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बस्तर के “नारायण” को मिला “विष्णु” से मुंहमंगा वरदान; “केदार” हो गए गदगद

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  •  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संवर रहा है बस्तर: मंत्री केदार कश्यप 
  • नारायणपाल को सीएम साय ने दी 1.16 करोड़ की सौगात, मंत्री केदार कश्यप ने जताया आभार 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर के “नारायण” को छत्तीसगढ़ के “विष्णु” ने मुंहमंगा वरदान दे दिया है। इससे केदार गदगद हो उठे हैं। केदार ने कृपालु विष्णु को साधुवाद दिया है, उनका आभार माना है। वे कह रह हैं कि विष्णुजी ऐसे ही बस्तर पर सहाय रहें।

हम बात कर रहे हैं बस्तर के नारायणपाल गांव की, जहां साय सुशासन पहुंच गया है। दरअसल सुशासन तिहार के तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर के नारायणपाल पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रवासियों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और क्षेत्रवासियों को 1 करोड़ 16 लाख की सौगात दी। श्री साय ने नारायणपाल में मिडिल स्कूल भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के भवन के लिए 20 लाख रुपए, स्ट्रीट लाईट, हाईमास्ट लाईट के लिए 15 लाख रुपए, व्यावसायिक परिसर निर्माण के लिए 20 लाख रुपए, गोवर्धन भांठा से बोधघरा घर तक 600 मीटर सीसी रोड निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, दो नग स्पॉन पुलिया निर्माण के लिए 12 लाख रुपए और धरमू घर से नाव घाट तक 300 मीटर सीसी रोड निर्माण के लिए 9 लाख रुपए की घोषणा की। दो छोटे गांवों में निर्माण कार्यों के लिए इतनी बड़ी सौगात मिलने से क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप आल्हादित हो उठे हैं।

मंत्री केदार ने माना सीएम का आभार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इन घोषणाओं को लेकर नारायणपुर के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में हमारा बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है, संवर रहा है। जहां नक्सलवाद बस्तर में समाप्त हो रहा है वहीं अब बस्तर तेजी विकसित क्षेत्र के रूप में बदल रहा है आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर को संवारने का संकल्प लेकर हमारे मुख्यमंत्री श्री साय कार्य कर रहे हैं। नारायणपाल में की गई समस्त घोषणाओं से क्षेत्रवासी खुश हैं। मंत्री केदार ने क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि विष्णु जी की कृपा हमारे बस्तर पर यूं ही बरसती रहेगी।

युक्तियुक्तकरण 2025 के तहत शिक्षको की काउंसलिंग 2 एवं 3 जून को

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बालोद, 1 जून 2025 जिला शिक्षा अधिकारी बालोद ने बताया कि युक्तियुक्तिकरण 2025 के तहत अतिशेष हुए सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक, व्याख्याता के काउंसलिंग की समय सारणी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया अंतर्गत 2 जून 2025 को जिला पंचायत कार्यालय में व्याख्याता ई संवर्ग की काउंसलिंग सुबह 10:00 बजे से 11:30 तक, व्याख्याता टी संवर्ग की काउंसलिंग 11.30 बजे से दोपहर 1:00 तक, प्रधान पाठक माध्यमिक शाला/ शिक्षक ई संवर्ग की काउंसलिंग दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक तथा प्रधान पाठक माध्यमिक शाला/शिक्षक टी संवर्ग की काउंसलिंग शाम 4:00 बजे से किया जाएगा। इसी तरह 3 जून को जिला पंचायत कार्यालय में प्रधान पाठक प्राथमिक शाला/सहायक शिक्षक ई संवर्ग की काउंसलिंग सुबह 10:00 बजे से 1:30 बजे तक तथा प्रधान पाठक प्राथमिक शाला/टी संवर्ग की काउंसलिंग दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों को उपरोक्त संवर्गवार निर्धारित की गई तिथियों में नियत समय एवं स्थान पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

जिले में सुशासन तिहार 2025 का हुआ भव्य एवं रंगारंग समापन

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  • अंतिम दिन शिविर में जुटे जिले के वरिष्ठ जनप्रनिधि एवं ग्रामीणजन
  • जन समस्याओं के समाधान का बना सशक्त एवं कारगर माध्यम
  • ग्राम कुरदी, धनोरा और नगर पंचायत पलारी में आयोजित समाधान शिविर में हितग्राहियों को मिली सौगात
  • कुरदी कलस्टर के 3880, धनोरा कलस्टर में 6270 तथा नगर पंचायत पलारी के 1640 आवेदनों का किया गया निराकरण

बालोद, 31 मई 2025  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक स्तर पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने शुरू की गई सुशासन तिहार 2025 के तीसरे एवं अंतिम चरण के अंतर्गत आज अंतिम समाधान शिविर का भव्य एवं रंगा-रंग समापन किया गया। समाधान शिविर के अंतिम दिन आज शिविर में वरिष्ठ जनप्रनिधियों एवं आला अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सुशासन तिहार के तीसरे एवं अंतिम चरण के अंतिम समाधान शिविर के अंतर्गत जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा और नगर पंचायत पलारी में आयोजित समाधान शिविरों में शामिल लोगों के लिए सौगातों भरा रहा। इसी कड़ी में समाधान शिविर के अंतिम दिन आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आयोजित समाधान शिविर में ग्राम खेरूद, कोडे़वा, धनगांव, डुण्डेरा, नवागांव डु, बासीन, पिरीद, कुरदी, चैरेल, कोंगनी, कमरौद, सांकरी, खुटरी (खे.), पैरी, गोंगरी, सलौनी के निवासी शामिल हुए। इसी प्रकार गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा में ग्राम सोरर, बगदई, सोंहपुर, अर्जुनी, रमतरा, सुर्रा, भानपुरी, छेड़िया, कपरमेटा, टेंगना बरपारा, भरदा, धनोरा, पेंवरो, घोघोपुरी, तार्री, धोबनपुरी के ग्रामीण समाधान शिविर में शामिल हुए। इसी प्रकार नगर पंचायत पलारी में समस्त वार्डवासी शामिल हुए। सुशासन तिहार के अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आयोजित समाधान शिविर में गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुंवर सिंह निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष  पुरूषोत्तम लाल चन्द्राकर, उपाध्यक्ष नितिश मांेटी यादव, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष  प्रमोद जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, पूर्व विधायक बिरेन्द्र कुमार साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना साहू, जनपद सदस्य श्री गौरी उत्तम निषाद, ममता मनोज सेन, किरण नेताम, धारा पंकज चैधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। इसी तरह ग्राम धनोरा के शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता साहू, उपाध्यक्ष  दुर्गानंद साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा ग्रामीणजन उपस्थित थे। नगर पंचायत पलारी के शिविर में जिला पंचायत के सभापति तेजराम साहू, श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू, जनपद सदस्य जनपद सदस्य गुलाब राम सिन्हा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा ग्रामीणजन उपस्थित थे।

इस अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुुंवर निषाद ने ग्रामीणजनों से कहा कि वे जल की उपयोगिता को समझे और जल संरक्षण के लिए अपनी महती भूमिका निभाएं। उन्होंने ग्रामीणजनों से रिक्त स्थानों में पौधरोपण कर उसकी देखभाल करने की भी अपील की। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य में शुरू किए गए सुशासन तिहार शासन एवं प्रशासन को आम जनता के द्वार तक ले जाने का बहुत ही क्रांतिकारी एवं अभिनव प्रयास किया है। इसके माध्यम से शासन-प्रशासन के द्वारा आम जनता के वास्तविक जरूरतों एवं उनके मांगों तथा समस्याओं को जानकर निर्धारित समयावधि में उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार 2025 जन समस्याओं के समाधान का सशक्त एवं कारगर माध्यम बना है। पूर्व विधायक बिरेन्द्र साहू ने कहा कि मौजूदा केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के पहले चरण के अंतर्गत ग्राम कुरदी कलस्टर में शामिल ग्राम पंचायतों के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए 3880 एवं ग्राम धनोरा कलस्टर में 6270 तथा नगर पंचायत पलारी में शामिल लोगों के द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1640 आवेदनों का परीक्षण के उपरांत संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। आज आयोेजित शिविरों में हितग्राहियों को सुशासन तिहार के दौरान बनाए गए उनका राशन कार्ड, श्रम कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति पत्र, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा उन्नत किस्म के धान बीज, कीटनाशक दवाई, खाद बीज के वितरण के अलावा समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र आदि के अलावा मछली पालन विभाग द्वारा हितग्राहियों को आईस बाॅक्स एवं मछली जाल प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अनेक हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। इस दौरान शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर उनके गोद भराई रस्म और नन्हें-मुन्हे बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्रासन संस्कार को भी पूरा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल में पौधरोपण भी किया। इसके साथ ही अतिथियों ने जिले में लगातार घट रहे भूजल स्तर के मद्देनजर जल संरक्षण के उपाय तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में अपनी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 01 के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया।

आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण के दौरान कुरदी कलस्टर के अंतर्गत खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को 158, महिला एवं बाल विकास विभाग को 2334, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 100, महिला एवं बाल विकास विभाग 218, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 217 सहित कुल 3880 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। इसी प्रकार आज ग्राम धनोरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 3988, खाद्य विभाग को 917, महिला एवं बाल विकास विभाग को 224, पीएचई को 88, स्वास्थ्य विभाग को 48, श्रम विभाग को 227, तहसील राजस्व अंतर्गत 465, विद्युत विभाग को 182 सहित कुल 6270 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। इसी प्रकार नगर पंचायत पलारी में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के प्रधानमंत्री आवास योजना के 836, तहसीलदार गुरूर को 276, विद्युत विभाग को 21, महिला एवं बाल विकास विभाग को 29, खाद्य विभाग को 70 सहित कुल 1640 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। सभी विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरान्त सभी आवेदनों की निराकरण करने की जानकारी दी गई।

 

देश एवं प्रदेश के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण: राज्यपाल रमेन डेका

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  • जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में ली जानकारी
  • स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की मुक्तकंठ से की सराहना, अपने कार्य को उत्कृष्ट बनाने तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने को कहा

बालोद, 30 मई 2025  राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हमारे देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण है। राज्यपाल डेका आज अपने बालोद जिले के प्रवास के दौरान तांदुला रिसाॅर्ट में केन्द्रीय योजनाओं से लाभान्वित जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कार्यक्रम के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी पांचों विकासखण्डांे से उपस्थित सभी 22 स्व सहायता समूह के महिलाओं से बारी-बारी से बातचीत कर उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने जिले के महिलाओं के राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात् उनके आर्थिक स्थिति में आशातीत सुधार एवं जीवन स्तर बेहतर होने पर जिले के स्व सहायता समूह के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। राज्यपाल श्री डेका जिले के स्व सहायता समूह के महिलाओं को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत उनके द्वारा किए जा रहे कार्य उनके आर्थिक स्थिति में सुधार एवं खुशहाल जीवन का आधार बने इसके लिए उन्होंने उनके द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्य को और अधिक उत्कृष्ट बनाने को कहा।

डेका ने कहा कि हमारे महिला बहनों द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों के माध्यम से उन्हें और अच्छी आमदनी मिल सके इसके लिए उन्हें निरंतर नये-नये तकनीक एवं उपायों को सीखने के साथ ही नवाचार एवं वैल्यू एडीशन करते हुए समय के अनुरूप अपने कार्यों को बेहतर बनाना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान राज्यपाल के सचिव श्री सीआर प्रसन्ना, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  योगेश कुमार पटेल एवं अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारियों के अलावा स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

 

इस दौरान राज्यपाल डेका ने जिले के 22 स्व सहायता समूह के कुल 40 महिलाओं से बारी-बारी से बातचीत कर उनके द्वारा व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर किए जा रहे आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महिलाओं के द्वारा मछली पालन, पशुपालन, कृषि कार्य एवं गैर कृषि कार्य के संबंध में अपने अनुभव एवं उससे अर्जित वार्षिक आय की जानकारी दी गई। इस दौरान स्व सहायता समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में आने वाली जल संकट से निपटने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल जतन अभियान में भी अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा प्रत्येक घरों में जाकर पानी के एक-एक बूँद का सदुपयोग करने तथा जल संरक्षण के उपायों की भी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा किसानों को धान के बदले अन्य फसल का उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर स्व सहायता समूह की महिला श्रीमती निशा गायकवाड़ ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत हस्तशिल्प का कार्य, श्रीमती दानेश्वरी साहू ने सेनेटरी पैड बनाने, श्रीमती चित्रलेखा साहू ने ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में खाद एवं कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव, श्रीमती सती साहू ने कृषि मित्र का कार्य, श्रीमती सुहागा विश्वकर्मा ने मछली पालन का व्यवसाय, आनंदी विश्वकर्मा ने बकरी पालन, अंजू टेकाम ने मुर्गी पालन, प्रेमवती देवांगन ने मशरूम उत्पादन आदि के संबंध मंे सभी महिलाओं ने बारी-बारी से जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं के द्वारा आजीविकामूलक गतिविधियों को प्रारंभ करने हेतु उन्हें प्रदान की गई आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण के अलावा इस कार्य से उन्हें होने वाले वार्षिक आय के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहान के माध्यम से आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़ने के फलस्वरूप उनके आर्थिक स्थिति में पर्याप्त सुधार होने से उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। जिससे वे अपने दैनिक आवश्यकताओं की समुचित पूर्ति के अलावा अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा-दीक्षा की प्रबंध कर अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन यापन कर पा रहे है। जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों की सराहना करते हुए उनके कार्यों को राज्यपाल डेका ने सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताया।

बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) आसना में समर कैंप के समापन समारोह

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बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) आसना में समर कैंप के समापन समारोह में अतिथि के तौर पर महापौर संजय पाण्डे शामिल हुए। मालूम हो कि विगत दिनों ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था।

सफल आयोजन के बाद आज इसका समापन किया गया। प्रतियोगिता में शामिल सफल प्रतिभागियों को अतिथियों के हाथों पुरुस्कृत किया गया। इस मौके पर बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। नगर निगम के अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, प्रशासक बादल आशुतोष ठाकुर सहित संस्था के कर्मचारी व बच्चे मौजूद रहे।

सेवा और स्वच्छता के सजग प्रहारियों का सम्मान

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जगदलपुर पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता दीदियों, मितानिनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।

इस दौरान स्वच्छता दीदी दामिनी ठाकुर, सफाई कामगार तुलसी केशबो, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना शुक्ला, पूनम ठाकुर, ज्योति, आंगनबाड़ी सहायिका गायत्री नामदेव, रोजा दुबे, सुमित्रा बघेल, नगर निगम कार्यालय भृत्य तुलसी कश्यप, पाकली कश्यप, स्वास्थ्य कर्मी एवं मितानिन टीलेश्वरी कश्यप, रानू साहू, मुकेश्वरी सोरी, ममता कच्छ शैलेंद्री बघेल, जुबेदा बेगम, स्व सहायता समूह से प्रतिभा चेट्टी, आशा महापात्र, ममता विशाल को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागी प्रिया, भाविका, अनिकेत, पूर्वांश, प्रियानी झा, लेमिता पांडे को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वही स्वच्छता केंद्र की महिलाओं को कीट दिया गया। जिसमें सरिता यादव, सुमित्रा बघेल, संजोता नाग, संगीता, सरिता, कंचन, आरती सिंह, संतोषी, पूनम विश्वकर्मा, तुलसा भारती, मीना, माधवी, योगिता, साधना आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन एमआईसी सदस्य संग्राम सिंह राणा ने किया।

 

5वीं -6वींशदी के पुरातात्विक धरोहरों स्थलों से परिपूर्ण

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केशकाल:-  राजसिंहासन का सुख सम्मान वैभव विलास का परित्याग कर संसार को शांति अहिंसा सदभावना का संदेश देने वाले बुद्ध का अतिप्राचीन पवित्र स्थल भोंगापाल जो नक्सली आतंक के खौफ के चलते देश दुनिया वालों की पंहुच से दूर रहने के विडम्बनाजनक अभिशाप से ग्रसीत हो गया था और जहां के गौरवशाली अतिप्राचीन पवित्र पुरातात्विक धरोहर धीरे धीरे अपनी पहचान को खोते अपने अस्तित्व रक्षा के लिए संघर्ष करने को लाचार हो गये थे वहां अब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान विधान सभा अध्यक्ष डां.रमनसिंह एवं प्रदेश सरकार के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को लाकर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम बुद्ध शांति पार्क स्थापित करने की आधारशिला रखवाकर विकास की दौड़ से कोसों दूर रहने वाले क्षेत्र के विकास और प्रसिद्धि -समृद्धि का नया अध्याय आरंभ कराने का भागीरथी प्रयास कर रहे हैं ।

1जून को भोंगापाल में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर महज कोंडागांव जिला के ही नहीं बल्कि नारायणपुर जिला कांकेर जिला के सीमावर्ती उन सैकड़ों गांव के लोग उत्साहित हैं जो नदी नाला जंगल पहाड़ से घिरे रहने तथा नक्सली दहशत के काली छाया के चलते विकास की दौड़ से कोसों दूर रहकर आज भी विकास की बाट जोह रहे हैं ।

भोंगापाल कोंडागांव जिले के अंतिम छोर पर है जंहा से कांकेर और नारायणपुर जिला सटा हुआ है । आजादी के बाद पहली बार प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री मंत्री का भोंगापाल और इस दुर्गम संवेदनशील क्षेत्र में आगमन होने से पूरे क्षेत्रवासियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है ।

प्राचीन पवित्र पुरातात्विक धरोहर स्थली है भोंगापाल

भोंगापाल में बुद्ध की प्रतिमा के सांथ भव्य शिवलिंग एवं सप्तमातृका की प्राचीन पाषांण प्रतिमा मिली हैं । जहां अपने निर्माण काल के प्राचीन बड़े बड़े ईंट से निर्मित किए गये मंदिरों का भग्नावशेष आज भी मौजूद है जिन्हें देखकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं । भोंगापाल में स्थित बुद्ध की प्रतिमा को स्थानीय लोग गांडा देव एवं डोकरा बाबा के नाम से जानते और पूजते आ रहे हैं l जिस वन क्षेत्र में यह बुद्ध की प्रतिमा है उस वन क्षेत्र को मुदियाल कुटुम जंगल के नाम से जानते हैं l

बुद्ध की प्रतिमा का स्थान दो नदी तमुर्रा एवं लासुरा संगम के निकट तथा तमुर्रा नदी के तट पर है l आसपास के भग्न अवशेष का अवलोकन कर चैत्य विहार होने का अनुमान लगाया जाता हैं l बुद्ध की प्रतिमा पूर्वाभिमुखी है l बलुआ पाषाण से निर्मित यह प्रतिमा पद्मासन में ध्यान मुद्रा में है l प्रतीत होता है कि यह बौद्ध धर्म के महायान से संबंधित है l कुछ इतिहासकारों का मानना है कि पाल वंश के राजाओं ने हिन्दू धर्मावलंबी होने पर भी बौद्ध धर्म को प्रसारित प्रचारित करने में सक्रिय योगदान देते मंदिर और चैत्य विहार का निर्माण कराया था l भोंगापाल ग्राम के नामकरंण को इस प्रकार समझ सकते हैं-भोंगा का आशय करुणा का प्रतीक एवं पाल का आशय पाल वंश काल में ग्राम के नाम के साथ प्रत्यय के रूप लगने वाला शब्द l इस प्रकार यह ग्राम भोंगापाल , करुणावतार गौतमबुद्ध को समर्पित हैl

इस क्षेत्र में दो शिवलिंग भी मिले हैं , एक पूर्वाभिमुख एवं दूसरा पश्चिम मुखी भग्नावशेष मंदिर मे अवस्थित हैं l उत्खनन में एक पाषाण प्रस्तर मिला है इसमे आठ देवियों की आकृति उकेरी गई है l  अधिकांश पुरातत्व लेख में इन प्रतिमाओं को काल पाँचवीं – छठवीं शताब्दी का माना गया है l

5वीं -6वींशदी के पुरातात्विक धरोहरों स्थलों से परिपूर्ण है पूरा अंचल

भोंगापाल में जिस तरह से पांचवीं छठवीं शताब्दी का अतिप्राचीन पुरातात्विक प्रतिमा एवं मंदिरों का भग्नावशेष है उसी तरह से केशकाल विधानसभा क्षेत्र के गढधनौरा गोबरहीन – बदवर- बड़े खौली -बड़े ओड़ागांव में भी पुरातात्विक धार्मिक धरोहरों है जिन्हें देखने लोग बड़ी श्रद्धाभाव से पूजते हैं और बड़ी दूर दूर से देशी विदेशी पर्यटक एवं धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालु भक्तजन पंहुचते रहते हैं ।

भोंगापाल में बुद्ध शांति पार्क की स्थापना करने के सांथ सांथ अंचल के प्राचीन पवित्र पुरातात्विक धरोहर स्थलों के विकास की योजना बनाकर कार्य करा देने से केशकाल विधानसभा क्षेत्र प्रदेश ही नहीं देश विदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में विशिष्ट स्थान अर्जित कर सकता है । भोंगापाल के समीप स्थित बस्तर रियासत की प्रथम राजधानी और मां दंतेश्वरी का प्राचीन पवित्र धाम बड़े डोंगर तथा पावडा परोडा भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है जिससे पर्यटन विकाश को नया आयाम मिल सकता है ।

इको टूरिज्म हब के तौर पर विकसित किए जाने की फिर जागृत हुई अपेक्षा

कोंडागांव जिले का केशकाल पर्यटन विकास के संसाधन एवं संभावना से परिपूर्ण है । पुरखों द्वारा छोड़ गये प्राचीन पवित्र धार्मिक पुरावशेष जंहा धार्मिक आस्था रखने वालों को और बस्तर के प्राचीन इतिहास सभ्यता संस्कृति पर अभिरुचि रखने वालों को आकर्षित करते आमंत्रित करता है वहीं प्रकृति ने केशकाल अंचल को इतनी सौंदर्यता एवं भौगौलिक विशिष्ठता तोहफे के तौर पर दे दी है जिसके चलते सात समुंदर पार से आने वाले विदेशी पर्यटकों और देश के विभिन्न स्थानों से पर्यटन के लिए निकलने वालों को केशकाल की सुंदर सुरम्य मनोरम बारह मोड़ों वाली सर्पाकार घाटी , पंचवटी , टाटा मारी , मांझीनगढ तथा हरे-भरे जंगल की वादी के बीच बहते जल प्रवाह एवं जलप्रपात रोमांचित और आनंदित कर देती है ।

प्रदेश के मानचित्र में केशकाल विधानसभा के पर्यटन हब के तौर पर विकसित होने से प्रसिद्धि मिलने के सांथ सांथ रोजगार एवं आय का जरीया भी बनेगा जो समृद्धि एवं खुशहाली का आधार भी बनेगा ।

मुख्यमंत्री के आने से लम्बे समय से लम्बित मांग पूरी होने और विकास की सौगात मिलने की उम्मीद से लोग मांग पत्र तैय्यार करने में जुट गये हैं और 1जून को भोंगापाल पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी उम्मीदों भरी अर्जी को सौंपेंगे।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

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  • सांसद महेश कश्यप ने प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 

जगदलपुर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। प्रातः 10 बजे महारानी अस्पताल परिसर से शासकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा रैली निकाली गई जो शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण कर महारानी अस्पताल के शहीद गुंडाधुर सभागार में समाप्त हुई। वहां पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य रूप से सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय प्रसाद, वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर एसएन अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ रीना लक्ष्मी और तंबाकू रोग़ नियंत्रण कार्यक्रम के हनी गाडलिब और उमाशंकर साहू के साथ महारानी अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉ. तिवारी और डॉ. दीवान भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक के जरिए तंबाकू और अन्य नशीली चीजों से समाज और परिवार के साथ साथ व्यक्ति के स्वयं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के बारे में संदेशपरक प्रस्तुति दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागी और सम्मिलित छात्राओं को ओरल किट प्रदान किया गया। इस अवसर पर कोटपा अधिनियम के संचालन एवं चालानी कार्रवाई हेतु गठित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा बनाई गई टीम के सदस्य जिसमें समाज कल्याण विभाग से श्री मानिकपुरी और नगर पालिका निगम से श्री साहू उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के उपरांत दोपहर को सांसद बस्तर महेश कश्यप द्वारा तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर एक प्रचार वाहन को भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय बसाक और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रीना लक्ष्मी के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी, -कर्मचारी उपस्थित रहे।

अहिल्याबाई के चरित्र को अपने जीवन में उतारें: राजबहादुर सिंह राणा

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  •  भारत सनातन परंपराओं का देश है: सांसद कश्यप 
  • चिंतन ही नहीं, क्रियान्वयन भी किया: शिवनारायण नेतृत्व शक्ति में नहीं, सेवा में है: संजय पाण्डे

जगदलपुर पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर नगर निगम द्वारा शनिवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुख़र्जी सभागार टाउन हॉल में संगोष्ठी, प्रदर्शनी व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं मुख्य वक्ता राज बहादुर सिंह राणा थे।अध्यक्षता महापौर संजय पाण्डे ने की। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक संतोष बाफना, लच्छूराम कश्यप, पीएससी के पूर्व सदस्य शिवनारायण पांडे, जिला भाजपा अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे, पूर्व जिला अध्यक्ष विद्याशरण तिवारी थे।

आयोजन में स्वच्छता दीदियों, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता राजबहादुर सिंह राणा ने कहा कि रानी अहिल्याबाई के जीवन दर्शन का हम सबको अध्ययन कर उसे अपने जीवन में लागू करना चाहिए। वह एक महान मराठा शासिका और रानी थी जो मालवा राज्य में होलकर राजवंश की शासिका के रूप में जानी जाती थी। अपने परोपकार और न्याय के लिए वह प्रसिद्ध थी इसलिए उन्हें लोकमाता भी कहा जाता है। पति की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई ने मालवा राज्य की बागडोर संभाली। उनके ससुर की मृत्यु के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से रानी घोषित किया गया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि भारत देश सनातन परंपराओं का देश है। हमें देश की महान विभूतियों के बारे में जानकारी प्राप्त होनी चाहिए। साहसी, न्यायप्रिय और परोपकारी शासिका अहिल्याबाई ने अपने राज्य को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए बहुत प्रयास किया। उन्होंने सेना का नेतृत्व किया और कई युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई। वरिष्ठ भाजपा नेता व पीएससी के पूर्व सदस्य शिव नारायण पांडे ने कहा कि अहिल्याबाई ने अपने जीवन में जो चिंतन किया उसका क्रियान्वयन भी किया। पूरे भारत में लोकमाता के नाम से भी उनको जाना जाता है।

उन्होंने समाज सुधार के लिए कई काम किए। महापौर संजय पाण्डे ने कहा रानी अहिल्याबाई का जीवन एक साधारण कन्या से लेकर एक असाधारण सम्राज्ञी बनने की यात्रा है। एक ऐसी वीरांगना जिन्होंने अपने पति की मृत्यु के पश्चात ना केवल शासन संभाला, बल्कि अपने अद्वितीय न्याय, धर्मपरायणता और प्रशासनिक कुशलता से इंदौर राज्य को सुव्यवस्थित और समृद्ध बनाया। उन्होंने भारत के कोने-कोने में मंदिरों और घाटों का निर्माण करवाया, बल्कि काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर रामेश्वरम तक का पुनर्निर्माण करवा कर भारत की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ किया। तीन सौ वर्षों बाद भी रानी अहिल्याबाई होल्कर का व्यक्तित्व हमें यह सिखाता है कि नेतृत्व शक्ति में नहीं, सेवा में है, शासन में नहीं समर्पण में है। उनका जीवन एक दीप है जो आज भी नारी शक्ति, धर्मनिष्ठा और देशभक्ति का मार्ग आलोकित कर रहा है। जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे ने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने हमेशा गरीबों और कमजोरों की मदद की और उनके साथ न्याय किया। एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा ने कहा कि अहिल्याबाई की सभी समाज में महति भूमिका थी। कोई भी समाज इनसे अछूता नहीं था। उन्होंने हर वर्ग, संप्रदाय और जाति के लोगों को बराबर महत्व दिया। कार्यक्रम में स्पीकर खेमसिंह देवांगन, श्रीनिवास मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह राणा, राणा घोष, संजय विश्वकर्मा, त्रिवेणी रंधारी, कलावती कसेर, पूर्व जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, नगर अध्यक्ष प्रकाश झा, पार्षद श्यामसुंदर बघेल, बसंती समरथ, गायत्री बघेल, पूनम सिन्हा, उर्मिला यादव, गीता नाग, महेश्वरी ठाकुर, ममता पोटाई, कौशल्या साहू, कुसुम परिहार, रंजीता पानीग्राही, किरण दीवान, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, गोपाल भारद्वाज, विनय श्रीवास्तव, राकेश यादव सहित भाजपा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

एनएमडीसी ने प्राकृतिक आपदा रोकने चैकडेम-6 से निकाला हजारों टन लौह चूर्ण

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  • 2022 में नगर पालिका ने रोक दिया था चैक डेम खाली करने से
  •  ने बारिश का पानी रोकने एनएमडीसी ने पहाड़ों के बीच बनवाई वॉल भी 

किरंदुल पिछले साल भारी बारिश के दौरान आई प्राकृतिक आपदा की पुनरावृति रोकने के लिए एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना ने मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए किरंदुल के चैक डेम नंबर 6 से हजारों टन लौहचूर्ण को हटवाकर चैक डेम को खाली करवा दिया है। साथ ही एनएमडीसी किरंदुल परियोजना की 11 सी खदान की पहाड़ियों पर भारी भरकम मजबूत वॉल का भी निर्माण कार्य करवा दिया है ताकि भारी बारिश में खदानों से बहकर आने वाले लौह चूर्ण को पहाड़ों के बीच में ही रोका जा सके। उल्लेखनीय हैं कि एनएमडीसी अपने चैक डेम्स को हर साल खाली करवाता हैं, परंतु वर्ष 2022 में किरंदुल नगर पालिका ने एनएमडीसी के 6 नंबर डेम को खाली करने पर नगर पालिका ने आपत्ति जताकर एनएमडीसी को चैक डेम खाली करने नहीं दिया था।जिस कारण चैक डेम में खदानों का लौहचूर्ण जमा होता गया।

नजीतन पिछले साल 21 जुलाई और 27 जुलाई को नगर में हुई अति वर्षा के कारण चैक डेम का जमा हुआ मलबा निचली बस्तियों के घरों में पानी के साथ घुस गया था। विदित हो कि उस दौरान भी एनएमडीसी ने मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए मलबे से प्रभावित परिवारों को बड़े पैमाने पर मुआवजा राशि दी थी।पिछले साल भारी बारिश से आई आपदा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एनएमडीसी ने चैक डेम नंबर 6 से हजारों टन लौह चूर्ण को खाली करवा दिया है। साथ ही खदानों की दोनों पहाड़ियों के बीच एक वॉल का भी निर्माण करवा दिया है ताकि पहाड़ों से बहकर आने वाले लौह चूर्ण को पहाड़ों के ऊपर ही रोका जा सके।

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