- गोटईगुड़ा की महिलाओं का शासन से सवाल
- स्थानीय महिलाएं मध्यान्ह भोजन योजना से वंचित
मुरुगेश कुमार शेट्टी-
भोपालपटनम बीजापुर जिले की ग्राम पंचायत गोटईगुड़ा में स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल विवाद का केंद्र बन गया है। इस विवाद की जड़ है मध्यान्ह भोजन।
इस स्कूल में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। स्कूल में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन को लेकर पंचायत की महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की है। ग्राम की महिलाओं ने सवाल उठाया है कि जब स्कूल गोटईगुड़ा पंचायत क्षेत्र में स्थित है, तो मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन भोपालपटनम नगर पंचायत और रुद्रारम ग्राम पंचायत के महिला स्व सहायता समूहों को क्यों सौंपा गया है? स्थानीय महिला समूहों का कहना है कि वे भी इस कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने में सक्षम हैं। एक महिला ने कहा, “हमारे गांव में ही स्कूल है, हम भी शिक्षित और सक्षम हैं, फिर हमें यह अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या सरकार की महिला सशक्तिकरण योजना सिर्फ दिखावे के लिए है? ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय स्व सहायता समूहों को मिड डे मील में प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें भी स्वरोजगार और सामाजिक भागीदारी का अवसर मिल सके।
स्कूल प्रबंधन संतुष्ट नहीं
इस संबंध में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का कहना है कि संस्था के प्राचार्य ने मुझे पत्र लिखा था कि वर्तमान में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन कर रहे दोनों समूह कार्य को सही तरीके से नहीं निभा पा रहे हैं। इन समूह को हटाया जाए। मैंने उस पत्र को जिला प्रशासन को भेज दिया है। अब निर्णय जिला प्रशासन के स्तर पर लिया जाएगा। अब गांव की महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि प्रशासन इस विषय पर जल्द संज्ञान लेगा और स्थानीय समूहों को आगे आने का अवसर दे।



