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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मां दंतेश्वरी की पूजा

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जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर राजवाड़ा परिसर स्थित मंदिर में मां दंतेश्वरी की दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय के साथ बस्तर दशहरा के माटीपुजारी कमल चंद भंजदेव, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने भी मां दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पूर्व सांसद और विधायक, पार्षद क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि एवं कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा समेत जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री बिष्णु देव साय ने किया बस्तर दसराहा पसरा के विकास कार्य का लोकार्पण

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  • मुरिया दरबार में शामिल होने आए मुख्यमंत्री 

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर जिले के एक दिवसीय प्रवास पर मुरिया दरबार में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान 2 करोड़ 99 लाख 78 हजार से अधिक राशि का बस्तर दशराहा पसरा के विकास कार्य का लोकार्पण किया।

जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर के समीप स्थित पुराने तहसील कार्यालय को जीर्णोद्धार कर बस्तर दशहरा के लिए समर्पित किया गया है। इसका नाम बस्तर दसराहा पसरा (बस्तर दशहरा हेतु स्थल) दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पसरा में बस्तर दशहरा के विभिन्न रस्मों की फोटो प्रदर्शनी, प्रतीकात्मक रथ, देवी देवताओं के प्रतीकों की सराहना की। साथ ही प्रतीकात्मक रथ के समीप फोटो भी खिंचवाई।

इस “दसराहा पसरा” में 75 दिवसीय दशहरा उत्सव में होने वाले मुख्य विधि विधान -पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछन गादी, रैला देवी पूजा, जोगी बिठाई, रथ परिक्रमा, बेल पूजा, निशा जात्रा, मावली परघाव, भीतर रैनी-बाहर रैनी काछन जात्रा, कुटुम्ब जात्रा एवं डोली विदाई की जीवन्त प्रतिकृति स्थापित कर जन सामान्य एवं पर्यटकों को सुलभ जानकारी देने का प्रयास किया गया है।

प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व छत्तीसगढ़ की अनूठी सांस्कृतिक विशेषता एवं बस्तर की जनजातियों की आराध्य देवी दंतेश्वरी तथा स्थानीय देवी-देवताओं के पूजा विधान के रूप में मनाया जाता है। तहसील कार्यालय में पहले से चली आ रही परंपरा अनुसार दशहरा पर्व में शामिल होने वाले क्षेत्र के सभी देवी देवता, आंगादेव, देवी की छत्र की उपस्थिति इसी स्थल पर दर्ज की जाती रही है। इसलिए प्रशासन द्वारा तहसील कार्यालय को अन्य स्थल पर स्थांनातरित कर पुराने तहसील कार्यालय को दसराहा पसरा के लिए चिन्हांकित कर दिया गया है। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक किरण देव, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, महापौर सफिरा साहू, पूर्व सांसद और विधायक, पार्षद एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

महिला पर्यवेक्षक के सेवानिवृत होने पर सम्मान समारोह का किया आयोजन

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दल्लीराजहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डौण्डी के आश्रित सेक्टर महामाया में पदस्थ महिला पर्यवेक्षक श्रीमती मीरा ठाकुर का सेवानिवृत्त सम्मान समारोह का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डौण्डी में किया गया, समस्त स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों के द्वारा उपहार भेट करके उनके सुखद भविष्य की कामना किया गया, अश्विनी नेताम बी ई टी ओ ने कहा से शासकीय सेवा में आना और एक निश्चित सेवा के बाद सेवानिवृत्त होना शासकीय प्रक्रिया है, सिस्टर मीरा ठाकुर के द्वारा की गयी कार्य हम सब के लिए अनुकरणीय है

अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ की, मीरा ठाकुर ने अपने किये गए कार्य को साझा की! संचालन रेखू राम साहू ने किया आभार व्यक्त कन्हैया लाल कुरपाल ने किया, आयोजन में ईश्वर चन्द्राकर, बी आर बरेठिया, मीना बाघमारे, लता यादव, शारदा उइके, केन्द्रीय ठाकुर, निर्मला साहू, तिलक उइके, रामेश्वरू ठाकुर, खूमान मंडावी, कृपा राम ठाकुर, पुरुषोत्तम नरेटी, सहित स्वास्थ्य कर्मचारीगण महिला एवं पुरुष उपस्थित थे!

संभाग स्तरीय लॉन टेनिस प्रतियोगिता का समापन

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जगदलपुर लॉन टेनिस एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित संभाग स्तरीय टेनिस प्रतियोगिता का समापन हुआ।   रविवार को सभी फाइनल्स मुकाबले खेले गए। जूनियर्स (अंडर 19) के डबल्स मुकाबले में प्रखर आजाद एवं अथर्व मिश्रा की जोड़ी को आदित्य विश्वकर्मा एवं एन रोहित ने 7-2 से पराजित कर विजेता का स्थान हासिल किया। जूनियर के सिंगल्स के रोचक मुकाबले में अथर्व मिश्रा ने बड़ा उलटफेर करते हुए आदित्य विश्वकर्मा को 8-3 से हराकर ट्राफी पर कब्ज़ा किया। अगला मुकाबला सीनियर सिंगल्स फाइनल का हुआ जो थॉमस फिलिप एवं हरदीप सिंह के मध्य खेला गया।

थॉमस फिलिप ने अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए विनर ट्राफी पर कब्ज़ा जमाया। वही हरदीप सिंह को रनरअप से संतोष करना पड़ा। फाइनल्स की कड़ी में अगला मुकाबला ओपन सिंगल्स मेंस डबल्स का खेला गया, जो कुणाल चालीसगांवकर एवं मोक्ष पराशार विरुद्ध थॉमस फिलिप एवं जोगेंद्र पाल सिंह के मध्य हुआ। तगड़े चले मुकाबले में दोनों टीम्स 7-7 की बराबरी पर पहुंची। उसके बाद टाई ब्रेकर में थॉमस फिलिप एवं जोगेंद्र पाल सिंह ने 7-1 से जीतकर डबल्स फाइनल का खिताब अपने नाम किया। वही कुणाल एवं मोक्ष प्डबल्स के रनरअप रहे। ओपन मेंस सिंगल्स चैंपियनशिप का फाइनल डीआरडीओ के मनीष बडवानी एवं जगदलपुर के जोगेंद्र पाल सिंह के मध्य खेला गया। लंबे एवं संघर्षपूर्ण मैच में जोगेंद्रपाल सिंह ने मनीष को 8-5 से शिकस्त दी एवं चैंपियनशिप जीती। वही मनीष रनरअप रहे, चैंपियंस को ट्राफी के साथ पारितोषिक भी आयोजन कर्ताओं द्वारा प्रदान किया गया I

आयोजन समिति ने संभाग के सभी टेनिस खिलाडियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। संभाग से जगदलपुर, किरंदुल, दंतेवाडा एवं डीआरडीओ के खिलाडियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया, आयोजन समिति ने कहा कि प्रतियोगिता में जगदलपुर के सभी खेल संघो के पदाधिकारियों एवं खिलाडियों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ जिसमे राणा घोष, यशवर्धन राव, राजेश त्रिपाठी, शशांक शेंडे, संजय विश्वकर्मा, दिलीप दास, राजेश राव, मनोज ठाकुर, अशोक यादव, मनोज थॉमस, डॉ. सरिता थॉमस, राजेश जेना, सीनियर मोस्ट खिलाडी मो. सिद्दीकी का भरपूर सहयोग रहा। प्रतियोगिता के प्रायोजक हैप्पी स्टील ट्रेडर्स,आकाश टेंट एंड डेकोरेशन, सोमनाथ हर्बल, कन्हैया बीकानेर, मन्नत पार्क, आजाद पैथोलॉजी लैब, प्रीत टाइल्स एंड सेनेटरी, नंदिका इन्वेस्टमेंट्स, सीए श्याम कुमार एवं वन्या लॉन एंड इवेंट्स थे।

हत्या अपराध की घटनाएं अब बर्दाश्त के बाहर, लाचार और निकम्मी हो गई है साय सरकार: दीपक बैज

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  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर फिर साधा निशाना
  •  राज्य मे अपराधी बेलगाम अब पुलिस वाले भी नहीं रह गए हैं सुरक्षित: बैज

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने एकबार फिर राज्य की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर उन्होंने साय सरकार को लाचार, निकम्मी और गूंगी बहरी करार दिया है।

जिला कांग्रेस कार्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था दिनोदिन और बिगड़ती जा रही है और सरकार गूंगी बहरी बनी बैठी है। अब तो राज्य में हत्या, लूट, चाकूबाजी जैसी आपराधिक घटनाएं बर्दाश्त के बाहर हो गई हैं। सरकार निकम्मी और लाचार बन गई है। मुख्यमंत्री से सरकार नहीं सम्हल रही गृहमंत्री से गृह विभाग नहीं सम्हल रहा है। जनता इतनी मजबूर हो गई है कि अपराधियों का हिसाब खुद करने पर आमादा हो गई है। कवर्धा के लोहारीडीह और अंबिकापुर मे यही हुआ। राज्य मे अपराधी इतने ज्यादा बेलगाम हो चुके हैं कि उनसे अब पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।सूरजपुर की घटना इसका जिता ताजा उदाहरण है।

सूरजपुर मे एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी और उसकी पुत्री की निर्मम निमर्म हत्या दी गई। अपराधी कबाड़ी का काम करता है पुलिस ने उसके यहाँ रेड मारी और अपराधी ने सीधे पुलिस वाले के घर पहुंच कर उसकी पत्नी पुत्री को जान से मार डाला। दीपक बैज ने कहा पुलिस अपराध तो रोक नहीं पा रही उलटे निर्दोष लोगो को प्रताड़ित कर रही बालोद जिले के अर्जुन्दा में एक निर्दोष युवक की इतनी पिटाई की गई कि उसकी हालत को देख कर उसके पिता की सदमे में मृत्यु हो गई। कवर्धा के लोहारीडीह मे पुलिस की लापरवाही से तीन लोगों की मौत हो गई। एक की हत्या हुई उसके विरोध में दूसरे की हत्या उसके घर में जलाकर कर दी गई और तीसरे प्रशांत साहू की हत्या पुलिस कस्टडी मे हो गई।वही लोहारीडीह मे अपनी नाकामी पर पर्दा डालने पुलिस ने 167 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।सूरजपुर में पुलिस के प्रधान आरक्षक के पत्नी और पुत्री की नृशंस हत्या कर शवों को घर से 5 किमी दूर सड़क किनारे फेंक दिया जाता है।प्रदेश में आएदिन महिलाओं के साथ अत्याचार व गैंगरेप की घटनाएं हो रही हैं और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस लचर कानून व्यवस्था से महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाएं भयभीत हैं, डरी सहमी हुई हैं। भाजपा के 10 महीने की सरकार में 600 से अधिक बलात्कार के मामले सामने आए हैं। महिलाओं के खिलाफ 3 हजार से ज्यादा आपराधिक घटना हुई हैं। बैज ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपराधियों को संरक्षण देते हैं इसलिए अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। 4 साल की छोटी भिलाई की बच्ची हो या फिर रायपुर नया बस स्टैण्ड में एक 50 साल की महिला हो सबके साथ दुष्कर्म हो रहा है। आज इस प्रदेश में किसी भी उम्र की बेटियां एवं महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में सीतापुर में एक नाबालिग से गैंगरेप की घटना हुई। रायपुर नया बस स्टैंड में 50 साल की अधेड़ महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखी जाती है और सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया जाता है। बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई और यहां पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी रही। बस्तर, बिलासपुर, जशपुर, रायगढ़, अंबिकापुर एवं राजधानी रायपुर में दुष्कर्म की घटनाओं से महिलाएं भयभीत हैं। महिलायें घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। दीपक बैज ने सवाल उठाया कि क्या अब प्रदेश की महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए हर बार आंदोलन करने पर ही यह सरकार उस मामले की जांच या कार्यवाही करेगी? रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों ने दुराचार किया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती रही मीडिया के हस्तक्षेप के बाद रिपोर्ट लिखी गई। जशपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हुआ।कोंडागांव में नाबालिग से बलात्कार, नारायणपुर के सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ यौन शोषण, राजिम में 2 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना, भिलाई में नाबालिग एवं 5 साल की बच्ची के साथ रेप, रायगढ़ में मूक-बधिर महिला के साथ बलात्कार। जशपुर, केशकाल, पखांजूर दुर्ग, राजधानी रायपुर और रायगढ़, सक्ती, अंबिकापुर में लगातार बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का खोखला नारा देने वाले अपराधियों को बचा रहे हैं। पीड़ित महिलाएं हिम्मत करके थाना एफआईआर दर्ज करवाने जाती हैं तो रिपोर्ट दर्ज करने के बाजाय उन्हें जजील किया जाता है। जिससे पीड़ित महिलाएं आत्महत्या तक कर लेती है। प्रदेश में बढ़ती बलात्कार की घटना प्रदेश के लिये चिंता का विषय बन गयी है। आज खेत में काम करने वाली महिलाएं, बस में सफर करने वाली महिलाएं, घर में रहने वाली महिलाएं, अस्पताल में महिलाएं, स्कूल कॉलेज जाने वाली बेटियां, कही पर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है।पुलिस और प्रशासन आरोपी को बचाने में लगे रहते है और पीड़ित महिला को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। बेहद शर्म की बात है कि बंगाल की घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले भाजपाई छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी पर मौन है। इस दौरान मुख्य रूप से शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, सुभाष गुलाटी, मनोहर लूनिया, रविशंकर तिवारी, अतिरिक्त शुक्ला, प्रकाश अग्रवाल, पार्षद कोमल सेना, जाहिद हुसैन, निकेत झा, जावेद खान, अनुराग महतो, संदीप दास, शादाब अहमद, उस्मान रज़ा, विशाल खंबारी, नीलम कश्यप आदि मौजूद रहे।

साय और शर्मा की बड़ी विजय, पहली बार नक्सलियों ने माना कि मारे गए हैं, उनके 35 साथी

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  •  निरीह आदिवासियों का दोष मढ़ने वालों का कबूलनामा
  • 12 नक्सलियों के घायल होने की भी स्वीकारोक्ति 

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि नक्सलियों ने बस्तर संभाग के नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों के सीमावर्तीअबूझमाड़ के जंगलों में हुई मुठभेड़ में अपने 35 साथियों के मारे जाने की पुष्टि की है। दर्जन भर नक्सलियों के मारे जाने का कबूलनामा भी सामने आया है। यह राज्य के लिए बड़ी बात है। वहीं इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की बड़ी जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पूर्व बस्तर डिवीजनल कमेटी ने इस बात की पुष्टि की है। कमेटी ने अपने मारे गए सभी 35 सदस्यों की सूची भी जारी की है। संगठन ने आरोप लगाया है उसके सदस्यों को अलग अलग जगहों से इकट्ठा कर उनका नरसंहार किया गया है।

इससे पहले पुलिस ने सूची जारी कर 31 नक्सलियों के मारे जाने तथा कई नक्सलियों के घायल होने की बात कही थी। इसके अलावा पुलिस ने 3-4 और घायल नक्सलियों की इलाज के अभाव में मौत हो जाने और उन नक्सलियों का उनके साथियों द्वारा जंगल में ही दाह संस्कार किए जाने की संभावना जताई थी। अब नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी ने 35 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि कर दी है। इस नक्सली संगठन ने अपने मारे गए साथियों की जो सूची जारी की है उसमें शीर्ष पर नीति उर्फ उर्मिला एसजेडसीएम पूर्व बस्तर डिवीजन इंचार्ज सचिव का नाम रखा है। नीति पर 25 लाख का ईनाम घोषित था और वह बीजापुर जिले के

ग्राम हिरमागुंडा की निवासी थी। इसके अलावा नक्सली संगठन की सूची में नंदू मंडावी सीवायपीसी कंपनी नंबर 6 कमांडर निवासी ग्राम कोतराम, जिला बीजापुर, मुरली मतलामी ग्राम मंडानार अंतागढ़, सुरेश उर्फ जानकू सलाम छोटे फरसगांव, मीना अजिता उर्फ श्यामबती मड़काम ग्राम मोहंदी ओरछा, महेश मंडावी ग्राम घोटिया भैरमगढ़, जुगनी कौड़ो ग्राम किलेनार अंतागढ़, विजय उर्फ सुकलू कोर्राम ग्राम कोंगेरा नारायणपुर, बसंती वडद्दा ग्राम आलदंड कोयलीबेड़ा कांकेर, अर्जुन लेकाम ग्राम फल्ली भैरमगढ़ बीजापुर, जगनी वड्डे ग्राम अड्डेमपाड़ नारायणपुर, सोनू कोर्राम ग्राम सुलेंगा नारायणपुर, सीमा उर्फ जोगाय कोर्राम ग्राम सुलेगा नारायणपुर, जमली मंडावी ग्राम तोयामेट्टा नारायणपुर समेत सभी 35 मृत नक्सलियों के नामों का उल्लेख है। इससे पहले यही होता रहा है कि जब भी मुठभेड़ में नक्सली मारे जाते थे नक्सली संगठन पुलिस और सरकार पर निरीह आदिवासियों की हत्या करने का दोष मढ़ना शुरू कर देते थे। इसके बाद विपक्ष आक्रामक हो उठता था। नक्सलियों की बातों पर यकीन कर विपक्षी नेता विधवा विलाप करने लग जाते थे, जांच दल गठित कर संबंधित गांवों में भेजे जाते थे। दोनों प्रमुख दलों की यही रीत रही है। पहली बार हमने मुठभेड़ में मौतों के आंकड़ों और मारे गए लोगों के नक्सली होने का कबूलनामा किसी नक्सली संगठन की ओर से आया है। हालांकि यह कबूलनामा जारी करने वाला नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथियों को अलग अलग जगहों से इकट्ठा कर एक स्थान पर गोलियों से भूना है। यह आरोप अपनी जगह है, मगर इस सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि अबूझमाड़ की यह मुठभेड़ इतिहास रच गई है। यह साय सरकार की बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में और डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की रणनीतिक कुशलता और पुलिस के अधिकारियों की सूझबूझ से पहली बार ऎसी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है कि नक्सलियों को खुद मानना पड़ गया कि हां हमारे 35 साथी मारे गए हैं।

हमदर्दी के साथ जनसेवा

डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा की दाद देनी होगी कि वे नक्सल पीड़ितों के साथ पूरी हमदर्दी रखते हुए उनकी सेवा में जुटे रहते हैं। वे गाहे बगाहे नक्सल प्रभावित गांवों में जाकर ग्रामीणों का दुख दर्द साझा करते हैं, उनकी समस्याओं का निदान करवाते हैं। इसका असर यह हो रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, सरकार और प्रशासन तंत्र के प्रति ग्रामीणों का भरोसा काफी बढ़ गया है। यही भरोसा नक्सलियों के खिलाफ अचूक हथियार साबित हुआ है। साफ बात है कि बस्तर वासियों का दिल जीतकर ही नक्सलियों पर विजय पाई जा सकती है। विजय के इस फार्मूले को उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बखूबी अपनाया है।गृहमंत्री विजय शर्मा को जब पता चला कि बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के पचासों ग्रामीण नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी की चपेट में आकर अपने हाथ पैर गंवा बैठे हैं, तो शर्मा ने उनके कृत्रिम हाथ पैर लगवाने का फैसला किया। दर्जनभर लोगों के कृत्रिम पैर रायपुर में लग भी गए। ये लोग नकली पैरों के सहारे चलकर गृहमंत्री विजय शर्मा के निवास में मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री शर्मा के प्रति आभार जताने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की यही संवेदनशीलता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नक्सल समस्या के खात्मे के लिए दी गई डेड लाइन की ओर सरकार, पुलिस और सुरक्षा बलों को निरंतर आगे बढ़ा रही है।

रामलला दर्शन योजना के तहत 87 तीर्थयात्री रवाना

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  •  कलेक्टर ने हरीझंडी दिखाकर बस को किया रवाना 

जगदलपुर  रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत 87 तीर्थयात्रियों को रवाना किया गया। रविवार की शाम इन यात्रियों को लालबाग मैदान से दुर्ग के लिए रवाना किया गया। जहां से दुर्ग और बस्तर संभाग के दर्शनार्थी यात्री ट्रेन के माध्यम से अयोध्या के लिए जाएंगे। कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, रामलला योजना की जिला समिति के सदस्य रामाश्रय सिंह ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा से पहले सभी यात्रियों का टाउन हॉल में स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

 

 

एसपी दंपत्ति ने कोसा सिल्क स्टॉल में की शॉपिंग

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जगदलपुर बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा रविवार की शाम क्षेत्रीय सरस मेला में सपरिवार शॉपिंग करते नजर आए। सिन्हा अपनी धर्मपत्नी और बिटिया के साथ मेले में पहुंचे थे। सिन्हा दंपत्ति ने सरस मेले में लगे विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने जांजगीर-चांपा जिला से आए हुए कोसा सिल्क स्टाल में खरीददारी की। एसपी ने अपने लिए सिल्की कुर्ता पायजामा का कपड़ा और श्रीमती सिन्हा के लिए कोसा सिल्क की साड़ी खरीदी। उन्होंने दुकानदार महिला को ऑनलाइन भुगतान भी किया। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयास की सराहना भी की।

अबूझमाड़ में मारे गए हैं 34 नक्सली, जंगल में अपने 3 साथियों का दाह संस्कार किया नक्सलियों ने

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  • मारे गए 29 नक्सलियों की हुई शिनाख्त, ईनाम राशि पहुंची 2 करोड़ के पार 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों के सीमाई इलाके के अबूझमाड़ के जंगलों में हुई मुठभेड़ में तीन और नक्सलियों के मारे जाने के संकेत मिले हैं। इन तीनों के शवों का दाह संस्कार नक्सलियों द्वारा जंगल में ही कर दिए जाने की खबर है। वहीं मारे गए ज्यादातर नक्सलियों की शिनाख्तगी के बाद ईनाम राशि दो करोड़ के पार पहुंच गई है।

अबूझमाड़ इलाके में नक्सलियों के पूर्वी बस्तर व अबूझमाड़ डिवीजन के नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़कर 34 होने के पुख्ता इनपुट पुलिस को मिले हैं। खबर है कि मुठभेड़ के दौरान घायल कुछ नक्सली किसी तरह बचकर भाग निकलने में कामयाब रहे, लेकिन उचित इलाज के अभाव में कम से कम 3 नक्सलियों की मौत होने की जानकारी पुलिस को मिली है। इन तीनों नक्सलियों के शवों का दाह संस्कार उनके नक्सलियों द्वारा जंगल में किए जाने की खबर है। पुलिस इसकी तस्दीक करने में जुटी है। मौके पर मौजूद मोस्ट वांटेड डीवीसीएम नक्सली कमलेश के भी जख्मी होेकर भाग निकलने की खबर आ रही है। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने 31 शव बरामद किए थे, जिनमें 13 महिला व 18 पुरूष नक्सली शामिल थे। इन मृतकों में अब तक कुल 29 नक्सलियों की शिनाख्त हो चुकी है, 2 की शिनाख्त अब तक नहीं हुई है। जिन नक्सलियों की शिनाख्त हो चुकी है, उन पर घोषित कुल ईनामी राशि 2 करोड़ 15 लाख तक पहुंच चुकी है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि मुठभेड में 1 डीकेएसजेडसी, 1 सीवायपीसी कमांडर, 3 डीवीसीएम, 14 पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के सदस्य, 2 डीकेएसजेडसी गार्ड, 6 एरिया कमेटी सदस्य व 2 एरिया कमेटी के पार्टी सदस्य कैडर की पहचान की जा चुकी है। उप पुलिस महानिरीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप ने बताया कि शेष 2 नक्सलियों की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।

पहचाने गए ये नक्सली

दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय और नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार ने नक्सलियों की पहचान की पुष्टि की है। 29 नक्सलियों में नीति उर्फ उर्मिला एसजेडसीएम पूर्व बस्तर डिवीजन इंचार्ज सचिव 25 लाख ईनामी, निवासी ग्राम हिरमागुंडा, जिला बीजापुर, नंदू मंडावी सीवायपीसी कंपनी नंबर 6 कमांडर 10 लाख ईनामी, निवासी ग्राम कोतराम, जिला बीजापुर, सुरेश सलाम उर्फ जानकू डीवीसीएम आमदई एरिया कमेटी 8 लाख ईनामी निवासी ग्राम छोटे फरसगांव, जिला नारायणपुर, मीना नेताम, डीवीसीएम, 8 लाख ईनामी निवासी ग्राम मोहंदी जिला नारायणपुर, महेश डीवीसीएम 8 लाख ईनामी, निवासी ग्राम घोटिया थाना मालेवाही, जिला दंतेवाड़ा, अर्जुन उर्फ रंजीत, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी ग्राम डुंगा-पल्लेवाया, जिला नारायणपुर, सुंदर उर्फ कमलू पीएलजीए पीपीसीएम कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी ग्राम मदूम जिला बीजापुर, बुधराम मड़काम, पीपीसीएम पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी निवासी जिला बीजापुर, मोहन मंडावी, पीपीसीएम पीएलजीए 6 सदस्य ईनामी 8 लाख निवासी ग्राम बोदली थाना मालेवाही, बसंती पति साकेत, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्या ईनामी 8 लाख निवासी कोयलीबेड़ा कांकेर, जगनी कोर्राम कंपनी नंबर 6 सदस्या ईनामी 8 लाख निवासी अडेंगपाल थाना बैंगलूर जिला नारायणपुर, अनिल पार्टी सदस्य पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी, निवासी ग्राम मदूम जिला बीजापुर, दशमती पोयाम पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी निवासी ग्राम रोताड, पोचावाड़ा थाना ओरछा नारायणपुर, मासे उर्फ शकीला पिता स्व. बुडता पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी, निवासी ग्राम तोयामेटा थाना छोटेडोंगर जिला नारायणपुर, सावन उर्फ लोकेश पोयाम पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी, निवासी ग्राम एरपुंड सालेपाल जिला दंतेवाड़ा, सोमरू मंडावी पिता बलधर मंडावी पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी निवासी ग्राम तोयामेटा थाना छोटेडोंगर जिला नारायणपुर, मड़कम मंगू पिता मड़कम पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी निवासी ग्राम बुड़जी, बीजापुर, मनोज उर्फ संपोर मंडावी पिता स्व. सोनारू पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी, निवासी ग्राम ताड़नार, नारायणपुर, सोमे पति टुगे उर्फ मानसिंग पीएलजीए कंपनी नंबर 6 सदस्य 8 लाख ईनामी, निवासी ग्राम रेखावट्टी थाना कोयलीबेड़ा जिला कांकेर, जनीला उर्फ बुधरी पद- नीति की गार्ड 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम कोटमेटा, थाना पुंगारपाल जिला कोंडागांव, मंगलदई कश्यप पिता स्व. जगन्नाथ, नीति की गार्ड, 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम कुधुर फुंगारपाल कोंडागांव, रामदेर पद -एसीएम बयनार एरिया कमेटी सदस्य 5 लाख ईनामी, निवासी ग्राम उसरी थाना मर्दापाल जिला कोंडागांव, सुक्कू यादव एसीएम बयानार एरिया कमेटी सदस्य 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम कानागांव नारायणपुर, सुकलू उर्फ विजय उर्फ पंडरू कोर्राम पद – एसीएम बयानार एरिया कमेटी सदस्य 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम कोंगेरा नारायणपुर, सोनू कोर्राम एसीएम आमदई एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम सुलेंगा, जिला नारायणपुर, जमली, एसीएम आमदई एरिया कमेटी सदस्या, 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम मोडोनार छोटेडोंगर नारायणपुर, सोहन उर्फ रोहन पदम एसीएम आमदई एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख ईनामी निवासी ग्राम कुमुरगुंडा, कोयलीबेड़ा कांकेर, फुलो उर्फ सुंदरी आमदई एरिया पार्टी सदस्य, 2 लाख ईनामी निवासी भैरमगढ़, बीजापुर 2 लाख की ईनामी फूलमती पदामी पिता घसियाराम आमदई एरिया पार्टी सदस्य निवासी ग्राम ईरपानार जिला दंतेवाड़ा शामिल हैं।

बस्तर मड़ई में आयोजित विभागीय प्रदर्शनी में उमड़ रही है अपार भीड़

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  •  सरस मेला को लेकर उत्साह, स्टालों में उत्पादों की कर रहे खरीदारी 

जगदलपुर बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में नागरिकों की गहरी रुचि देखी जा रही है। प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी नागरिकों को प्रदान की जा रही है, जिससे वे सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

प्रदर्शनी में पुलिस, ग्रामीण विकास, कृषि, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, स्वास्थ्य विभाग, जनसंपर्क और हथकरधा जैसे प्रमुख विभागों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। नागरिकों को इन स्टॉलों पर नियद नेल्लानार, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आजीविका मिशन के साथ- साथ केंद्रीय और राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। मेले में आए स्थानीय कुम्हारपारा निवासी पंकज झा ने कहा कि सरकारी योजनाओं के बारे में यहां जो जानकारी मिल रही है, उससे हमें यह समझने में मदद मिल रही है कि हम किस तरह से इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। प्रदर्शनी में शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य नागरिकों को प्रेरणा मिली और वे योजनाओं से जुड़ने के प्रति उत्साहित नजर आए। मैदान में चल रहे क्षेत्रीय सरस मेले में जनता का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मेले में आए लोग बड़ी संख्या में विभिन्न स्टालों पर पहुंचकर स्व-सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना करते हुए जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं। मेले में प्रदर्शित वस्तुओं में हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद, वनोपज, और स्थानीय पारंपरिक खाद्य सामग्री शामिल हैं। विशेष रूप से कोदो, कुटकी, रागी, बेलमेटल उत्पाद, आचार, पापड़, बड़ी, अगरबत्ती, और कपड़ा बुनाई के स्टॉल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। मेले में आई भावना ने कहा यह मेला हमारे स्थानीय कारीगरों और किसानों के उत्पादों को जानने और खरीदने का बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। यहां के उत्पाद न केवल गुणवत्ता में श्रेष्ठ हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाते हैं

उद्घाटन के बाद से ही मेले में लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है, और स्थानीय उत्पादों की बिक्री में भी इजाफा हो रहा है। मेले में आए प्रतिभागी और आगंतुक न केवल खरीदारी का आनंद ले रहे हैं, बल्कि वे लखपति महिला पहल के तहत सफल महिलाओं की कहानियों से भी प्रेरित हो रहे हैं।

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