दल्लीराजहरा व्यवहार न्यायालय खंडपीठ क्रमांक 8 में 09 मई 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में लंबे समय से लंबित विभिन्न प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर त्वरित निराकरण किया गया। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय मिलने से लोगों ने संतोष व्यक्त किया।लोक अदालत में मोटर यान अधिनियम के 994 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 1 लाख 19 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त हुई। वहीं 4 आपराधिक प्रकरण एवं 1 घरेलू हिंसा प्रकरण का भी निराकरण किया गया। धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के 9 प्रकरणों में परिवादी एवं आरोपी के मध्य राजीनामा हुआ, जिसमें कुल 15 लाख 45 हजार 236 रुपए की राशि पर समझौता संपन्न हुआ।इसी प्रकार बैंक, जल, बिजली एवं बीएसएनएल/दूरसंचार विभाग से संबंधित कुल 12 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 7 लाख 85 हजार 462 रुपए की राशि का सेटलमेंट किया गया। लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों के निराकरण से पक्षकारों को राहत मिली। साथ ही पति-पत्नी के पारिवारिक विवादों में भी समझौता कराकर आपसी सौहार्द स्थापित किया गया।कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा सिंह श्रीवास्तव, सदस्यगण श्री पवन गोयल एवं कु. रेशमा बानो उपस्थित रहे। वहीं कर्मचारीगण मनीष दर्रो, संजय चंद्राकर, राजपाल साहू, भूपेंद्र कुरेटी, विजय तुरकाने, गणेशंकर देशमुख, श्रीमती कमलेश्वरी गावरे एवं पंकज राणा सहित न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
नक्सलमुक्त बस्तर में खुलने लगे रोजगार के द्वार, 11 मई को राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्लेसमेंट कैंप
युवाओं के हित में आईटीआई बस्तर की पहल
जगदलपुर नक्सलमुक्त बस्तर में अब स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलने लगे हैं। इसी कड़ी में बस्तर जिले के तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। युवाओं को रोजगार और अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 मई सोमवार को राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा।
यह कैंप सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आईटीआई परिसर, बस्तर में आयोजित होगा। संस्था प्रबंधन के अनुसार इस प्लेसमेंट कैंप का मुख्य उद्देश्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके युवाओं को विभिन्न कंपनियों एवं उद्योगों से जोड़ना है, ताकि वे अप्रेंटिसशिप के माध्यम से रोजगार हासिल कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। कैंप में युवाओं का अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर पंजीयन भी किया जाएगा तथा उन्हें रोजगार संबंधी आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। बताया गया है कि कैंप में आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ 10वीं एवं 12वीं पास युवा भी भाग ले सकते हैं। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी रोजगार पाने का बेहतर अवसर मिलेगा। आयोजन को लेकर युवाओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।संस्था के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी डॉ. एके मांडले ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से समय पर उपस्थित होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवा अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति एवं छायाप्रति साथ लेकर आएं, ताकि पंजीयन एवं चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ये दस्तावेज होना जरूरी
प्लेसमेंट कैंप में पहुंचने वाले युवाओं के पास इन दस्तावेजों का होना जरूरी है – 10वीं एवं 12वीं की अंकसूची, आईटीआई प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटोऔर बायोडाटा। आईटीआई प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के प्लेसमेंट कैंप युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। शासन की मंशा है कि अधिक से अधिक प्रशिक्षित युवा रोजगार से जुड़ें और कौशल के आधार पर अपना भविष्य मजबूत करें।
बकावंड ब्लॉक में दो बाइक में भिड़ंत, एक युवक की मौके पर मौत
बकावंड । बकावंड ब्लॉक में हुए भीषण सड़क हादसे में बस्तर ब्लॉक के ग्राम इच्छापुर रावतपारा निवासी रुखलाल यादव पिता गणपति यादव की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में आ रही दो बाइक आमने-सामने भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रुखलाल यादव ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी गई। दुर्घटना में दूसरी बाइक के सवार के भी घायल होने की खबर सामने आ रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पूरे मामले की जांच जारी है। इस दर्दनाक घटना से इच्छापुर गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
खैरीडीह के पास भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की मौके पर मौत
बालोद। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरीडीह गांव के पास बीती रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार भिड़ंत ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। मृतक आपस में दोस्त थे और एक ही गांव पिंकापार के निवासी थे।जानकारी के अनुसार पिंकापार गांव निवासी तरुण यादव (20 वर्ष), राहुल सेवता (20 वर्ष) एवं नरेंद्र भुआर्या (21 वर्ष) एक ही मोटरसाइकिल से देवरी से डौंडीलोहारा की ओर जा रहे थे। देर रात खैरीडीह गांव के पास सामने से आ रही अनियंत्रित कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। सिर एवं शरीर में गंभीर चोट लगने से तीनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम हेतु भेजा गया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।घटना की खबर मिलते ही पिंकापार गांव में शोक की लहर फैल गई। जवान बेटों की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कमलजीत सिंह मान ने मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंप कर खदानों में सुविधा बढ़ाने एवं आसपास ग्रामीण अंचलो के विकास के लिए रखी मांग
कमल जीत सिंह मान केंद्रीय अध्यक्ष सयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) ने आर बी गहरवार (मुख्य महाप्रबंधक, लौह अयस्क खदान समूह राजहरा )द्वारा महामाया, दुलकी, कलवर खदानों में कर्मचारियों की समस्याओं एवं आसपास ग्रामीण अंचल में विकास कार्य कराने के संबंध में ज्ञापन सौंपा है ।जिसमें लिखा है कि बालोद जिले में महामाया खदान लगभग विगत 50 वर्षों से संचालित है, जहाँ पर पहले हजारों की संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे। उन कर्मचारियों के परिवार हेतु व्यवस्थित टाउनशिप था, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के शिक्षा के लिए स्कूल की व्यवस्था थी, एवं चित्कित्सा व्यवस्था हेतु बी.एस.पी. का स्वयं का हास्पिटल था।

परन्तु समय के साथ प्रबंधन द्वारा सड़क बिजली शिक्षा अस्पातल जैसी मूलभूत सुविधायें पूर्ण रूप से बंद कर दी गयी। आज महामाया के साथ साथ कलवर एवं दुलकी की खदानों से भी प्रबंधन द्वारा आयरन ओर निकालकर भिलाई इस्पात संयंत्र को भेजा जा रहा है। इन तीनों खदानों में लगभग 20 मिलियन टन आयरन ओर है। इन तीनों खदानों के आसपास की पाँच पंचायतों के लगभग 18 से 20 गांव आते हैं । इन पंचायतों के लगभग 700 श्रमिक इन्ही पंचायतों से आते हैं। इन श्रमिकों के लिए खदानों में न उचित रेस्टसेल्टर है ना ही पीने के लिए पानी की व्यवस्था है न कोई कैन्टीन है, न ही कोई चिकित्सा सुविधा के लिए कोई उचित व्यवस्था है। प्रबंधन सिर्फ उत्पादन कर रहा है, परन्तु यहाँ के कर्मचारी एवं आसपास के ग्रामीणें मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने प्रबंधक के सामने खदान कर्मचारियों के हित में मांगों पर विचार कर पूर्ण करने की मांग की है ।1 .खदान अधिनियम के तहत खदानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए व्यवस्थित कैन्टीन की सुविधाये दी जाय। 2 . श्रमिकों के लिए वातानुकुलित रेस्टसेल्टर एवं शौचालय की सुविधा प्रदान की जाए।3. खदान अधिनियम के तहत सभी खदानों में एम्बुलेंस एवं प्रारम्भिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की जाए।4. बी.एस.पी. प्रबंधन ने जिस प्रकार दल्ली राजहरा, नंदिनी, हिरीं एवं रावघाट की खदानों में कर्मचारियों एवं क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिए डी.ए.व्ही. स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) खोला है । उसी प्रकार महामाया दुलकी एवं कलवर की खदानों की परिधि में आने वाले ग्रामीण बच्चों के लिए स्कूल की व्यवस्था की जाए।5. बी.एस.पी. प्रबंधन द्वारा तीनों खदानों के कर्मचारियों एवं ग्रामीण जनता के लिये सर्वसुविधायुक्त अस्पताल खोला जाए।6. प्रबंधन क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए अधिक से अधिक अवसर प्रदान करे। कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए महामाया सहित अन्य ग्रामीण अंचल में बिजली पानी एवं सड़क मार्ग की उचित व्यवस्था की जाए।उन्होंने मांग की प्रतिलिपि माननीय जिलाधीश महोदया, जिला-बालोद (छ.ग.) अनुविभागीय दण्डाधिकारी (रा.) दल्ली राजहरा को भी सौंपा है।
अब एक कॉल पर मिलेगी बाजार और योजनाओं की जानकारी: वन मंत्री केदार कश्यप
13 लाख संग्राहक परिवारों को स्थानीय भाषाओं में मिलेगा आजीविका और बाजार भाव का अपडेट
जगदलपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने वनांचल में रहने वाले वनोपज संग्राहकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से “छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी” और आईवीआरएस आधारित सूचना एवं संवाद तंत्र का शुभारंभ किया। यह नवाचार राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह डिजिटल कदम छत्तीसगढ़ के वनांचल में आर्थिक क्रांति और जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।

संग्राहकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। संग्राहकों को टोल फ्री नंबर 9811125813 पर एक मिस्ड कॉल करना होगा। मिस्ड कॉल के बाद 911 से शुरू होने वाले नंबर से उपयोगकर्ता को कॉल बैक आएगा। कॉल रिसीव करते ही संग्राहक अपनी स्थानीय बोलियों जैसे हल्बी, गोंडी आदि में महत्वपूर्ण जानकारियां सुन सकेंगे। जानकारी सुनने के साथ ही उपयोगकर्ता अपनी राय, अनुभव और सुझाव भी रिकॉर्ड कर सकेंगे l
प्रमुख लाभ और उद्देश्य
स्थानीय बोलियों को प्राथमिकता के कारण वनांचल की क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी मिलने से सूचनाओं का प्रसार अधिक प्रभावी होगा। जंगल, वनोपज संरक्षण, सतत संग्रहण, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी सीधे संग्राहकों तक पहुंचेगी। बाजार भाव और मूल्य संवर्धन की सही जानकारी मिलने से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और संग्राहकों की आय बढ़ेगी। यह केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि संग्राहकों और शासन के बीच संवाद का एक मजबूत मंच बनेगा।
केदार कश्यप का संदेश
बधियाकरण से आवारा कुत्तों की संख्या में आएगी कमी: महापौर संजय पांडेय
नगर निगम जल्द शुरू करेगा आवारा कुत्तों का बधियाकरण अभियान
जगदलपुर नगर निगम क्षेत्रांतर्गत में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन द्वारा एनीमल बर्थ कंट्रोल योजना के तहत विशेष बधियाकरण अभियान की शुरुआत शीघ्र की जाएगी। जिसके तहत शहर के समस्त 48 वार्डों में आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनका बधियाकरण किया जाएगा। इसका निरीक्षण करने महापौर संजय पांडेय पूरे टीम के साथ कंगोली स्थित सर्व सुविधायुक्त एबीसी सेंटर पहुंचे।

नगर निगम प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य के संचालन की जिम्मेदारी चंडीगढ़ की विशेषज्ञ संस्था स्नेह एनीमल वेलफेयर सोसायटी को सौंपी है। एजेंसी की विशेषज्ञ टीम नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। इसके लिए सर्वप्रथम एक टीम गठित की गई है। जिसके नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज को बनाया गया है। इसके अलावा कमेटी में हेमंत श्रीवास, डॉ. गीतिका ध्रुव, डाॅ. अजय बनिक, लुप्तेश जगत को रखा गया है। नगर निगम द्वारा इस अभियान को व्यवस्थित एवं बिना किसी गतिरोध के संचालित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारिया की गई हैं। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग निगम के अधिकारी करेंगे। वहीं अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए 10 कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो आवारा कुत्तों को सुरक्षित ढंग से पकड़ने, सेंटर तक पहुंचाने तथा उपचार उपरांत उन्हें वापस पकड़े गये स्थान पर छोड़ने का कार्य करेगी।मालूम हो कि बीते कुछ समय से जगदलपुर शहर में आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसके चलते नागरिकों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा समाधान के रूप में बधियाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के संचालन के लिए कंगोली डंपिंग यार्ड के समीप विशेष सेंटर तैयार किया गया है जहां कुत्तों की बधियाकरण, उपचार एवं देखरेख की व्यवस्था की गई है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित कर्मचारियों तथा शहर में आवारा कुत्तों के उत्थान के लिए कार्य कर रहे एनिमल वेलफेयर सोसायटी (एनजीओ) की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से संपन्न होगी। बधियाकरण के बाद कुत्तों को कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा और स्वास्थ्य सामान्य होने पर उन्हें पुनः उनके क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान पूरी तरह पशु संरक्षण एवं पशु कल्याण मानकों एवं सुरक्षा नियमों के अनुरूप संचालित किया जाएगा ताकि किसी भी पशु को अनावश्यक परेशानी न हो। नगर निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा कुत्तों की जानकारी निदान टोल फ्री नं 1100 एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मोबाइल नंबर 9425266016 पर एबीसी सेंटर को दे सकते है। इस जनहितकारी अभियान में सहयोग प्रदान करें ताकि शहर को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सके।इस दौरान एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, राणा घोष, कलावती कसेर, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पशु विभाग से संयुक्त संचालक डॉ. डीके नेताम, डॉ. राजपूत, डॉ केके देव, राजपाल केसर, एनिमल वेलफेयर सोसायटी (स्ट्रे सेफ) से लुप्तेश आदि उपस्थित रहे l
बनेगा भयमुक्त माहौल: पांडे
इस संबंध में महापौर संजय पांडे ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना आवश्यक हो गया था। नागरिकों की सुरक्षा और शहर में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा एनीमल बर्थ कंट्रोल योजना के तहत यह अभियान शुरू किया जा रहा है। यह केवल बधियाकरण अभियान नहीं बल्कि शहर को आवारा कुत्तों से भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नगर निगम पूरी संवेदनशीलता के साथ इस कार्य को कराएगा तथा पशुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।महापौर ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नगर निगम की टीम जब अभियान के दौरान वार्डों में पहुंचे तो लोग सहयोग करें जिससे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके और भविष्य में आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
अधिकारी का नेतृत्व प.बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जन-आकांक्षाओं को स्वर देने में मील का पत्थर साबित होगा और डॉ. मुखर्जी के ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर दी बधाई
जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। देव ने अपने बधाई संदेश में कहा कि अधिकारी का नेतृत्व पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जन-आकांक्षाओं को स्वर देने में मील का पत्थर साबित होगा और अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में बंगाल भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अखण्ड भारत के स्वप्नद्रष्टा अमर बलिदानी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों के ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने श्री देव ने कामना की कि भाजपा शासनकाल बंगाल में भयमुक्त वातावरण का सृजन करके राज्य को नवनिर्माण की ओर अग्रसर करेगा। बंगाल की जनता जिस सुशासन और सर्वतोमुखी विकास की प्रतीक्षा कर रही है, उसे धरातल पर उतारने में अधिकारी के नेतृत्व में गठित होने वाली प्रदेश सरकार की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण रहेगी। बंगाल की अस्मिता, संस्कृति और एकात्म राष्ट्रवाद की रक्षा करते हुए एक ऐसे बंगाल का उदय होगा जो विकास के हर मानक पर देश का नेतृत्व करेगा। देव ने कहा कि अधिकारी का लंबा राजनैतिक अनुभव और बंगाल की माटी से उनका जुड़ाव राज्य में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। छत्तीसगढ़ भाजपा परिवार उनके सफल कार्यकाल और बंगाल के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हैl
बीजापुर की सक्रिय महिला नक्सली ने किया आंध्रप्रदेश में सरेंडर
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की एक सक्रिय महिला नक्सली ने आज आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के येतापाका सुरक्षा कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। यह महिला नक्सली उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगम्मोटू की निवासी है।
मिली जानकारी के अनुसार दूसरी सीआरसी, पीएलजीए बटालियन, डीकेएसजेडसी की महिला पार्टी सदस्य पोडियम लक्ष्मी उर्फ लक्ष्मी पति स्व. पाला ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। 8 मई को महिला नक्सली सदस्य ने स्वेच्छा से अल्लूरी सीताराम राजू जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) पंकज मीणा आईपीएस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पोडियम लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के पोस्ट कमलापुरम अंतर्गत ग्राम सिंगम्मोटु की निवासी है। आत्मसमर्पण का कारण बताते हुए पोडियम लक्ष्मी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की बढ़ती कार्रवाई और नए पुलिस कैंपों की स्थापना से नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हो गई हैं तथा उनमें डर का माहौल बना है।

नक्सलियों के प्रति जनता का समर्थन लगातार कम हो रहा है। माओवादी विचारधारा पर विश्वास घटने और संगठन के सिद्धांतों से निराशा के कारण कई सदस्य संगठन छोड़ रहे हैं।छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लगातार हो रही मुठभेड़ों में कई वरिष्ठ माओवादी नेताओं के मारे जाने से संगठन कमजोर हुआ है। आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास योजनाओं, रोजगार के अवसर, विकास कार्य तथा आत्मसमर्पण करने वालों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, जमीन, नौकरी और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इस अवसर पर एएसपी (ऑपरेशन) पंकज मीणा, आईपीएस ने आत्मसमर्पण करने वाली महिला से कहा कि वह सरकार की पुनर्वास और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर सम्मानपूर्वक और शांतिपूर्ण जीवन जीएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पात्र सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी तथा सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने अन्य नक्सली सदस्यों से भी अपील की कि वे नजदीकी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करें या अपने परिवार के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें और सामान्य जीवन में लौटें। इस कार्यक्रम में बी. हेमंत, आईपीएस, एएसपी चिंतूर उप-विभाग, बी. अप्पालराजू, एसआई पुलिस, येतापाका थाना तथा 141 और 212 बटालियन के अधिकारी उपस्थित थे।
बस्तानार की “बिजली रानी” का “तूफान सिंह” ने किया किडनैप
सात दिनों से सात गांवों के लोग कर रहे हैं इंतजार
सुशासन तिहार के बीच सरकारी दफ्तरों में पसर गया है सन्नाटा
अर्जुन झा-
जगदलपुर ऐन सुशासन तिहार के बीच बस्तर जिले के बस्तानार ब्लॉक की लाड़ली “बिजली रानी” का शातिर अपराधी “तूफान सिंह” ने किडनैप कर लिया है। अचानक और लंबे समय तक बिजली रानी के गायब हो जाने से बास्तानार ब्लॉक के सात गांवों और सरकारी दफ्तरों में कोहराम मच गया है। बिजली के चले जाने से गम का आलम ऐसा है किअधिकारी कर्मचारी काम नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल बिजली रानी कोई युवती नहीं, बल्कि हम सबके जीवन का आधार बन चुकी बिजली यानि विद्युत है। वहीं तूफान सिंह कोई अपराधी तत्व नहीं, बल्कि वह प्राकृतिक हलचल है, जिसने लंबे समय से बस्तर जिले में लोगों को परेशान कर रखा है। आए दिन यहां आंधी तूफान और ओलावृष्टि के हालात बनते रहते हैं। हवा का हल्का झोंका आया नहीं कि बिजली रानी रूठ कर भाग जाती है और घंटों नहीं लौटती। लाइन मेंटेनेन्स के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने वाली विद्युत कंपनी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बार बार गुल हो जाने वाली बिजली सवाल भी खड़े कर जाती है। अभी सप्ताह भर से बस्तर जिले के बास्तानार विकासखंड के सात से अधिक गांवों की बिजली गुल है। ग्रामीणों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। वहीं जनपद कार्यालय, तहसील कार्यालय, खंड शिक्षा कार्यालय समेत तमाम सरकारी कार्यालयों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी में अधिकारियों और कर्मचारियों का बुरा हाल हो रहा है। पिछले शनिवार से गायब हुई बिजली का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।जानकारी के अनुसार, बिजली पिछले कुछ समय से बार-बार जाती रही है, लेकिन इस बार ऎसी गायब हुई कि हफ्ते भर बाद भी नहीं लौटी है।बिजली के बिना आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
7गांवों के ग्रामीण जुटे तलाश में
बिजली की तलाश में आसपास के सात गांवों के ग्रामीण लगातार जंगल, नदी किनारे और संभावित ठिकानों पर खोजबीन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले कभी इस तरह की घटना नहीं हुई, इसलिए लोग काफी चिंतित हैं। कई जगहों पर लोगों ने समूह बनाकर दिन-रात तलाश अभियान चलाया है।मगर न कहीं पोल गिरा नजर आया, न तार टूटा हुआ दिखा। बिजली के बिना ग्रामीण भले ही परेशान हैं, मगर बिजली को लेकर मजे भी ले रहे हैं
बिजली और तूफान का कनेक्शन
गांव में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि “तूफान” नाम का एक युवक पिछले कुछ दिनों से इलाके में देखा जा रहा था। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि दोनों के बीच करीबी संबंध थे और संभव है कि दोनों साथ फरार हो गए हों। हालांकि पुलिस यानि संबंधित विभाग विद्युत कंपनी ने अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रहे हैं।
जनपद दफ्तर का काम प्रभावित
बिजली के अचानक लापता होने से जनपद पंचायत का कामकाज भी प्रभावित हो गया है। कई जरूरी फाइलें और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य रुके हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के कई कार्यों में देरी हो रही है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल पूरे बस्तानार क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द से जल्द बिजली के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।


