ड संधारित किया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को संभाग में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के तहत लक्षित वर्ग की स्कूली छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं गिफ्ट प्रदान कर उन्हे मेहनत एवं लगन के साथ पढ़ाई करने की समझाईश दी।

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