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वन भैंसों और हिमालयन गिद्धों ने बढ़ाई इंद्रावती टाइगर रिजर्व की शान

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बस्तर के आईटीआर की जैव विविधता को मिली नई पहचान

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व से वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण की उत्साहजनक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वन भैंसा और विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका हिमालयन गिद्ध एक बार फिर टाइगर रिजर्व के जंगलों में दिखाई दिए हैं। दोनों दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी को विशेषज्ञ बस्तर के इस वन क्षेत्र के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र और सफल संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

बीजापुर जिले में विस्तारित इंद्रावती टाइगर रिजर्व लंबे समय से वन भैंसा संरक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल ही में जंगल में वन भैंसों का झुंड प्राकृतिक आवास में विचरण करता दिखाई दिया। जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण उनके लिए अनुकूल बना हुआ है। हिमालयन गिद्धों की मौजूदगी ने भी वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। मृत पशुओं के अवशेषों को साफ कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह दुर्लभ पक्षी वर्तमान में विलुप्ति के खतरे से जूझ रहा है। ऐसे में इंद्रावती के जंगलों में इसका दिखाई देना वन्य जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग द्वारा लगातार गश्त, निगरानी, कैमरा ट्रैप और प्राकृतिक आवास संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रभावी संरक्षण के कारण इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जैव विविधता लगातार मजबूत हो रही है।

उत्साहित हैं डायरेक्टर बलगा

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक संदीप बलगा ने बताया कि वन विभाग वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। वन भैंसा और हिमालयन गिद्ध जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व देश के महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्यों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है। वन्यप्राणी के ओरिएंटेशन में देकर उनकी मॉनिटरिंग करना है। स्कैट, सैंपल कैसे लेना है, और उनकी कैमरा ट्रैप से में मॉनिटरिंग कैसे करनी है, इस बाबत कर्मियों और अधिकारियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने किया डोंडी स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश

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कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डोंडी का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले हर मरीज को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रहे इलाज, भोजन और अन्य सुविधाओं का फीडबैक लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ व मरीज-अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने वहां परिसर में पौधे भी रोपे। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ सुनील चंद्रवंशी, सीएमएचओ डॉ जे एल उइके आदि मौजूद थे।

जप्त रेत को बाहर ले जा रहे हैं रेत माफिया

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जप्ती करने के बाद रेत की सुरक्षा करना भूल गया प्रशासन

-अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक में सक्रिय रेत माफिया अब सीधे प्रशासन को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। रेत माफियाओं के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे प्रशासन द्वारा जप्त रेत और अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों व मशीनरी को भी उठा ले जाने में नहीं हिचक रहे हैं।प्रशासन द्वारा जप्त कर रखी गई रेत की भी अब बाहर निकासी शुरू कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि बकावंड विकासखंड में बनियागांव, तारापुर और अन्य गांवों के आसपास भास्कली नदी, इंद्रावती नदी से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन होता आया है। खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में पड़ोसी राज्य उड़ीसा के रेत माफिया चेन माउंटेन, पोकलेन, जेसीबी आदि भारी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर रेत का खनन एवं परिवहन करते आए हैं। सूत्रों का दावा है कि इस काले कारोबार में खनिज विभाग के एक अधिकारी के करीबी रिश्तेदार के वाहन भी उपयोग में लाए जाते रहे हैं। वाहनों का मोटा किराया मिलने की वजह से खनिज अधिकारी रेत माफियाओं पर कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। जब पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा, तब बनियागांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आवाज उठाना शुरू कर दी। दरअसल भास्कली नदी में बेतहाशा और बेतरतीब खनन के चलते बनियागांव के आधा दर्जन से भी ज्यादा किसानों की जमीन नदी में समा गई। इस मुद्दे को लेकर पीड़ित किसानों और ग्रामीणों ने बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा तक शिकायत की। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा दिखावे की कार्रवाई शुरू की गई।

कुछ जगहों पर रेत और परिवहन में प्रयुक्त वाहन जप्त किए गए। बकावंड और उड़ीसा की सीमा पर कुछ माह पूर्व खनिज विभाग और प्रशासन की टीम ने चेनमाउंटेन मशीन जप्त की थी। मगर कुछ ही दिनों बाद आश्चर्यजनक ढंग से उसी जप्तशुदा चेन माउंटेन मशीन से रेत माफिया पुनः रेत का अवैध खनन करते नजर आए थे। हालांकि बाद में प्रशासन ने उस चेन माउंटेन मशीन को फिर से अपने कब्जे में ले लिया। वहीं कुछ माह पहले ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर बकावंड तहसीलदार ने बनियागांव में पंचायत भवन के सामने उड़ीसा के रेत माफिया द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से डंप कर रखी गई हजारों ट्रेक्टर ट्रॉली रेत को जप्त किया था। इस जप्तशुदा रेत को अब वही माफिया धीरे धीरे ले जा रहे हैं। इस मामले की शिकायत प्रशासनिक एव खनिज विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन सभी अधिकारी खामोश बैठे हैं।जानकारी के अनुसार बाजार में इस जप्त रेत को माफिया मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं।

बिहान समूह महिलाओं की एकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक : संजय बैस

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कुसुमकसा में “दीदी के गोट” कार्यक्रम आयोजित, मुख्यातिथि ने किया दीदियों का सम्मान

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन NRLM के तहत नया सवेरा महिला संकुल संगठन कुसुमकसा द्वारा बुधवार को “दीदी के गोट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस शामिल हुए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि भाई संतोष जैन और पंकज जेठवानी जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत दीदियों द्वारा मुख्यातिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।मंच पर संकुल क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों की पदाधिकारी और बिहान समूह की सक्रिय दीदियां मौजूद थीं। कार्यक्रम स्थल पर “छत्तीसगढ़ राज्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन” और “दी के गोट – दीदियों की कहानी, उन्हीं की जुबानी” का कार्यक्रम सम्पन्न हुवा ।

बिहान सिर्फ बचत-ऋण समूह नहीं

मुख्यातिथि संजय बैस ने संबोधित करते हुए कहा कि _”आज बिहान समूह सिर्फ बचत या ऋण समूह नहीं रह गया है। ये हमारे गांव की महिलाओं की ताकत, एकता और आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है। जब महिलाएं संगठित होकर काम करती हैं तो पूरे परिवार और समाज की तस्वीर बदल जाती है।”_ उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर दीदी आर्थिक रूप से सशक्त बने और अपने पैरों पर खड़ी हो।ग्राम पंचायत प्रतिनिधि संतोष जैन और पंकज जेठवानी ने भी दीदियों के कार्यों की सराहना की और पंचायत की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

दीदियों ने सुनाई अपनी कहानी

“दीदी के गोट” के दौरान बिहान समूह से जुड़ी कई दीदियों ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे समूह से जुड़कर उन्होंने छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू किया और परिवार की आय बढ़ाई। कार्यक्रम में महिलाओं ने सामूहिक गीत और अनुभव साझा कर माहौल को प्रेरणादायक बना दिया।कार्यक्रम के अंत में सभी दीदियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। संकुल संगठन के पदाधिकारियों ने आए हुए सभी अतिथियों और दीदियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिहान समूह की महिलाएं, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।इस अवसर पर नया सवेरा महिला संकुल संघठन के अध्यक्ष धनमत गांवडे सचिव आरती पांडे पी आर पी आरती वतसल कविता रामटेके अमाय नागवंशी सहित बिहान समूह की बहने उपस्तिथ रहे

ईसाई धर्मांतरित तीन परिवारों का गांव में जमकर विरोध

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ग्रामीणों उजाड़ दिए तीनों परिवारों के आशियाने

जगदलपुर बस्तर के गांवों में ईसाई धर्म अपना चुके परिवारों का पुरजोर विरोध होने लगा है। ऐसे परिवारों का ग्राम बहिष्कार किया जा रहा है, उनके मकान उजाड़े जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सुकमा जिले से सामने आया है, जहां धर्मांतरित हो चुके तीन परिवारों को गांव से बहिष्कृत करने सभी लामबंद हो गए। तीनों धर्मांतरित परिवारों के घरों की छतों पर लगी शीट निकाल दी गई। मामला बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पोलमपल्ली गांव का है। पोलमपल्ली गांव के तीन परिवार धर्मांतरित हो चुके हैं। ग्रामीणों ने पहले इन परिवारों को मूल धर्म में लौट आने और अपनी प्राचीन धार्मिक परंपरा, संस्कृति पर चलने की समझाईश दी गई।

ग्रामवासियों की लाख समझाईश के बाद भी वे नहीं माने। इसके बाद ग्रामीणों ने लामबंद होकर तीनों परिवारों को गांव से बहिष्कृत करने का फैसला सुना दिया। ग्राम के कई युवाओं ने धर्मांतरित परिवारों के आशियानों को उजाड़ना शुरू कर दिया। उनके मकानों की छतों पर लगी एसबेस्टस शीटों को उखाड़ कर फेंक दिया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस जवान उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन ग्रामीणों ने घरों को उजाड़ने का सिलसिला जारी रखा।गांव में उपजे हालात को देखते हुए पोलमपल्ली में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।हालांकि पुलिस एवं प्रशासन की समझाईश के बाद ग्रामीण मौके से हट जरूर गए हैं, मगर गांव में आंतरिक तनाव अब भी कायम है। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल पोलमपल्ली भेजा गया है।

खेत में मोटर पंप का बिजली कनेक्शन जोड़ते समय करंट से पूर्व सरपंच की मौत

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जगदलपुर/भानपुरी । बस्तर जिले के भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हली में बुधवार दोपहर खेत में सिंचाई के दौरान एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम कुम्हली निवासी एवं पूर्व सरपंच टीकम सिंह बघेल (40), पिता स्वर्गीय धनसिंह बघेल के रूप में हुई है।जानकारी के अनुसार, बुधवार करीब 12:30 बजे टीकम सिंह बघेल अपने खेत में धान रोपाई के लिए सिंचाई करने पहुंचे थे। खेत में लगे मोटर पंप को चालू करने के लिए वे बिजली का कनेक्शन जोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक विद्युत प्रवाहित हो गई और वे करंट की चपेट में आ गए।करंट लगते ही टीकम सिंह गंभीर रूप से झुलसकर खेत में गिर पड़े। उनकी आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

लोगों ने तत्काल बिजली का संपर्क बंद कराया और उन्हें खेत से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने परिवार के साथ खेती-किसानी का कार्य करते थे और गांव के पूर्व सरपंच भी रह चुके थे।घटना की सूचना मिलते ही भानपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भानपुरी सिविल अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नकाबपोश झपटमार चढ़ गया पुलिस के हत्थे

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अब तक 9 वारदातों को अंजाम दे चुका है बदमाश

छीन लेता था महिलाओं के पर्स और बैग, ढाई लाख का माल बरामद

जगदलपुर नगर और आसपास के इलाकों में आतंक मचा रखे शातिर नकाबपोश झपटमार को पुलिस ने आखिरकार पकड़ ही लिया। यह शातिर बदमाश छीनतई और झपटमारी के 9 वरदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी से ढाई लाख का माल बरामद किया गया है। मारडुम थाना क्षेत्र के ग्राम कुथर निवासी 19 वर्षीय झपटमार राजमन यादव पिता संपत यादव सुनसान और अंधेरे रास्तों से हाथों में बैग व पर्स लेकर गुजरने वाली युवतियों तथा महिलाओं को निशाना बनाता था। वह पीछे से बाइक में तेजी से आता और झपटमारी कर रफू चक्कर हो जाता था। बैग व पर्स में रखे पैसे, मोबाईल फोन एवं आभूषणों को निकाल कर बैग व पर्स को फेंक देता था। अगर मोबाईल फोन साधारण व सस्ता होता तो, उसे भी फेंक देता था।

लगातार हो रही झपटमारी की घटनाओं को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम अलर्ट मोड पर थी। जगदलपुर के धरमपुरा कालीपुर के पास हुए आखिरी झपटमारी के तत्काल बाद आरोपी को घेराबंदी कर कर पकड़ लिया गया। बताया गया है कि आरोपी राजमन यादव दोस्तों के साथ घूमने जाने के लिए झपटमारी कर रुपए इकट्ठा कर रहा था। आरोपी से झपटमारी के 8 बैग, 3 मोबाइल फोन तथा सोने और चांदी के आभूषण सहित लगभग ढाई लाख रुपए का सामान बरामद किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। ज्ञात हो कि थाना कोतवाली में साकेत कॉलोनी निवासी प्रार्थिया रश्मि केशरवानी पति स्व. मनोज केशरवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जून को वह अपनी बेटी के साथ दंतेश्वरी मंदिर दर्शन करने गई थी। इसी दौरान सिरहासार चौक के पास पीछे एक मोटर साइकिल से पहुंचे नकाबपोश बदमाश उसका पर्स छीन कर भाग गया। थाना कोतवाली में मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश की जा रहा थी। इसी बीच 2 जुलाई को भी घर संसार, लालबाग के पास फिर झपटमारी की वारदात हो गई। फिर 5 जुलाई को धरमपुरा कालीपुर अटल आवास के पास शाम करीब 4.45 बजे उसी पैटर्न पर मोटर साइकिल से आए नकाबपोश बदमाश ने एक महिला का पर्स छीन लिया। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के दिशानिर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में नगर निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में आरोपी को पूरे शहर में मुखबिर एवं प्रत्येक संवेदनशील जगहों पर टीम लगाकर आरोपी की तलाश शुरू की गई। 6 जुलाई को दोपहर में एक नाकापोश व्यक्ति को दलपत सागर तरफ से पावर हाउस चौक की ओर आते समय पकड़ लिया गया। नकाबपोश के हुलिया को प्रार्थियों से वेरिफाई करवाया गया।आरोपी के पिट्ठू बैग में मिले पैसे तथा अन्य के नाम के एटीएम कार्ड के आधार पर आरोपी से बारीकी से पूछताछ की गई। आरोपी ने अब तक कोतवाली थाना क्षेत्र में 5 और बोधघाट थाना क्षेत्र में 4 समेत कुल 9 जगहों पर झपटमारी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर झपटमारी के 8 बैग, 3 मोबाइल फोन, लगभग 02 लाख के सोने चांदी के जेवर , एटीम कार्ड्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सील, ड्राइविंग लाइसेंस, 800 रुपए नगद जप्त किए गए हैं। इस शातिर झपटमार को पकड़ने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक प्रमोद ठाकुर व अरुण मरकाम, पीएसआई भूपेंद्र पैकरा, रानी सोनी, अफ साना, सहायक उप निरीक्षक बिजेंदर सिंह, परिमल दास, प्रधान आरक्षक विनोद चांदने, राजेश राजपूत, राजू टोप्पो आरक्षक सोनू गौतम, प्रदीप, हेमचंद, महेंद्र पटेल, मंहगू कश्यप, धर्मेंद्र सिंह, कृष्णा नेताम, रंगलाल खरे, अमर सिंह बेसरा, धनेश्वर यादव, तरुण कुमार यादव,रीना अनंत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉक्टर सरिता थॉमस की पहल पर अँधेरी आंखों मे लौटी रौशनी 20000 से अधिक नेत्र शल्य क्रिया कर रचा कीर्तिमान

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जगदलपुर. महारानी अस्पताल नेत्र विभाग की प्रमुख डॉक्टर सरिता थॉमस की पहल पर हजारों नेत्रहीन ऑन को नई रोशनी मिली है.महारानी अस्पताल मे नेत्र रोग विभाग की प्रमुख डॉ. सरिता थॉमस ने हजारों की संख्या में मरीजों के जीवन को नई दिशा दी है। किसी अस्पताल की सफलता का मूल्यांकन केवल उसकी इमारत, उपकरणों या बजट से नहीं किया जा सकता। क्योंकि उसका वास्तविक मूल्यांकन उस भरोसे से होता है, जो एक मरीज अपने इलाज के लिए वहाँ पहुँचते समय लेकर आता है। यह भरोसा वर्षों में बनता है.श्रीमती थॉमस ने अपनी पद स्थापना से अब तक 20000 से अधिक नेत्र रोगियो के सफल ऑपरेशन कर उनके आँखों की रोशनी लौटाईं है. उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए उन्हें राज्य सरकार से डॉक्टर सुभाष मिश्रा स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया है.देश ने कोविड-19 का सबसे कठिन दौर देखा। अस्पतालों पर अभूतपूर्व दबाव था।

अनेक स्थानों पर सामान्य चिकित्सा सेवाएँ प्रभावित हो रही थी लेकिन बस्तर में स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से नेत्र रोग विभाग समेत अन्य सभी विभागों में स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर जारी रखी गई. कोरोना कल के उन चिकित्सकीय पेशे के योद्धाओं में श्रीमती थॉमस की भूमिका भी काफी सराहनीय है. जिला महारानी अस्पताल में समय-समय पर लगने वाले नेत्र रोग शिविरों व नियमित उपचार के दौरान डॉक्टर सरिता ने वर्ष 2018 से आज पर्यंत तक सुरक्षा मनको का पालन करते हुए 20000 से अधिक नेत्र रोगियों का सफल सर्जरी कर उन्हें नई रोशनी प्रदान की. जिससे वह दोबारा दुनिया को अपनी आंखों से देख पा रहे हैं. लाभान्वित मरीजों में सफल सर्जरी के उपरांत किसी ने अपने बच्चों को तो किसी ने अपने माता-पिता का चेहरा अपनी आंखों से देखा. डॉ. सरिता थॉमस की पहचान केवल उनके शल्य कौशल से नहीं है. उनके सहयोगी उन्हें अनुशासित प्रशासक, मरीज उन्हें संवेदनशील चिकित्सक और समाज उन्हें एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में देखता है जिसने सेवा को अपने पेशे का मूल आधार बनाया। इसी योगदान के लिए उन्हें डॉ. सुभाष मिश्रा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह एक मिथक है कि सरकारी अस्पतालों में उचित उपचार नहीं होता है लेकिन बस्तर के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में इन उपलब्धियां के चलते निश्चित रूप से जिला महारानी अस्पताल के प्रति विश्विनीयता बड़ी है.

भारत माता के वीर सपूत का गांव में जोरदार स्वागत, टोला-पारा में बिछीं पलकें

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उपशीर्षक: नेवी की ट्रेनिंग पूरी कर लौटे प्रदीप सिवना का ग्रामीणों ने किया अभिनंदन, मुख्यातिथि रहे संजय बैस

कुसुमकसा, डोंडी, बालोद | 7 मई 2026 देश सेवा का जज्बा लेकर भारतीय नौसेना में भर्ती हुए ग्राम कुसुमकसा के होनहार बेटे प्रदीप सिवना के प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार गांव लौटने पर बुधवार को टोला-पारा में ऐतिहासिक स्वागत हुआ। गांव के हर घर से निकलकर ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत के लिए पलकें बिछा दीं और ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार अभिनंदन किया।इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि संतोष जैन शमशेर खान पुष्पजीत बैस जावेद खान जी रहे

शॉल-श्रीफल व पुष्पहार से हुआ सम्मान

सफेद नेवी यूनिफॉर्म में गांव पहुंचे प्रदीप सिवना का प्रवेश द्वार पर ही महिलाओं ने आरती उतारकर तिलक किया। इसके बाद पूरे गांव में जुलूस के रूप में उन्हें घर तक लाया गया। इस दौरान युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारे लगाए। मुख्य मार्ग पर आयोजित अभिनंदन समारोह में अतिथियों ने प्रदीप को गेंदे की माला पहनाई, शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। स्वागत से अभिभूत प्रदीप ने सभी का आभार जताया।

मुख्यातिथि बोले- गांव का गौरव बढ़ाया

कार्यक्रम के मुख्यातिथि पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा कि “प्रदीप जैसे युवा ही असली भारत के हीरो हैं। इन्होंने न सिर्फ अपने माता-पिता, बल्कि पूरे कुसुमकसा और डोंडी क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज हर घर चाहता है कि उसका बेटा फौजी बने। प्रदीप की सफलता गांव के सैकड़ों युवाओं को प्रेरणा देगी।” समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित एलआईसी अभिकर्ता एवं समाजसेवी गौरी शंकर साहू ने कहा, “मेरा सौभाग्य है कि मुझे भारत माता के ऐसे वीर सपूत भाई प्रदीप सिवना का अभिनंदन करने का अवसर मिला। यह पल जीवन भर याद रहेगा। गांव से निकलकर देश की रक्षा करने का जज्बा हर युवा में होना चाहिए।” उन्होंने प्रदीप के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह, उमड़ा जनसैलाब

समारोह में सरपंच, पंच, स्कूल के शिक्षक, एवम ग्रामीण जन सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। महिलाएं और बच्चे सुबह से ही प्रदीप के स्वागत की तैयारी में जुटे थे। गांव के गणमान्य तुला राम ने कहा कि वर्षों बाद गांव में किसी फौजी का ऐसा स्वागत देखने को मिला है। प्रदीप के पिता ने बताया कि बेटे ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। कार्यक्रम का संचालन ग्राम के कोषांक्ष्य जगन्नाथ सिवना ने किया व आभार प्रदर्शन युवा समिति अध्यक्ष द्वारा किया गया। अंत में सभी ने एक स्वर में कहा – “हमको है अभिमान, देश का वीर जवान”।

नव विवाहिता की मृत्यु एवं दहेज प्रताड़ना प्रकरण में पुलिस कार्यवाही

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नव विवाहिता मृतिका से दहेज मांग करने वाले आरोपीगण के विरूद्ध थाना गुरूर मे अपराध पंजीबद्ध

नव विवाहिता ने प्रताड़ित होकर लगायी थी फांसी,

नव विवाहिता मृतिका से दहेज की मांग करने वाले पति, सास, ससुर व ननंद को किया गया गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश कुमार पटेल द्वारा दिनांक 24.02.2026 को नव विवाहिता की मृत्यु के संबंध में बारिकी से जांच कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के दिशा निर्देश पर गुरूर एसडीओपी श्रीमती माया शर्मा एवं थाना प्रभारी गुरूर मुकेश सिंह के द्वारा बारिकी से जांच विवेचना कार्यवाही किया गया।विवरण:- संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 24.02.2026 को वार्ड क्र. 02 गुलमोहर कॉलोनी गुरूर में किराये के मकान मे निवासरत् मीनाक्षी भतरिया उम्र 28 वर्ष अपने मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, उसके पति प्रवीण कुमार भतरिया जो रजिस्ट्रार ऑफिस तहसील कार्यालय गुरूर में दैनिक वेतन भोगी के रूप में बतौर आपरेटर का काम करता था, घटना की रिपोर्ट पर थाना गुरूर मे मर्ग क्रमांक 09/2026 धारा 194 बीएनएसएस कायम किया गया था। मृतिका के परिजनों एवं जांच के दौरान पता चला कि मृतिका नव विवाहिता थी तब मौके पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट गुरूर की उपस्थिति में शव का विधिवत् पंचनामा कार्यवाही किया गया। सायबर सेल बालोद की मदद से मृतिका व उसके पति का मोबाईल नंबरों का कॉल डिटेल प्राप्त किया गया तथा मृतिका के मायके पक्ष मृतिका की मां पुष्पा बाई खरे, पिता अजय खरे, बहन माधवी खरे, भाई अनिल कुमार व अन्य सामाजिक व्यक्तियों का कथन लिया गया तो पता चला कि मृतिका मीनाक्षी भतरिया को विवाह उपरांत उसके पति प्रवीण कुमार भतरिया व उसके ससुराल वाले ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया व डेढ़सास करूणा भतरिया द्वारा मृतिका मीनाक्षी भतरिया को कम दहेज लायी हो, नौकरानी की तरह रहना पड़ेगा, तुम हम लोगों को पसंद नही हो, रंग रूप व दहेज की बातों को लेकर बार-बार प्रताड़ित करते थे

, जिससे परेशान होकर मीनाक्षी भतरिया दिनांक 24.02.2026 को अपने किराये के मकान गुरूर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। संपूर्ण मर्ग जांच पर मामला धारा 80(1),80(2),3(5) बीएनएस का अपराध घटित होना पाये जाने से दिनांक 07.07.2026 को अपराध पंजीबद्ध किया गया। अपराध कायमी के तत्काल बाद एसडीओपी गुरूर श्रीमती माया शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपीगणों को उसके निवास ग्राम पथर्रा जिला दुर्ग भेजकर अभिरक्षा में लेकर थाना लाया गया, जिनसे घटना के संबंध में बारिकी से पूछताछ करने पर अपराध का घटित करना पाया गया। प्रकरण में मृतिका के पति प्रवीण कुमार भतरिया व उसका ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया व डेढ़सास करूणा भतरिया के विरूद्ध दहेज के नाम पर प्रताड़ित करने के संबंध में पर्याप्त अपराध धारा का सबूत पाये जाने पर वैधानिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर रिमाण्ड में माननीय सीजेएम न्यायालय बालोद पेश कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल दाखिल किया गया है।

उक्त प्रकरण की जांच व विवेचना कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती माया शर्मा एसडीओपी गुरूर, निरीक्षक मुकेश सिंह, सहा.उपनिरीक्षक कुलेशवर यादव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीणा मरावी, आरक्षक पिताम्बर निषाद, विवेक सिन्हा एवं कोमल साहू थाना गुरूर का सराहनीय भूमिका रहा। गिरफ्तार आरोपी:- 1. प्रवीण भतरिया पिता पग्गू लाल भतरिया उम्र 37 वर्ष 2. पग्गू लाल भतरिया पिता स्व. तिजऊ राम भतरिया उम्र 70 वर्ष 3. श्रीमती गीता भतरिया पिता पग्गू लाल भतरिया उम्र 60 वर्ष 4. श्रीमती करूणा चतुर्वेदानी पति तुलाराम चतुर्वेदानी उम्र 40 वर्ष सभी निवासी निवासी पथर्रा थाना भिलाई -3 जिला दुर्ग

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