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पूर्व सीएम भूपेश बघेल से सौजन्य भेंट कर जैन ने की बस्तर के हालात पर चर्चा

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  • कांग्रेसजनों में दिखा जबरदस्त उत्साह 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल से रविवार शाम स्थानीय सर्किट हाउस में पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कांग्रेसियों ने बघेल को बुके भेंट किया। जैन व अन्य कांग्रेसजनों ने बस्तर के हालात पर श्री बघेल से चर्चा की। यहां के हालातों पर विस्तार से विचार- विमर्श कर उनसे बस्तर आने का आग्रह किया गया।

जैन ने नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के तैयारी की बात कही। साथ ही  बघेल से कहा कि उनके कार्यकाल को जनता आज भी शिद्दत से याद करती है। भाजपा शासनकाल में समाज के सभी वर्गों के असंतुष्ट रहने की बात भी जैन ने कही जिसे बघेल ने ध्यान से सुना। पूर्व शहर अध्यक्ष रामशंकर राव ने ईवीएम पर चर्चा कर पूर्व मुख्यमंत्री से इसे कांग्रेस के द्वारा उठाने का आग्रह किया गया। इस दौरान मत्स्य बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एमआर निषाद, सूर्यनाथ खरे, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, राजेश राय, गौरनाथ नाग, सूर्या पानी, परमजीत जसवाल, निर्मल लोढ़ा, हेमू उपाध्याय, सचिन खरे, विनोद कुकड़े, ज्योति राव, अफरोज बेगम, संदीप नवले, अमरनाथ सिंह, हरीश साहू, विक्की निषाद, संतोष सोनी, साकेत दुबे आदि मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कांग्रेसजनों में भारी उत्साह नजर आया।

पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड का मास्टर माइंड सुरेश चंद्राकर हैदराबाद से गिरफ्तार

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  • पूछताछ जारी, पकड़ में आ चुके हैं चार आरोपी 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मास्टर माइंड सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।हत्या के इस मामले में तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

एसआईटी ने फरार मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को देर रात हैदराबाद से हिरासत में लियाl सुरेश चंद्राकर से पूछताछ की कार्रवाई जारी है। पत्रकार सुरेश चंद्राकर 1 जनवरी की रात लगभग 8.30 बजे लापता हो गए थे। उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने कोतवाली थाना बीजापुर में 2 जनवरी की रात गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने मुकेश चंद्रकार की तलाश के लिए 3 टीमों का गठन किया था। मुकेश चंद्राकर के मोबाईल फोन की सीडीआर एवं लोकेशन की जांच की गई। मृतक की लास्ट लोकेशन के आधार पर 2 जनवरी की रात में ही चट्टान पारा स्थित ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के बाड़े के सभी रूम को चेक किया गया। अलग-अलग जगहों पर खोजबीन की गई। सुरेश चंद्राकर के बाड़े के बैडमिंटन कोर्ट में नई फ्लोरिंग वाली सेप्टीक टैंक से मुकेश चंद्राकर का शव बरामद हुआ था। मृतक के सिर, पीठ, पेट एवं सीने पर ठोस हथियार से वार के निशान थे। घटना के संदेही रितेश चंद्राकर को रायपुर एयरपोर्ट से पकड़ा गया। वहीं अन्य आरोपी सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके एवं दिनेश चंद्राकर को बीजापुर से पकड़ा गया।

मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को पकड़ने के लिए अलग- अलग टीमें बनाई गई थीं। वहीं बाद में आईजी सुंदरराज पी. ने आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने अंततः सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से दबोच ही लिया। पत्रकार मुकेश चंद्राकर और रितेश चंद्राकर रिश्ते में भाई लगते थे तथा पारिवारिक एवं सामाजिक विषयों को लेकर आपस में चर्चा करते रहते थे। 1 जनवरी की रात करीब 8 बजे मृतक मुकेश चंद्राकर एवं आरोपी रितेश चंद्राकर के बीच मोबाईल पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मुकेश चंद्राकर एवं आरोपी रितेश चंद्राकर बीजापुर में चट्टान पारा स्थित ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के बाड़े में पहुंचे तथा भोजन करने बैठे थे। इसी दौरान रितेश चंद्राकर में मुकेश चंद्राकर में बहस हो गई। रितेश चंद्राकर द्वारा सुनियोजित तरीके से बाड़े में मौजूद सुपरवाईजर महेंद्र रामटेके के साथ मिलकर मुकेश चंद्रकार के सिर, छाती, पेट एवं पीठ पर लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सेप्टीक टेंक में डाल दिया गया एवं उसे स्लेब के ढक्कन से बंद कर दिया गया। ठेकेदार सुरेश चंद्राकर एवं अन्य आरोपियों की संपत्तियों एवं बैंक खातों के सबंध में जानकारी पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा खंगाली गई। सुरेश चंद्रकार के तीन बैंक खातों को होल्ड कराया गया और अन्य खातों के सबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। ठेकेदार सुरेश चंद्रकार द्वारा अवैध तरीके से निर्मित कंस्ट्रक्शन यार्ड को ध्वस्त किया गया।

जगदलपुर नगर निगम का मेयर ओबीसी या सामान्य वर्ग से, फैसला होगा कल

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  •  10 नगर निगमों और नगरपालिकाओं में जिला स्तर पर तय होगा आरक्षण 

अर्जुन झा-

जगदलपुर नगरीय निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज हो गई है। निकाय चुनाव के लिए आरक्षण 7 जनवरी को होगा। नियम, निर्देश और आरक्षण को लेकर गाइडलाइन के अनुसार कलेक्टरों को आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकृत किया गया है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लगाई जाएगी। जगदलपुर नगर निगम अभी अनारक्षित महिला है। इस बार ओबीसी या सामान्य के लिए आरक्षित होने की संभावना है।

वहीं निकाय चुनाव को लेकर खासकर नगर निगमों में महापौर और नगरपालिकाओं में अध्यक्षों के आरक्षण को लेकर भाजपा-कांग्रेस के नेता अपना-अपना आकलन करने लगे हैं। हालांकि किस नगर निगम में महापौर की सीट किस वर्ग के लिए और नगर पालिका अध्यक्षों की सीट किस वर्ग के खाते में जाएगी, ये तो आरक्षण के बाद ही पता चलेगा। चर्चा है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो जाएगी। आरक्षण के बाद जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित होगी, उनके दावेदारों की फौज सामने आएगी। टिकट के दावेदार पार्टी में अपनी दावेदारी ठोकने के साथ सियासी जुगत भी बिठाने की जोर-आजमाइश करते दिखेंगे। यह माना जा रहा है कि जिस नगर निगम और नगरपालिका में सीट सामान्य यानी अनारक्षित होगी, उस पर सामान्य वर्ग के अलावा ओबीसी वर्ग के नेता भी अपनी दावेदारी करने से नहीं चूकेंगे। वहीं एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर इन्हीं दोनों वर्ग के नेता ही अपनी दावेदारी ठोक पाएंगे। अभी लोगों को आरक्षण का इंतजार है, उसके बाद ही निकायों की सियासत शुरू होगी।

इस तरह सकता है आरक्षण

पिछली बार नगर निगम और नगर पालिकाओं में अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हुआ था। उसके लिए आरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया था। जगदलपुर अभी अनारक्षित महिला है। इस बार यहां ओबीसी या सामान्य की वर्ग की झोली में जगदलपुर महापौर सीट जा सकती है। रायपुर की सीट अभी अनारक्षित है, इस बार ओबीसी या महिला सामान्य होने की चर्चा है। दुर्ग अभी अनारक्षित है, इस बार अनारक्षित महिला या ओबीसी की चर्चा, बिलासपुर अभी अनारक्षित है, इस बार ओबीसी की चर्चा, चिरमिरी अभी अनारक्षित महिला है, इस बार ओबीसी हो सकती है। रायगढ़ अभी एससी महिला है, इस बार एससी हो सकती है। अंबिकापुर अभी एसटी है, इस बार एसटी महिला हो सकती है। कोरबा अभी ओबीसी वर्ग के पास है, इस बार सामान्य वर्ग की चर्चा है। धमतरी अभी ओबीसी है, इस बार सामान्य वर्ग को मौका मिल सकता है। राजनांदगांव अभी ओबीसी महिला वर्ग है, इस बार सामान्य को मौका मिल सकता है।

अब साकार हो रहे हैं बस्तर वासियों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना बन गई है गरीबों के लिए वरदान: केदार कश्यप

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  •  नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात 
  • वनमंत्री केदार कश्यप ने किया भूमिपूजन और लोकार्पण 

जगदलपुर वनमंत्री केदार कश्यप ने शनिवार को क्षेत्रीय प्रवास पर नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। प्रवास के दौरान वनमंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों को करोड़ों की सौगात दी।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए विष्णुदेव साय सरकार लगातार कार्य कर रही है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी जब बस्तर आए थे, तब उन्होंने 300 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया था। वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर पूरे प्रदेश में तेज गति से विकसित होने वाला क्षेत्र बन गया है। यहां विकास की अनेकों संभावनाएं हैं। वनमंत्री केदार कश्यप ने बाकेल, चेराकुर, कुंगारपाल, गोंदियापाल, मांदलापाल, पाथरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गृह निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन सहित 10 करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया है।

पूरे हो रहे गरीबों के सपने

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी हितग्राहियों घर सौंपते और भूमिपूजन करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों से कहा कि एक पक्का मकान हर गरीब का सपना होता है जिसे हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने पूरा करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार केंद्र की सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर गरीब मजदूर परिवारों के सपने को साकार करने में जुटी हुई है। इस अवसर पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, बस्तर जिला भाजपा अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, प्रवीण सांखला, कुलेश्वर कशयप, विजय पांडेय, खितेश मौर्य, उमाकांत कशयप सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित रहे।

धर्मांतरित परिवारों की कराई सनातन धर्म में वापसी

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जगदलपुर ग्राम पंचायत उलनार में माहरा समाज के संरक्षक एवं विहिप जिला उपाध्यक्ष प्रेम चालकी के नेतृत्व में 4 जनवरी को धर्मांतरित हो चुके तीन परिवारों के कुल 12 सदस्यों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की। यह परिवार 12 वर्षों ईसाई धर्म का पालन करते आ रहे थे। अब उन्होंने हिंदू धर्म को अपनाने का फैसला किया है।

इन परिवारों ने हिंदू धर्म में घर वापसी के लिए एक विशेष समारोह आयोजित किया था। समारोह में स्थानीय हिंदू नेता, पुजारी और समुदाय के सदस्य शामिल हुए। परिवारों के सदस्यों ने हिंदू धर्म की मूल बातों को सीखा और हिंदू रीति-नीति को फिर से आत्मसात कर लिया। घर वापसी करने वालों में दशरथ कश्यप, कुमारी कश्यप, ममता कश्यप, कविता कश्यप, संतोष कश्यप, आराध्या कश्यप, चैतन कश्यप, दशमती कश्यप, कौशल कश्यप, करण कश्यप, मंजू कश्यप, एलिना कश्यप शामिल हैं।

नव नियुक्त जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख को कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

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दल्लीराजहरा बालोद जिला भाजपा के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख को कार्यकर्ताओं ने बालोद जिला भाजपा कार्यालय पहुंच कर बधाई दी। बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से प्रदेश अल्प संख्यक मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य मुश्ताक अहमद, युवा नेता रमेश साहू, श्याम जायसवाल, मेवा पटेल, अंकित जायसवाल, जीवन साहू, दुष्यंत राजपूत, नदीम बडगुजर, अमन कुमार, महेश प्रताप सिंह, सागर गनीर, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

अब साकार हो रहे हैं बस्तर वासियों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना बन गई है गरीबों के लिए वरदान: केदार कश्यप

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  •  नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात
  • वनमंत्री केदार कश्यप ने किया भूमिपूजन और लोकार्पण 

जगदलपुर वनमंत्री केदार कश्यप ने शनिवार को क्षेत्रीय प्रवास पर नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। प्रवास के दौरान वनमंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों को करोड़ों की सौगात दी।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए विष्णुदेव साय सरकार लगातार कार्य कर रही है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी जब बस्तर आए थे, तब उन्होंने 300 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया था। वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर पूरे प्रदेश में तेज गति से विकसित होने वाला क्षेत्र बन गया है। यहां विकास की अनेकों संभावनाएं हैं। वनमंत्री केदार कश्यप ने बाकेल, चेराकुर, कुंगारपाल, गोंदियापाल, मांदलापाल, पाथरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गृह निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन सहित 10 करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया है।

पूरे हो रहे गरीबों के सपने

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी हितग्राहियों घर सौंपते और भूमिपूजन करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों से कहा कि एक पक्का मकान हर गरीब का सपना होता है जिसे हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने पूरा करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार केंद्र की सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर गरीब मजदूर परिवारों के सपने को साकार करने में जुटी हुई है। इस अवसर पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, बस्तर जिला भाजपा अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, प्रवीण सांखला, कुलेश्वर कशयप, विजय पांडेय, खितेश मौर्य, उमाकांत कशयप सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित रहे।

किरण देव बन सकते हैं मंत्री, धरम लाल कौशिक बनाए जा सकते हैं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

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  •  साय केबिनेट का विस्तार जल्द, अमर भी बनेंगे मंत्री 

अर्जुन झा-
जगदलपुर जल्द ही बस्तर संभाग को एक और मंत्री मिल सकता है। जगदलपुर विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह को साय केबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं प्रदेश भाजपा की बागडोर वरिष्ठ नेता धरम लाल कौशिक को सौंपी जा सकती है। अगर किरण देव मंत्री बनाए गए तो बस्तर के विकास को पंख लग जाएंगे। इस संभाग के नारायणपुर क्षेत्र से विधायक केदार कश्यप अभी वन मंत्री हैं और किरण देव दूसरे केबिनेट मंत्री हो जाएंगे। मकर संक्रांति के बाद साय मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल हो सकता है।
विष्णु देव साय कैबिनेट के संभावित विस्तार में दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव अपने पद से इस्तीफा देंगे और मंत्री पद की शपथ लेंगे। वे जगदलपुर सामान्य सीट से विधायक हैं। इस सीट के पूर्व विधायक रेखचंद जैन भूपेश बघेल सरकार में संसदीय सचिव बनाए गए थे और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ था। मंत्रिमंडल में शामिल होने की रेस में पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल का नाम भी शामिल है। इनके अलावा मंत्रियों के विभाग बदलने की भी चर्चा है। बीते दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात भी की थी। माना जा रहा है कि यह मुलाकात उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में की थी। इधर सरकार के एक साल पूरा होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश का दौरा कर सरकार के एक साल की समीक्षा की थी। सभी विभागों के मंत्रियों का कामकाज की समीक्षा कर उनकी परफॉरमेंस रिपोर्ट देखी थी। कुछ मंत्रियों के पास बड़े और भारी भरकम विभाग होने के कारण कई विभागों में काम की प्रगति अच्छी नहीं होने पर जेपी नड्डा ने जानकारी ली थी। अब उनके विभागों में फेरबदल कर नए सिरे से मंत्रियों के विभाग बांटे जाने की कवायद चल रही है। चर्चा यह भी है कि सरकार के एक साल पूरा होने पर अलग-अलग विभागों के मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड चेक किया जा रहा है, जिसके आधार पर मंत्रियों की जिम्मेदारी में फेरबदल करने की संभावना है। बताया जाता है कि समीक्षा के बाद कुछ मंत्रियों के पर कतरने की तैयारी कर ली गई है। पूरा प्लान तय हो चुका है, लेकिन विस्तार की डेट अभी तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह तक पूरी तैयारी कर नए मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराया जाएगा।

कौन होगा तेरहवां मंत्री
प्रदेश में मंत्रियों की संख्या 13 किए जाने की चर्चा है ऐसे में पिछड़ा वर्ग से अभनपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर या दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव को शामिल किए जाने की चर्चा है। बताया जाता है कि मंत्री पद की दौड़ में कई वरिष्ठ विधायक शामिल हैं। इनमें से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक का नाम भी लिया जा रहा है। बताया जाता है कि उन्हें मंत्री न बनाकर प्रदेश संगठन का प्रभार देते हुए किरण देव की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके साथ ही मौजूदा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव को साय केबिनेट में शिफ्ट किए जाने की प्रबल संभावना है।

संक्रांति किसके लिए फलदायी?
सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल का विस्तार व फेरबदल की प्रक्रिया मकर संक्रांति के बाद ही होगी। ऐसे में इस बार की संक्रांति किस विधायक का भाग्योदय करेगा और किस मंत्री के लिए अशुभ फलदायी होगा, यह देखने वाली बात है। मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद किया जा सकता है। इस बाबत दिल्ली में बड़े नेताओं से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संगठन के नेताओं की चर्चा हो चुकी है। अभी प्रदेश भाजपा संगठन का चुनाव चल रहा है। 10 जनवरी तक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जानी है। उसके बाद 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव किया जाना है।ऐसे में मंत्रिमंडल का विस्तार 15 जनवरी के बाद ही होने की संभावना है।

मानवीय संवेदना और शिष्टाचार के मायने समझा दिए दीपक बैज ने

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  •  नेताओं को बैज से सबक लेने की है जरूरत 

जगदलपुर आजकल राजनीति में शिष्टाचार नाम की चीज नहीं रह गई है। इस देश में प्रधानमंत्री खड़े रहते हैं और प्यादे कुर्सी पर शान से बैठे रहते हैं। राजनेताओं से शिष्ट भाषा और शिष्टाचार की उम्मीद करना भी बेमानी सी हो गई है। बावजूद आज भी कुछ नेता ऐसे हैं जिन्होंने शिष्ट राजनीति की मर्यादा बचाए रखी है, मानवीय संवेदना को मरने से बचाए रखा है। अपने दीपक बैज भी उन्हीं शिष्ट नेताओं में शुमार हैं। उनकी शिष्टता और मानवीय संवेदना की बानगी अक्सर देखने सुनने को मिलती रहती है। शनिवार को भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सांसद दीपक बैज की शिष्टता का शानदार उदाहरण सामने आया।

दीपक बैज अपने सौम्य एवं सरल व्यवहार तथा मृदु भाषिता के लिए जाने जाते हैं। भले ही वे कांग्रेस से हैं, मगर भाजपा और दूसरे दलों के नेताओं के साथ भी वे पूरी शिष्टता पूर्वक बात करते हैं। विपक्षी नेता के तौर पर उनके बयानों तथा व्यवहार में भी शिष्टता की झलक दिखाई देती है। शनिवार को कांग्रेस ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में नगरनार स्टील प्लांट एवं एनएमडीसी से जुड़े जनहित के मसलों को लेकर नगरनार के खूंटपदर से जगदलपुर तक न्याय पदयात्रा निकाली थी। इस पदयात्रा के ठीक एक दिन पहले बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की एक ठेकेदार परिवार द्वारा नृशंस हत्या कर दी गई थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए यात्रा निकलने से ठीक पहले दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि देने कुछ देर के लिए यात्रा पर विराम लगा दिया। मुकेश को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि ऐसे युवा पत्रकार की हत्या हो जाती है जो बस्तर के दुर्गम इलाकों में काम करता है। हमें राजनीति से परे उठ कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने सरकार से इसकी जांच की मांग की और 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के बाद ही यात्रा प्रारंभ कराई। सियासी दल अगर हत्या जैसे मामले में भी राजनीति प्रारंभ कर दें तो चौथा स्तंभ यूं ही दरकता रहेगा, मुकेश की तरह और भी पत्रकार मारे जाते रहेंगे। हालांकि दीपक बैज पर कुछ कुंठित लोगों ने आरोप भी लगाए हैं, किंतु राजनीति में सहिष्णुता के मायने पीसीसी अध्यक्ष ने अपने शालीनता से विरोधियों को सिखा दिए हैं।

यह है बस्तर ओलंपिक का चमत्कार

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  • जज्बा बताता है कि यह बच्चा भी दिखाएगा बस्तर ओलंपिक में एक दिन दम 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर ओलंपिक-2024 को संपन्न हुए माह बीतने को है, मगर इसका जादू अभी भी लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। क्या महिला, क्या बच्चा, क्या जवान, क्या बूढ़ा सभी इसके दीवाने हो गए थे और यह दीवानगी अब भी बरकरार है। इसकी तस्दीक यह चित्र कर रहा है, जिसमें करीब पांच साल की उम्र का बच्चा नेशनल हाईवे पर रोलर स्केटिंग करता नजर आ रहा है। शायद यह बालक बस्तर ओलंपिक-2025 में स्केटिंग का जौहर दिखाने बेताब है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने बस्तर ओलंपिक-2024 के रूप में जो शानदार प्रयोग किया, वह कई मायनों में इतिहास रच गया। इसमें संभाग के सातों जिलों के हर तरह के खिलाड़ियों ने भाग लिया। अंदरूनी गांवों की मातृशक्ति भी पीछे नहीं रही। बस्तर ओलंपिक 2024 की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें आत्मसमर्पित नक्सलियों, नक्सल पीड़ित युवाओं और ग्रामीणों के साथ ही नक्सली हमलों व नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी की चपेट ने आकर अपाहिज हो चुके सैकड़ों लोगों ने भाग लिया था। आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के युवाओं को समाज एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, रचनात्मक गतिविधियों में लगाने और खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया यह आयोजन उद्देश्य पूर्ति में पूरी तरह सफल रहा। बस्तर ओलंपिक की चर्चा देश दुनिया में हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की चर्चा करते हुए इसकी तारीफ की थी। माह भर बाद भी बस्तर ओलंपिक का जादू बस्तर वासियों के सिर से उतरा नहीं है। लोगों को अगले बस्तर ओलंपिक आयोजन का बेताबी से इंतजार भी है। यहां आलम यह है कि बच्चा बच्चा बस्तर ओलंपिक, बस्तर ओलंपिक बोल रहा है। अब इसी बच्चे को देख लीजिए, उसका जज्बा बताता है कि एक दिन वह बस्तर ओलंपिक में रोलर स्केटिंग चैंपियन जरूर बनेगा। जगदलपुर से नगरनार रोड पर एक ग्राम स्थित है सेमरा। यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसा है। यह जीवट बालक इसी सेमरा गांव का निवासी है। सेमरा का यह शूरवीर बालक अपनी मां के सुरक्षा घेरे में रहकर नेशनल हाईवे के किनारे किनारे रोजाना रोलर स्केटिंग का अभ्यास करता है। मां तालाब जाए, या खेत खलिहान जाए, बालक उसके आगे आगे स्केटिंग करते चलते रहता है। यह उसकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। रोलर स्केटिंग का यह शौक अमूमन बड़े शहरों में बड़े घर के बच्चों, किशोरों और युवाओं में देखा जाता है। शहरों के रोलर स्केटर समतल मैदानों पर अभ्यास करते हैं, मगर बस्तर के इस लाल के लिए प्रेक्टिस के वास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा और कोई बेहतर विकल्प मौजूद नहीं है। बमुश्किल 4-5 साल की उम्र वाले इस बालक के नन्हें कदम आसमान चूमने बेताब हैं, उसकी जीवटता बस्तर का नाम इस खेल में चमकाने के उसके मजबूत इरादे को प्रदर्शित कर रही है। इस बालक की माता सेमरा में ही एक छोटी सी दुकान चलाती है। उसने नाम नही छापने का आग्रह किया। भविष्य में बालक को सफलता मिले, हमारी शुभकामनाएं।

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