भानपुरी:- बस्तर जिले के ग्राम सोनारपाल में शुक्रवार को एक परिवार के कुल 10 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपनी मूल धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में वापसी की। बताया गया कि परिवार के सदस्य पिछले करीब 20 वर्षों से ईसाई धर्म अपना रहे थे। इस अवसर पर आमाबाल परगना क्षेत्र के महारा समाज के पदाधिकारियों, नाईक-पाईक, समाज प्रमुखों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।ग्राम सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान , समाज प्रमुखों और ग्रामीणों की उपस्थिति में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद एक परिवार के 10 सदस्यों का पारंपरिक विधि-विधान के साथ स्वागत किया गया। उन्हें तिलक लगाया गया, मूल धर्म में पुनः शामिल किया गया।इस दौरान आमाबाल परगना के सामाजिक पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने पर जोर दिया गया।
जगदलपुर, 23 अक्टूबर । प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर प्रकाशित आमंत्रण पत्र को लेकर उन्हाेने कहा कि अमंत्रण पत्र में संभाग के आदिवासी जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों के नाम शामिल नहीं होने से उनकी भागीदारी को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बस्तर की आदिवासी परंपरा से जुड़े इतने बड़े आयोजन में स्थानीय प्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों को उचित स्थान मिलना चाहिए था, लेकिन बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार काे भारतीय जनता पार्टी का आयाेजन बना दिय गया।
इतना ही नही बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार के लिए जारी आमंत्रण पत्र संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी कर बस्तर दशहरा समिति काे दरकिनार कर दिया गया। उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान जुड़ी है। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रर्दशित करने के लिए आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू काे बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में बुलाकर भारतीय जनता पार्टी अदिवासी हितैशी हाेने का ढ़ाेग करना चाहती है, लेकिन ऐसे आयोजन में स्थानीय आदिवासी जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों काे स्थान नही देने से बस्तर की जनता के समक्ष भाजपा का असली चेहरा उजागर हाे गया है। उन्हाेने कहा कि बस्तर दशहरा का पूरा संचालन बस्तर दशहरा समिति के पदेन अध्यक्ष बस्तर सांसद के माध्यम से किया जा रहा है, ताे मुरिया दरबार के लिए जारी आमंत्रण पत्र संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी करना बस्तर दशहरा समिति एवं बस्तर सांसद का अपमान है। इतना ही नही मुरिया दरबार के आमंत्रण पत्र में कांग्रेस के आदिवासी जनप्रतिनिधियओं में केशकाल की राज्य सभा की सांसद फूलाे देवी नेताम, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, कोंटा विधायक कवासी लखमा, एवं भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी का नाम शामिल नही करना बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार काे भारतीय जनता पार्टी का आयाेजन बनाने काे प्रमाणित करता है। उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार काे भारतीय जनता पार्टी का आयाेजन बनाने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के आदिवासी जनप्रतिनिधियाें में कांकेर सांसद भोजराज नाग, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आसाराम नेताम और अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी का नाम मुरिया दरबार के आमंत्रण पत्र में शामिल नही करना बस्तर के आदिवासी जनप्रतिनिधियाें काे बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार से दरकिनार करना बस्तर के आदिवासी जनप्रतिनिधियाें का अपमान है। वहीं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र में संस्कृति विभाग के मंत्री राजेश अग्रवाल स्वयं काे अतिथि बनाया जाना हास्यास्पद है।
लेवल में भारी अंतर, कीचड़ और गड्ढों से हादसों का खतरा
किरंदुल नगर के तालाब पारा वार्ड में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के चलते सीसी सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस कारण वहां के रहवासियों को रोजाना भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है, सीसी सड़क को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है। बनी हुई सड़क और कच्चे रास्ते के बीच लगभग डेढ़ फीट का ऊंचा-नीचा लेवल है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। सड़क के किनारे बिखरी गिट्टी, कीचड़ और नाली का गंदा पानी स्थिति को और भयावह बना रहा है।
अधिकारियों की अनदेखी
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि यह सब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है। ठेकेदार द्वारा कई महीने पहले सड़क का आधा काम कर छोड़ दिया गया, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने न तो काम की गुणवत्ता की जांच की और न ही ठेकेदार पर कार्य पूरा करने का दबाव बनाया। रहवासियों का कहना है कि वार्ड में बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इसी अधूरे और खतरनाक रास्ते से रोजाना गुजरना पड़ता है। बरसात में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब कीचड़ भरे रास्ते में चलना तक मुश्किल हो जाता है। किराना दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
तालाब पारा के लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत की जांच कर अधूरी पड़ी सीसी सड़क के निर्माण को तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
जगदलपुर माई दंतेश्वरी की पावन नगरी जगदलपुर सिरासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने दीप प्रज्वलन किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू मुरिया दरबार में शामिल होने आई हैं।
ओएमआर शीट से ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग जगदलपुर। टीईटी की विभागीय परीक्षा आयोजित कराने की दिशा में सकारात्मक पहल के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा धन्यवाद व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया गया। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर संभाग के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से राज्य में टीईटी विभागीय परीक्षा को सीबीटी ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित कराने की मांग का ज्ञापन देते हुए कहा कि ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों, नेटवर्क, सर्वर संबंधी समस्याओं का सामना शिक्षक करेंगे। शिक्षकों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और व्यावहारिकता एवं निष्पक्षता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा को अभ्यर्थियों के हित में अधिक व्यावहारिक और सुविधाजनक विकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया गया। पुराने शिक्षकों से ऑफलाइन ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा का निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस विषय को गंभीरता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा अभ्यर्थियों की वास्तविक कठिनाइयों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर से संभाग अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लुदरसन कश्यप, राजेश गुप्ता, मोहम्मद ताहिर शेख, तुलादास मानिकपुरी, गजराज सिंह, रामप्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, विकासखंड अध्यक्ष जगदलपुर मनीष ठाकुर सहित शिक्षक उपस्थित थे।
जगदलपुर । महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के बस्तर आगमन पर सांसद महेश कश्यप ने माँ दंतेश्वरी विमानतल,जगदलपुर में पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार समारोह एवं लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर बस्तर पधारने पर सांसद महेश कश्यप ने उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।सांसद महेश कश्यप ने कहा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का बस्तर की पावन धरती पर आगमन हम सभी के लिए गर्व, गौरव और हर्ष का विषय हैl बस्तर केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हजारों वर्षों पुरानी जनजातीय संस्कृति, विशिष्ट परंपराओं और अद्वितीय सामाजिक समरसता के लिए भी जाना जाता है।
राष्ट्रपति जी की गरिमामयी उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और भी मजबूत होगी । यह हमारे जनजातीय समाज के सम्मान,स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक है।सांसद श्री कश्यप ने आगे कहा बस्तर दशहरा हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। ऐतिहासिक मुरिया दरबार जनजातीय समाज की आवाज,उसकी परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की विशिष्ट पहचान है। देश की महामहिम राष्ट्रपति का इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होना बस्तर के लिए एक यादगार अवसर है। हमें विश्वास है कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी और देश दुनिया का ध्यान हमारी गौरवशाली परंपराओं की और भी अधिक आकर्षित होगा।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी इससे पूर्व बस्तर पण्डुम के अवसर पर भी बस्तर आ चुकी हैं। उनका पुनः आगमन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,जनजातीय परंपराओं और विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।सांसद महेश कश्यप ने राष्ट्रपति जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तरवासी अपनी आत्मीयता,परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत करते हैं। राष्ट्रपति जी का यह आगमन बस्तर की गौरवशाली पहचान को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जगदलपुर टीईटी की विभागीय परीक्षा आयोजित कराने की दिशा में सकारात्मक पहल के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा धन्यवाद व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया गया। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर संभाग के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से राज्य में टीईटी विभागीय परीक्षा को सीबीटी ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित कराने की मांग का ज्ञापन देते हुए कहा कि ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों, नेटवर्क, सर्वर संबंधी समस्याओं का सामना शिक्षक करेंगे।
शिक्षकों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और व्यावहारिकता एवं निष्पक्षता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा को अभ्यर्थियों के हित में अधिक व्यावहारिक और सुविधाजनक विकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया गया। पुराने शिक्षकों से ऑफलाइन ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा का निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस विषय को गंभीरता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा अभ्यर्थियों की वास्तविक कठिनाइयों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर से संभाग अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लुदरसन कश्यप, राजेश गुप्ता, मोहम्मद ताहिर शेख, तुलादास मानिकपुरी, गजराज सिंह, रामप्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, विकासखंड अध्यक्ष जगदलपुर मनीष ठाकुर सहित शिक्षक उपस्थित थे।
जगदलपुर यहां आयोजित मुरिया दरबार के दौरान शहर के महापौर संजय पांडेय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मेयर संजय पांडे ने राष्ट्रपति से कहा की दंतेश्वरी मैया की धरती जगदलपुर में आपका अभिनंदन है। मुरिया दरबार में पहुंचे महापौर संजय पांडे ठेठ आदिवासी वेशभूषा पहने हुए थे।
बस्तर दशहरा की समृद्ध और ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार शुक्रवार को नगर के सिरासार भवन में मुरिया दरबार का भव्य आयोजन हुआ। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थीं। देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जब जगदलपुर के प्रथम नागरिक महापौर संजय पांडे ने अभिनंदन किया, तब पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। खास बात यह रही कि संजय पांडे आदिवासी समुदाय के मुरिया दरबार में परंपरागत आदिवासी परिधान पहन कर पहुंचे थे। सफेद कुर्ता, महरूनी जैकेट पहने और सर पर मोर पंख एवं कलगी युक्त सफा पहने संजय पांडेय अलग ही आभा बिखेर रहे थे।
दल्ली राजहरा बंगाली समाज के तत्वावधान में आयोजित सार्वजनिक दुर्गा उत्सव के 68वें वर्ष का भव्य समापन मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस महापर्व का केवल बंगाली समाज ही नहीं, बल्कि पूरे दल्ली राजहरा नगर को बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान बन चुका है।बंगाली समाज द्वारा वर्ष 1959 से लगातार आयोजित किए जा रहे इस ऐतिहासिक दुर्गा पूजा में पूरे नगर की सहभागिता देखने को मिलती है, जो आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक है।
भव्य शुभारंभ और पांच दिवसीय आयोजन
पांच दिवसीय आयोजन का शुभारंभ 16 अक्टूबर को देवी स्थापना के साथ हुआ। मूर्ति स्थापना का विमोचन मुख्य अतिथि श्रीमती रेणुका सिंह, अध्यक्ष राजहरा महिला समाज द्वारा परंपरानुसार मंदिर द्वार का फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से राम अग्रवाल, संध्या सिंह श्रीवास्तव, डॉ. अशोक ठाकुर, सुकांतो मंडल, डॉ. सैलाब जाना, पुरोबी वर्मा, कनक बनर्जी, गौतम बेरा, गगन चंद्र पांडे, जी.वी. राजशेखर राव, तोरण लाल साहू सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक तथा बंगाली समाज के सदस्य उपस्थित थे।कार्यक्रम के तहत 16 से 21 अक्टूबर तक कोलकाता से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा संपन्न कराई गई। पांच दिनों तक मंत्रोच्चार और ढाक की आवाज से पूरा पंडाल प्रांगण गुंजायमान रहा।
धुनुची नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनी आकर्षण का केंद्र
17 अक्टूबर को बंगाल के विशेष पारंपरिक धुनुची नृत्य ने सबका मन मोह लिया। यह विशेष नृत्य केवल दुर्गा पूजा के अवसर पर ही प्रस्तुत किया जाता है। महिलाओं, युवाओं और युवतियों द्वारा प्रस्तुत इस नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उसी दिन क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग का आगमन हुआ, जिन्हें पूजा समिति द्वारा शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।18 अक्टूबर सप्तमी पूजा के अवसर पर बंगाली महिला समिति एवं बच्चों द्वारा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित ‘चांडालिका’ नृत्य नाट्य प्रस्तुत किया गया, जिसका संचालन डॉ. रूना दास ने किया।19 अक्टूबर को महा अष्टमी पूजा के साथ विशेष संधि पूजा संपन्न हुई। संधि पूजा एक अत्यंत विशेष पूजा विधि है, जिसमें देवी को चामुंडा के रूप में 108 कमल के फूल अर्पित कर 48 मिनट की निर्धारित अवधि में पूजा संपन्न की जाती है। इस कार्यक्रम में 108 कमल के साथ-साथ 108 दिए एवं 108 मोमबत्ती से ओम ॐ का आकृति भी बनाई गई थी । यह पूजा अष्टमी और नवमी तिथि के संधि काल में होती है, इसलिए इसे संधि पूजा कहा जाता है। उसी शाम रंगारंग आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति हुई तथा विशेष अतिथि वीरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ कांग्रेस, राष्ट्रीय महासचिव युवा कांग्रेस कोको पाढ़ी, बंग समाज के पूर्व अध्यक्ष ए.के. नाथ, व्ही.बी. सिंह महाप्रबंधक नंदिनी माइंस, वर्तमान मुख्य महाप्रबंधक राजहरा खदान समूह आनंद कुमार सिंह एवं पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेड़िया को शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।20 अक्टूबर को नवमी पूजा संपन्न हुई और शाम को राजहरा आर्केस्ट्रा द्वारा भव्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।*सिंदूर खेला और भव्य विसर्जन के साथ समापन*21 अक्टूबर को महा दशमी पूजा के बाद सिंदूर खेला का भावुक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम हल्दी मिले पानी जिसे बड़ा थाल में रखा जाता है । पंडित जी के द्वारा मां दुर्गा की चरण एवं सिर को इसमें दर्शन करने के बाद अन्य सभी पदाधिकारी एवं दर्शकों के द्वारा इसी में मां का दर्शन किया गया। उसके बाद मां की मूर्ति को आसान से नीचे उतारा गया उसके बाद सिंदूर खेला का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ । इस शुभ कार्य में राजहरा महिला समाज की अध्यक्ष रेणुका सिंह सहित अनेक महिलाओं ने भाग लिया। परंपरा के अनुसार माता के चरणों में सिंदूर अर्पित करने के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात शाम को धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का भव्य विसर्जन किया गया।समापन अवसर पर समाज प्रमुख गगन चंद्र पांडे ने 68वें दुर्गा पूजा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सहयोगकर्ताओं, नगरवासियों और प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सभी का सहयोग आगे भी बना रहे और भविष्य में भी हम सब मिलकर इसी कर्तव्यनिष्ठा के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहें।
आगामी कार्यक्रम
बंगाली समाज द्वारा जानकारी दी गई है कि आगामी 25 अक्टूबर को श्री श्री कोजागिरी लक्ष्मी पूजा संध्या 8:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक तथा 8 नवंबर को श्री काली पूजा रात्रि 9:00 बजे से अगले दिन 12:30 बजे तक संपन्न होगी। इस कार्यक्रम में सभी सामाजिक बंधुओं को आमंत्रित किया गया है।
पूर्व मंत्री एवं विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया ने महतारी वंदन योजना को लेकर राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि योजना में नई पात्र महिलाओं को जोड़ने के लिए पोर्टल लंबे समय से क्यों नहीं खोला गया है।श्रीमती भेड़िया ने कहा कि 2024 में योजना का पोर्टल खुलने के समय लगभग 70 लाख हितग्राही बताए गए थे। इसके बाद पोर्टल बंद रहा। इस दौरान 2024, 2025 और 2026 में नई शादियां हुई हैं और ऐसी महिलाएं भी होंगी जो योजना की पात्रता पूरी करती हों। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि नई पात्र महिलाओं को योजना में आवेदन करने का अवसर कब और कैसे मिलेगा?उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों में हितग्राहियों की संख्या लगभग 70 लाख से घटकर 68 लाख दिखाई दे रही है। यदि यह आंकड़ा सही है, तो सरकार को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि लगभग 2 लाख हितग्राहियों की संख्या कम होने के पीछे क्या कारण हैं? क्या ये नाम सत्यापन, पात्रता संबंधी कारणों या किसी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हटाए गए हैं? सरकार को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।अनिला भेड़िया ने कहा कि महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं, यह केवल राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पात्र महिला किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से योजना के लाभ से वंचित न हो।*सरकार से हमारी प्रमुख मांगें:-*महतारी वंदन योजना का पोर्टल तत्काल खोला जाए, ताकि नई पात्र महिलाएं आवेदन कर सकें।हितग्राहियों की संख्या लगभग 70 लाख से घटकर 68 लाख होने का कारण स्पष्ट किया जाए।लगभग 2 लाख कम हुए हितग्राहियों का कारणवार एवं जिलावार विवरण सार्वजनिक किया जाए।जिन महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें नाम हटाए जाने का कारण और पुनः पात्र होने की स्थिति में अपील/सुधार का अवसर दिया जाए।योजना से जुड़ी पात्रता, सत्यापन और नाम हटाने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।सरकार यह स्पष्ट करे कि नई पात्र महिलाओं को योजना में शामिल करने के लिए आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी।किसी भी पात्र महिला को केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजना के लाभ से वंचित न किया जाए।श्रीमती भेड़िया ने कहा कि सरकार को इन सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। यदि योजना की प्रक्रिया पारदर्शी है, तो हितग्राहियों की संख्या में कमी और नए आवेदन बंद रहने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पात्र महिलाओं के अधिकार और योजना की पारदर्शिता के इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।अनिला भेड़िया विधायक डौण्डी लोहारा विधानसभा