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आमदनी स्थिर, खर्च बेलगाम’: महंगाई के खिलाफ एटक का हल्लाबोल, CM के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन

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बढ़ती महंगाई के विरोध में संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। शाखा अध्यक्ष श्रीनिवासलु के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मांग की कि खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, दाल-तेल जैसी जरूरी चीजों के दाम तुरंत नियंत्रित किए जाएं।ज्ञापन में कहा गया कि लगातार बढ़ती महंगाई से मध्यम और गरीब वर्ग का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मजदूर, कर्मचारी, किसान और आम नागरिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। आमदनी वहीं की वहीं है, लेकिन खर्च हर दिन बढ़ रहा है। परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

26 मई को ‘विरोध दिवस’: पूरे प्रदेश में प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ एटक ने 26 मई को ‘महंगाई विरोध दिवस’ के रूप में मनाते हुए राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। संघ ने प्रशासन से जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने, PDS सिस्टम मजबूत करने और जनता को राहत देने की मांग की है।

एटक की 7 सूत्री मांगें:

1. आवश्यक वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण लगाया जाए2. सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाए 3. रोजगार बढ़ाएं, ठेका प्रथा बंद हो4. मजदूर-कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जाए5. सरकारी क्षेत्र का निजीकरण रोका जाए6. किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य मिले7. सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा तय हो

बालोद के व्यापारी की कार से 65 लाख से ज्यादा नकदी जब्त, हाईवे चेकिंग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक व्यापारी की कार से पुलिस ने करीब 65 लाख रुपए से अधिक की नकदी बरामद की है। रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे-30 पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की गई। मामला पुरुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, केशकाल से बालोद की ओर आ रही एक कार को पुलिस ने ग्राम मरकाटोला के पास रोककर जांच की। तलाशी के दौरान वाहन में रखे दो अलग-अलग झोलों से 500-500 रुपए के नए नोटों की बड़ी खेप मिली। भारी मात्रा में नकदी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।

पुलिस जांच में कार सवार युवक की पहचान बालोद निवासी व्यापारी अमित जैन के रूप में हुई है। पुरुर थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू ने बताया कि वाहन से कुल करीब 65 लाख रुपए नगद बरामद किए गए हैं। रकम की गिनती में पुलिस टीम को लगभग तीन घंटे का समय लगा।पुलिस के मुताबिक, व्यापारी नकदी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जानकारी मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पूरी रकम को जब्त कर लिया गया। मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आयकर विभाग को भी दे दी गई है।फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग इस बात की जांच में जुटे हैं कि इतनी बड़ी राशि कहां से लाई जा रही थी और इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

बंदूकों की तड़तड़ाहट से होठों की मुस्कुराहट तक का सफर

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तुंगल इको-पर्यटन केंद्र बना पुनर्वास, रोजगार और सम्मान की नई पहचान

तुंगल नेचर कैफे से बदली 10 नक्सल प्रभावित महिलाओं की तकदीर

तुंगल डेम की खूबसूरती से खिंचे चले आए 10 हजार से ज्यादा सैलानी

-अर्जुन झा-

जगदलपुर नक्सलमुक्त बस्तर से अब ऎसी ऎसी तस्वीरें और खबरें सामने आ रही हैं, जो दिल को सुकून देती हैं। बदलते बस्तर की ये तस्वीरें और खबरें बताती हैं कि अब बस्तर राज्य के किसी भी संभाग से तरक्की के मामले में पीछे नहीं रहेगा और देश का सबसे समृद्ध एवं प्रगतिशील आदिवासी संभाग बनकर उभरेगा।ऎसी ही एक बेमिसाल तस्वीर आई है बस्तर संभाग के सुकमा जिले से, जहां नक्सल आतंक के बीच अपनी पहचान खो चुका एक बांध अब फिर से जीवित हो उठा है। यही नहीं, यह बांध अब पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की पहचान भी बन गया है।

सुकमा का तुंगल, जो कभी उपेक्षा और वीरानी का प्रतीक था, आज उम्मीद, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुका है। सुकमा नगर से मात्र एक किलोमीटर दूर स्थित यह स्थल कभी जर्जर हालत में अपनी पहचान खो चुका था, लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग की पहल ने इसकी तस्वीर बदल दी है। प्राकृतिक सौंदर्य से सजे इस इको-पर्यटन केंद्र को नए स्वरूप में विकसित किया गया, जहां अब बड़ी संख्या में पर्यटक प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने पहुंच रहे हैं। ओडिशा के मलकानगिरी तक से पर्यटकों का यहां आना इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। तुंगल डैम में शुरू की गई कयाक, पैडल बोट और बांस राफ्टिंग जैसी गतिविधियों ने न केवल पर्यटन को बढ़ावा दिया, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोले हैं। तुंगल की सबसे बड़ी पहचान इसके पर्यटन आकर्षण नहीं, बल्कि यहां से जुड़ी वे 10 महिलाएं हैं, जिन्होंने संघर्ष और दर्द से निकलकर आत्मनिर्भरता की नई राह चुनी।

“तुंगल नेचर कैफे” के जरिए आत्मसमर्पण पुनर्वास महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी इन महिलाओं में कुछ ने कभी नक्सलवाद का रास्ता अपनाया था, जबकि कुछ नक्सली हिंसा की पीड़ा झेल चुकी थीं। कैफे मे चाय, कॉफी, नाश्ता, मैगी, पास्ता और आर्डर पर खाना भी बनाया जाता है।जिला प्रशासन द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने इन महिलाओं के जीवन की दिशा बदल दी है। उन्होंने केवल खाना बनाना या कैफे चलाना ही नहीं सीखा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ लोगों से संवाद करना और सम्मान के साथ जीवन जीना भी सीखा। कुहराम रामे, मुचाकी सोमे, मडकम पोज्जे, माड़वी बुदरी और कलमू पायके जैसी महिलाएं, जो कभी बंदूक के साये में थीं, आज मुस्कुराकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं। वहीं मडकम रामे, पोडियम सरोज, अनीता मुचाकी, ललिता यादव और पुनेम भरत जैसी महिलाएं, जिन्होंने हिंसा का दर्द झेला, अब अपने परिवार और समाज के लिए उम्मीद की नई मिसाल बन रही हैं। 31 दिसंबर 2025 को शुरू हुए तुंगल इको-पर्यटन केंद्र ने कुछ ही महीनों में सफलता की नई कहानी लिख दी है। 25 मई 2026 तक यहां 10 हजार 369 पर्यटक पहुंच चुके हैं। लेकिन इस केंद्र की असली सफलता इन आंकड़ों में नहीं, बल्कि उन बदली हुई ज़िंदगियों में है, जिनमें अब डर की जगह आत्मविश्वास, और संघर्ष की जगह सम्मान ने ले ली है। तुंगल आज सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सही अवसर, विश्वास और मार्गदर्शन मिले तो हर जीवन नई शुरुआत कर सकता है।

किसी यातना गृह से कम नहीं है यह छात्रावास

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गर्ल्स पॉलीटेक्नीक कॉलेज के हॉस्टल की व्यवस्थाएं बदतर

दूषित पानी से बीमार पड़ने पर दी जाती हैं एक्सपायर्ड दवाएं

-अर्जुन झा-

जगदलपुर छात्रावास वह जगह है, जहां छात्र छात्राएं आराम और सुख सुविधाओं के बीच रहकर पढ़ाई कर सकें, अपना भविष्य संवार सकें। वहीं बस्तर में कुछ छात्रावास तो यातना गृह में तब्दील हो चुके हैं। इन यातना गृहों में न पीने के लिए स्वच्छ पानी है, न कूलर, पंखे हैं। आलम तो यह कि दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने पर छात्राओं को एक्सपायर्ड दवाएं दी जाती हैं। यानि एक तो करेला, ऊपर से नीम चढ़ा। ऐसा ही एक यातना गृह जगदलपुर में भी है। बेटियों को उच्च तकनीकी शिक्षा दिलाने के लिए शासन द्वारा जगदलपुर में महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज खोला गया है। यहां अध्ययनरत छात्राओं के लिए छात्रावास की भी व्यवस्था की गई है। शासन छात्राओं को तकनीकी शिक्षा दिलाने हेतु संकल्पित भी है। इसके लिए अच्छे हॉस्टल भी बनाए गए हैं।जगदलपुर के धरमपुरा स्थित महिला पॉलीटेक्नीक छात्रावास में पचासों छात्राएं रह कर अध्ययन करती हैं। इस हॉस्टल में अधीक्षिका की लापरवाही के कारण भीषण गर्मी के इस दौर में पीने, नहाने और कपड़े धोने के पानी के लिए छात्राओं को बुरी तरह परेशान होना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार छात्राएं पीने के पानी से लेकर अपने नित्यकर्म के पानी के लिए घंटों टैंकर का इंतजार करती रहती हैं। छात्राएं बताती हैं कि छात्रावास की पानी टंकी की सफाई कई माह से नहीं की गई है, नतीजतन टंकी से गंदा और बेहद बदबूदार पानी आता है। इस पानी का उपयोग करने से छात्राएं रोगग्रस्त हो रही हैं। कभी कभी हॉस्टल अधीक्षिका जो दवाई देती है वह भी एक्सपायरी होती हैं। भोजन की व्यवस्था भी राम भरोसे है। क्योंकि अधीक्षिका द्वारा प्रतिमाह रसोई खर्च करीब 2 हजार हजार रुपए प्रति छात्रा लिए जाते हैं। बदले में मिलता है स्तरहीन और बेस्वाद भोजन। जल संकट और अन्य दिक्कतों के चलते गर्मी प्रारंभ होते ही दर्जनों छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया है, क्योंकि गर्मी से राहत के लिए हॉस्टल में कूलर तो दूर की बात, पंखे तक नहीं हैं और पानी की तंगी अलग से परेशान किए हुए है। सुशासन सरकार में शिक्षा के साथ उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं पर विभागीय अत्याचार इतना बढ़ गया है कि वे छात्रावास को यातना गृह समझने लगी हैं।

वर्सन

दूर कर रहे हैं कमियां

कुछ दिन पूर्व ही छात्रावास की अव्यवस्थाओं की जानकारी मुझे मिली है। स्वच्छ पानी की व्यवस्था हेतु टंकी की सफाई कराई गई है। वाटर प्यूरीफायर मशीन को ठीक कराया गया है। कॉलेज आदिम जाति कल्याण विभाग से संबंधित नहीं है अतः छात्राओं को मेस चार्ज वहन करना पड़ता है, एक्सपायरी दवाई की जानकारी मुझे अभी मिली है मै दो दिन के भीतर ही अधीक्षिका के साथ बैठक कर व्यवस्था दुरुस्त करवा दूंगा।

शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव का संचालन थाने से करेगी कांग्रेस: दीपक बैज

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सत्ता पक्ष की दलाली बंद करे पुलिस: दीपक बैज

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के विश्रामपुर की शिवनंदनपुर नगर पंचायत के लिए पहली बार हो रहे चुनाव में पुलिस की कार्यप्रणाली ने कांग्रेस को भाजपा सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका दे दिया है। चुनाव के ठीक पहले भाजपा जिला अध्यक्ष के आवेदन पर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दुर्भावना पूर्वक बिना जांच के आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किए जाने को लेकर कांग्रेस ने अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज तत्काल शिवनंदनपुर पहुंच गए। वहां उन्होंने थानेदार को जमकर फटकार लगाई।

दीपक बैज ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और टीआई को खुलकर कहा कि हमने भी सरकार चलाई है, आप बिना जांच पड़ताल के आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर देते हैं। यह सरारसर अन्याय है। आप एनएसए लगा दीजिए, देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लीजिए हम कांग्रेस के लोग डरने वाले नहीं हैं,. हम वो लोग हैं, जिन्होंने झीरम घाटी में गोलियां खाई हैं, हमारे नेताओं ने शहादत दी है। श्री बैज ने कहा कि कहा भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। आप लोग भाजपा और सरकार की दलाली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं, आपको यहीं रहना है। कल हमारी भी सरकार बनेगी। दीपक बैज में ऐलान कर दिया कि अब नगर पंचायत चुनाव का संचालन कांग्रेस थाना परिसर से ही करेगी। इसके बाद आक्रोशित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज तमाम कांग्रेसजनों के साथ थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर बिना जांच के सीधे एफआईआर किया जाना भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये को दिखाता है।

चुनाव में हार के डर से भाजपा सरकार सत्ता और पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस नेताओं पर फर्जी केस और आर्म्स एक्ट जैसी धाराएं लगाकर डराने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि प्रदेश में अपराधी खुले घूम रहे हैं। यह राजनीतिक प्रतिशोध और दोहरा कानून कांग्रेस किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। भारतीय जनता पार्टी शिवनंदनपुर चुनाव में हार रही है। उनके खिलाफ माहौल बना हुआ है, इसलिए जबरदस्ती हमारे नेताओं पर कार्रवाई कर डर और भय का वातावरण बनाया जा रहा है, ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके। यहां के थानेदार भारतीय जनता पार्टी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने मांग की है कि आर्म्स एक्ट की धारा हटाई जाए,कांग्रेस के आवेदन पर भी तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और गलत तरीके से एफआईआर दर्ज करने वाले टीआई को तत्काल निलंबित कर यहां से हटाया जाए।

बैज के कायल हो गए नागरिक

विश्रामपुर थाने के सामने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृव में कांग्रेसजनों का धरना सतत जारी है। बैज ने ऐलान किया है कि मांग पर अमल न होने पर आज शाम 6 बजे से वे और कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार फर्जी एफआईआर को तत्काल रद्द करे, आर्म्स एक्ट की धारा हटाए, दोषी थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सरगुजा संभाग में पीसीसी चीफ दीपक बैज की राजनीतिक सूझबूझ के वहां के युवा पार्टी कार्यकर्ता कायल हो गए हैं। एक सामान्य कार्यकर्ता के साथ हुए अन्याय की लडाई में खुद प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के मौके पर आकर खड़े हो जाने से कार्यकर्ताओं का मनोबल उच्च स्तर पर पहुंच गया है। दीपक बैज की इस सदशयता और पार्टी एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण भावना ने सरगुजा संभाग के आम नागरिकों का भी दिल जीत लिया है। लोग कह रहे हैं कि असली सेनापति ऐसा ही होता है।

हिरनमयी मेडिकल स्टोर है ग्रामीणों का जीवनदाता, कार्रवाई का कड़ा विरोध

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मेडिकल स्टोर के पक्ष में सरपंचो ने कलेक्टर को दिया आवेदन

बकावंड विकासखंड बकावंड में सुशासन सरकार में जनसेवा की मिसाल कायम कर रहे डिमरापाल के हिरनमयी मेडिकल स्टोर के खिलाफ झूठी शिकायत के आधार पर की जा रही कार्रवाई का विरोध आसपास के करीब आधा दर्जन पंचायतों के ग्रामीण और पंच सरपंचों ने पुरजोर विरोध किया है। इस संबंध में सरपंचों ने कलेक्टर को आवेदन भी दिया है।

पिछले दिनों ग्राम डिमरापाल में संचालित हिरनमयी मेडिकल स्टोर के संचालक के विरुद्ध स्वास्थय विभाग को कथित शिकायत मिली थी कि मेडिकल स्टोर संचालक बगैर डाक्टर की पर्ची के मरीजों को दवाइयां देता है तथा उसके इलाज से किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है। इस तथाकथित शिकायत की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की जा रही है। ग्राम पंचायत डिमरापाल के सरपंच, उप सरपंच एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा मेडकल स्टोर के संचालक के पक्ष में आवेदन दिया गया था। आवेदन में कहा गया था कि उक्त मेडिकल स्टोर के होने से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लोगों को आपातकालीन स्थिति में आवस्यक जीवन रक्षक दवाइयां प्राप्त होती हैं।

ग्रामीणों के हितों को देखते हुए मेडिकल स्टोर के विरुद्ध कोई कार्रवाई न की जाए। इसी कड़ी मे आसपास की डिमरापाल, जैबेल, फरसरा, मरेठा, बड़े जीराखाल समेत करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के पंच, सरपंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर को आवेदन देकर जानकारी दी है कि हिरनमयी मेडिकल स्टोर द्वारा इमरजेंसी मे उन्हें मेडिसिन प्राप्त होती है एवं संचालक 24घंटे उपलब्ध रहते हैं और बीमार एवं घायल ग्रामीणों की जान बचाने में सहायक बनते हैं।वे जनसेवा का कार्य करते हैं। अतः मेडिकल स्टोर संचालक के इस पुनीत कार्य को देखते हुए तथा ग्रामीणों के हित मे हिरनमयी मेडिकल स्टोर एवं उसके संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई न की जाए।

नहीं मिला कोई साक्ष्य

विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग को कथित शिकायत प्राप्त होने के बाद खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीमें गठित कर टीमों द्वारा क्रमशः दिनांक 29 अप्रैल, 1 मई और 5 मई को मेडिकल स्टोर में जांच की गई। मगर जांच में शिकायत के पक्ष में कोई भी साक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ, न ही मृतक के परिजनों द्वारा कोई शिकायत की गई है। सरपंचों व ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर के अलावा अनुविभागिय अधिकारी राजस्व, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी को भी आवेदन देकर मेडिकल स्टोर व संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आग्रह किया है।

सेटलिंग टैंक की सफाई के चलते जगदलपुर के 7 वार्डों में बुधवार को ठप रहेगी जलापूर्ति, निगम ने किया अलर्ट

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जगदलपुर, 26 मई 2026 गर्मी के मौसम में जगदलपुर शहर के हजारों घरों के लिए परेशानी की खबर है। नगर पालिक निगम के जलप्रदाय शाखा ने सूचना जारी कर बताया है कि बुधवार, 27 मई को शहर के 7 प्रमुख वार्डों में दोपहर के बाद से जलापूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी।

क्यों बंद होगा पानी?

निगम के अनुसार पावर हाउस स्थित फिल्टर प्लांट में लगे सेटलिंग टैंक की वार्षिक सफाई का कार्य बुधवार को किया जाना है। यह टैंक शहर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है। समय-समय पर इसमें जमी गाद और अशुद्धियों को साफ करना जरूरी होता है, जिससे पानी की गुणवत्ता बनी रहे। इसी अनिवार्य रखरखाव कार्य के कारण जलापूर्ति बाधित करने का निर्णय लिया गया है।

किन-किन वार्डों पर पड़ेगा असर?

इस सफाई अभियान के चलते प्रवीर वार्ड क्र0-01, विजय वार्ड क्र0-02, शिव मंदिर वार्ड क्र0-03, भैरमदेव वार्ड क्र0-04, वीरसावरकर वार्ड क्र0-05, प्रतापदेव वार्ड क्र0-11 तथा बालाजी वार्ड क्र0-13 में पानी की सप्लाई नहीं होगी। ये सभी वार्ड सीधे पावर हाउस फिल्टर प्लांट से जुड़े हैं। अनुमान है कि इन क्षेत्रों के 8 से 10 हजार परिवार इस अस्थायी कटौती से प्रभावित होंगे।*निगम की अपील: पहले से करें पानी का इंतजाम*नगर निगम प्रशासन ने प्रभावित वार्डों के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बुधवार सुबह तक ही पीने व अन्य घरेलू कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार पानी का संग्रहण कर लें।

झीरम की त्रासदी पर राजनीति करना बंद करे कांग्रेस: केदार कश्यप

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वन मंत्री केदार कश्यप का कांग्रेस पर पलटवार

अपने शासनकाल में जांच आगे नहीं बढ़ा पाने वाली कांग्रेस अब जनता को गुमराह कर रही

जगदलपुर झीरम घाटी के दर्दनाक हादसे को लेकर कांग्रेस द्वारा दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि कांग्रेस एक बार फिर शहीद नेताओं की संवेदनाओं का राजनीतिक दोहन कर रही है। भाजपा और तत्कालीन सरकार पर निराधार आरोप लगाकर कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि झीरम घाटी की घटना पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक थी। इस घटना में कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षाकर्मियों ने अपने प्राण गंवाए। भाजपा ने हमेशा इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की बात कही है। लेकिन कांग्रेस लगातार इस संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह बताए कि वर्ष 2018 से 2023 तक जब प्रदेश में उसकी सरकार थी, तब उसने जांच को अंतिम निष्कर्ष तक क्यों नहीं पहुंचाया? यदि कांग्रेस के पास इतने तथ्य और सबूत थे तो पांच वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? केवल बयानबाजी और राजनीतिक आरोप लगाने से सत्य स्थापित नहीं होता।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में गठित एसआईटी ने आखिर क्या ठोस उपलब्धि हासिल की? कांग्रेस सरकार ने जनता को केवल आश्वासन दिया, लेकिन परिणाम शून्य रहे। अब सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा पर झूठे आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर षड्यंत्र और जांच रोकने जैसे आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण हैं। न्यायालयीन प्रक्रिया देश के संविधान और कानून के तहत चलती है। किसी भी पक्ष द्वारा कानूनी अधिकारों का उपयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, इसे षड्यंत्र बताना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।

आत्म मंथन करे कांग्रेस

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को पहले आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर नक्सलवाद के नाम पर दशकों तक राजनीति करने वालों ने बस्तर को क्या दिया? भाजपा सरकार आज बस्तर में विकास, विश्वास और सुरक्षा का वातावरण तैयार कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं के माध्यम से बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही।

शहीदों के सपने साकार करते हैं ह

मंत्री कश्यप ने कहा कि भाजपा शहीदों के सम्मान में राजनीति नहीं करती, बल्कि उनके सपनों का सुरक्षित और विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही है। कांग्रेस को चाहिए कि वह शहीद नेताओं की स्मृति का सम्मान करे और इस संवेदनशील विषय पर ओछी राजनीति बंद करे।

सीसीटीवी में कैद हुआ दर्दनाक सड़क हादसा, सड़क पार कर रहे बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत

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बालोद दल्लीराजहरा में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक 95 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना कैद हो गई। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 24 मई 2026 की शाम करीब 7:45 बजे की है। बताया जा रहा है कि 95 वर्षीय मोहन सिंह सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज गति और लापरवाही से बाइक चला रहे युवक भूपेंद्र निषाद ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल मोहन सिंह को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद कुछ घंटे तक उनकी हालत गंभीर बनी रही और धीरे-धीरे उनकी स्थिति और खराब होती गई। देर रात इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।घटना का पूरा दृश्य पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मोहन सिंह सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार बाइक क्रमांक CG24C5592 ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और मदद के प्रयास शुरू किए गए।मामले में पुलिस ने बाइक चालक भूपेंद्र निषाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(ए), 281 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जो काम एक साल पहले हो चुका है, उसके नाम पर फर्जी भुगतान

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टलनार पंचायत में 15वें वित्त का फर्जीवाड़ा

रनिंग वाटर का कार्य के नाम पर फर्जी भुगतान दर्शा कर हड़पे लाख रुपए

बकावंड ग्राम पंचायत टलनार में 15वें वित्त आयोग की राशि में बड़े गबन का खुलासा हुआ है। प्राथमिक शाला टलनार में रनिंग वाटर का कार्य वर्ष 2024-25 में ही पूर्ण हो चुका था। तत्कालीन सचिव भोलाराम बघेल ने दूसरी पंचायत में ट्रांसफर होने से पहले इस कार्य का भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद वर्तमान सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर मई 2026 में उसी कार्य के नाम पर डिलेश ट्रेडर्स नया पारा, आसना को तीन अलग-अलग बिलों से फर्जी भुगतान कर दिया है।

मौजूदा सरपंच और सचिव ने बिल नंबर 822 से 49 हजार 500 रुपए का भुगतान सबमर्सिबल पंप, टंकी आदि के नाम पर,बिल नंबर 823 से 49 हजार 500 रुपए का भुगतान गामा पाइप, जीआई वायर आदि के नाम पर और बिल नंबर 825 से 14 हजार 250 रुपए का भुगतान सरिया के नाम पर समेत कुल 1 लाख 13 हजार 250 रुपए का भुगतान किया गया है।चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों बिलों में भुगतान की तारीख अंकित नहीं है, जबकि सरपंच-सचिव के हस्ताक्षर व सील लगे हैं।

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