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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल का ग्राम भानपूरी मे भव्य स्वागत

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  • बस्तर की राजनीती के पुरोधा स्व बलीराम कश्यप की समाधी स्थल में किया पुष्पांजली

भानपुरी -भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल का आज नारायणपुर विधानसभा के प्रथम ग्राम भानपुरी आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साव व नेता प्रतिपक्ष चंदेल के प्रथम भानपुरी आगमन पर नारायणपुर विधानसभा के भानपुरी मंडल के सैकड़ों भाजपा नेता व कार्यकर्त्ताओ ने मुंडागांव से भानपुरी व फरसा गुड़ा तक मोटरसाइकिल रैली निकाल जिन्दाबाद के नारो के साथ आतिशबाज़ी कर भव्य व आत्मीय स्वागत किया। भाजयुमो की बाईक रैली व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का काफिला बस्तर की राजनीति के पुरोधा माने जाने वाले स्व•बलीराम कश्यप के गृह ग्राम फरसागुड़ा पहुंच उनकी समाधी स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज स्वागत दिनेश कश्यप जी, वेदवती कश्यप जी,रुपसिंग मण्डावी जी, संतोष बघेल,टिकेश्वरी मण्डावी, निर्देश दिवान, महेश कश्यप, भूषण गुप्ता,भोला कश्यप,मंगलू कश्यप, खुलेश्वर कश्यप, विजय तिवारी, अशोक राव ,विजय पांडे, खितेश मौर्य, गणेश सेठिया,असगर खान, प्रवीण संखाला, राजेश सागर,बुधुराम,फकीर कश्यप,सुदुराम,लिंगुराम,दयानीध,भगतराम, घनश्याम, भास्कर जोशी,दीपक,गुलाब,लुदर, भागरथी,तुलसु कश्यप, रामप्रसाद मौर्य, ओमप्रकाश कश्यप, भूपेन्द्र दिवान, नीरज, ईश्वर सहित सैकड़ों पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

रत्नावली ने भूपेश के समर्थन में उठाई आवाज़, कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग

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अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छ्ग शासन की सदस्य, महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश महासचिव एवं अनुसूचित जाति कांग्रेस कमेटी प्रदेश उपाध्यक्ष, हिन्द सेना महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गुजरात विधानसभा चुनाव अहमदाबाद लोकसभा मुख्य पर्यवेक्षक रत्नावली कौशल कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की गहमा-गहमी के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई हैं. रत्नावली कौशल ने कहा है कि वैसे तो श्रीमती सोनिया गांधी या फिर राहुल गांधी को ही पार्टी अध्यक्ष का दायित्व सम्हालना चाहिए था, लेकिन सोनिया जी ने अस्वस्थता के चलते दायित्व सम्हालने से मना कर दिया है और राहुल गांधी यह जिम्मेदारी सम्हालने से इंकार कर चुके हैं. राहुल गांधी देश के भावी प्रधानमंत्री हैं. ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सर्वथा उपयुक्त उम्मीदवार साबित होंगे. बघेल अध्यक्ष पद के लिए हर दृष्टिकोण से सर्वाधिक उपयुक्त साबित होंगे. बघेल में गज़ब की नेतृत्व क्षमता है. वे पार्टी के बड़े से बड़े और छोटे से छोटे नेता कार्यकर्त्ता को साथ लेकर चलने की काबिलियत रखते हैं. वे बड़े ही विनम्र और मिलनसार हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के तौर पर बघेल ने कांग्रेस की परंपरा और नीतियों के अनुरूप जिस तरह सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है, अल्प समय में ही राज्य को प्रगति के सोपान तक पहुंचा दिया है. उसी तरह पार्टी अध्यक्ष का दायित्व मिलने के बाद वे कांग्रेस को भी नए मुकाम तक पहुंचाने में जरूर सफल होंगे. रत्नावली कौशल ने कहा है कि है उसी प्रकार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बघेल के नेतृत्व में हम सभी कांग्रेसजन नई ऊर्जा के साथ पार्टी को बुलंदियों तक पहुंचाएंगे. उन्होंने आगे कहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने भूपेश बघेल को ज़ब ज़ब जो – जो जिम्मेदारी दी है, तब – तब वे उन जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ सफलता पूर्वक निर्वहन करते आए हैं. बघेल के पास कांग्रेस की राजनीति का अच्छा खासा तजुर्बा भी है. क्योंकि उन्होंने कांग्रेस में अपने सियासी करियर की शुरुआत छात्र जीवन से की थी. कांग्रेस तो श्री बघेल के रग रग में रची बसी है. भूपेश जी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आधार स्तंभ रहे डॉ. खूबचंद बघेल के शिष्य हैं. इसलिए उन्होंने कई उतार चढ़ाव भी देखे, लेकिन कभी हार नहीं मानी और वे हमेशा कांग्रेस को आगे बढ़ाने में लगे रहे. एक छात्रनेता से शुरू किए गए अपने सफर में निरंतर आगे बढ़ते हुए वे आज मुख्यमंत्री के ओहदे तक पहुंचे हैं. इस बड़ी जिम्मेदारी को भी भूपेश बघेल सफलता पूर्वक निभाते आ रहे हैं. कौशल ने कहा है कि एक मुख्यमंत्री के रूप में बघेल ने अल्प समय में ही छत्तीसगढ़ को विकास की बुलंदियों तक पहुंचा दिया है. वे राजनीति में नए -नए प्रयोग करने में भी महारत हासिल कर चुके हैं. ऐसे ही नए प्रयोगों के तहत इस राज्य में उन्होंने गोधन न्याय योजना का सफल प्रयोग किया है. इससे छत्तीसगढ़ में जहां पशु पालन को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं गोबर और गोमूत्र की खरीदी कर उन्होंने हजारों महिलाओं और मजदूरों को आमदनी का बड़ा जरिया उपलब्ध कराया है, वहीं जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया है. रत्नावली ने कहा है कि बघेल पिछड़ा वर्ग से आते हैं तथा एक सफल किसान भी हैं. इसीलिए वे किसानों, अनुसूचित जाति – जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लोगों के दर्द को बेहतर ढंग से समझते हैं. यही वजह है कि इन वर्गों का उत्थान करने की दिशा में लगातार काम करते आ रहे हैं. भूपेश बघेल ने राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना भी चला रखी है. इसके तहत किसानों को धान के बोनस की अंतर राशि का भुगतान किया जा रहा है. यह योजना किसानों में काफ़ी लोकप्रिय है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ इकलौता राज्य है जहां राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई है. किसी भी अन्य कांग्रेस शासित राज्य ने इस योजना को लागू करने के बारे में अब तक सोचा भी नहीं है. निर्विवाद और सर्वमान्य हैं बघेल कांग्रेस प्रदेश महासचिव रत्नावली कौशल ने कहा है कि भूपेश बघेल की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे पूरी तरह निर्विवाद छवि के नेता हैं. उन पर आज तक एक भी दाग नहीं लग पाया है. देश के सभी राज्यों के कांग्रेस नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के बीच बघेल एक सर्वमान्य नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं. अगर उन्हें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामजद किया जाता है तो कहीं से भी उनका रत्तीभर भी विरोध नहीं होगा. कौशल ने देश के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भूपेश बघेल का नाम आगे बढ़ाने का आग्रह किया है |

रत्नावली ने भूपेश के समर्थन में उठाई आवाज़,कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग

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अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छ्ग शासन की सदस्य,महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश महासचिव एवं अनुसूचित जाति कांग्रेस कमेटी प्रदेश उपाध्यक्ष,हिन्द सेना महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गुजरात विधानसभा चुनाव अहमदाबाद लोकसभा मुख्य पर्यवेक्षक रत्नावली कौशल कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की गहमा-गहमी के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई हैं. रत्नावली कौशल ने कहा है कि वैसे तो श्रीमती सोनिया गांधी या फिर राहुल गांधी को ही पार्टी अध्यक्ष का दायित्व सम्हालना चाहिए था, लेकिन सोनिया जी ने अस्वस्थता के चलते दायित्व सम्हालने से मना कर दिया है और राहुल गांधी यह जिम्मेदारी सम्हालने से इंकार कर चुके हैं. राहुल गांधी देश के भावी प्रधानमंत्री हैं. ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सर्वथा उपयुक्त उम्मीदवार साबित होंगे. श्री बघेल अध्यक्ष पद के लिए हर दृष्टिकोण से सर्वाधिक उपयुक्त साबित होंगे. बघेल में गज़ब की नेतृत्व क्षमता है. वे पार्टी के बड़े से बड़े और छोटे से छोटे नेता कार्यकर्त्ता को साथ लेकर चलने की काबिलियत रखते हैं. वे बड़े ही विनम्र और मिलनसार हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के तौर पर बघेल ने कांग्रेस की परंपरा और नीतियों के अनुरूप जिस तरह सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है, अल्प समय में ही राज्य को प्रगति के सोपान तक पहुंचा दिया है. उसी तरह पार्टी अध्यक्ष का दायित्व मिलने के बाद वे कांग्रेस को भी नए मुकाम तक पहुंचाने में जरूर सफल होंगे. रत्नावली कौशल ने कहा है कि है उसी प्रकार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बघेल के नेतृत्व में हम सभी कांग्रेसजन नई ऊर्जा के साथ पार्टी को बुलंदियों तक पहुंचाएंगे. उन्होंने आगे कहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने भूपेश बघेल को ज़ब ज़ब जो – जो जिम्मेदारी दी है, तब – तब वे उन जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ सफलता पूर्वक निर्वहन करते आए हैं. बघेल के पास कांग्रेस की राजनीति का अच्छा खासा तजुर्बा भी है. क्योंकि उन्होंने कांग्रेस में अपने सियासी करियर की शुरुआत छात्र जीवन से की थी. कांग्रेस तो बघेल के रग रग में रची बसी है. भूपेश जी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आधार स्तंभ रहे डॉ. खूबचंद बघेल के शिष्य हैं. इसलिए उन्होंने कई उतार चढ़ाव भी देखे, लेकिन कभी हार नहीं मानी और वे हमेशा कांग्रेस को आगे बढ़ाने में लगे रहे. एक छात्रनेता से शुरू किए गए अपने सफर में निरंतर आगे बढ़ते हुए वे आज मुख्यमंत्री के ओहदे तक पहुंचे हैं. इस बड़ी जिम्मेदारी को भी भूपेश बघेल सफलता पूर्वक निभाते आ रहे हैं. कौशल ने कहा है कि एक मुख्यमंत्री के रूप में बघेल ने अल्प समय में ही छत्तीसगढ़ को विकास की बुलंदियों तक पहुंचा दिया है. वे राजनीति में नए -नए प्रयोग करने में भी महारत हासिल कर चुके हैं. ऐसे ही नए प्रयोगों के तहत इस राज्य में उन्होंने गोधन न्याय योजना का सफल प्रयोग किया है. इससे छत्तीसगढ़ में जहां पशु पालन को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं गोबर और गोमूत्र की खरीदी कर उन्होंने हजारों महिलाओं और मजदूरों को आमदनी का बड़ा जरिया उपलब्ध कराया है, वहीं जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया है. रत्नावली ने कहा है कि बघेल पिछड़ा वर्ग से आते हैं तथा एक सफल किसान भी हैं. इसीलिए वे किसानों, अनुसूचित जाति – जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लोगों के दर्द को बेहतर ढंग से समझते हैं. यही वजह है कि इन वर्गों का उत्थान करने की दिशा में लगातार काम करते आ रहे हैं. भूपेश बघेल ने राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना भी चला रखी है. इसके तहत किसानों को धान के बोनस की अंतर राशि का भुगतान किया जा रहा है. यह योजना किसानों में काफ़ी लोकप्रिय है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ इकलौता राज्य है जहां राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई है. किसी भी अन्य कांग्रेस शासित राज्य ने इस योजना को लागू करने के बारे में अब तक सोचा भी नहीं है. निर्विवाद और सर्वमान्य हैं बघेल कांग्रेस प्रदेश महासचिव रत्नावली कौशल ने कहा है कि भूपेश बघेल की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे पूरी तरह निर्विवाद छवि के नेता हैं. उन पर आज तक एक भी दाग नहीं लग पाया है. देश के सभी राज्यों के कांग्रेस नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के बीच बघेल एक सर्वमान्य नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं. अगर उन्हें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामजद किया जाता है तो कहीं से भी उनका रत्तीभर भी विरोध नहीं होगा. सुश्री कौशल ने देश के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भूपेश बघेल का नाम आगे बढ़ाने का आग्रह किया है |

नक्सली अब राजनैतिक दलों की शरण में

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  • अपना वजूद बचाने नया ठौर तलाश करने में जुट गए हैं नक्सलवादी
  • पड़ोसी राज्यों में नक्सलवाद के सफाए के बाद छ्ग में हलचल तेज
  • दर्जनों बड़े माओवादी नेता छ्ग छोड़कर शिफ्ट हो गए तेलंगाना में

अर्जुन झा

जगदलपुर. पड़ोसी राज्यों में नक्सली समस्या के सफाए के बीच छत्तीसगढ़ में सक्रिय संगठनों में हलचल तेज हो गई है. इस राज्य के अनेक बड़े नक्सली नेताओं के यहां से पलायन कर तेलंगाना में शरण ले लिए जाने की खबर है. वहीं दलमों तथा एरिया कमेटियों में रहकर काम कर रहे तीसरे चौथे दर्जे के छोटे नक्सली नेता और सदस्य अब छत्तीसगढ़ में ही रहकर विभिन्न राजनैतिक दलों से जुड़ने लगे हैं. ऐसा कदम वे अपना वज़ूद बचाए रखने के लिए उठा रहे हैं. छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, ओड़िशा, झारखंड, बिहार आदि पड़ोसी राज्य बीते कई सालों से नक्सलवाद का दंश झेलते आ रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर इस समस्या के खात्मे के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है. राज्यों की पुलिस फोर्स व सशस्त्र बलों के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए सीआरपीएफ, विशेष सशस्त्र बल (एसएसबी ), दीगर पैरा मिलिट्री फ़ोर्स के इन सभी राज्यों के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार जांबाज़ी दिखा रहे हैं. इसी का नतीजा है कि नक्सली संगठनों की कमर अब टूटने लगी है. झारखंड और बिहार में तो नक्सलवाद को जड़ से ख़त्म कर दिए जाने की पुष्टि सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कर दी है. वहीं ओड़िशा में तो 700 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किए जाने की खबर भी सामने आई है. सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ मिली बड़ी कामयाबी के बाद छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सली संगठनों में खलबली मच गई है. अपना वज़ूद बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के नक्सली तरह तरह के उपक्रम करने लगे हैं. पुख्ता खबर है कि छत्तीसगढ़ में सालों से अपना दबदबा बनाए रखे अधिकतर बड़े नक्सली लीडर छत्तीसगढ़ से पलायन कर चुके हैं. उनके पड़ोसी राज्य तेलंगाना में शरण ले लिए जाने की सूचना मिली है. वहीं बचे खुचे छोटे नक्सली नेताओं और सदस्यों ने राजनैतिक दलों में घुसपैठ की कोशिशेँ तेज कर दी है. सियासी दलों में घुसपैठ बस्तर संभाग छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक नक्सल प्रभावित रहा हैं. सालों से बस्तर के लोग नक्सली उत्पात और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच पिसते चले आ रहे हैं. बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस फोर्स ने नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में अच्छी कामयाबी हासिल की है. वहीं पड़ोसी राज्यों में हुई ठोस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सलियों का मनोबल और भी टूट चुका है. अपने बड़े नेताओं के छ्ग से पलायन कर तेलंगाना चले जाने से तीसरे और चौथे दर्जे के जो नेता एवं एरिया कमेटियों तथा दलमों जो सदस्य यहां रह गए हैं, वे अब छत्तीसगढ़ के सियासी दलों में शरण लेकर अपना वज़ूद बचाने की जुगत में लगे हुए हैं. सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के दोनों प्रमुख दलों के साथ ही एक तीसरे दल जिसकी बस्तर में थोड़ी बहुत साख बची रह गई है, उसकी सदस्यता ये नक्सली ग्रहण करने लगे हैं.

शासकीय नवीन कन्या पूर्व माध्यमिक शाला चिखलाकसा जनप्रतिनिधि व पालकों ने किया निरीक्षण

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शासकीय नवीन कन्या पूर्व माध्यमिक शाला चिखलाकसा में दिनांक 23/09 /2022 दिन शुक्रवार को नगर चिखलाकसा के सभी जनप्रतिनिधि एवम् कर्तव्यनिष्ठ पालकगणों ने एक सक्रिय समाज के जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए शाला का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शाला की गतिविधियों की जांच और शिक्षा तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच करना था। आकस्मिक निरीक्षण में सभी निरीक्षकगण शाला की सभी व्यवस्था से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने शाला परिसर की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वाद,

शिक्षा के स्तर और सभी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता की जमकर तारीफ की और इसी तरह भविष्य में अनवरत प्रयासरत रहने की अपील उन्होंने प्रधानपाठिका जी से की और उनके इस प्रयास में सदैव सहभागी रहने का वचन भी दिया। इसके पश्चात सभी निरीक्षकों ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत पोषण वाटिका का भी निरीक्षण किया जिससे सभी बहुत प्रभावित हुए। अंत में सभी निरीक्षकों ने माइक्रो एसऍमसी योजना के तहत शाला में सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भिखी मसिया, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैय्यद, श्रीमती कुंती देवांगन समेत सभी पार्षदगण, शाला विकास समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्य गण ने बच्चों की भाषाई और गणितीय दक्षता की जांच और उन्नति के लिए अध्यापन कराया । इसके पश्चात उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना का सामाजिक अर्केक्षण किया गया। इस पूरे कार्यक्रम में शाला की प्रमुख श्रीमती शशिकला देशमुख, वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती नंदा भारद्वाज, श्रीमती सरोजनी डेविड, श्रीमती विजयालक्ष्मी सोनी, हेमंत गुप्ता एवम् अन्य स्टाफ ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और सभी माननीय जनों का शाला परिवार की ओर से स्वागत तत्पश्चात आभार व्यक्त किया।

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एच डी एफ सी बैंक परिवर्तन एवं वृत्ति संस्था द्वारा डौडी ब्लॉक के स्कूलों में हाथ कैसे धोना इसकी जानकारी दी गई

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एच डी एफ सी बैंक परिवर्तन एवं वृत्ति संस्था द्वारा डौडी ब्लॉक के 5 स्कूलों मे ग्राम पंचायत नलकसा, चिहरो, पेवारी, लिमउडीह शासकीय हाईस्कूल व मीडिल स्कूल मे वाश प्रोग्राम का कार्यक्रम किया गया जिसमे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नर्स के माध्यम से बच्चों को किस तरह से हाथ धोना चाहिए हाथ धोने के समय किन किन बातो को ध्यान मे रखना चाहिए व हाथ धोने के विभिन्न तरीको के बारे मे सम्पूर्ण नर्स व डॉक्टर सर के माध्यम से दिया गया जिसमे मुख्य रूप से ग्राम पंचायत सरपंच व स्कूल के प्राचार्य व समस्त स्टाप व वृत्ति संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री ज्ञानदास जी एग्रीकल्चर एक्सपर्ट राहुल राजपूत जी, मार्केटिंग मैनेजर स्वाधीन स्वाई जी, ऍमआएसप्रवीण , विलेज़ कोऑर्डिनेटर व समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।

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कश्यप को नहीं लेते गंभीरता से

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  • पूर्व सांसद के बयान पर कहा मंत्री भगत ने

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार में केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप की बातों को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं हैं. यह भी देखना होगा कि बयान देते समय कश्यप होश में थे कि नहीं? कोंटा ( बस्तर ) के विधायक तथा छत्तीसगढ़ के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा द्वारा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और छ्ग विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को लेकर दिए गए बयान पर वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के आए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री अमरजीत भगत ने उक्त बात कही है |

भगत ने कहा कि हम दिनेश कश्यप को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं समझते. उनका बयान क़िस वक़्त और किन परिस्थितियों में आया है, इस पर गौर करना होगा. वहीं यह भी देखना होगा कि बयान देते समय दिनेश कश्यप होश में थे कि नहीं इस पर भी ध्यान देना होगा. उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में बस्तर की सभी बारह सीटों पर जीत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने आए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव तथा नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को मंत्री कवासी लखमा ने चंगू मंगू की संज्ञा दी थी. उन्होंने कहा था कि भाजपा बस्तर में जीत और छत्तीसगढ़ की सत्ता में वापसी का सपना देखना छोड़ दे, क्योंकि अब राज्य में भाजपा की दाल गलने वाली नहीं है. लखमा ने साव तथा चंदेल को कोंटा से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे डाली थी. इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने छ्ग सरकार के सारे मंत्रियों को ही चंगू मंगू निरुपित कर दिया था. मंत्री भगत ने दिनेश कश्यप के इसी बयान को लेकर उक्त बातें कही हैं. उन्होंने कहा कि दिनेश कश्यप को हम कतई गंभीरता से नहीं लेते. वे ज़ब बयान दे रहे थे तब होश में रहे होंगे या नहीं यह देखने वाली बात है और टाइमिंग भी मायने रखती है. मंत्री भगत ने कहा कि मंत्री लखमा ने भाजपा नेताओं को लेकर किन परिस्थितियों के चलते टिप्पणी की है, उन परिस्थितियों पर भी गौर करना जरुरी है |

बस्तर प्रभारी मंत्री कवासी लखमा बस्तर अंचल के परंपरागत नृत्य करते लोंगो को देख अपने आप को रोक नही सके और उनके साथ सम्मिलित हो गए

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जगदलपुर. छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा अपने बयानों और गीत संगीत प्रेम को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उनके नृत्य ने लोगों को दीवाना बना दिया. उन्हें नाचने में मशगूल देख लोग स्वतः थिरकने लगे. आयोजन स्थल बस्तरिहा लोकनृत्य और लोक संगीत से लबरेज हो उठा था. मस्ती की धूम नज़र आ रही थी. बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा हंसाने, गुदगुदाने वाले तथा कटाक्ष भरे अपने बयानों से अक्सर सुर्खियां बटोरते रहते हैं. इन दिनों उनका चंगू मंगू वाला बयान काफ़ी सुर्खियों में है. वहीं लखमा विभिन्न आयोजनों के दौरान तब खुद को झूम झूम कर नाचने से पलभर भी नहीं रोक पाते, ज़ब संगीत की स्वर लहरियां फ़िज़ा में घुल रही हो. ख़ासकर बस्तरिहा लोक संगीत के प्रति लखमा का प्रेम तो जग जाहिर है. जगदलपुर के कोहकापाल में भी उन्होंने अपनी अनूठी नृत्यशैली से गज़ब का समा बांध दिया. वे बस्तर के रीति – रिवाजों और नृत्य को देख अपने आप को रोक नही पाते. जगदलपुर के कोहकापाल में कल आयोजित नवाखानी जोहार भेंट कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे आबकारी मंत्री श्री लखमा बस्तरिहा संगीत की धुन को सुन मंच पर ही थिरकने लगे. मंत्री का नृत्य देख स्थानीय लोग भी झूमने लगे. मंत्री को मगन होकर नाचते देख अन्य नेता और ग्रामीण भी खुद को रोक नहीं पाए इसके बाद तो लोगों की भीड़ भी पूरे उमंग के साथ नाचने लगी. वहां बड़ा ही मनमोहक दृश्य पैदा हो गया था.

चेन्दरू मंडावी आदमकद प्रतिमा गढ़बेंगाल में होगी स्थापना- लखेश्वर

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बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास बस्तर अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने नारायणपुर के चेन्दरू मण्डावी की आदमकद प्रतिमा की स्थापना के लिए 10 लाख रूपए की स्वीकृति दी जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अध्यक्ष बघेल ने हाॅलीवुड फिल्मों में काम किए चेन्दरू मण्डावी के सम्मान में उक्त घोषणा की ज्ञात हो कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र नारायणपुर के एक छोटे से गांव गढ़बेंगाल में ’’चेन्दरू मण्डावी’’ का जन्म हुआ था चेन्दरू को अपने पिता एवं दादा से उपहार स्वरूप शेर का बच्चा प्राप्त हुआ चेन्दरू और शेर (टेम्बू) बहुत अच्छे दोस्त हो गए थे उनकी दोस्ती के दास्तान विश्व प्रसिद्ध हुई ’’द टाईगर ब्वाॅय’’ के नाम से न केवल चेन्दरू विश्व विख्यात हुआ अपितु उन्होंने अपने नाम के साथ अबुझमाड़ बस्तर को भी विश्व पटल पर प्रसिद्ध दिलाई उनके जीवन आधारित फिल्म ’’द जंगल सागा’’ को आस्कर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ विभूति चेन्दरू की प्रतिमा एवं जीवन परिचय नारायणपुर जिले के ग्राम गढ़बेंगाल में स्थापित किए जाने हेतु 10 लाख रूपए बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के माध्यम से स्वीकृत दी है |

आदिवासी पिछड़े एवं अनुसूचित जाति वर्ग का भला नहीं चाहता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: लखमा

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  • ननकीराम कंवर ने रमन सरकार को किया नंगा

जगदलपुर – छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर में विगत दिनों आरक्षण का मुद्दा पर बड़ा फैसला आने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीति चरम पर है। भाजपा कांग्रेसी आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं इसी कड़ी में आज आर एस एस की भी इंट्री हो गई और आरएसएस को कटघरे में खड़ा छत्तीसगढ़ के मंत्री एवं आदिवासी नेता कवासी लखमा ने किया है। मंत्री लखमा ने कहा कि 2012 में जब रमन सिंह की सरकार थी,

इस दौरान न्यायालय में सही पक्ष नहीं रखा गया जिसके कारण हाई कोर्ट में केस कमजोर हो गया और सरकार को मुंह की खानी पड़ी। मंत्री कवासी लखमा ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कई बड़े नेता विगत 3 दिनों से झूठ बोल रहे थे किंतु उन्हें बेनकाब उनके ही पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने कर दिया कि दिया की जो रिपोर्ट दिया गया था वह पेश नहीं हुआ जिसके कारण आरक्षण के मसले पर आदिवासी अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग को इसका लाभ नहीं मिलेगा इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि उनकी सोच के अनुरूप भाजपा चलती है और वह चाहती है कि ऊपर वर्णित वर्गों का भला ना हो।

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