दल्ली राजहरा (बालोद)। नगर में भालू की मौजूदगी एक बार फिर लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। शुक्रवार रात दल्ली राजहरा के ओपन थिएटर के आसपास भालू को घूमते हुए देखा गया। इसके साथ ही माइन्स ऑफिस चौक क्षेत्र में भी भालू के विचरण की पुष्टि हुई है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से भालू का वीडियो बनाया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।इससे पहले भी दल्ली राजहरा के विभिन्न इलाकों में भालू देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार शहरी क्षेत्र में भालू के दिखने से यह प्रतीत हो रहा है कि वह भटककर आबादी वाले क्षेत्र में आ गया है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के रहवासी सहम गए हैं और रात के समय आवाजाही को लेकर भय का माहौल बन गया है।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग द्वारा सायरन बजाकर लोगों को सचेत करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि विभागीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि भालू को पकड़ने अथवा सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। पूर्व में भी भालू देखे जाने के बावजूद कोई ठोस व्यवस्था न होने से लोगों में आक्रोश और डर दोनों व्याप्त हैं।नगरवासियों ने मांग की है कि वन विभाग केवल चेतावनी तक सीमित न रहे, बल्कि ठोस और स्थायी कदम उठाए, ताकि भालू को सुरक्षित ढंग से शहरी क्षेत्र से बाहर किया जा सके और लोगों को भयमुक्त वातावरण मिल सके।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी वर्ष समारोह पूरे देश में मनाया जा रहा है उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 20 दिसम्बर को किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मिलित हुए कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा एवं छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं छत्तीसगढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी प्रभारी कॉमरेड पी. संतोष जी उपस्थित रहे और 7 किलोमीटर की विशाल रैली में अपना योगदान दिया
और उद्बोधन में उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास के बारे में बताया कि किस तरह कॉमरेड साथी के बलिदानों और साथ की वजह से आज कम्युनिस्ट पार्टी का नाम देश के हर राज्यों के कोने कोने में है और पार्टी का उद्देश्य किसान मजदूरो और बेरोजगारों के हित में कार्य करना है उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी लोगों को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के लिए एकजुट होकर आगे आकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्यों छत्तीसगढ़ में हुए दिवंगत कॉमरेड साथियों के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया गया वे सभी कॉमरेड कम्युनिस्ट पार्टी की नींव को मजबूत कर अपना जीवन किसान,मजदूर एवं पार्टी के लिए अपना सारा जीवन लगा दिया कार्यक्रम में दल्ली राजहरा के कम्युनिस्ट पार्टी के दिवंगत कॉमरेड साथी जिन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी को आगे बढ़ाने उनकी नींव रखने में अपना योगदान दिया
जिनमें से कॉमरेड प्रकाश राय, कॉमरेड मोजेस , कॉमरेड नसीम आलम नारवी के परिवार को सम्मानित किया गया और उनके इतिहास के बारे में बताया गया कि कामरेड प्रकाश राय काफी समय तक कम्युनिस्ट पार्टी की नींव रखने में अपना योगदान दिया और बहुत समय तक दल्ली राजहरा में कम्युनिस्ट पार्टी के लिए कार्य किया फिर राजनांदगांव चले गए वहां उनका देहांत हो गया,कामरेड मोजेस जी भी राजहरा में (SKMS) की नींव डाली और पार्टी के लिए निरंतर कार्य करते रहे एक बाढ़ दुर्घटना में बस में फंसे लोगों को बचाते बचाते शहीद हो गए, कामरेड नसीम आलम नारवी एक अच्छे कवि और प्रगतिशील लेखक संघ के प्रदेश के पदाधिकारी थे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा के संस्थापक सदस्यों में से थे संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक के सदस्य थे और वे जीवन भर कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े हुए अपना जीवन जिया ये सभी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए आगे से आगे बढ़कर काम किया और पार्टी को अधिक ऊंचाई तक पहुंचाया और आज भी उनके आदर्शों पर चलकर दल्ली राजहरा कम्युनिस्ट पार्टी के कामरेड साथियों के द्वारा पार्टी के उद्देश्य को आम जनता से जुड़ के पार्टी से सभी किसान, मजदूरो और बेरोजगारों के हित में कार्य करने के लिए और अधिक गति प्रदान करना हैभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला बालोद के सचिव कॉमरेड अनिल यादव के द्वारा कॉमरेड नसीम आलम नारवी के सम्मान को स्वीकार किया गया
और छत्तीसगढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रदान किए गए सम्मान को का. नसीम आलम नारवी के पुत्र का. खुर्शीद आलम नारवी को का. अनिल यादव के द्वारा प्रदान किया गया जिला सचिव अनिल यादव ने कहा वे हमेशा कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ के सभी दिवंगत एवं शहीद कॉमरेड साथियों के आदर्शों में चलकर आम बेरोजगारों, किसान और मजदूरों के परेशानियों में निरंतर उनके साथ रहकर उनके हित कार्य करता रहूंगा और सभी सेवा करते रहने का आश्वासन दिया इस बात पे कम्युनिस्ट पार्टी और राजहरा के संगठन के सभी लोगो ने खुशी जाहिर की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी वर्ष समारोह में छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा एवं छत्तीसगढ़ राज्य कथा श्रमिक संघ के साथी कॉमरेड अनिल यादव, राजेंद्र बेहरा,गौतम बेरा,अजय मिश्रा,इंद्र कुमार साहू ,विनोद आरडे, निशांत सूर्यवंशी,प्रभात कुमार ,अमरीकसिंह, बलवंत राय, नरोत्तम ताराम, फागू राम,पवन खोबरागडे, राकेश सोनटेके,पंकज ताम्रकार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
ग्राम कुसुमकसा में पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस एवं समस्त बैस परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन अपने पूज्य पिता जी स्व. जयपाल बैस के प्रथम पुण्यतिथि में किया गया है । यह आयोजन 16 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक किया जाएगा। श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के भागवताचार्य हैं पंडित कृष्णकांत शास्त्री ( कवर्धा वाले ) कथा के पांचवे दिन कथा में शास्त्री जी ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा बतलाया उन्हें बताया कि राक्षसों के राजा बलि एक शक्तिशाली और दानवीर राजा थे ।जिन्होंने अपने पराक्रम और बल से तीनों लोकों पर अपना राज्य बना लिया था । राजा बलि एक शक्तिशाली अश्वमेध यज्ञ कर रहे थे ।
अश्वमेध यज्ञ के आयोजन से देवतागण डर गए उन्हें लगा कि अब राजा बलि इंद्रासन पर अपना कब्जा ना जमा ले। इसलिए वे सभी डर कर भगवान विष्णु के पास गए और राजा बलि के यज्ञ को भंग करने का निवेदन करने लगे। राजा बलि को दानवीर कहा जाता है क्या वास्तव में दानवीर है यह जानने के लिए उन्होंने भगवान विष्णु को उनकी परीक्षा लेने के लिए भी उकसाया । भगवान विष्णु ने राजा बलि की यज्ञ भंग करने और उनकी परीक्षा लेने के लिए वामन देवता का रूप धारण कर राजा बलि की यज्ञ स्थल पर गए ।राजा बलि ने वामन देवता के आकर्षक रूप और तेज को देखकर मोहित हो गया उन्होंने कहा इस यज्ञ में सचमुच भगवान उपस्थित हो गए हैं उन्हें देखकर बहुत खुश हुए राजा बलि ने कहा भगवान आप मांगो क्या मांगते हो राक्षसों के गुरु शुक्राचार्य ने राजा बलि को सावधान करते हुए कहा राजन यह कोई साधारण भिक्षुक नहीं है यह साक्षात् नारायण है जो वामन देवता के रूप में आ खड़ा हुआ है । शास्त्री जी ने कहा कि यदि आपका बेटा दानी हो और जग का पालनहार स्वयं याचक बनकर आए और आपके सामने झोली फैला कर दक्षिणा मांगे तो आप क्या करोगे इससे गहराई से समझना राजा बलि ने वामन देव को सर्वस्व दान कर कोई गलत नहीं किया ।
वामन देव ने कहा राजन मुझे कुछ नहीं चाहिए बस तीन पग जमीन मुझे दे दीजिए मैं इसी में संतुष्ट हो जाऊंगा । राजा बलि ने वामन देव के छोटा स्वरूप को देखकर कहा वामन देव आपको जितनी जगह चाहिए वहां का जमीन नाप लीजिए । यह सुनते ही वामन देव बने भगवान विष्णु ने अपना विशाल रूप बना लिया । उनके रूप को देखकर राजा बलि को अपनी गलती का एहसास हुआ लेकिन वचन में बंधे राजा बलि ने वामन देव के सामने चुप रहे वामन देव ने एक पैर जमीन पर तो दूसरे पैर आकाश में रख दिया । जैसे ही आकाश में वामन देव के पैर पड़े भगवान ब्रह्मा ने अपने गंगा से भगवान विष्णु के पैर धोए । वामन देव ने राजा बलि से कहा राजन अब तो जमीन से लेकर आकाश तक मैंने दो पग में नाप लिया अब तीसरा पग कहां रखूं । राजा बलि वचन में बंधे थे उन्होंने कहा वामन देव आप तीसरा पग मेरा सिर पर रख दीजिए । भगवान विष्णु ने जैसा ही तीसरा पग राजा बलि के सिर पर रखा तो तालियों के गड़गड़ाहट से स्वर्ग के साथ धरती भी गूंज उठा । आप कल्पना करिए यदि आप जब पुण्य का काम करते हैं तो आपके घरों के आसपास लोग खुशी से ताली बजाते हैं और जब राजा बलि ने पुण्य के काम किया तो आसमान से देवता गन भी ताली बजाने लगे । उनपर पुष्प की वर्षा होने लगी यह थी राजा बलि की प्रताप की कथा । कथा यहीं पर समाप्त नहीं होती है राजा बलि की दानशीलता देखकर नारायण ने राजा बलि को भगवान विष्णु ने पाताल का राजा बना दिया और कहा मांगो तुम क्या मांगते हो राजा बलि ने कहा भगवान आपने मुझे राज पाठ तो दे दिया लेकिन मेरी इच्छा यही है कि आप मेरी द्वारपाल बने । वचन से बंधे भगवान विष्णु भी राजा बलि द्वारपाल बनना स्वीकार किया जब कई दिनों तक भगवान विष्णु को विष्णु लोक में नहीं देखा तब मां लक्ष्मी ने नारद से पूछा नारद नारायण कहां है । नारद ने बताया कि नारायण , राजा बलि के द्वारपाल बन पाताल में खड़े हैं । तब मां लक्ष्मी ने पाताल में भगवान विष्णु से मिलने गए और उनके सेवा में लग गए । कुछ दिनों रक्षाबंधन का त्योहार आया उस समय मां लक्ष्मी राजा बलि के पास जाकर रो रही थी उन्होंने रोने का कारण पूछा तब मां लक्ष्मी ने कहा राजन रक्षाबंधन के त्यौहार है मेरी कोई भाई नहीं है इसलिए मैं रो रही हूं । राजा बलि ने कहा इसमें रोने की क्या बात है मुझे ही अपना भाई बना लीजिए और मुझे राखी बांध दीजिए । मां लक्ष्मी ने अपने आंचल से कपड़ा फाड़ कर राजा बलि के हाथों में बांध दिया और उन्हें भाई बना लिया । राजा बलि ने बहन पाकर तो खुश हुआ लेकिन राखी के बदले में मां लक्ष्मी ने राजा बलि से द्वारपाल को मांग लिया । भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी ने सुख समृद्धि का आशीर्वाद देकर वापस विष्णु लोक लौटे ।दूसरी कथा में उन्होंने राजा हरिश्चंद्र की दानवीरता और वचन में बंधे रहने की कथा बताई । उन्होंने कहा कि भगवान ,भक्त को अपनी कसौटी में कसता है वह देखता है की भक्त कितना खरा उतरता है । भक्त कितना दुःख सहकर भी मुझ पर से अपना आसक्त नहीं हटाता ।तीसरी कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की तथा चौथी कथा में वासुदेव श्री कृष्ण की जन्म के संबंध में कथा बताया । शास्त्री जी ने बताया कि भगवान विष्णु के अवतार श्री राम और श्री कृष्णा के संबंध में बताया कि भगवान राम ने मर्यादा और पिता की वचन का पालन करने के लिए वनवास का पालन किया वह हमेशा मर्यादा में रहे इसलिए राम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम बने । कृष्णा ने मां के वात्सल्य गोपियों और ग्वाल बालों के साथ लीला मित्र सुदामा के साथ मित्र धर्म का पालन किया । भक्ति द्रोपती की पुकार पर उनकी रक्षा की उन्होंने महाभारत में यह बताया कि धर्म की रक्षा के लिए वचन और मर्यादा भी तोड़ा जा सकता है उन्होंने कर्म को प्रधानता दी । इसलिए भगवान श्री कृष्णा कर्मयोगी कहलाए ।विश्व प्रसिद्ध गीता ज्ञान दिया उन्होंने कहा कि कर्म से बड़ा कोई नहीं है आप कर्म करते जाइए फल की चिंता मत करिए लेकिन इतना ध्यान रखिए जैसा बोवोगे वैसा ही आपको फल मिलेगा । कथा के बीच में उन्होंने मानव की सोच विचार के संबंध में एक व्याख्यान दिया एक मनुष्य जाकर मधुमक्खी से कहता है अरे मधुमक्खी यदि तुम में डंक नहीं होता तो तुम कितने अच्छे होते सागर से कहता है सागर यदि तुम्हारा पानी खारा नहीं रहता तो तुम कितने अच्छे रहते गुलाब से आकर कहता है गुलाब यदि तुम्हारे बीच काटा नहीं रहता तो तुम कितने अच्छे रहते । चंदन से आकर कहता है चंदन तुम्हारे खुशबू तो बहुत अच्छा है लेकिन यदि तुम्हारे बीच यदि सर्प नहीं रहते तो तुम कितने शीतल और अच्छे रहते । सभी ने मिलकर मनुष्य से कहा अरे मनुष्य यदि तुम में कमी निकालने की फितरत नहीं रहती तो तुम कितने सुंदर होते । इसलिए कहा गया है कभी किसी की कमी मत निकालिए लेकिन इंसान की फितरत है उनकी कमी निकालना । आप उनके गुण देखिए कमी नहीं भगवान हम सबको बनाया है आप उनसे अच्छा कर्म करिए सभी के गुण देखिए और गुण को देखकर उनका सम्मान करिए ।
ग्राम कुसुमकसा में पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस एवं समस्त बैस परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन अपने पूज्य पिता जी स्व. जयपाल बैस के प्रथम पुण्यतिथि में किया गया है । यह आयोजन 16 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक किया जाएगा। श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के भागवत आचार्य हैं पंडित कृष्णकांत शास्त्री ( कवर्धा वाले ) हैं। कथा के तीसरे दिन उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा से दुश्मन को भी दोस्त बनाया जा सकता है यदि भगवान की कृपा हो तो पर्वत को भी लांघा जा सकता है । भगवान से प्रेम से अपने पुत्र अपने पिता अपनी मां और अपनी बेटी की तरह करना चाहिए जिससे अपने जीवन का उद्देश्य सफल हो सके । शास्त्री जी ने बताया कि यह शाश्वत है कि जैसे बोओगे वैसा ही पाओगे । आप जिस तरह लोगों के साथ व्यवहार ( प्रेम ) करोगे तो आपको प्रेम ही मिलेगा हो सकता है इसमें कुछ समय लगे ,लोग आपको समझने में देरी करें लेकिन अंत में आपको आपका कर्म का फल अवश्य प्राप्त होगा । भगवान से मांगना हो तो ऐसे मांगना जैसे धृति महाराज ने मांगा आपकी तरह मेरा बेटा हो मनु महाराज ने भी मांगा भगवान आप जैसे ही मेरा बेटा हो बस इसी तरह भगवान उनका बेटा बन कर आया । यह कथा प्रारंभ होती है उस समय से जब तीनों देवियों को मां अनुसूया से ईर्षा हो गई । मां लक्ष्मी को धन का मां सरस्वती को ज्ञान का और मां अन्नपूर्णा अपने रूप का अहंकार आ गया था ।उनके अहंकार को देखकर तीनों देवताओं ने विचार किया कि इनके अहंकार को दूर कैसे किया जा सके । एक बार नारद मुनि अनसूया के कुटिया में गए मां ने उन्हें आसन पर बैठा कर सुंदर भोजन करवाया । उसके बाद नारद मुनि स्वर्ग में गए तो वहां मां अन्नपूर्णा ने उन को भोजन कराया तब नारद जी खाते जाते और मुंह सिकोड़ते जाते । माताऐं बोली क्यों नारद भोजन में क्या स्वाद नहीं है तब नारद बोले आपका भोजन बहुत स्वादिष्ट है लेकिन इसमें उस तरह का स्वाद नहीं है जितना मां अनुसूया के भोजन में होता है । मां बोली नारद जानते हो मैं कौन हूं मैं तुम्हारी जननी हूं और मेरा भोजन में आज तुमको स्वाद नहीं आ रहा है महाराज ने कहा मां के हाथों को भोजन सभी के नसीब में नहीं होता है । जिनकी किस्मत में होता है उनका जीवन सफल हो जाता है कहा जाता है मां के हाथों का भोजन ब्राह्मण के हाथों का तिलक और पुत्र के हाथों से पिंडदान हर किसी के भाग्य में नहीं रहता । इसलिए कितना भी पेट भरा रहे यदि मां भोजन करने को कहती है तो जरूर खाएं भले ही थोड़ा सा खाएं मां की बातों का अवहेलना ना करें । मां के हाथों का भोजन अमृत है मां के आंचल में ही स्वर्ग हो जाता है मां जब बच्चों के सिर में हाथ फेरती है तो उसने स्वर्ग का आनंद की अनुभूति होती है । इसी तरह नारद मुनि ने कैलाश पर्वत विष्णु लोक सभी जगह मां पार्वती और दूसरों के भोजन को स्वादहीन बताया तब सभी देवियों ने मां अनुसूया की परीक्षा लेने की सोची ।उन्होंने तीनों देवताओं को भिक्षा मांग कर लाने को भेजे ।तीनों देव अन्न पात्र लेकर साधु के वेश में मां अनसूया की कुटिया में भिक्षा मांगने गए । तीनों देवताओं को देखकर सती अनसूया प्रसन्न हुई और उन्होंने भिक्षा देने के लिए अन्न ले कर बाहर निकली । तब तीनों देवताओं ने कहा माता हमारा अभि व्रत चल रहा है यदि आप निर्वस्त्र होकर दान करेंगे तभी हम भिक्षा ग्रहण करेंगे । मां अनुसूया ने अपनी पतिव्रता धर्म से साधुओं की बात को समझ गई उन्होंने महसूस किया कि यह साधारण साधु न होकर तीनों देव हैं जो उनका परीक्षा लेने के लिए उनकी कुटिया में आए हैं । तब उन्होंने अपने सतीत्व बल से तीनों साधु को नन्हे बालक के रूप में परिवर्तन कर दिया और उनकी सेवा में लग गए । बहुत दिनों तक जब तीनों देव अपने अपने लोक नहीं पहुंचे तब तीनों देवियों ने नारद मुनि से पूछा की वह कहां है तब उन्होंने मां अनुसूया के कुटिया की ओर इशारा किया । जब तीनों देवियां उनके कुटिया में पहुंचे तो देवता गण मां अनसूया के बालक बनकर उनके पालने में झूल रहे थे । मां अनसूया तीनों देवियों को अपने कुटिया में बिठाया अंत में तीनों देवियां अनसूया के सतीत्व के आगे नतमस्तक हो गई और उन्होंने कहा हमें अपने ज्ञान रूप और धन का अहंकार हो गया था आपके ज्ञान और सतीत्व के आगे हम तीनों नतमस्तक हो गए ।शास्त्री जी ने पुत से कपूत बनने के संबंध में एक कथा बतलाया उन्होंने कहा कि आज हमारे समाज में परिवर्तन हो रहा है उन्होंने एक मां की कथा बताई एक आंख वाली एक मां अपने बेटे को पढ़ा लिखा कर नौकरी के लायक बनाया जब उन्होंने अपने बेटे का विवाह किया । विवाह होने के बाद उनके यहां आने वाली बहू ने अपने पति से कहा कि आपकी मां के कारण लोग हमें उलाहना देते हैं की कानी की बहू है । इसे घर से बाहर निकाल दो बेटे ने अपनी पत्नी की बात मानकर अपने मां को घर से बाहर निकाल देता है । मां भटकते भटकते मौत की नींद में सो जाती है । मरने से पहले एक पत्र अपने बेटे के लिए भेजती है जब उन्हें अपनी मां की मृत्यु की खबर मिलता है तब वह अपने मां के मिलने जाता है पत्र में लिखा रहता है कि बेटे जब तुम ने जन्म लिया तब तुम्हारा एक आंख खराब था मैंने अपना आंख देकर तुम्हें रोशनी दिया था । जिसके कारण मैं आज कानी हुई हूं । यह बात मैंने वर्षों पहले तुमसे छुपाई थी लेकिन आज मौत से पहले मैं सच्चाई तुम्हें बता देना चाहती हूं । बेटा को जब पता चला तो वह फूट फूट कर रोया लेकिन मां तो इस दुनिया से चली गई थी वह वापस नहीं आ सकती थी। शास्त्री जी ने देवी अनसूया चरित्र कथा के साथ शिव पार्वती विवाह की कथा भी बताई । जहां देवाधिदेव महादेव एवं जगत जननी मां पार्वती के विवाह का सुंदर एवं सचित्र चित्रण किया गया l कथा के समाप्ति के तीसरे दिन भागवताचार्य पंडित कृष्णकांत शास्त्री जी ने बताया कि मां की ममता और पिता की क्षमता का जो आकलन करने लग जाए वह पुत्र नहीं हो सकता वह कुपुत्र होता है मां और पिता का ऋण आप जीवन में कभी भी नहीं उतार सकते ।
दल्लीराजहरा। नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा में शासन के निर्देशानुसार 19 से 25 दिसंबर 2025 तक ‘प्रशासन गांव की ओर 2025’ के थीम पर गुड गवर्नेंस वीक – सुशासन सप्ताह का राष्ट्रीय आयोजन किया जा रहा है की जानकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र वारडेकर ने दी l शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में नागरिक केंद्रित प्रशासन को सुदृढ़ करना, सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण को सुनिश्चित करना तथा सेवा प्रदाय प्रणाली में ठोस सुधार लाना है। प्रथम चरण में नागरिक सेवाओं जैसे जन्म मृत्यु पंजीयन, व्यापार अनुज्ञप्ति, विवाह प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, जल एवं सम्पत्ति कर इत्यादि से संबंधित समस्याओं की पहचान की जाएगी। द्वितीय चरण में 19 से 25 दिसंबर तक शिविर के माध्यम से समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। शिविर का आयोजन प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा में किया किया गया, शिविर में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत एक आवेदन प्राप्त हुए l उत्तर शिविर में नोडल अधिकारी रामगोपाल चंद्राकर, सहायक नोडल अधिकारी बुद्धिमान सिंग, इंद्र यादव,अब्दुल कलीम,आनंद साहू, चिरंजीवी साहू, अभिजीत भगत, रतन चौधरी,सूरज सिन्हा, अकबर अली, लक्ष्मी सिन्हा, मंजू कोसरे, कंचन निर्मलकर एवं नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहेl
गुजरा।आज ग्राम गुजरा में आयोजित सांसद खेल महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम, जनपद सदस्य आशा आर्य, भाजपा के वरिष्ठ नेता सोमेश साहू, मंडल महामंत्री मितेंद्र वैष्णव, मंडल उपाध्यक्ष हितेश साहू, गोपाल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच पार्वती मांडवी, ग्राम पंचायत कुसुमकसा की सरपंच वेदबाई पिसदा, ग्राम पंचायत अरमुरकसा के सरपंच हलधर गोरे, ग्राम पंचायत धुर्वाटोला की सरपंच अंजू कोसमा, ग्राम पंचायत चिपरा के सरपंच यस राणा सहित समस्त सरपंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने एवं उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का सराहनीय प्रयास किया गया।
बालोद, मनखे मनखे एक समान की शिक्षा पूरे संसार को आलोकित करने वाले युग प्रणेता बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर ग्राम खपरी सहित लौंडी भौईनापार अमौरा में शोभा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय तोमन साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बालोद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जैतखंभ में ध्वजा रोहण कर आरती में भाग लिया और बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सरस्वती टेमरिया, अध्यक्ष जनपद पंचायत बालोद ने की। विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती ममता साहू, जनपद पंचायत सदस्य बालोद, धर्मेंद्र साहू, अध्यक्ष भाजपा मंडल करहीभदर, श्यामा बाई मार्कण्डेय, कार्यकारिणी सदस्य जिला सतनामी समाज बालोद, टंकेश्वर कुंजम, सरपंच ग्राम पंचायत खपरी,
ग्राम सभा अध्यक्ष उकचंद निर्मलकर, दल्लू राम सोनवानी, अध्यक्ष सतनामी समाज, पंचगण शरीफ खां, नरेश नारंगी, फिरता जांगड़े, दिलीप मार्कण्डेय, पंचराम देशलहरे एवं अन्य ग्रामीण जन उपस्थित रहे।इस अवसर पर तोमन साहू ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों को अपनाकर हम अपने समाज और देश को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को एकजुट करने का काम किया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
दल्लीराजहरा–थाना राजहरा क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 18.12.2025 को लगभग 03:00 बजे बीएसपी 2 नम्बर स्कूल ग्राउंड, दल्लीराजहरा में चाकू से प्राणघातक हमला करने की गंभीर घटना घटित हुई।प्रार्थी चुम्मन ठाकुर पिता स्व. श्याम लाल ठाकुर, उम्र 27 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 24 दल्लीराजहरा, अपने दोस्तों के साथ ग्राउंड में बैठा हुआ था। इसी दौरान सुमित सिंह नायक, यशवंत विभार एवं एक नाबालिग, तीनों एक स्कूटी से वहां पहुंचे। आरोपी सुमित नायक द्वारा प्रार्थी से पूर्व में थाना राजहरा में दर्ज कराई गई एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाया गया। प्रार्थी द्वारा इंकार करने पर आरोपियों ने एक राय होकर अश्लील गालियां दीं एवं जान से मारने की धमकी देते हुए सुमित नायक ने अपने पास रखे चाकू से प्रार्थी पर हमला कर दिया।घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए नारायण नेताम एवं अंकित यादव पर भी आरोपी सुमित नायक ने चाकू से हमला किया, जिससे नारायण नेताम के पीठ एवं पेट में तथा अंकित यादव के दाहिने हाथ एवं दाहिने घुटने के पास गंभीर चोटें आईं।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना राजहरा में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 296, 351(3), 109(1), 3(5) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया।प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के दिशा-निर्देश एवं नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा डॉ. चित्रा वर्मा के नेतृत्व में राजहरा पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ के दौरान आरोपियों एवं नाबालिग द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर आरोपी सुमित नायक से घटना में प्रयुक्त लोहे का चाकू तथा आरोपी यशवंत विभार से स्कूटी क्रमांक CG 24 E 7733 जप्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय तथा नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।—गिरफ्तार आरोपीगण1. सुमित सिंह नायक, पिता मुलायम सिंह नायक, उम्र 18 वर्षनिवासी – वार्ड क्रमांक 03, पटेल कॉलोनी, दल्लीराजहरा2. यशवंत विभार, पिता शिवराम विभार, उम्र 20 वर्षनिवासी – वार्ड क्रमांक 04, टेबलर सेड, राजहरा3. एक नाबालिग, निवासी – दल्लीराजहरा
बालोद जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दानीटोला बस स्टैंड के सामने रात करीब 8 बजे हुई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुसुमकसा निवासी नितीश कुमार (24) तथा सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पदस्थ जवान कामेश्वर तुमरेकी (37) दुर्ग से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान भानुप्रतापपुर की ओर से रायपुर जा रहे आयरन से लदे तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक सीजी 19 बीएफ 6590 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि नितीश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कामेश्वर तुमरेकी गंभीर रूप से घायल हो गए।घायल BSF जवान को मौके पर मौजूद लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया गया कि घायल जवान छुट्टी लेकर अपने गांव लौट रहे थे।हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और आक्रोशित होकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर व सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की मांग की, साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बालोद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव एवं संगठन महामंत्री पवन साय की अनुसंशा पश्चात अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष मखबुर इकबाल खान ने अपनी टीम की घोषणा की जिसमे बालोद जिला अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष अकबर तिगाला को प्रदेश मंत्री एवं अभाविप से छात्र राजनीति की शुरुवात करने वाले एवं भाजयुमो मंडल में दायित्त्वों का निर्वहन करने वाले युवा नेता समीर खान को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया नियुक्ति पश्चात दोनो नेताओ ने वरिष्ठ नेताओं से मिलकर आशीर्वाद प्राप्त किया इनकी नियुक्ति पर भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार पवन साहू लघु वनोपज संघ उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा पूर्व विधायक प्रीतम साहू वीरेंद्र साहू कुमारी बाई साहू शाहिद खान जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव सौरभ लुनिया ठाकुरराम चंद्राकर कौशल साहू टीनेश्वर बघेल भुनेश्वरी ठाकुर पवन सोनबरसा कांति सोनेश्वरी सोमेश सोरी सुरेंद्र देशमुख प्रेम साहू श्रीमती पूजा यादव निशा योगी चंद्रलता साहू हरीश कत्क्षरे मनीष झा जितेंद्र साहू विनोद जैन कमल पम्पालिया रविप्रकाश पांडेय पालक ठाकुर मंडल अध्यक्षगन कुसुम शर्मा अरुण साहू धर्मेंद्र साहू विवेक वैष्णव अमित चोपड़ा अरुण साहू प्रकाश सिन्हा योगेंद्र गांधी सिन्हा सुरेश साहू उत्तरा घरेन्द्र रूपेश नायक युवराज मार्कण्डेय कुलदीप साहू जीतू गुप्ता रामेश्वर साहू आनंद शर्मा खेमलाल देवांगन तुकेश्वर पांडेय सहित जिले के अनेक नेताओ कार्यकर्ताओ ने बधाई प्रेषित की है।