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मन की बात” कार्यक्रम में बालोद जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर

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बालोद दिनांक 31 अगस्त 2025, रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” का 125वां एपिसोड पूरे देशभर में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ सुना गया। छत्तीसगढ़ प्रदेश में इस कार्यक्रम को सुनने के मामले में बालोद जिला ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

 

इस उपलब्धि पर भारतीय जनता पार्टी, जिला बालोद के जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी एवं समस्त कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे संगठनात्मक एकता व समर्पण का प्रतीक बताया।

जिला संयोजक शरद ठाकुर एवं सह-संयोजक श्री रिंकू राजीव शर्मा ने इस सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि,हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में ‘मन की बात’ कार्यक्रम को और अधिक लोगों तक पहुँचाया जाए ताकि हमारा जिला अगली बार प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करे।”

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिले के सभी कार्यकर्ताओं का उत्साह, अनुशासन और समर्पण सराहनीय रहा।

 

 

घर में गम के माहौल के बीच भी बाढ़ प्रभावितों की मदद में जुटे मंत्री केदार कश्यप

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  • मिसाल बनी वन मंत्री कश्यप की संवेदनशीलता
  • अपना गम भुलाकर औरों के आंसू पोंछने में जुटे मंत्री

जगदलपुर अपनी माटी, अपने लोगों से जुड़ाव की जो मिसाल छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं नारायणपुर के विधायक केदार कश्यप अक्सर पेश करते रहते हैं। बस्तर संभाग में हालिया हुई अतिवृष्टि और भीषण बाढ़ से मची तबाही के दौर में मंत्री केदार कश्यप ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वैसी संवेदनशीलता और पहल के उदाहरण बहुत कम देखने सुनने को मिलते हैं। घर परिवार के लोग और स्वयं केदार कश्यप अभी गम के माहौल से उबर भी नहीं पाए हैं और वे अपना गम भुलाते हुए अपने एक बड़े कुनबे का दर्द गम साझा करने निकल पड़े।

वन मंत्री केदार कश्यप अपने विभागों से संबंधित अकर्मण्य अधिकारियों के लिए भले ही कड़क मिजाज हों, मगर अपनी अवाम के लिए वे निहायत ही नेक और रहमदिल हैं। श्री कश्यप की रहमदिली की नजीर हमें दंतेवाड़ा जिले में देखने को मिली। भारी बारिश और इंद्रावती नदी की बाढ़ ने बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में बड़ी तबाही मचाई है। कई ग्रामीणों के मकान जमीदोज हो गए हैं, अनाज, पुस्तक कॉपियां, कपड़े और जरूरी सामान बह गए हैं। जानकारी मिलते ही वन मंत्री कश्यप पीड़ितों की मदद के लिए निकल पड़े। उन्होंने गांव गांव जाकर हालात देखे, लोगों की तकलीफ देखी और प्रशासन के अधिकारियों को पीड़ितों के घरों तक अनाज, कपड़े, रसोई ईंधन और तमाम जरूरी चीजें पहुंचाने के लिए निर्देशित किया। श्री कश्यप पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित ग्रामीणों के साथ खड़े रहकर उन्हें भरोसा दिलाते रहे कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के रहते किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपकी तकलीफ हमारी सरकार की तकलीफ है, आप लोगों को किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दौरे के दौरान भी वन मंत्री केदार कश्यप पूरे समय उनके साथ रहे। उन्होंने श्री साय को आपदा की विभीषिका के बारे में मुख्यमंत्री को सिलसिलेवार जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही मंत्री केदार कश्यप के जवान भतीजे का एक दुर्घटना में निधन हो गया था। परिवार में अभी भी मातमी माहौल है। बावजूद अपना गम भुलाकर मंत्री केदार कश्यप उन पीड़ितों की मदद के लिए निकल पड़े हैं, जिन्हें वे अपने परिवार का ही हिस्सा मानते हैं। श्री कश्यप की इस सदाशयता और जनता के प्रति समर्पण भावना के लोग कायल हो गए हैं।

एकदिवसीय इंटर क्लब मुएथाई प्रतियोगिता

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विवेकानंद मार्शल आर्ट क्लब रायपुर द्वारा एकदिवसीय इंटर क्लब मुएथाई प्रतियोगिता का 31 अगस्त दिन रविवार कोआयोजन किया गया जिसमें राज्य भर के करीबन 100 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिसमें विभिन्न जिलों में संचालित क्लब के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में शामिल हुए राजहरा मार्शल आर्ट क्लब, विवेकानंद मार्शल आर्ट क्लब ,शहीद वीर नारायण मार्शल आर्ट क्लब,कोल फीस्ट क्लब, चैंपियन क्लब, ड्रैगन क्लब के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया राजहरा मार्शल आर्ट क्लब के खिलाड़ियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 स्वर्ण 8 सिल्वर 2 ब्रोंज मेडल जीते स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम इस तरह हैं deemp निषाद, प्रियांशी ,आरोही जयसवाल, आराध्या जायसवाल ,आदि देवराज, उमंग ,वाणी, नैना चेनानी, सिल्वर मेडल पदक विजेता के नाम इस तरह है संनवि गंजीर, वृश्चि जयसवाल, अदिति झा ,जानवी राव, राहुल साहू, आर्यन ,ऋषि राव ,अभिनव शर्मा, ब्रोंज मेडल विजेता के आरव प्रियन , दीपिका कुकरेजा कल 18 पदक जीत कर लोहनगरी का नाम रोशन किए हैं इस अवसर पर उपस्थित नगर के प्रतिष्ठित एवं गणमान्य नागरिक एवं खेल प्रेमियों ने अपनी शुभकामनाएं प्रदान की।

युवक की ट्रेन से कटकर मौत

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भानुप्रतापपुर बीती रात भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के मुल्ला के पास एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है हालांकि यह स्पष्ट नहीं कि उसने आत्महत्या की है या किसी दुर्घटना का शिकार हुआ है

युवक की पास जो कागज मिले हैं उसमें चंद्र मोहन लिखा है जो धुर्वाटोला कुसुमकसा के आसपास का बताया जा रहा है अभी तक इसकी पहचान नहीं हुई है शव को भानु प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रखा गया है जिस किसी को इसके बारे में कोई जानकारी हो तो भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी को 94791 94108 पर संपर्क कर सूचना देकर सहयोग करें

बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल देने पर केकेएस पेट्रोल पंप लाटाबोड़ को किया गया सील

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  • कलेक्टर द्वारा जारी किए गए आदेश का अवहेलना किए जाने पर एसडीएम एवं अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर की कार्यवाही

बालोद, 01 सितंबर 2025 एसडीएम बालोद नूतन कुमार कंवर द्वारा पेट्रोल पंपों के निरीक्षण के दौरान बालोद विकासखण्ड के ग्राम लाटाबोड़ स्थित केकेएस पेट्रोल पंप के द्वारा बिना हेेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल देते पाए जाने पर केकेएस पेट्रोल पंप लाटाबोड़ को सील करने की कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा जिले में सड़क दुर्घटना एवं सड़क दुर्घटना के दौरान होने वाली जनहानि की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु पेट्रोल पंपों में बिना हेलमेट पहने पेट्रोल खरीदी हेतु आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नही देने के संबंध में 01 अगस्त 2025 को आदेश जारी किया गया था। एसडीएम श्री नूतन कंवर ने बताया कि आज तहसीलदार  आशुतोष शर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी  शिशुपाल सिन्हा एवं खाद्य निरीक्षक सुधीर खेस द्वारा आज केकेएस पेट्रोल पंप लाटाबोड़ का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। एसडीएम  कंवर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान केकेएस पेट्रोल पंप के द्वारा बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल दिया जा रहा था। इस दौरान अधिकारियों के द्वारा पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरा की पिछले ढाई घण्टांे के रिकाॅर्डिंग का भी अवलोकन किया गया। जिसमें उक्त पेट्रोल पंप में बिना हेलमेट पहने कई अन्य ग्राहकों को भी पेट्रोल देने की पुष्टि हुई।

एसडीएम बालोद  नूतन कंवर ने कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बालोद द्वारा 01 अगस्त 2025 को जारी किए गए आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने पर केकेएस पेट्रोल पंप लाटाबोड़ को सील करने की कार्यवाही की है। ज्ञातव्य हो कि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने के उपायों के अंतर्गत राजस्व, पुलिस, खाद्य एवं एवं अन्य संबंधित विभागों के द्वारा लगातार जिले की पेट्रोल पंपों की जाँच की जा रही है।

 

बाढ़ अतिवृष्टि प्रभावितों को राहत पंहुचाने के नाम पर खानापूर्ति कर रही सरकार: दीपक बैज

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  • विशेष पैकेज की घोषणा करें केंद्र और राज्य सरकारें
  • मदद के नाम पर दिखावा बंद करे सरकार: बैज

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बाढ़ अतिवृष्टि राहत के नाम पर बस्तर संभाग के प्रभावितों के साथ छल करने का आरोप भाजपा सरकार पर लगाया है। दीपक बैज ने कहा कि पूरे बस्तर में पिछले एक हफ्ते में बारिश ने जो कहर बरपाया है। ऐसा मंजर पिछले 100 साल में देखने को नहीं मिला। यह बड़ी त्रासदी है जो बस्तर के लागों को झेलनी पड़ रही है। भारी बरसात ने सड़कों, पुल- पुलियों को तबाह किया ही है, आम आदमी की रोजी-रोटी के साधन खेती-बाड़ी को भी बर्बाद करके रख दिया है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज जगदलपुर के जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति भयावह है। लगातार तीन दिनों तक बस्तर दंतेवाड़ा एवं अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हमने सभी जगह की स्थिति देखी। लोग बहुत परेशानी में हैं। खाने पीने का सामान, दवाइयां कुछ भी नहीं बचा है उनके पास, घरों में रखा कपड़ा अनाज नगदी रुपया बच्चो के कापी किताब सब कुछ बह गए, बर्बाद हो गए हैं। जीवन थम गया है, लोगों के चेहरों पर बेबसी लाचारी साफ दिख रही है। श्री बैज ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ अनेक प्रभावित गांवों और राहत शिवरों का दौरा कर बाढ़ पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनी और उनका हालचाल जाना। मैं दंतेवाड़ा भी गया था। बांगापाल, बड़े तुमनार, दंतेवाड़ा, आवराभाटा, सुरभि कॉलोनी, बालपेट (भैरमबद) का दौरा किया। बालपेट हाई स्कूल व भैरमबद के राहत शिविर भी गया था पीड़ितों से मुलाकात की। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि जो राहत सामग्री मिल भी रही है, वो नाकाफी है। कुछ को मिला तो कुछ को नहीं। राहत पहुंचाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जिनका सबकुछ लुट गया उन्हें केवल 3 से 4 हजार की मदद दी जा रही है, राशन के नाम पर 4-5 लोगों के परिवार को केवल 100 ग्राम दाल और 3 किलो चावल दिया जा रहा है। किचन का सारा समान बह गया है, माचिस की एक तिली भी नहीं है तो खाना कैसे बनेगा?बगैर बर्तन, गैस, लकड़ी, चूल्हा के ग्रामीणों को खाना बनाने में परेशानी हो रही है। पका हुआ खाना 3 बजे तक लोगो तक नहीं मिल रहा है। खाना बनवाने वाले अधिकारी कहते हैं कि खाना बना है पर बांटने की जिम्मेदारी उनकी नहीं, खाना जहां बनवा रहे वह गांव से तीन किमी दूर है, खाना खाने उतना पैदल चल कर जाना होता है, हेल्थ कैंप की व्यापक व्यवस्था नहीं..गर्भवती महिलाएं एवं अन्य ग्रामीण इलाज के लिए तरस रहे हैं। दवाओं और इलाज की कमी से लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा- हमारी मांग है कि बस्तर के हालात को सामान्य होने में समय लगेगा। ऐसे समय यह आवश्यक है कि सरकार अपनी पूरी क्षमता का उपयोग क्षेत्र के अधोसंरचना के पुनर्निर्माण साथ-साथ यहां के आम के आदमी की मदद में लगाए।हमारी मांग है कि बस्तर के बाढ़ प्रभावितों के लिए केंद्र और राज्य दोनों विशेष पैकेज की घोषणा करें।भाजपा डबल इंजन की सरकार केवल मदद का दंभ भरती है। हम मांग करते हैं राज्य सरकार बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सर्वे के लिए केंद्र सरकार से मांग करे और केंद्र सरकार यहां के लिए विशेष राहत पैकेज दे। आज मुख्यमंत्री बस्तर दौरे पर आए थे हम उनसे मांग करते हैं कि उनका दौरा सिर्फ खानापूर्ति न साबित हो, राहत, पुनर्वास और मुआवजे की ठोस घोषणाएं की जाएं और उन पर त्वरित अमल भी हो।

नजर आई संवेदनहीनता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा- ऐसे समय में जब बस्तर संकट से जूझ रहा था तब प्रदेश के मुखिया विदेश प्रवास पर थे। विदेश से आने के बाद वे रायपुर में ढोल नगाड़े फूल मालाओं से अपना स्वागत करवा रहे थे मुख्यमंत्री में संवेदनशीलता होती तथा बस्तर के लिए पीड़ा होती तो वे अपना जापान, कोरिया का दौरा बीच में छोड़कर बस्तर आते, वे आज आए हैं। अमित शाह, दोनों उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, राजस्व मंत्री आपदा प्रबंधन मंत्री कोई भी बस्तर नहीं आया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा तुरंत सरकार यह कदम उठाए। बस्तर में भारी बारिश से जनजीवन तबाह हो गया है। अनके गांवों का संपर्क टूट चुका है, रास्ते बंद हो चुके हैं, सैकड़ों लोगों का घर बारिश से टूट चुका है, स्थितियां चिंताजनक है। प्रभावित घरों के निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए।टूट चुके मार्गो पुल पुलियों की मरम्मत शुरू कर आवागमन बहाल किया जाए। बिजली व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए। प्रभावितों का व्यवस्थापन सुरक्षित स्थान पर उनकी सहमति से किया जाए। प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50हजार रुपए की तात्कालिक सहायता और 10 लाख रु का मुआवजा दिया जाए। स्कूली बच्चों को कापी किताब बस्ते स्कूल ड्रेस उपलब्ध करवाई जाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत बहाल की जाय, जब तक तात्कालिक राहत राशि 50 हजार और मुआवजा राशि दस लाख का वितरण नहीं हो जाता सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सभी के लिए पके भोजन की व्यवस्था सुचारू रूप से करे। प्रेसवार्ता में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष लता निषाद, कविता साहू, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजय बिसाई आदि मौजूद रहे।

बाढ़, बारिश ने फाड़ रखा है कलेजा, राहत के नाम पर दी फटी साड़ी! सुशासन का चीरहरण किया प्रशासन ने

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  • मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कहने पर महिला को उठा ले गई पुलिस 

अर्जुन झा-

जगदलपुर एक तो बाढ़ और अतिवृष्टि ने पीड़ितों का कलेजा तार तार कर रखा है, ऊपर से प्रशासन ने राहत के नाम पर जो साड़ियां दी हैं, वह फटी निकल रही हैं। जब एक प्रभावित महिला ने इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री से करना चाही तो पुलिस उसे उठाकर थाने ले गई। उसे घंटों थाने में बिठाए रखा गया। इस तरह विष्णुदेव साय के सुशासन का चीरहरण किया है दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने। इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आक्रामक तेवर दिखाए हैं।

बस्तर संभाग में बाढ़ और अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई है। गरीबों के आशियाने टूट गए हैं, अनाज, राशन, कपड़े लत्ते, बच्चों की किताब कॉपियां आदि सामग्री पानी की भेंट चढ़ चुकी हैं। प्रभावितों के घरों में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। बारिश का जोर थमने के बाद प्रशासन द्वारा पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, मगर यह राहत जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में भी तबाही का मंजर देखने को मिला है। वहां प्रभावित परिवारों को राशन सामग्री और वस्त्र प्रदान किए जा रहे हैं। मगर दुर्भाग्य यह कि राहत और मदद के नाम पर प्रशासन द्वारा दंतेवाड़ा जिले में प्रभावित परिवारों को जो साड़ियां बांटी गईं हैं वे फटी हालत में हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दंतेवाड़ा जिले में बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। सीएम श्री साय ने पीड़ितों से प्रत्यक्ष संवाद भी किया। इसी दौरान एक प्रभावित आदिवासी महिला ने जब प्रशासन द्वारा राहत एवं मदद के नाम पर फटी साड़ी दी जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कह दी, तो पुलिस उसे उठाकर थाने ले गई। जब तक मुख्यमंत्री दंतेवाड़ा जिले से लौट नहीं गए, तब तक महिला को थाने में ही बिठाए रखा गया। राहत और मदद के नाम पर दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने न सिर्फ पीड़ितों के जले में नमक छिड़कने का काम किया है, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का चीरहरण भी कर डाला है।यह घटना मानवीय संवेदना को भी तार तार कर गई।इस घटनाक्रम ने यह भी साबित कर दिया है कि सुशासन पर अफसरशाही किस कदर हावी है।

बिफर पड़े पीसीसी चीफ बैज

दंतेवाड़ा जिले में बाढ़ प्रभावितों को फटी साड़ियां बांटने और मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत मात्र की बात कहने पर आदिवासी महिला को घंटों थाने में बिठाए रखने का मसला संज्ञान में आते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज आहत हो उठे। उन्होंने दंतेवाड़ा के प्रशासनिक अधिकारियों और टीआई की क्लास लगा दी। दीपक बैज ने टीआई से कहा कि एक तो आपने फटी हुई साड़ियां बंटवाई हैं, ऊपर से पीड़ित महिला के साथ अपराधियों जैसा सलूक कर निर्ममता का परिचय दिया है। आदिवासी महिला ने कोई गुनाह तो नहीं किया था, जो आपने उसे उठाकर थाने में बंद कर दिया? आखिर आदिवासियों के साथ आप और आपकी सरकार कब तक यूं ही जुल्म ढाते रहेंगे? पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा- टीआई साहब आपने महिला के साथ जो व्यवहार किया है, वह हरगिज क्षमा योग्य नहीं है हम इस मुद्दे को राजधानी स्तर तक उठाएंगे। मोबाईल फोन के जरिए टीआई से बात करते समय प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज की पीड़ा और नाराजगी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। बाद में इस🏳️ संवाददाता से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर के आदिवासियों के प्रति पूरी तरह संवेदन शून्य हो गई है, आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते एक आदिवासी महिला के इस तरह के अपमान का उदाहरण और कहीं देखने सुनने को मिला नहीं है। इस कृत्य के लिए आदिवासी भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे। दीपक बैज ने कहा कि बात सिर्फ एक फटी साड़ी की ही नहीं है, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता से जुड़ा बड़ा मामला भी है।

भाजपा ने बनाया समीर कुमार मिश्रा को बस्तर नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष

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  • भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने की घोषणा

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी ने बस्तर नगर पंचायत में राजेन्द्र नगर वार्ड के पार्षद समीर कुमार मिश्रा को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की अनुशंसा एवं प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय की सहमति से भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने आज सोमवार को बस्तर नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष के रूप में समीर कुमार मिश्रा के नाम की घोषणा की है। भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने नवनियुक्त बस्तर नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष समीर कुमार मिश्रा से पार्टी की रीति नीति पर कर्मठता से कार्य करते हुये संगठन को मजबूत बनाने की अपेक्षा की है।

संतानदात्री माई लिंगेश्वरी देवी के दरबार में कल लगेगा श्रद्धालुओं का मेला

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  •  दूर दूर से संतान की चाह में आते हैं दुखियारे दंपत्ति

अर्जुन झा-

जगदलपुर जिस बस्तर की रत्नगर्भा भूमि पर प्रभु रामचंद्र  चरण पड़े थे, वह बस्तर भूमि अति पावन है। बस्तर पर वन देवी के साथ ही दंतेश्वरी माई, बारसूर के गणेश जी, पतित पावनी इंद्रावती मैया, शंकिनी डंकिनी और शबरी जैसी पुण्य सलिला नदियों की भी कृपा सदियों से बरसती आई है। देवभूमि बस्तर की लिंगेश्वरी मैया की भी महिमा बड़ी न्यारी है। खास बात यह है कि मातारानी का दरबार साल में सिर्फ एक दिन भद्रपद की ग्यारस तिथि के दिन ही खुलता है और देश विदेश के भक्त दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस साल भी यहां श्रद्धांलुओं का तांता लगना शुरू हो गया है।

माई लिंगेश्वरी का पावन धाम बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत आलनार के ग्राम अलुर के पास एक प्राचीन गुफा में स्थित है। लिंगेश्वरी देवी मंदिर अलुर में 3 सितंबर बुधवार को सुबह 5 से लेकर शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। यहां देश विदेश से श्रद्धालु दर्शन करने और मन्नत मांगने आते हैं। 2 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी कतार श्रद्धालुओं की लगती है। श्रद्धालुओं के पहुंचने और कतार में लगने का सिलसिला दो दिन पहले से ही शुरू हो गया। इस मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार केवल 12 घंटे के खुलते हैं। मान्यता है है कि लिंगेश्वरी मैया की कृपा से सूनी गोद भर जाती है, जीवन की सारी बाधाएं, तकलीफें दूर हो जाती हैं। यहां आने वाले ज्यादातर दंपत्ति निसंतान होते हैं और संतान की चाह लेकर आते हैं। जिन्हें माता की कृपा से संतान सुख की प्राप्ति हो चुकी होती है ऐसे दंपत्ति माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के लिए ग्रामीणों और मंदिर समिति की ओर से खीर, पूड़ी, खिचड़ी की व्यवस्था की जाती है। 3 सितंबर को लगने वाले मेले की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गुफा के अंदर किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं करने दिया जाता, श्रद्धालु बाहर से ही देवी मां के दर्शन कर सकते हैं।

महतारी वंदन योजना के लाभ से वंचित रह गईं हजारों महतारियां

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  •  प्रचार प्रसार की कमी और जानकारी के अभाव में नहीं भर पाईं फार्म
  • बस्तर में योजना के लिए विशेष अभियान जरूरी

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रचार प्रसार न होने और जानकारी के अभाव के चलते बस्तर संभाग की हजारों महतारियां महतारी वंदन के लाभ से वंचित रह गईं हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सरकारी तंत्र की ओर से सूचना की कमी के कारण कई महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।

बस्तर संभाग के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को इस योजना के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पा रही हैं। सरकार को बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। खासकर बस्तर संभाग में इस योजना के व्यापक प्रचार प्रसार की जरूरत है। शासन प्रशासन द्वारा बस्तर की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के आवेदन के लिए पुनः अवसर की जानकारी नहीं दी गई, जिससे अंतिम तिथि निकल गई और वे योजना के लाभ से वंचित रह गईं। सरकार को ऐसी महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए ताकि वे भी योजना का लाभ उठा सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों तक महतारी वंदन योजना का आवेदन के लिए प्रचार प्रसार करना चाहिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास और परियोजना कार्यालय में भी महतारी वंदन योजना के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण छूटी हुई महिलाओं को महतारी वंदन योजना का फार्म नहीं भराया गया। इससे महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाया।सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक महतारी वंदन योजना का प्रचार प्रसार करना चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर गरीब महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए। ऐसी महिलाओं के लिए जो योजना के आवेदन की प्रक्रिया में देरी या जानकारी की कमी के कारण वंचित हो गई हैं।

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