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जीव जगत के लिए जीवन का आधार हैं पेड़: मंत्री केदार कश्यप

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  •  वन मंत्री केदार कश्यप ने महुपाल बरई में रोपा पीपल का पौधा
  • गांव के जल स्त्रोतों के आसपास लगाए गए पीपल के 148 पौधे

जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने आज महुपाल बरई में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने पीपल्स केयर संस्थान द्वारा आयोजित विशेष वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और पीपल का पौधा लगाया। इस अवसर पर महुपाल बरई में पीपल के 148 पौधे लगाए गए। ये सभी पौधे जल स्रोतों के निकट लगाए गए हैं।

इस अवसर पर मंत्री  कश्यप ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं और हमें इनके महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने पीपल्स केयर संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करें। पीपल्स केयर संस्थान के सुरेश यादव ने बताया कि यह अभियान विभिन्न चरणों में चलाया जा रहा है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और स्थानीय समुदायों का सहयोग लिया जा रहा है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित जनप्रतिनिधिगण, वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद थे।

पीपल का है बड़ा महत्व

पीपल भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पेड़ है, जिसका धार्मिक, आयुर्वेदिक और पर्यावरणीय, सभी दृष्टियों से विशेष स्थान है। पीपल को ‘बोधिवृक्ष’ भी कहते हैं, क्योंकि इसी पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह बौद्ध धर्म में एक पवित्र वृक्ष माना जाता है। हिंदू धर्म में पीपल को देवताओं का निवास माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसकी जड़ों में ब्रह्मा, तने में विष्णु और पत्तियों में शिव का वास होता है। इसलिए, इसकी पूजा की जाती है और इसे काटना अशुभ माना जाता है।शनिवार के दिन इसकी पूजा करने का विशेष महत्व है। कई धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों में पीपल की पूजा होती है।

वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व

पीपल एकमात्र ऐसा पेड़ है जो दिन और रात दोनों समय भरपूर ऑक्सीजन छोड़ता है। यह इसे वायुमंडल को शुद्ध करने वाला सबसे प्रभावी वृक्ष बनाता है। पीपल के पेड़ की उम्र बहुत लंबी होती है, कभी-कभी तो हजारों साल तक पीपल का पेड़ जीवित रहता है।पारिस्थितिकी तंत्र में पीपल की भूमिका बेमिसाल है। यह कई पक्षियों, जानवरों और कीड़ों के लिए एक आश्रय और भोजन का स्रोत है, जिससे यह पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भूजल संरक्षण में भी पीपल का पेड़ बड़ा ही उपयोगी है। इसकी गहरी जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करती हैं।

पीपल का आयुर्वेदिक महत्व

आयुर्वेद में पीपल के हर हिस्से का उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। पीपल की

पत्तियों का उपयोग कब्ज, पेट दर्द और अस्थमा जैसी बीमारियों के इलाज में किया जाता है। छाल का उपयोग त्वचा रोगों, खुजली और फोड़े-फुंसी के इलाज में किया जाता है। पीपल के फलों को दिल से जुड़ी बीमारियों और पाचन समस्याओं के लिए फायदेमंद माना जाता है।

इन सभी कारणों से पीपल को कल्पवृक्ष के समान माना जाता है, जो जीवन और आध्यात्मिकता दोनों का प्रतीक है।

प्रयास आवासीय विद्यालय में द्रोणेश और जानवी का हुआ चयन

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  1. सेजेस पूर्व माध्यमिक शाला हिंदी माध्यम नया बाजार राजहरा से सन

2025 -26 के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय बालोद में द्रोणेश साहू व आवासीय विद्यालय में रायपुर मे जानवी का चयन हुआ है दोनों छात्र शाला में मेघावी थे जानवी राष्ट्रीय स्तर की धाविका है दोनों के चयन पर. शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रमेश गुर्जर भारती साहू व प्राचार्य टी आर् रानाडे प्रधान पाठीका बेडसी सुमोद शिक्षक योगेंद्र नाथ देवांगन बी.आर.साहू देवाश्री श्रीवास्तव ताराचंद निषाद श्याम कुमार जाटवर ने हर्ष व्यक्त किया

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बस्तर को ज्ञापन सौंपा गया

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  • भारतीय युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप एवं कार्यकर्ताओं ने आज जिला पंचायत बस्तर, जगदलपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि पंचायत स्तर पर 14वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का पारदर्शी और नियमानुसार उपयोग नहीं हो रहा है। कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों हेतु प्राप्त राशि का खर्च मनमाने ढंग से किया जा रहा है।

साथ ही, अनेक पंचायतों में ग्राम सभाओं को केवल कागजी खानापूर्ति बनाकर रखा गया है। वास्तविक ग्रामवासियों की भागीदारी के बिना ही कार्ययोजना एवं राशि खर्च का निर्णय दस्तावेज़ों तक सीमित रह गया है। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता दोनों को आघात पहुँचाती है।

युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख माँगें रखीं–

  • 14वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग की गहन जाँच की जाए।
  • ग्राम सभाओं को वास्तविक रूप से आयोजित कर ग्रामवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
  • कागजी ग्राम सभाओं एवं फर्जी हस्ताक्षरों पर रोक लगाने हेतु कठोर दिशा-निर्देश जारी हों।
  • दोषी सरपंचों एवं अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
  • जिला पंचायत अधीक्षक व्ही.आर. सिन्हा ने आश्वासन दिया कि 2 दिनों के भीतर जाँच कमेटी गठित कर मामले की जाँच कराई जाएगी और उचित कार्यवाही की जाएगी।
  • युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा।
  • इस अवसर पर युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप, जिला सचिव विजय भारती, कृष्णा उपाध्याय, समीर कुरैशी, एकादशी बघेल एवं रामचंद्र बघेल उपस्थित रहे।

बिना काम कराए ग्राम पंचायत के लाखों रुपए हजम कर गए सरपंच

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  • पूर्व और मौजूदा सरपंच पर लगे गंभीर आरोप
  • जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप ने की एसडीएम से मामले की शिकायत 

-अर्जुन झा

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा में सरकारी धन की जमकर लूट की जा रही है। बिना काम कराए ही पूर्व और मौजूदा सरपंच एवं सचिव लाखों रुपए गटक चुके हैं।. मामले की शिकायत क्षेत्र की जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप ने एसडीएम बकावंड से की है।

जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप के मुताबिक रायकेरा देवड़ा के पूर्व सरपंच, वर्तमान सरपंच व सचिव द्वारा निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितता की जा रही है। पूर्व सरपंच समंदू कश्यप व सचिव पदमावती कश्यप तथा वर्तमान सरपंच लखमी कश्यप पति समदू कश्यप द्वारा 15वें वित की राशि में हेराफेरी की गई। नए बने ग्राम पंचायत भवन की मरम्मत के नाम पर 48 हजार 200 रुपए आहरित किए गए हैं। जबकि पंचायत भवन में मरम्मत की कोई आवश्यकता ही नहीं थी।

हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 38 हजार रुपए आहरित किए गए, मगर धरातल पर कार्य हुआ ही नहीं है। सोख्ता गड्ढा कार्य के नाम पर 30 हजार रुपए आहरित किए गए हैं, मगर कहीं भी सोख्ता गड्ढा नहीं बनाया गया है।

नाली है नहीं, सफाई करा दी!

हद की बात यह है कि जो नाली बनी ही नहीं है, उसकी सफाई के नाम पर सरकारी धन पर हाथ साफ कर दिया गया है। आगे जानकारी दी गई है कि नाली सफाई कार्य हेतु दो बार 25-25 हजार रूपए आहरित किए गए हैं, जबकि नाली सफाई कराई नहीं गई है। ग्राम पंचायत के बीजागुड़ा पारा में नाली निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है और इस कथित नाली की सफाई के नाम पर 25 हजार रूपये आहरित किए गए हैं।सामुदायिक भवन निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है और उसके नाम पर 2 लाख 60 हजार रुपए निकाल कर हजम कर लिए गए हैं।

सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य हेतु पूरी राशि आहरित कर ली गई है, मगर कार्य अपूर्ण है। प्राथमिक शाला बीजागुड़ा व तराईगुड़ा पारा के भवनों की मरम्मत के लिए 48 हजार 70 रूपए आहरित किए गए हैं, किन्तु जरा सा भी कार्य नहीं किया गया है। समदू घर के पास नाली निर्माण कार्य हेतु 1 लाख 50 हजार रूपए आहरित किए गए हैं और नाली बनाई ही नहीं गई है।

सचिव ने पति को भेजे 4.83 लाख

बताया गया है कि रायकेरा देवड़ा की पंचायत सचिव पदमावती कश्यप द्वारा अपने पति नंदकिशोर कश्यप के नाम पर 4 लाख 83 हजार रूपये ट्रांसफर किए गए हैं। यह राशि पंचायत निर्माण कार्य की बताकर स्थानांतरित की गई है। नंदकिशोर कश्यप ग्राम पंचायत सचिव पति होने के साथ-साथ एक शासकीय कर्मचारी सहायक ग्रेड-03 के पद पर पदस्थ हैं। जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप ने कहा है उक्त सभी कार्यों में अनियमितता बरती गई है तथा शासकीय राशि का पूर्णतः दूरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी सकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई संबंधित लोगों के खिलाफ की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने किया रवाना

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जगदलपुर ।जगदलपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ पावर हाउस चैक स्थित सब स्टेशन से अपनी यात्रा पर निकला है।

इस अवसर पर मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना लोगों को बिजली के बिल से राहत दिलाने में सहायक होगी। यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा भी 30 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे लोगों के लिए अपने घरों में सौर पैनल लगाना आसान हो गया है।

इस कार्यक्रम में महापौर संजय पांडे सहित कई जनप्रतिनिधि और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस रथ का उद्देश्य शहर और आसपास के गांवों में घूमकर लोगों को इस योजना के लाभों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है।

करीब दो माह से नदारद है संधकरमरी हाई स्कूल की शिक्षिका

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  •  ज्वाइनिंग कर दो दिन ही रही स्कूल में यह टीचर

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत संधकरमरी के शासकीय हाई स्कूल की एक शिक्षिका बीते करीब दो माह से नदारद है। इस शिक्षिका ने ज्वाइनिंग करके लौटने के बाद दोबारा स्कूल में कदम नहीं रखा है। शिक्षिका की इस गैर जिम्मेदारी पूर्ण हरकत से पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। संधकरमरी की सरपंच जयमनी कश्यप ने बस्तर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल को आवेदन देकर शिक्षिका शांति देवांगन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनकी जगह संधकरमरी हाई स्कूल में जिम्मेदार शिक्षक या शिक्षिका की नियुक्ति करने की मांग की है।

संधकरमरी की सरपंच श्रीमती जयमनी कश्यप ने बस्तर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल को प्रेषित पत्र में जानकारी दी है कि बीते जुलाई माह में शिक्षिका शांति देवांगन की नियुक्ति शासकीय हाई स्कूल संधकरमरी में की गई थी। शिक्षिका शांति देवांगन ने 25 जुलाई को हाई स्कूल में ज्वाइनिंग की। इसके बाद मात्र दो दिन ही उन्होंने स्कूल में अध्यापन सेवा दी। फिर वे गईं तो वापस लौटकर स्कूल नहीं आईं हैं। यहां तक कि स्वतंत्रता दिवस के दिन भी शिक्षिका शांति देवांगन स्कूल से गायब रहीं। करीब दो माह होने को है और शिक्षिका शांति देवांगन का कोई अता पता नहीं है। न तो उन्होंने ग्राम पंचायत को कोई जानकारी दी है और न ही अपने हाई स्कूल के प्राचार्य को। सरपंच जयमनी कश्यप ने बताया कि इस स्कूल में वैसे भी शिक्षकों की कमी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सरपंच श्रीमती जयमनी कश्यप ने जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल से आग्रह किया है कि शिक्षिका शांति देवांगन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और संधकरमरी हाई स्कूल में योग्य शिक्षक शिक्षिकाओं की नियुक्ति की जाए।

ज्वेलरी शॉप चोरी, तीन नाबालिग और एक आरोपी गिरफ्तार

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जगदलपुर थाना भैरमगढ़ क्षेत्र में 8 सितंबर की रात एक ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी का खुलासा हो गया है। इस मामले में एक वयस्क और तीन नाबालिग आरोपी पकड़े गए हैं, जबकि दो नाबालिग फरार हैं। गीदम निवासी ज्वेलर्स रावलमल सोनी पिता जसराज सोनी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी ज्वेलरी शॉप से अज्ञात चोरों द्वारा सोने, चांदी के आभूषण, चांदी की मूर्ति एवं आर्टिफिशियल आभूषण चोरी कर लिए गए हैं। थाना भैरमगढ़ द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल एक आरोपी और विधि से संघर्षरत तीन बालकों को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर 16 जोड़ी चांदी की पायल,

1 जोड़ी सोने का टॉप्स, 1 नग चांदी का सिक्का,1 नग चांदी की मूर्ति, आर्टिफिशियल हार सहित अन्य आभूषण और घटना में प्रयुक्त एक स्कूटी

बरामद कर ली गई है। जप्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1 लाख 15 हजार रुपए है। आरोपी सोनू पूनेम पिता बुधराम को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में 3 अपचारी बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। घटना में संलिप्त विधि से संघर्षरत दो बालक पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है।

मानव सेवा के क्षेत्र में बढ़ते कदम” जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस ने कुपोषित बच्चों को लिया गोद

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महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना चिखालकसा के अंतर्गत गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सुपोषित करने के अभियान में विभाग जुटा हुआ है l

कुसुमकसा क्षेत्र में 11 बच्चे गम्भीर कुपोषित वर्ग में है l आंगन बाड़ी के सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव के द्वारा अपील किया गया कि इन बच्चों को जल्द स्वस्थ करके सुपोषित करने के लिए सहयोग करे l

 

तब बच्चों को शीघ्र सुपोषित करने के लिए जनपद सदस्य कुसुमकसा मंजू संजय बैंस ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और आंगनबाड़ी केंद्र कुसुमकसा क्रमांक एक के एक बालिका टेवीशा को गोद लिया l ये बालिका गंभीर कुपोषित वेस्टिंग कैटिगरी में है l जिनकी माता यशोदा पिता राघवेंद्र की चिंता अपनी बेटी के लिए बनी रहती थी l इस बेटी को जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस ने गोद लेकर कहा कि इस बेटी के लिए जितनी चिंता मां बाप कर रहे है उतनी जिम्मेदारी अब मेरी भी है l डाक्टरों से चर्चा कर इस बेटी के भोजन में विटामिन प्रोटीन या जो भी जरूरत की सामग्री होगी ये सब मै उपलब्ध कराउंगी l इस बेटी को जल्द सुपोषित करने की दिशा में काम करूंगी l

उन्होने कहा कि हमारे कुसुमकसा क्षेत्र में 11 बच्चे अति कुपोषित है मै निजी और सरकारी डाक्टरों , नर्स मितानिन बहनों के साथ जल्द एक बैठक कर हमारे क्षेत्र से कुपोषण के खिलाफ हम जंग लड़ेंगे l बच्चों के सुपोषित अभियान का मैं सहभागी बनूंगी l मैं क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि और जागरूक लोगों से भी निवेदन करती हू कि महिला एवं बाल विकास विभाग य़ह जो जबरदस्त योजना लेकर आई है l

सरकार के अलावा हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि बच्चों के कुपोषण को दूर करने में सहयोग करें l बच्चे स्वस्थ और सुपोषित रहेंगे तभी हम स्वस्थ भारत और स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे इस अवसर पर सीमा पिस्दा जी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला साहू जी पोषण मित्र एवं अन्य लोग उपस्थित रहे l

कलार समाज अभद्र टिप्पणियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज

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बस्तर ब्लॉक इकाई बस्तर भानपुरी के कलार समाज के पदाधिकारीयों ने गुरुवार 11 सितंबर को भानपुरी थाना पहुँचकर सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में बताया गया कि ग्राम बुदेली, तहसील नरहरपुर, जिला कांकेर निवासी मनोज कुमार मंडावी ने अपने फेसबुक अकाउंट से विगत दिनों से लगातार कलार समाज और साहू (तेली) समाज के विरुद्ध जाति सूचक, अश्लील और आपत्तिजनक पोस्ट किए हैं।

समाज के लोगों का आरोप है कि आरोपी ने न केवल दोनों समाजों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, बल्कि देवी-देवताओं, भारत देश, संविधान और कानून व्यवस्था पर भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया है। इससे समाज के लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं और व्यापक आक्रोश फैल गया है।

दोनों समाजों ने पुलिस प्रशासन से माँग की है कि आरोपी के खिलाफ कठोर और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

भोपालपटनम में धान-चावल तस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय! तेलंगाना और महाराष्ट्र तक फैला है गोरखधंधा

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बीजापुर भोपालपटनम, 11 सितम्बर 2025 भोपालपटनम क्षेत्र में धान और चावल के अवैध व्यापार का एक बड़ा सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय है। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाखों रुपए मूल्य का धान और चावल प्रतिदिन तस्करों के माध्यम से कस्टम कर महाराष्ट्र और तेलंगाना भेजा जा रहा है। यह पूरा कारोबार सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें स्थानीय स्तर पर कुछ प्रभावशाली तत्वों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों के अनुसार, यह गोरखधंधा वर्षों से जारी है और अब यह इतना संगठित हो चुका है कि इसे एक संगठित अपराध कहा जा सकता है। तस्करों द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों का लाभ उठाते हुए धान और चावल को सीमा पार भेजा जा रहा है, जिससे शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है।

इस पूरे प्रकरण में स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जहां एक ओर शासन स्तर पर बार-बार खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के आदेश जारी किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई नगण्य दिखाई दे रही है।

क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह गोरखधंधा और अधिक फैल सकता है, जिससे न केवल आर्थिक हानि होगी बल्कि क्षेत्र की छवि भी धूमिल होगी।

ज्ञात हो कि गत सोमवार की मध्य रात्रि को अंतर्राज्यीय सीमा अर्थात छत्तीसगढ़ की सीमा इंद्रावती नदी के पार महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तहसील सिरोंचा क्षेत्र थाना – पातागुडेम में लगभग 4.267 किलोग्राम गांजा कृष्णा ट्रैवल्स यात्री बस में पकड़ा गया। यह बस जगदलपुर से हैदराबाद चलतीं है। जगदलपुर से अंतर्राज्यीय मार्ग पर हर जगह वनविभाग और सुरक्षा विभाग के चेक पोस्ट है। लेकिन इन तीनों जिलों की सीमा पार कर छत्तीसगढ़ से सटे महाराष्ट्र की सीमा में गांजा पकड़ाना अनेक प्रश्न खड़ा करता है? या तो कहे कि ” दाल में कुछ काला है, या पूरी दाल ही काली है”?

 

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी तत्परता और सख्ती से लेता है।

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