City Media - Page 229 of 1845 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 229

इधर शाह पहुंचे और उधर पड़ोस में 86 नक्सलियों ने कर दिया आत्मसमर्पण

0
  •  तेलंगाना के भद्राद्री कोत्तागुड़म में सबसे बड़ा आत्मसमर्पण
  • आईजीपी के समक्ष 86 नक्सलियों का सरेंडर
  • आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली बीजापुर और सुकमा जिले के निवासी 

अर्जुन झा

जगदलपुर इधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की धरती पर कदम रखे और उधर पड़ोस में एकसाथ 86 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। बस्तर संभाग से सटे पड़ोसी राज्य तेलंगाना के भद्रादी कोत्तागुंडम में नक्सलियों ने थोक में आत्म समर्पण किया है।

भद्रादी कोत्तागुंडम स्थित पुलिस हेड क्वार्टर में नक्सल ऑपरेशन के तहत मल्टी ज़ोन-1 के आईजी चंद्रशेखर रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले 86 नक्सलियों ने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है।

खास बात यह है कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली बस्तर संभाग के बीजापुर व सुकमा जिले के हैं। शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दंतेवाड़ा प्रवास के बीच यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण है। ये लोग बड़े नक्सलियों के नाम पर अवैध वसूली व आदिवासी क्षेत्रों के विकास में बाधा डालते रहे हैं। पिछले चार महीनों में भारी संख्या में नक्सली सदस्यों द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है। बहकावे में आकर ये लोग नक्सल संगठन से जुड़ गए थे। अब हिंसा के रास्ते को छोड़कर इन नक्सलियों ने समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के विचार से सरेंडर किया है। इन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। पिछले चार महीनों के भीतर अकेले बीजापुर जिले में 66 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं और 203 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। तेलंगाना में आत्मसमर्पण करने वाले चार एसीएम सदस्यों को 1-1 लाख व बाकी 82 नक्सलियों को 25-25 हजार रुपए के चेक आईजी द्वारा दिए गए। इस दौरान भद्राद्री कोट्टागुंडम जिले के एसपी रोहित राज, मुलुग जिले के एएसपी शिवम उपाध्याय और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

अमित शाह का सनातनी और बस्तरिहा स्वागत

0
  • शाह का दिल जीत लिया किरण देव और संजय ने 

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आज जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर महापौर संजय पांडे, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव तथा अन्य भाजपा नेताओं ने आत्मीय स्वागत किया। बस्तरिहा आदिवासी के वेश में पहुंचे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव और महापौर संजय पाण्डेय ने बुके भेंट कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बस्तर की धरती पर अभिनंदन किया।  शाह बस्तर के इन दोनों युवा नेताओं से आत्मीयता पूर्वक मिले और मुस्कुराते हुए उनका स्नेह अभिनंदन स्वीकार किया।

इस दौरान किरण सिंह देव बस्तरिहा कोट पहने और सिर पर फेंटा यानि पगड़ी बांधे हुए थे। फेंटा में मोर पंख एवं फूलों की कलगी लगी हुई थी। वहीं महापौर संजय पाण्डेय अपने कंधे पर भाजपाई गमछा डाले हुए थे और उनकी ललाट पर चंदन का त्रिपुण्ड बना हुआ था। कुल मिलाकर संजय पाण्डेय हमेशा की तरह सनातनी रूप में गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करने पहुंचे थे।

दल्लीराजहरा में आयुष्मान कार्ड शिविर का आयोजन

0

स्थानीय साहू सदन दल्ली राजहरा में आयुष्मान कार्ड डशिविर का आयोजन किया गया! मुख्य अतिथि तोरण लाल साहू अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा थे! विशेष अतिथि न प उपाध्यक्ष मनोज दुबे,पार्षद सुरेश जायसवाल, दामिनी साहू समाज सेविका,राकेश देवांगन,नवीन साहू थे।

स्वास्थ्य सुपरवाइजर रेखू राम साहू ने आयुष्मान भारत योजना के विषय में जानकारी दिया! आयुष्मान वय वंदना कार्ड से सभी वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलना है, 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 5 लाख तक मुफ्त उपचार मिलेगा! तोरण लाल साहू ने नगर वासियों से अपील किया केन्द्र शासन की योजनाओं का लाभ ले, अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सजग रहें, स्वास्थ्य कर्मचारीयों एवं मितानिनो से अपना स्वास्थ्य परीक्षण नियमित करवाते रहें , आयुष्मान वय वंदना कार्ड शिविर में आकर बनवाये ! आयोजन में मितानिनगण एवं नगर वासी उपस्थित थे!

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तरवासियों के हित में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष रखे 8 मुद्दे

0
  •  शाह के बार-बार बस्तर दौरे पर भी उठाए सवाल

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बार बार बस्तर प्रवास पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बस्तर के हित में आठ बड़े मुद्दे अमित शाह के समक्ष रखे हैं और आठ सवाल भी पूछे हैं।

दीपक बैज ने कहा है यह समझना पड़ेगा कि अमित शाह बार-बार बस्तर क्यो आ रहे है? छत्तीसगढ़ में जब 15 साल भाजपा की सरकार थी तक बस्तर नही आए, लेकिन अब बार- बार क्यो आ रहे है? अमित शाह बस्तर आते है तब नक्सलियों की एक चिट्ठी आती है कि हम चर्चा करने और युद्ध विराम के लिए तैयार हैं।  बैज ने कहा कि यह अमित शाह के लिए तैयार की गई स्क्रिप्ट और पॉलिटिकल स्टंट है। ताकि अमित शाह बस्तर में जाकर बोलें कि हमारी सरकार की कार्रवाई से नक्सली डर गए हैं और सरेंडर कर रहे हैं। सोची समझी प्लानिंग के तहत काम किया जा रहा है। अमित शाह के बस्तर आने का मकसद नक्सलवाद का खात्मा करना नहीं, बल्कि चहेते उद्योगपतियों के जल, जंगल, जमीन, माइंस देने के लिए रास्ता तैयार करने का है। बस्तर में कीमती खनिज संपदा है, उद्योगपतियों के लिए जमीन तलाशने वे बस्तर आए हैं। दीपक बैज ने सीधा आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अंबानी और अडानी को बस्तर की खनिज संपदा सौंपने की तैयारी में है। दीपक बैज ने अमित शाह से 8 सवाल पूछते हुए जवाब मांगा है। उन्होंने कहा है कि शाह गारंटी देंगे बस्तरियों के मंशा के खिलाफ अडानी या अन्य उद्योगपतियों की बस्तर में इन्ट्री नहीं होगी? बस्तर के लोगों के मन में शंका पैदा हो रही है कि मोदी के मित्र अडानी के लिए रेड कारपेट बिछाने भाजपा के नेता बार-बार बस्तर आ रहे हैं। अमित शाह इस बात की गारंटी देंगे कि बस्तर के आदिवासियों तथा बस्तरियों की भावनाओं के विपरीत बस्तर में अडानी एवं अन्य उद्योगपतियों की एंट्री नहीं होगी। श्री बैज ने पूछा है कि एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?*

एनएमडीसी लौह अयस्क तो बस्तर से निकलती है और उसे दुनिया भर में भेजती है परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए हैदराबाद में बनाए बैठी है। पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके। अमित शाह बताएं एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा? दीपक बैज ने सवाल किया है कि नंदराज पहाड़ की लीज कें द्र रद्द क्यों नहीं कर रहा? नंदराज पहाड़ से ग्रामीणों की आस्था जुड़ी हुई है वे उस पहाड़ को देवतुल्य मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं। बैलाडीला नंदराज पहाड़ लौह अयस्क के दोहन हेतु रमन सरकार ने 2016-17 में अडानी को लीज पर दिया था। जिसके विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबा संघर्ष किया। भूपेश बघेल सरकार ने लीज रद्द कर दी थी, परंतु आज तक केन्द्र ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी नही किया है। अमित शाह बताएं अडानी का हित बड़ा है या आदिवासियों की आस्था? पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर का नगरनार स्टील प्लांट बस्तर वासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है जिसमें मोदी सरकार अपने उद्योगपति मित्र को फायदा पहुंचाने विनिवेश करना चाहती है। बस्तर विशेषकर लोगो की भावना से जुड़ा नगरनार संयंत्र बेचने की कार्यवाही कब बंद होगी? नगरनार नहीं बिकेगा इसकी गारंटी देंगे? दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता के हित में भूपेश सरकार ने विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा था, इस विधेयक में सर्व समाज के लिए आरक्षण का प्रावधान है जिसमें आदिवासियों के लिए 32 प्रतिशत ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिए 13 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के गरीबों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। अमित जवाब दें कि आदिवासियों का 32 प्रतिशत आरक्षण कब तक राजभवन में लंबित रहेगा?

बैज ने कहा है कि सन 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी, परंतु आज तक रेल लाइन का कार्य पूरा नहीं हुआ है जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है। अमित शाह बताएं यह कब पूरी होगी? प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने कहा है कि भारत माला ओडीशा के नवरंगपुर से होकर जा रही है नगरनार से भारत माला की दूरी 32 किमी के आसपास है केन्द्र सरकार जगदलपुर से भारत माला तक जोड़ने पहल करे या एनएमडीसी नगरनार से भारत माला तक सड़क निर्माण कराए। उन्होंने कहा है कि bजल, जंगल, जमीन के अधिकारों से स्थानीय आदिवासियों को वंचित करने और खनन माफिया अपने पूंजीपति मित्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों को मोदी सरकार ने शिथिल कर दिया है क्या इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री आदिवासियों से माफी मांगेंगे?

गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत

0

रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीती रात रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा तथा उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने  शाह का स्वागत किया।  शाह आज 5 अप्रैल को बस्तर दौरे पर रहेंगे। वे बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन पूजन करेंगे। इसके बाद वहां चल रहे संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम के समापन समरोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर बस्तरवासियों से संवाद करेंगे। इसके बाद श्री शाह नक्सलवाद मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एलडब्ल्यू पर समीक्षा बैठक लेंगे।

 

मितानिनों ने किया पीडी बस्तिया का स्वागत

0

जगदलपुर नगर की शहरी मितानिनों ने स्वास्थ्य विभाग के नव पदस्थ जिला प्रबंधक (शहरी) पीडी बस्तिया का स्वागत मंडी प्रांगण जगदलपुर में किया।

कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के मार्गदर्शन मे 9 और 10 अप्रैल को संचालित होने वाले आयुष्मान कार्ड महाअभियान की तैयारी हेतु समुदाय स्तर पर लोगों को अधिक से अधिक कार्ड बनाने हेतु चर्चा की गई एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आरएसबीवाई सलाहकार पृथ्वी साहू, शहरी स्वास्थ्य इकाई से एम. पल्लवी, चंचल जोशी, आरती, के साथ शहरी मितानिन एमटी एवं शहरी मितानिन एरिया कोऑर्डिनेटर भी उपस्थित रहे।

ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष बने रिमाधर बघेल

0

बकावंड अटल समरसता भवन बकावंड में सरपंचों की बैठक आयोजित की गई।बैठक में ब्लॉक सरपंच संघ के गठन के संबंध में चर्चा कर सभी सरपंचों की सहमति से निर्विरोध सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई।

सरपंच संघ संरक्षक चंपा सूर्यवंशी, मोंगरापाल,

अंबाली बघेल कोहकापाल व तिलोत्तमा मौर्य बारदा, सलाहकार डमरू मौर्य बकावंड, अध्यक्ष रिमाधर बघेल पीठापुर, उपाध्यक्ष गोपाल कश्यप जैतगिरी, फुलमनी कश्यप चिउरगांव, सचिव संतोष कश्यप छोटे देवड़ा, सह सचिव अनिता कश्यप नारावंड, कोषाध्यक्ष धनपति नाग चोलनार, महामंत्री चक्रधर कश्यप सौतपुर, प्रवक्ता जयमनी कश्यप संधकरमरी, धनमती भारती राजनगर, मीडिया प्रभारी मधुसूदन कश्यप उलनार, नीलम कश्यप कोसमी, संतोष सतलावंड तथा कार्यकारिणी सदस्य सोनसिरा कर्मा झार उमरगांव, अर्जुन कश्यप बेड़ा उमरगांव, भगवती भारती बजावंड, नवतन कर्मा सतोषा, आसमती तारापुर, जोगेंद्र बघेल मरेठा, कुलधर कश्यप गारेंगा नियुक्त किए गए हैं। सभी सरपंच पदेन कार्यकारिणी सदस्य रहेंगे।

अभय तिवारी को मिला कुमार विश्वास का आशीर्वाद

0

जगदलपुर.हंसमुख एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी कवि कुमार विश्वास कल दंतेवाड़ा पहुंचे थे। कुमार विश्वास जगदलपुर निवासी अमित तिवारी के बेटे अभय की वाकपटुता से इस कदर प्रभावित हुए कि अभय को अपने पास बुलाकर उसे दुलार किया और आशीर्वाद दिया। इस दौरान प्रदेश के लोकप्रिय गृहमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। अभय तिवारी जगदलपुर के हैं। वे सनातन परंपरा पक्षधर हैं और हिंदू धर्म ग्रंथ वाचन में विशेष रुचि रखते हैं।

खनिज ही नहीं जल का भी अथाह भंडार है बस्तर की धरा के गर्भ में

0
  •  इंद्रावती नदी और वनों के कारण जल से समृद्ध है बस्तर का भूगर्भ
  • बस्तर के जिलों में भूजल स्रोतों का उपयोग कम

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग की धरती का गर्भ सिर्फ खनिज संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि उसमें अथाह जल भंडार भी है। यह संभव हो पाया है पुण्य सलिला इंद्रावती नदी और देवतुल्य वनों की वजह से। अकूत जल भंडार होने के बावजूद यहां भूजल के उपयोग की दर अन्य संभागों या जिलों की तुलना में बहुत ही कम है।

रत्नगर्भा बस्तर की धरती जलगर्भा भी है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में भूजल का सबसे कम उपयोग बस्तर संभाग में होता है। ओड़िशा की धरती को आबाद करती हुई बस्तर की ओर बहने वाली इंद्रावती नदी बस्तरवासियों की जीवनदायिनी है। इसके भरोसे ही बस्तर जिले के हजारों किसान खेती करते हैं। गर्मी के मौसम में नदी का जलस्तर लगातार कम हो जाता है। इस साल स्थिति अभी से ही गंभीर दिखाई दे रही है। किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि बस्तर में वीआईपी दौरे के वक्त और बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक एवं चित्रकोट महोत्सव के दौरान इंद्रावती नदी में बने एनिकेट्स खोल दिए जाते हैं। इस वजह से जमा पानी व्यर्थ बह जाता है और किसान सिंचाई से वंचित हो जाते हैं। इंद्रावती की सहायक नदी के एनिकेट्स भी पुराने हो गए हैं और टूट-फूट चुके हैं। जलगर्भा होने के बावजूद यहां भूजल का दोहन होता है। भूजल का दोहन कम हाेने की वजह से बस्तर भूजल उपलब्धता के मामले में पूरी तरह सुरक्षित माना गया है।

सबसे कम दोहन सुकमा में

सेंट्रल वाटर बोर्ड के सर्वें में यह तथ्य सामने आया है कि बस्तर जिले में 33 प्रतिशत भूजल का उपयोग होता है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में 13 प्रतिशत, नारायणपुर में 4.2 और सुकमा में सबसे कम 3 प्रतिशत भूजल का उपयोग लोग करते हैं। पूरे संभाग में कांकेर जिले के सिर्फ चारामा ब्लॉक को ही सेमी क्रिटिकल जोन सर्वे में चिन्हित किया गया है। इस लिहाज से देखा जाए तो इंद्रावती नदी के एनीकेट्स और प्रचुर वन क्षेत्र के कारण बस्तर का भूजल स्रोत सुरक्षित है। यहां के भूजल स्त्रोत का उपयोग कर न सिर्फ बस्तर के लोगों को पेयजल एवं निस्तारी जल संकट बचाया जा सकता है, बल्कि यहां कृषि को भी समृद्ध बनाया जा सकता है

इंद्रावती से है वाटर लेवल मेंटेन

सर्वे के मुताबिक बस्तर बैलाडीला समूह की चट्टानों से आच्छादित है, जहां बैंडेड आयरन फॉर्मेशन प्रचुर मात्रा में है। बैलाडीला समूह की चट्टानों में ग्रेनाइट व ग्रेनाइटॉइड जैसी अम्लीय आग्नेय चट्टानें शामिल हैं। इन मुख्य क्रेटोनिक चट्टानों के निर्माण के अलावा, इंद्रावती समूह की तलछट भी पाई जाती है। जो भू जल के संरक्षण में मददगार होती हैं। जिले का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण और वार्षिक उपयोग लायक भूजल पुनर्भरण अच्छा है। जिले में सभी उपयोगों के लिए सकल भूजल उपयोग केवल 33.62 प्रतिशत है, जो राज्य के औसत 48.43 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है। जिले के सभी ब्लॉकों को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।

दंतेवाड़ा तीसरा सबसे कम विकसित जिला

बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में ग्रेनाइटॉइड्स जिसमें डोंगरगढ़ ग्रेनाइट्स और बस्तर गनीस किस्म की चट्टानें हैं। ये बैलाडीला समूह की चट्टानों से ढके हुए हैं, जिसमें बैंडेड आयरन फॉर्मेशन शामिल हैं। यहां शबरी और पाखल समूह के आर्गिलो- कैल्केरियस तलछट भी पाi जाती ह। जिले का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण, वार्षिक निष्कर्षण योग्य भूजल पुनर्भरण और निष्कर्षण का मात्र 15.4 प्रतिशत है, जो राज्य औसत की तुलना में बहुत कम है। भूजल विकास के मामले में यह राज्य का तीसरा सबसे कम विकसित जिला है। इस जिले में कटेकल्याण ब्लॉक में विकास का सबसे कम चरण 9.64 प्रतिशत है। जिले के सभी ब्लॉकों को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।

कांकेर में 33 प्रतिशत उपयोग

कांकेर जिला लगभग पूरी तरह ग्रेनाइट चट्टानों से ढका हुआ है। डोंगरगढ़ ग्रेनाइट और बस्तर गनीस प्रमुख भूवैज्ञानिक संरचनाएं हैं। मध्य भाग में बिजली रायोलाइट एक पतली पट्टी के रूप में पाई जाती है। जिले का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण और वार्षिक निष्कर्षण केवल 33.49 प्रतिशत है।कांकेर के सभी ब्लॉकों को भूजल के मामले में सुरक्षित माना गया है।सिर्फ चारामा ब्लॉक सेमी क्रिटिकल है। खोजपूर्ण ड्रिलिंग से संकेत मिला है बस्तर की धरती में अथाह जल भंडार मौजूद है।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने फिर रच दिया एक इतिहास

0
  •  घोर नक्सल प्रभावित गांव रायगुडेम पहुंचे बाइक से
  •  इलाके में पहुंचने वाले पहले गृहमंत्री हैं शर्मा 

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा वास्तव में बड़े जीवट व्यक्ति हैं। उन्हें अपनी जान से ज्यादा एंटी नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों और नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे रह गए ग्रामीणों की चिंता रहती है। यही वजह है कि वे अक्सर ऐसे गांवों में चले जाते हैं, जहां कदम रखना भी खतरे से खाली नहीं। अपनी इसी जांबाजी के चलते विजय शर्मा इतिहासपर इतिहासरचते जा रहे हैं। विजय शर्मा आज 3 अप्रैल को भी बाइक की सवारी करते हुए सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थापित कैंप रायगुडेम में जा पहुंचे।

देश की आजादी के बाद पहली बार सुकमा जिले के नक्सलगढ़ रायगुडेम में कोई गृहमंत्री पहुंचा है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा पहले होम मिनिस्टर हैं जो एक जवान की बाइक पर कच्ची सड़क से होते हुए बैठकर रायगुडेम पहुंचे। वहां सबसे पहले उन्होंने ग्रामीणो के बीच बैठकर उनसे बातचीत की उनका दुख दर्द पूछा।  शर्मा ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया और गांव में व्याप्त समस्याओं को जल्द दूर कराने का भरोसा दिलाया। रायगुडेम में सीआरपीएफ की 223वीं बटालियन का कैंप 22 नवंबर 2024 को खोला गया था।

गृहमंत्री विजय शर्मा इस कैंप में भी पहुंचे। उन्होंने यहां पहले जवानों से मुलाकातकर उनकी हौसला अफजाई की। इसके बाद वे ऑफिसर्स ग्रुप की बैठक में शामिल हुए। बैठक में पुलिस और सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने नक्सल मोर्चे को लेकर ब्रीफिंग दी। सुकमा जिले के अंदरुनी इलाकों में स्थापित सीआरपीएफ के कैंपों में लगातार पहुंच कर उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के जवानों से मुलाकात करते आ रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों से भी मुलाकात कर उनको राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचने के हर संभव प्रयास भी कर रहे हैं। नक्सलियों की नर्सरी के नाम से विख्यात एवं कुख्यात नक्सली हिड़मा के गृह ग्राम पूवर्ती पहुंचने वाले पहले गृहमंत्री विजय शर्मा ही हैं।. पूवर्ती में भी शर्मा जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से चर्चा करते नजर आए थे। इसके आलावा विजय शर्मा के खाते में यह उपलब्धि भी दर्ज है कि वे बीजापुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके में सड़क मार्ग से पहुंचे थे। इससे पहले किसी गृहमंत्री ने ऐसा साहस नहीं दिखाया था।

MOST POPULAR

HOT NEWS