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बदल रहा है बस्तर, विष्णु के सुशाहन में लौट रही खुशहाली: लक्ष्मी राजवाड़े

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  • लोगो में जागरूकता आई है इसलिए अब धर्मांतरण का मसला कम हो जाएगा

जगदलपुर दक्षिण बस्तर और खासकर सुकमा के बारे में लोगों के मन में थोड़ा डर जरूर रहता है, लेकिन यहां आने के बाद सुकून महसूस होता है। अब बस्तर बदल रहा है और विष्णु के सुशासन में शांति लौट रही है। लगातार हमारे जवान आपरेशन चला रहे हैं, माओवाद खत्म होने की कगार पर है और यहां तेजी से विकास हो रहा है। ये इलाका प्रकृति से भरा हुआ है और पर्यटन की यहां बहुत ज्यादा संभावनाए है। लोगों को यहां घूमने आना चाहिए। ये बातें महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।

शुक्रवार को प्रदेश की महिला एंव बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेे जिले के एक दिवसीय प्रवास पर थी। वो सुबह दंतेवाड़ा मार्ग से होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची जहां ओडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं की जानकारी दी। उसके बाद वे विश्राम गृह पहुंची जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात और चर्चा उपरांत अधिकारियो की बैठक ली। वे शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी लेकर वस्तुस्थिति से अवगत हुई। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं और व्यवस्थाओं को दुरूस्त करे। उसके बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केन्द्र में मोदी और प्रदेश में विष्णु देव की सरकार है, डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यो की रफतार तेज हुई है। जिस माओवाद के कारण बस्तर जाना जाता था अब वो माओवाद खत्म हो रहा है साथ ही बस्तर की पहचान यहां की खूबसूरती से होती है। उन्होने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में धर्मातंरण रोकने के लिए अलग-अलग संगठन काम कर रहे है और काफी हद तक धर्मातंरण रोका गया है। अब जनता जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में धर्मांतरण का विषय कम हो जाएगा। उन्होने कहा कि मेने आत्म समर्पित माओवादियों से मुलाकात की, वो लोग आज हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़े हैं। उन्हे योजनाओं का लाभ मिल रहा है और वो विकास में अपनी भागीदारी निभा रहे है। अब माओवाद खत्म होने के कगार पर है और बस्तर के विकास को कोई रोक नहीं सकता। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे, नगर पालिका अध्यक्ष हुंगारा मरकाम समेत अधिकारी- कर्मचारी और भाजपा के नेता मौजूद रहे।

बस्तर की प्रतिभा डॉ. रूपेन्द्र कवि को छत्तीसगढ़ राजभवन में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर प्रतिनियुक्ति

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जगदलपुर (बस्तर)। बस्तर की धरती पर जन्मे और यहीं से अपनी सृजनात्मक, शैक्षणिक एवं सामाजिक यात्रा आरंभ करने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. रूपेन्द्र कवि को छत्तीसगढ़ राजभवन (राज्यपाल सचिवालय) में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समस्त प्रदेश के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है।

डॉ. कवि वर्तमान में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्रीय इकाई बिलासपुर में उपसंचालक के पद पर कार्यरत थे। उनके प्रशासनिक अनुभव, मानवीय दृष्टिकोण एवं जनजातीय समाज के लिए निरंतर किए गए शोध कार्यों के लिए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा में विशिष्ट पहचान

ज्ञातव्य हो कि डॉ. कवि न केवल एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं, बल्कि एक समर्पित मानव विज्ञानी, संवेदनशील साहित्यकार, और जनजातीय जीवन शैली के संवाहक भी हैं। बस्तर के लोक जीवन, संस्कृति, और आदिवासी समाज की समस्याओं पर उन्होंने गंभीर शोध किया है, जिसे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सराहा गया है। साथ ही, वे कविता, निबंध और सामाजिक विमर्श के माध्यम से भी समाज को जागरूक करने का कार्य करते रहे हैं।

बस्तर की माटी से निकले प्रतिनिधि स्वर

जगदलपुर के नागरिकों, उनके पुराने सहयोगियों, शिक्षकों, मित्रों और परिजनों ने इस अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि यह केवल डॉ. कवि की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि बस्तर की माटी में पलने-बढ़ने वाली प्रतिभाओं की सशक्त उपस्थिति का प्रतीक है। सभी ने आशा जताई कि वे अपनी नई भूमिका में भी समाज और जनजातीय समुदाय के हित में उत्कृष्ट कार्य करते रहेंगे।यह नियुक्ति बस्तर की सृजनशील चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सम्मान है।

गंदगी फैलाने वाले दुकानदार पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई

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  • स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत चालानी कार्रवाई, दी चेतावनी भी

जगदलपुर स्वच्छता को लेकर जगदलपुर नगर निगम पूरी तरह से सख्त हो गया है। स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत महापौर संजय पाण्डे के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि एक टी-स्टॉल संचालक द्वारा दुकान के आसपास गंदगी फैलाई जा रही थी। इस पर तत्काल नगर निगम की टीम द्वारा टी स्टॉल संचालक के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही दुकानदार को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में दुकान के आसपास गंदगी न फैलाएं, अन्यथा और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई और यह भी बताया गया कि कचरा केवल कचरा गाड़ी में ही डालें, सड़क किनारे या नालियों में फेंकने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर भी गंदगी पाई गई। इस पर महापौर सहित निगम आयुक्त ने शाखा प्रबंधक सहित पूरे स्टाफ को निर्देशित किया कि बैंक परिसर से निकलने वाले कचरे का उचित निष्पादन सुनिश्चित करें और कचरा गाड़ी में ही दें, सार्वजनिक स्थल पर कचरा न फेंकें। स्वच्छता जागरूकता अभियान पिछले दो सप्ताह से नगर निगम द्वारा सतत रूप से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शहर के मुख्य मार्गों के साथ-साथ गली-मोहल्लों में भी टीम बनाकर नगर निगम के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ब्रांड एंबेसडर व शहर के गणमान्य नागरिक नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

नगर निगम द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग डस्टबिन में रखें। यदि कचरा गाड़ी नियमित रूप से नहीं आती है तो संबंधित वार्ड मेट या पार्षद को सूचित करें, अथवा टोल फ्री नंबर 1100 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। नगर निगम द्वारा पुनः अपील की गई है कि स्वच्छता में ही सुरक्षा है, इसे अपनाएं और जगदलपुर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर महापौर संजय पाण्डे के साथ नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, निर्मल पाणिग्रही, संजय विश्वकर्मा, सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह राणा, त्रिवेणी रंधारी, श्रीमती कलावती कसेर, हरीश पारेख, पार्षदगण खगेंद्र ठाकुर, दिलीप दास, बसंती समरथ, उर्मिला यादव, पूनम सिन्हा, झरना मोहंती, रंजीता पाणिग्रही, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर रामनरेश पांडे, डॉ. प्रदीप पांडे, विधु शेखर झा, राजीव निगम, नलिन शुक्ला, आत्माराम जोशी, गिरीश शुक्ला, जीपी यादव, राजपाल कसेर, दिगंबर राव, हेमंत श्रीवास, राकेश यादव, दामोदर कुमार, शक्ति बेल, रुपेश बिजोरा, प्रकाश झा, ब्रिजेश शर्मा, रितेश सोनी, विक्रम यादव, रोशन झा, वीरेंद्र जोशी, अभिलाष यादव, भुवनेश्वर ध्रुव, सूरज श्रीवास्तव, शुभ शुक्ला आदि उपस्थित रहे

तभी होंगे हम नंबर-1

नगर निगम द्वारा स्वच्छता जागरूकता अभियान गुरुवार सुबह गुरु घासीदास वार्ड में चलाया गया। अभियान का उद्देश्य जगदलपुर शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाना है। इस अवसर पर उपस्थित महापौर संजय पाण्डे ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान में सभी लोग सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा, “आपके बहुमूल्य योगदान से ही हम अपने शहर को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बना सकते हैं।” कार्यक्रम के दौरान नगर निगम की टीम द्वारा दुकानदारों एवं आम नागरिकों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा गंदगी न फैलाने हेतु जागरूक किया गया।

महापौर ने आगे कहा कि यदि सभी नागरिक, व्यापारी बंधु एवं जनप्रतिनिधि मिलकर इस अभियान में सहभागी बनें, तो निश्चित ही जगदलपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट शहरों में शामिल किया जा सकता है। नगर निगम द्वारा यह अभियान आगे भी वार्ड-वार्ड चलाया जाएगा, जिसमें आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छता मित्र के रूप में जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, सफाई विभाग के सभापति लक्ष्मण झा, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह राणा, वार्ड पार्षद दिलीप दास, आशा साहू, उर्मिला यादव, राजपाल कसेर, दिगंबर राव, रूपेश बिजोरा, वार्डवासी गौरी शंकर भट्टाचार्य, विशाल जैन, संतोष कुमार नाग, संतोषी राव, वंदना बघेल, मुन्ना पॉल, संजीव दास, मेट संतोष सोनी, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

 

राष्ट्रीय इस्पात सुरक्षा पुरस्कार 2024 में एनएसएल का परचम

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  •  दुर्घटना रहित कार्य स्थल और कार्यशैली को मिला सम्मान

नगरनार। इस्पात उद्योग में सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर 25 और 26 जुलाई को रांची में आयोजित 75वीं संयुक्त समिति (जेसीएसएसआई) की बैठक में, एनएमडीसी स्टील लिमिटेड नगरनार (एनएसएल) ने अपने उत्कृष्ट सुरक्षा प्रदर्शन के लिए सोलह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के इस्पात सुरक्षा पुरस्कार 2024 जीते।

ये पुरस्कार एकीकृत इस्पात संयंत्रों के लिए घातक दुर्घटना रहित श्रेणी के अंतर्गत प्रदान किए गए, जिनमें ये उपलब्धियां शामिल हैं- एकीकृत इस्पात संयंत्र में कलैंडर वर्ष 2023 और 2024 में कोई घातक दुर्घटना नहीं हुई, संयंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में कलैंडर वर्ष 2022-23 और 2023-24 में कोई घातक दुर्घटना नहीं,

ठेकेदार श्रमिकों से जुड़ी कोई भी घातक दुर्घटना नहीं,

यह सम्मान मज़बूत सुरक्षा प्रणालियों, निरंतर निगरानी और कर्मचारियों व ठेकेदार कार्यबल, दोनों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से शून्य हानिकारक कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए एनएसएल की दृढ़ प्रतिब‌द्धता को दर्शाते हैं।

यह पुरस्कार एनएमडीसी स्टील लिमिटेड की ओर से पवन कुमार, सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा), और अनुज कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक) के साथ-साथ यूनियन नेता संतराम शेलिया, अध्यक्ष सिम्स, रमेश कश्यप सचिव सिम्स, मानदास कश्यप अध्यक्ष एसएसयू और विजयेंद्र नाथ मैथ्यूज, सचिव एसएसयू ने ग्रहण किया। इस उपलब्धि पर कार्यकारी निदेशक एवं प्लांट प्रमुख, एमएनवीएस प्रभाकर ने एनएमडीसी स्टील लिमिटेड समूह को शून्य हानिकारक कार्यस्थल प्राप्त करने के प्रति उनकी प्रतिब‌द्धता के लिए बधाई दी और सभी से उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया कि ये उपलब्धियां सामूहिक सतर्कता, सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्त पालन और संगठन के सभी स्तरों पर व्याप्त सुरक्षा संस्कृति का परिणाम हैं। एनएमडीसी स्टील लिमिटेड अपने दुर्घटना-मुक्त रिकॉर्ड को बनाए रखने, अपनी सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों को और मज़बूत करने, तथा परिचालन उत्कृष्टता के लिए प्रयास करते हुए अपने कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। जॉइंट कमिटी ऑन सेफ्टी, हेल्थ एंड एनवायरनमेंट इन द स्टील इंडस्ट्री सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रों की इस्पात कंपनियों के प्रबंधन और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों का एक अनूठा राष्ट्रीय स्तर का द्विपक्षीय मंच है।

अवैध धर्मांतरण गैंग को बचाने से बाज आए क्रिश्चियन प्रेमी नेता: जबीता मंडावी

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  • आदिवासी नेत्री जबीता मंडावी का बड़ा प्रहार

जगदलपुर आदिवासी नेत्री एवं भाजपा की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जबीता मंडावी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदाय के अवैध धर्मांतरण के एक और मामला सामने मेआने के बाद से ही सक्रिय कांग्रेसी क्रिश्चियन इकोसिस्टम जिस प्रकार मानव तस्करी में लिप्त दो ननों और उनके एक सहयोगी को बचाने और उन्हें कानूनी चंगुल से छुड़ाने में सक्रिय हो गए हैं, ये बेहद चिंतनीय व निंदनीय है।

आदिवासी समाज की उच्च शिक्षित भाजपा की प्रखर आदिवासी नेत्री जबीता मंडावी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर के 3 आदिवासी बालिकाओं के साथ 2 ननों को संदेहास्पद स्थिति में पाया गया था। दुर्ग रेलवे स्टेशन में जीआरपी द्वारा 2 ननों व एक व्यक्ति को मानव तस्करी के साथ अवैध धर्मांतरण के आरोप में पकड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में हर जिले में ऐसी घटनाएं देखी जा रही हैं। सेवा की आड़ में और रोजगार दिलाने के नाम पर भोले भाले आदिवासियों को बहला फुसला कर धर्मांतरण का खेल खेला जा रहा है। आदिवासी भाई को दूसरे आदिवासी भाई से लड़वाने का प्रयत्न किया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को नहीं रोका गया तो पूर्ण आदिवासी एवं सनातन समाज इनके खिलाफ बड़ा आंदोलन कर इन्हें बस्तर ही नहीं अपितु पूर्ण छत्तीसगढ़ से बाहर का रास्ता दिखाएगा।

सीसी रोड निर्माण पर लगा भ्रष्टाचार की का ग्रहण, ढाई साल से अटका है काम

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  •  आक्रोश पनप रहा है भोपालपटनम के लोगों में 

-मुरुगेश कुमार शेट्टी-

भोपालपटनम बीजापुर जिले की भोपालपटनम नगर पंचायत में ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते नागरिकों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सांस्कृतिक भवन के सामने बनाई जा रही सीसी रोड और नाली निर्माण का कार्य पिछले दो से ढाई वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह कार्य केला ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन आज तक काम को पूर्ण नहीं किया गया है। फलस्वरूप, जब भी किसी घर में शुभ कार्य होते हैं और उनका आयोजन इसी फंक्शन हॉल में किया जाता है, तो लोगों को कीचड़ और गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस मैदान के पास ही गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा, भतकम्मा-गौरी पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का आयोजन होता है।महिलाएं बड़ी श्रद्धा से फूलों से थाल सजाकर देवी की पूजा-अर्चना करती हैं। साथ ही शासन और प्रशासन द्वारा भी कई सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम इसी मैदान पर आयोजित किए जाते हैं। अधूरे कार्य के चलते इन आयोजनों की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।

नगर के लोगों का कहना है कि जब दो से ढाई साल तक कोई काम पूरा नहीं होता, तो यह केवल ठेकेदार की नहीं बल्कि नगर पंचायत के पार्षदों और जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही बनती है। ऐसे लापरवाह रवैये से विकास कार्यों की गति बाधित होती है और आम जनता को परेशानी उठानी पड़ती है।स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन और जिला अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द अधूरे कार्यों को पूरा कराया जाए और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आगे से कोई भी जनहित कार्य इस तरह अधूरा न रह जाए।

बीते 8 माह से काम ठप है जगदलपुर के जिला उद्योग केंद्र में; सर्वर डाउन की आड़ में बेरोजगारों के सपनों पर ब्रेक

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  • रोजगारमूलक योजनाओं के लाभ से वंचित हैं युवा 
  • सर्वर डाउन की बरसी मनाएंगे अधिकारी? 

अर्जुन झा-

जगदलपुर देश में जहां एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें युवा उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कर रही हैं, युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार देने वाला बनाने के लिए तरह तरह के जतन कर रही हैं, वहीं बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर का जिला उद्योग केंद्र पिछले आठ महीनों से पूरी तरह ठप पड़ा है। बीएसएनएल कार्यालय की दूसरी मंजिल पर स्थित इस केंद्र में सॉफ्टवेयर और सर्वर डाउन का बहाना बनाकर सभी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके चलते हज़ारों युवा बेरोजगारों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बस्तर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले बेरोजगार युवक-युवतियों ने बताया कि वे लगातार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ यही जवाब मिलता है कि ऑनलाइन सिस्टम बंद है, सर्वर डाउन है, आज नहीं हो पाएगा, कल आओ। कुछ युवाओं ने बताया कि उनके आवेदन एक साल से लंबित हैं, लेकिन अब तक न कोई स्वीकृति मिली है, न कोई जानकारी। एक युवक ने कहा- चप्पल घिस गई साहब, लेकिन फार्म जमा नहीं हुआ। कभी नेटवर्क नहीं, कभी सिस्टम बंद।

सरकारी निर्देशों की धज्जियां

हाल ही में बस्तर कलेक्टर द्वारा प्रेरणा सभा कक्ष में बैठक लेकर कृषि, लोन और उद्योग रोजगार से जुड़े विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि युवाओं को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। लेकिन जिला उद्योग केंद्र के अफसरों पर कलेक्टर के निर्देश का कोई असर नहीं हुआ। अधिकारियों की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी सर्वर डाउन का बहाना बेधड़क जारी है।

उद्देश्य से भटका केंद्र

जिला उद्योग केंद्रों की स्थापना केंद्र सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि देश के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु, कुटीर और पारंपरिक उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए। इन केंद्रों का कार्य है स्थानीय उद्यमियों को मार्गदर्शन व प्रशिक्षण देना, पीएम इजीपी व अन्य सरकारी ऋण योजनाओं में सहयोग करना, नई औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण करना, औद्योगिक सहकारी समितियों का गठन करना व प्रोत्साहन देना, महिला, दिव्यांग व अल्पसंख्यक उद्यमियों को विशेष सुविधा देना। जगदलपुर का जिला उद्योग केंद्र इन उद्देश्यों से भटक गया है। जब जिला स्तर का कार्यालय ही ठप हो, तो ये सारी योजनाएं केवल कागजों में रह जाती हैं।

स्कीम बंद, तो ट्रेनिंग क्यों?

एक ओर बस्तर जिले में जगह-जगह उद्योग विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम और योजना जागरूकता शिविर चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिला उद्योग कार्यालय में कोई भी योजना न ऑनलाइन सक्रिय है, न ऑफलाइन। यह एक व्यवस्थागत बड़ी विफलता है, जो युवाओं के मन में शासन के प्रति अविश्वास पैदा कर रही है। सवाल उठ रहे हैं कि 8 महीने से सर्वर डाउन है तो यह तकनीकी समस्या है या प्रशासनिक लापरवाही? अगर समस्या तकनीकी है तो अब तक समाधान क्यों नहीं किया गया? क्या यह कोई बड़ी अनदेखी है, जिसके पीछे जिम्मेदार अधिकारी बच रहे हैं? सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बीच ज़मीनी लाभार्थी क्यों वंचित हैं?

सर्वर डाउन, करप्शन अप

बस्तर के कई जागरूक युवाओं और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सर्वर डाउन की आड़ में भ्रष्टाचार या लापरवाही छुपाई जा रही है, तो उसे बेनकाब किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। निष्कर्ष यह कि योजनाएं तब ही सफल हैं, जब ज़मीन पर लागू हों।जिला उद्योग केंद्र जैसे संस्थान भारत के युवाओं के लिए उम्मीद की किरण हैं, लेकिन अगर वहां तकनीकी और प्रशासनिक असफलताएं लगातार बनी रहेंगी, तो योजनाएं केवल भाषणों और ब्रोशर में ही चमकती रहेंगी। सरकार और बस्तर जिला प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लें, ताकि जगदलपुर जैसे पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को भी वह अवसर मिल सके जिसका वादा हर बजट, हर अभियान और हर घोषणापत्र में किया जाता है।

कांवड़ यात्रा निकली, महापौर ने किया स्वागत

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जगदलपुर:- ॐ श्री नर्मदेश्वर जननी जन कल्याण समिति द्वारा आज राजीव गांधी वार्ड स्थित शंकर मंदिर से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा की शुरुआत मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। वहां पर कांवड़ियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। महापौर संजय पांडे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने कांवड़ियों का चरण धोकर, पुष्प वर्षा कर और तिलक लगाकर सम्मानित किया।

इस पावन अवसर पर एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, पार्षदगण खगेंद्र ठाकुर, आशा साहू, उर्मिला यादव, समिति अध्यक्ष हरकेश बहादुर सिंह तथा वार्डवासी बड़ी में उपस्थित रहे। इसके पश्चात श्रद्धालुओं का जत्था धार्मिक वातावरण में जयकारों के साथ दंतेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हुआ। कांवड़ यात्री महादेव घाट से पवित्र जल लेकर पुनः शंकर मंदिर पहुंचे।

भिरेंडा पंचायत के तलपारा के भूतल पर विकास के दावे की खुल गई पोल

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  •  सड़क पर घुटनों तक कीचड़, यहां नहीं खिल पा रहा है विकास का कमल 

बकावंड विकासखंड बकावंड में विकास लापता हो गया है, विकास के दावे की पोल यहां की ग्रामीण सड़कें खोल रही हैं। विकासखंड की ग्राम पंचायत भिरेंडा के तलपारा के भूतल पर विकास कराहता नजर आ रहा है। सड़क पर घुटने तक कीचड़ बता रहा है कि यहां विकास का कमल नहीं खिल पा रहा है। पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी साय के सुशासन को पलीता लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।

विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत भिरेंडा की तलपारा बस्ती में सड़क की बदहाली ने एक बार फिर जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत के दावों की पोल खोल दी है। जहां एक ओर प्रदेश सरकार बस्तर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी इन दावों को पलीता लगाने में जुटे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय वार्ड पंच अजमेर के अनुसार गांव का मुख्य रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर चुका है और पगडंडी जैसी हालत में है।

कई लोग हो चुके घायल

बारिश में यह सड़क फिसलन भरी और जानलेवा बन चुकी है। खासकर स्कूली छात्र-छात्राओं को इस रास्ते से स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बच्चे अब तक गिरकर चोटिल हो चुके हैं।वहीं सरपंच और सचिव इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि विकास विरोधी रवैया अपना रहे हैं, जिससे सरकार की योजनाओं और प्रयासों पर भी असर पड़ रहा है। इस मामले में जनपद सदस्य बैसाखू भारती से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा-मुझे इसकी जानकारी नहीं थी, मैं नया-नया बना हूं, अभी चार-पांच महीने हुए हैं, सचिव से बात करूंगा।गौरतलब है कि बस्तर विधायक इस क्षेत्र के विकास और सड़कों के निर्माण को लेकर लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही से उनके प्रयास निष्फल होते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द इस सड़क की मरम्मत और पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि बच्चों और आमजन की जान जोखिम में न रहे।

गांव हमारा, स्कूल हमारा फिर मध्यान्ह भोजन का काम बाहरी समूहों को क्यों?

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  •  गोटईगुड़ा की महिलाओं का शासन से सवाल
  • स्थानीय महिलाएं मध्यान्ह भोजन योजना से वंचित

मुरुगेश कुमार शेट्टी-

भोपालपटनम बीजापुर जिले की ग्राम पंचायत गोटईगुड़ा में स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल विवाद का केंद्र बन गया है। इस विवाद की जड़ है मध्यान्ह भोजन।

इस स्कूल में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। स्कूल में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन को लेकर पंचायत की महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की है। ग्राम की महिलाओं ने सवाल उठाया है कि जब स्कूल गोटईगुड़ा पंचायत क्षेत्र में स्थित है, तो मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन भोपालपटनम नगर पंचायत और रुद्रारम ग्राम पंचायत के महिला स्व सहायता समूहों को क्यों सौंपा गया है? स्थानीय महिला समूहों का कहना है कि वे भी इस कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने में सक्षम हैं। एक महिला ने कहा, “हमारे गांव में ही स्कूल है, हम भी शिक्षित और सक्षम हैं, फिर हमें यह अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या सरकार की महिला सशक्तिकरण योजना सिर्फ दिखावे के लिए है? ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय स्व सहायता समूहों को मिड डे मील में प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें भी स्वरोजगार और सामाजिक भागीदारी का अवसर मिल सके।

स्कूल प्रबंधन संतुष्ट नहीं

इस संबंध में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का कहना है कि संस्था के प्राचार्य ने मुझे पत्र लिखा था कि वर्तमान में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन कर रहे दोनों समूह कार्य को सही तरीके से नहीं निभा पा रहे हैं। इन समूह को हटाया जाए। मैंने उस पत्र को जिला प्रशासन को भेज दिया है। अब निर्णय जिला प्रशासन के स्तर पर लिया जाएगा। अब गांव की महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि प्रशासन इस विषय पर जल्द संज्ञान लेगा और स्थानीय समूहों को आगे आने का अवसर दे।

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