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अधिकारी ठाकुर ने प्राथमिक शाला पिरीद एवं भेंगारी का निरीक्षण कर शिक्षा गुणवत्ता का किया मूल्यांकन

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अधिकारी ठाकुर ने प्राथमिक शाला पिरीद एवं भेंगारी का निरीक्षण कर शिक्षा गुणवत्ता का किया मूल्यांकन विद्यार्थियों से बातचीत कर अध्ययन-अध्यापन एवं शाला के व्यवस्थाओं का जाना हाल, पूरे मनायोग से विद्या अध्ययन कर जीवन में आगे बढ़ने की दी सीख बालोद, 24 दिसम्बर 2025जनसंपर्क अधिकारी चंद्रेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता माॅनिटरिंग के तहत गत दिनों बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक शाला पिरीद एवं भेंगारी का निरीक्षण कर इन शालाओं में जरूरी सुविधाओं की उलपब्धता एवं शिक्षा गुणवत्ता की स्थिति का मूल्यांकन किया। इस दौरान ठाकुर ने विद्यालय के सभी कक्षाओं में पहुँचकर बच्चों से बातचीत कर शाला में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं जरूरी सुविधाओं की उलपब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई-लिखाई के अलावा उनके दैनिक दिनचर्या एवं अन्य गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली।

ठाकुर ने विद्यार्थियों को समझाईश देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई-लिखाई बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी काम असंभव नही है, कठिन परिश्रम, लगन, धैर्य एवं त्याग से सभी उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से विद्या अध्ययन कर जीवन में खूब प्रगति करते हुए अपने माता-पिता, परिवार, स्कूल एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का नाम रोशन करने को कहा। श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को निरंतर ज्ञानार्जन करने के साथ-साथ सदाचारी एवं व्यवहार कुशल बनने तथा नशापान आदि बुराईयों से जीवन भर दूर रहने की सीख दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत निर्धारित बिंदुओं के अनुसार शाला के भौतिक वातावरण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का समुचित क्रियान्वयन, स्कूल में बच्चों की सीखने की स्तर की स्थिति आदि विभिन्न बिंदुओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश भर सहित बालोद जिले के अटल परिसरों का किया वर्चुअल लोकार्पण जिले के दल्लीराजहरा, चिखलाकसा, डौण्डी, गुरूर, गुण्डरदेहरी और अर्जुंदा में हुआ लोकार्पण

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बालोद, 25 दिसम्बर 2025भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रदेश भर सहित बालोद जिले के 06 नगरीय निकायों में अटल परिसर का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। उन्होंने अटल जी को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए कहा कि अटल जी के नेतृत्व में देश में विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की है। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन नीति का केन्द्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुर्नस्थापना का प्रयास लगातार जारी है। मुख्यमंत्री साय ने वर्चुअल माध्यम से जिले के नगर पालिका दल्लीराजहरा, नगर पंचायत चिखलाकसा, डौण्डी, गुरूर, गुण्डरदेहरी और अर्जुंदा में नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण कर उन्हें श्रद्धांजली अर्पित किया। नगर पालिका दल्लीराजहरा में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर, नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकगण उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा नगर के वरिष्ठजनों का शाॅल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अलावा छत्तीसगढ़ में विकास की गंगा बहाकर छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। इसी प्रकार नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने छत्तीसगढ़ के विकास हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के द्वारा की गई सौगातांे के संबंध में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी। समारोह को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू ने भी संबोधित कर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के देश के नवनिर्माण में उनके योगदानों पर प्रकाश डाला।

तुलसी पूजन दिवस पर विहिप पदाधिकारियों ने शहरवासियों को दी शुभकामनाएं

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दल्लीराजहरा विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष नीलेश श्रीवास्तव एवं नगर अध्यक्ष शंकर साहू , जिला उपाध्यक्ष ममता यदु, जिला मातृशक्ति संयोजिका सत्य साहू ने तुलसी पूजन दिवस के पावन अवसर पर समस्त शहरवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है तथा तुलसी की पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।उन्होंने बताया कि तुलसी पूजन दिवस तुलसी के धार्मिक एवं औषधीय महत्व को उजागर करता है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी पूजन से भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।तुलसी पूजन दिवस की तिथिहिंदू पंचांग के अनुसार तुलसी पूजन दिवस प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष पौष माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि का शुभारंभ 24 दिसंबर को सायं 7 बजकर 52 मिनट से होगा एवं समापन 25 दिसंबर की रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर को ही मनाया जाएगा।तुलसी पूजन विधि एवं महत्वतुलसी पूजन दिवस के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता का पूजन करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।अंत में विहिप पदाधिकारियों ने सभी नागरिकों से तुलसी पूजन कर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को अपनाने का आग्रह किया।

दल्ली राजहरा क्षेत्र में 25 दिसंबर को अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 3 में लगभग 30 लाख की लागत से निर्मित पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की प्रतिमा का उनके जन्मदिवस पर 25 दिसंबर गुरुवार को प्रातः 10:00 बजे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णु देव साय,अध्यक्षता अरुण साव उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन विकास विभाग, अति विशिष्ट अतिथि विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री, भोजराज नाग सांसद कांकेर लोकसभा, अनिला भेड़िया विधायक डोंडी लोहारा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया जाएगा l मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र वार डेकर ने शहर के सभी जनप्रतिनिधियों एवं गण मान्य नागरिकों को लोकार्पण कार्यक्रम में आमंत्रित करते हुए शामिल होने की अपील की हैl

बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कबीरधाम एवं राजनांदगांव के न्यायिक अधिकारियों का संभाग स्तर पर कम्प्यूटर कौशल संवर्धन कार्यक्रम

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बालोद, 21 दिसम्बर 2025छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के तत्वावधान में दुर्ग संभाग के समस्त न्यायिक अधिकारियों के लिए कम्प्यूटर कौशल संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन 20 दिसम्बर को नवीन कॉन्फ्रेंस हॉल, जिला न्यायालय, दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के अंतर्गत जिला बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कबीरधाम एवं राजनांदगांव के सभी न्यायिक अधिकारियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी दक्षताओं को सुदृढ़ करना तथा न्यायालयीन कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक सक्षम बनाना था।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10.30 बजे उद्घाटन सत्र से हुआ। उद्घाटन सत्र में न्यायालयीन अभिलेखों का डिजिटलीकरण, पेपरलेस कोर्ट की अवधारणा, न्यायालयीन कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग, ई-साक्ष्य (डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन), ई-कॉपींग, हाईकोर्ट फास्टर मेल सेवा, ई-एससीआर पर जजमेंट सर्च, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस एवं मेरी पहचान, साथ ही सीआईएस 4.0 का अवलोकन एवं हँड्स-ऑन प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान की गयी। यह सत्र मास्टर ट्रेनर प्रतीक टेम्भुरकर, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, रायगढ़ एवं मास्टर ट्रेनर सुश्री सतप्रीत कौर छाबड़ा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, बालोद (डौंडीलोहारा) द्वारा गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों का स्वागत पर्यावरण अनुकूल पौधे देकर किया गया। इसके अतिरिक्त मुख्य अतिथियों को जिला न्यायालय के मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग द्वारा मध्यस्थता पर आधारित एवं प्रकाशित पुस्तक ष्सद्भाव एवं समाधान की यात्राष् की प्रति प्रदान की गयी। इसके साथ ही जिला बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम एवं राजनांदगांव से उपस्थित मुख्य अतिथियों को उनके जिले के अपराध के संबंध में केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध बंदियों द्वारा बनायी गयी पेंटिग्स भी भेंट स्वरूप प्रदान की गयी। साथ ही न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति छग उच्च न्यायालय बिलासपुर के संदेश से प्रेरित होकर दुर्ग जिले में बच्चों की सुरक्षा के संबंध में की जा रही नवीनतम पहल बाल सुरक्षा ब्रिगेड से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से टेक्नोलॉजी से संबंधित आकर्षक रंगोली बनायी गयी। इसके साथ ही उक्त कार्यक्रम में केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध बंदियों, पैरालीगल वालेंटियर्स तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के कर्मचारियों द्वारा बनायी गयी पेंटिग्स की प्रदर्शनी भी रखी गयी थी।

दल्ली राजहरा : वार्ड क्रमांक 21 में बच्चों को पिलाई गई पल्स पोलियो दवा

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दल्लीराजहरा।नगर के वार्ड क्रमांक 21 में पार्षद भूपेंद्र श्रीवास की उपस्थिति में मीतानिन दीदियों द्वारा वार्ड के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस दौरान पार्षद भूपेंद्र श्रीवास ने उपस्थित नागरिकों से बच्चों को नियमित रूप से पोलियो ड्रॉप्स पिलाने और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए पल्स पोलियो अभियान अत्यंत आवश्यक है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है।इस अवसर पर वार्ड की मीतानिन पूर्णिमा सावलकर एवं कमलेश्वरी साहू के साथ बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

लिटिल बर्ड्स एकेडमी का वार्षिक उत्सव एवं रजत जयंती समारोह संपन्न

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दल्लीराजहरा आयरन ओर द्वारा संचालित लिटिल बर्ड्स एकेडमी स्कूल का वार्षिक उत्सव एवं 25वां स्थापना वर्षगांठ (रजत जयंती) समारोह रविवार को बीएसपी ओपन एयर थिएटर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के अध्यक्ष तोरन लाल साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य विजया खान ने की। वहीं विशेष अतिथि के रूप में डीएवी स्कूल के प्राचार्य राजशेखर राव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा एवं तारीक खान की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना गीत के साथ किया गया। इसके पश्चात नर्सरी एवं प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों द्वारा प्रस्तुत फैंसी ड्रेस एवं नृत्य कार्यक्रम दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। सभी बच्चों ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा पूर्व बैच के छात्र एवं वर्तमान में कोंडागांव में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. हिमांशु सिन्हा को मुख्य अतिथि तोरन लाल साहू एवं पूर्व अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के करकमलों से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही कक्षा दसवीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के अगले चरण में मिडिल एवं हाई स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं, जिनके माध्यम से नशा मुक्ति एवं बालिकाओं को खेलों में आगे बढ़ाने का सामाजिक संदेश दिया गया।

बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित पालकों एवं अतिथियों का मन मोह लिया।मुख्य अतिथि तोरन लाल साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि वार्षिक उत्सव विद्यार्थियों के लिए अपनी छुपी प्रतिभाओं को मंच देने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की।विशेष अतिथि डीएवी स्कूल के प्राचार्य राजशेखर राव ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक रहे। यह उत्सव मनोरंजन के साथ-साथ छात्रों के व्यक्तित्व विकास का प्रतीक है। शिक्षा ही वह मजबूत नींव है, जिस पर भविष्य का निर्माण होता है।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक बच्चों को अनुशासन एवं मार्गदर्शन के माध्यम से बेहतर इंसान बनाते हैं। यदि कभी शिक्षक डांटते हैं तो उसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए, क्योंकि उनका उद्देश्य बच्चों का उज्ज्वल भविष्य होता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य विजया खान ने सभी अतिथियों, पालकों, शिक्षकों, ड्राइवर स्टाफ, अटेंडेंट स्टाफ एवं पीटीए बॉडी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजुक्ता भंज, आशा गोदी एवं एस. अंसारी द्वारा किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल प्रेसिडेंट शेख नबी खान सहित कार्यालय स्टाफ तैयब अंसारी, रविंद्र साहा, गोल्डी सामटकर, संदीप ठाकुर, डोमेंद्र साहू, गजेंद्र साहू, गजेंद्र कोर्राम, योगेश दामले, कुनाल दास एवं सुभाष उइके का विशेष सहयोग रहा।विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।

दल्ली राजहरा में भालू की फिर दस्तक, ओपन थिएटर और माइन्स ऑफिस चौक के आसपास दिखा वीडियो सामने आने के बाद लोगों में दहशत, वन विभाग की तैयारी पर उठे सवाल

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दल्ली राजहरा (बालोद)। नगर में भालू की मौजूदगी एक बार फिर लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। शुक्रवार रात दल्ली राजहरा के ओपन थिएटर के आसपास भालू को घूमते हुए देखा गया। इसके साथ ही माइन्स ऑफिस चौक क्षेत्र में भी भालू के विचरण की पुष्टि हुई है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से भालू का वीडियो बनाया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।इससे पहले भी दल्ली राजहरा के विभिन्न इलाकों में भालू देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार शहरी क्षेत्र में भालू के दिखने से यह प्रतीत हो रहा है कि वह भटककर आबादी वाले क्षेत्र में आ गया है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के रहवासी सहम गए हैं और रात के समय आवाजाही को लेकर भय का माहौल बन गया है।

स्थिति को देखते हुए वन विभाग द्वारा सायरन बजाकर लोगों को सचेत करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि विभागीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि भालू को पकड़ने अथवा सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। पूर्व में भी भालू देखे जाने के बावजूद कोई ठोस व्यवस्था न होने से लोगों में आक्रोश और डर दोनों व्याप्त हैं।नगरवासियों ने मांग की है कि वन विभाग केवल चेतावनी तक सीमित न रहे, बल्कि ठोस और स्थायी कदम उठाए, ताकि भालू को सुरक्षित ढंग से शहरी क्षेत्र से बाहर किया जा सके और लोगों को भयमुक्त वातावरण मिल सके।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी वर्ष समारोह जगदलपुर में समिल्लित हुए जिला सचिव कॉमरेड अनिल यादव

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी वर्ष समारोह पूरे देश में मनाया जा रहा है उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 20 दिसम्बर को किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मिलित हुए कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा एवं छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं छत्तीसगढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी प्रभारी कॉमरेड पी. संतोष जी उपस्थित रहे और 7 किलोमीटर की विशाल रैली में अपना योगदान दिया

और उद्बोधन में उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास के बारे में बताया कि किस तरह कॉमरेड साथी के बलिदानों और साथ की वजह से आज कम्युनिस्ट पार्टी का नाम देश के हर राज्यों के कोने कोने में है और पार्टी का उद्देश्य किसान मजदूरो और बेरोजगारों के हित में कार्य करना है उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी लोगों को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के लिए एकजुट होकर आगे आकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्यों छत्तीसगढ़ में हुए दिवंगत कॉमरेड साथियों के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया गया वे सभी कॉमरेड कम्युनिस्ट पार्टी की नींव को मजबूत कर अपना जीवन किसान,मजदूर एवं पार्टी के लिए अपना सारा जीवन लगा दिया कार्यक्रम में दल्ली राजहरा के कम्युनिस्ट पार्टी के दिवंगत कॉमरेड साथी जिन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी को आगे बढ़ाने उनकी नींव रखने में अपना योगदान दिया

जिनमें से कॉमरेड प्रकाश राय, कॉमरेड मोजेस , कॉमरेड नसीम आलम नारवी के परिवार को सम्मानित किया गया और उनके इतिहास के बारे में बताया गया कि कामरेड प्रकाश राय काफी समय तक कम्युनिस्ट पार्टी की नींव रखने में अपना योगदान दिया और बहुत समय तक दल्ली राजहरा में कम्युनिस्ट पार्टी के लिए कार्य किया फिर राजनांदगांव चले गए वहां उनका देहांत हो गया,कामरेड मोजेस जी भी राजहरा में (SKMS) की नींव डाली और पार्टी के लिए निरंतर कार्य करते रहे एक बाढ़ दुर्घटना में बस में फंसे लोगों को बचाते बचाते शहीद हो गए, कामरेड नसीम आलम नारवी एक अच्छे कवि और प्रगतिशील लेखक संघ के प्रदेश के पदाधिकारी थे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा के संस्थापक सदस्यों में से थे संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक के सदस्य थे और वे जीवन भर कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े हुए अपना जीवन जिया ये सभी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए आगे से आगे बढ़कर काम किया और पार्टी को अधिक ऊंचाई तक पहुंचाया और आज भी उनके आदर्शों पर चलकर दल्ली राजहरा कम्युनिस्ट पार्टी के कामरेड साथियों के द्वारा पार्टी के उद्देश्य को आम जनता से जुड़ के पार्टी से सभी किसान, मजदूरो और बेरोजगारों के हित में कार्य करने के लिए और अधिक गति प्रदान करना हैभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला बालोद के सचिव कॉमरेड अनिल यादव के द्वारा कॉमरेड नसीम आलम नारवी के सम्मान को स्वीकार किया गया

और छत्तीसगढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रदान किए गए सम्मान को का. नसीम आलम नारवी के पुत्र का. खुर्शीद आलम नारवी को का. अनिल यादव के द्वारा प्रदान किया गया जिला सचिव अनिल यादव ने कहा वे हमेशा कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ के सभी दिवंगत एवं शहीद कॉमरेड साथियों के आदर्शों में चलकर आम बेरोजगारों, किसान और मजदूरों के परेशानियों में निरंतर उनके साथ रहकर उनके हित कार्य करता रहूंगा और सभी सेवा करते रहने का आश्वासन दिया इस बात पे कम्युनिस्ट पार्टी और राजहरा के संगठन के सभी लोगो ने खुशी जाहिर की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी वर्ष समारोह में छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा एवं छत्तीसगढ़ राज्य कथा श्रमिक संघ के साथी कॉमरेड अनिल यादव, राजेंद्र बेहरा,गौतम बेरा,अजय मिश्रा,इंद्र कुमार साहू ,विनोद आरडे, निशांत सूर्यवंशी,प्रभात कुमार ,अमरीकसिंह, बलवंत राय, नरोत्तम ताराम, फागू राम,पवन खोबरागडे, राकेश सोनटेके,पंकज ताम्रकार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

भगवान भक्त की परीक्षा लेने के लिए अपनी कसौटी में कसता है-भागवताचार्य कृष्णकांत शास्त्री जी

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ग्राम कुसुमकसा में पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस एवं समस्त बैस परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन अपने पूज्य पिता जी स्व. जयपाल बैस के प्रथम पुण्यतिथि में किया गया है । यह आयोजन 16 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक किया जाएगा। श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के भागवताचार्य हैं पंडित कृष्णकांत शास्त्री ( कवर्धा वाले ) कथा के पांचवे दिन कथा में शास्त्री जी ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा बतलाया उन्हें बताया कि राक्षसों के राजा बलि एक शक्तिशाली और दानवीर राजा थे ।जिन्होंने अपने पराक्रम और बल से तीनों लोकों पर अपना राज्य बना लिया था । राजा बलि एक शक्तिशाली अश्वमेध यज्ञ कर रहे थे ।

अश्वमेध यज्ञ के आयोजन से देवतागण डर गए उन्हें लगा कि अब राजा बलि इंद्रासन पर अपना कब्जा ना जमा ले। इसलिए वे सभी डर कर भगवान विष्णु के पास गए और राजा बलि के यज्ञ को भंग करने का निवेदन करने लगे। राजा बलि को दानवीर कहा जाता है क्या वास्तव में दानवीर है यह जानने के लिए उन्होंने भगवान विष्णु को उनकी परीक्षा लेने के लिए भी उकसाया । भगवान विष्णु ने राजा बलि की यज्ञ भंग करने और उनकी परीक्षा लेने के लिए वामन देवता का रूप धारण कर राजा बलि की यज्ञ स्थल पर गए ।राजा बलि ने वामन देवता के आकर्षक रूप और तेज को देखकर मोहित हो गया उन्होंने कहा इस यज्ञ में सचमुच भगवान उपस्थित हो गए हैं उन्हें देखकर बहुत खुश हुए राजा बलि ने कहा भगवान आप मांगो क्या मांगते हो राक्षसों के गुरु शुक्राचार्य ने राजा बलि को सावधान करते हुए कहा राजन यह कोई साधारण भिक्षुक नहीं है यह साक्षात् नारायण है जो वामन देवता के रूप में आ खड़ा हुआ है । शास्त्री जी ने कहा कि यदि आपका बेटा दानी हो और जग का पालनहार स्वयं याचक बनकर आए और आपके सामने झोली फैला कर दक्षिणा मांगे तो आप क्या करोगे इससे गहराई से समझना राजा बलि ने वामन देव को सर्वस्व दान कर कोई गलत नहीं किया ।

वामन देव ने कहा राजन मुझे कुछ नहीं चाहिए बस तीन पग जमीन मुझे दे दीजिए मैं इसी में संतुष्ट हो जाऊंगा । राजा बलि ने वामन देव के छोटा स्वरूप को देखकर कहा वामन देव आपको जितनी जगह चाहिए वहां का जमीन नाप लीजिए । यह सुनते ही वामन देव बने भगवान विष्णु ने अपना विशाल रूप बना लिया । उनके रूप को देखकर राजा बलि को अपनी गलती का एहसास हुआ लेकिन वचन में बंधे राजा बलि ने वामन देव के सामने चुप रहे वामन देव ने एक पैर जमीन पर तो दूसरे पैर आकाश में रख दिया । जैसे ही आकाश में वामन देव के पैर पड़े भगवान ब्रह्मा ने अपने गंगा से भगवान विष्णु के पैर धोए । वामन देव ने राजा बलि से कहा राजन अब तो जमीन से लेकर आकाश तक मैंने दो पग में नाप लिया अब तीसरा पग कहां रखूं । राजा बलि वचन में बंधे थे उन्होंने कहा वामन देव आप तीसरा पग मेरा सिर पर रख दीजिए । भगवान विष्णु ने जैसा ही तीसरा पग राजा बलि के सिर पर रखा तो तालियों के गड़गड़ाहट से स्वर्ग के साथ धरती भी गूंज उठा । आप कल्पना करिए यदि आप जब पुण्य का काम करते हैं तो आपके घरों के आसपास लोग खुशी से ताली बजाते हैं और जब राजा बलि ने पुण्य के काम किया तो आसमान से देवता गन भी ताली बजाने लगे । उनपर पुष्प की वर्षा होने लगी यह थी राजा बलि की प्रताप की कथा । कथा यहीं पर समाप्त नहीं होती है राजा बलि की दानशीलता देखकर नारायण ने राजा बलि को भगवान विष्णु ने पाताल का राजा बना दिया और कहा मांगो तुम क्या मांगते हो राजा बलि ने कहा भगवान आपने मुझे राज पाठ तो दे दिया लेकिन मेरी इच्छा यही है कि आप मेरी द्वारपाल बने । वचन से बंधे भगवान विष्णु भी राजा बलि द्वारपाल बनना स्वीकार किया जब कई दिनों तक भगवान विष्णु को विष्णु लोक में नहीं देखा तब मां लक्ष्मी ने नारद से पूछा नारद नारायण कहां है । नारद ने बताया कि नारायण , राजा बलि के द्वारपाल बन पाताल में खड़े हैं । तब मां लक्ष्मी ने पाताल में भगवान विष्णु से मिलने गए और उनके सेवा में लग गए । कुछ दिनों रक्षाबंधन का त्योहार आया उस समय मां लक्ष्मी राजा बलि के पास जाकर रो रही थी उन्होंने रोने का कारण पूछा तब मां लक्ष्मी ने कहा राजन रक्षाबंधन के त्यौहार है मेरी कोई भाई नहीं है इसलिए मैं रो रही हूं । राजा बलि ने कहा इसमें रोने की क्या बात है मुझे ही अपना भाई बना लीजिए और मुझे राखी बांध दीजिए । मां लक्ष्मी ने अपने आंचल से कपड़ा फाड़ कर राजा बलि के हाथों में बांध दिया और उन्हें भाई बना लिया । राजा बलि ने बहन पाकर तो खुश हुआ लेकिन राखी के बदले में मां लक्ष्मी ने राजा बलि से द्वारपाल को मांग लिया । भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी ने सुख समृद्धि का आशीर्वाद देकर वापस विष्णु लोक लौटे ।दूसरी कथा में उन्होंने राजा हरिश्चंद्र की दानवीरता और वचन में बंधे रहने की कथा बताई । उन्होंने कहा कि भगवान ,भक्त को अपनी कसौटी में कसता है वह देखता है की भक्त कितना खरा उतरता है । भक्त कितना दुःख सहकर भी मुझ पर से अपना आसक्त नहीं हटाता ।तीसरी कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की तथा चौथी कथा में वासुदेव श्री कृष्ण की जन्म के संबंध में कथा बताया । शास्त्री जी ने बताया कि भगवान विष्णु के अवतार श्री राम और श्री कृष्णा के संबंध में बताया कि भगवान राम ने मर्यादा और पिता की वचन का पालन करने के लिए वनवास का पालन किया वह हमेशा मर्यादा में रहे इसलिए राम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम बने । कृष्णा ने मां के वात्सल्य गोपियों और ग्वाल बालों के साथ लीला मित्र सुदामा के साथ मित्र धर्म का पालन किया । भक्ति द्रोपती की पुकार पर उनकी रक्षा की उन्होंने महाभारत में यह बताया कि धर्म की रक्षा के लिए वचन और मर्यादा भी तोड़ा जा सकता है उन्होंने कर्म को प्रधानता दी । इसलिए भगवान श्री कृष्णा कर्मयोगी कहलाए ।विश्व प्रसिद्ध गीता ज्ञान दिया उन्होंने कहा कि कर्म से बड़ा कोई नहीं है आप कर्म करते जाइए फल की चिंता मत करिए लेकिन इतना ध्यान रखिए जैसा बोवोगे वैसा ही आपको फल मिलेगा । कथा के बीच में उन्होंने मानव की सोच विचार के संबंध में एक व्याख्यान दिया एक मनुष्य जाकर मधुमक्खी से कहता है अरे मधुमक्खी यदि तुम में डंक नहीं होता तो तुम कितने अच्छे होते सागर से कहता है सागर यदि तुम्हारा पानी खारा नहीं रहता तो तुम कितने अच्छे रहते गुलाब से आकर कहता है गुलाब यदि तुम्हारे बीच काटा नहीं रहता तो तुम कितने अच्छे रहते । चंदन से आकर कहता है चंदन तुम्हारे खुशबू तो बहुत अच्छा है लेकिन यदि तुम्हारे बीच यदि सर्प नहीं रहते तो तुम कितने शीतल और अच्छे रहते । सभी ने मिलकर मनुष्य से कहा अरे मनुष्य यदि तुम में कमी निकालने की फितरत नहीं रहती तो तुम कितने सुंदर होते । इसलिए कहा गया है कभी किसी की कमी मत निकालिए लेकिन इंसान की फितरत है उनकी कमी निकालना । आप उनके गुण देखिए कमी नहीं भगवान हम सबको बनाया है आप उनसे अच्छा कर्म करिए सभी के गुण देखिए और गुण को देखकर उनका सम्मान करिए ।

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